रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिन के दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंचे हैं। रविवार को राजधानी रायपुर के मेफेयर होटल में वे नक्सलवाद को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक के पहले चरण में खुफिया इनपुट्स और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
अमित शाह ने इस बैठक को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि रायपुर में छत्तीसगढ़ सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि सुरक्षा केंद्रित रणनीति, बुनियादी ढांचे के विस्तार, नक्सलियों के वित्तीय नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
गृह मंत्री ने दावा किया कि 31 मार्च से पहले छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। उन्होंने आगे लिखा कि जो राज्य कभी नक्सली हिंसा का केंद्र माना जाता था, वह अब भाजपा की डबल इंजन सरकार के तहत विकास की नई पहचान बन चुका है। यहां के युवा खेल, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं और साथ ही अपनी संस्कृति और परंपराओं को भी संजोए हुए हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक की अहमियत का अंदाजा इसमें शामिल शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ अधिकारियों से लगाया जा सकता है। बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा मौजूद हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह सचिव, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक और गृह मंत्रालय के विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) भी बैठक का हिस्सा हैं। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में अग्रणी भूमिका निभा रहे सुरक्षा बलों की मौजूदगी भी इस बैठक को और अहम बनाती है।
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ-साथ जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिदेशक भी इस बैठक में शामिल होकर अपनी रणनीति और जमीनी अनुभव साझा कर रहे हैं।
रायपुर में हो रही यह अहम बैठक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ साबित मानी जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज दिनभर चलने वाले विभिन्न सत्रों के माध्यम से आने वाली योजनाओं और परियोजनाओं को अंतिम रूप देंगे। 31 मार्च की तय समयसीमा से पहले यह बैठक उनकी आखिरी बड़ी समीक्षा बैठक मानी जा रही है। इसमें यह आकलन किया जाएगा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति, सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कितनी मजबूती मिल पाई है।
बैठक के दौरान जमीनी हालात, सुरक्षा रणनीति और विकास से जुड़े प्रयासों की गहन समीक्षा की जाएगी। इसके नतीजे न सिर्फ छत्तीसगढ़ के लिए, बल्कि पूरे देश की आंतरिक सुरक्षा नीति के लिहाज से भी बेहद अहम माने जा रहे हैं।
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भरभराकर गिरी 3 मंजिला इमारत : 2 लोगों की मौत, कई घायल
कोटा। राजस्थान के कोटा शहर में एक तीन मंजिला बिल्डिंग अचानक ढह गई। हादसे में एक कोचिंग स्टूडेंट समेत 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 घायल अस्पताल में भर्ती हैं। 5 घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। यह हादसा जवाहर नगर थाना क्षेत्र के इंदिरा विहार इलाके में हुआ। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक नॉनवेज रेस्टोरेंट संचालित हो रहा था, जिसमें कर्मचारी और ग्राहक मौजूद थे।
घटना के समय बिल्डिंग में स्टूडेंट्स और कर्मचारी भी थे। बिल्डिंग गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार शुरू हो गई। मलबे में फंसे लोगों की मदद के लिए स्थानीय लोग तुरंत मदद में जुट गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, राहत दल और एंबुलेंस मौके पर पहुंचे। SDRF, NDRF और अग्निशमन विभाग की टीमें मलबा हटाकर फंसे लोगों को निकालने में जुट गईं। जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि, अब तक 15 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जबकि 13 लोग घायल हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। बचाव अभियान अभी भी जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, मलबे में फंसे लोग बचाओ-बचाओ की आवाजें निकाल रहे थे। कुछ का हाथ या पैर बाहर दिखाई दे रहा था, जिसे बचाव दल ने निकालने का प्रयास किया।
मृतक और घायलों की जानकारी
कोटा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता सक्सेना ने जानकारी दी कि घायलों में से दो मृत अवस्था में आए। मरने वालों में एक 20 वर्षीय कोचिंग स्टूडेंट और एक 15 वर्षीय बच्चा शामिल हैं।
घायलों की पहचान निम्नलिखित लोगों के रूप में हुई-
सुदीता (30), कोटा
शालीन सुवास्या (25), कुन्हाड़ी
मोहम्मद जहांगीर (30), महावीर नगर
भूपेंद्र (40), रंगबाड़ी
पूरब मीणा (24), जय हिंद नगर
नावेद (20), सुभाष नगर
रेस्टोरेंट मालिक मोहम्मद जहांगीर
रेस्क्यू टीम का सदस्य रॉकी डेनियल (जिन्हें दाहिनी अनामिका उंगली की चोट लगी और बाद में प्लास्टिक सर्जरी की जाएगी)
घटना शनिवार शाम लगभग 8:45 बजे हुई। बिल्डिंग ढहते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। कई लोग तुरंत मलबे में दबे लोगों को निकालने का प्रयास करने लगे।
जिला कलेक्टर ने बताया कि, हादसे की प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि गिरी हुई बिल्डिंग के पास एक पुरानी इमारत का निर्माण या तोड़फोड़ का काम चल रहा था। निर्माण में नींव की समस्याएं होने की संभावना जताई गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मलबे के पास चल रही जेसीबी और डेली ड्रिल मशीनों के वाइब्रेशन से बिल्डिंग पर असर पड़ा और हादसा हुआ।
कोटा के सांसद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हादसे पर दुःख जताया और राहत कार्यों पर नजर रखी। उन्होंने जिला कलेक्टर और सिटी एसपी को बचाव कार्य तेज करने और घायलों के उचित उपचार के निर्देश दिए। उनके OSD राजीव दत्ता भी मौके पर मौजूद थे।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने भी राहत और बचाव कार्य की मॉनिटरिंग की। इसके अलावा ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और कमेटी के गठन की पुष्टि की।
कलेक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि, हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए रेस्क्यू टीम पूरी कोशिश कर रही है। हालांकि, क्रेन और अन्य उपकरणों की देरी के कारण बचाव अभियान थोड़ी देर से शुरू हुआ।
हादसे के पीछे का कारण
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि-
निर्माणाधीन बिल्डिंग के नींव में कमजोरी थी।
पास की पुरानी इमारत को तोड़ने का काम और डेली ड्रिल मशीनों के कारण वाइब्रेशन बढ़ा।
बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर रेस्टोरेंट होने के कारण अधिक लोग प्रभावित हुए।
जिला प्रशासन ने विशेष जांच कमेटी गठित कर दी है जो हादसे के कारणों की पूरी जांच करेगी।




