This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

User Rating: 5 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Active

मध्य प्रदेश के सतना जिले से विकास के दावों पर सवाल खड़ा करने वाली एक तस्वीर सामने आई है। कोठी तहसील की गौरैया ग्राम पंचायत के रामपुरा गांव में सड़क खराब होने की वजह से एक लकवाग्रस्त बुजुर्ग महिला को खाट पर लिटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल अस्पताल पहुंचाना पड़ा। बताया जा रहा है कि महिला की तबीयत अचानक बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया था, लेकिन घुटनों तक कीचड़ भरे रास्ते के कारण चालक गांव के अंदर जाने को तैयार नहीं हुआ।
करीब 100 घरों की आबादी वाले रामपुरा गांव के निवासी दुर्गेश त्रिवेदी ने बताया कि लगभग 20 साल पहले पीडब्ल्यूडी ने यहां डब्ल्यूबीएम सड़क बनाई थी। इसके बाद कभी मरम्मत नहीं हुई। अब सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क मुख्य सड़क से लगभग टूट जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को होती है।
गांव की महिला सरपंच गोलू डोहर ने बताया कि ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए एक साल पहले इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में शामिल कराया गया था। लेकिन अब तक विभाग की ओर से टेंडर जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में हालात बेहद खराब हो जाते हैं।
मामले पर कोठी के एसडीएम एलआर जांगड़े ने कहा कि मुख्य सड़क बनी हुई है, लेकिन गांव के अंदर तक जाने वाला छोटा रास्ता लगातार बारिश के कारण खराब हो गया था। इसी वजह से उस दिन छोटे वाहन वहां तक नहीं पहुंच सके और मरीज को खाट पर ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पक्की सड़क नहीं बनाई गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, इस मामले में क्षेत्रीय विधायक और नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका।

User Rating: 4 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Inactive

जबलपुर। शहर के अधारताल थाना क्षेत्र स्थित सुहागी पन्नी मोहल्ले में पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर एक मकान में छापामार कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान पांच पुरुषों और दो महिलाओं को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल सभी से महिला थाना में पूछताछ की जा रही है, जबकि पुलिस पूरे मामले की हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इलाके में काफी समय से संदिग्ध गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें मिल रही थीं। ताजा सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले गोपनीय तरीके से जानकारी जुटाई और उसके बाद योजनाबद्ध कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच के लिए एक डिकॉय ग्राहक को मौके पर भेजा गया। सूचना सही पाए जाने पर पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर मौके से सात लोगों को हिरासत में लिया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कुछ अहम साक्ष्य भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके बाद सभी हिरासत में लिए गए लोगों को महिला थाना लाया गया, जहां उनसे अलग-अलग पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गतिविधि कब से संचालित हो रही थी और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा पुलिस आसपास के रहवासियों से भी जानकारी जुटा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित मकान में कब से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं और क्या पहले भी इस संबंध में शिकायतें मिली थीं। जांच टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है। पूछताछ, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

----------------------------------
नाबालिगों का खूनी खेल : विधायक प्रतिनिधि के भतीजे समेत 4 पर चाकू से हमला
इटारसी। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के इटारसी में शनिवार रात चाकूबाजी की सनसनीखेज घटना सामने आई। पुरानी इटारसी क्षेत्र में 15 से 16 साल के पांच नाबालिगों ने चार युवकों पर चाकुओं से हमला कर दिया। इस हमले में सिवनी मालवा के विधायक प्रतिनिधि दिनेश मेहतो के भतीजे समेत चार युवक घायल हो गए। एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, वारदात शनिवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच पुरानी इटारसी इलाके में हुई। आरोप है कि पांच नाबालिगों ने चार युवकों को घेरकर उन पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हमले में घायल सुधांशु मेहतो के पैर, पेट और कमर पर कई गहरे घाव आए हैं। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल के बंसल अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इसके अलावा भूपेश रैकवार के जांघ पर, आकाश के जांघ और कमर पर चाकू से वार किए गए। अन्य घायलों में दुर्गेश कहार और पुरानी इटारसी का एक 16 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है।
इटारसी थाना प्रभारी सौरभ पांडे के अनुसार, हमले में शामिल सभी आरोपी 15 से 16 वर्ष की उम्र के हैं और पुरानी इटारसी के रहने वाले हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि चाकूबाजी की वजह की जांच की जा रही है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें रवाना की गई हैं और जल्द ही उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि कम उम्र के किशोरों के हाथों में घातक हथियार पहुंचना और रात में इस तरह की वारदात होना कानून व्यवस्था और पुलिस गश्त पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
----------------------------------------
सलकनपुर मंदिर के नाम पर ट्रस्ट की चेतावनी- जाली रसीद से चंदा लेने वालों से रहें सावधान
सीहोर। देशभर के प्रमुख मंदिरों में चंदा और चढ़ावे को लेकर उठ रहे विवादों के बीच सीहोर जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विजयासन धाम सलकनपुर मंदिर का नाम भी चर्चा में है। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को फर्जी रसीदों के जरिए चंदा वसूली करने वाले लोगों से सावधान रहने की अपील की है। वहीं दूसरी ओर, मंदिर में आने वाली करोड़ों रुपये की दानराशि और चढ़ावे के सार्वजनिक लेखे-जोखे को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
सलकनपुर देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने पत्र जारी कर बताया कि कुछ लोग आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वाहनों से घूम-घूमकर मां विजयासन धाम और भंडारा कराने के नाम पर नकली रसीदें देकर नकद राशि और अन्नदान एकत्रित कर रहे हैं। इस संबंध में ट्रस्ट को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट ने किसी भी व्यक्ति या संस्था को गांव-गांव जाकर चंदा या अन्नदान एकत्रित करने के लिए अधिकृत नहीं किया है।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को माताजी के नाम पर नकद राशि या अन्नदान न दें। यदि कोई दान करना चाहता है तो वह मंदिर परिसर के अधिकृत दान काउंटर पर रसीद प्राप्त कर राशि जमा करे या ट्रस्ट के अधिकृत बैंक खाते में ऑनलाइन दान करे। उन्होंने कहा कि फर्जी वसूली करने वालों की सूचना तत्काल मंदिर प्रबंधन या पुलिस को दी जाए।
सलकनपुर मंदिर में हर वर्ष करोड़ों रुपये का नकद चढ़ावा, सोना-चांदी के आभूषण और कीमती वस्त्र श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाते हैं। इसी को लेकर कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा सहित कई लोगों ने पहले भी मंदिर की आय-व्यय और चढ़ावे का सार्वजनिक विवरण जारी करने तथा स्वतंत्र जांच की मांग उठाई थी। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।
ट्रस्ट अध्यक्ष महेश उपाध्याय ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मंदिर का पूरा वित्तीय रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से सुरक्षित है और एक-एक रुपए का हिसाब रखा जाता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क के अनुसार कोई भी व्यक्ति जानकारी प्राप्त कर सकता है। उनके अनुसार कुछ लोग तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है।
मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल अधिकृत माध्यम से ही दान करें और किसी भी फर्जी रसीद या संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं। ट्रस्ट का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और दान की पवित्रता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा फर्जी चंदा वसूली करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दानराशि और चढ़ावे की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों ने इस पूरे मामले को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

User Rating: 4 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Inactive

दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के सिटी कोतवाली थाना अंतर्गत तीन गुल्ली चौराहा स्थित एक स्पा सेंटर पर अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली टीआई मनीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने छापामार कार्रवाई की। छापे में पुलिस ने मौके से तीन युवक और तीन युवतियों को संदिग्ध परिस्थितियों में पाते हुए हिरासत में लिया। इस दौरान पुलिस ने स्पा सेंटर से आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है। हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है।
जानकारी अनुसार शहर में संचालित रेड डोर स्पा सेंटर में अनैतिक गतिविधियों की सूचना के आधार पर गठित टीम ने दबिश देकर स्पा सेंटर से ग्राहक के रूप में मौजूद तीन युवक भगवानदास, अंकुर और पप्पू को संदिग्ध स्थिति में पकड़ा। वहीं तीन युवतियों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में स्पा सेंटर का संचालक मुहम्मद आफताब अली निवासी रीवा का होना सामने आया है। मामले में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

---------------------------------------
बड़ी खबरः BJP विधायक प्रीतम लोधी के बेटे को कोर्ट ने घोषित किया फरार, स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी
ग्वालियर। SC-ST विशेष अदालत ने भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी को आधिकारिक तौर पर फरार घोषित कर दिया है। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए केस रिकॉर्ड को विशेष सुरक्षा में रखने के निर्देश दिए हैं। दिनेश लोधी पर ग्वालियर के पुरानी छावनी में SC ST का मामला दर्ज हुआ था।इसके अलावा पिछोर में थार गाड़ी से एक व्यक्ति को कुचलने की कोशिश के मामले में भी दिनेश चर्चाओ में आया था।
दरअसल ग्वालियर की एससी-एसटी विशेष अदालत के न्यायाधीश ने पुरानी छावनी थाने में दर्ज मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। कोर्ट में पुरानी छावनी थाना के प्रधान आरक्षक संजय द्विवेदी ने आरोपी के खिलाफ अदम तामील वारंट और तस्दीक पंचनामा पेश किया। पुलिस के बयान और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद अदालत ने दिनेश लोधी को फरार घोषित कर स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
दिनेश के खिलाफ साल 2023 में जलालपुर निवासी द्वारा एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था। कोर्ट ने आदेश में यह भी कहा है कि केस की मुख्य फाइल पर लाल स्याही से यह लिखा जाए कि “अभियुक्त फरार है”, ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। साथ ही केस फाइल को रिकॉर्ड रूम में सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।फिलहाल दिनेश लोधी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अब पुलिस पर अदालत के स्थायी गिरफ्तारी वारंट का पालन कर आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने की जिम्मेदारी होगी।
-------------------------------------
नरक में भी जगह नहीं मिलेगीः गौवंश से अप्राकृतिक कृत्य, वीडियो वायरल होने पर मचा हड़कंप
कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक व्यक्ति ने गौवंश के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया है, घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया है। पूरे मामले पर समाजसेवी की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल FIR दर्जकर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दरअसल पूरा मामला कटनी जिले के माधवनगर थाना क्षेत्र स्थित हॉस्पिटल लाइन की बताई गई है। जहां देर रात सड़क किनारे खड़े एक गौवंश के साथ आरोपी अमृतलाल कोटवानी द्वारा अप्राकृतिक कृत्य किया गया। इसी दौरान किसी स्थानीय व्यक्ति ने पूरी घटना अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली। वीडियो सामने आने के बाद यह तेजी से वायरल हुआ और मामला पुलिस तक जा पहुंचा।
माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे ने बताया कि बजरंग दल ने करण मिश्रा ने वायरल वीडियो के आधार पर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।प्रारंभिक जांच में वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान हॉस्पिटल लाइन निवासी अमृतलाल कोटवानी के रूप में होने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(A) तथा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(1)(A) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और वीडियो की सत्यता सहित पूरे मामले की जांच जारी है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है।

User Rating: 4 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar ActiveStar Inactive

इंदौर। इंदौर में पदस्थ एक लेडी कॉन्स्टेबल ने हेड कॉन्स्टेबल पर छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक हेड कॉन्स्टेबल उसका लगातार पीछा कर रहा है, कार में बंधक बनाकर धमकी दे चुका है और शादी करने का दबाव बना रहा है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल देवास पुलिस लाइन में पदस्थ है, जिसके खिलाफ लेडी कॉन्स्टेबल की शिकायत पर इंदौर के बाणगंगा थाने में मामला दर्ज किया गया है।
लेडी कॉन्स्टेबल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि एक साल पहले जब वो देवास में पदस्थ थी, तब उसकी पहचान हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा से हुई थी। शुरुआत में उनके बीच बातचीत होती थी लेकिन बाद में राहुल शर्मा फोन कर उसे परेशान करने लगा। कई बार राहुल शर्मा को समझाया लेकिन इसके बावजूद वो नहीं माना और फोन कर शादी के लिए दबाव बनाने लगा। राहुल शर्मा की हरकतों से परेशान होकर लेडी कॉन्स्टेबल ने अपना ट्रांसफर देवास से इंदौर करा लिया।
लेडी कॉन्स्टेबल के मुताबिक देवास से इंदौर ट्रांसफर कराने के बाद भी आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। वो लगातार उसे फोन करता रहा, जब परेशान होकर उसने राहुल शर्मा का नंबर ब्लॉक कर दिया तो वो नंबर बदल-बदलकर फोन करने लगा। इतना ही नहीं इंदौर आकर उसका पीछा करता है। कुछ दिन पहले जब वो एक आरोपी का मेडिकल कराने के लिए अस्पताल गई थी, तब राहुल शर्मा वहां भी पहुंच गया और बात करने पर मना किया तो विवाद किया।
लेडी कॉन्स्टेबल ने अपनी शिकायत में ये भी बताया है कि एक दिन आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा ने उसे जबरदस्ती अपनी कार में बैठा लिया। उसका मोबाइल छीन लिया और शादी का दबाव बनाया। इसी दौरान जब मोबाइल पर मां का कॉल आया तो उसने मां को बताया कि राहुल ने उसे कार में बंधक बना लिया है, इसके बाद पिता व भाई जब मौके पर पहुंचे तो राहुल वहां से भाग गया। पुलिस ने पीड़ित लेडी कॉन्स्टेबल की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है।
----------------------------------
चिता आंदोलन’ का सातवां दिन: आंशिक जीत के बाद भी जल-मिट्टी सत्याग्रह और आमरण अनशन जारी
पन्ना। केन-बेतवा लिंक समेत विभिन्न परियोजनाओं से विस्थापित परिवारों का ‘चिता आंदोलन’ सातवें दिन भी उग्र रूप से जारी रहा। सरकार के रूंझ और मझगांय क्षेत्र में मुआवजा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये करने और पन्ना के लिए 39 करोड़ रुपये स्वीकृत करने को प्रदर्शनकारियों ने अपनी आंशिक जीत माना है। हालांकि, उनका साफ कहना है कि जब तक शत-प्रतिशत पीड़ितों को न्याय और भ्रष्टाचार के दोषियों को जेल नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
​भारी बारिश के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का आमरण अनशन चौथे दिन, मिट्टी सत्याग्रह तीसरे दिन और जल सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और किसान डटे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने चार सूत्रीय मांगें रखी हैं। सभी विस्थापितों को भूमि और आवास का सम्मानजनक हक मिले। परियोजनाओं में हुए कथित घोटाले की उच्च-स्तरीय स्वतंत्र जांच हो।
इसके साथ ही संलिप्त भ्रष्ट अधिकारियों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए। विस्थापितों को डराने-धमकाने की प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत बंद करने की भी मांग की हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मुआवजे की नहीं, बल्कि सम्मान की है। जब तक हर पीड़ित को न्याय नहीं मिलता, पीछे नहीं हटेंगे।
-------------------------------------
500 रुपए के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा: दुकान में घुसकर चाचा-भतीजे को बेरहमी से पीटा, Video वायरल
पन्ना। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए तहसील कार्यालय के पास सरेआम गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मात्र 500 रुपये की उधारी के विवाद में बेखौफ दबंगों ने एक रजिस्ट्री लेखक की दुकान में घुसकर दो लोगों पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। इस बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ​
घटना बुधवार 8 जुलाई की है, जब मयंक पटेल (21) अपने चाचा ब्रजकिशोर पटेल की दुकान पर था। तभी देवगांव निवासी विनोद पटेल अपने तीन साथियों (सुनील, लवकुश और राजकरण) के साथ बाइक से पहुँचा। उधारी के पैसे तुरंत न मिलने पर आरोपी भड़क गए और मयंक को जमीन पर पटक कर पीटने लगे। बीच-बचाव करने आए चाचा ब्रजकिशोर पर भी हमलावरों ने कहर ढा दिया। ​
दबंगों ने दुकान का मॉनिटर तोड़कर ₹10,000 का नुकसान किया और मयंक व उसके चाचा पर मोटरसाइकिल की चाबी घोंप दी, जिससे दोनों लहूलुहान हो गए। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी दे गए। 9 जुलाई (गुरुवार) को वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई अजयगढ़ थाना पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।

User Rating: 3 / 5

Star ActiveStar ActiveStar ActiveStar InactiveStar Inactive

Bhopal. मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अब तक का सबसे सख्त फरमान जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शासकीय सेवकों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर एक नई और कड़ी आचार संहिता लागू कर दी है। इस आदेश के बाद अब कोई भी सरकार बाबू या अफसर फेसबुक (FacebooK), एक्स (X), वॉट्सएप (Whatsapp) या इंस्टाग्राम (Instagram) पर अपनी मर्जी से कुछ भी पोस्ट, लाइक या शेयर नहीं कर पाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे विभागीय जांच के साथ जेल जाने की नौबत आ सकती है।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश में साफ कर दिया गया है कि सोशल मीडिया पर सिर्फ पोस्ट डालना ही नहीं, बल्कि किसी और की विवादित पोस्ट पर प्रतिक्रिया देना भी भारी पड़ेगा।
कोई भी शासकीय सेवक सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी पोस्ट, टिप्पणी, फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री साझा नहीं करेगा, जिससे जाति, धर्म, राजनीति या सामाजिक भेदभाव फैलने की आशंका हो।
सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर किसी जाति, धर्म, समुदाय या व्यक्ति के प्रति घृणा, द्वेष या तनाव पैदा करने वाली पोस्ट को ना तो लाइक किया जाएगा, ना फॉरवर्ड और ना ही शेयर किया जा सकेगा। शासकीय कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर होने वाली किसी भी तरह की बहसबाजी या विवादित चर्चाओं से पूरी तरह दूर रहें।
चुनाव हो या सामान्य दिन, अब सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया के जरिए किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में कोई प्रचार-प्रसार नहीं कर सकेंगे। यदि कोई कर्मचारी किसी नेता या दल के पक्ष-विपक्ष में माहौल बनाते पाया गया, तो इसे ‘मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम’ का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी सरकारी सेवक इस आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ दोहरी और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। ‘मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1965’ के तहत सस्पेंशन और विभागीय जांच शुरू की जाएगी। इसके साथ ही नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
------------------------------------------
कोचिंग सेंटर्स को अल्टीमेटम: 70 संचालकों को 48 घंटे की मोहलत, शपथ पत्र नहीं देने पर 10 जुलाई से होंगे सील, जानें सख्त नियम
भोपाल. दिल्ली के कोचिंग हादसे से सबक लेते हुए राजधानी भोपाल का नगर निगम प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले कोचिंग संचालकों की लापरवाही पर नगर निगम ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। भोपाल के 70 कोचिंग संचालकों को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम जारी किया गया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगले 48 घंटे के भीतर इन कोचिंग संचालकों को एक ज्यूडिशियल शपथ पत्र जमा करना होगा, जिसमें यह वचन देना होगा कि वे अगले 30 दिनों के भीतर अपनी बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के सभी पुख्ता इंतजाम कर लेंगे। अगर निर्धारित समय में शपथ पत्र जमा नहीं किया गया, तो 10 जुलाई से कोचिंग संस्थानों को सीधे सील करने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। नगर निगम ने संचालकों के साथ हुई एक आपात बैठक में 20 पॉइंट की सख्त गाइडलाइन थमा दी है।
नियम पूरे नहीं किए, तो सीधे डलेगा ताला! ये हैं नए आदेश:
नगर निगम द्वारा जारी की गई गाइडलाइन में छात्रों की जिंदगी को सुरक्षित बनाने के लिए बेहद कड़े कदम उठाए गए हैं, जिनका पालन न करने पर सीधे सीलिंग की जाएगी:
आपातकालीन द्वार और बेसमेंट नियम: हर संस्थान में आवश्यकता अनुसार क्षमता का फायर पंप और 2 आपातकालीन द्वार होना अनिवार्य है। इन द्वारों पर किसी भी तरह का ज्वलनशील या इलेक्ट्रिक सामान नहीं रखा जा सकेगा। साथ ही, ऑटोमेटिक लॉक होने वाले दरवाजे लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। भवन के बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग या स्टोर के रूप में ही किया जा सकेगा, वहाँ कक्षाएं नहीं चलेंगी।
स्प्रिंकलर और डिटेक्शन सिस्टम: 200 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले बेसमेंट में स्प्रिंकलर्स और ऑटोमेटिक डिटेक्शन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। फायर सिस्टम को हमेशा ‘ऑटो मोड’ पर रखना होगा और सभी हूटर्स को आपस में जोड़ना होगा।
मॉकड्रिल और ट्रेनिंग: हर 4 महीने में अनिवार्य रूप से मॉकड्रिल का आयोजन करना होगा। बच्चों को फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें फ्लूम मास्क उपलब्ध कराने होंगे। संस्थान के प्रत्येक स्टाफ सदस्य को फायर अग्निशामक यंत्र और सिक्योरिटी गार्ड को हाइड्रेंट सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग दिलानी होगी।
व्यवधान रहित निर्गम क्षेत्र: आपात स्थिति में बच्चों के बाहर निकलने वाले रास्ते को पूरी तरह से व्यवधान मुक्त रखना होगा। इस निर्गम क्षेत्र में कोई भी विद्युत उपकरण या पैनल स्थापित नहीं किया जा सकेगा।
आईकैचिंग पॉइंट्स पर संकेत: भवन के आसानी से दिखने वाले स्थानों पर ‘एक्जिट’ के संकेत चस्पा करने होंगे। इसके अलावा हर मंजिल पर भवन का एक्जिट प्लान लगाना अनिवार्य होगा।
बायपास लाइन और डीजी सेट: फायर पंप और डिटेक्शन सिस्टम को डीजी सेट से बायपास लाइन के जरिए कनेक्ट करना होगा। डीजी सेट को किसी भी हाल में रिफ्यूज एरिया या मुख्य गेट पर स्थापित नहीं किया जा सकेगा।
विद्युत और फायर ऑडिट: धुंआ बाहर निकलने के लिए प्राकृतिक वेंटिलेशन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही, हर साल फायर एवं विद्युत ऑडिट कराना होगा और इसकी रिपोर्ट नगर निगम के फायर ब्रिगेड कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
-------------------------------------
CRPF परिसर में दर्दनाक हादसा: सीवरेज चैंबर में दम घुटने से दो मजदूरों की मौत, ठेका कंपनी पर लापरवाही के संगीन आरोप
भोपाल। मध्य प्रदेश के नीमच शहर के सीआरपीएफ (CRPF) परिसर में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जहां निर्माणाधीन सीवरेज लाइन के गहरे चैंबर में काम करने उतरे दो मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में ठेका कंपनी पर लापरवाही के संगीन आरोप लगे है।
मिली जानकारी के मुताबिक, झाबुआ निवासी महेश (25) दोपहर में सीवरेज लाइन की रिपेयरिंग करने गया था, लेकिन जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो उसकी पत्नी अनीता बाई उसे ढूंढने निकली। तेज बारिश के कारण पहले तो उसे कुछ दिखाई नहीं दिया, लेकिन बारिश थमने पर जब उसने सीवरेज के गहरे गड्ढे में झांका तो महेश अंदर बेसुध पड़ा था। पति को इस हाल में देख वहां चीख-पुकार मच गई।
इसके बाद उसे रस्सी के सहारे बाहर निकालने के लिए बिहार का रहने वाला रूपेश (19) चैंबर के भीतर उतरा, लेकिन अंदर फैली जहरीली गैस के कारण वह भी तुरंत बेहोश हो गया। बाद में साथी कर्मचारियों की मदद से दोनों को बमुश्किल बाहर निकालकर सीआरपीएफ की एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस भीषण हादसे ने दोनों मजदूरों के परिवारों को पूरी तरह उजाड़ दिया है, जहां मृतक महेश अपने पीछे पत्नी और 2, 5 व 7 साल के तीन मासूम बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गया है, वहीं रूपेश महज चार दिन पहले ही अपने भाई के साथ बिहार से नीमच मजदूरी करने आया था और वह अपने माता-पिता और दो बहनों का इकलौता सहारा था।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे साथी मजदूरों ने ‘एसएस टोटल’ ठेका कंपनी पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने खतरनाक और गहरे चैंबर में उतारने के बावजूद कंपनी ने मजदूरों को मास्क या ऑक्सीजन किट जैसे कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिए थे, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। फिलहाल कैंट थाना पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

© 2017 Your Company. All Rights Reserved. Designed By WarpTheme