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रणवीर-रोहित को बिश्नोई गैंग से फिर मिली धमकी, कहा- पूरे स्टाफ को खत्म कर देंगे

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बॉलीवुड की चकाचौंध के पीछे एक बार फिर डर की परछाई दिखने लगी है। फिल्मी दुनिया के दो बड़े नाम रणवीर सिंह और रोहित शेट्टी एक बार फिर धमकियों के घेरे में हैं। इस बार मामला सिर्फ धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि वॉयस नोट, रंगदारी, स्टाफ को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी और विदेशी VPN जैसे गंभीर पहलुओं तक पहुंच चुका है। मुंबई पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि, यह वाकई कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का काम है या फिर किसी ने उसके नाम का इस्तेमाल कर डर फैलाने की कोशिश की है।
जानकारी के मुताबिक, रणवीर सिंह के मैनेजर के मोबाइल पर एक धमकी भरा वॉयस नोट आया। जिसमें 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई। इस वॉयस मैसेज में न सिर्फ रणवीर और रोहित शेट्टी का नाम लिया गया, बल्कि उनके स्टाफ, मैनेजरों और परिवार तक को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई। यह धमकी ऐसे समय पर सामने आई, जब कुछ दिन पहले ही रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग की घटना ने मुंबई पुलिस को अलर्ट कर दिया था।
कथित ऑडियो में धमकी देने वाला खुद को गैंगस्टर हैरी बॉक्सर बताता है। वॉयस नोट में वह शिकायत दर्ज कराने पर नाराजगी जताते हुए पूछता है कि पुलिस में जाने की जरूरत क्यों पड़ी। साथ ही वह रणवीर सिंह और रोहित शेट्टी के मैनेजरों की रोजमर्रा की गतिविधियों, उनके रहने की जगह और आने-जाने के समय की जानकारी होने का दावा करता है। ऑडियो में परिवार से जुड़ी पूरी जानकारी होने की बात भी कही गई है।
‘रणवीर सिंह, तुम्हें पहले ही कहा गया था कि शिकायत नहीं करनी है। अब रोहित और रणवीर को समझ में आ जाएगा कि हम कौन हैं। तुम्हारी सात पुश्तें भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगी। तुम दोनों के जितने भी मैनेजर हैं, वे कहां रहते हैं, कब आते-जाते हैं और उनके परिवार कहां हैं हमें सब पता है। अगर तुम दोनों ने हमारी बात नहीं मानी, तो तुम्हारे पूरे स्टाफ को जान से खत्म कर दिया जाएगा।’
इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, वायरल ऑडियो की सत्यता को लेकर तकनीकी जांच जारी है और वॉयस सैंपल का मिलान किया जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि, धमकी भरा मैसेज भेजने के लिए VPN का इस्तेमाल किया गया था, जिससे डिजिटल ट्रेल विदेश की लोकेशन की ओर इशारा कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि, VPN सर्वर किस देश का था और जरूरत पड़ने पर इंटरपोल की मदद भी ली जा सकती है।
धमकी सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने एहतियातन रणवीर सिंह के बांद्रा स्थित घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। रणवीर के मैनेजर का बयान भी क्राइम ब्रांच दर्ज कर चुकी है।
31 जनवरी की देर रात मुंबई के जुहू इलाके में रोहित शेट्टी के घर के बाहर पांच राउंड फायरिंग की घटना सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान चलाई गई एक गोली इमारत में बने जिम के शीशे से जा टकराई थी। मामले की जांच के दौरान पुणे से कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। वहीं सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से इस फायरिंग की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया गया, हालांकि मुंबई पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई की गिरफ्तारी के बाद गैंग की पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि, यह धमकी किसी नकलची गिरोह की हरकत हो सकती है या फिर बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर सिर्फ डर का माहौल बनाने की कोशिश की जा रही हो। पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
यह पहला मौका नहीं है जब बॉलीवुड से जुड़े लोगों को इस तरह की धमकियां मिली हों। इससे पहले भी कई कलाकार, निर्माता और उनके परिवार अपराधियों के निशाने पर रह चुके हैं। रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह इंडस्ट्री में बेहद करीबी माने जाते हैं और दोनों ने साथ में कई बड़ी फिल्मों पर काम किया है, ऐसे में एक साथ दोनों को निशाना बनाया जाना इस मामले को और भी ज्यादा संवेदनशील बना देता है।
जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी भेजने में इस्तेमाल किया गया VPN सर्वर किस देश का था, वॉयस नोट किस डिवाइस से रिकॉर्ड किया गया और धमकी देने वाला शख्स भारत में मौजूद है या विदेश में। इसके साथ ही रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग और रणवीर सिंह को मिली धमकी के बीच किसी तरह का आपसी कनेक्शन है या नहीं, इसकी भी गहराई से जांच की जा रही है।
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दामाद संग भागी सास का 10 माह बाद मोहभंग, प्रेमी बोला- मुझे छोड़कर बहनोई के साथ गई
अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में रिश्तों को शर्मसार और हैरान करने वाला एक मामला एक बार फिर चर्चा में है. दादों थाना क्षेत्र में करीब 10 महीने पहले अपने पति और बच्चों को छोड़कर दामाद के साथ फरार होने वाली सास का अब अपने प्रेमी दामाद से भी मोहभंग हो गया है. महिला अचानक थाने पहुंची और पुलिस से गुहार लगाई कि उसे दामाद से खतरा है. यह मामला तब और पेचीदा हो गया जब दामाद ने पुलिस को बताया कि उसकी सास अब उसे भी छोड़कर अपने बहनोई के साथ भाग गई है. इस पारिवारिक ड्रामे ने पुलिस को भी पशोपेश में डाल दिया है.
थाने पहुंची महिला सपना देवी ने पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए दामाद राहुल पर गंभीर आरोप लगाए हैं. सपना का कहना है कि पिछले 10 महीनों से वह नर्क जैसी जिंदगी जी रही थी. उसका आरोप है कि राहुल ने उसे बंधक बनाकर रखा, उसके साथ मारपीट की और उसे मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित किया. महिला ने पुलिस से साफ शब्दों में कहा कि वह अब राहुल के साथ नहीं रहना चाहती. उसने पुलिस से अपनी सुरक्षा की मांग करते हुए कहा कि वह अब अपनी जिंदगी अकेले ही गुजारना चाहती है.
वहीं, इस कहानी का दूसरा पहलू और भी ज्यादा चौंकाने वाला है. दामाद राहुल ने भी थाने में तहरीर देकर सास सपना और उसके परिजनों पर गंभीर आरोप मढ़ दिए हैं. राहुल का दावा है कि सपना 6 फरवरी को उसे चकमा देकर घर से भाग गई. आरोप है कि इस बार वह अपने एक बहनोई के साथ फरार हुई है. राहुल के मुताबिक, सपना जाते समय घर से करीब 2 लाख रुपये नकद, एक सोने का मंगलसूत्र और अंगूठी भी ले गई है. राहुल ने पुलिस के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि जब वह घूमने गया था, तभी पीछे से सपना निकल गई. उसने तंज कसते हुए कहा, पहले को छोड़कर दूसरा पकड़ा था, अब दूसरे को छोड़कर तीसरा पकड़ लिया है.
इस हाई-वोल्टेज ड्रामा और लगातार बदलते बयानों ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी है. पुलिस अब मामले की दोनों कडिय़ों को जोड़कर देख रही है- एक तरफ दामाद के साथ 10 महीने पहले की फरारी और प्रताडऩा के आरोप, तो दूसरी तरफ अब बहनोई के साथ भागने और चोरी का विवाद. पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतें स्वीकार कर ली हैं और उनके बयान दर्ज कर लिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले की तहकीकात की जा रही है और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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वाराणसी-अयोध्या समेत यूपी की कई अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप, जज को मिला ईमेल
वाराणसी. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में शुक्रवार 13 फरवरी की सुबह उस वक्त अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब जिला जज को एक खौफनाक ईमेल प्राप्त हुआ. इस ईमेल में वाराणसी कचहरी, इलाहाबाद हाई कोर्ट और अयोध्या समेत प्रदेश के कई अन्य जनपदों के न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की खुली धमकी दी गई. धमकी देने वाले ने प्रशासन को चुनौती देते हुए दोपहर 1 बजे का समय निर्धारित किया है और कहा है कि सिलसिलेवार 18 धमाके किए जाएंगे. इस सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं.
धमकी मिलते ही पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. आनन-फानन में वाराणसी कचहरी परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई. सुरक्षा को देखते हुए कचहरी के साथ-साथ कलक्ट्रेट के सभी कार्यालय और रजिस्ट्री दफ्तर भी खाली कराए जा रहे हैं. इसी गहमागहमी के बीच परिसर में एक लावारिस अटैची मिलने से सनसनी और बढ़ गई. बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) मौके पर पहुंच गया है और अटैची की जांच में जुटा हुआ है. उधर, ईमेल में अयोध्या कचहरी का भी जिक्र होने के कारण वहां भी अलर्ट जारी कर दिया गया है. अयोध्या में भी कचहरी परिसर खाली कराकर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु के रहने वाले सुनिया डासन नामक व्यक्ति की आईडी से भेजा गया है. ईमेल में सिर्फ बम धमाकों की ही बात नहीं है, बल्कि इसमें तमिलनाडु सरकार और मीडिया के बीच कथित गठजोड़ को लेकर बेहद चौंकाने वाले और गंभीर दावे किए गए हैं. मेल भेजने वाले ने लिखा है कि तमिलनाडु सरकार 2021 तक मीडिया को खत्म करना चाहती थी और इसके लिए बड़े पत्रकारों (जर्नलिस्टों) को अपने पक्ष में करने के लिए 'हायरÓ किया गया है. ईमेल में मीडिया मैनेजमेंट को लेकर गहरी नाराजगी जताई गई है.
ईमेल का मजमून काफी आपत्तिजनक और सनसनीखेज है. आरोपी सुनिया डासन ने आरोप लगाया है कि नामचीन पत्रकारों को सरकार के पक्ष में करने के लिए उन्हें निजी हाथों में बेचा जा रहा है. सबसे अधिक चौंकाने वाला दावा यह है कि इन पत्रकारों को खुश करने के लिए नाबालिग बच्चियां और लड़कियां उपलब्ध कराई जा रही हैं. ईमेल में एक विश्वविद्यालय की प्रोफेसर और कुछ स्थानीय बदमाशों की मिलीभगत का भी जिक्र किया गया है. मेल भेजने वाले ने बकायदा आठ चर्चित पत्रकारों और उनके पास भेजी गई लड़कियों के नाम और उनकी उम्र का भी उल्लेख किया है. आरोपी का कहना है कि व्यवस्था के खिलाफ उसके इसी गुस्से का परिणाम इन बम धमाकों के रूप में सामने आएगा. फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से ईमेल की सत्यता और भेजने वाले की लोकेशन ट्रेस कर रही है.