रतलाम. एमपी के रतलाम में बीती (3 मई) रात एक बारात में घोड़ी पर चढऩे की बात को लेकर हुए विवाद में दो युवकों की जान चली गई. मामूली सी बात पर हुआ विवाद दोहरे हत्याकांड पर जाकर खत्म हुआ. ओल्ड रेलवे कॉलोनी की यह घटना है जहां बारात में हुए विवाद के दौरान जमकर चाकूबाजी हुई. जिसमें 3 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए. अस्पताल में उपचार के दौरान घायल आनंद और शाहाबाद की मौत हो गई. जीआरपी थाना रतलाम पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज किया है. हत्या करने वाले दोनों आरोपी भी घायल हुए हैं, इनका उपचार रतलाम मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.
दरअसल, लक्ष्मणपुरा के समीप रविवार रात बारात निकाली जा रही थी. इसी दौरान दूल्हे के घोड़ी से उतरने के बाद घोड़ी पर चढऩे को लेकर कुछ युवकों में विवाद हो गया. विवाद बढ़ते-बढ़ते ओल्ड रेलवे कॉलोनी तक पहुंच गया जहां आरोपियों ने चाकू घोपकर, आनंद और शाहबाद की हत्या कर दी.
हमले में घायल युवक पीयूष ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई आनंद और दोस्त शाहबाज के साथ ओल्ड रेलवे कॉलोनी क्वार्टर के सामने खड़ा था?. इसी दौरान वहां रोजऱ बिन्नी आया और उसने बताया कि उसका मुन्ना और रोहित खंडकर से विवाद हुआ है. इसके बाद मुन्ना और रोहित खंडकर भी मौके पर पहुंचे गए और विवाद करने लगे और मुझ पर चाकू से हमला कर दिया. बीच बचाव करने पहुंचे आनंद और शाहबाज को भी आरोपियों ने चाकू मारकर घायल कर दिया. आसपास के लोगों की मदद से दोनों को सरकारी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
बहरहाल घटना के बाद रेलवे पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है. चाकू से हमला कर हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है आरोपियों को भी विवाद के दौरान गंभीर चोटें आई हैं जिसका उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.
हेमंत चौहान, एडिशनल एसपी रेलवे ने बताया कि कल रात 11.30 बजे के लगभग ओल्ड रेलवे कॉलोनी क्वार्टर में बारात के दौरान दो परिचित युवकों में आपसी विवाद हो गया, जिसमें दोनों आरोपी रोहित खंडकर और मुन्ना खंडकर लक्ष्मणपुरा क्षेत्र के रहने वाले हैं. इन्होंने चाकूबाजी की घटना की जिसमें आनंद और शाहबाद की मृत्यु हो गई और पीयूष अभी घायल है. आरोपी भी इस घटना में घायल हैं. जीआरपी थाने में जीरो पर प्रकरण कायम करके विवेचना शुरू कर दी गई है.
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जेल से रची गई बैंक डकैती की साजिश का पर्दाफाश, बिहार से 2 और आरोपी गिरफ्तार
सिंगरौली में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 17 अप्रैल 2026 को हुई सनसनीखेज डकैती मामले में सिंगरौली पुलिस ने साजिश के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए बिहार से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई को जिले की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसमें पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह की कड़ी जोड़ते हुए साजिशकर्ताओं तक पहुंच बनाई है।
थाना वैढ़न पुलिस ने विशेष टीम गठित कर बिहार के नालंदा जिले से चन्दन उर्फ चईया यादव (21) और गुलशन (19) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी खीरूबिगहा, थाना नगरनौसा के निवासी हैं और डकैती की साजिश में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि डकैती को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी फंटूस और उसके साथी कमलेश, पंकज, राजेश और छोटू के अलावा गिरफ्तार दोनों आरोपी भी योजना का हिस्सा थे। इनकी भूमिका लूट के माल को ठिकाने लगाने और साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में अहम रही।
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि डकैती का सरगना सुबोध सिंह है, जो वर्तमान में पटना के बेऊर जेल में बंद है। उसने उड़ीसा के कुचिंडा जेल में बंद अपने शागिर्द पीयूष जायसवाल के माध्यम से पूरी वारदात को अंजाम दिलवाया। जेल में रहते हुए ही पूरे नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 7 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और लूट के माल के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। शेष आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पूरी कार्रवाई पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत, पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत सिंह चौहान के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में की गई।
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पति की हैवानियत: पत्नी की हत्या के बाद दो साल के बेटे को जंगल में छोड़ा, 12 थानों की पुलिस करती रही तलाश
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा से बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां हैवान पति ने सुनसान इलाके में अपनी पत्नी की हत्या कर दी। फिर अपने दो साल के बेटे को जंगल में छोड़ दिया। मामला उजागर होने पर 12 थानों की पुलिस हरकत में आई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
दरअसल, रायसेन जिले के बेगमगंज के गांव हीमोतिया में रहने वाले राजेंद्र अहिरवार अपनी पत्नी ज्योति पर उसके चरित्र को लेकर शक करता था। 2 दिन पहले वह मोबाइल लेने के लिए कहकर करते निकला था। अपनी पत्नी ज्योति और 2 साल के बेटे को भी साथ लेकर बाइक से रवाना हुआ, लेकिन बेगमगंज की और न जाकर वह विदिशा जिले का हैदरगढ़ थाने की ओर आ गया। इसी दौरान जंगल में गुजरते वक्त सुनसान इलाका पाकर उसने पत्नी के सिर में पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
आरोपी यहां नहीं रुका उसने अपने साथ आए अपने ही 2 साल के मासूम बेटे को भी जंगल में छोड़ दिया। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए रात में ही आरोपी की गिरफ्तारी कर ली, जब आरोपी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे जंगल में छोड़ा है। यह सुनते ही पुलिस के होश उड़ गए और उन्होंने रात से ही उसकी तलाश शुरू कर दी। तलाशी अभियान में पुलिस में रायसेन पुलिस की भी मदद ली।
एसपी रोहित काशवानी ने बताया कि बेगमगंज से लेकर विदिशा के हैदरगढ़ क्षेत्र में कई किलोमीटर के दायरे में उस मासूम बच्चे की तलाश में पुलिस जुटी रही। करीब दोनों जिलों के 12 स्थान की पुलिस रात भर सर्चिंग अभियान चला रही थी। सुबह के समय बच्चों को सुरक्षित खोजा गया। पुलिस को इस बात का डर था कि रात के समय सुनसान जंगल में बच्चों के साथ किसी प्रकार की अनहोनी ना हो जाए।





