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जैन मंदिर में चोरी, सोने-चांदी के साथ डीवीआर भी ले उड़े चोर, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के जैन मंदिर में हुई हुई चोरी की वारदात बेहद सुर्खियों में हैं। पूरा मामला करकबेल स्थित नेमिनाथ जैन मंदिर का है जहां बीती देर रात चोरों ने ऐसी वारदात को अंजाम दिया, जिसने श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को हैरान कर दिया। चोर मंदिर में भगवान की प्रतिमा पर विराजमान सोने-चांदी के छत्र को तो ले ही गए। साथ में अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए उन्होंने सीसीटीवी सिस्टम को भी निशाना बनाया और डीवीआर तक चुरा लिया।
इस पूरी वारदात में चोरों का मुख्य निशाना भगवान की प्रतिमा पर लगे कीमती सोने और चांदी के छत्र थे। लेकिन इस दौरान चोरों ने गर्भगृह तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन वहां लगे मजबूत ताले को तोड़ने में सफल नहीं हो सके। इसके बाद उन्होंने डंडों की मदद से प्रतिमा पर लगे छत्र निकालने की कोशिश की और तीन छत्र चोरी कर ले गए।
वारदात को अंजाम देने पहुंचे चोर पूरी तैयारी के साथ आए थे। सबसे पहले उन्होंने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। जब कैमरे नहीं टूटे तो सबूत मिटाने के लिए उन्होंने मंदिर परिसर से लगे स्कूल की दीवार तोड़ दी और स्कूल कार्यालय में रखा सीसीटीवी डीवीआर अपने साथ ले गए। इतना ही नहीं, चोरों ने मंदिर परिसर में लगे इनवर्टर और बैटरियों पर भी हाथ साफ कर दिया। सुबह जब श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो चोरी का पता चला।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड की टीमों को भी बुलाया गया है। पुलिस मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुराग तलाश रही है। धार्मिक आस्था के केंद्र बने इस मंदिर में हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचकर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा बहरहाल अब देखना होगा कि पुलिस इन चोरों तक कब पहुंच पाती हैं।

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MP Weather Update : 35 जिलों में आंधी-बारिश, 5 जिलों में हीटवेव का अलर्ट; जानिए अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम
भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले एक सप्ताह से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। इसी बीच अच्छी खबर यह है कि दक्षिण भारत से आगे बढ़ चुका दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से मध्य भारत की ओर बढ़ रहा है और मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मानसून मध्य प्रदेश में सामान्य समय से पहले दस्तक दे सकता है।
केरल में प्रवेश करने के बाद मानसून कर्नाटक, तमिलनाडु और गोवा तक पहुंच चुका है। इसके चलते मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 जून से पहले होने की संभावना जताई जा रही है।
35 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को प्रदेश के करीब 35 जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
इन जिलों में बारिश और आंधी की संभावना
संभाग/जिले
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा
इंदौर, धार, अलीराजपुर, झाबुआ
बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर
उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा
मंदसौर, नीमच, रतलाम
नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा
भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़
छतरपुर, पन्ना
मंडला, बालाघाट, सिवनी
नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा
पिछले दिनों नर्मदापुरम, सिवनी, सीहोर, खरगोन समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टीनशेड भी गिर गए।
बारिश के बावजूद मध्य प्रदेश के कई इलाकों में गर्मी का असर बरकरार है। शनिवार को नौगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
7 जून
बारिश और गरज-चमक : भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, राजगढ़, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट समेत 35 जिलों में बारिश की संभावना।
गर्मी : ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी, सागर, दमोह, जबलपुर, रीवा, सीधी और सिंगरौली सहित कई जिलों में 40 से 42 डिग्री तापमान रह सकता है।
8 जून
दक्षिण और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर अधिक रहेगा। वहीं भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा और आसपास के क्षेत्रों में तेज गर्मी बनी रह सकती है।
9 जून
हीटवेव के साथ उत्तर मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का असर रहेगा, जबकि बालाघाट, सिवनी, बैतूल, खंडवा और बड़वानी जैसे जिलों में बारिश की संभावना बनी रहेगी।
10 जून
दक्षिण-पश्चिमी जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा, जबकि ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ हिस्सों में लू जैसी स्थिति बन सकती है।
मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून मानी जाती है। आमतौर पर केरल पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मानसून प्रदेश में प्रवेश करता है। पिछले साल यानी 2025 में मानसून 16 जून को मध्य प्रदेश पहुंचा था। इस बार मानसून ने दक्षिण भारत में अच्छी गति पकड़ी है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि, अगर वर्तमान रफ्तार बनी रही तो मानसून 20 जून से पहले प्रदेश में दस्तक दे सकता है।
भोपाल में पिछले 14 वर्षों के रिकॉर्ड बताते हैं कि नौतपा के दौरान 7 बार बारिश दर्ज की गई और 2 बार बूंदाबांदी हुई। इस बार भी नौतपा की शुरुआत में बूंदाबांदी दर्ज की गई थी। हालांकि 2018 और 2019 में नौतपा के दौरान औसत तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था। इस बार लगातार बदलते मौसम के कारण गर्मी और बारिश दोनों का मिश्रित असर देखने को मिल रहा है।

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अशोकनगर में किन्नर गुटों में तनाव: बाहरी संगठनों पर वसूली और धमकी का आरोप, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में किन्नर गुटों के बीच आपसी विवाद और तनाव का मामला गरमा गया है। स्थानीय किन्नर समुदाय ने बाहरी किन्नर संगठनों पर क्षेत्र में आकर जबरन अवैध वसूली करने और शांति भंग करने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर स्थानीय किन्नरों ने एकजुट होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को एक शिकायती आवेदन सौंपा है।
स्थानीय किन्नर गुट की प्रमुखों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से बाहरी जिलों और राज्यों से आए कुछ अज्ञात किन्नर संगठन अशोकनगर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। ये बाहरी लोग स्थानीय लोगों से बधाई और नेक के नाम पर जबरन मोटी रकम वसूल रहे हैं। जब स्थानीय किन्नरों ने इसका विरोध किया, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने और शहर की शांति व्यवस्था बिगाड़ने की धमकियां दी जा रही हैं।
कलेक्टर को दिए गए आवेदन में स्थानीय किन्नरों ने मांग की है कि बाहरी और फर्जी किन्नर संगठनों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, स्थानीय किन्नर समुदाय को सुरक्षा मुहैया कराई जाए ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना या हिंसक टकराव को टाला जा सके। प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस विवाद के बाद से क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।

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