जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम कॉलेज में वित्तीय अनियमितता और गबन का बड़ा मामला सामने आया है। कॉलेज के अकाउंटेंट ने ही छात्रों से नकद फीस लेकर बैंक खाते में जमा करने के बजाय अपने निजी खाते में ट्रांसफर कर ली। प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कॉलेज के 14 छात्रों को ‘नो-ड्यूज’ सर्टिफिकेट मिलने में परेशानी हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने प्रबंधन से इसकी शिकायत की। कॉलेज स्तर पर जब फीस रिकॉर्ड्स की क्रास-चेकिंग और आंतरिक जांच कराई गई, तब इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर साल 2017 से कॉलेज में सेवाएं दे रहा था। उसने छात्रों से आधिकारिक कॉलेज खाते में ऑनलाइन या बैंक के माध्यम से फीस जमा करवाने के बजाय नकद (कैश) में फीस वसूल की। नकद राशि को कॉलेज के बैंक खाते में जमा कराने के बजाय उसने अपने निजी खाते में हेरफेर कर ट्रांसफर कर ली।
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आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन फरार
पोल खुलने के बाद से आरोपी अकाउंटेंट चंद्रमोहन सिंह ठाकुर जनवरी 2026 से ही कॉलेज से बिना बताए गायब है। कॉलेज प्राचार्य शैलेष गुप्ता की औपचारिक रिपोर्ट पर माढ़ोताल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गबन व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
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फर्जी जाति प्रमाण के सहारे ली ‘खाकी वर्दी’: 28 साल बाद फूटा SI का भांडा, सर्टिफिकेट अमान्य घोषित
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में फर्जी सर्टिफिकेट के नाम पर पुलिस नौकरी लेने का मामला सामने आया है। सब इंस्पेक्टर (SI) अमिताभ प्रताप सिंह उर्फ अमिताभ थियोफिलस जाली प्रमाणपत्र के जरिए सरकारी नौकरी का लाभ लेता रहा। हैरानी की बात यह है कि इसकी सच्चाई पता करने में विभाग को 28 साल लग गए।
दरअसल, भोपाल की एक महिला ने SI अमिताभ प्रताप सिंह पर फर्जी दस्तावेज के जरिए नौकरी हासिल करने की शिकायत की थी। जिसके अनुसार आरोपी SI ने 1998 में गोंड अनुसूचित जनजाति (ST) का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी हासिल की थी। रांझी एसडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद राज्य की उच्च स्तरीय छानबीन समिति ने कठोर कदम उठाते हुए जाति प्रमाण पत्र अमान्य घोषित कर दिया।
इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वहीं कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े हो रहे हैं। क्या नौकरी से पहले दस्तावेजों का सही से सत्यापन नहीं कराया गया था ? अगर पुलिस विभाग में ही फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी ली जाती है तो बाकी विभागों का क्या हाल होगा?
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बड़ी खबरः पूर्व DGP के बंगले से 7 लाख के जेवर चोरी, इलेक्ट्रिशियन हिरासत में
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में चोरी की दो बड़ी घटनाएं सामने आईं हैं। एक तरफ पूर्व डीजीपी के सुरक्षित माने जाने वाले बंगले से अमेरिका से आईं बेटी के जेवरों से भरा पर्स गायब हो गया, वहीं दूसरी ओर अस्पताल गए एक अन्य परिवार के घर के ताले तोड़कर नगदी व जेवर साफ कर दिए गए। पुलिस मामलों की जांच में जुटी है।
दरअसल घटना पूर्व DGP एमएल जैन के अरेरा कॉलोनी, हबीबगंज थाना क्षेत्र की है। पूर्व DGP एमएल जैन की बेटी अमेरिका से आईं है। चोरी गए सामान में सोने की चूड़ियां, कंगन, अंगूठी समेत करीब 7 लाख रुपये के जेवर से भरा पर्स शामिल है। बताया जाता है कि घर में काम करने आए इलेक्ट्रिशियन के जाने के बाद पर्स गायब हुआ। पुलिस ने संदेही इलेक्ट्रिशियन को हिरासत में लेकर पूछताछ तेज कर दी है।
दूसरी घटना में परिवार किसी मेडिकल इमरजेंसी में अस्पताल गया हुआ था, पीछे से चोरों ने सूने घर का ताला तोड़ा और घर से जेवर, जरूरी दस्तावेज और कैश पर हाथ साफ कर दिया। हबीबगंज थाना पुलिस ने दोनों मामलों में प्रकरण दर्ज कर लिया है। पूर्व DGP के बंगले के मामले में इलेक्ट्रिशियन से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है, जबकि दूसरे मामले में आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि चोरों का सुराग मिल सके।



