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अमरनाथ गुफा में अंतर्ध्यान हुए बाबा बर्फानी, यात्रा शुरू होने के 5 दिन बाद पिघला हिमलिंग

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श्रीनगर। अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु गुफा में दर्शन कर चुके हैं। हिमलिंग के इतनी जल्दी पिघलने के बाद अमरनाथ श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी। बताया जा रहा है कि 7 जुलाई तक प्राकृतिक हिमलिंग पूरी तरह पिघल गया। जबकि यह यात्रा हर साल 57 दिनों तक चलती है और इस बार इसका समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन (सावन पूर्णिमा) के दिन होना है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि हिमलिंग का बनना और पिघलना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने इसे मौसम और प्राकृतिक परिस्थितियों से जुड़ी सामान्य घटना बताया है।
कश्मीर के कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से गुफा के आसपास का तापमान बढ़ता है, जिससे हिमलिंग तेजी से पिघल सकता है। उनका कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या और पर्यावरणीय परिस्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। हालांकि, इस दावे पर सभी विशेषज्ञों की एक जैसी राय नहीं है और हिमलिंग के जल्दी पिघलने के पीछे मौसम और जलवायु भी अहम कारण माने जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमरनाथ गुफा में बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग हर साल तापमान, बर्फबारी और मौसम की स्थिति के अनुसार आकार लेता है। ऊंचाई वाले इलाकों में बढ़ता तापमान, कम बर्फबारी और जलवायु परिवर्तन जैसी स्थितियां इसके बनने और पिघलने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 मई को हिमलिंग की ऊंचाई करीब 7 फीट थी। 29 जून तक यह घटकर करीब 5 फीट रह गई और अब इसके पूरी तरह पिघलने की जानकारी सामने आई है। यह पहली बार नहीं है जब हिमलिंग यात्रा के दौरान जल्दी पिघला हो। वर्ष 2016 में यात्रा शुरू होने के करीब 10 दिन बाद ही हिमलिंग पिघल गया था। वहीं, 2013 में भी यात्रा समाप्त होने से पहले ही हिमलिंग अंतर्ध्यान हो गया था।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अमरनाथ गुफा वही स्थान है जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। इसी वजह से यह हिंदू धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्राओं में से एक मानी जाती है।
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राम मंदिर चढ़ावा मामला: तीन आरोपी एक दिन की पुलिस रिमांड पर, बैंक खातों की होगी जांच
अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान से जुड़े कथित गबन मामले की जांच अब निर्णायक दौर में पहुंचती नजर आ रही है। इस मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों को कोर्ट ने 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करेगी।
कोर्ट से पुलिस रिमांड मिलने के बाद जांच एजेंसियां अब आरोपियों से गहन पूछताछ करेंगी। SIT की अंतरिम रिपोर्ट में छह लोगों की प्रथम दृष्टया संलिप्तता और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही की बात कही गई है। जांच के दौरान CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। अब पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
अयोध्या कोर्ट ने दान गबन मामले में गिरफ्तार लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडे को 24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजने की अनुमति दे दी है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस बुधवार सुबह 10 बजे से तीनों आरोपियों से आमने-सामने पूछताछ करेगी। जांच के दौरान उनसे गबन की पूरी प्रक्रिया और अन्य संभावित लोगों की भूमिका के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी। जिसमें कई अहम खुलासे हो सकते है।
पुलिस पूछताछ के साथ तीनों आरोपियों को उनके ठिकानों पर भी लेकर जाएगी। वहां कथित गबन से जुड़े सामान और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी की जाएगी। जांच एजेंसियों की नजर विशेष रूप से अनुकल्प मिश्रा की हाल ही में खरीदी गई संपत्तियों पर है। उसके नए घर और वाहन के संबंध में भी पूछताछ होगी। जरुरत पड़ने पर संबंधित स्थानों की तलाशी लेकर साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे।
विशेष जांच दल की अंतरिम रिपोर्ट में छह लोगों की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में अवनीश शुक्ला, अनुज कुमार मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, कृष्णम पाण्डेय और रामशंकर मिश्रा के नाम शामिल हैं। एसआईटी के अनुसार, संबंधित लोगों ने सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित नहीं किया। कमियों की जानकारी होने के बावजूद समय पर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। इससे कथित गड़बड़ियों को रोकने में लापरवाही सामने आई।
जांच के दौरान CCTV फुटेज का परीक्षण किया गया, जिसमें कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध बताई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गणना कक्ष में कुछ कर्मचारियों को नोटों की गड्डियों से खुले नोट निकालकर उन्हें अपने कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य स्थानों पर छिपाते हुए देखा गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारी इशारों के जरिए एक-दूसरे को सतर्क करते दिखाई दिए।
SIT की अंतरिम रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उपलब्ध CCTV फुटेज और जांच के आधार पर करीब 70 बार चोरी या गबन किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह निष्कर्ष जांच का हिस्सा है और इसकी विस्तृत पड़ताल अभी जारी है। ट्रस्ट ने जांच दल को बताया कि CCTV सिस्टम की स्टोरेज क्षमता सीमित होने के कारण पुरानी फुटेज खुद डिलीट हो जाती थी। यदि 27 अप्रैल से पहले की रिकॉर्डिंग उपलब्ध होती तो जांच में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते थे।
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कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली HC से राहत... एक्स पर लगा बैन हटा, जानें सरकार ने क्या दलीलें दी?
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के X अकाउंट को फिर से चालू करने का आदेश दिया है। यह फैसला CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके की याचिका पर सुनाया गया। अदालत ने केंद्र सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसके तहत मई 2026 में CJP का अकाउंट भारत में ब्लॉक कराया गया था। कोर्ट ने कहा कि जिस वजह से अकाउंट ब्लॉक किया गया था, वह अब खत्म हो चुकी है, इसलिए प्रतिबंध जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि 21 जून को हुए NEET री-टेस्ट से पहले CJP की कुछ पोस्ट छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम और अफरा-तफरी फैला सकती थीं। इसी आशंका को देखते हुए X को अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था। सरकार ने कहा कि यह कदम केवल परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित होने से बचाने के लिए उठाया गया था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि अब NEET री-टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। ऐसे में सरकार द्वारा दिया गया कारण अब लागू नहीं होता। अदालत ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंधों की न्यायिक कसौटी पर जांच जरूरी है और बिना उचित आधार के ऐसे प्रतिबंध जारी नहीं रखे जा सकते। इसी आधार पर कोर्ट ने ब्लॉकिंग आदेश रद्द करते हुए X को CJP का अकाउंट तत्काल प्रभाव से बहाल करने का निर्देश दिया।
'कॉकरोच जनता पार्टी' की शुरुआत सोशल मीडिया पर एक व्यंग्यात्मक पहल के रूप में हुई थी। शुरुआती दिनों में इसे एक मीम प्लेटफॉर्म माना गया, लेकिन धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिलने लगा। इसके बाद यह मंच विभिन्न सरकारी नीतियों और व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला अभियान बन गया।
इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनने के महज पांच दिनों के भीतर CJP के 1.35 करोड़ फॉलोअर्स हो गए थे। फिलहाल इंस्टाग्राम पर इसके 2.19 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं। X पर भी इसकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता चर्चा का विषय रही थी।
5 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला
21 मई 2026 को अकाउंट ब्लॉक हुआ
केंद्र सरकार के निर्देश पर X ने भारत में CJP का आधिकारिक अकाउंट अस्थायी रूप से ब्लॉक कर दिया था।
सरकार की क्या चिंता थी?
सरकार का कहना था कि NEET री-टेस्ट से पहले की गई कुछ पोस्ट छात्रों और अभिभावकों में भ्रम फैला सकती हैं।
अभिजीत दिपके कोर्ट क्यों पहुंचे?
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सरकार के ब्लॉकिंग आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
कोर्ट ने क्या फैसला सुनाया?
हाई कोर्ट ने कहा कि परीक्षा खत्म हो चुकी है, इसलिए प्रतिबंध का आधार भी खत्म हो गया है और अकाउंट बहाल किया जाना चाहिए।
फैसले का क्या महत्व है?
अदालत ने साफ किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए गए सरकारी प्रतिबंधों की न्यायिक समीक्षा जरूरी है और ऐसे आदेश अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखे जा सकते।

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