शाजापुर। जब कानून के रखवाले ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता इंसाफ की गुहार किससे लगाए? मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ग्राम इकलेरा से खाकी को दागदार करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ पट्टे की जमीन पर प्लॉट के विवाद को लेकर शाजापुर जिला मुख्यालय में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) दिलीप कुंभकार ने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीकांड में गोली लगने से एक बेकसूर युवक की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद राजगढ़ जिले के इकलेरा गाँव में पट्टे की जमीन पर प्लॉट को लेकर हुआ था। गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल इकलेरा निवासी दीपक मोहबे को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि मृतक दीपक का इस जमीन विवाद से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। वारदात में घायल संतोष और अन्य लोगों को शाजापुर जिले के शुजालपुर सिविल अस्पताल लाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए एक घायल को ICU में रखा गया है।
घायल संतोष का कहना है कि उन्होंने पट्टे के प्लॉट विवाद को लेकर पहले ही पुलिस चौकी में आवेदन दिया था, लेकिन समय रहते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रविवार को जब वे प्लॉट पर पहुंचे, तो विवाद और झूमाझटकी के बीच आरोपी ASI दिलीप कुंभकार ने अपनी पिस्टल निकालकर गोलियां चला दीं।
घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़ जिले की पुलिस टीम शुजालपुर पहुँची और आरोपी ASI दिलीप कुंभकार को हिरासत में ले लिया है। मृतक दीपक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शुजालपुर मंडी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
--------------------------------------
नागपंचमी पर मुंह सिले 20 से ज्यादा कोबरा रेस्क्यू, 12 कथित बाबा और सपेरे गिरफ्तार
जबलपुर। नागपंचमी के पावन पर्व पर आस्था के नाम पर बेजुबान सांपों के साथ होने वाली क्रूरता के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर वन विभाग की टीम ने ‘ऑपरेशन स्नेक’ चलाकर घर-घर जाकर नुमाइश करने वाले 12 से अधिक सपेरों और कथित बाबाओं को गिरफ्तार किया है।
खुद के चंद रुपयों के फायदे के लिए ये आरोपी कोबरा जैसे विषैले सांपों का मुंह धागे से सिल देते थे और घर-घर जाकर दूध पिलाने के नाम पर अंधविश्वास फैलाते थे। वन विभाग ने मौके से 20 से अधिक कोबरा सांपों को मुक्त कराया है। मुंह सिले होने और चोटिल होने के कारण सभी रेस्क्यू किए गए सांपों को तुरंत इलाज के लिए वेटनरी अस्पताल भेजा गया है।
वन विभाग की टीमों की शहर भर में ताबड़तोड़ छापेमारी और धरपकड़ जारी है। गौरतलब है कि पिछले साल भी वन विभाग ने नागपंचमी के मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए 50 से ज्यादा सांपों को ढोंगी बाबाओं के चंगुल से छुड़ाया था। विभाग ने साफ किया है कि वन्यजीवों के साथ क्रूरता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
--------------------------------------
छात्रावास की बदहाली से तंग आकर रात में खिड़की से कूदीं 40 छात्राएं, थाने पहुंचकर बयां किया दर्द
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित निसरपुर के माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर हड़कंप मच गया। बीती रात करीब 10 बजे छात्रावास की 91 में से लगभग 40 छात्राएं अव्यवस्थाओं से तंग आकर कमरे की खिड़की से नीचे कूदीं और रात के अंधेरे में ही पैदल कुक्षी थाने की ओर निकल पड़ीं। छात्राओं को अचानक सड़क पर पैदल जाते देख स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई और वे सुरक्षा के लिहाज से उनके साथ चलने लगे।
थाने पहुंचीं छात्राओं ने छात्रावास प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। छात्राओं का आरोप है कि 50 बेड की क्षमता वाले इस छात्रावास में 140 छात्राओं को ठूंस-ठूंस कर रखा गया है। उन्हें मेन्यू के अनुसार खाना और नाश्ता नहीं दिया जाता। जब वे भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करती हैं, तो उन्हें यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि “खाना पसंद नहीं है तो मत खाओ।” छात्राओं ने यह भी खुलासा किया कि अधिकारियों के निरीक्षण वाले दिन तो व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाती हैं, लेकिन उनके जाते ही स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है।
निसरपुर से खंडवा-बड़ौदा मार्ग पर पैदल चलने के दौरान एक छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसे तुरंत कुक्षी के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। निसरपुर पुलिस के काफी समझाने के बावजूद छात्राएं अपनी शिकायतों को लेकर थाने जाने पर अड़ी रहीं। इसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने वाहनों का प्रबंध कर सभी छात्राओं को सुरक्षित कुक्षी थाने पहुँचाया।
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, एसडीओपी सुनील गुप्ता, टीआई दीपक चौहान और चौकी प्रभारी भुवानसिंह चौहान सहित भारी प्रशासनिक अमला थाने पहुंचा। वहीं जयस (JAYAS) के रविराज बघेल भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं का समर्थन किया। अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वासन दिया है कि सुबह एसडीएम के साथ छात्रावास का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से छात्राओं को वापस छात्रावास छोड़ दिया गया। जयस नेता ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार नहीं हुआ और वार्डन ने छात्राओं पर किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश की, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अपराध



