


खंडवा। वैसे तो बहू ससुर के बीच का रिश्ता प्यार और सम्मान का होता है। बहू अपने ससुर को पिता की तरह मानती है और ससुर भी अपनी बहू को बेटी की तरह प्रेम करता हैं… लेकिन मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से इस रिश्ते को कलंकित कर देने वाला शर्मनाक मामला सामने आया है। जहां एक ससुर अपनी बहू के साथ संबंध बनाना चाहता था। लेकिन उसके बेटे और बहू ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। यह पूरा मामला पिपलोद थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, बीते रविवार को खेत में एक शव मिला था। जिसकी पहचान रमेश गोंड (55) पिता शिवप्रसाद गोंड के रूप में हुई थी। मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। जिससे मामला संदिग्ध लगा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। इस दौरान मृतक के बेटे गणेश और उसकी पत्नी पर शक के घेरे में आए।
पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसमें अहम खुलासा हुआ। पुलिस की कड़ाई से की गई पूछताछ में मर्डर का खुलासा किया। गणेश की पत्नी ने बताया कि उसका ससुर रमेश उस पर गंदी नीयत रखता था। उसके साथ छेड़छाड़ करता था। यह बात नागवार गुजरी और वारदात को प्लान बनाया। गणेश, उसकी पत्नी और गणेश के दोस्त लालू उर्फ बलीराम शनिवार को खेत पहुंचे और रमेश के सिर पर लट्ठ से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
यह भी बताया जा रहा है कि बहू ने मृतक रमेश गोंड पर साल 2020 में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। इस केस में वह लगभग डेढ़ साल सलाखों के पीछे था। इसके बाद परिवार में राजीनामा हुआ और वह जेल से बाहर आ गया था। मृतक पर आपराधिक रिकॉर्ड भी है। इतना ही नहीं वह थाने की गुंडा लिस्ट में भी शामिल था। वहीं इस मामले में एसपी मनोज कुमार राय ने बताया कि मर्डर करने के बाद आरोपी भागे नहीं थे। बल्कि शव का अंतिम संस्कार कराने की तैयारी कर रहे थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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बर्बरता की हद पार... चोरी के शक में युवक को बेरहमी से पीटा, फिर जड़ से उखाड़ दी 12 इंच लंबी 'चोटी',
रीवा। जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मजगावा में एक युवक के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसकी धार्मिक आस्था और पहचान से जुड़ी 12 इंच लंबी चोटी (चूंदी) को भी जबरन उखाड़ दिया गया। पीड़ित युवक हाथ में अपनी उखड़ी हुई चोटी लेकर इंसाफ की गुहार लगाने थाने पहुंचा, जिसे देख हर कोई दंग रह गया।
पीड़ित युवक की पहचान रोहित यादव के रूप में हुई है, जो सेमरिया का रहने वाला है और वर्तमान में बीएसएनएल 5 जी लाइन के लिए पाइप डालने का काम कर रहा है। रोहित के अनुसार, घटना उस समय हुई जब वह मजगावा गांव में अपनी ही गाड़ी से डीजल निकाल रहा था। इसी दौरान गांव के ही दीपक पांडे (उर्फ बिल्लू) ने उन पर पेट्रोल/डीजल चोरी का झूठा आरोप लगाया। रोहित ने बताया कि उसने अपने सेठ से भी बात कराने की कोशिश की और स्पष्ट किया कि वह चोरी नहीं कर रहा है, लेकिन आरोपी ने एक न सुनी। आरोपी के साथ तीन-चार अन्य लोग भी वहां पहुंच गए और रोहित को अकेला पाकर उसके साथ बर्बरता शुरू कर दी।
रोहित यादव ने अत्यंत भावुक होते हुए बताया कि वह पिछले सात वर्षों से जटाधारी हैं और किसी भी प्रकार का नशा नहीं करते है। आरोपियों ने न केवल उसे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि उसकी 12 इंच लंबी चोटी को जड़ से उखाड़ दिया। पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उससे 15,700 भी लूट लिए। रोहित ने आरोपी दीपक पांडे पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह नशे का आदी है और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। घटना के बाद आरोपियों ने उसे धमकी भी दी कि यदि उसने पुलिस में शिकायत की, तो वे उसे फिर से मारेंगे।
घटना के बाद पीड़ित बैकुंठपुर थाना पहुंचा और मामले की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, रोहित का कहना है कि पुलिस ने केवल साधारण मारपीट का मामला दर्ज किया है, जबकि उसकी चोटी उखाड़ने और लूटपाट जैसी गंभीर घटनाओं को प्राथमिकता नहीं दी गई। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और उसके साथ हुई लूटपाट के लिए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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'रखवाला ही निकला चोर', सरकारी धान की 977 बोरियां छिपाईं, प्रबंधक और भाई पर FIR
रीवा। जिले से भ्रष्टाचार और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। "रखवाला ही निकला चोर" वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए, सेवा सहकारी समिति परसिया के समिति प्रबंधक पर अपने ही भाई के साथ मिलकर धान के अवैध भंडारण का आरोप लगा है। इस मामले में प्रशासनिक सख्ती के बाद अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला जनेह थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंद्रपुर गांव का है।
प्रशासन को गुप्त सूचना मिली थी कि सरकारी धान को अवैध रूप से एक निजी फार्म हाउस में छिपाकर रखा गया है। सूचना के आधार पर त्योंथर एसडीएम, नायब तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारियों की टीम ने फार्म हाउस पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान अधिकारी तब दंग रह गए जब फार्म हाउस के भीतर 977 बोरी धान का अवैध भंडारण पाया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि यह धान उन सरकारी बारदानों में भरा हुआ था, जो केवल समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी के लिए आवंटित किए जाते हैं। इससे स्पष्ट संकेत मिले कि इस धान को अवैध तरीके से सरकारी कोटे में खपाने की तैयारी की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक शैलेंद्र तिवारी और उनका भाई प्रदीप तिवारी मौके से फरार मिले। हालांकि, उनका एक अन्य भाई ज्ञानेंद्र तिवारी वहां मौजूद था, जो धान के स्वामित्व से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने समीक्षा बैठक के दौरान इस मामले में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने खाद्य नियंत्रक को तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जिले की सीमाएं अन्य राज्यों से सटी होने के कारण व्यापारियों द्वारा अवैध धान खपाने की संभावना बनी रहती है, जिसे रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
कलेक्टर के कड़े रुख के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी विनीत मिश्रा ने जनेह थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने समिति प्रबंधक शैलेंद्र तिवारी और उनके भाई प्रदीप तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शैलेंद्र तिवारी को समिति प्रबंधक के पद से हटा दिया गया है। परसिया स्थित विवादित खरीदी केंद्र को बंद करने का निर्णय लिया गया है। आस-पास के अन्य केंद्रों पर किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि रीवा जिले में धान उपार्जन का लक्ष्य लगभग 3.70 लाख मीट्रिक टन है, जिसमें से 90% से अधिक लगभग 3.42 लाख मीट्रिक टन खरीदी पूरी हो चुकी है। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उपार्जन के अंतिम 10-15 दिनों में विशेष निगरानी रखी जाए, क्योंकि इसी दौरान गड़बड़ी की संभावनाएं सबसे अधिक होती हैं। प्रशासन अब जिले के अन्य केंद्रों, जैसे चाकघाट विपणन समिति, की भी जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं और भी इस प्रकार की अनियमितताएं तो नहीं हो रही हैं। पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
मंडला। एमपी के मंडला में किन्नरों के साथ हुई डेढ़ लाख रुपए की लूट का खुलासा कर दिया है. मामले में पुलिस ने जबलपुर से पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे लूट का कुछ रुपया व घटना मेें प्रयुक्त कार बरामद कर ली है.
बताया गया है कि मंडला के कचहरी मोहल्ला निवासी सुनिता मौसी उर्फ शबनम उम्र32 वर्ष अपनी पार्वती मौसी के साथ मोटरसाइकिल से बड़ी खैरी जाने के लिए निकली. रात करीब 9 बजे के लगभग हनुमान घाट के आगे एक सफेद रंग की कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. टक्कर लगते ही सुनिता व पार्वती मोटर साइकल सहित सड़क पर गिर गई, उनका डेंढ़ लाख रुपए से भरा पर्स भी गिर गया, इस दौरान कार से उतरे दो युवकों ने पर्स उठाया और मौके से फरार हो गए.
सुनीता मौसी ने 31 दिसंबर को थाना कोतवाली में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक टीम का गठन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी पर दस हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया.
पुलिस की टीम आरोपियों की तलाश में जुटी रही, इस दौरान पुलिस का खबर मिली कि लूट का मास्टर माइंड सलमान खान फरियादी के समूह की एक सदस्य से परिचित था. उसने इस परिचय का फायदा उठाकर उनकी दिनचर्या और पैसों की जानकारी हासिल की. इसके बाद आरोपी जबलपुर से टाटा-जेस्ट कार से मंडला पहुंचे. उन्होंने पहचान छिपाने के लिए कार का नंबर काले प्लेट बदल दी और सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया.
लूट के बाद आरोपी अंजनिया मार्ग से फरार हो गए और रास्ते में ही लूटी गई रकम आपस में बांट ली. पुलिस ने इस मामले में जबलपुर से इमरान अंसारी, श्याम सुंदर चौहान, दीपक चौधरी, मोहम्मद सलमान व सलमान खान को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 32,100 रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल टाटा जेस्ट कार बरामद की गई है. शेष राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं.
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दो हजार की रिश्वत ने छीनी वर्दी की इज्जत, कॉन्स्टेबल को चार साल की सजा
जबलपुर. पुलिस की वर्दी कानून की रक्षा और जनता के भरोसे का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन जब वही वर्दीधारी कानून को ताक पर रखकर लालच का रास्ता चुन ले, तो न्याय का कठोर संदेश भी उतना ही स्पष्ट होता है. जबलपुर के शाहपुरा थाने में पदस्थ रहे आरक्षक विवेक साहू को महज दो हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में अब चार साल की सजा काटनी होगी. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए आरोपी कॉन्स्टेबल की अपील खारिज कर दी है और उसका बेल बॉन्ड निरस्त करते हुए जेल भेजने के आदेश जारी किए हैं. यह फैसला न केवल आरोपी के लिए बल्कि पूरे सिस्टम के लिए एक सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है.
यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था. आरोपी आरक्षक विवेक साहू ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई चार साल की सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उसने अपनी अपील में यह तर्क दिया कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है और सजा अनुचित है. लेकिन हाईकोर्ट ने सभी साक्ष्यों, गवाहों और केस के तथ्यों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद यह स्पष्ट कर दिया कि ट्रायल कोर्ट का निर्णय पूरी तरह न्यायसंगत और कानून के अनुरूप है.
हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजेंद्र कुमार वाणी की एकलपीठ ने की. अदालत के समक्ष यह तथ्य सामने आए कि विवेक साहू शाहपुरा थाने में पदस्थ रहते हुए एक चेक बाउंस के मामले में आरोपी देवी सिंह के खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट की तामीली के लिए जिम्मेदार था. न्यायालय द्वारा वारंट जारी किए जाने के बावजूद आरक्षक ने अपनी ड्यूटी का पालन नहीं किया. आरोप है कि उसने देवी सिंह को गिरफ्तारी की धमकी दी और बदले में दो हजार रुपये की रिश्वत की मांग की.
मामले के अनुसार, बाद में गैर जमानती वारंट निरस्त हो गए और देवी सिंह को जमानत का लाभ मिल गया. इसके बावजूद आरक्षक ने उसे डराया-धमकाया और गिरफ्तारी का भय दिखाकर रिश्वत की मांग जारी रखी. पीड़ित देवी सिंह ने जब यह महसूस किया कि उसके साथ अन्याय हो रहा है और कानून की आड़ में उससे पैसे वसूले जा रहे हैं, तो उसने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई.
शिकायत के आधार पर लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और शाहपुरा थाने में पदस्थ आरक्षक विवेक साहू को दो हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया. इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले की जांच की गई और पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए गए. ट्रायल कोर्ट में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यह साबित किया कि आरोपी ने न केवल रिश्वत की मांग की, बल्कि उसे स्वीकार भी किया. गवाहों के बयान, लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों ने आरोपी के खिलाफ मजबूत केस खड़ा किया.
ट्रायल कोर्ट ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विवेक साहू को दोषी ठहराते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर सजा पर रोक और जमानत की मांग की थी. हालांकि हाईकोर्ट ने अपील की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट के फैसले में किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं है.
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि एक पुलिसकर्मी से अपेक्षा की जाती है कि वह कानून का पालन करे और जनता की सेवा करे. यदि वही व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगता है, तो यह न केवल अपराध है बल्कि समाज के भरोसे के साथ भी धोखा है. अदालत ने यह भी कहा कि दो हजार रुपये की रकम भले ही छोटी लग सकती है, लेकिन अपराध की गंभीरता रकम से नहीं, बल्कि उसके प्रभाव और उद्देश्य से तय होती है.
कोर्ट ने गवाहों और साक्ष्यों को विश्वसनीय मानते हुए यह निष्कर्ष निकाला कि आरोपी आरक्षक ने जानबूझकर अपने पद का दुरुपयोग किया. इसलिए ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा उचित है और उसमें किसी प्रकार की नरमी बरतने का कोई आधार नहीं है. इसी के साथ हाईकोर्ट ने आरोपी का बेल बॉन्ड निरस्त कर उसे तुरंत जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए.
इस फैसले के बाद यह मामला पूरे जबलपुर और प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है. आम लोगों का कहना है कि यह निर्णय भ्रष्टाचार के खिलाफ एक मजबूत संदेश देता है. वहीं, कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फैसले से निचले स्तर पर फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.
यह मामला यह भी दिखाता है कि लोकायुक्त जैसी संस्थाओं की सक्रियता और आम नागरिक की हिम्मत मिलकर भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर सकती है. यदि देवी सिंह शिकायत दर्ज कराने से पीछे हट जाता, तो संभव है कि यह मामला सामने ही न आता. लेकिन उसकी शिकायत ने न केवल उसे न्याय दिलाया, बल्कि यह भी साबित किया कि कानून के दायरे में रहते हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जा सकती है.
हाईकोर्ट का यह फैसला पुलिस विभाग के लिए भी आत्ममंथन का विषय है. वर्दी की गरिमा बनाए रखने और जनता का विश्वास कायम रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी मानी जा रही है. दो हजार रुपये की रिश्वत ने एक आरक्षक के करियर, प्रतिष्ठा और आजादी—तीनों को छीन लिया. यह फैसला आने वाले समय में उन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए चेतावनी है, जो अपने पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ कमाने की सोच रखते हैं.
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इंदौर जहरीला पानी : सरकार का रवैया निराशाजनक, हाईकोर्ट बोला- घटना ने देशभभर में शहर की इमेज खराब की
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से हुई मौतों का मामला देशभर में गहन चिंता का विषय बन गया है। वहीं इस घटना को लेकर कांग्रेस ने इंदौर के सभी वार्डों में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी प्रदर्शन में शामिल हुए और राज्य सरकार पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।
उधर, मंगलवार (6 जनवरी) को इस मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस घटना ने इंदौर शहर की छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया है। कोर्ट ने कहा कि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर माना जाता है, लेकिन अब दूषित पेयजल के कारण यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पीने का पानी ही दूषित हो, तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह समस्या सिर्फ शहर के एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इंदौर शहर के पेयजल की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले में मुख्य सचिव को सुनने की जरूरत बताई।मंगलवार की सुनवाई में शीर्षकोर्ट ने अगली सुनवाई में मध्य प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी को वर्चुअली पेश होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को होगी।
इस बीच, दूषित पानी पीने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। फिलहाल 110 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 311 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं, 15 मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उल्टी-दस्त के 38 नए मामले सामने आए हैं। इनमें से 6 मरीजों को बेहतर इलाज के लिए अरबिंदो हॉस्पिटल रेफर किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है, लेकिन सवाल अब भी बने हुए हैं कि आखिर देश के सबसे स्वच्छ शहर में लोगों को सुरक्षित पेयजल क्यों नहीं मिल पा रहा है।
इंदौर में दूषित पेयजल से हुई मौतों के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अहम तथ्य सामने आए हैं। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि 31 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम को नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। हालांकि, याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि प्रभावित क्षेत्रों में अब भी जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह स्वच्छ और पीने योग्य नहीं है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में किए गए दावों के बावजूद जमीनी हकीकत इससे अलग है और लोगों को अब भी दूषित पानी ही मिल रहा है।
इस मामले में दायर अन्य याचिकाओं में प्रशासन की गंभीर लापरवाही का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इस घटना से पहले स्थानीय निवासियों ने दूषित पानी को लेकर कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन प्रशासन और नगर निगम ने उन पर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर समय रहते इन शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता और आवश्यक रोकथाम के कदम उठाए गए होते, तो इतने बड़े स्तर पर लोग बीमार नहीं पड़ते और जान-माल का नुकसान टल सकता था। कोर्ट ने इन दलीलों को गंभीरता से लेते हुए संकेत दिए कि पूरे मामले की गहराई से जांच जरूरी है। अगली सुनवाई में प्रशासन की जवाबदेही और किए गए कदमों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
नेपाल के परसा जिले के बीरगंज शहर में हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। मस्जिद में तोड़फोड़ के आरोपों के बाद दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ गया। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने बीरगंज के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।
बीरगंज भारत के रक्सौल बॉर्डर से सटा हुआ शहर है। हालात को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
विवाद की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल एक टिकटॉक वीडियो से हुई। इस वीडियो में दो मुस्लिम युवक हिंदू समुदाय के बारे में आपत्तिजनक बातें करते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई।
इसके बाद दक्षिणी नेपाल के धनुषा जिले में एक मस्जिद में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना सामने आई। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
मस्जिद में तोड़फोड़ के बाद नेपाल के मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रविवार (4 जनवरी 2025) को बीरगंज में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर टायर जलाए गए और नारेबाजी हुई। हालात तनावपूर्ण हो गए।
स्थानीय प्रशासन ने सोमवार (5 जनवरी 2025) को बीरगंज के कुछ इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया। आदेश के तहत किसी भी तरह के मेले, जुलूस, सार्वजनिक सभा और विरोध प्रदर्शन पर रोक लगा दी गई है।
कर्फ्यू वाले इलाके-
पूर्व: बस पार्क
पश्चिम: सिरसिया ब्रिज
उत्तर: पावर हाउस चौक
दक्षिण: शंकराचार्य गेट
यह आदेश सोमवार दोपहर 1 बजे से अगली सूचना तक लागू रहेगा।
प्रशासन ने साफ किया है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो में कुछ लोगों को धनुषा के सखुवा मारन इलाके में मस्जिद में तोड़फोड़ और कुरान की एक प्रति जलाते हुए देखा गया है।
जानकारी के मुताबिक, धनुषा जिले के एसपी बिश्व राज खड़का ने बताया कि टिकटॉक वीडियो बनाने वाले दो मुस्लिम युवकों और मस्जिद में तोड़फोड़ करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। धनुषा जिला कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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UP SIR 2026 : आ गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 2.89 करोड़ नाम कटे, जिनके नाम छूटे उन्हें एक और मौका
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट मंगलवार को जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 2.89 करोड़ नाम, यानी करीब 18 फीसदी वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है, जो राज्य से बाहर शिफ्ट हो चुके हैं या जिनका नाम एक से ज्यादा जगह दर्ज था।
SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद आंकड़े
अब कुल मतदाता हैं 12.55 करोड़
कुल कम हुए वोटर - 2.89 करोड़
नए पोलिंग बूट बनाए गए - 15030
गणना पत्र प्राप्त हुए - 12 करोड़ 55 हजार
स्थायी रूप से शिफ्ट हुए वोटर - 2.17 करोड़
मृत पाए गए वोटर - 46.23 लाख
डुप्लीकेट या लापता वोटर - 25.47 लाख
आंकड़ों ने बढ़ाई सियासी और आम लोगों की चिंता
SIR से पहले उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता थे। अब ड्राफ्ट लिस्ट में नामों की संख्या में भारी कटौती सामने आने के बाद राजनीतिक दलों से लेकर आम मतदाताओं तक चिंता बढ़ गई है। जिन लोगों का नाम सूची से कट गया है या जिनकी जानकारी गलत दर्ज है, वे 6 फरवरी तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
निर्वाचन आयोग की ओर से फिलहाल केवल ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई है। आयोग के अनुसार फाइनल वोटर लिस्ट 6 मार्च को प्रकाशित की जाएगी। इस बीच मतदाताओं को अपनी प्रविष्टियां जांचने का मौका दिया गया है, ताकि किसी तरह की त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके।
अगर किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है, लेकिन नाम, पता या अन्य जानकारी गलत दर्ज है, तो वह 6 फरवरी तक अपने क्षेत्र के बीएलओ कार्यालय में आपत्ति दर्ज करा सकता है। इसके लिए फॉर्म-6 भरकर जमा करना होगा। 6 जनवरी से 6 फरवरी तक मिलने वाली सभी आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी तक किया जाएगा।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के बाद 6 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि राज्य में वास्तविक मतदाता संख्या क्या रहेगी।
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UPSC में 4 बार फेल, लेकिन पिता की खुशी के लिए बना फर्जी IAS अधिकारी; लेकिन जब असली पुलिस वाले से टकराया खुल गई नकली अफसर की पोल
झारखंड के एक 35 वर्षीय शख्स को सात साल तक फर्जी अधिकारी बनकर घूमने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह शख्स खुद को भारतीय डाक और दूरसंचार लेखा एवं वित्त सेवा (IPTAS) अधिकारी बताता था. लेकिन उसकी एक चालाकी ने ही उसे फंसा दिया. झारखंड के कुखी के रहने वाले राजेश कुमार ने चार बार यूपीएससी सिविल सर्विस का एग्जाम दिया था, लेकिन चारों बार फेल हो गया था. पर वह अपने पिता को सफल होकर दिखना चाहता था, जिसकी वजह से उसने अधिकारी बनने का केवल ढोंग किया.
इसकी पोल तब खुली, जब वह 2 जनवरी को जमीन विवाद के सिलसिले में थाना प्रभारी से मिलने के लिए हुसैनाबाद थाने पहुंचा. उसने वहां खुद का परिचय 2014 बैच के ओडिशा कैडर के IAS अधिकारी के रूप में दिया. साथ ही बताया कि वर्तमान में भुवनेश्वर में मुख्य लेखा अधिकारी के रूप में कार्यरत है. बातचीत के दौरान, कुमार ने कहा कि वह देहरादून, हैदराबाद और भुवनेश्वर सहित कई राज्यों में तैनात रहे. पुलिस स्टेशन से निकलने से पहले उसने IPTAFS अधिकारी होने का भी दावा किया.
उसकी बातों पर एसएचओ को शक हुआ. इसके बाद उसकी जांच करवाई गई, तब जाकर पता चला कि राजेश कुमार किसी भी सरकारी नौकरी में नहीं है. इसके बाद उसे हिरासत में ले लिया गया.
पूछताछ के दौरान, कुमार ने बताया कि उसने चार बार UPSC सिविल सर्विस का एग्जाम दिया था, लेकिन कामयाब नहीं हो पाए. अपने पिता की इच्छा पूरी करने के लिए, उसने बड़ा अधिकारी बनने का नाटक किया. वह एक फर्जी आईडी कार्ड लेकर चलता था. इसके साथ ही वह JH01Z-4884 नंबर की कार से घूमता था. कार पर ‘भारत सरकार’ और फर्जी नेमप्लेट लगी हुई थी. कुमार के पास चाणक्य आईएएस एकेडमी का एक फर्जी आईडी कार्ड भी था. पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में कांग्रेस पार्षद पर एक घर पर बम फेंकने और पत्थर बाजी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि 20 से ज्यादा लड़कों के साथ मिलकर घर पर हमला किया गया। इससे जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में उपद्रवी पत्थर फेंकते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटनाक्रम में चेहरे पर बम लगने से बच्ची घायल हो गई है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है।
दरअसल, भगवान टेंट हाउस और घर पर बदमाशों ने बमबाजी की। करीब 20 से ज्यादा युवकों ने पत्थर फेंकते हुए घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान भगवान टेंट हाउस के ऊपर बने मकान में रह रही महिलाओं ने हिम्मत दिखाई और दबंगों के ऊपर पानी फेंके और पुलिस को इसकी जानकारी दी। हालांकि, पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से फरार हो गए।
पीड़ित पूनम थदानी ने बताया कि घमापुर के लाल मीठी चुंगी चौकी इलाके का मामला है। 20 नवंबर को उनकी दुकान पर आग भी लगाई थी। 25 दिसंबर को उन्होंने पत्थरबाजी की थी जिसके बाद हम घर छोड़कर चले गए थे। 1 घंटे पहले वापिस आए तो 20-25 लड़कों जिनमें जित्तू ठाकुर, छोटू ठाकुर, भैयालाल, यश ठाकुर, हर्ष, पीयूष और राजवीर भी थे।
उन्होंने ताबड़तोड़ पत्थरबाजी और बमबाजी की। 3 मंजिल बिल्डिंग क्षतिग्रस्त कर दी जिसमें करीब 8 लाख का नुकसान हुआ है। बच्ची जैस्मिन के चेहरे पर बम लगा है जो अस्पताल में भर्ती हैं और गंभीर रूप से घायल है।पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
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दूषित पानी कांड के बाद इंदौर आ सकते हैं राहुल गांधी, जीतू पटवारी ने दिए संकेत
भोपाल। मध्य प्रदेश के दूषित पानी कांड को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा को घेर रही है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के जल्द इंदौर आने की जानकारी सामने आ रही है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने इसके संकेत दिए हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने राहुल गांधी के ऑफिस को इंदौर मामले की पूरी जानकारी दी है। जिसके बाद राहुल गांधी के इंदौर आने का फैसला उनका कार्यालय करेगा।
जीतू पटवारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंदौर वालों ने भाजपा पर लगातार भरोसा किया। उन्हें सांसद दिया, नगर निगम दी, इस बार सभी 9 विधायक भी दिए। स्वाभाविक है कि इंदौर की जनता उनके अहंकार से पीड़ित है। उनके भ्रष्टाचार से रोज यातनाएं सह रही हैं। हम कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग जिद की वजह से नहीं कर रहे हैं। किसी को जवाबदेही लेनी पड़ेगी। अगर सरकार जवाबदेही नहीं बनाएगी तो 26 बच्चों की कफ सिरप से मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग वैसे ही काम कर रहा है और आज भी वहां अराजकता है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई जिम्मेदारी नहीं लेगा तो आखिर यह तंत्र कैसे बचेगा। इसलिए हमने 11 जनवरी को न्याय मार्च की भावना व्यक्त की है। उन्होंने इंदौर वासियों से इसमें शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने हर घर नल से जल का नारा दिया। 10 साल सरकार ने इस पर काम किया और करोड़ों रुपए खर्च किए। इंदौर में 2400 करोड़ रुपए सिर्फ पानी पर खर्च होते हैं लेकिन जहरीला पानी मिलता है।
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बोले दिग्विजयः लोग मर रहे और पार्षद झूला झूल रहा, इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता, मैं पंडित प्रदीप मिश्रा को संत नहीं मानता
सीहोर। पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन करने पहुंचे दिग्विजय सिंह की दूषित पानी से मौत मामले में प्रतिक्रिया सामने आई है। कहा- इंदौर में लोग मर रहे और पार्षद झूला झूल रहा, इससे ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। मैं प्रदीप मिश्रा को संत नहीं मानता और न कोई वक्ता, वह मीडिया में आने के लिए कुछ भी बोल देते हैं। प्रधानमंत्री मोदी विदेश में जाकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माला चढ़ाते और देश में उन्हीं के नाम पर चल रही योजना का नाम बदल रहे हैं। इंदौर में इतनी बड़ी घटना हुई और प्रधानमंत्री का एक ट्विट तक नहीं आया यह शर्मनाक है।
दरअसल रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ग्राम खेरी पहुंचे और पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन मजबूती के तहत हम पंचायत स्तर पर पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन कर रही हैं जिसमें हमारे बाल कांग्रेस, एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस, सेवादल, महिला कांग्रेस, आईटी सेल जैसे हमारे संगठनों के सदस्य होंगे। अब हमारे लोगों की लड़ाई हम पंचायत स्तर से लड़ना शुरू करेंगे लेकिन पंचायत स्तर पर ही हमें पार्टी को चलाने के लिए फंड भी एकत्रित करना होगा,जिसका व्यय भी हम पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में ही किया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी विपक्ष में और भाजपा सरकार में है और खूब भ्रष्टाचार हो रहा है। आज एक नामांतरण बता दीजिए जो बिना पैसे के हुआ हो। हमारी सरकार में हमने पंचायत को ही बंटवारा नामांतरण का अधिकार दे दिया था, जिससे बिना पैसे के ही ये राजस्व संबंधी काम हो जाया करते थे। आज किसान परेशान, युवा बेरोजगार है। कांग्रेस हमेशा गरीबों की बात करती थी भाजपा अमीरों की बात करती है।
यह क्षेत्र खाती बाहुल्य क्षेत्र है आज तक भाजपा ने खाती समाज से प्रदेश अध्यक्ष नहीं दिया लेकिन हमारी कांग्रेस ने खाती समाज से जीतू पटवारी को अध्यक्ष बनाया है। जीतू युवा और खूब मेहनत कर रहा हैं। आम जनों की लड़ाई लड़ रहा हैं हमें भी उनका सहयोग करना चाहिए। मैं कहना चाहूंगा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर शायद ही कोई इतनी मेहनत कर पाता जितनी जीतू पटवारी कर रहा है।
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक युवक प्रतिबंधित चाइना डोर की चपेट में आ गया। जिससे उसका गला कट गया। बताया जा रहा है कि युवक के गले में 12 टांके लगाए गए है। डॉक्टरों ने करीब दो घंटे तक ऑपरेशन किया। लेकिन सवाल उठ रहे है कि चाइनीच मांजे पर प्रतिबंध के बाद भी इसकी बिक्री और इस्तेमाल पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है।
जानकारी के मुताबिक, जीरापुर निवासी विनय पिता धनश्याम तिवारी (20), जो वर्तमान में जयसिंहपुरा में किराए के मकान में रहकर पंडिताई का कार्य करता है। बुधवार शाम करीब 6 बजे चाइना डोर की चपेट में आ गया। बाइक से सामान लेने जाते समय अचानक चाइना डोर उसके गले में फंस गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल युवक का करीब दो घंटे तक ऑपरेशन चला, जिसे डॉ. आंसू वर्मा ने अंजाम दिया। डॉक्टरों के अनुसार, गले में 10 से 12 टांके लगे और चाइना डोर का टुकड़ा भी ऑपरेशन के दौरान निकाला गया। ऑपरेशन के बाद परिजन घायल को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले गए हैं। आपकों बता दें कि उज्जैन में चाइना डोर की बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद भी चाइना डोर की बिक्री और इसका उपयोग किया जा रहा है।
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किसानों को 10 घंटे बिजली दें, समाधान योजना में लापरवाही पर डिमोशन होगा: ऊर्जा मंत्री
जबलपुर. समाधान योजना में निर्धारित लक्ष्य के अनुसार उपलब्धि नहीं प्राप्त होने तथा कार्य में लापरवाही पर अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं डिमोशन किया जाएगा. ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह बात समाधान योजना की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा के दौरान कही. उन्होंने कहा कि रबी सीजन में किसानों को हर हॉल में 10 घंटे की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करें. श्री तोमर ने सर्किलवार योजना की प्रगति की समीक्षा की.
समाधान योजना में नम्बर एक आने पर मिलेंगे 50 हजार-ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने कहा कि समाधान योजना में जो सर्किल सबसे अच्छी उपलब्धि अर्जित करेगा, उसके अधीक्षण यंत्री को 50 हजार रूपये का इनाम दिया जाएगा. कंपनी क्षेत्रार्न्तगत प्रथम सर्किल को 25 हजार और सर्वश्रेष्ठ सहायक यंत्री को 11 हजार का पुरस्कार दिया जाएगा. संबंधित अभियंता की गोपनीय चरित्रावली में भी इसकी इंट्री की जाएगी.
2 लाख से अधिक के वकायादारों से सीई,एसई बात करें-ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के 2 लाख रूपए से अधिक के बिजली बिल बकाया हैं, उनसे मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता स्वयं बात करें. इसका डिटेल मंत्री कार्यालय को भी दें. उन्होंने कहा कि प्रथमत: बड़े बकायादारों से सख्ती से वसूली करें. कंपनी की आर्थिक स्थिति ठीक करने के लिए यह कार्य जरूरी है. वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड का भ्रमण करें.
अभी तक जमा हुये 578 करोड़ रूपए-समाधान योजना में अभी तक 578 करोड़ 22 लाख रूपए जमा हुए हैं. बिजली उपभोक्ताओं के 264 करोड़ 17 लाख रूपए के सरचार्ज माफ किए गए हैं. सर्वाधिक 382 करोड़ 72 लाख रूपए मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में जमा हुए हैं. योजना का प्रथम चरण 31 जानकारी तक चलेगा.
ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले ने कहा कि लंबित बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के बिजली कनेक्शन काटे जाएं. उन्होंने कहा कि लक्ष्य के अनुसार वसूली जरूरी है. इस दौरान एम.डी. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनय द्विवेदी, एम.डी. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह सहित सभी अधिकारी बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए.
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ग्वालियर में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला का आशिक निकला हत्यारा,आमलेट के टुकड़े से कातिल तक पहुंची पुलिस
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 29 दिसंबर को मिले महिला के शव की AI की मदद से पहचान के साथ पुलिस ने अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए दुष्कर्म और हत्या करने वाले आरोपी युवक को गिरफ्तार कर आरोपी से पूछताछ में शुरू कर दी हैं। दरअसल गोले का मंदिर थाना क्षेत्र के ग्वालियर भिंड रोड स्थित कटारे फॉर्म के जंगल की झाड़ियां में 29 दिसंबर शाम को एक महिला का शव नग्न अवस्था में पुलिस को मिला था। महिला के चेहरे पर गंभीर चोट के निशान होने के कारण महिला की शिनाख़्त नहीं हो पा रही थी, लेकिन पुलिस ने AI की मदद से महिला का फोटो बनाकर उसकी पहचान करने के लिए प्रयास किया।
इसके साथ ही मौके से मिले अंडे के आमलेट के टुकड़ा मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने आसपास अंडे के ठेलों पर जानकारी की एक ठेले वाले ने बताया की महिला 2 युवक के साथ आई थी, जिसके बाद महिला की पहचान संगीता पाल निवासी टीकमगढ़ के रूप में की। महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में दिख रहे संदिग्ध युवक की फोटो ठेले वाले को दिखाई और पुष्टि हुई की सीसीटीवी कैमरे में दिख रहे संदिग्ध युवक ने ही दुष्कर्म के बाद हत्या की है। पुलिस ने संदिग्ध युवक की तलाश शुरू की मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने युवक को रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में युवक ने बताया कि उसका नाम सचिन सेन है और वह महिला से शादी करना चाहता था, लेकिन महिला के अन्य पुरुषों से भी संबंध होने के शक में पहले उसे बहला फुसला कर कटारे फॉर्म के जंगल की झाड़ियां में ले गया। दोनों ने बैठकर शराब पी और जब महिला संगीता पाल को नशा ज्यादा हो गया तो उसके साथ दुष्कर्म किया और हत्या कर मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी युवक सचिन सेन को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है।
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