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सिंगरौली. एमपी के सिंगरौली जिले में 12 फरवरी गुरुवार की सुबह एक युवक ने दो लोगों की हत्या कर दी. उसने धारदार हथियार से दोनों के सिर धड़ से अलग कर दिए. इस दौरान बीच-बचाव करने आए दो लोग भी घायल हो गए. चर्चा है कि ये घटना जादू-टोना के शक पर की गई है.
वारदात अतरवा गांव में सुबह 4 से 5 बजे के बीच हुई. आरोपी छत्रपति सिंह (21) ने पड़ोस में रहने वाली फूल कुमारी सिंह (50) और केमला सिंह (65) समेत अन्य लोगों को पूजा में बुलाया था. यहीं धारदार हथियार से हमला कर दिया. बीच-बचाव करने वो दो लोगों पर भी हमला किया.
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है. अब तक की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी की पत्नी का मिसकैरेज हो गया था. इससे उसे लगा कि देवी नाराज है. पूजा करनी पड़ेगी. घटनास्थल पर पूजा-पाठ की सामग्री मिली है. इससे जादू-टोने के शक में हत्या की आशंका जताई जा रही है.
घटना के दौरान शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे सुमित्रा सिंह और रामभजन सिंह पर भी आरोपी ने हमला कर दिया. दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनका इलाज जारी है.
एसपी मनीष खत्री ने बताया कि आरोपी छत्रपति सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. शुरुआती जांच में जादू-टोना और अंधविश्वास से जुड़ा पहलू सामने आया है. हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है. फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जरूरी सबूत जुटाए हैं.
दोनों मृतक आरोपी छत्रपति के पड़ोसी थे, जिन्हें उसने पूजा-पाठ के लिए अपने घर बुलाया था. आरोपी ने घर के बाहर दो दिन पहले मिट्टी का चबूतरा बनाया और कहा कि गुरुवार सुबह वहां पूजा करेंगे. चार-पांच लोग पूजा के लिए आए, जिनमें से आरोपी ने दो की हत्या कर दी और दो को घायल किया.
छत्रपति पिछले छह महीने से मानसिक तनाव में था. उसकी पत्नी का मिसकैरेज हो गया था. ऐसे में उसे लगा कि देवी-देवता नाराज हैं. इसी कारण उसने पूजा-पाठ कराया और बाद में दो लोगों को मार डाला. मौके पर शव के पास नारियल-अगरबत्ती भी मिली हैं. आरोपी से पूछताछ की जा रही है.

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शिवरात्रि पर देश का पहला किन्नर शंकराचार्य:   राजस्थान की पुष्कर पीठ के लिए शंकराचार्य का भोपाल में होगा पट्टाभिषेक
भोपाल। देश के पहले किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक महाशिवरात्रि पर होगा। साथ ही दस किन्नर महामंडलेश्वर भी घोषित होंगे, जोकि देशभर के विभिन्न धर्म पीठों के लिए होंगे। इसी अवसर पर 200 से ज्यादा धर्मांतरित किन्नरों की घर वापसी होगी।
दरअसल देश के पहले और इकलौते किन्नर अखाड़ा के संस्थापक ऋषि अजय दास मध्यप्रदेश में किन्नर जिहाद को लेकर सक्रिय है और हिंदू किन्नरो के जबरन धर्मांतरण के साथ ही मौजूदा भोपाल और ंइंदौर के किन्नर गुरुओं के बंगलादेश और पाकिस्तान कनेक्शन बताते हुए जांच की गुहार लगा रहे हैं। इसी बीच धर्म की रक्षा और धर्मांतरण रोकने के लिए किन्नर धर्माचार्यों के लिए चयन और नियुक्ति में जुटे हैं। यह आयोजन लालघाटी क्षेत्र में होगा, जिसमें देशभर से सनातनी हिंदू किन्नर और धर्माचार्य शामिल होकर चयन प्रक्रिया में हिस्सेदारी करेंगे। इसकी अगुवाई किन्नर गुरु काजल ठाकुर और उनकी टीम कर रही है।
देश के पहले शंकराचार्य के लिए राजस्थान की पुष्कर पीठ का चयन किया गया है, जोकि सृष्टि रययिता ब्रहृााजी का एकमात्र मंदिर और सरोवर है। इसके साथ ही दस महामंडलेश्वर की भी घोषणा होगी, जोकि दो से तीन प्रदेशों की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके लिए किन्नर का सनातनी हिंदू होने के साथ ही शिक्षित और संस्कारित होना अनिवार्य होगा, जोकि धर्मग्रंथों का भी ज्ञाता होगा। साथ ही घर वापसी करने वाले 200 किन्नरों का शुद्धिकरण किया जाएगा।
किन्नर गुरु काजल ठाकुर और उनकी टीम ने धर्म रक्षा का संकल्प लेते कहा है कि धर्मांतरण करवाने वाले मुस्लिम किन्नरों की काली करतूतों का खुलासा मय सबूतों के किया जाएगा। साथ ही पाकिस्तान और बंगलादेश से संपर्कों की जांच की मांग करते कहा है कि कई बंगलादेशी नकली किन्नर बनकर भोपाल और इंदौर सहित घूमते हुए हिंदू घरो से जबरन नेग वसूली में जुटे हैं। काजल ठाकुर ने दावा किया कि मंगलवारा की किन्नर गुरू हाजी सुरैया नायक का टार्चर रूम है, जहां हिंदू किन्नरों को बेरहमी से मारा पीटा जाकर इस्लाम कबूल करवाया जाता है। यहां तक कि आधार कार्ड, पासपोर्ट और पेन कार्ड तक में नाम बदल दिए गए हैं।
धर्मांतरण के लिए मुस्लिम किन्नरों का गिरोह काम कर रहा है, इसके लिए हिंदू किन्नरों के साथ बर्बरता की जाती है। करोड़ों रुपए का ट्रांजेक्शन बंगलादेश और पाकिस्तान होता है और बातचीत होती है, जिसके सबूत पुलिस को सौंपे जा चुके हैं। वहीं हिंदू धर्म की रक्षा के लिए महाशिवरात्रि पर दस किन्नर महामंडलेश्वर के साथ ही पुष्कर पीठ के लिए देश के पहले किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक होगा। इससे पहले 200 से ज्यादा धर्मांतरित हो चुके किन्नरों की शास्त्र विधि से शुद्धिकरण के बाद घर वापसी होगी।
-ऋषि अजय दास, संस्थापक किन्नर अखाड़ा
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बिजली विभाग टीम पर हमला: चोरी पकड़ी तो स्मार्ट मीटर तोड़कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश
सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में बिजली विभाग की टीम पर हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां बिजली चोरी रोकने गई टीम के साथ न केवल बदसलूकी की गई, बल्कि आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए स्मार्ट मीटर ही उखाड़ फेंका​.
विद्युत विभाग की टीम रूटीन चेकिंग और स्मार्ट मीटर की निगरानी के लिए पहुंची थी। जांच के दौरान टीम ने एक उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर में छेड़छाड़ कर रंगे हाथों बिजली चोरी करते हुए पकड़ा।​
जैसे ही चोरी पकड़ी गई, आरोपी अपना आपा खो बैठा। उसने कार्रवाई का विरोध करते हुए दीवार पर लगे स्मार्ट मीटर को उखाड़कर फेंक दिया और उसे पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
आरोपी यहीं नहीं रुका, उसने ड्यूटी पर तैनात विद्युत विभाग के कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और उन्हें काम करने से रोका।​ मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में आरोपी की दबंगई साफ देखी जा सकती है।

दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया जिले में नाबालिग से शादी रचाने के बाद उसे अपने घर ले जाने का सपना एक दूल्हे को भारी पड़ गया। जैसे ही प्रशासन की टीम को इस शादी की खबर लगी तो टीम गांव पहुंची लेकिन शादी हो चुकी थी। टीम ने विदा हो चुकी बारात का पीछा कर बीच रास्ते में बारात को रोका और दस्तावेज की जांच की तो दुल्हन नाबालिग पाई गई। पुलिस ने दूल्हा, उसके पिता, दुल्हन के माता-पिता सहित टेंट, डीजे व बैंड वालों पर मामला दर्ज किया है।
बुधवार सुबह जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद उपाध्याय को गुप्त सूचना मिली थी कि खटोला गांव में नाबालिग की शादी कराई जा रही है। उन्होंने तुरंत कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े को इसकी सूचना दी। कलेक्टर के निर्देश पर पर प्रशासनिक अमला जनपद सीईओ विनीत त्रिपाठी और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचा लेकिन तब तक शादी हो चुकी थी और दूल्हा अपनी दुल्हन को विदा कर अपने साथ ले जा चुका था। प्रशासन अमले ने तुरंत बारात का पीछा किया और रास्ते में ही घेराबंदी कर बारात को रोक लिया। दस्तावेजों की जांच में बालिका नाबालिग पाई गई, जिसके बाद उसे तत्काल रेस्क्यू कर थाना उनाव लाया गया ।
थाना प्रभारी यतेंद्र भदौरिया के अनुसार इस बार कार्रवाई केवल परिजन तक सीमित नहीं रही। बाल विवाह में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सहयोग करने वाले टेंट संचालक, डीजे मालिक और हलवाई के खिलाफ भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना वर-वधू के आयु प्रमाण पत्र देखे कोई भी सेवा देने पर जेल जाना तय है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बाल विवाह पर अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू की है।
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बड़ी खबर: पानी की टंकी में बक्से में बंद मिला महिला का शव
भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बड़ी खबर सामने आ रही है यहां एक महिला की बक्से में बंद लाश पानी की टंकी में मिली है। लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शव दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। फिलहाल महिला की शिनाख्त नहीं हुई है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
भोपाल शहर के निशातपुरा थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास स्थित पानी के टैंक से बक्से में महिला की लाश बरामद हुई है। बताया गया है कि पानी के टैंक से तेज दुर्गंध आ रही थी और जब लोगों ने टैंक के पास जाकर देखा तो उन्हें एक बक्सा पानी में नजर आया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बक्से को पानी से बाहर निकाला तो उसमें महिला की लाश थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरु कर दी है।
पानी के टैंक में बक्से में महिला की लाश मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से जाच की। शव फूला हुआ है जिससे अंदेशा है कि शव दो से तीन दिन पुराना हो सकता है। महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है, पुलिस आसपास के इलाकों में हाल ही में गुमशुदा हुई महिलाओं की जानकारी जुटा रही है जिससे की महिला की पहचान हो सके। जिस तरह से शव को बक्से में बंद कर पानी के टैंक में ठिकाने लगाया गया, उससे अंदेशा है कि महिला की हत्या कहीं और की गई और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को यहां लाकर फेंका गया है।
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शहडोल में रेंजर सहित वन अमले पर हमला, 30 से अधिक लोगों ने किया अटैक
शहडोल। शहडोल में कानून को खुली चुनौती, जंगल की हिफाजत करने निकली फॉरेस्ट टीम पर कोल माफिया ने जानलेवा हमला कर दिया। रेंजर सहित वन अमले को बंधक बनाकर मारपीट की गई। इस दौरान 30 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने अपनी दबंगई दिखाई। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक खनन माफियाओं के हौसले यूं ही बुलंद रहेंगे? क्या अब जंगल बचाने वाले ही असुरक्षित हो गए हैं?
दरअसल जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करना वन विभाग के लिए अब जानलेवा साबित होता जा रहा है। ताजा मामला सोहागपुर थाना क्षेत्र के बडखेरा अंतर्गत खितौली बीट सीमा स्थित सोन नदी का है, जहां अवैध कोयला उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर लौट रही वन टीम पर दबंगों ने हमला कर दिया, हमले में शहडोल रेंजर राम नरेश विश्वकर्मा सहित वन अमले के कर्मचारियों को घेरकर बंधक बनाया गया और मारपीट की गई।
बताया जा रहा है कि सोन नदी के किनारे कोल माफिया लंबे समय से अवैध उत्खनन कर कोयले का परिवहन कर रहे थे। वन विभाग को इसकी सूचना मिलने पर टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई के बाद जब अमला वापस लौट रहा था, तभी करीब 30 से अधिक लोगों ने संगठित होकर रास्ता रोक लिया और हमला बोल दिया। सूत्रों के अनुसार दो दिन पूर्व भी माफियाओं ने रेंजर के साथ बदतमीजी करते हुए धमकी दी थी। घटना की शिकायत वन विभाग द्वारा सोहागपुर थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी जिले में अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हमले हो चुके हैं। ब्यौहारी क्षेत्र में रेत माफियाओं द्वारा एक पटवारी और एएसआई पर ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। लगातार बढ़ते हमलों ने प्रशासन और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि कोल माफिया पर कब तक सख्त शिकंजा कसा जाता है।
वन मंडलाधिकारी दक्षिण, श्रद्धा पंद्रे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वन कर्मियों पर हमला बेहद गंभीर विषय है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस पूरे मामले में सोहागपुर थाना प्रभारी अरुण पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग की तरफ से एक शिकायत आई है , जिस पर मामलें की जांच करा उचित कार्रवाई की जाएगी।

बॉलीवुड में एक बार फिर डर का माहौल बन गया है। अभिनेता रणवीर सिंह को व्हाट्सएप वॉइस नोट के जरिए धमकी मिलने के बाद अब सलमान खान के जीजा, अभिनेता आयुष शर्मा को प्रोटोनमेल ईमेल के माध्यम से करोड़ों रुपए की मांग के साथ धमकी मिली है। पुलिस का मानना है कि, इन धमकियों का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हो सकता है। इन घटनाओं ने इंडस्ट्री में सतर्कता और चिंता बढ़ा दी है।
10 फरवरी को रणवीर सिंह को व्हाट्सएप वॉइस नोट के जरिए धमकी मिली। संदेश में कहा गया कि, अगर करोड़ों रुपए नहीं दिए गए तो उनकी जान को गंभीर खतरा होगा। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रणवीर के बांद्रा स्थित घर की सुरक्षा बढ़ा दी। मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच ने वॉइस नोट भेजने वाले शख्स की तलाश शुरू कर दी है। धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया। जांच में यह भी सामने आया कि, आरोपी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए VPN का इस्तेमाल किया।
11 फरवरी को सलमान खान के जीजा और अभिनेता आयुष शर्मा को ईमेल के जरिए धमकी मिली। भेजने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताया और करोड़ों रुपए की मांग की। धमकी देने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताया और कहा कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो जान को गंभीर खतरा होगा।
शुरुआती जानकारी में रिश्तेदार की पहचान साफ नहीं थी, लेकिन अब मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह व्यक्ति सलमान खान की छोटी बहन अर्पिता खान शर्मा के पति और अभिनेता आयुष शर्मा हैं। आयुष शर्मा फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।
31 जनवरी की रात, डायरेक्टर रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर फायरिंग की घटना हुई थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि, क्या रणवीर सिंह और आयुष शर्मा को मिली धमकियों का इस फायरिंग मामले से कोई संबंध है। इस घटना में पुलिस के अनुसार, रोहित शेट्टी ही हमलावरों का मुख्य टारगेट बने थे।
रणवीर सिंह और आयुष शर्मा को मिली धमकियों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस वॉइस नोट और ईमेल के स्रोत, IP एड्रेस और अन्य तकनीकी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। दोनों के घरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस का मानना है कि ये धमकियां मुख्य रूप से पैसे वसूली (extortion) के उद्देश्य से दी जा रही हैं।
इन धमकियों और फायरिंग की घटनाओं ने बॉलीवुड में सुरक्षा और सतर्कता का एक नया स्तर पैदा कर दिया है। कई सितारों ने अपने घर, कार्यस्थल और बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। इंडस्ट्री में डर और चिंता का माहौल साफ नजर आ रहा है। इसके साथ ही फिल्म जगत के प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स अब सुरक्षा उपायों पर पहले से अधिक ध्यान दे रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, यह धमकियां और फायरिंग के मामले मुख्य रूप से extortion के उद्देश्य से की जा रही हैं। रणवीर सिंह और रोहित शेट्टी के बीच पूर्व में काम किए प्रोजेक्ट्स जैसे ‘सिंघम अगेन’ आदि को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि धमकियों का उद्देश्य पैसा वसूलना हो सकता है।
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मणिपुर के उखरूल में हिंसा भड़की, कई घरों में आगजनी पुलिस स्टेशन पर भीड़ का हमला
मणिपुर के उखरूल जिले में एक बार फिर से हिंसा भड़कने से हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. जिले के लितान सरेइखोंग गांव में कर्फ्यू लागू होने के बावजूद गुरुवार को अज्ञात लोगों द्वारा दो घरों में आग लगा दी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस घटना के बाद सुरक्षा बलों और हथियारबंद उपद्रवियों के बीच करीब आधे घंटे तक गोलीबारी हुई. इसी बीच तांगखुल नागा समुदाय की महिलाओं के एक समूह ने लितान पुलिस स्टेशन पर धावा बोलने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 7 बजे कुछ अज्ञात हमलावरों ने लितान सरेइखोंग गांव में दो मकानों को आग के हवाले कर दिया. सूचना मिलने के बाद मणिपुर फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि दोनों मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और सुरक्षा बलों को स्थिति नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जवान तैनात करने पड़े.
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर पुलिस और हथियारबंद बदमाशों के बीच जबरदस्त गोलीबारी हुई, जो करीब 30 मिनट तक चली. हालांकि इस गोलीबारी में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इलाके में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है. पुलिस का कहना है कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और सुरक्षा बल लगातार गश्त कर रहे हैं.
इस हिंसा की शुरुआत पिछले शनिवार को हुई थी जब लितान गांव में तांगखुल नागा और कुकी समुदाय के लोगों के बीच झड़प हो गई थी. इस झड़प में सकीबुंग गांव के निवासी स्टर्लिंग शिमरे नामक व्यक्ति घायल हो गए थे. घटना के बाद जिला मजिस्ट्रेट असीश दास ने 8 फरवरी की शाम 7 बजे से इलाके में निषेधाज्ञा लागू कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है.
निषेधाज्ञा के बावजूद मंगलवार को अज्ञात हमलावरों ने लितान गांव में करीब 50 घरों को आग के हवाले कर दिया था, जिससे बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए. इस घटना के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उखरूल जिले में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी थीं. प्रशासन का मानना है कि इंटरनेट सेवाओं के जरिए अफवाह फैलने से स्थिति और बिगड़ सकती है, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया.
गुरुवार को हुई आगजनी की घटना के बाद तांगखुल नागा समुदाय की महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिला. बड़ी संख्या में महिलाएं लितान पुलिस स्टेशन पहुंचीं और सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस हिंसा को रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है. प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने पुलिस स्टेशन में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद भीड़ धीरे-धीरे छंट गई.
दूसरी ओर, मणिपुर में राजनीतिक घटनाक्रम के बीच भी तनाव की स्थिति बनी हुई है. गुरुवार को वैपहेई जनजाति की महिलाओं ने कुकी-जो समुदाय के विधायक एलएम खौटे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. विधायक खौटे हाल ही में मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के साथ इंफाल जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करने पहुंचे थे. खौटे वैपहेई समुदाय से आते हैं, जो मणिपुर में कुकी-जो जनजातियों का हिस्सा माना जाता है.
वैपहेई महिला संघ के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं. प्रदर्शनकारियों ने सुबह चुराचांदपुर के डोरकास वेंग स्थित वैपहेई पीपुल्स काउंसिल हॉल में एकत्र होकर विधायक के आवास की ओर मार्च किया. प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने विधायक के फैसले पर नाराजगी जताई और इसे समुदाय के हितों के खिलाफ बताया.
जब प्रदर्शनकारी विधायक के घर की ओर बढ़ रहे थे, तब जोमी मदर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया. यह संगठन कुकी और जोमी समुदाय के विभिन्न उपजनजातियों का प्रतिनिधित्व करता है. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि यह मामला वैपहेई समुदाय का आंतरिक मुद्दा है और इसमें किसी अन्य संगठन को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है.
स्थिति को बिगड़ता देख विधायक के आवास के पास तैनात रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कुछ राउंड फायरिंग की और उन्हें तितर-बितर कर दिया. दोपहर करीब 12 बजकर 45 मिनट पर प्रदर्शन पूरी तरह समाप्त हो गया और सुरक्षा बलों ने इलाके को अपने नियंत्रण में ले लिया.
मणिपुर में पिछले कुछ समय से विभिन्न समुदायों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है. प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं. राज्य सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है.
उखरूल जिले में हुई ताजा घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है. प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही हिंसा से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं. व्यापारिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं और लोगों में भय का माहौल बना हुआ है.
सरकार और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांति बहाल करना और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास कायम करना है. राज्य में बढ़ते तनाव को देखते हुए केंद्र सरकार भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजने की तैयारी कर रही है. फिलहाल उखरूल सहित आसपास के इलाकों में स्थिति नाजुक लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है.
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दिल्ली बम धमाका : जैश-ए-मोहम्मद निकला मास्टरमाइंड, UN रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण धमाके को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ताजा रिपोर्ट ने इस हमले के तार सीधे जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ते हुए सीमा पार आतंकवाद की गंभीर सच्चाई उजागर की है। रिपोर्ट न सिर्फ भारत की चिंताओं को सही ठहराती है, बल्कि दक्षिण एशिया में आतंक के बदलते चेहरे और वैश्विक सुरक्षा के लिए बढ़ते खतरे की ओर भी इशारा करती है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 सैंक्शंस कमेटी को सौंपी गई 37वीं रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई घायल हुए थे।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक सदस्य देश ने यह जानकारी साझा की है कि जैश ने हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की, हालांकि इस मुद्दे पर कुछ सदस्य देशों के बीच मतभेद भी दर्ज किए गए हैं।
10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में लाल किले के पास एक कार बम धमाका हुआ था। हमले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंपी गई। जांच एजेंसियों ने इसे एक व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल करार दिया, जिसमें पढ़े-लिखे और प्रोफेशनल लोगों की भूमिका सामने आई। अब तक इस केस में 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें तीन डॉक्टर भी शामिल हैं।
UN रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि, जैश-ए-मोहम्मद की सक्रियता को लेकर भारत और पाकिस्तान के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल उलट हैं। भारत का कहना है कि जैश अब भी सक्रिय है और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। वहीं पाकिस्तान का दावा है कि, जैश और लश्कर जैसे संगठन प्रतिबंध के बाद निष्क्रिय हो चुके हैं। हालांकि, UN रिपोर्ट ने भारत की चिंता को गंभीरता से दर्ज किया है।
रिपोर्ट का एक और चौंकाने वाला पहलू जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर द्वारा बनाई गई महिला विंग ‘जमात-उल-मुमिनात’ से जुड़ा है। इस विंग का ऐलान 8 अक्टूबर को किया गया था, जिसका उद्देश्य आतंकी गतिविधियों को वैचारिक और लॉजिस्टिक समर्थन देना बताया गया है। फिलहाल यह संगठन संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां इसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। यह खुलासा आतंकवाद के बदलते और अधिक संगठित स्वरूप की ओर इशारा करता है।
UNSC की रिपोर्ट में अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद सुरक्षा बलों ने लगातार कार्रवाई करते हुए 28 जुलाई 2025 को तीन संदिग्ध आतंकवादियों को मार गिराया। संयुक्त राष्ट्र ने इस कार्रवाई को आतंक के खिलाफ अहम कदम बताया है और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना है।
रिपोर्ट में मई 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई और उसके बाद चार दिनों तक चले सैन्य तनाव का भी जिक्र किया गया है। यह दिखाता है कि क्षेत्रीय सुरक्षा हालात कितने संवेदनशील बने हुए हैं।
इस रिपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को और मजबूती दी है। साथ ही, आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान के दावों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्ट में आतंकी संगठनों के नए नेटवर्क, बदलती रणनीतियों और सहयोगी ढांचे का खुलासा हुआ है, जो वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है।

इंदौर। अशोकनगर जिले में इंदौर नारकोटिक्स की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जहां चंदेरी थाना क्षेत्र में एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। जंगल के पास गांव में चल रहे इस अवैध कारोबार से भारी मात्रा में तैयार ड्रग्स, केमिकल और हथियार बरामद किए गए हैं। वहीं मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इंदौर नारकोटिक्स विंग की 15 सदस्यीय टीम ने अशोकनगर जिले के चंदेरी थाना क्षेत्र के कड़राना गांव में बड़ी कार्रवाई की। सोमवार रात टीम ने राघवेंद्र परमार के घर पर दबिश दी। जहां एमडी ड्रग्स बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 1 किलो 282 ग्राम ठोस एमडी ड्रग्स, 2 किलो 579 ग्राम तरल एमडी ड्रग्स और करीब 45 किलो केमिकल व उपकरण बरामद किए।
पुलिस ने मौके से दो आरोपियों राघवेंद्र परमार और प्रियांशु जैन को गिरफ्तार किया है, जो जंगल से सटे इलाके में लंबे समय से नशे का कारोबार चला रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस को हथियार भी मिले हैं। आरोपी प्रियांशु के पास से 32 बोर की लाइसेंसी पिस्टल, 15 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन जब्त की गईं। इसके अलावा भोपाल आरटीओ नंबर की एक कार और दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच पुलिस कर रही है।
जिले में पहली बार स्थानीय स्तर पर ड्रग्स फैक्ट्री पकड़े जाने से पुलिस भी सतर्क हो गई है। वही जांच मे सामने आया कि आरोपी कर्जे में थे। जिसके चलते उन्हें जल्दी पैसा कमाना था। इसलिए उन्होंने एमडी ड्रग बनाने की कोशिश की। इसके जब आरोपियों ने अलग-अलग केमिकल जुटाने शुरू किए तो वे नारकोटिक्स की नजर में आ गए।

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छात्र को किडनैप कर लूटपाट, बदमाशों को गिरफ्तार कर पुलिस ने निकाला जुलूस
जबलपुर। गोहलपुर थाना क्षेत्र में कॉलेज छात्र और उसके साथी का अपहरण कर लूटपाट करने वाले तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों ने दोनों युवकों को कार में बंधक बनाकर करीब दो घंटे तक घुमाया और 20 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए, साथ ही सोने की अंगूठी लूट ली।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक बाइक, दो रामपुरी चाकू और लूटी गई सोने की अंगूठी बरामद की है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, बाई का बगीचा निवासी कॉलेज छात्र लक्ष्य झा (20) अपने दोस्त अभिनव श्रीवास्तव के साथ शनिवार रात कार (एमपी 04 सीआर 1566) से निकला था। चंडालभाटा क्षेत्र में लघुशंका के लिए रुकने पर चार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। आरोपितों ने कार की चाबी छीन ली और दोनों को कार में बंधक बना लिया।
इसके बाद आरोपितों ने करीब ढाई घंटे तक दोनों को कार में बंद रखकर डराया-धमकाया और ऑनलाइन 20 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। साथ ही छात्र की सोने की अंगूठी भी लूट ली।
रविवार को प्रकरण दर्ज होने के बाद गोहलपुर पुलिस ने जांच शुरू की। थाना प्रभारी रीतेश पांडे के मुताबिक, आरोपितों की पहचान नगर निगम बस्ती चंडालभाटा निवासी बृजेश मेहतो, सुमित डुमार और सुमित समुद्रे उर्फ सचिन के रूप में हुई। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने कार्रवाई के बाद आरोपितों का इलाके में जुलूस भी निकाला। फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
इस सनसनीखेज वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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ईरानी डेरे पर देर रात गोपनीय तरीके से पहुंची पुलिस, हिरासत में लिए गए 20 संदिग्ध
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित ईरानी डेरे पर पुलिस ने एक बार फिर छापा मारा है। देर रात 2 बजे करीब 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों के साथ अमन कॉलोनी करोंद ईरानी डेरे पर छापा मारा है। करीब 4 घंटे तक ईरानी डेरे पर कार्रवाई चली।
इस दौरान 20 संदिग्ध को हिरासत में लिया गया। वहीं महिला-पुरुष को पुलिस पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पूरा ऑपरेशन बेहद गोपनीय रहा। कमिश्नर संजय कुमार ने इस ऑपरेशन को लीड किया। बता दें कि कुछ दिन पहले भी पुलिस ने ईरानी डेरे पर छापामार कार्रवाई की थी। जिसमें कई मामलों का खुलासा हुआ था।
दरअसल, भोपाल पुलिस ने आगामी त्योहारों के मद्देनज़र देर रात बड़ी कॉम्बिंग गश्त की थी। इस दौरान 400 पुलिस बल के साथ अमन कॉलोनी के ईरानी डेरे पर घेराबंदी की थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 8 गंभीर मामलों में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। बाइक, सोना-चांदी और मोबाइल भी बरामद किया। 245 स्थायी वारंटी, 120 गिरफ्तारी वारंटी और 121 जमानती वारंटी तामील किए गए। 5 वाहन चोर और 2 नकबजन पकड़े गए। 4 जिला बदर आरोपी गिरफ्तार किए गए।
इनामी बदमाशों समेत 66 निगरानी बदमाशों से पूछताछ की गई। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के निर्देश पर कार्रवाई हुई। ऐशबाग पुलिस ने गोवंश मामले में फरार 5 हजार रुपए का इनामी बदमाश मोहम्मद अमन को गली नंबर 9 और कामू बाग से गिरफ्तार किया गया। अशोक गार्डन पुलिस ने 2000 के इनामी बदमाश को भी गिरफ्तार किया।
ईरानी डेरे की कार्रवाई पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा कि कई सारे मोबाइल और बाइक भी जब्त की गई। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया गया। भोपाल में 500 से ज्यादा कॉम्बिंग गश्त के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

 

देवास मध्यप्रदेश के देवास में तीन युवकों ने जिला न्यायाधीश के साथ अभद्रता की। उन्हें सरेआम गालियां भी दीं। जिला न्यायाधीश के साथ हुई इस घटना पर पुलिस प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ। उनके साथ अभद्रता करने वाले एक आरोपी बीजेपी नेता को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दो अन्य फरार हो गए हैं। इधर एक आरोपी के अवैध निर्माणों को भी ढहा दिया गया है।
देवास में न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत के साथ अभद्रता की गई। वे जिला कोर्ट में चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के रूप में पदस्थ हैं। न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत को 3 युवकों ने गालियां बकीं और अभद्रता की। देवास पुलिस ने मामला दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार चतुर्थ अतिरिक्त जिला न्यायाधीश प्रसन्न सिंह बहरावत के साथ यह वारदात नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र में हुई। यहां की देवास ग्रीन कालोनी के बाहर बीजेपी नेता पंकज घारू और उसके साथियों ने जस्टिस बहरावत को सरेआम गालियां दीं। बाद में तीनों आरोपी भाग गए।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बीजेपी नेता पंकज घारू को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी भीम घारू और एक अन्य युवक को भी जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है। उधर जिला प्रशासन ने एक आरोपी का अवैध निर्माण ढहा दिया। जयशिव नगर स्थित एक अवैध संपत्ति और मक्सी बायपास स्थित शासकीय ज़मीन पर बनाए गए पोल्टी फार्म को ज़मींदोज़ कर दिया गया है।
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केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विस्थापितों का हंगामा, पुलिस पर किया पथराव, 40 पर एफआईआर दर्ज
छतरपुर. एमपी के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के मुआवजा को लेकर अगवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी सहित ग्रामीणों ने बीती दे रात को पुलिस पर पथराव कर दिया. इस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रात को प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार शुरू कर दी. वहीं, धरने पर बैठे लोग भागते दिखाई दिए. आधी रात को स्थित तनाव पूर्ण हो गई और जिले के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई.
वहीं, बिजावर थाने में प्रदर्शन करने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई की है. छतरपुर एसपी अगम जैन बताया कि एसडीएम को घेरकर पुलिस पर पथराव करने और शासकीय कार्य में बाधा सहित चक्का जाम करने को लेकर 40 से ज्यादा लोगो पर एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस पत्थरबाजी करने वालों को चिन्हित कर रही है.
बिजावर तहसील में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित विस्थापितों और गरीबों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं समाजसेवी अमित भटनागर की गिरफ्तारी के विरोध में भारी संख्या में लोग सड़कों पर बीते दिन उतरे थे और प्रदर्शन पूरी रात चलता रहा. आधी रात को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया तो पुलिस ने धरना प्रदर्शन करने वालों पर पानी की बौछार शुरू कर दी.
बिजावर थाना इलाके में स्थित अब तनाव पूर्ण बनी हुई है, दरसल बीते दिन प्रदर्शनकारी तहसील कार्यालय के सामने धरना दे रहे थे और एसडीएम कार्यालय को घेर लिया था. धरना देने वाले आदिवासी अपने नेता अमित भटनागर की तत्काल रिहाई की मांग पर अड़े हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने वार्ड नम्बर 9 की पार्षद दिव्या अहिरवार ने बताया कि पुलिस ने अमित भटनागर को शांति भंग की आशंका के चलते धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई और मिलने भी नहीं दिया जा रहा है. एक घंटे से अधिक समय से एसडीएम ज्ञापन लेने बाहर नहीं आए, जिसके चलते तहसील कार्यालय को घेर लिया गया था.
प्रदर्शन में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं. प्रशासन द्वारा लगातार समझाइश दी गई लेकिन, प्रदर्शनकारी आधी रात तक धरना देते रहे और उसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. पुलिस पर पथराव के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार शुरू करवा दी. धीरे धीरे मामले ने तूल पकड़ा लिया और अब विजावर इलाके में मामला तनाव पूर्ण हो गया है.
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सूदखोरी से तंग आकर BJP नेता ने किया सुसाइड, मौत से पहले लगाए गंभीर आरोप
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में बीजेपी नेता जितेंद्र चौधरी उर्फ जीतू ने कांग्रेस की सूदखोर नेता की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। मोघट पुलिस के मुताबिक, मृत्यु पूर्व दिए बयान में जीतू ने बताया कि वह आर्थिक दबाव और सूदखोरी के कारण तनाव में थे। जीतू चौधरी खंडवा के लवकुश नगर, सेक्टर-3 में रहते थे।
वे मंगलवार सुबह बड़गांव भीला रोड स्थित कांग्रेस नेता पूर्व पार्षद गणेश सकरगाये के घर 50 लाख रु की लेनेदेन के मामले मे हिसाब करने पहुंचे थे। जहाँ ब्याज चुकाने में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस नेता द्वारा जब उसे धमकी दी गई तब भाजपा नेता जितेंद्र चौधरी ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गणेश सकरगाये और अन्य लोगों ने जीतू को एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए आईसीयू वार्ड में भर्ती किया।
इलाज के दौरान हीं जीतू चौधरी ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने के बाद मोघट पुलिस अस्पताल पहुंची और शव का पंचनामा कराया। जीतू ने सकरगाये पर ही सूदखोरी का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं कांग्रेस नेता पर आरोप है कि उसने घर बिकवाने की धमकी भी लगातार दे रहा था, जिसके कारण जितेंद्र चौधरी काफी मानसिक रूप से दबाव में थे। अब इस मामले में मोघट पुलिस मृत्यु पूर्व बयान के बाद जांच में जुट गई है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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