


मैहर। मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरी मैहर में एक चौंकाने वाला हनी ट्रैप का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती के जाल में फंसाकर एक शातिर युवती ने युवक को अपने कमरे में बुलाया और उसके साथियों के साथ मिलकर मारपीट की, नग्न वीडियो बनाया तथा ब्लैकमेल कर 56 हजार रुपये UPI के माध्यम से ट्रांसफर करवा लिए।
पीड़ित युवक, जो भदनपुर क्षेत्र से आया था, रात 1:30 बजे तक बंधक बनाकर रखा गया। सुबह 10 बजे से शुरू हुई यह घटना रात भर चली, जिसमें युवक को पहले डोसा खिलाया गया, फिर तीन अन्य साथियों ने कमरे में आकर उसकी पिटाई की। आरोपियों ने नग्न अवस्था में वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और पैसे ऐंठे।
पीड़ित युवक ने तुरंत मैहर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और मुख्य आरोपी महिला उसके एक पुरुष साथी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी महिला से मोबाइल भी बरामद हुआ है। पुलिस दो अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द पूरे गैंग का खुलासा करने का दावा कर रही है।
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1 रुपये का इनाम पड़ा भारी: शातिर माफिया सरेंडर करने खुद पहुंचा थाने, एक महीने से था फरार
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर पुलिस की अनोखी और सख्त रणनीति ने आखिरकार शराब तस्करी के एक शातिर माफिया को घुटनों पर ला दिया। एक महीने से फरार चल रहे इस आरोपी पर पुलिस ने महज 1 रुपये का प्रतीकात्मक इनाम घोषित कर उसकी असली हैसियत समाज के सामने उजागर कर दी।
आरोपी के खिलाफ कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह चार महीने पहले ही शराब तस्करी के मामले में जेल से बाहर आया था, लेकिन रिहाई के बाद फिर से उसी अवैध धंधे में जुट गया। कानून को ठेंगा दिखाने वाले ऐसे अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने के लिए उठाया गया यह कदम कारगर साबित हुआ और सामाजिक बदनामी के डर से 1 रुपये का इनामी यह आरोपी खुद ही थाने पहुंच गया। इसके बाद नरसिंहपुर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश कर दिया।
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कलेक्टर का गनमैन बताकर 9 लाख रुपये ऐंठे, तीन जालसाजों के खिलाफ केस दर्ज
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में ठगी और जालसाजी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे ही दो अलग-अलग थाना क्षेत्र से घटना सामने आई है, जहां कलेक्टर का गनमैन बताकर मदनमहल निवासी से 9 लाख रुपए ऐंठ लिए गए। इधर सिहोरा थाना क्षेत्र में भी निजी कंपनी के दो सीनियर मैनेजरों ने 4 लाख रुपए हड़प लिए।
मदनमहल थाना क्षेत्र निवासी तपन पाल से तीन जालसाजों ने कलेक्टर का गनमैन बताकर 9 लाख रुपये ऐंठ लिए। शिकायत के बाद तीन जालसाजों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर किया है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित से संपत्ति के दस्तावेजों में सुधार कराने के नाम पर रकम ली, इसमें नामान्तरण, सीमांकन और फेंसिंग के नाम पर
आरोपी अतुल गुप्ता, अमित तिवारी और संजय पटेल ने 9 लाख रुपये लिए और जल्द काम होने का झांसा दिया था। लेकिन उनका काम भी नहीं हुआ और ना ही रकम वापस लौटाई गई। जिसके बाद ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
दूसरा मामला सिहोरा थाना क्षेत्र का है, जहां निजी फायनेंस कंपनी ने शिकायत की कि दो सीनियर मैनजरों ने लोन की रकम ग्राहकों से वसूल कर बैंक में जमा ही नहीं की। आरोपी आकाश रजक और रत्नेश तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपी निजी कंपनी के लोन वसूली का काम देखते थे। जब ग्राहकों के पास लोन वसूली के नोटिस पहुंचे तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। सिहोरा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की शुरू कर दी है।
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक साल पहले तेजाजी नगर पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल दो करोड़ रुपये की एमडी ड्रग की काल्पनिक बरामदगी का दावा किया था, लेकिन अब वही ड्रग्स केंद्रीय लेब की रिपोर्ट में यूरिया निकली है। जांच के दौरान जब कथित एमडी नमूनों को भोपाल स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया, तब रिपोर्ट में कोई भी मादक तत्व नहीं पाया गया। यह खुलासा अदालत में पेश रिपोर्ट में हुआ, जिससे मामले की सच्चाई उजागर हुई और पुलिस की जांच पर सवाल उठे।
दरअसल तेजाजी पुलिस ने फरवरी 2025 में एक प्रकरण दर्ज किया था जिसमें 198 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त होना बताया गया था। जिसमें विजय, शाहनवाज, राजा और आजाद नगर थाने के कांस्टेबल लखन गुप्ता को आरोपी बनाया गया था। पुलिस जांच में बताया गया था कि चेकिंग के दौरान दो आरोपियों से जांच के दौरान एमडी ड्रग्स जब्त की गई थी, जबकि आरक्षक लखन और शाहनवाज को ड्रग्स सप्लाई चेन का सहयोगी बताया गया था। जब्त की गई एमडी ड्रग्स की कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई गई थी। इस मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
हालांकि जब कोर्ट में चालान पेश किया जाना था तब तक जब्त किए गए ड्रग्स की भोपाल से आई फॉरेंसिक रिपोर्ट ने पूरे मामले को बदल दिया। जहां भोपाल लेब से मिली जांच रिपोर्ट में एमडी ड्रग्स को यूरिया दर्शाया गया, जिसके बाद जिला अदालत ने इंदौर पुलिस के केस को खारिज कर दिया है और सभी आरोपियों को राहत दी गई है। कोर्ट ने जांच प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल उठाए हैं और नमूनों को हैदराबाद के केंद्रीय FSL में दोबारा परीक्षण के लिए भेजने के निर्देश दिए ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। लेकिन हैदराबाद स्थित केंद्रीय FSL लेब से आई रिपोर्ट में भी इसे यूरिया बता दिया गया।
इस मामले में पीड़ितों के एडवोकेट नितिन भारद्वाज ने बताया कि तत्कालीन थाना प्रभारी और ट्रेनिंग पर इंदौर आए आईपीएस अधिकारी आदित्य सिंघानिया के रिकॉर्ड को मजबूत दिखाने के लिए यह पूरा फर्जी मामला तैयार किया गया था। जिसके तहत तत्कालीन आजाद नगर एसीपी आईपीएस करणदीप सिंह और आजाद नगर थाना प्रभारी ने मिलकर यह फर्जी मामला तैयार किया था और पुलिस कमिश्नर से दस दस हजार रुपए का इनाम भी लिया था। इस पूरे मामले में लैब की रिपोर्ट के आधार पर पूरा मामला बदल गया और सभी चारों आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। अब उनके पक्षकार मानहानि का दावा प्रस्तुत करने जा रहे हैं।
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रेत कंपनी के गुर्गों ने गांव में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी और की फायरिंग
नर्मदापुरम। इटारसी- सिवनी मालवा के कजलास गांव में रेत कंपनी से जुड़े लोगों ने खुलेआम गुंडागर्दी कर पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, पावर मेक रेत कंपनी से जुड़े लोग गांव में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया। एडिशनल एसपी के अनुसार, यह पूरा विवाद अवैध रेत उत्खनन से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि रेत कंपनी से जुड़े लोग बोलेरो वाहनों में भरकर गांव में घुसे। करीब 100 से 120 लोगों की भीड़ ने आते ही आतंक मचाना शुरू कर दिया। वे गाड़ियों में सवार होकर चिल्लाते रहे कोई मर्द हो तो सामने आओ। जो बीच बचाव में आया उन ग्रामीणों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। कई वाहनों में तोड़फोड़ की गई और एक ट्रैक्टर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। हमलावरों ने फायरिंग भी की, जिससे पूरे गांव में खौफ और तनाव का माहौल बन गया।
घटना के बाद महिलाएं और बच्चे घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। मारपीट और आगजनी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें रेत माफिया की दबंगई और आतंक साफ देखा जा सकता है। वहीं पूरे मामले में एडिशनल एसपी अभिषेक राजन ने बताया कि अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन और बाबा रामदेव का शीर्षासन: योगपीठ हरिद्वार में किया योग अभ्यास
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हरिद्वार के दौरे पर हैं। सीएम डॉ मोहन हरिद्वार में पतंजली योगपीठ पहुंचे। उन्होंने बाबा रामदेव के साथ योग का विभिन्न आसन किया। वे कन्या गुरुकुल में बाबा रामदेव के साथ हवन में भी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन और बाबा रामदेव के शीर्षासन की तस्वरी सामने आई है। दोनों ने साथ साथ शीर्षासन भी किया। सीएम के इस रूप को लोगों ने पहले बार देखा। मतलब डॉ मोहन यादव भी योग आसन करने में माहिर है। कोई एक दिन में शीर्षासन नहीं कर सकता है। वे नियमित रूप से योग और आसन करते हैं। इसी का परिणाम है कि उन्होंने बाबा रामदेव के साथ विभिन्न आसन किए।
सम्मान, सरलता, सहजता और संस्कार का मुख्यमंत्री ने फिर उदाहरण पेश किया। हरिद्वार में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पेश किया उदाहरण। यज्ञ वेदी में बैठने के पूर्व उन्होंने खुद के लिए बिछाया गया आसन बाबा रामदेव को सम्मानपूर्वक दिया
और स्वयं बगैर आसन बैठे। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव आज हरिद्वार पहुंचे थे और बाबा रामदेव से भेंट की। उन्होंने यहां योगाभ्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव को भारतीय योग संस्कृति के प्रसार के लिए भागीरथ की संज्ञा दी।
नई दिल्ली. मेघालय के ईस्ट जैंतिया हिल्स जिले से गुरुवार को एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई, जहां एक संदिग्ध अवैध रैटहोल कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है, वहीं कई अन्य मजदूरों के अभी भी खदान के भीतर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. घटना के बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
यह विस्फोट जिले के थांगस्कु इलाके में स्थित एक कथित अवैध रैटहोल कोयला खदान में गुरुवार सुबह उस समय हुआ जब मजदूर कोयला निकालने का काम कर रहे थे. शुरुआती जानकारी के अनुसार, खदान के भीतर डायनामाइट ब्लास्ट हुआ, जिससे खदान के संकरे सुरंगनुमा हिस्से ढह गए और अंदर काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए. पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक 18 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि खदान में मौजूद कुल मजदूरों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है.
घटना की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली. अमित शाह ने मुख्यमंत्री को हर संभव केंद्रीय सहायता का भरोसा दिलाया है. सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो केंद्र सरकार की अतिरिक्त राहत और बचाव टीमें भी मौके पर भेजी जाएंगी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फंसे हुए मजदूरों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना प्राथमिकता होनी चाहिए.
मेघालय के पुलिस महानिदेशक आई. नोंग्रांग ने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें मौके पर पहुंच गईं और सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया. उन्होंने कहा कि खदान बेहद संकरी और खतरनाक है, जिससे बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं. इसके बावजूद टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं कि अंदर फंसे मजदूरों को खोजा जा सके और शवों को बाहर निकाला जा सके. डीजीपी ने यह भी कहा कि कुछ मजदूरों के जिंदा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है.
ईस्ट जैंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार ने बताया कि इस हादसे में एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसे पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए शिलांग के अस्पताल में रेफर किया गया. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में खदान के अवैध रूप से संचालित होने के संकेत मिले हैं, हालांकि विस्फोट के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी. प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं.
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि ईस्ट जैंतिया हिल्स में हुई इस दुखद कोयला खदान दुर्घटना से वह बेहद व्यथित हैं. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस घटना की व्यापक जांच कराई जाएगी और जो भी लोग इसके लिए जिम्मेदार पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि लोगों की जान की कीमत पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा.
बताया जा रहा है कि जिस खदान में यह हादसा हुआ, वह रैटहोल माइनिंग पद्धति पर आधारित थी. यह पद्धति बेहद खतरनाक मानी जाती है, क्योंकि इसमें तीन से चार फीट ऊंची संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिनमें मजदूरों को घुटनों के बल या रेंगते हुए अंदर जाना पड़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की खदानों में वेंटिलेशन की कमी, गैस जमा होने और विस्फोट का खतरा हमेशा बना रहता है.
गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पर्यावरणीय नुकसान और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2014 में रैटहोल माइनिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था. बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी इस प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए केवल वैज्ञानिक और नियंत्रित तरीके से खनन की अनुमति दी थी. इसके बावजूद मेघालय के कुछ इलाकों में आज भी अवैध रूप से रैटहोल माइनिंग किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. इस हादसे ने एक बार फिर अवैध खनन और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खदान में काम करने वाले अधिकतर मजदूर बेहद गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं और अपनी जान जोखिम में डालकर रोजी-रोटी कमाने को मजबूर होते हैं. घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिजन बदहवासी की हालत में हैं. प्रशासन द्वारा मृतकों की पहचान और उनके परिवारों से संपर्क करने की प्रक्रिया जारी है.
इस बीच, राज्य सरकार ने राहत और मुआवजे को लेकर भी संकेत दिए हैं. अधिकारियों के अनुसार, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने पर विचार किया जा रहा है और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी. साथ ही अवैध खनन पर लगाम कसने के लिए सख्त कदम उठाने की बात भी कही जा रही है.
मेघालय में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अवैध रैटहोल माइनिंग न केवल पर्यावरण के लिए घातक है, बल्कि मजदूरों की जान के लिए भी एक बड़ा खतरा बनी हुई है. राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या सामने आता है और क्या इस घटना के बाद अवैध खनन के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी या नहीं.
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फिल्म घूसखोर पंडत पर मचा बवाल, मेकर के चेहरे पर कालिख पोतेंगे, टायटल पर विवाद, ब्राह्मण समाज में आक्रोश
मुंबई. नेटफ्लिक्स पर अभिनेता मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म घूसखोर पंडत का टीजर जारी होते ही विवाद खड़ा हो गया है. देश के कई शहरों में ब्राह्मण समाज ने फिल्म के टायटल का विरोध किया है. इधर उज्जैन में भी फिल्म के नाम को लेकर अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने विरोध दर्ज कराते हुए ऐसी फिल्म बनाने वालों के मुंह पर कालिख पोतने की बात कही है.
ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने 3 फरवरी को मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म घूसखोर पंडत का टीजर रिलीज किया था. रिलीज से पहले ही फिल्म के टायटल को लेकर विवादों में फंस गई है. फिल्म के टाइटल को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है. इसमें आरोप लगाया गया है कि फिल्म का शीर्षक ब्राह्मण समुदाय के प्रति अपमानजनक है. इधर जयपुर और दिल्ली के बाद अब उज्जैन में भी फिल्म पर रोक लगाने की मांग उठने लगी है.
अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष महेश शर्मा ने बताया कि फिल्म के नाम में ही पंडितों और ब्राह्मणों का अपमान है. देश में ब्राह्मणों, क्षत्रिय और वैश्य समाज को गाली देने का पैटर्न चल गया है. अपमानित करने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है. एक कानून पंडितों के लिए बनाना चाहिए. हम निंदा करते हैं ऐसे फिल्म मेकर की. वक्त आने पर पुतले जलाए जाएंगे, हमारी नजर के सामने आएंगे तो मुंह पर कालिख पोती जाएगी.
उज्जैन में तीर्थ पंडा समिति के पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि फिल्म में पंडितों की घोर निंदा की गई है, ये निंदनीय अपराध है. ब्राह्मण समाज फिल्म के टायटल की निंदा करता है. सेंसर बोर्ड से आग्रह करते हैं कि इस तरह की फिल्मों पर रोक लगाई जाए.
टीचर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में पंडित के नाम से जाना जाता है. फिल्म में उन्हें भ्रष्ट पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है. टीजर के मुताबिक दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया.
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रेवड़ी कल्चर पर सुप्रीम सुनवाई : 'चांद और सूरज को छोड़कर सब कुछ देने का वादा करती हैं पॉलिटिकल पार्टियां'
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर मार्च महीने में सुनवाई करने की सहमति दी है, जिसमें चुनाव से पहले मुफ्त उपहार देने या बांटने वाली राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में ऐसी पार्टियों का चुनाव चिन्ह जब्त करने या उनका पंजीकरण रद्द करने का निर्देश देने की अपील की गई है। याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ को बताया कि इस मामले में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को वर्ष 2022 में ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि सूर्य और चंद्रमा को छोड़कर राजनीतिक दल चुनाव के दौरान हर चीज का वादा करते हैं, जो एक तरह से भ्रष्ट आचरण है। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह निश्चित रूप से एक गंभीर और महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने याचिकाकर्ता से मार्च में इसे सूचीबद्ध कराने के लिए अदालत को याद दिलाने को कहा।
इससे पहले 25 जनवरी 2022 को तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश एन.वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा था। उस समय पीठ ने कहा था कि कई बार मुफ्त उपहारों का बजट नियमित बजट से भी अधिक हो जाता है, जो गंभीर चिंता का विषय है और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर डालता है।
याचिका में कहा गया है कि चुनाव से पहले सार्वजनिक धन से अतार्किक मुफ्त उपहार देने का वादा मतदाताओं को अनुचित रूप से प्रभावित करता है, जिससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया बाधित होती है। याचिका में इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के खिलाफ बताया गया है। साथ ही चुनाव आयोग से मांग की गई है कि वह चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश 1968 में संशोधन कर यह शर्त जोड़े कि कोई भी राजनीतिक दल चुनाव से पहले सार्वजनिक निधि से मुफ्त उपहारों का वादा नहीं करेगा।
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश की दबंगई ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पैसे के लेनदेन को लेकर आरोपी ने एक दलित युवक को न सिर्फ बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे मुर्गा बनाकर अमानवीय हरकत करने पर मजबूर किया। इतना ही नहीं आरोपी ने पूरी घटना का वीडियो भी बनवाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला अंबाह थाना क्षेत्र का है।
मुरैना के अंबाह थाना क्षेत्र में दबंगई की ये तस्वीरें समाज को झकझोर देने वाली हैं। रेत का पुरा निवासी जो कि पुलिस रिकॉर्ड में आदतन अपराधी बताया जा रहा है, उसने किराए से रहने वाले एक दलित युवक को पैसे समय पर न देने के विवाद में अपने घर बुलाया
बताया जा रहा है कि जैसे ही युवक वहां पहुंचा, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसके साथ मारपीट की। इसके बाद युवक को मुर्गा बनाकर अपमानित किया। इतने में आरोपी का मन नहीं भरा तो उसने सारी हदें पार करते हुए पीड़ित को अपना प्राइवेट पार्ट पकड़ने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान आरोपी के सहयोगियों ने पूरी वारदात मोबाइल कैमरे में कैद कर ली। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इलाके में सनसनी फैल गई।
इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि कुछ बदमाशों में पुलिस का खौफ कितना कम रह गया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर टीम रवाना की और उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है।
एसडीओपी रवि भदौरिया ने इस मामले में बताया कि अंबाह थाना क्षेत्र अंतर्गत एक वीडियो संज्ञान में आया था, जिसमें एक युवक के साथ आरोपी माननीय गरिमा के विरुद्ध कार्य करते हुए दिखाई दे रहा है। मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। साथ ही आरोपी को राउंडअप कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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कंचन बाई ने 20 बच्चों को बचाने के लिए दे दी जान, मधुमक्खियों के हमले में मौत
नीमच। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रानपुर गांव में मानवता और ममता की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसे सुनकर हर किसी की आंख नम हो गई। मडावदा पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र पर जब अचानक मधुमक्खियों के खूंखार झुंड ने हमला किया, तो वहां मौजूद कंचन बाई मेघवाल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मौत से मुकाबला किया। जिस समय परिसर में खेल रहे मासूम बच्चों पर मधुमक्खियां झपटीं, कंचन बाई उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चों को तिरपाल और दरी से ढका और एक-एक कर करीब 20 बच्चों को सुरक्षित कमरों के भीतर पहुंचाया। मासूमों को मौत के मुंह से निकालने के इस प्रयास में हजारों मधुमक्खियों ने कंचन बाई को अपना निशाना बना लिया और उन पर टूट पड़ीं।
आसपास के लोगों ने जब तक कंचन बाई को बचाने का प्रयास किया, तब तक वे बुरी तरह घायल हो चुकी थीं। सूचना पर पहुंची डायल 112 के आरक्षक कालूनाथ और पायलट राजेश राठौर ने उन्हें तत्काल सरवानिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। कंचन बाई न केवल आंगनवाड़ी में मध्यान भोजन बनाती थीं, बल्कि जय माता दी स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष के रूप में गांव की सक्रिय महिला भी थीं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनके पति शिवलाल पहले से ही पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और अब एक बेटे व दो बेटियों के सिर से मां का साया भी उठ गया है।
इस घटना के बाद से पूरे रानपुर गांव में मातम के साथ-साथ भारी दहशत व्याप्त है। आलम यह है कि गांव में पानी भरने का एकमात्र स्रोत वह हेडपंप है जो आंगनवाड़ी के पास लगा है, लेकिन मधुमक्खियों के उसी पेड़ पर जमे होने के कारण ग्रामीणों ने वहां जाना छोड़ दिया है। ग्रामीण अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब इन छत्तों को हटाकर क्षेत्र को सुरक्षित किया जाएगा।
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राजा रघुवंशी मर्डर केस में बड़ा अपडेट: कोर्ट ने दो लोगों को किया दोषमुक्त
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने बिल्डिंग के मालिक लोकेंद्र और चौकीदार बलवीर को दोषमुक्त किया है। दोनों को राजा की हत्या के बाद सबूत मिटाने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। विस्तृत जांच के बाद दोनों का हत्या से कोई सीधा संबंध नहीं निकला।
दरअसल, राजा रघुवंशी की हत्या करने के बाद सोनम रघुवंशी इंदौर आई थी और किराये के फ्लैट पर रुकी थी। जिस फ्लैट पर सोनम रुकी थी उस बिल्डिंग का मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर है। वहीं बलवीर अहिरवार उस बिल्डिंग में चौकीदार था। मालिक लोकेंद्र ने शिलोम जेम्स नामक व्यक्ति को बिल्डिंग किराए पर दी थी। आपको बता दें कि शिलांग पुलिस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड में दूसरी चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी है।
गौतरतलब है कि राजा रघुवंशी (29) और उसकी पत्नी सोनम (25) शादी के बाद हनीमून पर शिलॉन्ग के मेघालय गए थे। जहां राजा की लाश मिली थी। इस हत्याकांड की जांच में राजा की पत्नी सोनम ही मास्टरमाइंड निकली। शिलॉन्ग पुलिस ने सोनम के साथ राज कुशवाह, आकाश राजपूत, आनंद और विशाल समेत बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र और चौकीदार बलवीर को गिरफ्तार किया था।
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, आरपीएफ और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान कछुए पकड़े गए है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से दो बैग में 311 कछुए बरामद हुए है। बताया जा रहा है कि आरोपी रेलवे कोच में अटेंडर का काम करता है। फिलहाल एसटीएफ पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, भोपाल के बैरागढ़ के संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ को बैग चेकिंग के दौरान कछुए मिले। अजय सिंह राजपूत पिता रामकुमार के पास दो बैग में 311 कछुए बरामद हुए। इसके बाद वन विभाग को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग का स्टाफ मौके पर पहुंचा। पकड़ा गया आरोपी अजय सिंह रेलवे कोच में अटेंडर का काम करता है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि ढाई हजार की लालच में वह इन कछुओं को देवास और इंदौर में पार्सल करने के लिए ले जा रहा था।
आरपीएफ की पूछताछ में रविंद्र कश्यप नामक व्यक्ति ढाई हजार रुपए की लालच देकर आरोपी से कछुए की तस्करी करा रहा था। फिलहाल आरोपी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/23 पंजीबद्ध किया गया है। आरपीएफ और वन विभाग की कार्रवाई के बाद एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है, आज उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव का बड़ा बयान, कहा- ‘राजनीतिक दल का एक ही लक्ष्य- ब्राह्मणों को मारो या दबाओ
सागर। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ बीजेपी नेता, पूर्व मंत्री और रेहली विधायक गोपाल भार्गव का ब्राह्मण समाज को लेकर दिया गया बयान सुर्खियों में छाया हुआ है। सागर के रविंद्र भवन में आयोजित ब्राह्मण समाज की पत्रिका विमोचन और प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए भार्गव ने ब्राह्मण समुदाय की मौजूदा स्थिति पर गहरा दर्द जाहिर किया।
उन्होंने कहा, “राजनीतिक दल और संगठनों का एक ही लक्ष्य है – ब्राह्मणों को मारो या दबा दो। ब्राह्मण सभी की नजरों में खटक रहे हैं, हमें मार दिया जाए या दबा दिया जाए।” भार्गव ने ब्राह्मणों से एकजुट होने की अपील की और कहा कि संगठित न होने के कारण ही समाज संवैधानिक व्यवस्था में पीछे धकेला जा रहा है।
पूर्व मंत्री ने आगे कहा, “पहले हमारे सीएम होते थे, अधिकारी हमारे होते थे, आधी कैबिनेट हमारी होती थी। लेकिन अब गिने-चुने लोग ही बचे हुए हैं।” उन्होंने ब्राह्मण समाज को धर्म की रक्षा के लिए एक होने का आह्वान किया और चिंता जताई कि सारे नियम-कानून ब्राह्मणों के खिलाफ बन रहे हैं।
यह कार्यक्रम ब्राह्मण समाज के मेधावी छात्रों को सम्मानित करने और पत्रिका विमोचन के लिए आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद थे। गोपाल भार्गव के इस बयान से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, खासकर ऐसे समय में जब मध्य प्रदेश में ब्राह्मणों से जुड़े मुद्दे और बयान लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं।
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ये मेरा अंतिम फैसला… सरपंच ने खुद को पंचायत भवन में किया कैद, आत्मदाह की चेतावनी दी
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के एक सरपंच ने अपने आप को पंचायत भवन में कैद कर लिया। बताया जा रहा है कि सरपंच ने कलेक्टर समेत तमाम आला अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरपंच की मांग है कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह पंचायत भवन में ही आत्मदाह कर लेगा। आइए जानते है आखिर पूरा मामला क्या है…
यह पूरा मामला नरसिंहपुर के चीचली जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली सीरेगांव ग्राम पंचायत का है। जहां सरपंच महेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार की रात खुद को पंचायत भवन में कैद कर लिया। बताया गया कि ग्राम पंचायत के विकास कार्य में भारी परेशानियां आ रही है। इसे लेकर सरपंच महेंद्र ने जिला कलेक्टर समेत तमाम आला अफसरों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। इससे नाराज होकर उन्होंने खुद को पंचायत भवन में बंद कर लिया है।
सरपंच महेंद्र कुशवाहा की मांग है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पंचायत भवन में ही आत्मदाह कर लेगा। आत्मदाह की चेतावनी देने का वीडियो भी बनाया है। जिसमें सरपंच महेंद्र कुशवाहा कह रहा है कि ‘मेरी पंचायत में दो साल से काम नहीं कर पा रहा हूं। कई तरह की समस्याएं आ रही है। प्रशासनिक लोगों से कई बार लिखित आवेदन दिए है, जिस पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई है।’
महेंद्र कुशवाहा ने बताया कि पिछले जनसुनवाई (बीते मंगलवार को) में अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया था। लेकिन मुझे सिर्फ आश्वासन और प्रताड़ना मिली है। सरपंच ने आगे कहा कि ‘मेरी बातें अगर नहीं सुनी गई तो आत्महत्या कर लूंगा, इसका जिम्मेदार शासन-प्रशासन होगा। बीते दो साल से निवेदन कर रहा हूं कि निर्माण कार्यों में सहयोग करें, लेकिन कोई भी मदद नहीं कर रहा है, इसलिए यह मेरा अंतिम फैसला है।’ फिलहाल सरपंच का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। साथ ही खुद को कैद करने और सरपंच के आत्मदाह की चेतावनी देने से हड़कंप मचा हुआ है।
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मैहर। मध्य प्रदेश के धार्मिक नगरी मैहर में एक चौंकाने वाला हनी ट्रैप का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी फैला दी है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती के जाल में फंसाकर एक शातिर युवती ने युवक को अपने कमरे में बुलाया और उसके साथियों के साथ मिलकर मारपीट की, नग्न वीडियो बनाया तथा ब्लैकमेल कर 56 हजार रुपये UPI के माध्यम से ट्रांसफर करवा लिए।पीड़ित युवक, जो भदनपुर क्षेत्र से आया था, रात 1:30 बजे तक बंधक बनाकर रखा गया। सुबह 10 बजे से शुरू हुई यह घटना... अपराध
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एक साल पहले तेजाजी नगर पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल दो करोड़ रुपये की एमडी ड्रग की काल्पनिक बरामदगी का दावा किया था, लेकिन अब वही ड्रग्स केंद्रीय लेब की रिपोर्ट में यूरिया निकली है। जांच के दौरान जब कथित एमडी नमूनों को भोपाल स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस लैब में परीक्षण के लिए भेजा गया, तब रिपोर्ट में कोई भी मादक तत्व नहीं पाया गया। यह खुलासा अदालत में पेश रिपोर्ट में हुआ, जिससे मामले की सच्चाई उजागर हुई और पुलिस की जांच... गुना सिटी
06 February 2026
गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कलेक्टर की लाख कोशिशों के बाद भी जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं नहीं सुधर पा रही हैं। बुधवार को एक 75 वर्षीय बीमार बुजुर्ग को स्ट्रेचर तक नहीं मिला। ऐसे में 40 वर्षीय पुत्र ने पहले पिता को पीठ पर लादकर कुछ दूरी तय की। इसके बाद वजन उठाने में असमर्थ हुआ, तो स्वजन स्ट्रेचर ढूंढकर लाए, जिसके बाद धकेलते हुए वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया।जानकारी के अनुसार समीप के जिला अशोकनगर की शाढ़ौरा तहसील के ग्राम सडूमरा से 75 वर्षीय इमरत रघुवंशी... फोटो गैलरी
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