नरसिंहपुर. एमपी के नरसिंहपुर जिले के करेली में शनिवार 17 जनवरी की रात अज्ञात चोरों ने तीन से चार दुकानों के ताले तोड़कर नकदी चोरी की. इस घटना में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि एक दुकान के अंदर चोरों द्वारा लिखी गई धमकी भरी चिट्ठी मिली.
चि_ी में आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए लिखा था, भाईजान से पंगा लोगे तो अंजाम बुरा होगा और तुम हिंदू हो, हिंदू जैसे रहो. इस पत्र के सामने आने के बाद क्षेत्र में भय और तनाव का माहौल बन गया है.
पीडि़त दुकानदार प्रदीप साहू ने बताया कि उनकी दुकान के ताले तोड़कर दराज में रखे करीब 10 से 15 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि चोरी से ज्यादा चिंताजनक धमकी भरी चि_ी है. प्रदीप साहू के अनुसार, इस तरह की भाषा और संदेश न केवल उन्हें, बल्कि पूरे समाज और प्रशासन को खुली चुनौती देने जैसा है. उन्होंने प्रशासन से आरोपियों को जल्द पकड़कर कठोर सजा देने की मांग की है.
करेली थाना प्रभारी रत्नाकर हिंगवे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सभी संभावित बिंदुओं पर जांच की जा रही है. थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक तौर पर यह प्रतीत होता है कि चोरी मुख्य उद्देश्य नहीं था, बल्कि किसी विशेष दुकान या व्यक्ति को धमकाने के इरादे से यह हरकत की गई है.
-----------------------------------
युवक का अपहरण और बंधक बनाकर मारपीट, पुलिस जांच में जुटी
छिंदवाड़ा। शहर के स्थानीय थाना क्षेत्र में रुपए के लेन-देन के पुराने विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब रिंकी खंडूजा नामक व्यक्ति पर मारपीट और अभद्र व्यवहार करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक वित्तीय लेन-देन को लेकर हुई थी, जो पिछले कुछ समय से लंबित था।
पीड़ित देशराज बंसल ने पुलिस शिकायत में बताया कि आरोपी रिंकी खंडूजा से उसका 52 लाख रुपए का लेनदेन था जिसे लेकर आरोपी ने न केवल उसके साथ गाली-गलौज की, बल्कि उसका अपहरण करके अलग-अलग स्थान में ले जाकर शारीरिक रूप से हमला कर उसे चोटें भी पहुंचाईं। घटना के बाद पीड़ित तुरंत स्थानीय थाने पहुंचा और आपबीती सुनाई।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित की शिकायत पर रिंकी खंडूजा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पीड़ित के शरीर में एवं पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि घटना की सत्यता की पुष्टि की जा सके। फिलहाल, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
----------------------------------
वायरस से हड़कंप: नीमच के बाद इस जिले में संक्रमित की पहचान, 2 बच्चों की हो चुकी है मौत
मंदसौर। मध्य प्रदेश में GBS वायरस अब अपने पैर पसार रहा है। नीमच के मनासा में 2 बच्चों की जान लेने के बाद अब यह संक्रमण मंदसौर तक पहुंच गया है। हाल ही में कोटड़ा गांव में संक्रमण का नया केस सामने आया है जहां 50 साल के गोपाल पाटीदार इससे संक्रमित पाए गए, जिसके बाद उन्हें इंदौर के चरक अस्पताल में भर्ती किया गया है।
अधेड़ में GBS के लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सुबह ही ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर स्वास्थ विभाग की टीम के साथ गांव के 722 घरों का दौरा किया। 3801 लोगों की स्कैनिंग कर सभी की बीमारी की जानकारी ली गई। इस दौरान 8 लोगों को बुखार मिला, जिनके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए।
मेडिकल कॉलेज की टीम भी को गांव पहुंची और लोगों की स्कैनिंग में जुट गई। भानपुरा से PHE टीम ने पानी के सैंपल कलेक्ट किए। जिस मरीज में जीबीएस के लक्षण पाए गए हैं, वह 20 दिन से बीमार चल रहे था। पहले गरोठ के कुरेशी अस्पताल गया और फिर कोटा पहुंचा। जहां से इंदौर के दो अलग-अलग अस्पतालों में उन्होंने इलाज कराया। चरक अस्पताल से ही स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मिला।
गौरतलब है कि शनिवार को नीमच के मनासा कस्बे में गुलियन-बेरी सिंड्रोम (GBS) से दो बच्चों की मौत हो गई। 15 लोग संक्रमित पाए गए, जिनमें 6 की पुष्टि हुई थी।





