देवास मध्यप्रदेश के देवास में तीन युवकों ने जिला न्यायाधीश के साथ अभद्रता की। उन्हें सरेआम गालियां भी दीं। जिला न्यायाधीश के साथ हुई इस घटना पर पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। उनके साथ अभद्रता करने वाले एक आरोपी बीजेपी नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो अन्य फरार हो गए हैं। इधर एक आरोपी के अवैध निर्माणों को भी ढहा दिया गया है।
देवास में न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत के साथ अभद्रता की गई। वे जिला कोर्ट में चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के रूप में पदस्थ हैं। न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत को 3 युवकों ने गालियां बकीं और अभद्रता की। देवास पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत के साथ यह वारदात नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र में हुई। यहां की देवास ग्रीन कालोनी के बाहर बीजेपी नेता पंकज घारू और उसके साथियों ने जस्टिस बहरावत को सरेआम गालियां दीं। बाद में तीनों आरोपी भाग गए।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बीजेपी नेता पंकज घारू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी भीम घारू और एक अन्य युवक को भी जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है। उधर जिला प्रशासन ने एक आरोपी का अवैध निर्माण ढहा दिया। जयशिव नगर स्थित एक अवैध संपत्ति और मक्सी बायपास स्थित शासकीय ज़मीन पर बनाए गए पोल्टी फार्म को ज़मींदोज़ कर दिया गया है।
---------------------------------
केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विस्थापितों का हंगामा, पुलिस पर किया पथराव, 40 पर एफआईआर दर्ज
छतरपुर. एमपी के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजा को लेकर अगवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी सहित ग्रामीणों ने बीती दे रात को पुलिस पर पथराव कर दिया. इस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रात को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार शुरू कर दी. वहीं, धरने पर बैठे लोग भागते दिखाई दिए. आधी रात को स्थित तनाव पूर्ण हो गई और जिले के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई.
वहीं, बिजावर थाने में प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई की है. छतरपुर एसपी अगम जैन बताया कि एसडीएम को घेरकर पुलिस पर पथराव करने और शासकीय कार्य में बाधा सहित चक्का जाम करने को लेकर 40 से ज्यादा लोगो पर एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस पत्थरबाजी करने वालों को चिन्हित कर रही है.
बिजावर तहसील में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापितों और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं समाजसेवी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में भारी संख्या में लोग सड़कों पर बीते दिन उतरे थे और प्रदर्शन पूरी रात चलता रहा. आधी रात को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया तो पुलिस ने धरना प्रदर्शन करने वालों पर पानी की बौछार शुरू कर दी.
बिजावर थाना इलाके में स्थित अब तनाव पूर्ण बनी हुई है, दरसल बीते दिन प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे और एसडीएम कार्यालय को घेर लिया था. धरना देने वाले आदिवासी अपने नेता अमित भटनागर की तत्काल रिहाई की मांग पर अड़े हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने वार्ड नम्बर 9 की पार्षद दिव्या अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने अमित भटनागर को शांति भंग की आशंका के चलते धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई और मिलने भी नहीं दिया जा रहा है. एक घंटे से अधिक समय से एसडीएम ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए, जिसके चलते तहसील कार्यालय को घेर लिया गया था.
प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं. प्रशासन द्वारा लगातार समझाइश दी गई लेकिन, प्रदर्शनकारी आधी रात तक धरना देते रहे और उसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस पर पथराव के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार शुरू करवा दी. धीरे धीरे मामले ने तूल पकड़ा लिया और अब विजावर इलाके में मामला तनाव पूर्ण हो गया है.
---------------------------------------
सूदखोरी से तंग आकर BJP नेता ने किया सुसाइड, मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में बीजेपी नेता जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू ने कांग्रेस की सूदखोर नेता की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। मोघट पुलिस के मुताबिक, मृत्यु पूर्व दिए बयान में जीतू ने बताया कि वह आर्थिक दबाव और सूदखोरी के कारण तनाव में थे। जीतू चौधरी खंडवा के लवकुश नगर, सेक्टर-3 में रहते थे।
वे मंगलवार सुबह बड़गांव भीला रोड स्थित कांग्रेस नेता पूर्व पार्षद गणेश सकरगाये के घर 50 लाख रु की लेनेदेन के मामले मे हिसाब करने पहुंचे थे। जहाँ ब्याज चुकाने में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस नेता द्वारा जब उसे धमकी दी गई तब भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गणेश सकरगाये और अन्य लोगों ने जीतू को एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए आईसीयू वार्ड में भर्ती किया।
इलाज के दौरान हीं जीतू चौधरी ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद मोघट पुलिस अस्पताल पहुंची और शव का पंचनामा कराया। जीतू ने सकरगाये पर ही सूदखोरी का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता पर आरोप है कि उसने घर बिकवाने की धमकी भी लगातार दे रहा था, जिसके कारण जितेंद्र चौधरी काफी मानसिक रूप से दबाव में थे। अब इस मामले में मोघट पुलिस मृत्यु पूर्व बयान के बाद जांच में जुट गई है।
अपराध




