मैहर। मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में करीब 27.81 लाख रुपए कीमत के खाद्यान्न की कमी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समिति रामगढ़ की ओर से संचालित बिधुई खुर्द की उचित मूल्य दुकान के विक्रेता अवधेश चतुर्वेदी और सहायक विक्रेता दीपक चतुर्वेदी पर मार्च से जून 2026 के बीच हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट लेने के बावजूद खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। जांच में दुकान पर 12 लाख 92 हजार 987 रुपए कीमत का खाद्यान्न कम पाया गया।
इसी समिति की अमझर स्थित उचित मूल्य दुकान में भी इसी तरह की अनियमितता सामने आई। जहां जांच के दौरान 14 लाख 88 हजार 103 रुपए कीमत का खाद्यान्न कम मिला। दोनों मामलों में पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दीपक चतुर्वेदी (37), निवासी बिछिया खुर्द, थाना ताला को शनिवार की शाम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आरोपी अवधेश चतुर्वेदी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में की गई। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल पर FIR, नाबालिग छात्रा संग छेड़छाड़ का आरोप
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बेहद शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य (प्रिंसिपल) पर एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप लगा है. छात्रा की लिखित शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी प्राचार्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद भी अब तक प्राचार्य की गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों और राजनीतिक संगठनों में गहरा आक्रोश है.
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा ने करीब एक माह पहले अपने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंचकर प्राचार्य के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद प्राचार्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था. मामला दर्ज होने के बावजूद लंबे समय तक आरोपी प्राचार्य की गिरफ्तारी न होने के कारण अब यह पूरा मामला तूल पकड़ता जा रहा है.
प्राचार्य की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर रविवार को स्कूल परिसर के बाहर माहौल गरमा गया. कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नवोदय विद्यालय के सामने एकत्रित होकर उग्र प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि नाबालिग छात्रा से जुड़े इस गंभीर मामले में आरोपी प्राचार्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए.
स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर अपना विरोध जताया. लोगों का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक स्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल बने रहेंगे.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर सभी कानूनी प्रक्रियाओं और बयानों की जांच की जा रही है. पुलिस की टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हैं और जल्द ही मामले में वैधानिक कार्रवाई करते हुए अग्रिम कदम उठाए जाएंगे.
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‘हाथ में किताब की जगह सड़कों पर उतरे नौनिहाल!’ 40 KM पैदल कलेक्टर दफ्तर निकले बच्चे
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से प्रशासनिक संवेदनहीनता और जनसमस्याओं से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक तरफ पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा था, वहीं महाराजपुर तहसील के ग्राम टटम के स्कूली बच्चे अपनी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। टेंट लगाकर धरना दे रहे ग्रामीणों और बच्चों से जब कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा तो बच्चों ने खुद 40 किलोमीटर दूर छतरपुर कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल ही मार्च शुरू कर दिया।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलकर जब बच्चे महाराजपुर पहुंचे तो उनके समर्थन में गांव के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में जुड़ गए। बच्चों की मांग है कि महाराजपुर विधायक कामाख्या प्रताप सिंह ‘टीका राजा’ स्वयं धरना स्थल पर आकर उनकी समस्या सुनें।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विधायक धरना स्थल से महज 10-12 किमी दूर थे, फिर भी वे मिलने नहीं आए। बच्चों ने तहसीलदार और एसडीएम से हाथ जोड़कर विधायक से बात कराने की मिन्नतें कीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
वहीं मामले में विधायक कामाख्या प्रताप सिंह का कहना है कि उनके प्रस्ताव पर टटम गाँव की सड़क को ‘प्रधानमंत्री सड़क योजना’ से जोड़ दिया गया है।
आक्रोशित बच्चों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।


