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बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक बच्ची का 24 उंगलियों के साथ जन्म हुआ है। प्रकृति का यह अजूबा देखकर खुद डॉक्टर भी हैरान रह गए।
दरअसल, बैतूल में एक परिवार के घर हाल ही में एक बच्ची ने जन्म लिया। लेकिन उसके हाथ-पैर में 6-6 उंगलियां देखकर उनकी तले जमीन खिसक गई। हालांकि नवजात बिल्कुल सेहतमंद है। बताया जा रहा है कि ये एक बेहद दुर्लभ मामला है।
डॉक्टरों के मुताबिक, ये उनके अब तक के करियर का सबसे दुर्लभ केस है। मेडिकल साइंस में भी इस तरह के मामले दुर्लभ माने गए हैं। बैतूल के कावला गांव में इसी तरह का एक मामला 17 साल पहले सामने आया था। जहां एक ही परिवार के 10 सदस्यों की 24 -24 उंगलियां थीं।

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प्रेम विवाह विवाद: विधायक के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे, प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर जताया विरोध
खातेगांव। देवास जिले के बागली में अंतर्जातीय प्रेम विवाह को लेकर उपजे विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। मामले में आदिवासी समाज का गुस्सा अब सीधे क्षेत्रीय भाजपा विधायक मुरली भंवरा के खिलाफ फूट पड़ा। कोरकू समाज के लोगों ने विधायक पर पक्षपात और समाज की भावनाओं की अनदेखी के आरोप लगाते हुए उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर विरोध दर्ज कराया।
आदिवासी समाज के लोगों ने बागली थाना चौराहे से अस्थि मटकी आगे रखकर प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली। यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई पुनः थाना चौराहे पहुंची, जहां अस्थि मटकी फोड़ी गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “बागली विधायक मुर्दाबाद” के नारे लगाए और विधायक के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अंतर्जातीय प्रेम विवाह के मामले में विधायक मुरली भंवरा ने आदिवासी समाज की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई स्पष्ट भूमिका निभाई। समाज के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद विधायक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने या समाज से संवाद करने की कोशिश नहीं की, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
गौरतलब है कि इससे पहले इसी मामले को लेकर आदिवासी समाज ने बस स्टैंड मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस जांच में युवक-युवती दोनों बालिग पाए गए और उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही। प्रशासन की समझाइश के बाद युवती ने स्वयं नारी निकेतन में रहने का निर्णय लिया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक नियंत्रण में आए।
तहसीलदार नीरज प्रजापति के अनुसार, एसडीएम के निर्देश पर युवती को नारी निकेतन भेजा गया है और फिलहाल वहां रहने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। वहीं पुलिस-प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात है।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मामला शांत करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन विधायक मुरली भंवरा के खिलाफ आदिवासी समाज का यह विरोध प्रदर्शन साफ तौर पर राजनीतिक असंतोष और जनप्रतिनिधि की भूमिका पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।
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खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था खिलाड़ी, 10 लाख की चोरी के आरोप में गिरफ्तार
भोपाल। बगैर ताला तोड़े अलमारी में रखे लाखों के जेवर और नकदी चुराने की घटना का निशातपुरा पुलिस ने खुलासा कर लिया है। जिस महिला के घर से करीब दस लाख रुपये की चोरी हुई थी, चोर उसी का नाती निकला। आरोपित इंदौर से भोपाल खेल प्रतियोगिता में भाग लेने आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उसके पास से चोरी के जेवर और नकदी भी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार करोंद स्थित राजनगर निवासी 50 वर्षीय संगीता मालवीय ने घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को उन्होंने अलमारी में सोने के जेवर और नकदी रखी थी। 25 जनवरी को रुपये निकालने के लिए अलमारी खोली तो उसमें रखे 20 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर गायब मिले।
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की और संदेह के तौर पर महिला के नाती पुष्कर बाथरे को पूछताछ के लिए बुलाया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि घर में ठहरने के दौरान अलमारी में लगी चाबी देखकर उसकी नीयत डोल गई थी।
पुलिस ने आरोपित से चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया है। आरोपित पुष्कर बाथरे इंदौर के एयरपोर्ट रोड क्षेत्र में रहता है। वह निजी कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। वह जंपिंग का खिलाड़ी है और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अक्सर भोपाल आता रहता है। भोपाल में वह अपनी नानी के घर पर ठहरता था।


इंदौर। अपने अनोखे डांसिंग स्टाइल से ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले इंदौर के चर्चित पुलिसकर्मी रंजीत सिंह पर विभागीय गाज गिरी है। एक अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) के पद से पदावनत कर आरक्षक (कांस्टेबल) बना दिया गया है। यह फैसला DCP हेडक्वार्टर द्वारा एक विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया गया है।
रंजीत सिंह सोशल मीडिया पर अपने डांस वीडियो को लेकर काफी लोकप्रिय हुए थे, जिसके बाद उन्हें ‘डांसिंग सुपरकॉप’ के नाम से पहचाना जाने लगा। कुछ साल पहले ही उन्हें उनके काम को देखते हुए प्रधान आरक्षक का पद दिया गया था।
पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार, रंजीत सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर हुई कुछ चैटिंग को लेकर शिकायत मिली थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने एक जांच कमेटी का गठन किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर रंजीत सिंह को अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
एडिशनल DCP राजेश दंडोतिया ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रंजीत सिंह के खिलाफ विभागीय जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और उन्हें प्रधान आरक्षक से आरक्षक के पद पर पदावनत किया गया है।
गौरतलब है कि रंजीत सिंह अपने डांस मूव्स के कारण न केवल इंदौर में बल्कि देश भर में मशहूर हो गए थे। हालांकि, इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस विभाग में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, चाहे संबंधित कर्मी कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो।
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मंदिर पर चला बुलडोजर: ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर के हिस्सों को ढहाया, हाईकोर्ट के ‘स्टे’ के बाद कार्रवाई रुकी
चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहा अभियान उस समय चर्चा का विषय बन गया। जब प्रशासन ने ऐतिहासिक और प्राचीन गौरीहार मंदिर के हिस्सों को ढहाना शुरू किया। हालांकि, ऐन वक्त पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) मिलने के बाद इस कार्रवाई को रोक दिया गया। चित्रकूट का माहौल गहमागहमी भरा रहा।
सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे प्राचीन गौरीहार मंदिर की बारादरी को हटाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी। मौके पर सतना जिले की पांच तहसीलों के एसडीएम (ADM), एडिशनल एसपी सतना और कई थानों का भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन ने पूरे मंदिर परिसर की ड्रोन कैमरे से वीडियोग्राफी कराई।
इसके बाद बारादरी के कमरों में रखे सामान को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जैसे ही तैयारी पूरी हुई, एक पोकलैंड मशीन और चार जेसीबी (JCB) मशीनों ने मंदिर की बारादरी को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक ध्वस्तीकरण का कार्य चलता रहा। मंदिर को गिराने की कार्रवाई जारी थी कि इसी बीच हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर जारी होने की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची।
आदेश की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत गौरीहार मंदिर पर चल रही कार्रवाई को रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन का पूरा काफिला गायत्री मंदिर की ओर मुड़ गया, जहां गायत्री मंदिर की बाउंड्री वाल को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्राचीन मंदिर पर हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी चर्चा रही। फिलहाल, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मंदिर के शेष हिस्से को सुरक्षित रखा गया है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण का कार्य अन्य क्षेत्रों में जारी है।
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जूते पहनकर मंदिर में घुसा चोर, माता को प्रणाम किया और चुरा ले गया 4 किलो गहने
उज्जैन मध्य प्रदेश में बेखौफ चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि, वो धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने से गुरेज नहीं करते। इसकी ताजा बानगी देखने को मिली उज्जैन जिले के घट्टिया थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले नजरपुर में स्थित माता मंदिर में। यहां बीती रात दो से तीन चोरों ने मंदिर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी की वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई, जिसमें एक चोर जूते पहनकर मंदिर में घुसता नजर आया। पहले उसने माता को प्रणाम किया, फिर चांदी के छत्र व अन्य आभूषण चुराकर फरार हो गया। चोरी गए माता के चांदी के आभूषणों का कुल वजन चार किलों बताया जा रहा है।
इधर, घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरु कर दी है। पुलिस के अनुसार, नजरपुर में मां आशापुर का मंदिर है, जहां रात करीब सवा तीन बजे चोरी की घटना घटी है। जूते पहने एक चोर खिड़की के रास्ते मंदिर के अंदर घुसा। यहां उसने सबसे पहले माता को प्रणाम किया और चांदी के छत्र समेत अन्य आभूषण निकाले और एक बाल्टी में रखकर बाहर खड़े दूसरे चोर को दे दिए। मामले का खुलासा अगली सुबह उस समय हुआ, जब मंदिर के पुजारी अंदर पहुंचे। उन्होंने ही ग्रामीणों को सूचना दी थी।
साथ ही, ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि, चोरी गए आभूषण और छत्र करीब चार किलो वजनी चांदी के थे। मौजूदा समय में उनकी कीमत लाखों में है। वैसे तो सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ दो चोर ही नजर आए हैं, लेकिन पुलिस का मानना है कि, वो इससे अधिक भी हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है।

दिल्ली पुलिस की महिला स्वाट कमांडो काजल (27) की इलाज के दौरान मौत हो गई है। 22 जनवरी को महिला स्वाट कमांडो के पति अंकुर ने डंबल से सिर पर वार कर लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले में हत्या की धारा जोड़ी जाएगी। वहीं मृतिका कमांडो के भाई ने कई सनसनीखेज खुलासा किया है। काजल के भाई निखिल ने उस दिन की पूरी कहानी बताई है, जो आपके भी रोंगटे कर देगी।
जानाकारी के मुताबिककमांडो काजल अपनी बहादुरी के दम पर दिल्ली पुलिस की प्रतिष्ठित SWAT यूनिट का हिस्सा बनी थीं। पुलिस के अनुसार, 22 जनवरी को मोहन गार्डन स्थित उनके फ्लैट पर पति अंकुर के साथ उनका विवाद हुआ था। अंकुर रक्षा मंत्रालय (MoD) में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि उसने गुस्से में आकर काजल के सिर पर डंबल से ताबड़तोड़ वार कर दिए। फिर हमले के बाद अंकुर खुद काजल को अस्पताल ले गया। उसके बाद परिजनों को फोन कर हत्या करने की बात कही। उसे 22 जनवरी को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
काजल के बड़े भाई निखिल, जो खुद दिल्ली पुलिस के संसद मार्ग थाने में कांस्टेबल है, उसने घटना की रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई बताई। निखिल के अनुसार, 22 जनवरी को अंकुर ने उन्हें फोन किया। उस वक्त दोनों के बीच झगड़ा हो रहा था। अंकुर ने निखिल से कहा कि वह कॉल रिकॉर्ड करे। निखिल ने बताया- कॉल के दौरान मुझे काजल की चीखें सुनाई देने लगीं। फोन कट गया और 5 मिनट बाद अंकुर का दोबारा फोन आया, जिसमें उसने कहा कि उसने काजल को मार डाला है।
काजल को पहले मोहन गार्डन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि हालत बिगड़ने पर 24 जनवरी को उन्हें गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल (नेहरू नगर) शिफ्ट किया गया। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। गाजियाबाद की सिहानी गेट पुलिस ने दिल्ली पुलिस को काजल की मृत्यु की सूचना दी।
काजल और अंकुर ने साल 2023 में प्रेम विवाह किया था। दोनों का डेढ़ साल का एक बेटा भी है। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही अंकुर के परिवार ने दहेज के लिए काजल को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। विवाद बढ़ने पर दोनों सोनीपत के गनौर से दिल्ली के मोहन गार्डन शिफ्ट हो गए थे। हालांकि, अंकुर के दबाव के कारण वे फिर वापस चले गए। 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की ड्यूटी के कारण काजल 20 जनवरी को दिल्ली आई थीं, जहां ये खौफनाक वारदात हुई।
शुरुआत में मोहन गार्डन पुलिस ने अंकुर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। अब काजल की मृत्यु के बाद पुलिस इस मामले में धारा 302 (हत्या) की धारा जोड़ेगी। हालांकि, परिजनों द्वारा दहेज प्रताड़ना के आरोपों के बावजूद, अभी तक एफआईआर में दहेज से जुड़ी धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं।
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कौन हैं कांतारा की चावुंडी दैव? एक मजाक बन गया रणवीर सिंह का सबसे बड़ा विवाद, एक्टर पर FIR
सुर्खियों की दुनिया में कभी-कभी एक बयान, एक मंच या एक परफॉर्मेंस पूरी कहानी का रुख बदल देती है। इस बार चर्चा के केंद्र में हैं अभिनेता रणवीर सिंह, जिनके खिलाफ कांतारा फिल्म से जुड़ी दैव परंपरा के कथित अपमान को लेकर FIR दर्ज की गई है। मामला सिर्फ एक कलाकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
तटीय कर्नाटक की दैव परंपराएं केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि वहां के सामाजिक जीवन, प्रकृति और सामुदायिक विश्वास से गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में किसी सार्वजनिक मंच पर इन परंपराओं से जुड़ा मजाक स्थानीय समाज में सिर्फ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि श्रद्धा का अपमान माना जाता है। यही वजह है कि यह विवाद तेजी से कानूनी और सामाजिक बहस में बदल गया है।
रणवीर सिंह पर आरोप है कि, उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर मजाकिया अंदाज में अजीब हाव-भाव और एक्सप्रेशन बनाए और उनकी तुलना फिल्म कांतारा में दिखाई गई दैव परंपरा से की। शिकायत में कहा गया है कि, उन्होंने चेहरे के भद्दे हाव-भाव बनाते हुए उसे चावुंडी दैव से जोड़कर प्रस्तुत किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इस प्रस्तुति से तटीय कर्नाटक की पवित्र दैव परंपरा का अपमान हुआ है और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
कांतारा फिल्म से जुड़ा भावनात्मक संबंध
कांतारा सिर्फ एक फिल्म नहीं रही, बल्कि उसने 21वीं सदी के दर्शकों को लोक आस्था और दैवीय परंपराओं से दोबारा जोड़ा। यह परंपराएं किसी धार्मिक ग्रंथ से नहीं निकलीं, बल्कि खेतों की मिट्टी, जंगलों, नदियों और समुदायों की स्मृतियों से बनी हैं।
इन लोक मान्यताओं को पीढ़ियों की कहानियों, जीवन संघर्षों और विश्वासों ने गढ़ा है। यही कारण है कि, कांतारा में दिखाई गई दैव परंपराओं को लोगों ने सिर्फ फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखा।
कांतारा में दिखाए गए गुलिगा दैव और पंजुरली दैव को कई लोगों ने उत्तर भारत के रक्षक देवताओं (डीह बाबा, तेजाजी, गोगाजी, पाबूजी) से जोड़कर देखा। इसी परंपरा में चावुंडी दैव को एक स्त्री दैव के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म के अनुसार चावुंडी, भैरव की बहन हैं और एक उग्र स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। यहीं से यह विवाद और गहराता है, क्योंकि चावुंडी दैव को सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि जीवित न्यायकारी शक्ति के रूप में माना जाता है।
चावुंडी दैव कर्नाटक के तुलु नाडु क्षेत्र की प्राचीन भूत कोला परंपरा से जुड़ी रक्षक दैव आत्मा मानी जाती हैं। वे लोककथाओं, आस्था और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ी मान्यताओं का प्रतीक हैं।
स्थानीय मान्यता के अनुसार चावुंडी दैव-
अन्याय के खिलाफ हस्तक्षेप करती हैं।
पर्यावरण संतुलन की रक्षा करती हैं।
समाज में नैतिक व्यवस्था स्थापित करती हैं।
वचनभंग और विश्वासघात करने वालों को दंड देती हैं।
क्यों गंभीर बना मामला?
स्थानीय समाज में दैव परंपरा को परफॉर्मेंस या रोल नहीं, बल्कि जीवित आस्था माना जाता है। यही कारण है कि जब इसे मंचीय मजाक या अभिनय के रूप में पेश किया जाता है, तो यह सिर्फ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि श्रद्धा का अपमान माना जाता है। इस विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या आधुनिक मंचीय अभिव्यक्ति और पारंपरिक आस्था की सीमाएं तय होनी चाहिए?
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सुप्रीम कोर्ट ने UGC नए नियमों पर लगाई रोक, 2012 वाले नियम अब भी लागू
29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हो गई। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि नया नियम सामाजिक भेदभाव पैदा करता है और संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि नियम केवल OBC, SC और ST छात्रों तक सीमित है और बाकी तबकों की अनदेखी करता है।
याचिकाकर्ताओं के वकील का कहना था कि नियम 3(e) पहले से भेदभाव को परिभाषित करता है, इसलिए 3(c) की आवश्यकता नहीं थी। उनका तर्क था कि कुछ जातियों के लिए अलग धारा बनाना अनुचित है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत केवल यह देख रही है कि नया नियम समानता के अधिकार के अनुरूप है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगा दी और आदेश दिया कि अभी 2012 वाले नियम ही लागू रहेंगे। अदालत ने केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी कर 19 मार्च 2026 तक जवाब देने को कहा। CJI सूर्यकांत ने इस दौरान कहा कि नए नियम जाति विहीन समाज के बजाय विभाजन पैदा कर सकते हैं, जैसे अलग हॉस्टल बनना। जस्टिस बागची ने भी कहा कि समाज और देश में एकता बनाए रखना जरूरी है।
UGC के नए नियम क्या हैं?
UGC के प्रस्तावित नए नियमों के मुख्य बिंदु-
हर कॉलेज में ईक्वल अपॉर्च्यूनिटी सेंटर (EOC) बनेगा।
EOC पिछड़े और वंचित छात्रों को पढ़ाई, फीस और भेदभाव से जुड़ी मदद देगा।
हर कॉलेज में समता समिति होगी, जिसके अध्यक्ष कॉलेज प्रमुख होंगे।
समिति में SC, ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग शामिल होंगे, कार्यकाल 2 साल।
कॉलेज में इक्वलिटी स्क्वाड भेदभाव पर नजर रखेगा।
शिकायत पर 24 घंटे में मीटिंग, 15 दिन में रिपोर्ट कॉलेज प्रमुख को।
कॉलेज प्रमुख को 7 दिन में कार्रवाई शुरू करनी होगी।
EOC हर 6 महीने में रिपोर्ट देगा।
कॉलेज को जातीय भेदभाव पर हर साल UGC को रिपोर्ट भेजनी होगी।
नियम तोड़ने पर कॉलेज की ग्रांट रोकी जा सकती है, डिग्री, ऑनलाइन/डिस्टेंस कोर्स पर रोक और गंभीर मामलों में मान्यता रद्द हो सकती है।

इंदौर। शहर में चांदी की अवैध तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। अन्नपूर्णा थाना पुलिस ने मंगलवार को कार्रवाई करते हुए 46 किलो चांदी की सिल्लियां जब्त की हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 70 लाख रुपये बताई जा रही है। चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी भारी मात्रा में चांदी स्कूटर पर रखकर ले जाई जा रही थी।
थाना प्रभारी अजय नायर ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अन्नपूर्णा मंदिर क्षेत्र में एक कार से कुछ लोग चांदी की सिल्लियां निकालकर स्कूटर पर लोड कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्कूटर सवारों को घेराबंदी कर रोका गया।
आरक्षक उदय सिंह और सैनिक अर्जुन यादव ने स्कूटर सवार दो युवकों को रोका। तलाशी लेने पर स्कूटर पर रखी गई चांदी की सिल्लियां बरामद की गईं। वजन करने पर चांदी का कुल वजन 46 किलो पाया गया।
जब पुलिस ने आरोपितों से चांदी से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे तो वे कोई संतोषजनक कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। आरोपितों ने अलग-अलग बहाने बनाए, जिसके बाद पुलिस ने चांदी को जब्त कर लिया।
पुलिस पूछताछ में आरोपितों की पहचान सौरभ सिसोदिया (निवासी सुखदेव नगर) और पंकज निमावत (निवासी हुकुमचंद कॉलोनी) के रूप में हुई है। दोनों ने दावा किया कि वे राजगढ़ से चांदी लेकर इंदौर के सराफा क्षेत्र की ओर जा रहे थे।

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इंदौर में दूषित पानी से 29वीं मौत! शव रखकर किया चक्काजाम, हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच के दिए आदेश
इंदौर। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में उल्टी दस्त से 29वीं मौत होने की खबर है। बताया जा रहा है कि मृतक ने दो बार स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराया था। वहीं परिजनों ने भागीरथपुरा चौक पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इधर, हाईकोर्ट ने दूषित पानी मामले में सुनवाई करते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं।
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में उल्टी दस्त से 29वीं मौत का दावा किया गया है। बताया जा रहा है कि 62 वर्षीय खूबचंद बंधोनियां पिता गन्नूदास की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन उनकी जान चली गई। मृतक ने दो बार स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराया था। वहीं परिजनों ने अंत्येष्टी से पहले शव को भागीरथपुरा चौकी पर रखकर विरोध जताया।
इधर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में मंगलवार यानी 27 जनवरी को सुनवाई हुई। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौत के मामले पर करीब ढाई घंटे से ज्यादा सुनवाई चली। कोर्ट में 23 मौतों की रिपोर्ट पेश की गई। जिसमें से 16 मौतें दूषित पानी से मानी है। जबकि चार को लेकर असमंजस की स्थिति बताई है। वहीं तीन की मौत दूषित पानी से नहीं मानी है।
वहीं हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाते हुए स्वतंत्र जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि यह मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से जुड़ा है। स्वच्छ पेयजल का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का हिस्सा है। इसके अलावा हाईकोर्ट ने दैनिक जल गुणवत्ता जांच और नियमित स्वास्थ्य शिविर जारी रखने के निर्देश दिये और चार हफ्ते में अंतरिम रिपोर्ट मांगी है। इस मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च 2026 को होगी।
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जिला अस्पताल में अमानवीय व्यवहारः बुजुर्ग महिला और युवक को ठंड में वार्ड से बाहर निकाला
दतिया। जिला अस्पताल में मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार के दो मामले सामने आए हैं l एक युवक और एक वृद्ध महिला को डॉक्टर्स ने जबरन वार्ड से बाहर निकाल दिया। इन मरीजों के वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है l ट्रामा सेंटर में भर्ती एक मरीज को कल डॉक्टरों ने ट्रामा सेंटर से बाहर निकाल दिया l ड्यूटी डॉक्टर ने मरीज से कहा कि ये वार्ड खाली करो जनरल वार्ड में जाओl मरीज की ड्रिप को निकाले बगैर ही डॉक्टर ने मरीज को दूसरे वार्ड में जाने का फरमान सुना दियाl मरीज के एक दिन और ट्रामा सेंटर में रखने के अनुरोध को भी डॉक्टर ने ठुकरा दिया l मरीज का ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा हैl
जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर के गेट का ये वीडियो है l दूसरा वीडियो जिला अस्पताल की गैलरी का है जहां एक वृद्ध महिला सर्दी में फर्श पर पड़ी है। इस महिला का ऑपरेशन होना था। महिला के परिजन एक दिन बाद ऑपरेशन को कहा तो इस महिला मरीज को भी डॉक्टर ने जबरदस्ती वार्ड से बाहर निकाल दियाl यह वीडियो भी कल का है जो अब सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है l इस मामले पर जब सिविल सर्जन डॉ राठौर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में हैं मरीजों के गंभीर नहीं होने के कारण उनको दूसरे वार्ड में जाने को कहा गया थाl

सागर। नरयावली नाका मुक्तिधाम में मंगलवार को एक अजीब वाकया हुआ। शहर के एक परिवार की महिला के दाह संस्कार के बाद वहां मुक्तिधाम में रखी उसकी अस्थियां गायब हो गई, जिसके बाद मृतक महिला के परिवार के लोग द्रवित हो गए।
वहां मौजूद नगर निगम के कर्मचारियों से पूछताछ की, लेकिन वह भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। दरअसल शहर के रमेश चंद्र समैया की पत्नी और नीतेश समैया की 74 वर्षीय मां कल्पना समैया का निधन हो गया था।
25 जनवरी को नरयावली नाका मुक्तिधाम में उनका दाह संस्कार किया गया। स्वजन अखिलेश समैया ने बताया कि मंगलवार की सुबह नौ बजे जब स्वजन और समाज के सैकड़ों लोग कल्पना समैया की अस्थियां लेने मुक्तिधाम पहुंचे तो वहां सुरक्षित रखी गई अस्थियां गायब थीं।
अखिलेश समैया ने बताया कि घटना के बाद मंगलवार को दिनभर निगमकर्मी अपनी गलती छिपाते रहे। निगमकर्मियों काफी जोर जबरदस्ती के बाद आखिरकार निगमकर्मियों ने संभवना जताई कि मुक्तिधाम में एक 27 वर्षीय युवक का भी दाह संस्कार हुआ था, जिसके स्वजन धोखे से कल्पना समैया की अस्थियां अपने साथ ले गए और उसे विसर्जित भी कर दिया। उन्होंने निगमकर्मियों ने कल्पना समैया के स्वजन को एक वीडियो भी दिखाया, जिसमें बताए गए परिवार के सदस्य अस्थियां ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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शिक्षा के मंदिर में फेयरवेल के नाम पर फूहड़ताः जीप के बोनट पर छात्राओं ने किया डांस
नर्मदापुरम। जिले के सिवनीमालवा नगर में सांदीपनी स्कूल के छात्र छात्राओं ने फेयरवेल पार्टी के नाम पर सड़कों पर स्टंट का मामला सामने आया है। सैकड़ों स्टूडेंट खुली जीप, कार और ट्रैक्टरों पर सवार होकर तेज डीजे की धुन पर मुख्य सड़कों से गुजरे। इस दौरान कई छात्राएं जीप के बोनट पर बैठी थीं। कई छात्र वाहनों के बंपर, बोनट और छत पर बैठकर खतरनाक तरीके से डांस करते दिखे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छात्र छात्राओं ने यातायात नियमों की खुलेआम अनदेखी की। कई छात्र ट्रैक्टर और जीप के बंपर पर लटककर नाच रहे थे। इन हरकतों से न केवल छात्रों की जान खतरे में थी, बल्कि सड़क पर चल रहे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा हो गया।
प्राचार्य ए.एस.राजपूत ने बताया कि फेयरवेल स्कूल परिसर के अंदर ही आयोजित था। उन्होंने सड़कों पर छात्रों के डांस की जानकारी से इनकार किया। प्राचार्य ने स्पष्ट किया कि ऐसे कृत्य में शामिल छात्र-छात्राओं को नोटिस जारी कर परीक्षा तक निलंबित किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी एल.एन. प्रजापति ने घटना को नियम विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि फेयरवेल पार्टी के नाम पर इस तरह का प्रदर्शन पूरी तरह गलत है। उन्होंने छात्रों पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही।
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एमपी में भाजपा नेता ने युवती को मारे 6 थप्पड़, छोड़ने की लगाती रही गुहार
सतना। मध्यप्रदेश के सतना में एक भाजपा नेता का युवती पर थप्पड़ बरसाते वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में भाजपा नेता युवती को रोककर उस पर थप्पड़ बरसाते दिख रहा है। वीडियो में भाजपा नेता युवती को एक दो नहीं बल्कि 6 थप्पड़ मारते दिख रहा है। आरोप है कि भाजपा नेता ने युवती के साथ ही उसकी मां के साथ भी मारपीट की है। घटना भाजपा नेता की दुकान के गोदाम की है और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है।
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र का ये मामला है। वीडियो में जो भाजपा नेता युवती पर थप्पड़ बरसाते दिख रहा है उसका नाम पुलकित टंडन है जो कि भाजपा मंडल अध्यक्ष है। घटना मंगलवार रात उस वक्त की है जब मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन अपनी दुकान के गोदाम में था और वहीं पर ये पूरी घटना हुई। जो वीडियो वायरल हुआ है उसमें पुलकित टंडन युवती को रोककर उसे एक के बाद एक 6 थप्पड़ मारते दिख रहा है। वीडियो के अंत में एक युवक और नजर आ रहा है।
पीड़ित युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि वो ब्यूटी पार्लर का संचालन करती है। भाजपा मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन से पुरानी पहचान है। पीड़िता की शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने भाजपा मंडल अध्यक्ष पुलकित टंडन पर मारपीट का मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है। पीड़िता का आरोप है कि जब वो मंगलवार को रात में पुलकित टंडन के गोदाम पर पहुंची तो पुलकित शराब पी रहा था ये देखकर वो वापस आने लगी तो पुलकित ने उसे रोका और उसके साथ मारपीट की। जब मां और भाई पहुंचे तब भी पुलकित गाली-गलौच करता रहा और वीडियो बनाने के कारण भाई का मोबाइल भी छीनकर तोड़ दिया।

प्रमुख समाचार

दिल्ली पुलिस की महिला स्वाट कमांडो काजल (27) की इलाज के दौरान मौत हो गई है। 22 जनवरी को महिला स्वाट कमांडो के पति अंकुर ने डंबल से सिर पर वार कर लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले में हत्या की धारा जोड़ी जाएगी। वहीं मृतिका कमांडो के भाई ने कई सनसनीखेज खुलासा किया है। काजल के भाई निखिल ने उस दिन की पूरी कहानी बताई है, जो आपके भी रोंगटे कर देगी।जानाकारी के मुताबिककमांडो काजल अपनी बहादुरी के दम पर दिल्ली...

मध्य प्रदेश

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक बच्ची का 24 उंगलियों के साथ जन्म हुआ है। प्रकृति का यह अजूबा देखकर खुद डॉक्टर भी हैरान रह गए। दरअसल, बैतूल में एक परिवार के घर हाल ही में एक बच्ची ने जन्म लिया। लेकिन उसके हाथ-पैर में 6-6 उंगलियां देखकर उनकी तले जमीन खिसक गई। हालांकि नवजात बिल्कुल सेहतमंद है। बताया जा रहा है कि ये एक बेहद दुर्लभ मामला है। डॉक्टरों के मुताबिक, ये उनके अब तक के करियर का सबसे दुर्लभ केस...

अपराध

इंदौर। अपने अनोखे डांसिंग स्टाइल से ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले इंदौर के चर्चित पुलिसकर्मी रंजीत सिंह पर विभागीय गाज गिरी है। एक अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) के पद से पदावनत कर आरक्षक (कांस्टेबल) बना दिया गया है। यह फैसला DCP हेडक्वार्टर द्वारा एक विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया गया है।रंजीत सिंह सोशल मीडिया पर अपने डांस वीडियो को लेकर काफी लोकप्रिय हुए थे, जिसके बाद उन्हें ‘डांसिंग सुपरकॉप’ के नाम से...
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गुना सिटी

गुना (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले के ग्राम म मोहम्मदपुर गांव की एक लोधा समाज की युवती के भगाकर ले जाने के मामले में हुये घटनाक्रम में समाज के लोगों ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चाचौड़ा को ज्ञापन सौंप कर सात परिवारों के घरों में लूट तोड़फोड़ करने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। दिये गए ज्ञापन मे -निवेदन है कि मोहम्मद‌पुर गांव की एक लोधा समाज की एक युवती को ढैचियाखेड़ी का प्रदुम्न मीना नाम का एक लड़का बहला फुसलाकर भगा ले गया था । जब युवती का...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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