कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मटवारा में दलित उत्पीड़न और दबंगई का एक बेहद रोंगटे खड़े कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ मामूली कहासुनी के बाद करीब एक दर्जन से अधिक दबंगों ने घर में जबरन घुसकर एक दलित युवक के कपड़े फाड़कर उसे नग्न कर दिया और लात-घूसों व डंडों से बेरहमी से पीटा। इस दौरान जब पीड़ित की असहाय मां अपने बेटे को बचाने आई, तो दबंगों ने उसके साथ भी जमकर अभद्रता की और उसके कपड़े फाड़ दिए।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 29 सितंबर की शाम की है। पीड़ित अरविंद ने बताया कि निवार बाजार में उसकी गाड़ी से एक स्कूटी को मामूली झटका लग गया था। इसी मामूली बात पर आक्रोशित होकर संजू बर्मन, सिद्धार्थ पाण्डेय और उनके अन्य साथियों ने बीच बाजार अरविंद से मारपीट की। अरविंद जान बचाकर मटवारा स्थित अपने घर पहुँचा, लेकिन आरोपी शांत नहीं हुए। वे करीब एक दर्जन से अधिक उपद्रवियों की भीड़ लेकर अरविंद के घर आ धमके और जबरन अंदर घुस गए।
पीड़ित की मां के अनुसार, दबंगों ने घर पर धावा बोलकर छोटे बेटे को घसीटते हुए आंगन में ला खड़ा किया। आरोपियों ने उसके सारे कपड़े फाड़कर उसे नग्न कर दिया और लात-घूसों तथा डंडों से निर्दयतापूर्वक पीटना शुरू कर दिया। बेबस मां अपने जवान बेटे को चंगुल से छुड़ाने के लिए रहम की भीख मांगती रही, लेकिन आरोपियों का दिल नहीं पसीजा। जब मां ने बेटे को बचाने की कोशिश की, तो दबंगों ने उनके साथ भी हाथापाई की और उनके कपड़े फाड़ दिए
घटना के तुरंत बाद पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में स्लीमनाबाद थाने पहुँचा, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने शुरुआती स्तर पर मामले को दबाने का प्रयास किया और एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल करती रही। स्थानीय पुलिस की इस बेरुखी से हताश होकर पीड़ित परिवार ने 1 अक्टूबर को कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा के समक्ष उपस्थित होकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। SP के कड़े हस्तक्षेप के बाद स्लीमनाबाद पुलिस तत्काल हरकत में आई और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
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नसबंदी के बाद महिला की संदिग्ध मौत: आरोप- ‘एक के बाद एक लगे 3 इंजेक्शन, फिर थम गई पल्स’
विदिशा। विदिशा जिला अस्पताल में नसबंदी के बाद एक 31 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि नसबंदी के कुछ घंटे बाद पेट में दर्द होने पर महिला को लगातार तीन इंजेक्शन लगाए गए। तीसरा इंजेक्शन लगने के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और पल्स बंद हो गई। इसके बाद महिला को ICU में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मृतका की पहचान बंटी नगर निवासी 31 वर्षीय संगीता लोधी, पत्नी त्रिलोक लोधी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक संगीता की यह तीसरी डिलीवरी थी। प्रसव पीड़ा होने पर घर पर ही उसकी सामान्य डिलीवरी हुई और बेटी का जन्म हुआ। नाल नहीं कटने के कारण परिजन जच्चा-बच्चा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने के समय मां और बच्ची दोनों स्वस्थ थे। इसके बाद संगीता की सहमति से नसबंदी की गई। परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के बाद कई घंटे तक उसकी हालत सामान्य रही, लेकिन बाद में पेट में दर्द होने पर नर्स से इंजेक्शन देने के लिए कहा गया। आरोप है कि एक के बाद एक तीन इंजेक्शन लगाए गए। तीसरा इंजेक्शन लगने के बाद संगीता की हालत अचानक बिगड़ गई और उसकी पल्स बंद हो गई
इसके बाद अस्पताल स्टाफ ने महिला को ICU में भर्ती कर उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने इंजेक्शन, इलाज की प्रक्रिया और महिला की मौत के कारण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। फिलहाल महिला की मौत की वजह स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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80 की उम्र में दिग्विजय की 930 किमी लंबी ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का रूट तय, विजयदशमी से होगी शुरुआत
भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह विजयदशमी के पावन अवसर पर एक ऐतिहासिक और लंबी पदयात्रा का आगाज करने जा रहे हैं। ‘राम मंदिर चंदा चोरी’ के मुद्दों को लेकर निकाली जा रही इस ‘सनातन स्वाभिमान यात्रा’ का पूरा रूट चार्ट तय हो चुका है। 80 साल की उम्र में दिग्विजय सिंह उज्जैन से लेकर अयोध्या तक लगभग 930 किलोमीटर का सफर पैदल तय करेंगे।
महाकाल की नगरी उज्जैन से शुरू होने वाली यह पदयात्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरेगी। तय कार्यक्रम के अनुसार यात्रा का रूट इस प्रकार रहेगा। मध्य प्रदेश का हिस्सा: उज्जैन (महाकालेश्वर मंदिर) से उठने वाली यात्रा तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर, चंदेरी और निवाड़ी जिले के ऐतिहासिक ओरछा (रामराजा सरकार) तक पहुंचेगी। उत्तर प्रदेश का हिस्सा: ओरछा के बाद यात्रा उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगी, जो चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात और बाराबंकी से होते हुए आगे बढ़ेगी।
यह पैदल यात्रा लगभग 70 दिनों में पूरी होगी। इस दौरान दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से गुजरते हुए कुल 930 किलोमीटर की लंबी दूरी पैदल नापेंगे। 80 वर्ष की उम्र में इस तरह की कठिन और लंबी पदयात्रा निकालने के उनके फैसले ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
यात्रा के अंतिम चरण में यह पवित्र नगरी अयोध्या पहुंचेगी, जहां 930 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद रामलला के दर्शन के साथ इस यात्रा का समापन होगा। इस यात्रा के जरिए कांग्रेस पार्टी एक बार फिर धार्मिक और वैचारिक मुद्दों पर आक्रामक तेवर दिखाने की तैयारी में है, जिस पर राजनीतिक दलों की पैनी नजर बनी हुई है।
रतलाम। रतलाम जिले के ताल कस्बे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए शिक्षक को पेड़ से रस्सी से बांधकर जमकर पीटा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, वहीं पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गत 3 अक्टूबर की है। ताल इलाके में एक शिक्षक पर नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगा था। इस बात की भनक लगते ही ग्रामीणों और आक्रोशित लोगों में गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि भीड़ ने शिक्षक को पकड़कर एक पेड़ से रस्सी के सहारे बांध दिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। घटना के दौरान वहां मौजूद किसी शख्स ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शिक्षक पर पॉक्सो व अन्य धाराओं में केस: मामले की सूचना मिलते ही ताल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने छेड़छाड़ और संबंधित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया।
इस मामले में पुलिस के दोहरे रवैये को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं। एक तरफ जहां पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया गया है।स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि वायरल वीडियो में शिक्षक को पेड़ से बांधकर पीटने वाले लोगों के चेहरे साफ तौर पर दिखाई दे रहे हैं, इसके बावजूद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कानून हाथ में लेकर भीड़ द्वारा इस तरह मारपीट करने वालों पर सीधी कार्रवाई न होने से ताल पुलिस की कार्यप्रणाली और मंशा पर अब गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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मां ने 1 दिन की बच्ची को मार डाला, फिर रची झूठी कहानी - फिर सामने आया सच
अशोकनगर। जिला अस्पताल में एक दिन की नवजात बच्ची की गला दबाकर हत्या के मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर दिया। कोतवाली पुलिस की जांच में सामने आया है कि नवजात की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी मां ने ही की थी। पुलिस के अनुसार बच्ची को जन्म देने के बाद मां के पास अकेले रहने के दौरान उसने अंगूठे और उंगली से बच्ची का गला दबा दिया। बाद में बच्ची की नाक से खून निकलता देखकर उसने परिजनों को बताया कि बच्ची को पता नहीं क्या हो गया है।
पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने मंगलवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी थी। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। बच्ची की मां भावना विश्वकर्मा और उसकी सास राजन बाई, पति और अन्य रिश्तेदारों से पूछताछ की गई। वहीं नवजात का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें डॉक्टर ने गला घोंटने से मौत होने की पुष्टि की।
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्य घटना की दिशा मां की ओर इशारा कर रहे थे। महिला की तबीयत खराब होने के कारण पुलिस ने उससे तत्काल कड़ाई से पूछताछ करने के बजाय महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में संवेदनशील तरीके से बातचीत की। जब वह बातचीत करने की स्थिति में आई तो उससे पूछताछ की गई। करीब चार-पांच घंटे की पूछताछ के बाद उसने बच्ची की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।
प्रसव के बाद नर्स और डॉक्टर द्वारा बच्ची को उसके पास सुलाए जाने के बाद मां और बच्ची कुछ समय के लिए अकेले थे। पुलिस के मुताबिक इसी दौरान उसने बच्ची का गला दबा दिया। पुलिस के अनुसार बच्ची की हत्या के बाद मां ने घटना को छिपाने का प्रयास किया और परिजनों को बताया कि बच्ची की तबीयत अचानक खराब हो गई है। बच्ची की नाक से खून निकलने के बाद मामला सामने आया। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसपी ने यह भी कहा कि प्रसव के बाद महिला की शारीरिक और मानसिक स्थिति, परिवार का दबाव तथा घटना से पहले का पूरा माहौल भी विवेचना का हिस्सा है। यदि महिला पर किसी प्रकार का दबाव या ताने दिए जाने की बात सामने आती है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। फिलहाल पुलिस को हत्या में किसी अन्य व्यक्ति के शामिल होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
पुलिस ने पहले नवजात की सास, पिता और अन्य परिजनों से पूछताछ की। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारियों ने बच्ची की मां से संवेदनशील तरीके से पूछताछ की। करीब चार-पांच घंटे की पूछताछ के बाद मां ने बच्ची का गला दबाने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान महिला रो भी रही थी और घटना पर अफसोस जताया।
घटना के समय अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस ने खंगाली। पुलिस के अनुसार जिस अवधि में बच्ची अपनी मां के पास थी, उस दौरान कोई अन्य व्यक्ति अंदर जाता हुआ नहीं दिखाई दिया। अब तक की जांच में भी बच्ची की हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की मदद या संलिप्तता सामने नहीं आई है।
पूछताछ में सामने आया कि परिवार को इस बार बच्चा होने की उम्मीद थी। परिवार में पहले से एक बच्ची होने के कारण बच्ची के जन्म को लेकर मानसिकता नकारात्मक थी। एसपी ने कहा कि परिवार की ओर से किसी प्रकार का दबाव या ताने दिए गए थे या नहीं, इसकी भी विवेचना की जा रही है। फिलहाल पुलिस को हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की प्रत्यक्ष भूमिका के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर रही हैं। शिक्षा, सेना, पुलिस, राजनीति और अंतरिक्ष विज्ञान तक बेटियों ने अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि बेटियों को लेकर समाज की सोच बदलनी होगी। ईश्वर की देन मानकर बेटियों को स्वीकार करना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में उनके साथ इस तरह की क्रूरता नहीं होनी चाहिए।
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अशोकनगर में बिजली तार चोर गिरोह का पर्दाफाश, यूपी-एमपी के 9 आरोपी गिरफ्तार
अशोकनगर। अशोकनगर जिले के ग्रामीण अंचलों में बिजली के खंभों से लाखों रुपए के तार चुराने वाले शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। थाना सेहराई पुलिस ने घेराबंदी कर इस गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें उत्तर प्रदेश के ललितपुर और मध्य प्रदेश के अशोकनगर शहर के आरोपी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए बड़ी मात्रा में विद्युत तार, वारदात में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहन और औजार सहित कुल 21.50 लाख रुपए का माल बरामद किया है। इससे जिले में लगातार हो रही बिजली तार चोरी की कई अन्य वारदातों का भी खुलासा हुआ है।
बिजली कंपनी के कनिष्ठ यंत्री महेश्वर धुर्वे ने सेहराई में थाने में बिजली लाइन का करीब 3 किमी तार चोरी होने की शिकायत की थी। इससे एफआइआर दर्ज कर जांच शुरु की और सूचना मिली तो पुलिस टीम ने खिरिया पठारी रोड पर घेराबंदी कर कुछ संदिग्धों को दबोचा। जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने खंभों से तार काटकर बोलेरो पिकअप में भरकर ले जाने का जुर्म कबूल कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में इन शातिरों ने बताया कि वे केवल सेहराई तक सीमित नहीं थे। इस गिरोह ने चंदेरी के कुंवरपुर और विक्रमपुर, पिपरई, बहादुरपुर, कचनार और नईसराय थाना क्षेत्रों में भी तार चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया था। पुलिस अब इन मामलों में भी इनसे गहन पूछताछ कर रही है। वहीं, इस गिरोह का एक अन्य साथी शिवराम सेन निवासी सिरसी ललितपुर फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।
एसपी राजीवकुमार मिश्रा ने मामले का खुलासा किया और बताया कि इस अंतरराज्यीय तार चोर गिरोह के सदस्यों में उप्र के ललितपुर जिले के जखौरा थाना क्षेत्र निवासी ओमकार लोधी (27), पुष्पेन्द्र लोधी (22), तेज सिंह उर्फ दीपेश (20), उजागर उर्फ झल्लू (31), कुश लोधी (22), अशोकनगर शहर के शंकर कॉलोनी निवासी नीतेश जोशी (21), गोकुलधाम कॉलोनी निवासी अरुण जैन (30), त्रिलोकपुरी कॉलोनी निवासी राजेन्द्र साहू (38) व टीवीएस शोरूम के पास रहने वाल ऋषभ जैन को गिरफ्तार किया हे। जिनके पास बड़ी मात्रा में बिजली तार, तार काटने के विशेष उपकरण, एक बोलेरो कार, एक पिकअप वाहन और एक बाइक बरामद की है।
इस बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को दबोचने में सेहराई पुलिस और साइबर सेल की टीम का अहम योगदान रहा। टीम में थाना प्रभारी धर्मेश दांगी, एएसआइ अनिल कुमार, देवेन्द्र चौहान, लल्लूराम दांगी, प्रधान आरक्षक भानू प्रकाश, अनिल पलिया, आरक्षक दीपक यादव, रोहित, प्रीतम, ज्ञान सिंह, ब्रजेश महोबिया, राहुल कुमार और मनोज रघुवंशी शामिल रहे। वहीं तकनीकी साक्ष्य जुटाने में साइबर सेल के एसआइ संजय गुप्ता, मशीह खान और एएसआइ अभिजीत सिंह की भूमिका भी सराहनीय रही।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 150 गैर-कानूनी बांग्लादेशी नागरिकों पर बड़ा एक्शन लेते हुए डिपोर्ट करने की कार्रवाई की है. जम्मू-कश्मीर में कथित तौर पर अवैध रूप से रह रहे 150 बांग्लादेशी नागरिकों को IAF विमान से बागडोगरा भेजा गया. अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को डिपोर्ट करने को लेकर उठाया गया यह कदम देश भर में अवैध विदेशी प्रवासियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का हिस्सा है.
केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन ने 150 बांग्लादेशी नागरिकों के एक ग्रुप को श्रीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से IAF के एक स्पेशल फ्लाइट के जरिए पश्चिम बंगाल के बागडोगरा के लिए रवाना किया है.
जम्मू कश्मीर प्रशासन ने बीते सोमवार को घोषणा की कि केंद्र शासित प्रदेश में गैर-कानूनी रूप से रह रहे 150 बांग्लादेश नागरिकों के एक ग्रुप को औपचारिक रूप से J&K से भेजा जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस की मदद से प्रशासन ने पूरी कश्मीर घाटी में एक सर्वे किया था, जिसमें करीब 600 बांग्लादेशी नागरिक कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से रहते हुए पाए गए थे.
यह कार्रवाई गृह मंत्रालय द्वारा सीमावर्ती इलाकों में गैर-कानूनी प्रवास और डेमोग्राफी बदलाव की जांच के लिए गठित हाई लेवल कमेटी के गठन के बाद हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों को श्रीनगर पुलिस की देखरेख वाले एक कैंप में रखा गया था. अब इन्हें यहां से उनके देश वापस भेजने के लिए बागडोगरा ले जाया जा रहा है.
गृह मंत्रालय ने 26 मई को इस कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी का मकसद गैर-कानूनी प्रवासन और अन्य वजहों से होने वाले डेमोग्राफी बदलाव का अध्ययन कर उसके उपाय सुझाना है. एक साल के अंदर यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
पिछले वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अपने भाषण में “उच्च स्तरीय जनसांख्यिकी मिशन” की घोषणा के बाद भारतीय सरकार ने इस समिति का गठन किया था.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन्हें 7 अक्टूबर को सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपे जाने के बाद निर्वासित किया जाएगा, जिससे कि ताकि पूर्वी सीमा के रास्ते उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा सके.
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गुजरात: भीषण सड़क हादसा, ट्रेलर में जा घुसी तेज रफ्तार एसयूवी, 7 लोगों की दर्दनाक मौत
भावनगर. गुजरात के भावनगर जिले में दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें सात लोगों की अकाल मौत हो गई. यह भीषण दुर्घटना भावनगर-अलंग राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस वक्त घटी, जब यात्रियों से भरी एक तेज रफ्तार एसयूवी आगे चल रहे ट्रेलर-ट्रक से जा टकराई. टक्कर इतनी भयानक थी कि एसयूवी के परखच्चे उड़ गए और वाहन में सवार छह लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा.
जानकारी के अनुसार, एसयूवी में सवार लोग अलंग स्थित प्रसिद्ध शिप ब्रेकिंग यार्ड (जहाज तोडऩे के कारखाने) की ओर जा रहे थे. राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर के दौरान अचानक कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे बड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी. भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर होकर ट्रेलर के नीचे फंस गया, जिससे अंदर बैठे यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वे गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए.
हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद राहगीर और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े. प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्परता दिखाते हुए घटना की सूचना अलंग थाना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस बल एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचा और क्षतिग्रस्त गाड़ी की बॉडी को काटकर उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. पुलिस ने घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने छह लोगों को मौके पर ही मृत घोषित कर दिया. वहीं, गंभीर रूप से घायल एक अन्य व्यक्ति की इलाज के दौरान सांसे थम गईं.
भीषण सड़क हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और काफी देर तक यातायात बाधित रहा. पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त एसयूवी और ट्रेलर को सड़क किनारे करवाकर आवागमन सुचारू कराया. अलंग पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर दुर्घटना के कारणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है. पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या हादसा कार चालक की तेज रफ्तार या झपकी आने की वजह से हुआ अथवा ट्रेलर चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने से यह दर्दनाक घटना घटी.
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाज पर भीषण हमला, 11 भारतीय क्रू मेंबर घायल, भारत ने की कड़ी निंदा
नई दिल्ली. भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कमर्शियल जहाज पर हमले की जानकारी दी है. एमईए ने हमले की निंदा करते हुए बयान जारी किया. बताया कि ओमान तट के पास होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे पनामा के झंडे वाले जहाज एमटी ऑन पीस (आईएमओ 9893204) पर मंगलवार को हमला किया गया. जहाज पर सवार 19 सदस्यीय चालक दल में 17 भारतीय नागरिक थे, जिनमें से कुल 12 घायल हो गए. इनमें से 11 भारतीय नाविक थे.
भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते समय जहाज पर एक प्रोजेक्टाइल आकर लगा. हमले में 12 चालक दल के सदस्य घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय नागरिक हैं. इसमें आगे बताया गया कि ओमानी अधिकारियों की सहायता से सभी घायल चालक दल के सदस्यों को जहाज से निकालकर सुरक्षित रूप से ओमान के खासाब ले जाया गया, जहां उन्हें चिकित्सा उपचार दिया जा रहा है. भारत ने इस दौरान मदद के लिए ओमानी अधिकारियों का आभार जताया है.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में जहाजों पर हमलों की लगातार हो रही घटनाएं भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं. भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के हित में ऐसे हमलों को तत्काल रोकने की अपनी अपील दोहराई. बयान में कहा गया, क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने का सिलसिला समाप्त होना चाहिए. साथ ही अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के जरिए नौवहन और व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना जरूरी है.
होर्मुज वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है. यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है. भारत ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में सुरक्षित नौवहन और निर्बाध वाणिज्यिक गतिविधियां सुनिश्चित किया जाना क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए जरूरी है.
सीहोर। मंडी अंडरब्रिज के पास सड़क पर उस समय कुदरत का ऐसा हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिला, जिसने राहगीरों के कदम रोक दिए। सड़क के बीचों-बीच एक विषधर सांप और नेवला आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच शुरू हुआ संघर्ष देखते ही देखते इतना रोमांचक हो गया कि मौके पर मौजूद लोगों की निगाहें इसी जंग पर टिक गईं। कुछ लोगों ने मोबाइल निकालकर पूरे घटनाक्रम को कैमरे में कैद कर लिया।
प्रत्यक्षदर्शी जितेंद्र राजपूत के अनुसार, अंडरब्रिज के पास झाड़ियों के बीच अचानक हलचल दिखाई दी। देखते ही देखते एक सांप सड़क पर आ गया और फन फैलाकर फुंकार भरने लगा। इसी दौरान झाड़ियों से नेवला बाहर निकला और सांप के सामने डट गया। इसके बाद दोनों के बीच ऐसा संघर्ष शुरू हुआ, मानो सड़क कुछ देर के लिए कुदरत का अखाड़ा बन गई हो।
सांप ने फन फैलाकर लगातार नेवले को डराने और दूरी बनाए रखने की कोशिश की। वह तेजी से फुंकार भरता और मौका मिलते ही आगे बढ़कर वार करने का प्रयास करता दिखाई दिया। विषधर के हर प्रहार के साथ मौके पर मौजूद लोगों की धड़कनें तेज होती गईं। सड़क पर चल रहे इस प्राकृतिक संघर्ष ने कुछ ही पलों में राहगीरों का पूरा ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
दूसरी ओर नेवला भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। वह बेहद तेजी से सांप के हमले से बचता और मौका मिलते ही पलटकर हमला करने की कोशिश करता नजर आया। उसकी फुर्ती और लगातार बदलती दिशा ने सांप के लिए भी मुकाबला आसान नहीं रहने दिया। कुछ देर तक दोनों एक-दूसरे पर बढ़त बनाने की कोशिश करते रहे और सड़क पर तनावपूर्ण दृश्य बना रहा।
सड़क पर अचानक हुए इस अनोखे संघर्ष को देखकर वहां से गुजर रहे लोगों के कदम रुक गए। किसी ने सुरक्षित दूरी बनाकर दृश्य देखा तो किसी ने मोबाइल फोन से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में यह रोमांचक घटनाक्रम लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। वीडियो में सड़क पर सांप और नेवले के बीच चल रहा संघर्ष साफ तौर पर लोगों का ध्यान खींच रहा है।
मुकाबला काफी देर तक चलता रहा, लेकिन इसका अंतिम नतीजा सामने नहीं आ सका। संघर्ष के बीच दोनों अचानक झाड़ियों की ओर बढ़ गए और देखते ही देखते नजरों से ओझल हो गए। मौके पर मौजूद लोग यह पता नहीं लगा सके कि इस प्राकृतिक जंग में आखिर किसकी जीत हुई। यही वजह रही कि घटना के बाद भी लोगों के बीच मुकाबले के परिणाम को लेकर चर्चा जारी रही।
सांप और नेवले की भिड़ंत भले ही कुछ समय के लिए राहगीरों के लिए रोमांच का कारण बनी लेकिन यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि शहर और सड़कें बढ़ने के बावजूद प्राकृतिक जीवन हमारे आसपास मौजूद है। झाड़ियों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले जीव कई बार इंसानी गतिविधियों के बेहद करीब पहुंच जाते हैं।
मंडी अंडरब्रिज के पास हुई इस भिड़ंत का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में है। कुछ मिनट तक चले इस प्राकृतिक संघर्ष ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि, सांप और नेवले के बीच वास्तविक मुकाबले का परिणाम सामने नहीं आया, लेकिन सड़क पर अचानक शुरू हुई इस जंग ने मौके पर मौजूद लोगों को ऐसा दृश्य जरूर दिखा दिया, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।
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युवक का अपहरण: भांजी-भतीजी के सामने किया अगवा; देव डांसर और साथियों पर आरोप
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के बड़ौदा थाना क्षेत्र में अपहरण की एक सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। अपनी भांजी और भतीजी के साथ रिश्तेदारी से लौट रहे उतनबाड़ निवासी कपिल मीणा का अपहरण कर लिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित कपिल मीणा जब रास्ते में था, तभी एक काले रंग की गाड़ी में सवार होकर आए 7 से 8 हथियारबंद बदमाशों ने उसे घेर लिया और बंदूक की नोक पर जबरन अपने साथ उठाकर ले गए। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस वारदात का मुख्य आरोपी देव डांसर और उसके साथियों को बताया है।
वारदात की खबर फैलते ही आक्रोशित ग्रामीण और पीड़ित के परिजन भारी संख्या में बड़ौदा थाने पहुंच गए। उग्र ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व अपहृत युवक को सकुशल छुड़ाने की मांग की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और बदमाशों की तलाश में नाकेबंदी की जा रही है।
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धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर साध्वी हर्षानंद का पलटवारः बोलीं- ‘जब आश्रम खुद सुरक्षित नहीं, तो वहां जाने की क्या जरूरत है?’
भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा महिलाओं को दी गई चेतावनी और अपील के बाद अब संत समाज से ही इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। हाल ही में साध्वी हर्षानंद गिरि का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के उस बयान पर बड़ा सवाल उठाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आश्रम आने वाली माताएं-बहनें अनजान लोगों पर भरोसा न करें और अपनी सुरक्षा खुद करें। हर्षानंद गिरि ने दो टूक कहा है कि जब आश्रम और वहां के सेवादार खुद सुरक्षित नहीं हैं, तो ऐसे स्थानों पर परिवार या बच्चों को भेजने का जोखिम क्यों उठाया जाए।
वायरल बयान में साध्वी हर्षानंद गिरि ने खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि किसी से उनकी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो बयान सामने आ रहे हैं कि आश्रम में माताएं-बहनें न आएं या सेवादारों पर भरोसा न करें, वे चिंताजनक हैं। हर्षानंद गिरि ने सवाल उठाया कि अगर किसी संत को अपने ही आश्रम के सेवादारों पर भरोसा नहीं है, तो भक्त उस आश्रम पर कैसे भरोसा कर सकते हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई यह गारंटी ही नहीं ले रहा कि “तुम आओ और हम तुम्हें पूरी सुरक्षा देंगे”, तो वहां जाने का क्या औचित्य है?
साध्वी हर्षानंद गिरि ने स्पष्ट रूप से कहा कि हर आश्रम बुरा नहीं होता, लेकिन इस दुविधा में रहने से बेहतर है कि लोग आश्रमों में रुकने से बचें। उन्होंने सलाह दी कि मंदिर जाएं, भगवान के दर्शन करें और तुरंत अपने घर वापस लौट आएं। घर पर रहकर करें पूजा-पाठ: साध्वी ने कहा कि यदि सुरक्षित रहना है, तो अपने घर पर रहकर मंत्र जाप और पूजा-पाठ करें। खुद जिन्होंने आश्रम बनाए हैं, जब वे उन्हें नहीं संभाल पा रहे हैं, तो लोगों को आश्रम की राजनीति और पंचायत में पड़ने की कोई जरूरत नहीं है।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की अपील के बाद हर्षानंद गिरि के इस बयान ने धार्मिक और आध्यात्मिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी तरफ आश्रमों की व्यवस्था और वहां की आंतरिक सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
ग्वालियर। महिलाओं से दोस्ती कर उनके निजी पलों की चोरी-छिपे रिकॉर्डिंग करने का गंभीर मामला सामने आया है। सिटी सेंटर के सारिका नगर में पानी प्लांट संचालक योगेश गुप्ता पर महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप लगा है। विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में उसके मोबाइल फोन से 40 से ज्यादा महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिलने की बात सामने आई है। इनमें कुछ वीडियो स्पाय कैमरे से रिकॉर्ड किए गए बताए जा रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि वीडियो किन परिस्थितियों में बनाए गए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया।
मामला सनातन सेना के कार्यकर्ताओं की सूचना के बाद सामने आया। संगठन के पदाधिकारियों भगवती शुक्ला और मुकेश शर्मा के साथ एक महिला कार्यकर्ता ने पुलिस को बताया कि योगेश गुप्ता कथित तौर पर पहले महिलाओं से दोस्ती करता था। इसके बाद उन्हें अपने पास बुलाकर उनके साथ निजी संबंध बनाता और इस दौरान चोरी-छिपे आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था।
संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि योगेश की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद उसे पकड़ने की योजना बनाई गई। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मोबाइल की जांच की तो उसमें बड़ी संख्या में महिलाओं के वीडियो मिलने की बात सामने आई। हालांकि, वीडियो बनाए जाने की परिस्थितियों और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
विश्वविद्यालय थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी के मोबाइल फोन में 40 से ज्यादा महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें कुछ रिकॉर्डिंग स्पाय कैमरे से बनाए जाने की आशंका है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सभी वीडियो आरोपी ने खुद बनाए हैं या इनमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका है।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि संबंधित महिलाओं को उनकी रिकॉर्डिंग की जानकारी थी या नहीं। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वीडियो कहां और किन परिस्थितियों में बनाए गए। क्या इन रिकॉर्डिंग को केवल मोबाइल में रखा गया था या इन्हें किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा भी किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।
सनातन सेना के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि आरोपी के संपर्क में आई कुछ महिलाएं तलाकशुदा भी हैं। पुलिस इस जानकारी की पुष्टि करने के साथ वीडियो में दिखाई देने वाली महिलाओं की पहचान करने और उनसे संपर्क करने की प्रक्रिया में जुटी है। मामले में महिलाओं की निजता को ध्यान में रखते हुए उनकी पहचान सार्वजनिक करना जांच को प्रभावित कर सकता है।
पुलिस मोबाइल फोन में मिले वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री की फोरेंसिक जांच कराएगी। इससे रिकॉर्डिंग की प्रकृति, उनके बनाए जाने से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और संभावित इस्तेमाल के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि वीडियो किसी अन्य डिवाइस या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भेजे गए थे या नहीं।
सीएसपी रवि भदौरिया ने बताया कि सनातन सेना की सूचना पर एक युवक को हिरासत में लिया गया है। उसके मोबाइल से कई महिलाओं के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। मामले में पूछताछ की जा रही है और वीडियो में दिखाई देने वाली महिलाओं से भी संपर्क किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों की जांच और संबंधित लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी पर लगे आरोपों, वीडियो बनाने के तरीके और उनके संभावित इस्तेमाल से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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खौफनाक वारदातः मोमोज कम मिलने की शिकायत पर छात्र के ऊपर फेंका खौलता तेल, चेहरा और कान झुलसे
ग्वालियर। मोमोज कम मिलने की शिकायत करना एक 18 साल के छात्र को भारी पड़ गया। आरोप है कि कम मोमोज मिलने पर आपत्ति जताने से नाराज ठेले वाले ने पहले छात्र से विवाद किया और फिर कढ़ाई में खौलता हुआ तेल उठाकर उसके ऊपर फेंक दिया। गर्म तेल की चपेट में आने से छात्र का चेहरा और कान गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया।
दरअसल मामला ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र स्थित पुरानी रेशम मिल चौराहे का है। पीड़ित छात्र शिवा उर्फ चेतन भदौरिया, उम्र 18 साल, न्यू रेशम मिल स्थित प्रगति नगर का रहने वाला है। बताया गया कि शिवा अपने दोस्त गोलू खान और विकास राजपूत के साथ जिम जाने के लिए निकला था। रास्ते में तीनों पुरानी रेशम मिल चौराहे पर स्थित अंकित नाम के व्यक्ति के मोमोज के ठेले पर रुके,शिवा ने 20 रुपए के मोमोज का ऑर्डर दिया। लेकिन प्लेट में मोमोज की संख्या कम देखकर उसने इसकी शिकायत की।
पुलिस को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया की मामूली शिकायत को लेकर ठेले वाले अंकित और शिवा के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि अंकित ने शिवा के साथ गाली-गलौज की। शिवा ने जब अभद्रता का विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया,आरोप है कि अंकित ने पहले शिवा को धक्का दिया और इसके बाद कढ़ाई में खौलता हुआ गर्म तेल उठाकर सीधे उसके ऊपर फेंक दिया। गर्म तेल की चपेट में आने से शिवा का चेहरा और कान गंभीर रूप से झुलस गए। अचानक हुए इस हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद आरोपी ठेला छोड़कर मौके से भाग निकला। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस ने मामला दर्ज कर अब पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। महज मोमोज की संख्या को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि बात खौलते तेल से हमला करने तक पहुंच गई। अब पुलिस जांच के बाद यह साफ होगा कि विवाद की पूरी वजह क्या थी और गर्म तेल फेंकने के आरोप में आरोपी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
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बड़ा आदेशः दिवाली, नवरात्रि और छठ पूजा के दौरान फुटपाथ दुकानदारों और कुम्हारों को नहीं हटाए जाएंगे, सामान जब्ती पर भी रोक
भोपाल। आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने देश के सभी राज्यों के लिए एक कड़ा और राहत भरा निर्देश जारी किया है। एनएचआरसी ने स्पष्ट किया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के पावन पर्वों के दौरान लोकल वेंडर्स, स्ट्रीट हॉकर और चाक पर मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हारों को बेवजह उनके स्थानों से नहीं हटाया जाएगा। आयोग के इस आदेश से त्योहारी सीजन में अपनी आजीविका कमाने वाले छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिली है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों (Chief Secretary) को भेजे गए सख्त निर्देशों में कुछ अहम बिंदुओं पर विशेष जोर दिया है। बेवजह हटाने पर रोक: त्योहारी सीजन (नवरात्रि, दिवाली, छठ) के दौरान किसी भी स्थानीय वेंडर या हॉकर को बिना ठोस कारण के नहीं हटाया जाएगा। अनिवार्य वैकल्पिक व्यवस्था: यदि कानून-व्यवस्था या सुरक्षा कारणों से किसी जगह को खाली कराना बेहद जरूरी हो भी जाता है, तो प्रशासन को कार्रवाई से पहले दुकानदारों और वेंडर्स के लिए वैकल्पिक जगह (Alternative Place) की व्यवस्था करनी होगी। सामान जब्ती और वसूली पर रोक: त्योहारों के इन दिनों में दुकानदारों का सामान जब्त करने और उनसे किसी भी प्रकार की जबरन वसूली या उत्पीड़न पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस आदेश के पालन से जुड़ी अनुपालन रिपोर्ट 18 अक्टूबर तक हर हाल में एनएचआरसी को सौंपें। आयोग के इस फैसले के बाद अब प्रशासनिक अमले और नगर निगमों को त्योहारी सीजन के दौरान स्ट्रीट वेंडर्स के प्रति नरमी बरतनी होगी, जिससे गरीब और छोटे व्यापारियों को त्योहारों के समय रोजी-रोटी की चिंता से मुक्ति मिल सकेगी।
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