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रतलाम. एमपी के रतलाम में बीती (3 मई) रात एक बारात में घोड़ी पर चढऩे की बात को लेकर हुए विवाद में दो युवकों की जान चली गई. मामूली सी बात पर हुआ विवाद दोहरे हत्याकांड पर जाकर खत्म हुआ. ओल्ड रेलवे कॉलोनी की यह घटना है जहां बारात में हुए विवाद के दौरान जमकर चाकूबाजी हुई. जिसमें 3 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. अस्पताल में उपचार के दौरान घायल आनंद और शाहाबाद की मौत हो गई. जीआरपी थाना रतलाम पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया है. हत्या करने वाले दोनों आरोपी भी घायल हुए हैं, इनका उपचार रतलाम मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.
दरअसल, लक्ष्मणपुरा के समीप रविवार रात बारात निकाली जा रही थी. इसी दौरान दूल्हे के घोड़ी से उतरने के बाद घोड़ी पर चढऩे को लेकर कुछ युवकों में विवाद हो गया. विवाद बढ़ते-बढ़ते ओल्ड रेलवे कॉलोनी तक पहुंच गया जहां आरोपियों ने चाकू घोपकर, आनंद और शाहबाद की हत्या कर दी.
हमले में घायल युवक पीयूष ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई आनंद और दोस्त शाहबाज के साथ ओल्ड रेलवे कॉलोनी क्वार्टर के सामने खड़ा था?. इसी दौरान वहां रोजऱ बिन्नी आया और उसने बताया कि उसका मुन्ना और रोहित खंडकर से विवाद हुआ है. इसके बाद मुन्ना और रोहित खंडकर भी मौके पर पहुंचे गए और विवाद करने लगे और मुझ पर चाकू से हमला कर दिया. बीच बचाव करने पहुंचे आनंद और शाहबाज को भी आरोपियों ने चाकू मारकर घायल कर दिया. आसपास के लोगों की मदद से दोनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
बहरहाल घटना के बाद रेलवे पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है. चाकू से हमला कर हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है आरोपियों को भी विवाद के दौरान गंभीर चोटें आई हैं जिसका उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.
हेमंत चौहान, एडिशनल एसपी रेलवे ने बताया कि कल रात 11.30 बजे के लगभग ओल्ड रेलवे कॉलोनी क्वार्टर में बारात के दौरान दो परिचित युवकों में आपसी विवाद हो गया, जिसमें दोनों आरोपी रोहित खंडकर और मुन्ना खंडकर लक्ष्मणपुरा क्षेत्र के रहने वाले हैं. इन्होंने चाकूबाजी की घटना की जिसमें आनंद और शाहबाद की मृत्यु हो गई और पीयूष अभी घायल है. आरोपी भी इस घटना में घायल हैं. जीआरपी थाने में जीरो पर प्रकरण कायम करके विवेचना शुरू कर दी गई है.
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जेल से रची गई बैंक डकैती की साजिश का पर्दाफाश, बिहार से 2 और आरोपी गिरफ्तार
सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 17 अप्रैल 2026 को हुई सनसनीखेज डकैती मामले में सिंगरौली पुलिस ने साजिश के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बिहार से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसमें पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह की कड़ी जोड़ते हुए साजिशकर्ताओं तक पहुंच बनाई है।
थाना वैढ़न पुलिस ने विशेष टीम गठित कर बिहार के नालंदा जिले से चन्दन उर्फ चईया यादव (21) और गुलशन (19) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी खीरूबिगहा, थाना नगरनौसा के निवासी हैं और डकैती की साजिश में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि डकैती को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी फंटूस और उसके साथी कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू के अलावा गिरफ्तार दोनों आरोपी भी योजना का हिस्सा थे। इनकी भूमिका लूट के माल को ठिकाने लगाने और साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में अहम रही।
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि डकैती का सरगना सुबोध सिंह है, जो वर्तमान में पटना के बेऊर जेल में बंद है। उसने उड़ीसा के कुचिंडा जेल में बंद अपने शागिर्द पीयूष जायसवाल के माध्यम से पूरी वारदात को अंजाम दिलवाया। जेल में रहते हुए ही पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और लूट के माल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। शेष आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पूरी कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत, पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत सिंह चौहान के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में की गई।
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पति की हैवानियत: पत्नी की हत्या के बाद दो साल के बेटे को जंगल में छोड़ा, 12 थानों की पुलिस करती रही तलाश
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा से बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां हैवान पति ने सुनसान इलाके में अपनी पत्नी की हत्या कर दी। फिर अपने दो साल के बेटे को जंगल में छोड़ दिया। मामला उजागर होने पर 12 थानों की पुलिस हरकत में आई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
दरअसल, रायसेन जिले के बेगमगंज के गांव हीमोतिया में रहने वाले राजेंद्र अहिरवार अपनी पत्नी ज्योति पर उसके चरित्र को लेकर शक करता था। 2 दिन पहले वह मोबाइल लेने के लिए कहकर करते निकला था। अपनी पत्नी ज्योति और 2 साल के बेटे को भी साथ लेकर बाइक से रवाना हुआ, लेकिन बेगमगंज की और न जाकर वह विदिशा जिले का हैदरगढ़ थाने की ओर आ गया। इसी दौरान जंगल में गुजरते वक्त सुनसान इलाका पाकर उसने पत्नी के सिर में पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
आरोपी यहां नहीं रुका उसने अपने साथ आए अपने ही 2 साल के मासूम बेटे को भी जंगल में छोड़ दिया। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए रात में ही आरोपी की गिरफ्तारी कर ली, जब आरोपी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे जंगल में छोड़ा है। यह सुनते ही पुलिस के होश उड़ गए और उन्होंने रात से ही उसकी तलाश शुरू कर दी। तलाशी अभियान में पुलिस में रायसेन पुलिस की भी मदद ली।
एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि बेगमगंज से लेकर विदिशा के हैदरगढ़ क्षेत्र में कई किलोमीटर के दायरे में उस मासूम बच्चे की तलाश में पुलिस जुटी रही। करीब दोनों जिलों के 12 स्थान की पुलिस रात भर सर्चिंग अभियान चला रही थी। सुबह के समय बच्चों को सुरक्षित खोजा गया। पुलिस को इस बात का डर था कि रात के समय सुनसान जंगल में बच्चों के साथ किसी प्रकार की अनहोनी ना हो जाए।

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शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में एक शादी में दूल्हा ही बदल गया। दुल्हन ने जयमाला के दौरान शादी से इनकार कर दिया। इन सबके बीच नाचते-गाते बारातियों की खुशियां हवा में उड़ गई। मामले को लेकर इतना विवाद बढ़ा कि आखिर में बारात बिना दुल्हन लिए ही बेरंग लौट गई।
पूरा मामला ब्यौहारी की है जहां गोहपारू थाना क्षेत्र से आई बारात का ब्यौहारी में धूमधाम से स्वागत हुआ। द्वारचार की रस्में पूरी हुईं और सब कुछ सामान्य चल रहा था। जयमाला के दौरान दूल्हे ने दुल्हन को माला पहनाई। लेकिन जब दुल्हन की बारी आई तो वह ठिठक गई। कुछ पल देखने के बाद उसने साफ कहा, ये वह दूल्हा नहीं है। यह सुनते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
कुछ देर में दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया तो पुलिस को बुलाना पड़ा। काफी समझाइश के बाद दुल्हन अपने फैसले पर अडिग रही और आपसी सहमति से शादी निरस्त कर दी गई। घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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IAS कोचिंग डायरेक्टर का अपहरण: पूर्व छात्र ने बंधक बनाकर वसूले 2 करोड़, रिटायर्ड अफसर का बेटा निकला मास्टरमांइ
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आईएएस कोचिंग इंस्टीट्यूट (IAS Coaching Institute) की डायरेक्टर का अपहरण कर बंधक बनाने और 2 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी कोई और नहीं बल्कि पूर्व छात्र और भेल के रिटायर्ड अफसर का बेटा बताया जा रहा है।
आईएएस कोचिंग संस्थान की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन
दरअसल शुभ्रा आईएएस कोचिंग संस्थान की डायरेक्टर शुभ्रा रंजन को बंधक बनाया गया था। उनके ही पूर्व छात्र ने बंधक बनाकर 2 करोड़ रुपए वसूले है। आरोपी ने धमकी देकर खाते से रकम उड़ाई है।
बताया जाता है कि आरोपी ने भोपाल में सेंटर खोलने का झांसा देकर दिल्ली से भोपाल बुलाया था। फ्लैट में बंधक बनाकर खाते से रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कराया। धमकी देकर आरोपी फरार हो गया था। बाद में क्राइम ब्रांच ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले का मास्टरमाइंड भेल के रिटायर्ड अफसर का बेटा प्रियंक शर्मा निकला।
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भीषण आगजनीः गैस सिलेंडर के धमाकों से दहला गांव, आग ने 20 घर जलकर खाक
भोपाल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मोहदा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भीषण आग ने देखते ही देखते करीब 20 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि कई गैस सिलेंडर फट गए और पूरा गांव धमाकों की आवाज से दहल उठा।
दरअसल घटना बैतूल जिले के मोहदा गांव की है, जहां अचानक लगी आग ने विकराल रूप ले लिया। तेज लपटों ने करीब 20 घरों को जलाकर राख कर दिया। आग के दौरान कई गैस सिलेंडर फटने से हालात और भयावह हो गए। धमाकों की आवाज से गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
ग्रामीणों ने जैसे-तैसे अपने परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। कहा-“हम लोग खाना बना रहे थे तभी अचानक आग लग गई, फिर सिलेंडर फटने लगे और सबकुछ जल गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने हालात का जायजा लिया और पीड़ितों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

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उज्जैन। प्रदेश में लगातार बढ़ रहे भीषण गर्मी के बीच धर्मनगरी उज्जैन में साधु की अग्नि तपस्या चर्चा का विषय बनी हुई है। एक तरफ लोग 40 डिग्री तापमान में घरों से निकलने से बच रहे हैं तो दूसरी तरफ नारायण-नारायण गौसेवा आश्रम में बाबा भरत दास जी अपनी कठोर अग्नि तप साधना में लीन हैं। यह तपस्या आत्मसंयम और अटूट विश्वास का जीवंत उदाहरण माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पिछले करीब 5 वर्षों से निरंतर चल रही इस साधना में बाबा रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक तप करते हैं। बाबा सुलगते कंडों और उपर प्रज्वलित अग्नि के बीच बैठकर ‘नारायण-नारायण’ का जाप करते हैं। यह आश्रम विष्णु सागर स्थित राम जनार्दन मंदिर के सामने है। जहां श्रद्धालु बड़ी संख्या में नित्य बाबा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। भीषण गर्मी और आग की लपटों के बीच उनकी शांत मुद्रा लोगों के लिए आध्यात्म की प्रेरणा बनी हुई है।
स्थानीयों का कहना है कि जहां सामान्य व्यक्ति कुछ मिनट धूप में खड़ा नहीं रह पा रहा है वहीं बाबा घंटों तक अग्नि के बीच बैठकर साधना करते हैं। यही वजह है कि लोग उनकी तपस्या को केवल एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ईश्वर के प्रति समर्पण और आत्मबल की पराकाष्ठा मान रहे हैं ।
वहीं उज्जैन में इन दिनों अन्य जगहों पर भी साधनाएं चल रही हैं, जिनमें अष्टधूनी तपस्या का आयोजन भी शामिल है। शिप्रा तट स्थित चक्रतीर्थ क्षेत्र में संतों द्वारा निर्धारित अवधि तक यह साधना की जाएगी।
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कमर्शियल सिलेंडर के दाम 3109 रुपए पर पहुंचे, शादी में खाने के बजट मेंं 10 प्रतिशत अतिरिक्त भार पड़ेगा
सागर । कमर्शियल सिलेंडर शुक्रवार से बढ़े हुए रेट में मिलना शुरू हो गया है। दाम उस समय बढ़े जब होटल, रेस्टोरेंट-ढाबों को जरूरत की 50 प्रतिशत गैस ही मिल रही है। मई से जुलाई तक शहर में 1 हजार से ज्यादा शादियां होनी हैं, ऐसे में आम लोगों की मुश्किलें बढऩा तय है। शुक्रवार से 2116 रुपए में मिलने वाला कमर्शियल सिलेंडर 3109 रुपए पर पहुंच गया। शहर के कैटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेष मोनी केसरवानी ने बताया कि पहली बार 33 फीसदी एक दाम बढ़ाए गए हैं। पहले 60 रुपए, फिर 195 रुपए और अब 993 रुपए तक रेट बढ़े हैं। होटल और कैटर्स में 10 प्रतिशत तक कॉस्टिंग का फर्क पड़ेगा। 500 लोगों के 5 लाख रुपए के खाने का बजट अब 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ेगा।
गैस कंपनियों ने इस बार घरेलू गैस सिलेंडर के दाम यथावत रखे हैं जिससे मध्यम वर्ग को आंशिक राहत मिली है, हालांकि कमर्शियल सिलेंडर की दरों में हुए इजाफे का आम आदमी पर भी सीधा असर पडऩा तय है। रेस्टोरेंट, होटलों में खाने- पीने की चीजों की कीमतें एक महीने में दूसरी बार बढऩा तय है। इससे पहले गैस की किल्लत में पहले ही दाम बढ़ाए जा चुके थे।
कैटरिंग एसोसिएशन के संरक्षण परषोत्तम नेमा ने बताया कि बढ़ते हुए दाम से मुसीबत बढ़ गई। सिलेंडर की सप्लाई अभी 100 फीसदी भी नहीं हो रही है। इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। खाने-पीने की वस्तुओं के दाम उपभोक्ताओं पर सीधा असर डालते हैं, इससे ग्राहकी भी प्रभावित हो रही है। अब होटल संचालकों ने इसका हल निकालने के लिए खाना परोसने वाले बर्तन छोटे कर दिए हैं। दाल-सब्जी आदि की मात्रा पहले के मुताबिक घटाई जा रही है।
शहर में हर माह 5 हजार से ज्यादा कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होती है। अप्रेल में कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई फिर से शुरू की गई, लेकिन 100 फीसदी नहीं हो रही है। बढ़े हुए दामों के साथ शुक्रवार को सिलेंडर की बिक्री की गई है।
विनीत सिंघई, गैस एजेंसी संचालक
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पति राज कुंद्रा के साथ पीतांबरा पीठ पहुंची शिल्पा शेट्टी, मां बगलामुखी के किए दर्शन
दतिया। बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी शुक्रवार को दतिया पहुंचीं। यहां उन्होंने पति राज कुंद्रा के साथ मां बगलामुखी के दर्शन किए। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
दरअसल, शिल्पा शेट्टी अपने पति राज कुंद्रा के साथ सड़क माध्यम से पीताम्बरा पीठ पहुंचीं थी। इसकी खबर मिलते ही मंदिर में हलचल मच गई। श्रद्धालु अपनी फेवरेट एक्ट्रेस को देखने का बेसब्री से इंतजार करता रहा। वहीं कुछ देर बाद वहां पुलिस की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई।
कुछ देर बाद शिल्पा-शेट्टी पति के साथ मंदिर आईं। पुलिस कर्मियों की सुरक्षा में उन्होंने मां बगलामुखी के दर्शन किए और विधि विधान से पूजन कर आशीर्वाद लिया। साथ ही वनखंडेश्वर महादेव पर जल अभिषेक किया। हालांकि दर्शन के बाद वह फौरन वहां से चली गईं।

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कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जहां प्रेमिका ने अवैध संबंध के चलते अपने प्रेमी की हत्या कर दी। फिर उसे सुसाइड दिखाने के लिए खौफनाक खेल रचा। घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने आरोपी प्रेमिका और उसके साथ इस क्राइम में शामिल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
दरअसल, भैंसवाही ग्राम में एक शख्स का शव पेड़ से लटका मिला था। गले पर बिजली का तार का फंदा बंधा हुआ था। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन जांच में पूरा मामला पलट गया और यह एक सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतक की प्रेमिका, उसके भाई और दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
का की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी रितेश शर्मा ने बताया कि बीते 27 अप्रैल 2026 को प्रार्थी हरीश साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता संतराम साहू ने अपने खेत की मेड़ पर लगे आम के पेड़ पर बिजली के तार से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
​डॉक्टरों की पीएम रिपोर्ट ने मामले की दिशा ही बदल दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतक की नाक पर गंभीर चोट के निशान थे और बिजली के तार को गले में फंसाकर इतनी जोर से खींचा गया था कि उनकी श्वासनली का छल्ला टूट गया था। गला घोंटने की पुष्टि होते ही पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने विश्वसनीय मुखबिरों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर गांव की ही पिंकी कोल को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में पिंकी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिंकी कोल और मृतक संतराम साहू के बीच अवैध प्रेम संबंध थे, जो बाद में विवाद का कारण बन गए। इसी रंजिश के चलते पिंकी ने अपने भाई और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या का षड्यंत्र रचा।
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत आरोपियों ने संतराम साहू को पहले अपने घर बुलाया और वहा ​पिंकी कोल ने ईंट से प्रहार कर संतराम की नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। ​इसके बाद पिंकी के भाई रवि कोल और उसके साथियों इत्तू भतरा व मोनू भतरा ने बिजली के लंबे तार को संतराम के गले में फंसाकर दोनों तरफ से जोर से खींचा।​ दम घुटने से मौके पर ही संतराम की मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने इसे आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ से लटकाने का प्रयास किया।
​चारों आरोपी सलाखों के पीछे
​पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों मुख्य आरोपी ​पिंकी कोल (प्रेमिका)
​रवि कोल (भाई) ​इत्तू भतरा
​मोनू भतरा ​को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल वारंट पर जिला जेल कटनी भेज दिया गया है।
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उज्जैन के कथावाचक को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी: हैदराबाद में राम नवमी पर भाषण के बाद सोशल मीडिया पर इनाम की बात, FIR दर्ज
उज्जैन। महाकाल थाना क्षेत्र में कथावाचक को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। चारधाम मंदिर, जयसिंहपुरा निवासी रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने शिकायत में बताया कि 27 मार्च 2026 को राम नवमी के अवसर पर हैदराबाद में निकली शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने उद्बोधन दिया था। इस दौरान उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण और गौ हत्या जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे थे और इनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही थी। बताया गया कि इस कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और गंगोत्री धाम के संत अद्वैतानंद गिरी जी महाराज सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
उद्बोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कथावाचक को निशाना बनाया जाने लगा। शिकायत के अनुसार, इंस्टाग्राम आईडी @dr_taha_cheemaa सहित अन्य प्लेटफॉर्म्स पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरे पोस्ट सामने आए।
आवेदन में बताया गया है कि उक्त आईडी से उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही “सर तन से जुदा” करने जैसी बातें लिखी गईं और ऐसा करने वाले को लाखों रुपये का इनाम देने की बात भी कही गई है। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स, वायरल वीडियो और संबंधित पोस्ट्स की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आलोक शर्मा, एडिशनल एसपी
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धार्मिक नगरी में चमत्कार: महाकाल मंदिर के पास खुदाई में निकला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के पास शुक्रवार सुबह चार बजे टनल खुदाई के दौरान एक शिवलिंग मिलने से क्षेत्र में आस्था का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से शिवलिंग का पूजन किया। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे। पुरातत्व विभाग इसे 1000 से 2000 वर्ष पुराना मान रहा है।
विभाग के अनुसार सिक्स सेंचुरी के उत्खनन में भी इस तरह के शिवलिंग और अवशेष मिले हैं। केमिकल ट्रीटमेंट के बाद ही इस शिवलिंग की सदी का पता चल सकेगा। हालांकि अभी जो दिखाई दे रहा है यह राजाभोज के परमार काल का शिवलिंग है और जो लिपि अभी दिखाई दे रही हे वो ईसा पूर्व की है।
दरअसल, महाकाल मंदिर के सामने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गेट नंबर-4 के पास टनल और वेटिंग हॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे खुदाई के दौरान पोकलेन मशीन ऑपरेटर को मिट्टी के बीच एक शिवलिंग दिखाई दिया। इसके बाद तुरंत साइड इंजीनियर और मंदिर प्रशासन को सूचना दी गई। घटना के बाद एहतियातन खुदाई का काम रोक दिया गया।
मंदिर के पुजारियों ओर क्षेत्रवासियों ने मौके पर पहुंचकर शिवलिंग का पूजन-अर्चन किया और फिलहाल उसे उसी स्थान पर सुरक्षित रखवाया गया है। खबर फैलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ मौके पर जुटने लगी और दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। संभवत इसे परमार कालीन शिवलिंग बताया जा रहा है। साइट इंजीनियर दीपक पटेल के मुताबिक, खुदाई के दौरान शिवलिंग के साथ अन्य प्राचीन अवशेष मिलने के संकेत भी हैं।
उन्होंने बताया कि नंदी की प्रतिमा जैसे अवशेष भी हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि मई 2020 में भी महाकाल मंदिर विस्तार कार्य के दौरान खुदाई में एक प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले थे। उस समय 25-30 फीट नीचे खुदाई में शिवलिंग, नंदी, गणेश, मां चामुंडा और अन्य मूर्तियां मिली थीं। पुरातत्व विशेषज्ञों ने इन्हें करीब एक हजार वर्ष पुराना, परमारकालीन बताया था।
7 मीटर गहराई से निकले शिवलिंग की जांच अब पुरातत्व विभाग करेगा। पुरातत्व विभाग के डॉ. रमन सोलंकी ने प्रथम दृष्टया इस शिवलिंग को राजा भोज के काल का परमारकालीन बताया है। शिवलिंग की धुलाई के बाद ही इसके काल और ईसा का पता चल सकेगा। यह एक महत्वपूर्ण और दुनिया का विरले शिवलिंग है।

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सागर। मध्य प्रदेश के सागर से चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां दलित समाज की बारात पर दबंगों ने देर रात सिर्फ इसलिए हमला कर दिया क्योंकि वह दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने देना चाहते थे। इन जातिवादी मानसिकता वाले लोगों लाठी-डंडों से बारात पर हमला कर लोगों को घायल कर दिया। मामले की खबर भीम आर्मी (सांसद चंद्रशेखर रावण की पार्टी) को लगी। उनके पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी देखरेख में शादी कराई गई।
मामला मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात करीब एक बजे की है। सागर के नरयावली विधानसभा क्षेत्र के खैजरा माफी गांव से अहिरवार समाज की एक बारात निकल रही थी। तभी अचानक जातिवादी मानसिकता के दबंगों ने बारात को बीच में ही रोक दिया। दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने दिया। दबंगों ने बारातियों से जमकर विवाद किया फिर मारपीट शुरू कर दी। मिली जानकारी के अनुसार, दबंगों ने दुल्हन के परिजनों को भी निशाना बनाया और उनके साथ भी मारपीट की। इस जातिवादी हमले में करीब 10 लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।
इस घटना की जानकारी भीम आर्मी को मिली। सूचना मिलते ही भीम आर्मी के पदाधिकारी प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र अहिरवार, सागर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर अहिरवार और जिला प्रभारी कमलेश अहिरवार प्रमुख रात 2 बजे के आसपास खैजरा माफी गांव पहुंचे। भीम आर्मी ने पुलिस के सामने इसका विरोध किया और दबंगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। भीम आर्मी के सदस्यों की मौजूदगी में दूल्हा-दुल्हन की शादी संपन्न कराई गई और जयमाला की रस्म भी पूरी हुई।
बता दें कि, दमोह के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में भी 1 हफ्ते पहले ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां एक दिव्यांग दलित दूल्हे और पूरी बारात पर दबंगों ने लाठी-डंडे लेकर हमला कर दिया था। इस मामले में भी जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को एक दलित दूल्हे का घोड़ी पर चढ़ना नागवार गुजरा। दबंगों ने बारात को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दूल्हे के परिवार के कई लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, बारात लोधी समाज की थी। दबंगों ने घोड़ी पर बैठे दिव्यांग दूल्हे को नीचे पटक दिया था। यहीं नहीं, दूल्हे भाई को बचाने के लिए दौड़ी बहन को भी दबंगों ने नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि दबंगों ने बारातियों के गहने भी लूट लिए।
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भोपाल में शर्मनाक वारदात! युवक को नग्न कर पीटा,मुंह पर की पेशाब, हैवान बने साथी
भोपाल। राजधानी से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली आपसी झगड़ा इतना बढ़ गया कि कुछ युवकों ने मिलकर एक युवक के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर गुस्से में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना भोपाल के हनुमानगंज थाना क्षेत्र की है। यहां शबरी नगर में रहने वाला 25 वर्षीय युवक यशवंत सोमवार शाम अपने घर के पास ही टहल रहा था। सब कुछ सामान्य था लेकिन कुछ ही देर में हालात पूरी तरह बदल गए। इलाके के ही चार युवक अचानक उसके पास पहुंचे और उसे घेर लिया। शुरुआत में बात सिर्फ बहस तक सीमित थी लेकिन जल्द ही मामला हिंसा में बदल गया।
आरोपियों को शक था कि यशवंत उनके विरोधी व्यक्ति के संपर्क में है। इसी बात को लेकर वे पहले से नाराज थे। जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने युवक को घेर लिया और सवाल जवाब शुरू कर दिए। युवक ने अपनी सफाई देने की कोशिश की लेकिन आरोपियों ने उसकी बात नहीं सुनी। धीरे धीरे माहौल गरम होता गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
कुछ ही मिनटों में आरोपियों ने युवक पर हमला कर दिया। उसे पकड़कर जमीन पर गिराया गया और डंडों, बेल्ट और हाथों से पीटना शुरू कर दिया गया। युवक लगातार उनसे छोड़ देने की गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। आसपास के लोग यह सब देखकर सहम गए लेकिन डर की वजह से कोई तुरंत आगे नहीं आ सका।
मारपीट के दौरान दो आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और युवक पर वार करना शुरू कर दिया। इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर से खून बहने लगा। हालत बिगड़ती देख भी हमलावर नहीं रुके और लगातार हमला करते रहे। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही समय में बेहद खतरनाक रूप ले चुका था।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि हमलावरों ने युवक के साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार भी किया। इस दौरान उन्होंने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकतें कीं, जिससे घटना और भी गंभीर हो गई। इस तरह की हरकत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
जब आसपास लोगों की भीड़ बढ़ने लगी, तब आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल युवक की मदद की और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को गंभीर चोटें आई थीं लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत अब स्थिर है।
घटना के बाद पीड़ित युवक ने बताया कि वह लगातार हमलावरों से छोड़ देने की विनती करता रहा लेकिन उन्होंने कोई रहम नहीं दिखाया। उसने बताया कि उसे बेल्ट, चप्पल और हाथों से मारा गया, और यहां तक कि धारदार हथियार से भी हमला किया गया। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसे अब भी अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस हो रहा है।
हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदोरिया ने बताया कि दोनों पक्ष कमला नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अभद्र व्यवहार, जानलेवा हमला सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों का सुराग मिल चुका है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे मामला कितना भी गंभीर क्यों न हो। वहीं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं। हनुमानगंज थाने में FIR दर्ज हो चुकी है और अगर जांच में अपहरण जैसे नए तथ्य सामने आते हैं तो धाराएं और बढ़ाई जाएंगी। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और उन पर इनाम भी घोषित कर दिया गया है।
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खंडवा में रेलवे कोर्ट का बड़ा फैसला: ट्रैकमैन को 6 साल की सुनाई सजा
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को डेटोनेटर लगाकर रोकने के सनसनीखेज मामले में रेलवे कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी रेलवे कर्मचारी (ट्रैकमेन) साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने साबिर को 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
रेलवे पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना 18 सितंबर 2024 की है। जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर लगे डेटोनेटर फटने के कारण रोकना पड़ा था। घटना के बाद रेलवे टीआई संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर को जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए गए।
आरपीएफ की टीम औरं श्वान दस्ते के कुत्ते ”जेम्स’ की मदद से करीब 8 किलोमीटर तक सर्चिग की गई थी। जिससे रेलवे कर्मचारी साबिर की पहचान हुई। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी, एनआईए व एटीएस जैसी एजेंसियां भी जांच में शामिल रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। जहां सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई।
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‘एंजियोप्लास्टी’ के बाद महिला की मौत, हार्ट ब्लाकेज में 1 की बजाय डॉक्टर ने डाले 3 स्टंट
भोपाल भोपाल में एंजियोप्लास्टी के बाद सागर की महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन ने कलेक्टर से शिकायत की। इतवारी वार्ड निवासी जतिन जैन ने अपनी माता ज्योति जैन की मृत्यु के लिए भोपाल के गायत्री सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉ. मोहित जैन को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जतिन जैन ने बताया कि 20 अप्रेल को ज्योति जैन सामान्य जांच व एंजियोग्राफी के लिए अस्पताल गई थीं, जहां स्थिति स्थिर थी। एंजियोग्राफी के बाद डॉ. मोहित जैन ने हृदय की नस में गंभीर ब्लॉकेज बताकर तत्काल एंजियोप्लास्टी की सलाह दी।
परिवार का आरोप है कि उन्हें हैदराबाद जैसे अन्य शहर में इलाज का विकल्प नहीं दिया गया और प्रक्रिया के लिए तुरंत दबाव बनाया गया। शिकायत में कहा गया है कि एंजियोप्लास्टी के दौरान ज्योति जैन की स्थिति अचानक बिगड़ गई। ऑपरेशन थिएटर के बाहर परिजनों ने अंदर से चीखने की आवाज सुनी, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। करीब दो घंटे तक परिवार को मरीज की स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नस में गंभीर क्षति हुई, जिसके कारण एक के बजाय तीन स्टंट लगाने पड़े। परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज को सीपीआर दिया गया, लेकिन इसकी सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई।
ऑपरेशन के बाद भी ज्योति जैन लगातार दर्द, उल्टी और बेचैनी से जूझती रहीं। परिजनों के बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया और डॉ. मोहित जैन स्थिति को सामान्य बताते रहे। परिवार ने निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने, सभी चिकित्सा दस्तावेजों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर डॉ. मोहित जैन का लाइसेंस निरस्त करने व सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जब पत्रिका ने गायत्री सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो पाई।
एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) एक न्यूनतम चीर-फाड़ वाली चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज या संकुचन को ठीक करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतली नली (कैथेटर) और गुब्बारे का उपयोग करके अवरुद्ध धमनी को चौड़ा किया जाता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह सामान्य हो सके।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण हृदय की नसों में जमा प्लाक (कोलेस्ट्रॉल और वसा) को साफ कर रक्त संचार को सुगम बनाना होता है।यह मुख्य रूप से हार्ट अटैक के दौरान या गंभीर सीने के दर्द (angina) के इलाज के लिए किया जाता है।