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1,500 कौवों की मौत से सनसनी, बर्ड फ्लू की पुष्टि : सरकार ने जारी की एडवाइजरी

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तमिलनाडु की राजधानी में चेन्नई में बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया गया है। चेन्नई में सैकड़ों कौवे मरे हुए पाए गए हैं। लैब टेस्ट में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। टेस्ट में कौवों की मौत की वजह H5N1 यानी बर्ड फ्लू बताई गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने निर्देश दिया है कि H5N1 वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कौवों और पोल्ट्री के सभी शवों को बायोसिक्योरिटी प्रोटोकॉल के अनुसार या तो जला दिया जाए या गहरे गड्ढे में दफना दिया जाए।
अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने, प्रभावित क्षेत्रों में पक्षियों की आवाजाही कम और संबंधित प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल लागू करने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से पक्षी की मौत की सूचना देने और मृत पक्षियों या जानवरों को हाथों से न छुने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को कहा गया है कि संक्रमण रोकने के लिए संक्रमित पक्षियों के शवों को कम से कम 8 फीट गहरे गड्ढे में सुरक्षित रूप से दफनाया जाए।
H5N1 इन्फ्लूएंजा A वायरस का एक बहुत ही खतरनाक स्ट्रेन है जो मुख्य रूप से पक्षियों, खासकर पोल्ट्री और जंगली पक्षियों को संक्रमित करता है। इसे आमतौर पर ‘बर्ड फ्लू’ के नाम से जाना जाता है और यह पक्षियों की आबादी में तेजी से फैल सकता है। हालांकि H5N1 मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है, लेकिन यह कभी-कभी इंसानों और अन्य जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है।
H5N1 वायरस को आम जनता के लिए बहुत खतरनाक माना जाता है। यह वायरस पक्षियों में तेजी से फैलता है। इंसानों में, संक्रमण दुर्लभ हैं, लेकिन जब वे होते हैं, तो वे गंभीर हो सकते हैं। कई पुष्ट मानव मामलों में निमोनिया जैसी गंभीर श्वसन संबंधी बीमारियां शामिल रही हैं।
बिहार के भागलपुर और दरभंगा में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। कटिहार के कुरसेला प्रखंड के उत्तरी मुरादपुर पंचायत इलाके में 100 से ज्यादा कौवे मरे पाए गए थे। वहीं, भागलपुर जिले के नवगछिया में भी बड़ी संख्या में कौए मृत पाए गए हैं। इन दोनों ही जगह कौओं में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जिसके बाद प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। पॉल्ट्री फार्म को अलर्ट किया गया है।
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AAP नेता की दिनदहाड़े हत्या : गुरुद्वारे के बाहर गोलियों से किया छलनी, शेरू ग्रुप ने ली जिम्मेदारी!
जालंधर। पंजाब के जालंधर में गुरुवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के स्थानीय नेता और जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र के हलका इंचार्ज लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात मॉडल टाउन इलाके में स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर हुई, जहां वे रोज की तरह माथा टेकने आए थे। दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने न सिर्फ जालंधर बल्कि पूरे पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।
पुलिस के मुताबिक, लक्की ओबेरॉय 6 फरवरी की सुबह करीब 7:15 बजे मॉडल टाउन स्थित गुरुद्वारे में अरदास करने पहुंचे थे। वे नियमित रूप से यहां आते थे। गुरुद्वारे से बाहर निकलकर जैसे ही वे अपनी थार गाड़ी में बैठने लगे, पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। हमलावर स्कूटी/एक्टिवा पर सवार थे और उन्होंने बेहद करीब से फायरिंग की। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गोलियों की आवाज सुनते ही लोग इधर-उधर भागने लगे।
डॉक्टरों के अनुसार, लक्की ओबेरॉय को कुल 8 से 9 गोलियां मारी गई थीं। जिनमें से 5 से 6 गोलियां उनके सीने में और एक गोली चेहरे या सिर के पास लगी। फायरिंग के बाद परिजन उन्हें गंभीर हालत में पहले एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे और वहां से श्रीराम अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक रक्तस्राव और शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचने के कारण उन्हें बचाना संभव नहीं हो सका।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे इलाके को तुरंत सील कर दिया गया और गुरुद्वारे व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। ADCP जयंत पुरी और हरिंदर सिंह गिल के अनुसार, जिलेभर के सभी नाकों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में इस वारदात को टारगेट किलिंग मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस जांच में सामने आए 3 अहम बिंदु
पहले से की गई थी रेकी
हमलावरों को पता था कि, लक्की ओबेरॉय रोज सुबह किस समय गुरुद्वारे आते हैं और कौन सी गाड़ी चलाते हैं।
थार में बैठने का इंतजार
हमलावरों ने तब तक फायरिंग नहीं की, जब तक वे थार में नहीं बैठ गए, ताकि भागने का मौका न मिले।
गैंगस्टर एंगल की आशंका
पूरी वारदात पेशेवर अंदाज में अंजाम दी गई, जिससे गैंगस्टरों की भूमिका की आशंका जताई जा रही है।
25 दिसंबर को मिली थी धमकी
AAP नेता लक्की ओबेरॉय की हत्या के मामले में जस्स बुट्टर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में उसने लिखा कि खालसा कॉलेज जालंधर में प्रधान की नियुक्ति हमेशा शेरू ग्रुप की सहमति से होती है। उसका कहना है कि, 25 दिसंबर को ही इस मुद्दे को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग प्रधानगी वापस लेने की बात करने लगे। पोस्ट में यह भी कहा गया कि, सरदार नछत्तर सिंह बेई हर साल प्रधान तय करते हैं और उसके बाद शेरू ग्रुप से सलाह लेकर नाम सार्वजनिक किया जाता है।
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छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर मुठभेड़ : तीन नक्सली ढेर, C-60 कमांडो शहीद; AK-47 और SLR बरामद
छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई है। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले की भामरागढ़ तहसील में हुई इस कार्रवाई में C-60 कमांडोज ने 3 नक्सलियों को मार गिराया। मुठभेड़ के दौरान एक जवान शहीद हो गया, जबकि एक अन्य जवान घायल हुआ है। घायल जवान को हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया।
सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 और एक SLR राइफल बरामद की है। मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। इस मुठभेड़ की पुष्टि महाराष्ट्र पुलिस ने की है।
6 फरवरी की सुबह अबूझमाड़ के जंगल में सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने फोर्स पर फायरिंग कर दी। इसमें C-60 के कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें हेलीकॉप्टर से भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
5 फरवरी को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सली कमांडर उधम सिंह को मार गिराया था। उधम सिंह 2021 के टेकुलगुड़ेम एनकाउंटर में शामिल था, जिसमें 22 जवान शहीद हुए थे। वह प्लाटून नंबर-30 का कमांडर और जगरगुंडा एरिया कमेटी का प्रमुख था। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव के अनुसार, साल 2025 में जिले में 163 माओवादी मारे गए। साल 2026 में अब तक 11 नक्सली ढेर हो चुके हैं। जनवरी 2024 से अब तक कुल 232 नक्सली मारे गए। 1163 नक्सली गिरफ्तार हुए। 888 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की।
इन टॉप नक्सलियों की तलाश जारी
1. थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (61)
तेलंगाना का रहने वाला देवजी वर्तमान में नक्सल संगठन का सबसे बड़ा नेता है। बसवाराजू के मारे जाने के बाद उसे संगठन का महासचिव बनाया गया। यह पोलित ब्यूरो मेंबर भी है। इस पर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही 1 करोड़ रुपये का इनाम है।
2. मुपल्ला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति (74)
गणपति पहले नक्सल संगठन का महासचिव था। उम्र और बीमारी के चलते उसने यह पद छोड़ दिया। इस पर भी 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का इनाम घोषित है।
3. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (62)
झारखंड का रहने वाला भास्कर नक्सल संगठन का पोलित ब्यूरो मेंबर और ERB का इंचार्ज है। इस पर भी 1 करोड़ से ज्यादा का इनाम है।
4. पापा राव उर्फ मंगू (56)
सुकमा जिले का रहने वाला पापाराव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य है। वह पश्चिम बस्तर डिवीजन का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य भी है। AK-47 से लैस पापाराव जंगल और इलाके की अच्छी जानकारी रखता है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इसके मारे जाने या सरेंडर करने से पश्चिम बस्तर डिवीजन पूरी तरह कमजोर हो जाएगी।