उज्जैन. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए शिप्रा एक्सप्रेस से पश्चिम बंगाल ले जाई जा रही 1.067 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है. मामले में राजस्थान के प्रतापगढ़ के रहने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है.
कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अधिकारी ट्रेन में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ते और तलाशी लेते नजर आ रहे हैं. सीबीएन को सूचना मिली थी कि शिप्रा एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22911) के जरिए बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी की जा रही है.
सूचना के आधार पर गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात करीब एक बजे उज्जैन रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और नारकोटिक्स अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई की. ट्रेन के पहुंचते ही जनरल कोच में सघन तलाशी अभियान चलाया गया. इस दौरान एक संदिग्ध युवक की पहचान होने पर उसके हैंडबैग की जांच की गई.
तलाशी के दौरान बैग में छिपाकर रखे गए दो पैकेटों से 1.067 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई. बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब सवा करोड़ रुपए आंकी जा रही है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी रमेश चंद्र के रूप में हुई है.
शुरुआती जांच में सामने आया है कि हेरोइन की यह खेप राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से पश्चिम बंगाल के हावड़ा भेजी जा रही थी. उज्जैन इस सप्लाई रूट का एक महत्वपूर्ण पड़ाव था. हेरोइन मिलने की पुष्टि होते ही आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जाती है.
सीबीएन ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब एजेंसी ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रही है.
-----------------------------------------
EV शोरूम में भीषण आग ने मचाया तांडव, 20 लोग फंसे, सीढ़ियों से बची जान
इंदौर देश में लगातार इमारतों में आग लगने की खबरें सामने आ रही है। दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में विदेशी नागरिकों सहित 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। ऐसी ही स्थिति शुक्रवार सुबह मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की स्कीम-136 में बन गई। यहां इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम (EV Showroom) में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग लगने के बाद शोरूम के ऊपर बने होमस्टे में ठहरे करीब 20 लोग धुएं के बीच फंस गए। उन्हे दूसरी बिल्डिंग से सीढ़ी लगाकार रेस्क्यू किया गया। आग लगने के कारण की जांच में पुलिस जुट चुकी है।
जानकारी के अनुसार सुबह रहवासियों ने बिल्डिंग से घना धुआं निकलते देखा। धुआं लगातार ऊपर की ओर फैल रहा था और होमस्टे में मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पा रहे थे। स्थिति गंभीर होती देख स्थानीय लोग खुद ही रेस्क्यू में जुट गए। उन्होंने आसपास से सीढ़ियां और रस्सियां जुटाई और बिल्डिंग के कांच तोड़ना शुरू कर दिए ताकि धुआं बाहर निकल सके। कांच टूटते ही अंदर भरा धुआं बाहर निकलने लगा और फंसे लोगों को कुछ राहत मिली। इसके बाद रहवासियों ने सीढ़ियों के सहारे लोगों को नीचे उतारना शुरू किया। शुरुआती प्रयास में कई लोग सुरक्षित बाहर आ गए। घटना के दौरान पास की मल्टी में रहने वाले लोग भी मदद के लिए आगे आए। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते बचाव शुरू नहीं किया जाता तो हालात गंभीर हो सकते थे। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी नरेंद्र ने भी बचाव अभियान में भूमिका निभाई।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग शांत होने के बाद ऊपर फंसे लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। दमकल अधिकारियों के अनुसार आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि ईवी शोरूम में मौजूद सभी वाहन जलकर खाक हो गए। वाहनों के जलने से उठे धुएं से रहवासियों को सांस लेने में दिक्कत हुई। मामले को एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह का कहना है।
बता दें कि, पिछले महीने 14 मई को देवास जिले में भी ऐसी घटना ने लोगों को हिला दिया था। जिले के टोंक कलां क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट होने से भीषण आग लग गई थी। इस घटना में 3 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। वहीं, पांच मजदूरों की मौत इलाज के दौरान हो गई थी।
------------------------------------------
खौफनाक साजिश: सोते हुए परिवार को जिंदा जलाने की कोशिश, महिला की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
ग्वालियर। मोहल्ले के आपसी विवाद का बदला लेने के लिए एक पूरे हंसते-खेलते परिवार को जिंदा जलाने की रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश का खुलासा हुआ है। बहोड़ापुर थाना क्षेत्र की इंद्रा कॉलोनी में दो नकाबपोश बदमाशों ने गुरुवार की आधी रात के बाद एक घर और बाहर खड़ी गाड़ी पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया। गनीमत रही कि पेट्रोल की तीखी गंध के कारण घर की महिला की नींद सही समय पर खुल गई। महिला की तत्परता और बहादुरी के चलते बदमाश बिना माचिस जलाए ही मौके से भाग खड़े हुए। पुलिस को इस पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज मिला है, जिसके आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
इंद्रा कॉलोनी निवासी हरीशचंद्र गुप्ता पेशे से टेलर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को पूरा परिवार खाना खाकर गहरी नींद में सो रहा था। रात करीब 3 बजे उनकी पत्नी मोना गुप्ता को अचानक नाक में पेट्रोल की तेज गंध महसूस हुई, जिससे उनकी आंख खुल गई। किसी अनहोनी की आशंका होने पर मोना ने जैसे ही खिड़की से बाहर झांका, उनके होश उड़ गए। बाहर चेहरे पर साफी (कपड़ा) बांधे दो संदिग्ध युवक उनके मुख्य दरवाजे और बाहर खड़ी बाइक पर बोतल से पेट्रोल छिड़क रहे थे।
मोना गुप्ता ने ऐसी खौफनाक स्थिति में घबराने के बजाय गजब की सूझबूझ दिखाई। वे तुरंत दौड़कर गईं और घर का मुख्य दरवाजा खोल दिया। अचानक गेट खुलने और महिला को सामने खड़ा देख दोनों बदमाश बुरी तरह हड़बड़ा गए। इससे पहले कि वे माचिस जलाकर आग लगा पाते, पकड़े जाने के डर से पेट्रोल की बोतल वहीं फेंककर गली की तरफ भाग निकले। मोना की इस त्वरित बहादुरी के कारण घर में सो रहे कई लोगों की जान बच गई।
टेलर हरीशचंद्र गुप्ता के अनुसार, दो दिन पहले उनके बेटे और उसके दोस्तों का मोहल्ले में ही रहने वाले समीर खान नाम के युवक से किसी बात पर विवाद हुआ था। समीर लगातार उनके बेटे पर अपने दोस्तों को बुलाने का दबाव बना रहा था और समझौता न होने पर उसने पूरे परिवार को जिंदा फूंकने का यह जानलेवा प्लान तैयार किया।
बहोड़ापुर थाना प्रभारी (TI) आलोक परिहार का कहना है कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें दबोचने के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।

