एक बार फिर डिलीवरी बॉय की शर्मनाक करतूत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। मामला पश्चिम बंगाल के खड़दहा (Khardaha) का है। यहां डिलीवरी बॉय ने बीच सड़क पर महिला को प्राइवेट पार्ट दिखाया। हालांकि डिलीवरी बॉय ने जिस महिला को प्राइवेट पार्ट दिखाया, वो लेडी कॉन्स्टेबल निकली। इसके बाद लड़की आरोपी युवक को 400 मीटर दूर थाने तक घसीटकर ले गई। लेडी कॉन्स्टेबल की हिम्मतभरा यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
खड़दहा के व्यस्त बीटी रोड पर महिला स्कूटी पर बैठी हुई थी। उस समय वह वर्दी में नहीं थी। इसी दौरान वहां एक डिलीवरी बॉय पहुंचा। युवक ने बीच सड़क पर खड़े होकर पैंट की चेन खोलकर महिला को अपना प्राइवेट पार्ट दिखाने लगा। साथ ही अश्लील इशारे भी किए। उसे शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि जिस महिला को वह परेशान कर रहा है, वह लेडी कॉन्स्टेबल है।
इसके बाद युवक की हरकत देखकर महिला कॉन्स्टेबल ने स्कूटी से उतरी और आरोपी के पास जाकर उसका कॉलर पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। महिला महिला कांस्टेबल आरोपी डिलीवरी बॉय का कॉलर पकड़कर उसे 400 मीटर दूर थाने तक घसीटकर ले गई। इल दौरान 400 मीटर तक लोग पूरे वाकये को हैरानी से देखते रहे
पुलिस ने आरोपी की पहचान आकाश घोष के रूप में की है। वह एक डिलीवरी एजेंट है। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में भी आरोपों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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रथ यात्रा के दौरान बड़ा हादसा: भीड़ में मची भगदड़ से एक श्रद्धालु की मौत, कई गंभीर
पुरी। विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के दौरान आज उस समय एक अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई, जब भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए उमड़े जनसैलाब में अत्यधिक भीड़ के कारण भगदड़ मच गई। बड़ादांड (Grand Road) पर मची इस भगदड़ में दबने और दम घुटने के कारण एक श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गया है। इसके अलावा कई अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के दर्शन तथा रथ खींचने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे थे। रथ यात्रा के दौरान बड़ादांड पर भीड़ का दबाव अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया, जिससे कुछ जगहों पर स्थिति प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो गई। श्रद्धालुओं के बीच आगे बढ़ने की होड़ में अचानक धक्का-मुक्की और ठेलमठेल शुरू हो गई। इसी अफरा-तफरी के बीच पैर फिसलने से कुछ श्रद्धालु जमीन पर गिर गए और भीड़ के नीचे दब गए।
घटनास्थल पर तैनात पुलिस बल और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों (जैसे सेंट जॉन एम्बुलेंस) के सदस्यों ने बिना समय गंवाए मुस्तैदी दिखाई। उन्होंने तुरंत भीड़ के बीच से प्रभावित श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला और एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी जिला मुख्य अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक श्रद्धालु को मृत घोषित कर दिया, जबकि दूसरे गंभीर रूप से घायल व्यक्ति का आपातकालीन वार्ड में इलाज जारी है।
इस दुखद हादसे की खबर फैलते ही आस्था के इस महापर्व के बीच बड़ादांड पर शोक की लहर दौड़ गई है। हालांकि जिला और पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, लेकिन इस अनपेक्षित हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (SJTA) और जिला प्रशासन ने स्थिति को संभालते हुए सभी भक्तों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षा घेरे का पालन करते हुए अनुशासित तरीके से दर्शन करने की अपील की है।
हादसे के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बड़ादांड और रथों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। अतिरिक्त पुलिस बलों को तैनात कर भीड़ को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करें और धैर्यपूर्वक महाप्रभु के दर्शन करें।
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मुस्लिम शिक्षिका ने हिंदू बच्चों को कलमा पढ़ायाः लोगों का प्रदर्शन, शिक्षिका बर्खास्त, प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद से शॉकिंग मामला सामने आया है। यहां के प्राइवेट स्कूल में मुस्लिम शिक्षिका ने सेकंड क्लास के हिंदू बच्चों को कलमा पढ़ाया। साथ ही कलमा एक और दो पढ़कर आने का होमवर्क भी दे दिया। दूसरी कक्षा के मासूम बच्चों को दूसरे धर्म के धार्मिक होमवर्क देने पर विवाद बढ़ गया। घटना के सामने आते ही छात्र के माता-पिता. लोग और BJP नेताओं ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए स्कूल प्रशासन ने आरोपी शिक्षिका को बर्खास्त कर दिया है। वहीं लोग प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
दरअसल पूरा मामला हैदराबाद के सईदआबाद का है। यहां प्राइवेट स्कूल ‘सक्सेस द स्कूल’ में मुस्लिम शिक्षिका ने सेकंड क्लास के हिंदू बच्चों को कलमा पढ़ाया। घटना की जानकारी उस समय बाहर आई, जब पीड़ित छात्र की रिश्तेदार की नजर बच्चे की डायरी पर गई।
इधर, धार्मिक होमवर्क की बात फैलते ही बुधवार को स्कूल परिसर के बाहर भारी संख्या में लोग और भाजपा कार्यकर्ता एकत्र हो गए। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्कूल की मान्यता तुरंत रद्द करने, इसे स्थायी रूप से बंद करने और प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग की। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हैदराबाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और विरोध प्रदर्शन कर रहे कई भाजपा कार्यकर्ताओं व अभिभावकों को हिरासत में ले लिया। इस बीच, भाजपा नेता और जाने-माने अधिवक्ता करुणा सागर भी स्कूल परिसर पहुंचे, जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। करुणा सागर ने पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “मैं यहां पुलिस से ये पूछने आया हूं कि इस मामले में अब तक प्राथमिकी (FIR) क्यों दर्ज नहीं की गई है? हमारी मांग है कि उस प्रिंसिपल को तुरंत गिरफ्तार किया जाए जो मासूम छात्रों पर यह सब थोप रहा है।
भाजपा नेता अंदेला श्रीरामुलु यादव ने स्कूल के पाठ्यक्रम पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कक्षा दो के बच्चों को कलमा क्यों पढ़ाया जा रहा है? मासूम बच्चे खुद बयां कर रहे हैं कि स्कूल के भीतर क्या हुआ। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एआईएमआईएम (AIMIM) नेताओं का हाथ होने का दावा किया।
वहीं मामला तूल पकड़ते ही सक्सेस ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के प्रबंधन ने सख्त कदम उठाते हुए सईदआबाद शाखा में मदर टीचर के पद पर कार्यरत शिक्षिका की सेवाएं 16 जुलाई से तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। प्रिंसिपल द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि उक्त शिक्षिका को भविष्य में भी इस ग्रुप के किसी भी संस्थान में रोजगार के लिए आवेदन करने से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वहीं मामले में पीड़ित बच्चे की श्तेदार सुप्रिया गौड़ ने कहा कि कल, मैं अपने भतीजे को लेने स्कूल गई थी और मैंने देखा कि उसकी डायरी में कुछ ऐसा लिखा था जो सब्जेक्ट से जुड़ा नहीं था। मैंने एक टीचर को कलमा और सुक्रालफेट पढ़ने के लिए लिखते देखा। यह बिल्कुल गलत है… अगर आप शिक्षा दे रहे हैं, तो बस वही करें। अलग-अलग धर्मों, अलग-अलग पहलुओं से स्टूडेंट शिक्षा लेने आ रहे हैं। वे अच्छी शिक्षा के लिए आ रहे हैं… कलमा और सुक्रालफेट सब्जेक्ट का हिस्सा नहीं है, यह एक धार्मिक किताब है। इसे मिक्स न करें। अगर आप इसे सब्जेक्ट बनाना चाहते हैं, तो प्लीज़ भगवद गीता, बाइबिल को सब्जेक्ट के तौर पर रखें। मैं स्कूल मैनेजमेंट की बहुत शुक्रगुजार हूं क्योंकि उन्होंने इस पर सख्त एक्शन लिया है। हमने डायरी देखी है और हमने अपनी आवाज उठाई है। मुझे नहीं पता कि कितनी डायरियों में और कितने स्टूडेंट में ऐसा होता रहा है।



