


बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां दिनदहाड़े एक युवती को उठाकर ले गए। बताया जा रहा है कि 25 से 30 युवकों ने गांव से अपहरण कर लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला राजपुर थाना क्षेत्र का है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, युवती के परिजनों ने दो लाख लेने के बाद भी युवक के साथ नहीं भेजा। इसके बाद 25 से 30 युवक गांव पहुंचे और दिनदहाड़े युवती को सबके सामने उठा लिया। फिर दो युवकों ने बाइक पर बैठाया और वहां से लेकर भाग निकले। युवती को ले जाते हुए इस दृश्य को किसी ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वहीं युवती के परिजनों ने इसकी शिकायत की। जिस पर राजपुर पुलिस ने आरोपी हुकुम रावत समेत 25 से 30 युवकों पर अपहरण का मामला दर्ज किया। राजपुर थाना प्रभारी माधव सिंह ठाकुर ने मामले की छानबीन शुरू की और युवती को निहाली गांव से सकुशल बरामद किया गया। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की शिनाख्त कर उनकी सरगर्मी से तलाश में जुटी हुई है।
---------------------------------
ड्रग्स कनेक्शन के मामले में पुलिस ने मप्र कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई को अरेस्ट किया
इंदौर। ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े मामले की जांच के दौरान पुलिस ने प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई बुधवार देर रात दो कथित ड्रग्स पैडलरों की गिरफ्तारी के बाद सामने आई जानकारी के आधार पर की।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान नाना पटवारी का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि मामले में उनकी भूमिका क्या रही है। जांच से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में नाना पटवारी से संबंध होने की बात स्वीकार की है। वहीं, पूछताछ के दौरान नाना पटवारी ने भी आरोपियों को जानने की बात मानी है। हालांकि, उन्होंने किसी अन्य तरह की संलिप्तता को लेकर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है।
यह पहला मौका नहीं है जब नाना पटवारी को गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2025 में तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में नाना और दो साथियों पर धोखाधड़ी और धमकी का केस दर्ज किया गया था। पीड़ित का आरोप था कि नाना और अन्य ने उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की थी। इसके साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। विधानसभा चुनाव 2023 के वक्त नाना को एक हत्या के प्रयास के पुराने केस में गिरफ्तार किया गया था। वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने भी इस बारे में एक ट्वीट कर पुलिस अधिकारियों को नई परिपाटी नहीं बनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस बारे में पटवारी के परिवार को भी जानकारी नहीं दी है।
----------------------------------------
एमपी में गैस उपभोक्ताओं को राहत, अब 'हेलो BPCL' एप से घर बैठे होगी सिलिंडर बुकिंग और KYC
ग्वालियर। शहर के लोगों को मार्च से लेकर मई के बीच में गैस सिलिंडर की बुकिंग (Online LPG Gas Booking) से लेकर डिलिवरी तक काफी परेशानी उठानी पड़ी। क्योंकि फोन से सिलिंडर की बुकिंग हो नहीं रही थी। लेकिन अब भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड यानि बीपीसीए ने उपभोक्तओं के लिए एक डिजिटल पहल की है।
अब बीपीसीएल ने भरत गैस के उपभोक्ताओं के लिए हेलो BPCL के नाम से एप (Mobile App) लांच किया है। जिसमें उपभोक्ताओं को बुकिंग से लेकर भुगतान करने, केवायसी आदि कराने की सुविधा मिलेगी। यानि उपभोक्ता को एजेंसी तक नहीं जाना हागा। साथ ही गैस की कीमत को भी देख सकेंगे।
पिछले दिनों सरकार द्वारा एलपीजी कनेक्शन के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बाद शहर की विभिन्न भारत गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी जा रही थी। बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को घंटों लाइनों में खड़ा होना पड़ रहा था।
अब हेलो बीपीसीएल ऐप की मदद से उपभोक्ता अपने मोबाइल से ही घर बैठे बेहद आसानी से अपनी केवायसी प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि एजेंसी की कतारों से भी हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
सिलिंडर बुकिंग के साथ ये भी मिलेंग फीचर्स
वन-टैप रिफिल बुकिंग व भुगतान: ऐप के जरिए कुछ ही सेकंड में भारत गैस का सिलेंडर बुक किया जा सकता है और नेट बैंकिंग, यूपीआई या कार्ड के जरिए सुरक्षित आनलाइन भुगतान भी संभव है।
LPG की ताजा कीमतें: ग्वालियर में एलपीजी सिलेंडर के दामों में होने वाले बदलावों और वर्तमान कीमतों की सटीक जानकारी सीधे ऐप पर ही मिल जाएगी।
ऑनलाइन मैकेनिक सेवा: यदि गैस कनेक्शन, पाइप या चूल्हे में कोई तकनीकी खराबी या लीकेज की समस्या आती है, तो उपभोक्ता ऐप के माध्यम से सीधे प्राधिकृत मैकेनिक की सेवा के लिए अनुरोध भेज सकते हैं।
प्रोफाइल अपडेट व डिस्ट्रीब्यूटर बदलाव: उपभोक्ता बिना किसी लिखित आवेदन के अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं, पता बदल सकते हैं और यदि सर्विस पसंद न आए तो घर बैठे ही अपना गैस डिस्ट्रीब्यूटर भी बदल सकते हैं।
इंदौर। इंदौर में पदस्थ एक लेडी कॉन्स्टेबल ने हेड कॉन्स्टेबल पर छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक हेड कॉन्स्टेबल उसका लगातार पीछा कर रहा है, कार में बंधक बनाकर धमकी दे चुका है और शादी करने का दबाव बना रहा है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल देवास पुलिस लाइन में पदस्थ है, जिसके खिलाफ लेडी कॉन्स्टेबल की शिकायत पर इंदौर के बाणगंगा थाने में मामला दर्ज किया गया है।
लेडी कॉन्स्टेबल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि एक साल पहले जब वो देवास में पदस्थ थी, तब उसकी पहचान हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा से हुई थी। शुरुआत में उनके बीच बातचीत होती थी लेकिन बाद में राहुल शर्मा फोन कर उसे परेशान करने लगा। कई बार राहुल शर्मा को समझाया लेकिन इसके बावजूद वो नहीं माना और फोन कर शादी के लिए दबाव बनाने लगा। राहुल शर्मा की हरकतों से परेशान होकर लेडी कॉन्स्टेबल ने अपना ट्रांसफर देवास से इंदौर करा लिया।
लेडी कॉन्स्टेबल के मुताबिक देवास से इंदौर ट्रांसफर कराने के बाद भी आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। वो लगातार उसे फोन करता रहा, जब परेशान होकर उसने राहुल शर्मा का नंबर ब्लॉक कर दिया तो वो नंबर बदल-बदलकर फोन करने लगा। इतना ही नहीं इंदौर आकर उसका पीछा करता है। कुछ दिन पहले जब वो एक आरोपी का मेडिकल कराने के लिए अस्पताल गई थी, तब राहुल शर्मा वहां भी पहुंच गया और बात करने पर मना किया तो विवाद किया।
लेडी कॉन्स्टेबल ने अपनी शिकायत में ये भी बताया है कि एक दिन आरोपी हेड कॉन्स्टेबल राहुल शर्मा ने उसे जबरदस्ती अपनी कार में बैठा लिया। उसका मोबाइल छीन लिया और शादी का दबाव बनाया। इसी दौरान जब मोबाइल पर मां का कॉल आया तो उसने मां को बताया कि राहुल ने उसे कार में बंधक बना लिया है, इसके बाद पिता व भाई जब मौके पर पहुंचे तो राहुल वहां से भाग गया। पुलिस ने पीड़ित लेडी कॉन्स्टेबल की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच में ले लिया है।
----------------------------------
चिता आंदोलन’ का सातवां दिन: आंशिक जीत के बाद भी जल-मिट्टी सत्याग्रह और आमरण अनशन जारी
पन्ना। केन-बेतवा लिंक समेत विभिन्न परियोजनाओं से विस्थापित परिवारों का ‘चिता आंदोलन’ सातवें दिन भी उग्र रूप से जारी रहा। सरकार के रूंझ और मझगांय क्षेत्र में मुआवजा राशि 5 लाख से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये करने और पन्ना के लिए 39 करोड़ रुपये स्वीकृत करने को प्रदर्शनकारियों ने अपनी आंशिक जीत माना है। हालांकि, उनका साफ कहना है कि जब तक शत-प्रतिशत पीड़ितों को न्याय और भ्रष्टाचार के दोषियों को जेल नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।
भारी बारिश के बीच सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का आमरण अनशन चौथे दिन, मिट्टी सत्याग्रह तीसरे दिन और जल सत्याग्रह दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और किसान डटे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने चार सूत्रीय मांगें रखी हैं। सभी विस्थापितों को भूमि और आवास का सम्मानजनक हक मिले। परियोजनाओं में हुए कथित घोटाले की उच्च-स्तरीय स्वतंत्र जांच हो।
इसके साथ ही संलिप्त भ्रष्ट अधिकारियों को चिन्हित कर जेल भेजा जाए। विस्थापितों को डराने-धमकाने की प्रशासनिक कार्रवाई तुरंत बंद करने की भी मांग की हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ मुआवजे की नहीं, बल्कि सम्मान की है। जब तक हर पीड़ित को न्याय नहीं मिलता, पीछे नहीं हटेंगे।
-------------------------------------
500 रुपए के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा: दुकान में घुसकर चाचा-भतीजे को बेरहमी से पीटा, Video वायरल
पन्ना। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए तहसील कार्यालय के पास सरेआम गुंडागर्दी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। मात्र 500 रुपये की उधारी के विवाद में बेखौफ दबंगों ने एक रजिस्ट्री लेखक की दुकान में घुसकर दो लोगों पर लात-घूंसों की बरसात कर दी। इस बेरहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना बुधवार 8 जुलाई की है, जब मयंक पटेल (21) अपने चाचा ब्रजकिशोर पटेल की दुकान पर था। तभी देवगांव निवासी विनोद पटेल अपने तीन साथियों (सुनील, लवकुश और राजकरण) के साथ बाइक से पहुँचा। उधारी के पैसे तुरंत न मिलने पर आरोपी भड़क गए और मयंक को जमीन पर पटक कर पीटने लगे। बीच-बचाव करने आए चाचा ब्रजकिशोर पर भी हमलावरों ने कहर ढा दिया।
दबंगों ने दुकान का मॉनिटर तोड़कर ₹10,000 का नुकसान किया और मयंक व उसके चाचा पर मोटरसाइकिल की चाबी घोंप दी, जिससे दोनों लहूलुहान हो गए। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी दे गए। 9 जुलाई (गुरुवार) को वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई अजयगढ़ थाना पुलिस ने चार नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
भारतीय रेलवे अक्सर अपनी सेवाओं और नए बदलावों को लेकर चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार एक वायरल वीडियो ने रेलवे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में महाराष्ट्र के बल्हारशाह से मुंबई (दादर) जाने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच को एक हनीमून सूट की तरह सजाया गया दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और ड्यूटी पर मौजूद टीटीई (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।
यह मामला नंदीग्राम एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 11002 डाउन) का है। ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक पूरा केबिन शादी की पहली रात यानी हनीमून रूम की तरह सजाया गया था।
वीडियो में देखा जा सकता है कि केबिन को रंग-बिरंगे गुब्बारों, ताजे फूलों, गुलदस्तों और लाल गुलाब की पंखुड़ियों से सजाया गया था। सीट पर गुलाब की पंखुड़ियों से दिल का आकार बनाया गया था, जिससे पूरा कोच किसी होटल के लग्जरी कमरे जैसा दिखाई दे रहा था।
रेलवे प्रशासन ने जांच के बाद बताया कि यह सजावट किसी रेलवे कर्मचारी ने नहीं कराई थी। दरअसल, ट्रेन में सफर कर रहे एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी यात्रा को खास बनाने के लिए ऑनलाइन एक प्राइवेट डेकोरेशन एजेंसी की सेवा बुक की थी।
डेकोरेटर स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ा और बिना रेलवे की अनुमति के फर्स्ट AC कोच के अंदर जाकर पूरी बर्थ को सजा दिया। रेलवे के अनुसार, इस काम के लिए न तो रेलवे से अनुमति ली गई थी और न ही सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी दी गई थी।
रेलवे के मुताबिक, यह केवल सजावट का मामला नहीं था, बल्कि सुरक्षा नियमों का उल्लंघन भी था। सजावट के दौरान ट्रेन के अंदर मोमबत्ती और दीपक जैसी ज्वलनशील वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे आग लगने का खतरा पैदा हो सकता था। इसके अलावा किसी बाहरी व्यक्ति का बिना अनुमति फर्स्ट एसी कोच में प्रवेश करना भी रेलवे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।
जांच में यह सामने आया कि ड्यूटी पर मौजूद ट्रेन टिकट परीक्षक (TTE) ने इस अनधिकृत गतिविधि को नहीं रोका। रेलवे का मानना है कि अगर TTE अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाते, तो बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति कोच के अंदर प्रवेश नहीं कर पाता। इसी लापरवाही के चलते रेलवे ने संबंधित TTE को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
किन लोगों पर हो सकती है कार्रवाई?
रेलवे के अनुसार इस मामले में कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
नवविवाहित जोड़ा- यदि जांच में यह साबित होता है कि उन्होंने बिना अनुमति डेकोरेशन एजेंसी को बुलाया, तो उनके खिलाफ भी रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई हो सकती है।
डेकोरेशन एजेंसी- बिना अनुमति रेलवे परिसर और ट्रेन के अंदर व्यावसायिक गतिविधि करना नियमों का उल्लंघन है।
रेलवे कर्मचारी- यदि जांच में किसी रेलवे कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे के नियम क्या कहते हैं?
भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 के अनुसार ट्रेन और रेलवे परिसर में बिना अनुमति कई गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। बिना अनुमति प्रवेश और व्यावसायिक गतिविधि- रेलवे की अनुमति के बिना किसी भी व्यक्ति का ट्रेन के अंदर जाकर व्यवसाय करना अपराध माना जाता है। यदि कोई डेकोरेटर बिना अनुमति ट्रेन में सजावट करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में 6 महीने तक की जेल, 1,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।
चलती ट्रेन में मोमबत्ती, दीपक या किसी भी तरह की आग जलाना बेहद खतरनाक माना जाता है।ऐसा करने से पूरी ट्रेन में आग लग सकती है और यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।
रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत ऐसे मामले में 3 साल तक की जेल, 5,000 रुपए तक का जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है।
--------------------------------------
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी बोले-'किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा'
राम मंदिर दान हेराफेरी के मामले पर बीजेपी ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पंकज चौधरी ने ट्रस्ट को स्वतंत्र संस्था बताते हुए सरकार की जिम्मेदारी भी साफ की। विपक्ष के आरोपों को उन्होंने राजनीतिक करार दिया और एसआईटी जांच पर पूरा भरोसा जताया। साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की वापसी की भी बात कही।
मिर्जापुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में पंकज चौधरी ने कहा कि राम मंदिर में दान से जुड़ी कथित गड़बड़ी की खबर से सभी को दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उनके मुताबिक, श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ रही है।
पंकज चौधरी ने कहा कि मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) कर रही है और जांच अपने तय दायरे में आगे बढ़ रही है। उन्होंने विपक्ष द्वारा जांच पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दलों की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने की पुरानी आदत रही है। उनका कहना था कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से काम कर रही हैं और किसी भी दोषी को कानून से राहत नहीं मिलेगी।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर निर्माण के बाद उसके संचालन के लिए एक स्वतंत्र ट्रस्ट का गठन किया गया था। उन्होंने कहा कि मंदिर के प्रबंधन और उसके कामकाज की जिम्मेदारी ट्रस्ट की है, सरकार की नहीं। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सबसे सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पंकज चौधरी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले भगवान राम और राम भक्तों के मुद्दों पर गंभीर नहीं थे, वे अब इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता सब कुछ देख रही है और ऐसे बयानों का सही समय पर जवाब भी देगी।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि इस घटना से पार्टी को दुख जरूर हुआ है, लेकिन इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर बीजेपी पर भरोसा जताएगी और 2027 में पार्टी लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी।
------------------------------
तिहाड़ में 50 दिन से भूख हड़ताल पर है अमेरिकी कैदी, भारतीय खाने पर उठाए सवाल; कोर्ट पहुंचा मामला
दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद अमेरिकी नागरिक वैन डाइक की डाइट को लेकर नया विवाद सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के एक मामले में बंद वैन डाइक ने दावा किया है कि वह जेल में मिलने वाला मसालेदार और डीप-फ्राइड भोजन नहीं खा पा रहा है। इसी वजह से वह पिछले 50 दिनों से भूख हड़ताल पर है और केवल सोया मिल्क समेत लिक्विड डाइट का सेवन कर रहा है।
वैन डाइक की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि भारतीय जेल का सामान्य भोजन उसकी सेहत के अनुकूल नहीं है। याचिका के मुताबिक, जब भी उसने जेल का खाना खाने की कोशिश की, तबीयत बिगड़ गई और भोजन पचाने में गंभीर दिक्कत हुई। इसलिए उसने कोर्ट से अपनी स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने की मांग की है।
मामले की सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। अदालत ने इस पर सहमति जताते हुए मामले की अगली सुनवाई 21 जुलाई के लिए निर्धारित कर दी।
NIA ने 13 मार्च को वैन डाइक को छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपी म्यांमार से मिजोरम सीमा के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और बाद में देश के विभिन्न घरेलू हवाई अड्डों से पकड़े गए।
जांच में एजेंसी को संदेह है कि यह समूह भाड़े के लड़ाकों (Mercenaries) के रूप में सक्रिय था। उन पर भारत और म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र संगठनों की मदद करने तथा उन्हें ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने का आरोप है। इसी मामले में उनके खिलाफ गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) सहित आतंकवादी साजिश से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है।
वैन डाइक ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल’ (SOLI) नामक एक गैर-लाभकारी संगठन का संस्थापक बताया जाता है। संगठन का दावा है कि उसने इराक में ISIS के खिलाफ लड़ने वाले समूहों को प्रशिक्षण दिया और वर्ष 2022 से यूक्रेन को भी सहायता प्रदान की। वैन डाइक का कहना है कि उसका संगठन तानाशाही शासन के खिलाफ काम करता है।
हालांकि, NIA का आरोप है कि यह नेटवर्क भारत के पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी संगठनों से जुड़ा हुआ है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अब अदालत की अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी, जहां जेल प्रशासन अपना पक्ष रखेगा।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। खरगापुर थाना क्षेत्र के 15 वर्षीय नाबालिग ने अपनी सगी बुआ और परिवार के कुछ अन्य लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। किशोर ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर शिकायत दी है और निष्पक्ष जांच के साथ सुरक्षा की मांग की है।
पीड़ित किशोर का आरोप है कि उसकी बुआ ने अपने दिवंगत बेटे की विधवा बहू की मांग उससे जबरन भरवाई। इसके बाद उस पर महिला के साथ पति-पत्नी की तरह रहने का दबाव बनाया गया। किशोर का कहना है कि उसने इस बात का कई बार विरोध किया, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई।
किशोर ने अपनी शिकायत में बताया कि माता-पिता की मृत्यु के बाद वह अपनी सगी बुआ के घर रह रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर उसे एक मंदिर ले जाया गया, जहां उससे बुआ की विधवा बहू की मांग भरवाई गई। बाद में उसे बताया गया कि अब उसकी शादी हो चुकी है और उसे उसी महिला के साथ पति की तरह रहना होगा।
नाबालिग का कहना है कि उसने कई बार बताया कि उसकी उम्र सिर्फ 15 साल है और वह इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं है। इसके बावजूद उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ जबरन शारीरिक शोषण कराने की कोशिश की गई।
पीड़ित का कहना है कि इस पूरी घटना ने उसका बचपन, पढ़ाई और भविष्य खतरे में डाल दिया है। उसने आरोप लगाया कि बुआ अपने दिवंगत बेटे की विधवा बहू को उसके साथ रखने के लिए लगातार दबाव बना रही है।
किशोर ने बताया कि उसने पहले संबंधित थाना पुलिस और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद वह सीधे एसपी कार्यालय पहुंचा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अपनी सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
मामले पर टीकमगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-------------------------------------
CM हेल्पलाइन पर शिकायत की तो राजगढ़ में दो भाइयों को पंचायत में बुलाकर पीटा, पीड़ित ने थाने में कीटनाशक पीया
राजगढ़ मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में सीएम हेल्पलाइन पर सड़क निर्माण में कथित गड़बड़ी और राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ने की शिकायत करना दो भाइयों को भारी पड़ गया। आरोप है कि शिकायत वापस लेने के लिए दोनों को पंचायत भवन बुलाया गया, जहां उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद जब पीड़ित युवक शिकायत लेकर कुरावर थाने पहुंचे तो घंटों तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। कार्रवाई में देरी से आहत एक युवक ने थाने परिसर में ही कीटनाशक पी लिया। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजगढ़ जिले के मोयली खुर्द गांव के रहने वाले रामनिवास मीणा और उनके भाई हरिनारायण मीणा ने कुछ समय पहले सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में दोनों भाइयों ने आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत में सीमेंट कांक्रीट सड़क का निर्माण किए बिना भुगतान कर दिया गया, वहीं राशन कार्ड में परिवार के सदस्य का नाम भी नहीं जोड़ा जा रहा है।
पीड़ितों का आरोप है कि पंचायत सचिव चैनसिंह चौधरी ने फोन कर दोनों भाइयों रामनिवास मीणा और हरिनारायण मीणा को दोपहर में पंचायत भवन में बुलाया। दोनों भाई वहां पहुंचे तो पंचायत भवन में सरपंच रामनारायण मीणा, उनके भाई रामराज मीणा और अन्य लोग मौजूद थे। आरोप है कि शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और इनकार करने पर गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों व लात-घूंसों से मारपीट की गई। इस दौरान मोबाइल छीनने और पर्स गायब होने का भी आरोप लगाया गया।
मारपीट के बाद दोनों भाई कुरावर थाने पहुंचे, लेकिन उनका आरोप है कि कई घंटे तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई। लगातार गुहार लगाने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से परेशान रामनिवास मीणा ने थाने परिसर में ही कीटनाशक पी लिया। पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई, जहां प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया। रात में परिजन घायल को फिर थाने लेकर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों पर प्रकरण दर्ज किया।
दूसरी ओर पंचायत सचिव चैनसिंह चौधरी ने भी रामनिवास और हरिनारायण के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि राशन कार्ड में नाम सर्वर डाउन होने के कारण नहीं जुड़ पाया था। इसी बात पर दोनों भाई विवाद करने लगे और उनके साथ मारपीट की।
कुरावर एसआई अरविंद सिंह राजपूत ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायतें मिली थीं। घटनाक्रम को समझने और मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद रात करीब 10 बजे दोनों पक्षों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है।
--------------------------------------
मां बगलामुखी मंदिर में भी हुई दान चोरी? सामने आई अनियमितताएं, जांच के लिए तीन सदस्यीय दल का गठन
आगर मालवा। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान चोरी का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ। इस बीच आगर मालवा के विश्वप्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में भी दान चोरी का आरोप लगा है। दरअसल, नलखेड़ा में मंदिर के रजत सौंदरीकरण के लिए मंदिर परिसर में एक गैर-शासकीय समिति की श्रद्धालुओं से नगद, स्वर्ण और रजत दान मिलने और उनके उपयोग में वित्तीय अनियमितता पाए जाने के आरोप लगे हैं। जिसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।
कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया है। इस दल के अध्यक्ष मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बी. एस. सोलंकी होंगे। उनके साथ जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नगर परिषद नलखेड़ा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है। यह समिति सात दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगी।
जांच समिति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह यह जांच करे कि क्या मंदिर परिसर में अधिकृत प्रबंधन व्यवस्था से अलग समानांतर दान संग्रह की व्यवस्था संचालित की गई। इसके साथ ही समिति यह भी जांच करेगी कि श्रद्धालुओं से मिले नगद, सोना और चांदी का वास्तविक रिकॉर्ड क्या है, उसका लेखा-जोखा किस प्रकार रखा गया, संबंधित बैंक खातों और अभिलेखों की स्थिति क्या है और इस पूरे मामले में किसी अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही बनती है या नहीं।
कलेक्टर के आदेश में यह भी कहा गया है कि जांच दल तत्काल मंदिर परिसर का निरीक्षण करेगा। आवश्यक दस्तावेज, साक्ष्य और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगा और अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट और अनुशंसाएं सात दिनों में पेश करेगा।
अब यह मामला केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक जांच के दायरे में आ चुका है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह साफ होगा कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है, और प्रशासन आगे क्या कार्रवाई करता है।
Bhopal. मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अब तक का सबसे सख्त फरमान जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शासकीय सेवकों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर एक नई और कड़ी आचार संहिता लागू कर दी है। इस आदेश के बाद अब कोई भी सरकार बाबू या अफसर फेसबुक (FacebooK), एक्स (X), वॉट्सएप (Whatsapp) या इंस्टाग्राम (Instagram) पर अपनी मर्जी से कुछ भी पोस्ट, लाइक या शेयर नहीं कर पाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे विभागीय जांच के साथ जेल जाने की नौबत आ सकती है।
प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश में साफ कर दिया गया है कि सोशल मीडिया पर सिर्फ पोस्ट डालना ही नहीं, बल्कि किसी और की विवादित पोस्ट पर प्रतिक्रिया देना भी भारी पड़ेगा।
कोई भी शासकीय सेवक सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी पोस्ट, टिप्पणी, फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री साझा नहीं करेगा, जिससे जाति, धर्म, राजनीति या सामाजिक भेदभाव फैलने की आशंका हो।
सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर किसी जाति, धर्म, समुदाय या व्यक्ति के प्रति घृणा, द्वेष या तनाव पैदा करने वाली पोस्ट को ना तो लाइक किया जाएगा, ना फॉरवर्ड और ना ही शेयर किया जा सकेगा। शासकीय कर्मचारियों को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे सोशल मीडिया पर होने वाली किसी भी तरह की बहसबाजी या विवादित चर्चाओं से पूरी तरह दूर रहें।
चुनाव हो या सामान्य दिन, अब सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया के जरिए किसी भी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में कोई प्रचार-प्रसार नहीं कर सकेंगे। यदि कोई कर्मचारी किसी नेता या दल के पक्ष-विपक्ष में माहौल बनाते पाया गया, तो इसे ‘मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम’ का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी सरकारी सेवक इस आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ दोहरी और कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी। ‘मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1965’ के तहत सस्पेंशन और विभागीय जांच शुरू की जाएगी। इसके साथ ही नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
------------------------------------------
कोचिंग सेंटर्स को अल्टीमेटम: 70 संचालकों को 48 घंटे की मोहलत, शपथ पत्र नहीं देने पर 10 जुलाई से होंगे सील, जानें सख्त नियम
भोपाल. दिल्ली के कोचिंग हादसे से सबक लेते हुए राजधानी भोपाल का नगर निगम प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। छात्रों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले कोचिंग संचालकों की लापरवाही पर नगर निगम ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। भोपाल के 70 कोचिंग संचालकों को 48 घंटे का कड़ा अल्टीमेटम जारी किया गया है।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगले 48 घंटे के भीतर इन कोचिंग संचालकों को एक ज्यूडिशियल शपथ पत्र जमा करना होगा, जिसमें यह वचन देना होगा कि वे अगले 30 दिनों के भीतर अपनी बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के सभी पुख्ता इंतजाम कर लेंगे। अगर निर्धारित समय में शपथ पत्र जमा नहीं किया गया, तो 10 जुलाई से कोचिंग संस्थानों को सीधे सील करने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। नगर निगम ने संचालकों के साथ हुई एक आपात बैठक में 20 पॉइंट की सख्त गाइडलाइन थमा दी है।
नियम पूरे नहीं किए, तो सीधे डलेगा ताला! ये हैं नए आदेश:
नगर निगम द्वारा जारी की गई गाइडलाइन में छात्रों की जिंदगी को सुरक्षित बनाने के लिए बेहद कड़े कदम उठाए गए हैं, जिनका पालन न करने पर सीधे सीलिंग की जाएगी:
आपातकालीन द्वार और बेसमेंट नियम: हर संस्थान में आवश्यकता अनुसार क्षमता का फायर पंप और 2 आपातकालीन द्वार होना अनिवार्य है। इन द्वारों पर किसी भी तरह का ज्वलनशील या इलेक्ट्रिक सामान नहीं रखा जा सकेगा। साथ ही, ऑटोमेटिक लॉक होने वाले दरवाजे लगाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। भवन के बेसमेंट का उपयोग केवल पार्किंग या स्टोर के रूप में ही किया जा सकेगा, वहाँ कक्षाएं नहीं चलेंगी।
स्प्रिंकलर और डिटेक्शन सिस्टम: 200 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले बेसमेंट में स्प्रिंकलर्स और ऑटोमेटिक डिटेक्शन सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। फायर सिस्टम को हमेशा ‘ऑटो मोड’ पर रखना होगा और सभी हूटर्स को आपस में जोड़ना होगा।
मॉकड्रिल और ट्रेनिंग: हर 4 महीने में अनिवार्य रूप से मॉकड्रिल का आयोजन करना होगा। बच्चों को फायर सेफ्टी के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें फ्लूम मास्क उपलब्ध कराने होंगे। संस्थान के प्रत्येक स्टाफ सदस्य को फायर अग्निशामक यंत्र और सिक्योरिटी गार्ड को हाइड्रेंट सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग दिलानी होगी।
व्यवधान रहित निर्गम क्षेत्र: आपात स्थिति में बच्चों के बाहर निकलने वाले रास्ते को पूरी तरह से व्यवधान मुक्त रखना होगा। इस निर्गम क्षेत्र में कोई भी विद्युत उपकरण या पैनल स्थापित नहीं किया जा सकेगा।
आईकैचिंग पॉइंट्स पर संकेत: भवन के आसानी से दिखने वाले स्थानों पर ‘एक्जिट’ के संकेत चस्पा करने होंगे। इसके अलावा हर मंजिल पर भवन का एक्जिट प्लान लगाना अनिवार्य होगा।
बायपास लाइन और डीजी सेट: फायर पंप और डिटेक्शन सिस्टम को डीजी सेट से बायपास लाइन के जरिए कनेक्ट करना होगा। डीजी सेट को किसी भी हाल में रिफ्यूज एरिया या मुख्य गेट पर स्थापित नहीं किया जा सकेगा।
विद्युत और फायर ऑडिट: धुंआ बाहर निकलने के लिए प्राकृतिक वेंटिलेशन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करना होगा। इसके साथ ही, हर साल फायर एवं विद्युत ऑडिट कराना होगा और इसकी रिपोर्ट नगर निगम के फायर ब्रिगेड कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी।
-------------------------------------
CRPF परिसर में दर्दनाक हादसा: सीवरेज चैंबर में दम घुटने से दो मजदूरों की मौत, ठेका कंपनी पर लापरवाही के संगीन आरोप
भोपाल। मध्य प्रदेश के नीमच शहर के सीआरपीएफ (CRPF) परिसर में मंगलवार को एक बड़ा हादसा हो गया। जहां निर्माणाधीन सीवरेज लाइन के गहरे चैंबर में काम करने उतरे दो मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में ठेका कंपनी पर लापरवाही के संगीन आरोप लगे है।
मिली जानकारी के मुताबिक, झाबुआ निवासी महेश (25) दोपहर में सीवरेज लाइन की रिपेयरिंग करने गया था, लेकिन जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो उसकी पत्नी अनीता बाई उसे ढूंढने निकली। तेज बारिश के कारण पहले तो उसे कुछ दिखाई नहीं दिया, लेकिन बारिश थमने पर जब उसने सीवरेज के गहरे गड्ढे में झांका तो महेश अंदर बेसुध पड़ा था। पति को इस हाल में देख वहां चीख-पुकार मच गई।
इसके बाद उसे रस्सी के सहारे बाहर निकालने के लिए बिहार का रहने वाला रूपेश (19) चैंबर के भीतर उतरा, लेकिन अंदर फैली जहरीली गैस के कारण वह भी तुरंत बेहोश हो गया। बाद में साथी कर्मचारियों की मदद से दोनों को बमुश्किल बाहर निकालकर सीआरपीएफ की एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस भीषण हादसे ने दोनों मजदूरों के परिवारों को पूरी तरह उजाड़ दिया है, जहां मृतक महेश अपने पीछे पत्नी और 2, 5 व 7 साल के तीन मासूम बच्चों को रोता-बिलखता छोड़ गया है, वहीं रूपेश महज चार दिन पहले ही अपने भाई के साथ बिहार से नीमच मजदूरी करने आया था और वह अपने माता-पिता और दो बहनों का इकलौता सहारा था।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे साथी मजदूरों ने ‘एसएस टोटल’ ठेका कंपनी पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने खतरनाक और गहरे चैंबर में उतारने के बावजूद कंपनी ने मजदूरों को मास्क या ऑक्सीजन किट जैसे कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिए थे, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ। फिलहाल कैंट थाना पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम किया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
- चलती ट्रेन में बनी 'हनीमून सुइट्स'! AC कोच में फूलों-गुब्बारों से हुई सजावट, रेलवे ने लिया बड़ा एक्शन
- आय से अधिक संपत्ति मामले में 10 सरकारी अधिकारियों पर छापेमारी, AEO पुष्पा के घर से भारी मात्रा में सोना और नकदी बरामद
- अमरनाथ गुफा में अंतर्ध्यान हुए बाबा बर्फानी, यात्रा शुरू होने के 5 दिन बाद पिघला हिमलिंग
- मुंबई में बारिश का कहर: स्कूल-कॉलेज बंद, 20 ट्रेनें रद्द, 17 फ्लाइट कैंसिल; महाराष्ट्र में रेड अलर्ट
- ‘अयोध्या सिर्फ झांकी थी, वे काशी-मथुरा को कितना लूटेंगे?’ राम मंदिर दान चोरी को लेकर उद्धव का बीजेपी पर बड़ा हमला
- VIP दर्शन रैकेट! राम मंदिर में VIP दर्शन के नाम पर 25 हजार तक वसूली का खुलासा, SIT जांच तेज
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ‘बृजभूषण भी नाम लेने से डर रहे’, आखिर किन बड़े नामों का है डर? केजरीवाल का बड़ा दावा
- अजब फरमान : लिव-इन में रह रहे युवक-युवती के घर वालों पर 21 लाख रुपए का फाइन!
प्रमुख समाचार
10 July 2026
भारतीय रेलवे अक्सर अपनी सेवाओं और नए बदलावों को लेकर चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार एक वायरल वीडियो ने रेलवे प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में महाराष्ट्र के बल्हारशाह से मुंबई (दादर) जाने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच को एक हनीमून सूट की तरह सजाया गया दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे ने मामले को गंभीरता से लिया और ड्यूटी पर मौजूद टीटीई (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे... मध्य प्रदेश
10 July 2026
इंदौर। इंदौर में पदस्थ एक लेडी कॉन्स्टेबल ने हेड कॉन्स्टेबल पर छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक हेड कॉन्स्टेबल उसका लगातार पीछा कर रहा है, कार में बंधक बनाकर धमकी दे चुका है और शादी करने का दबाव बना रहा है। आरोपी हेड कॉन्स्टेबल देवास पुलिस लाइन में पदस्थ है, जिसके खिलाफ लेडी कॉन्स्टेबल की शिकायत पर इंदौर के बाणगंगा थाने में मामला दर्ज किया गया है।लेडी कॉन्स्टेबल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि एक साल पहले जब वो... अपराध
बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले से सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां दिनदहाड़े एक युवती को उठाकर ले गए। बताया जा रहा है कि 25 से 30 युवकों ने गांव से अपहरण कर लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह पूरा मामला राजपुर थाना क्षेत्र का है। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक, युवती के परिजनों ने दो लाख लेने के बाद भी युवक के साथ नहीं भेजा। इसके बाद 25 से 30 युवक गांव... गुना सिटी
10 July 2026
गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) मधुसूदनगढ़ थानाक्षेत्र के ग्राम अगरपुरा में अटल ज्योति योजना की डीपी से लापरवाहीपूर्वक नंगे तार खींचकर खेत में मोटर चलाना एक बुजुर्ग चरवाहे के लिए काल बन गया। करंट की चपेट में आने से चरवाहे की मौके पर ही मौत हो गई थी। मर्ग जांच के बाद पुलिस ने आरोपित किसान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।पुलिस के अनुसार कि बीती दो जुलाई को मृतक गनपत सिंह पुत्र धूरेलाल लोधी की मर्ग डायरी अग्रिम जांच के लिए प्राप्त हुई थी। जांच के दौरान... फोटो गैलरी
सड़कों पर लगाए गेट, 4 कॉलोनियों का रास्ता...
फरार बदमाशों में से 1 का हरिद्वार में...
चौकीदारी कर रहा हत्यारा राजस्थान से पकड़ाया ...
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में मुंडन आज
पेट्रोल-डीजल: केंद्र ने साधे एक तीर से कई...
आपके शहर में पेट्रोल-डीजल कितना सस्ता
इस मोर्चे पर एयरटेल से आगे निकली जियो...
बैंकिंग रेग्युलेशन ऐक्ट है कोचर के इस्तीफे की...
पेट्रोल सरकारी खजाने-तेल कंपनियों पर असर
आपकी दवा असली है या नकली, ऐसे करें...
पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में...
चीन के खाने पर जी रहे हैं उत्तराखंड...