खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में एक ऐसी दुनिया भी है, जहां आज भी लोग भूत प्रेत और अंधविश्वास में भरोसा रखते हैं। बात खंडवा के उस सैलानी दरगाह की जहां पर बुरी आत्माओं से लोगों को निजात मिलती है। ऐसा माना जाता है कि यहां पर बुरी आत्माओं की बाबा सैलानी के इस मेले में आते है।
अपने-अपने जीवन में तरह-तरह के मेले देखे होंगे। झूला के माध्यम से गोलगप्पे खाते हुए अपने इन मेलों का आनंद भी लिया होगा, लेकिन कभी अपने भूतों के मेले के बारे में सुना है। आप कहेंगे नहीं तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे मेले में ले चलते हैं जहां एक नहीं दो नहीं बल्कि हजारों की संख्या में भूतों का मेला लगता है। आज हम जिस मेले की बात करने जा रहे हैं, वहां पर ना तो कोई मस्ती होती है ना कोई झूला लगते हैं, बल्कि यहां लगता है भूतों का मेला।
हम बात कर रहे है खंडवा के एक ऐसे मेले की जहां पर बुरी आत्माओं की पेशी लगवाई जाती है और यहां पर सजा के तौर पर बुरी आत्माओं को शरीर छोड़कर जाने का फैसला सुनाया जाता है। खंडवा से 25 किलोमीटर दूर जावर गांव के पास सैलानी गांव में सैलानी बाबा की एक अद्भुत मजार है। इस मजार पर यूं तो सालभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन होली के बाद से लेकर रंग पंचमी तक यहां देश के अलग-अलग हिस्से से भूत, प्रेत, बुरी आत्माओं से पीड़ित बाधित लोग पहुंचते हैं। ऐसे ऐसे परेशान लोग यहां पहुंचते हैं जिसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि लोग यहां आते तो दुख में हैं, लेकिन यहां से वापस लौटने वाले खुशी-खुशी वापस लौटते हैं।
सैलानी बाबा की इस दरगाह पर कोई जंजीर में बांधकर लाया गया है तो कोई महीनों से प्रेत बाधा से पीड़ित। ऐसे लोगों को परिजन देश के कोने कोने से यहां लेकर पहुंचे हैं। ऐसा माना जाता है कि दरगाह की लोहे की इस चारदीवारी में इतनी शक्ति है कि इसे छूते हीं बाहरी शक्तियां तांडव करने लगती है और गुनाहों को कुबूल कर सैलानी से पनाह मांगती है। बाबा की चौखट पढ़ते ही बड़े से बड़ा भूत तांडव करने लगता है। बाबा सैलानी की दरगाह पर पहुंचने के बाद न्याय मांगने के लिए बुरी आत्माएं यहां अपना गुनाह कुबूल कर बाबा सैलानी से पनाह मांगती है। शरीर से अलग होने के लिए आत्माओं को बाबा सजा देते हैं। सजा भी ऐसी जो खुली आंखों से नहीं दिखती है। सिर्फ शैतानी आत्माएं ही इस सजा को महसूस करती है। ऐसी में इन बुरी आत्माओं को शरीर छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता हैं।
वर्ष 1939 में स्थापित बाबा की इस दरगाह में होली से लेकर रंग पंचमी तक देशभर से हजारों लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो जाता है। गांव का नाम भी बाबा के नाम पर ही सैलानी रखा गया है। देशभर से आए लोग यहां तंबू बना कर कई दिनों तक रहते हैं। मान्यता है कि 5 गुरुवार को नियमित यहां आने से पीड़ितों को फायदा होता है। यहां मुर्गे और बकरे की बलि दी जाती है। लोग मुर्गे और बकरे को लाते हैं और बाबा के नाम पर यहीं छोड़ जाते हैं।
सैलानी बाबा की दरगाह करीब 87 साल पुरानी है, जो महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के फकीर मकदूम शाह सैलानी की है। हालांकि इस दरगाह की एक खास बात ये भी है कि यहां सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल भी देखने को मिलती है। यहां हिंदू कैलेंडर की तारीख के अनुसार होली से रंग पंचमी तक मेला लगता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग आते हैं। बहरहाल आस्था और अंधविश्वास के इस खेल में कोई भी तर्क काम नहीं करता। लोग सिर्फ अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं और खुशी–खुशी लौट जाते हैं।
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किले से तोप चलाते हुए वीडियो वायरल करने वाले चारों बदमाश गिरफ्तार
रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन में इंस्टाग्राम पोस्ट से धार्मिक भावनाएं आहत करने और तो चलाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस खबर को प्रमुख्ता के साथ प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई की।
फरियादी द्वारा बताया गया कि इंस्टाग्राम पर एक रील में शादाब कुरैशी एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा रायसेन किले से तोप चलाते हुए धर्म विरोधी नारे लगाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो में ऐसे आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। नगर में सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने एवं तनावपूर्ण स्थिति निर्मित होने की आशंका उत्पन्न हो गई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध कर मुख्य आरोपी शादाब कुरैशी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भी तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में शादाब कुरैशी पिता शाहीर कुरैशी निवासी कसाई मोहल्ला रायसेन, युसूफ शेख पिता महफूज शेख निवासी चटाईपुरा, भोपाल, वसीम मोहम्मद पिता इब्राहिम खान निवासी ऐशबाग, भोपाल, पप्पू उर्फ सलमान कुरैशी पिता सलीम कुरैशी निवासी तलैया, भोपाल शामिल है।
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कोर्ट के आदेश पर कब्जा हटाने गई टीम पर हमला: ग्रामीणों ने किया पथराव
धार। मध्य प्रदेश के धार के सिरसोदा गांव में कब्जा हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर हमला हो गया। कोर्ट के आदेश पर पहुंची टीम पर कब्जाधारियों ने पथराव कर भगाने की कोशिश की। इस दौरान एक महिला ने खुद पर घासलेट डालकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की।
एसपी विजय डाबर ने बताया कि टीम कब्जा हटाने के लिए पहुंची थी। तभी वहां मौजूद महिलाओं ने पुलिस के साथ जबरदस्ती की और खुद पर घासलेट डालकर आत्महत्या की कोशिश की। इस पर महिला को पुलिस अभिरक्षा में लेकर धामनोद के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। वर्तमान में शांति कायम है और जिन्होंने पथराव किया है उनकी पहचान कर मामला दर्ज किया जाएगा। जिस व्यक्ति का मकान पर कब्जा है, उसने दो दिन का समय मांगा है। मांग पर दो दिन का समय दिया है। अगर दिए गए समय पर घर खाली नहीं किया जाता है तो प्रशासन कार्रवाई करेगी।
इस घटना के दौरान थाना प्रभारी का पांव मुड़ गया और फैक्चर हो गया। संतोष नामक व्यक्ति ने कहा कि वे पिछले 80 सालों से यहां पर रह रहे हैं। जब से कालू सिंह ठाकुर विधायक ने जमीन खरीदी है, तब से रोज विवाद हो रहे हैं।
ASP विजय डाबर ने बताया कि एक मकान बना हुआ था। निजी शिकायत पर न्यायालय के फैसला पर कब्जा दिलाने के लिए राजस्व विभाग के साथ में एसडीएम, एसडीओपी, पुलिस का अमला यहां पर मौजूद था। बातचीत चल ही रही थी कि इस दौरान घर की महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन के साथ जबरदस्ती की और घासलेट डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस अभिरक्षा में लेकर में सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है।





