This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

जिला अस्पताल से भागा कैदी, ड्रिप स्टैंड से तोड़ी हथकड़ी, पहली मंजिल की खिड़की से कूदा

User Rating: 4 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Inactive
 

राजगढ़। नकली नोट खपाने के मामले में सात साल की सजा काट रहा एक कैदी जिला अस्पताल से फिल्मी अंदाज में फरार हो गया। पीलिया का उपचार कराने के लिए भर्ती किए गए कैदी ने ड्रिप स्टैंड की मदद से हथकड़ी तोड़ दी और पहली मंजिल की खिड़की से कूदकर अस्पताल परिसर से भाग निकला। देर शाम तक पुलिस और जेल प्रशासन को उसका कोई सुराग नहीं मिल सका।
जानकारी के अनुसार आगर मालवा जिले के नलखेड़ा निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र भाटी को सारंगपुर पुलिस ने नकली नोट चलाने के मामले में गिरफ्तार किया था। न्यायालय द्वारा उसे सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद 11 अप्रैल 2026 को राजगढ़ जिला जेल में स्थानांतरित किया गया था। तब से वह जिला जेल में बंद था।
एक जून को उसकी तबीयत बिगड़ गई और पीलिया की शिकायत सामने आने पर दो जून को उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल के कैदी वार्ड में पहले से एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला भर्ती होने के कारण जितेंद्र को पहली मंजिल स्थित कैंसर वार्ड में रखा गया था।
भर्ती के दौरान उसके एक हाथ में हथकड़ी लगाकर पलंग से बांधा गया था। सुरक्षा के लिए अलग-अलग समय पर तीन जेल प्रहरियों की ड्यूटी लगाई गई थी। बताया गया है कि शुक्रवार तड़के एक जेल प्रहरी कुछ समय के लिए वार्ड से बाहर चला गया। इसी दौरान कैदी ने कमरे में रखे ड्रिप स्टैंड की मदद से हथकड़ी तोड़ दी और खिड़की से नीचे कूदकर फरार हो गया।
कुछ देर बाद जब प्रहरी वापस लौटा तो कैदी वार्ड में नहीं मिला। पलंग पर टूटी हुई हथकड़ी पड़ी थी। यह देखकर जेल प्रहरी ने तत्काल जेल प्रशासन, पुलिस और अस्पताल प्रबंधन को सूचना दी।
प्रारंभिक जांच में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिस कमरे में कैदी को रखा गया था, उसकी खिड़की में पहले से जाली नहीं लगी थी। इसके बावजूद कैदी को उसी कक्ष में भर्ती किया गया। माना जा रहा है कि इसी खामी का फायदा उठाकर वह भागने में सफल रहा।
घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने अस्पताल परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चलाया, लेकिन देर शाम तक फरार कैदी का कोई पता नहीं चल सका। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
------------------------------------------
रील्स का जुनून पड़ा भारी: सोशल मीडिया ‘इन्फ्लुएंसर’ बने यातायात प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी निलंबित
शहडोल। सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो बनाकर चर्चाओं में रहने वाले यातायात विभाग के बहुचर्चित प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी पर आखिरकार विभागीय कार्रवाई की गाज गिर गई। पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने सामान्य सेवा शर्तों के उल्लंघन और बिना सूचना लंबे समय तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया है।
यातायात विभाग में पदस्थ प्रधान आरक्षक विवेकानंद तिवारी पिछले करीब 15 दिनों से बिना किसी पूर्व सूचना के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे थे। इसी दौरान वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम सहित अन्य माध्यमों पर लगातार वीडियो और रील्स बनाकर अपलोड करते दिखाई दिए। विभागीय जांच में यह बात सामने आई कि आरक्षक शासकीय कार्य से दूरी बनाकर निजी प्रचार और व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से सोशल मीडिया गतिविधियों में सक्रिय थे।
पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि विवेकानंद तिवारी द्वारा पुलिस रेगुलेशन 64 के अंतर्गत सेवा की सामान्य शर्तों का उल्लंघन किया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वे पुलिस की निर्धारित वर्दी में नजर आ रहे थे, हालांकि कई वीडियो में उन्होंने वर्दी का मोनो हटाकर अन्य रूप में प्रस्तुति दी, जो विभागीय अनुशासन के विपरीत माना गया।
सूत्रों की मानें तो लंबे समय से उनके सोशल मीडिया एक्टिविटी को लेकर विभाग में चर्चाएं चल रही थीं। वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में शासकीय जिम्मेदारियों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई है।
--------------------------------------------
दिनदहाड़े लूट की वारदातः AC मिस्त्री बनकर आए नकाबपोश बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर 4 लाख नकद और जेवर ले भागे
डबरा। ग्वालियर जिले के डबरा में लूट की सनसनीखेज वारदात हुई है। सचदेवा कॉलोनी में AC मिस्त्री बनकर आए दो नकाबपोश बदमाशों जबरन घर में घुसे और महिला पर पिस्टल अड़ाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। दोनों लुटरों ने घर में मौजूद महिला पिंकी श्रीवास्तव की कनपटी पर पिस्टल अड़ाई उसके साथ मारपीट की। अलमारी तोड़कर करीब 4 लाख नकद और लाखों रुपए का सोना चांदी समेट कर ले भागे।
दरअसल महिला पिंकी श्रीवास्तव, मोनिका श्रीवास्तव की भाभी है। मोनिका एक कपड़े की दुकान पर काम करती है। घटना के समय मोनिका दुकान पर थी और उसकी भाभी पिंकी अकेली घर पर। बुधवार दोपहर 3 बजे करीब दो बाइक सवार बदमाश आए और गेट खुलवाया। अपने आप को AC का मिस्त्री बताया और AC ठीक करने की बात कही। जब पिंकी ने मना किया तो दोनों लुटेरे घर के अंदर प्रवेश कर गए और महिला पिंकी से पिस्टल अड़ाकर मारपीट शुरू कर दी। घर की अलमारी में रखें नगदी और जेवरात समेट कर ले गए। मामले की सूचना पर परिजन घर पहुंचे और पुलिस से शिकायत की। पुलिस आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है।
फिलहाल आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा। मोनिका श्रीवास्तव ने बताया कि बेटी तनुष्का की शादी के लिए पैसे और ज्वेलरी घर में रखी थी जिसे लुटेरे ले गए। पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानते हुए घटना की तफ्तीश में जुटी है।

© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme