इंदौर। इंदौर में पदस्थ एक लेडी कॉन्स्टेबल ने हेड कॉन्स्टेबल पर छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक हेड कॉन्स्टेबल उसका लगातार पीछा कर रहा है, कार में बंधक बनाकर धमकी दे चुका है और शादी करने का दबाव बना रहा है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल देवास पुलिस लाइन में पदस्थ है, जिसके खिलाफ लेडी कॉन्स्टेबल की शिकायत पर इंदौर के बाणगंगा थाने में मामला दर्ज किया गया है।
लेडी कॉन्स्टेबल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि एक साल पहले जब वो देवास में पदस्थ थी, तब उसकी पहचान हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा से हुई थी। शुरुआत में उनके बीच बातचीत होती थी लेकिन बाद में राहुल शर्मा फोन कर उसे परेशान करने लगा। कई बार राहुल शर्मा को समझाया लेकिन इसके बावजूद वो नहीं माना और फोन कर शादी के लिए दबाव बनाने लगा। राहुल शर्मा की हरकतों से परेशान होकर लेडी कॉन्स्टेबल ने अपना ट्रांसफर देवास से इंदौर करा लिया।
लेडी कॉन्स्टेबल के मुताबिक देवास से इंदौर ट्रांसफर कराने के बाद भी आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। वो लगातार उसे फोन करता रहा, जब परेशान होकर उसने राहुल शर्मा का नंबर ब्लॉक कर दिया तो वो नंबर बदल-बदलकर फोन करने लगा। इतना ही नहीं इंदौर आकर उसका पीछा करता है। कुछ दिन पहले जब वो एक आरोपी का मेडिकल कराने के लिए अस्पताल गई थी, तब राहुल शर्मा वहां भी पहुंच गया और बात करने पर मना किया तो विवाद किया।
लेडी कॉन्स्टेबल ने अपनी शिकायत में ये भी बताया है कि एक दिन आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा ने उसे जबरदस्ती अपनी कार में बैठा लिया। उसका मोबाइल छीन लिया और शादी का दबाव बनाया। इसी दौरान जब मोबाइल पर मां का कॉल आया तो उसने मां को बताया कि राहुल ने उसे कार में बंधक बना लिया है, इसके बाद पिता व भाई जब मौके पर पहुंचे तो राहुल वहां से भाग गया। पुलिस ने पीड़ित लेडी कॉन्स्टेबल की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है।
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चिता आंदोलन’ का सातवां दिन: आंशिक जीत के बाद भी जल-मिट्टी सत्याग्रह और आमरण अनशन जारी
पन्ना। केन-बेतवा लिंक समेत विभिन्न परियोजनाओं से विस्थापित परिवारों का ‘चिता आंदोलन’ सातवें दिन भी उग्र रूप से जारी रहा। सरकार के रूंझ और मझगांय क्षेत्र में मुआवजा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये करने और पन्ना के लिए 39 करोड़ रुपये स्वीकृत करने को प्रदर्शनकारियों ने अपनी आंशिक जीत माना है। हालांकि, उनका साफ कहना है कि जब तक शत-प्रतिशत पीड़ितों को न्याय और भ्रष्टाचार के दोषियों को जेल नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
भारी बारिश के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का आमरण अनशन चौथे दिन, मिट्टी सत्याग्रह तीसरे दिन और जल सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और किसान डटे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने चार सूत्रीय मांगें रखी हैं। सभी विस्थापितों को भूमि और आवास का सम्मानजनक हक मिले। परियोजनाओं में हुए कथित घोटाले की उच्च-स्तरीय स्वतंत्र जांच हो।
इसके साथ ही संलिप्त भ्रष्ट अधिकारियों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए। विस्थापितों को डराने-धमकाने की प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत बंद करने की भी मांग की हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मुआवजे की नहीं, बल्कि सम्मान की है। जब तक हर पीड़ित को न्याय नहीं मिलता, पीछे नहीं हटेंगे।
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500 रुपए के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा: दुकान में घुसकर चाचा-भतीजे को बेरहमी से पीटा, Video वायरल
पन्ना। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए तहसील कार्यालय के पास सरेआम गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मात्र 500 रुपये की उधारी के विवाद में बेखौफ दबंगों ने एक रजिस्ट्री लेखक की दुकान में घुसकर दो लोगों पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। इस बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना बुधवार 8 जुलाई की है, जब मयंक पटेल (21) अपने चाचा ब्रजकिशोर पटेल की दुकान पर था। तभी देवगांव निवासी विनोद पटेल अपने तीन साथियों (सुनील, लवकुश और राजकरण) के साथ बाइक से पहुँचा। उधारी के पैसे तुरंत न मिलने पर आरोपी भड़क गए और मयंक को जमीन पर पटक कर पीटने लगे। बीच-बचाव करने आए चाचा ब्रजकिशोर पर भी हमलावरों ने कहर ढा दिया।
दबंगों ने दुकान का मॉनिटर तोड़कर ₹10,000 का नुकसान किया और मयंक व उसके चाचा पर मोटरसाइकिल की चाबी घोंप दी, जिससे दोनों लहूलुहान हो गए। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी दे गए। 9 जुलाई (गुरुवार) को वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई अजयगढ़ थाना पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
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