This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

कपड़े उतारे, योग मुद्रा में बैठाया… फिर बरसाए बेल्ट; नवोदय हॉस्टल में छात्र के साथ रैगिंग

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active
 

झारखंड के धनबाद जिले के निरसा स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), बेनागड़िया से रैगिंग और छात्र उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय के हॉस्टल में कक्षा 10 के एक छात्र के साथ कथित तौर पर पांच सहपाठियों ने बेल्ट से बेरहमी से मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं। भौगोलिकसंदर्भ
जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र गोविंदपुर प्रखंड के एक गांव का निवासी है। आरोप है कि मंगलवार देर रात हॉस्टल में मोबाइल से पैसे ट्रांसफर करने को लेकर कुछ छात्रों के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर पांच छात्रों ने कथित तौर पर उसे बेल्ट से पीटा।
वायरल वीडियो में पीड़ित छात्र अर्धनग्न अवस्था में दिखाई देता है। आरोप है कि आरोपी छात्रों ने उसे जबरन योग मुद्रा में बैठाया, बेल्ट से लगातार पीटा और पुशअप्स भी करवाए। साथ ही, घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
दहशत के कारण छात्र दो दिनों तक चुप रहा। उसने स्कूल की नर्स से दर्द की दवा ली और परिजनों से भी सब कुछ सामान्य होने की बात कही। बाद में दर्द बढ़ने और तबीयत बिगड़ने पर उसने परिवार को पूरी घटना बताई। सूचना मिलते ही परिजन विद्यालय पहुंचे। छात्र को पहले पांडरा उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए धनबाद के एसएनएमएमसीएच रेफर किया गया। फिलहाल उसका इलाज जारी है।
घटना के बाद विद्यालय प्रशासन ने जांच समिति गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रबंधन का कहना है कि हॉस्टल में छात्रों को मोबाइल रखने की अनुमति नहीं है, लेकिन कुछ अभिभावक नियमों के विपरीत बच्चों को मोबाइल उपलब्ध करा देते हैं। प्रशासन ने दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, हॉस्टल के कमरों में सीसीटीवी नहीं होने को लेकर प्रबंधन ने छात्रों की निजता का हवाला दिया है।
---------------------------------
अब राष्ट्रगीत का अपमान करना पड़ेगा महंगा…हो सकती है 3 साल की जेल; अमित शाह पेश करेंगे वंदे मातरम बिल
केंद्र सरकार 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने, उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालने या कार्यक्रम के दौरान व्यवधान उत्पन्न करने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को सबसे पहले राज्यसभा में पेश कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकता है, बीच में बाधा डालता है या किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में इसके गायन के दौरान हंगामा करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। प्रस्तावित कानून में ऐसे मामलों में अधिकतम तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान रखा गया है। सरकार का तर्क है कि जिस प्रकार राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को कानूनी संरक्षण और सम्मान प्राप्त है, उसी प्रकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को भी समान सम्मान मिलना चाहिए।
लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के अनुसार, यह विधेयक राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसे संसद में पेश करने, विचार करने और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि, अंतिम स्वरूप और प्रावधान संसद में पेश होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
सरकारी सूत्रों का दावा है कि सरकार को इस विधेयक के पारित होने को लेकर पर्याप्त विश्वास है। रणनीतिकारों का मानना है कि जरूरत पड़ने पर आवश्यक समर्थन जुटाने के लिए सरकार के पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है। कुछ क्षेत्रीय दलों से भी संवाद जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
मानसून सत्र के दौरान विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA Amendment Bill) पर भी चर्चा और पारित कराने की तैयारी है। यह विधेयक बजट सत्र में लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन उस समय इस पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका था।
--------------------------------
फिर बढ़ी कोरोना की हलचल : 20 दिनों में 12 नए केस और 4 मौतें, NIV करेगी नए वैरिएंट की जांच
अमरावती। देश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर धीरे-धीरे दस्तक देता नजर आ रहा है। आंध्र प्रदेश में पिछले 20 दिनों के भीतर कोविड-19 के 12 नए मामले सामने आए हैं, जबकि चार मरीजों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी मृतक पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित थे। वायरस के नए वैरिएंट का पता लगाने के लिए पांच सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं। पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने भी सीमा से लगे इलाकों में एहतियाती कदम बढ़ा दिए हैं।
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य में इस साल पहला कोरोना संक्रमित मरीज 26 जून को कडप्पा जिले में मिला था। इसके बाद 16 जुलाई तक कुल 12 नए संक्रमितों की पुष्टि हुई। इनमें कुछ मरीज संक्रमित लोगों के संपर्क में आने के बाद कोविड पॉजिटिव पाए गए।
स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त वीरा पांडियन ने बताया कि जिन चार मरीजों की मौत हुई, वे पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। मृतकों में कडप्पा जिले के 3 मरीज और काकीनाडा जिले का 1 मरीज शामिल है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि, मौत का मुख्य कारण पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं थीं।
राज्य सरकार ने कोविड के नए वैरिएंट की पहचान के लिए पांच सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे हैं। इनकी जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संक्रमण किस वैरिएंट से जुड़ा है।
स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने बताया कि सभी संक्रमित अलग-अलग क्षेत्रों से मिले हैं। फिलहाल किसी एक इलाके में संक्रमण का समूह (क्लस्टर) नहीं बना है। इसलिए व्यापक स्तर पर संक्रमण फैलने जैसी स्थिति नहीं है।
विशाखापत्तनम के किंग जॉर्ज अस्पताल (KGH) की अधीक्षक डॉ. वाणी के अनुसार, एक मरीज में कोरोना जैसे लक्षण दिखाई देने पर पहले निजी लैब में जांच कराई गई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सरकारी अस्पताल में दोबारा टेस्ट किया गया, जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई।
आंध्र प्रदेश में नए मामलों के बाद पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। तुमकुरु जिले की डिप्टी कमिश्नर शुभा कल्याण ने बताया कि आंध्र प्रदेश से सटे इलाकों में निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि संक्रमण को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव और स्वास्थ्य सचिव वीरा पांडियन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें। राज्य के सभी अस्पतालों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को अलर्ट पर रखा गया है। लोगों से लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
कोरोना के प्रमुख लक्षण
बुखार
सूखी खांसी
गले में खराश
नाक बहना
सिरदर्द
शरीर में दर्द
थकान
सांस लेने में तकलीफ
कोरोना से बचाव के आसान उपाय
नियमित रूप से हाथ धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
खांसी-जुकाम होने पर मास्क पहनें।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहें।
लक्षण दिखने पर कोविड टेस्ट कराएं।
बुजुर्ग और गंभीर बीमारी वाले लोग विशेष सावधानी बरतें।
डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज और आइसोलेशन अपनाएं।

© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme