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‘बच्चे ने मम्मी को ब्वॉयफ्रेंड से मिलते देख लिया…’, उतार दिया मौत के घाट

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ग्वालियर। अपर सत्र न्यायालय ने बच्चे की हत्या के आरोप में उसकी मां ज्योति राठौर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर सजा का फैसला किया, क्योंकि घटना दिनांक का कोई साक्ष्य नहीं था। जबकि प्रेमी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। दरअसल घटना 28 अप्रेल 2023 की है। रश्मि राठौर अपने प्रेमी के साथ छत पर मौजूद थी। इसी बीच उसका बच्चा आ गया।
बच्चे ने मां को प्रेमी उदय इंदौरिया के साथ देख लिया। इससे नाराज होकर ज्योति ने बच्चे को दो मंजिल से नीचे फेंक दिया। बच्चा सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन वह बच्चे को उठाने व देखने के लिए नीचे नहीं आई, जब उसे अस्पताल ले जाया गया तो उसका इलाज चला, लेकिन इलाज के दौरान भी बच्चे को मां देखने के लिए नहीं पहुंची। घटना के दूसरे दिन बच्चे की मौत हो गई, लेकिन अगले 15 से 20 दिनों तक घटना सामान्य लगी। पुलिस की ओर से पैरवी लोक अभियोजक विजय शर्मा ने की।
-बच्चे की घटना सामान्य लगी थी, लेकिन 15 दिन बाद पत्नी को कुछ पछतावा हुआ। उसने पति से दुखी होते हुए कहा कि मेरे से गलती हो गई। इस बात को लेकर पति को कुछ शक हुआ। पति ने पत्नी से पूरी बात पूछी। उसे भरोसे में लिया और कहा कि कोई भी गलती हो गई है तो उसे बताना था।
-पति ने पत्नी से कहा कि एक छोटे बच्चे ने उसका क्या बिगड़ा था, जिसे छत से फेंक दिया। पति के शब्दों को सुनने के बाद ज्योति टूट गई। पूरी घटना पति को बताई।
-पत्नी ने बातों-बातों में पूरी घटना बताई। पत्नी से बातचीत की पूरी रिकॉर्डिंग की। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज निकलवाए। पूरा घटनाक्रम खुल गया। पति पूरे साक्ष्यों के साथ 15 दिन बाद मुरार थाने में पहुंचा। पुलिस को पूरा मामला बताया।
-पड़ोस, घर व रिश्तेदारों को ज्योति राठौर की वारदात पर शक नहीं हुआ था। बच्चे की मौते 15 दिन बात उसे पछतावा हुआ था।
-पुलिस ने ज्योति राठौर व उसके प्रेमी उदय इंदौरिया को आरोपी बनाया। जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया।
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एससी-एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, भेल दशहरा मैदान में जुटे लोग
भोपाल में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा का महासम्मेलन रविवार को भेल दशहरा मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग जुटे। सम्मेलन में मंच से नेताओं ने सामाजिक न्याय, आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों को लेकर सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।
नेताओं का कहना था कि ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग को आज भी शिक्षा, रोजगार, प्रशासन और न्याय व्यवस्था में बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। संविधान में जो अधिकार इन वर्गों को दिए गए हैं, उनका पूरा लाभ जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है। इसी को लेकर सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने की बात कही गई।
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि इस महासम्मेलन का उद्देश्य समानता, सामाजिक न्याय, सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व की मांग को मजबूती से उठाना है। साथ ही लंबे समय से लंबित सामाजिक और आर्थिक मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कर उन्हें जल्द हल कराने की मांग भी सम्मेलन के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल रही।
संयुक्त मोर्चा की ये हैं प्रमुख मांगें-
IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ जारी नोटिस और डोप्ट को भेजा गया प्रस्ताव तत्काल वापस लिया जाए।
ओबीसी को उनकी जनसंख्या के अनुपात में 52% आरक्षण दिया जाए।
ओबीसी के रोके गए 13% पद तुरंत खोले जाएं और नियुक्ति पत्र जारी हों।
ओबीसी, एससी और एसटी के खाली व बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान चलाकर भरा जाए।
निजी और आउटसोर्स कार्यों में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार आरक्षण मिले।
सरकारी सेवाओं में ओबीसी को भी एससी-एसटी की तरह पदोन्नति में आरक्षण दिया जाए।
पुरानी पेंशन योजना (OPS) दोबारा लागू की जाए।
सफाई कर्मचारियों को ठेका प्रथा से मुक्त कर नियमित किया जाए।
सिविल जज भर्ती परीक्षा 2022 पर पुनर्विचार किया जाए।
आगे सिविल जजों की भर्ती एमपीपीएससी के माध्यम से कराई जाए।
जिला अदालतों के कर्मचारियों की भर्ती कर्मचारी चयन आयोग से हो।
हाईकोर्ट जजों की नियुक्ति में ओबीसी, एससी और एसटी को जनसंख्या के अनुसार प्रतिनिधित्व मिले।
कॉलेजियम व्यवस्था समाप्त कर राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन किया जाए।
ओबीसी, एससी और एसटी छात्रों की लंबित छात्रवृत्ति शीघ्र जारी की जाए।
छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जाए।
16 दिसंबर 2025 को पारित संविदा और आउटसोर्स से जुड़ा कानून रद्द किया जाए।
वर्ग-3 और वर्ग-4 के पदों पर स्थायी भर्ती की जाए।
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कोयला लेकर जा रहे ट्रक में भीषण आग, ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान
शहडोल। जिले में एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब कोयले से लदे एक ट्रक में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना सोहागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर हुई। जहां बुढार से कटनी की ओर जा रहा कोयला लोड ट्रक देखते ही देखते आग का गोला बन गया। ट्रक में आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात बताया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चलती गाड़ी के दौरान ट्रक के अगले हिस्से से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही पलों में आग की लपटें तेज हो गईं। हालात भांपते हुए ट्रक चालक और खलासी ने सूझबूझ दिखाते हुए चलते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना में दोनों बाल-बाल बच गए, हालांकि ट्रक पूरी तरह आग की चपेट में आ गया।
हाईवे के बीचो बीच ट्रक में आग लगने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। आग की भयावहता और सड़क पर खड़े जलते ट्रक के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल यातायात को नियंत्रित करने में जुट गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड को भी मौके पर बुलाया गया,फायर कर्मियों ने पुलिस के सहयोग से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब जाकर हाइवे पर फंसे वाहनों की आवाजाही धीरे-धीरे बहाल हो सकी।
इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। लेकिन ट्रक और उसमें लदा कोयला पूरी तरह जलकर खाक हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, उन्होंने कहा कि यदि आग को समय पर नहीं बुझाया जाता तो ट्रक में लोड कोयले में भी आग लग सकती थी, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था,फिलहाल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और टक्कर के कारणों का पता लगाया जा रहा है।