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विकास के दावों पर सवाल: कीचड़ का रास्ता... बुजुर्ग महिला को खाट पर लिटाकर 1.5 किमी पैदल अस्पताल ले गए ग्रामीण

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मध्य प्रदेश के सतना जिले से विकास के दावों पर सवाल खड़ा करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। कोठी तहसील की गौरैया ग्राम पंचायत के रामपुरा गांव में सड़क खराब होने की वजह से एक लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर लिटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल अस्पताल पहुंचाना पड़ा। बताया जा रहा है कि महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन घुटनों तक कीचड़ भरे रास्ते के कारण चालक गांव के अंदर जाने को तैयार नहीं हुआ।
करीब 100 घरों की आबादी वाले रामपुरा गांव के निवासी दुर्गेश त्रिवेदी ने बताया कि लगभग 20 साल पहले पीडब्ल्यूडी ने यहां डब्ल्यूबीएम सड़क बनाई थी। इसके बाद कभी मरम्मत नहीं हुई। अब सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क मुख्य सड़क से लगभग टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को होती है।
गांव की महिला सरपंच गोलू डोहर ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए एक साल पहले इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में शामिल कराया गया था। लेकिन अब तक विभाग की ओर से टेंडर जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में हालात बेहद खराब हो जाते हैं।
मामले पर कोठी के एसडीएम एलआर जांगड़े ने कहा कि मुख्य सड़क बनी हुई है, लेकिन गांव के अंदर तक जाने वाला छोटा रास्ता लगातार बारिश के कारण खराब हो गया था। इसी वजह से उस दिन छोटे वाहन वहां तक नहीं पहुंच सके और मरीज को खाट पर ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पक्की सड़क नहीं बनाई गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, इस मामले में क्षेत्रीय विधायक और नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।

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