दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया जिले में नाबालिग से शादी रचाने के बाद उसे अपने घर ले जाने का सपना एक दूल्हे को भारी पड़ गया। जैसे ही प्रशासन की टीम को इस शादी की खबर लगी तो टीम गांव पहुंची लेकिन शादी हो चुकी थी। टीम ने विदा हो चुकी बारात का पीछा कर बीच रास्ते में बारात को रोका और दस्तावेज की जांच की तो दुल्हन नाबालिग पाई गई। पुलिस ने दूल्हा, उसके पिता, दुल्हन के माता-पिता सहित टेंट, डीजे व बैंड वालों पर मामला दर्ज किया है।
बुधवार सुबह जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय को गुप्त सूचना मिली थी कि खटोला गांव में नाबालिग की शादी कराई जा रही है। उन्होंने तुरंत कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को इसकी सूचना दी। कलेक्टर के निर्देश पर पर प्रशासनिक अमला जनपद सीईओ विनीत त्रिपाठी और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचा लेकिन तब तक शादी हो चुकी थी और दूल्हा अपनी दुल्हन को विदा कर अपने साथ ले जा चुका था। प्रशासन अमले ने तुरंत बारात का पीछा किया और रास्ते में ही घेराबंदी कर बारात को रोक लिया। दस्तावेजों की जांच में बालिका नाबालिग पाई गई, जिसके बाद उसे तत्काल रेस्क्यू कर थाना उनाव लाया गया ।
थाना प्रभारी यतेंद्र भदौरिया के अनुसार इस बार कार्रवाई केवल परिजन तक सीमित नहीं रही। बाल विवाह में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले टेंट संचालक, डीजे मालिक और हलवाई के खिलाफ भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना वर-वधू के आयु प्रमाण पत्र देखे कोई भी सेवा देने पर जेल जाना तय है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाल विवाह पर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू की है।
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बड़ी खबर: पानी की टंकी में बक्से में बंद मिला महिला का शव
भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है यहां एक महिला की बक्से में बंद लाश पानी की टंकी में मिली है। लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। फिलहाल महिला की शिनाख्त नहीं हुई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भोपाल शहर के निशातपुरा थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास स्थित पानी के टैंक से बक्से में महिला की लाश बरामद हुई है। बताया गया है कि पानी के टैंक से तेज दुर्गंध आ रही थी और जब लोगों ने टैंक के पास जाकर देखा तो उन्हें एक बक्सा पानी में नजर आया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बक्से को पानी से बाहर निकाला तो उसमें महिला की लाश थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरु कर दी है।
पानी के टैंक में बक्से में महिला की लाश मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से जाच की। शव फूला हुआ है जिससे अंदेशा है कि शव दो से तीन दिन पुराना हो सकता है। महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है, पुलिस आसपास के इलाकों में हाल ही में गुमशुदा हुई महिलाओं की जानकारी जुटा रही है जिससे की महिला की पहचान हो सके। जिस तरह से शव को बक्से में बंद कर पानी के टैंक में ठिकाने लगाया गया, उससे अंदेशा है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को यहां लाकर फेंका गया है।
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शहडोल में रेंजर सहित वन अमले पर हमला, 30 से अधिक लोगों ने किया अटैक
शहडोल। शहडोल में कानून को खुली चुनौती, जंगल की हिफाजत करने निकली फॉरेस्ट टीम पर कोल माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। रेंजर सहित वन अमले को बंधक बनाकर मारपीट की गई। इस दौरान 30 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने अपनी दबंगई दिखाई। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक खनन माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहेंगे? क्या अब जंगल बचाने वाले ही असुरक्षित हो गए हैं?
दरअसल जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करना वन विभाग के लिए अब जानलेवा साबित होता जा रहा है। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र के बडखेरा अंतर्गत खितौली बीट सीमा स्थित सोन नदी का है, जहां अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर लौट रही वन टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया, हमले में शहडोल रेंजर राम नरेश विश्वकर्मा सहित वन अमले के कर्मचारियों को घेरकर बंधक बनाया गया और मारपीट की गई।
बताया जा रहा है कि सोन नदी के किनारे कोल माफिया लंबे समय से अवैध उत्खनन कर कोयले का परिवहन कर रहे थे। वन विभाग को इसकी सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई के बाद जब अमला वापस लौट रहा था, तभी करीब 30 से अधिक लोगों ने संगठित होकर रास्ता रोक लिया और हमला बोल दिया। सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व भी माफियाओं ने रेंजर के साथ बदतमीजी करते हुए धमकी दी थी। घटना की शिकायत वन विभाग द्वारा सोहागपुर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हमले हो चुके हैं। ब्यौहारी क्षेत्र में रेत माफियाओं द्वारा एक पटवारी और एएसआई पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। लगातार बढ़ते हमलों ने प्रशासन और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि कोल माफिया पर कब तक सख्त शिकंजा कसा जाता है।
वन मंडलाधिकारी दक्षिण, श्रद्धा पंद्रे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन कर्मियों पर हमला बेहद गंभीर विषय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की तरफ से एक शिकायत आई है , जिस पर मामलें की जांच करा उचित कार्रवाई की जाएगी।
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