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मध्य प्रदेश के सतना जिले के शिवराजपुर में रहने वाले प्रदेश के बड़े कारोबारी रुद्र त्रिपाठी को लॉरेंस विश्नोई गैंग से धमकी मिली है। धमकी देने वाले शख्स ने त्रिपाठी से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए कहा- 10 करोड़ रुपए दो, वरना मरने के लिए तैयार रहना। साथ ही कहा- चाहे ये कॉल रिकॉर्ड करके पुलिस को दे सकते हैं। धमकी मिलने के बाद रुद्र ने मुंबई शहर के थाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में मामले की एफआइआर दर्ज कराई है। नौपाड़ा पुलिस के अनुसार, बिल्डर रुद्र त्रिपाठी से 10 करोड़ की उगाही की कोशिश का अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल, मामले की जांच की जा रही है।
60 वर्षीय रुद्र त्रिपाठी की ओर से दर्ज कराई गई एफआइआर में बताया गया कि, उन्हें 11 फरवरी को वाट्सएप पर कॉल आई थी। इस दौरान वे धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने मध्य प्रदेश के अपने गृह ग्राम शिवराजपुर आए थे। इस दौरान वाट्सएप पर कई कॉल आई। कॉल पर उन्हें 10 करोड़ रुपए देने के लिए कहा गया। धमकी देने वालों ने ऐसा न करने पर उन्हें मरने के लिए तैयार रहने तक को कहा। फोन करने वाले शख्स ने खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया था। अज्ञात शख्स ने बिल्डर से यह भी कहा कि वह कॉल को रिकॉर्ड करने और पुलिस को सौंपने के लिए आजाद है।
थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 20 फरवरी को भी बिल्डर रुद्र अपने कार्यालय में थे। इस दौरान एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से चार वाट्सएप कॉल आई। जब उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया, तो संदिग्ध ने दोपहर 12:29 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक ऑडियो क्लिप भेजा, जिसमें जान से मारने की धमकियां थीं।
कारोबारी रुद्र त्रिपाठी ने बताया कि, मामले की सूचना पुलिस को दी गई है। एफआइआर दर्ज कर ली गई है। वहीं, वरिष्ठ निरीक्षक नौपाड़ा पुलिस स्टेशन अभय चंद्रनाथ महाजन का कहना है कि, व्यवसायी की शिकायत, वाट्सएप कॉल और ऑडियो क्लिप के आधार पर 20 फरवरी को जबरन वसूली और अन्य अपराधों के लिए एफआइआर दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच की जा रही है अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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10 करोड़ दो वरना मरने के लिए तैयार रहना’, कारोबारी को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से मिली धमकी; मुंबई में FIR दर्ज
सतना। सतना जिले के शिवराजपुर में रहने वाले प्रदेश के बड़े कारोबारी रुद्र त्रिपाठी को लॉरेंस विश्नोई गैंग से धमकी मिली है। धमकी देने वाले शख्स ने 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए कहा- 10 करोड़ रुपए दो, वरना मरने के लिए तैयार रहना। साथ ही कहा- चाहे ये कॉल रिकॉर्ड कर के पुलिस को दे सकते हैं। धमकी मिलने के बाद रुद्र ने मुंबई शहर के थाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में एफआइआर दर्ज कराई है। नौपाड़ा पुलिस के अनुसार, बिल्डर रुद्र त्रिपाठी से 10 करोड़ की उगाही की कोशिश का अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
दरअसल, रुद्र त्रिपाठी (60) की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में बताया गया कि, उन्हें 11 फरवरी को व्हाट्सएप पर कॉल आई थी। इस दौरान वे धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने मध्य प्रदेश के अपने गृह ग्राम शिवराजपुर गए थे। इस दौरान व्हाट्सएप पर कई कॉल आई। कॉल पर उन्हें 10 करोड़ रुपए देने के लिए कहा गया। धमकी देने वालों ने ऐसा न करने पर उन्हें मरने के लिए तैयार रहने तक को कहा। फोन करने वाले शख्स ने खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताया था। अज्ञात शख्स ने बिल्डर से यह भी कहा कि वह कॉल को रिकॉर्ड करने और पुलिस को सौंपने के लिए आजाद है।
थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, 20 फरवरी को भी बिल्डर रुद्र अपने कार्यालय में थे। इस दौरान एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से चार व्हाट्सएप कॉल आई। जब उन्होंने कॉल का जवाब नहीं दिया, तो संदिग्ध ने दोपहर 12:29 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक ऑडियो क्लिप भेजा, जिसमें जान से मारने की धमकियां थीं।
कारोबारी रुद्र त्रिपाठी ने बताया कि मामले की सूचना पुलिस को दी गई है। FIR दर्ज कर ली गई है। वहीं वरिष्ठ निरीक्षक नौपाड़ा पुलिस स्टेशन अभय चंद्रनाथ महाजन का कहना है कि, व्यवसायी की शिकायत, व्हाट्सएप कॉल और ऑडियो क्लिप के आधार पर 20 फरवरी को जबरन वसूली और अन्य अपराधों के लिए एफआईआर दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच की जा रही है, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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धरमपुरी MLA की मुश्किल बढ़ी! अब महिला ने लगाया 'जबरदस्ती' और मारपीट का आरोप
धार। धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हो रहे वीडियो के कारण फिर चर्चा में आ गए हैं। इसको लेकर धामनोद थाने पर एक महिला ने विधायक ठाकुर पर गाली-गलौज, मारपीट और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। पूरे मामले में महिला ने निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। ग्राम सिरसोदिया, तहसील धरमपुरी निवासी गेंदाबाई पत्नी संतोष गिरवाल ने थाना धामनोद में दिए लिखित आवेदन में बताया कि 22 फरवरी की सुबह करीब आठ बजे वह अपने पोते साहिल गिरवाल के साथ कारम नदी किनारे फोरलेन मुख्य मार्ग के पास मवेशी चराते हुए गुजर रही थीं। तभी धरमपुरी विधायक कालू सिंह ठाकुर अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे और उन्हें रास्ते में रोक लिया।
शिकायत में आरोप है कि विधायक ठाकुर और उनके साथियों द्वारा पत्थरबाजी करते हुए मारपीट की गई, जिससे घबराकर साहिल रोते हुए घर पहुंचा और स्वजन को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर गेंदाबाई की बेटी मौके पर पहुंची, जहां उसके अनुसार विधायक ठाकुर ने उसके साथ भी गाली-गलौज की और जबरदस्ती करने का प्रयास किया। विवाद के दौरान उसके कपड़े फाड़ दिए। गेंदाबाई की बेटी का कहना है कि जब उसने कहा कि वे केवल रास्ते से गुजर रहे हैं, तो विधायक ठाकुर ने कहा कि मैं अपनी जगह से नहीं निकलने दूंगा। यह भी आरोप लगाया गया कि विधायक के ड्राइवर और पास के दुकान संचालक ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। बाद में उसके पिता के पहुंचने पर उसे वहां से छुड़ाया गया।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया कि घटना के दौरान जान से मारने की धमकी दी गई और पूरी घटना की वीडियोग्राफी उनके पास मौजूद है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि भविष्य में यदि परिवार को किसी प्रकार की जान-माल की हानि होती है, तो उसकी जिम्मेदारी विधायक और उनके साथियों की होगी। पीड़ित परिवार ने धामनोद पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
विधायक ठाकुर विवादों को लेकर चर्चा में रहते हैं। गत दिनों 19 जनवरी को खेत में जाते समय विधायक ठाकुर के साथ पड़ोसी ने विवाद किया था। इसके बाद विधायक के साथ मारपीट की गई थी। इसमें विधायक को सिर व हाथ में चोट आई थी, जिनका धामनोद अस्पताल में इलाज करवाया गया था। इसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्तमान में बहुप्रसारित वीडियो में विधायक कालू सिंह ठाकुर नजर आ रहे हैं।

नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा में दो काले हिरण के हुए शिकार के मामले में चार वन कर्मचारी अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने पर रेंजर, डिप्टी रेंजर के अलावा चार वनरक्षकों को सस्पेंड किया गया। सोमवार देर रात को सभी को निलंबन करने के आदेश दिए है। रेंजर समेत वन कर्मियों ने हिरण के शिकार से हुई मौत को प्राकृतिक दर्शाने की कोशिश की थी। सबूतों को भी सुरक्षित रखने के बजाय उन्हें नष्ट किया। जांच में उनका झूठ बेनकाब हो गया। जिसके बाद सभी को सस्पेंड किया गया है।
नर्मदापुरम डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि यह 21 जनवरी की घटना है, सिवनी मालवा के पास बासनिया गांव की घटना है। शिकारी 2 हिरण को लेकर जा रहे थे, गांव वाले ने सूचना लगी तो हिरण को रिवेन्यू भूमि पर ही छोड़ कर चले गए, उसके बाद में हमारे स्टाफ में उसकी प्रॉपर जांच नहीं की, पूरे तथ्य हमारे सामने पुट अप नहीं किए गए। मुखबिर की सूचना पर हमने जिस जिस स्टाफ का नाम सामने आ रहा था, उनकी सीडीआर निकलवाई। जब स्टाफ से कड़ाई से पूछताछ की गई तो सारी बात सामने आई। पता चला कि एक शिकार का प्रकरण था जिसको स्टाफ के कर्मचारियों के द्वारा दबाया जा रहा था और प्राकृतिक मौत बताई जा रही थी। जिसमें उनके द्वारा एक हिरण की बात की गई थी, जबकि इसमें दो हिरण थे। एक हिरण जिंदा था और एक मृत हो गया, उसके बाद इन कर्मचारियों को निलंबित किया गया।
साथ ही रेंजर के निलंबन के लिए सीसीएफ को पत्र लिखा उन्होंने रेंजर को भी निलंबित कर दिया गया। सीसीएफ अशोक कुमार चौहान ने बताया काले हिरण के शिकार में रेंजर और वनकर्मियों ने लापरवाही बरती। प्राथमिक जांच प्रतिवेदन में संबंधित वन कर्मचारियों द्वारा प्रकरण के वास्तविक स्वरूप को छिपाने एवं जांच में गंभीर लापरवाही बरतने के तथ्य प्रथम दृष्टया सामने आएं। प्रकरण में दोषी पाए गए सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत, वनपाल महेश गौर, वनरक्षक मनीष गौर, रूपक झा, ब्रजेश पगारे एवं पवन उइके को निलंबित किया गया।
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किसानों को बड़ी सौगात : मोहन कैबिनेट ने दी 10,500 करोड़ की कृषक कल्याण योजनाओं को मंजूरी
भोपाल। सोमवार को विधानसभा में किसान हितैषी घोषणा को मोहन सरकार ने 24 घंटे के भीतर निर्णय में परिवर्तित कर दिया। मंगलवार को विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय के सभागार में हुई कैबिनेट की बैठक में 10,500 करोड़ रुपये की पांच किसान हितैषी योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी। साथ ही उड़द के उपार्जन पर समर्थन मूल्य के अतिरिक्त किसानों को प्रति क्विंटल छह सौ रुपये बोनस देने और सरसों को भावांतर योजना के अंतर्गत लाने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट के निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सदन में दी। इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आने की वजह से यह निर्णय किए गए हैं। पहले इन पर निर्णय क्यों नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक किसानों को समर्पित रही। देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार ने दलहन फसल उड़द एवं तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उड़द को हम तय समर्थन मूल्य पर खरीदेंगे और 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी देंगे। प्रदेश में सरसों का उत्पादन इस वर्ष 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इसे भावांतर योजना के दायरे में लेकर आ रहे हैं। इसके अलावा लगभग 10,500 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच किसान मित्र योजनाओं को अगले पांच सालों तक निरंतर रखने का निर्णय लिया गया। किसानों के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूल-चूल सुधार होगा।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना- 2008 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना को मंजूरी दी गई। इसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की विकास के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति सरकार करेगी।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- 2393.97 करोड़ रुपये की यह योजना 31 मरर्च 2031 तक निरंतर रहेगी। इसमें किसानों को अपने खेतों में स्प्रिंकलर/ड्रिप इरीगेशन सिस्टम लगाने के लिए अनुदान दिया जाता है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना- 3285.49 करोड़ रुपये यह योजना भी पांच साल जारी रहेगी। इसमें ऐसे किसान, जो धान, गेहूं, दलहन, मोटा अनाज, नगदी फसलों का पैदावार करते हैं, उन्हें क्षेत्र विस्तार, अपना उत्पादन बढ़ाने एवं मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग मिलता रहेगा।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग- 1011.59 करोड़ रुपये की आगामी पांच वर्ष तक निरंतर रहने वाली इस योजना में प्राकृतिक खेती के क्षेत्रफल में विस्तार देने पर जोर रहेगा। यह न केवल नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि मिट्टी की उर्वरता में सुधार, उत्पादन बढ़ाने, पर्यावरण सुरक्षा एवं रसायन मुक्त खाद्य उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी।
राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- 1793.87 करोड़ रुपये की इस योजना को मंजूरी मिलने से प्रदेश के ऐसे सभी किसानों को, जो तिलहन फसलों का उत्पादन करते हैं।
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400 करोड़ के ब्रिज ढहने का मामलाः निर्माणी कंपनी के विनोद जैन और हुकुम सिंह के खिलाफ FIR
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में नेशनल हाइवे पर निर्मित 400 करोड़ के ब्रिज ढहने मामले में निर्माणी कंपनी के खिलाफ अपराध कायम किया गया है। MPRDC ने शहपुरा थाने में FIR करवाई है। MPRDC ने माना कि निर्माण काम में भारी लापरवाही बरती गई है।
मामले में वागड़ इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड एवं मेसर्स सोरथिया वेल्जी रतना पर FIR दर्ज हुई है। निर्माणी कंपनी के विनोद जैन और हुकुम सिंह के खिलाफ FIR की गई है। MPRDC के अनुसार नियमों का पालन नहीं किया गया। MPRDC ने माना कि ब्रिज बनाने में सही सामग्री का इस्तेमाल नहीं हुआ है।
ब्रिज बनाने में सुरक्षा और मजबूती का ध्यान नहीं रखा गया। MPRDC का कहना है कि निर्माण कंपनी ने सुरक्षा मानकों का ध्यान नहीं रखा। कुछ महीने पहले नेशनल हाईवे का दूसरा हिस्सा गिरने के बाद भी लापरवाही बरती गई। लापरवाही के चलते नेशनल हाइवे का दूसरा हिस्सा गिर गया। जबलपुर के शहपुरा थाने में FIR दर्ज की गई है।

कर्नाटक के टुमकुरु जिले के तूरुवेकेरे तालुक के गोनी गांव स्थित अरसम्‍मा मंदिर में जातिगत भेदभाव का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दलित परिवार को मंदिर परिसर से अपमानित कर बाहर निकाल दिया गया। ये पूरा मामला पुलिस के पास भी पहुंच गया। पुलिस ने इस मामले में एक्शन लिया है।
जानकारी के अनुसार, हाल ही में विवाह बंधन में बंधा एक दलित जोड़ा मंदिर दर्शन के लिए पहुंचा था। इसी दौरान ऊंची जाति से जुड़े नारायणप्पा नामक व्यक्ति ने स्वयं को देवी-देवता का अवतार बताकर ‘आवेश’ की स्थिति का नाटक किया और दलित परिवार को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं होने का दावा करते हुए वहां से जाने के लिए कहा। जिसके बाद जोड़ा बिना किसी विवाद के बाहर चल गया। हालांकि, इस पूरी घटना का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया।
आरोप है कि परिवार को डांट-फटकार कर मंदिर परिसर से बाहर कर दिया गया। घटना का वीडियो किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
घटना से आहत पीड़ित जगदीश ने तूरुवेकेरे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने नारायणप्पा, प्रभा, कांतन्ना, अमूल्या, पुट्टेगौड़ा, पद्मा सहित अन्य के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस ने मुख्य आरोपी नारायणप्पा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। मामले की आगे की जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से गांव एवं आसपास के दलित लोगों में काफी नाराजगी है।
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सुको का बड़ा फैसला: वनभूलपुरा से हटेगा अतिक्रमण, हटाए जाएंगे 50 हजार लोग, भारी पुलिस तैनात
नई दिल्ली/देहरादून. वनभूलपुरा में रेलवे की भूमि से अतिक्रमण के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने 24 फरवरी को अपना अहम फैसला सुनाया है. उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित वनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की करीब 29 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण कर बस्तियां बसा दी गई हैं. इनमें अधिकांश मुस्लिम परिवार हैं.
यहां रेलवे की भूमि पर करीब 4365 भवन बन चुके हैं. इनमें पांच हजार परिवारों के करीब 50 हजार लोग रह रहे हैं. कुछ साल पहले उत्तराखंड हाईकोर्ट भी इस भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश जारी कर चुकी है. तब से ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. कई बार इस मामले में फैसला टल चुका था. लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया है. चीफ जस्टिस ने कहा कि अपील करने वाले सार्वजनिक भूमि पर ऐसे दावा कर रहे हैं, जैसे मालिकाना हक हो, जबकि अनधिकृत तरीके से रह रहे हैं.
वारिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि कोविड के आसपास एक पक्षीय आदेश जारी हुए थे. इसी के चलते सुप्रीम कोर्ट में अपील की गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपील करने वालों को इस बात का कोई हक नहीं है कि वह इस जगह पर रहने का दावा करें. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा कि ये जमीन राज्य की है और उसे अधिकार है कि वो अपनी जमीन का उपयोग कैसे करे. कहा कि परिवारों की पहचान की जाए जो इससे प्रभावित होंगे. बलभूलपुरा में पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे. प्रभावितों को छह माह तक दो-दो हजार रुपये आर्थिक सहायता दी जाएगी.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक वनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न की जाए. कहा कि 19 मार्च के बाद सर्वे शुरू किया जाए. सर्वे में देखा जाए कि करीब 4500 से अधिक घरों में से किसके पास पीएम आवास योजना के तहत घर पाने की योग्यता है या नहीं. 55 मिनट तक चली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देते हुए हर पहलू पर गौर किया. सीजेआई ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट के लिए दोनों तरफ जगह खाली होने की जरूरत होती है. लिहाजा उन्हें वहां रहने के लिए क्यों कहा जाए. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि वहां रह रहे लोग ये तय नहीं कर सकते हैं कि रेलवे लाइन आदि कहां बिछानी चाहिए. इस मामले की अगली और अंतिम सुनवाई 19 मार्च को तय की गई है. 19 मार्च को सुप्रीम कोर्ट डिटेल में अपना फैसला सुना सकती है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हल्द्वानी में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी के नेतृत्व में आज पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके में फ्लैग मार्च निकाल कर एरिया डोमिनेशन की कार्यवाही की. एसएसपी ने कहा कि इलाके का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. एसएसपी ने सभी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की. उन्होंने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीन एएसपी, दो सीओ, 11 इंस्पेक्टर, 55 हेड कांस्टेबल, एक कंपनी आईआरबी, करीब दो प्लाटून पीएसी, फायर टेंडर, बम निरोधक दस्ता इलाके में तैनात कर दिया गया है.
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बोले राहुल गांधी....अमेरिका से डील के कारण हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्रियां खत्म हो जाएंगी
भोपाल। किसान चौपाल में राहुल गांधी ने कहा पार्लियामेंट में मेरा भाषण देखा। राष्ट्रपति का भाषण होता है उसके बाद पहला स्पीकर विपक्ष का होता है। यह हर साल होता है। हिंदुस्तान के इतिहास में इस साल पहली बार लोकसभा में लीडर ऑफ अपोजीशन को बोलने नहीं दिया गया। मैंने स्पीच शुरू की मुझे रोका गया। नरवणे जी की बात उठाई, उन्होंने किताब लिखी है। उसमें साफ लिखा जब चीन के टैंक हिंदुस्तान की बाउंडी के अंदर आ रहे थे, उन्होंने राजनाथ सिंह से ऑर्डर पूछा। राजनाथ सिंह ने जवाब नहीं दिया। अजीत डोबाल ने भी जवाब नहीं दिया। उसके बाद जयशंकरजी को भी फोन किया, चीन के टैंक अंदर आ रहे हैं, मुझे क्या करना है, कोई जवाब नहीं। दो घंटे बाद डिफेंस मिनिस्टर को कॉल किया, ऑर्डर मांगा, पीएम से पूछिए, ये इसलिए पूछ रहे थे कि चीन आर्मी पर फायर करने का निर्णय पीएम को देना पड़ता है। युद्ध का निर्णय आर्मी चीफ नहीं ले सकते। वो राजनीतिक निर्णय होता है। चाइना की आर्मी अंदर आ रही है। हिंदुस्तान के आर्मी चीफ फोन लगा रहे, लेकिन उन्हें जवाब नहीं दिया गया।राजनाथ सिंह फिर पीएम को फोन किया, पीएम ने आर्मी चीफ से बात नहीं की। रक्षा मत्री से उन्होंने कहा कि आर्मी चीफ को बताओ जो उचित समझे वो करें। उन्होंने किताब में लिखा, उस दिन सरकार ने मुझे अकेला छोड़ दिया। आर्मी चीफ को जब ऑर्डर देने का समय आया तो पीएम गायब हो गए।
राहुल गांधी ने कहा कि आज मैं आपको बताना चाहता हूं। बैकग्राउंड में एक और चीज चल रही थी। चार महीने के लिए हिंदुस्तान और अमरीका का जो समझौता रुका हुआ था। कृषि के मामले में रुका था। हिंदुस्तान की सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिका की बड़ी बड़ी कंपनियां सोया, कपास, भुट्टा, हिंदुस्तान में बेंच पाए। कोई राजनेता, किसान, सरकार भी नहीं चाहती थी। चार माह चर्चा बंद थी। मैंने भाषण किया, भाषण में मैं दो-तीन चीज और कहना चाहता था । मेरा भाषण खत्म होते ही पीएम लोकसभा से गए, शाम को बिना राजनाथ सिंह, बिना शिवराज सिंह, बिना कैबिनेट से पूछे, ट्रंप को फोन कॉल लगाया। ट्रंप ने ट्वीट किया। कि हिंदुस्तान के पीएम ने मुझे फोन किया, और कह दिया कि यूएस इंडिया डील को मैं साइन करने का तैयार हूं। ये चार महीने डील रुकी थी, लोकसभा से मोदी भागकर गए। अगले दिन बहाना बनाया, कांग्रेस पार्टी की महिलाएं आक्रमण करने जा रही थी। पीएम संसद में नहीं खड़ा हो पाए।
आप शिवराज जी से पूछिए क्या कैबिनेट ने निर्णय लिया, आप गडकरीजी से पूछिए, राजनाथ सिंह जी से पूछिए। बिना पूछे फोन किया। चार महीने कुछ नहीं मिला, फिर नरेंद्र मोदीजी ने फोन किया और हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया। हिंदुस्तान की गारमेंट इंडस्ट्री को बेच दिया। हमारा सारा डेटा अमरीका को दे दिया, क्यों। दो कारण हैं भाइयों -बहनों, पहला कारण अमरीका में लाखों फाइल एप्सटीन की फाइल बंद पड़ी हैं। लाखों फाइल 30 लाख फाइल उसमें, ईमेल है, मैसेज हैं, वीडियो हैं, सब कुछ हैं। वो रिलीज नहीं हुई है। रिलीज क्या किया है मैं बताता हूं, हरदीप पुरी का नाम रिलीज किया धमकाने के लिए। वो मैसेज है, अगर हमारी बात सुनी नहीं तो उन फाइलों में से माल निकलेगा।
राहुल गांधी ने कहा कि अनिल अंबानी मेरा मित्र नहीं है। नरेंद्र मोदी आप बताइए, अनिल अंबानी के साथ आपका क्या रिश्ता है। अनिल अंबानी, हरदीप पुरी एप्सटीन फाइल में हैं। उस फाइल में और भी नाम हैं जो छुपे हुए हैं। दूसरा कारण और भी खतरनाक है। अडानी आईसीसी जहां भी देखो अडानी का नाम है। एयरपोर्ट, सीमेंट जहां भी देखो। ये अडानी है, यह मामूली कंपनी नहीं है। यह बीजेपी, नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर है। दूसरी धमकी है कि अमेरिका में अडानीजी पर क्रिमनल केस हो जाएगा। शायद आपको मालूम नहीं है कि अडानी अमेरिका, यूरोप नहीं जा सकती। डरे हुए हैं। अंदर करने का डर। अमरीका का लक्ष्य अडानी नहीं, नरेंद्र मोदी हैं। वो तीर अडानी की ओर नहीं मारा जा रहा, वो नरेंद्र मोदी की ओर मारा जा रहा। इन दो कारणों से नरेंद्र मोदी संसद से भागकर निकले और उसी शाम ट्रंप को फोन कर कहा सर जो उचित समझो, मैं साइन करने को तैयार हूं। देश को बेच दिया। यह बात मैं नहीं कह रहा। यह बात भाजपा और आरएसएस के कार्यकर्ताओं के दिल में है।
भाजपा वाले जानते हैं कि नरेंद्र मोदीजी को दो ग्रिप से चोक कर दिया गया है। नरेंद्र मादी की आंखों में देखिए, उनकी आंख में आंख मिलाकर देखिए, नरेंद्र मोदी ने समझौता किया है, उन्होंने दबाव में आकर यह डील की है। ये डील नहीं है। यह किसान के दिल में तीर है। अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने कहा ट्रंप ने जो टैरिफ लगाए उन्हें रद्द किया। बाकी देशों ने बात सुनते ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने रद्द किया तो हम भी डील रद्द कर रहे, लेकिन नरेंद्र मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं निकला। मैं चैलेंज करता हूं कि अमरीका के सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को कहा है टैरिफ रद्द किया है। आप दम है तो हिंदुस्तान और यूएस की डील को रद्द करके दिखा दीजिए। राहुल गांधी ने कहा ये नहीं कर सकते हैं। बीजेपी के कार्यकर्ताओं मैं आपको बता रहा हूं क्योंकि इन पर अमेरिका, ट्रंप का दबाव है। ये नहीं कर सकते क्योंकि एप्सटीन की धमकी है। अडानी का क्रिमनल केस इनके सिर पर लटका है।
हिंदुस्तान को धोखा दिया गया है। यह सच्चाई है। सिर्फ किसनों को नहीं। 21वीं सदी में सबसे जरूरी है डेटा। जिसके पास डेटा है वो जीतेगा, जिसके पास डेटा नहीं है, वो खतम हो जाएगा। दुनिया में सबसे ज्यादा डेटा हिंदुस्तान के पास है। सबसे बड़ी आबादी है। दूसरे नंबर पर चाइना है। हिंदुस्तान के डेटा के बिना अमेरिका चाइना का मुकाबला नहीं कर सकता। बात समझिए। इस डील में छोटी सी स्क्रिप्ट में पीएम नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान का सारा डेटा अमरीका के हवाले कर दिया। किसानों को खत्म किया। हमारा डेटा दिया। टेक्सटाइल इंडस्ट्री उसको खत्म कर दिया। उसी के एकदम बाद अमेरिका कहता है हम बांग्लादेश को मदद करेंगे। बांग्लादेश को टेक्सटाइल में जीरो प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। यहां हमार मिनिस्टर कहता है अगर हिंदुस्तान अमेरिका से कपास खरीदेगा तो हमारे ऊपर भी टैरिफ जीरो, हम अमेरिका से कपास नहीं खरीदते, हमारे यहां उगाया जाता है। हमारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री खत्म हो जाएगी। वहां नहीं रुके। ट्रंप कहता है कि हर साल हिंदुस्तान को नौ लाख करोड़ रुपए का माल अमेरिका से खरीदना पड़ेगा। पांच साल के लिए। हमारी इंडस्ट्री, फैक्ट्रियों का क्या होगा। सारा कि सारा नरेंद्र मोदी ने दबाव में दे दिया। एग्रीकल्चर दे दिया, डेटा दे दिया, टेक्सटाइल दे दी, लिया क्या? एक चीज बता दो, कुछ नहीं लिया। पहले से ज्यादा टैक्स हम देंगे। हमारा टैक्स बढ़ गया है। इंपोर्ट की गारंटी नहीं दी। सारा कि सारा अमेरिका को बेच दिया।
मैं जानता हूं कि आपको लिखकर दे सकता हूं अगर नरेंद्र मोदी पर दबाव नहीं होता, अगर धमकी नहीं होती तो मोदी ये नहीं करते। ये जो किया है, हिंदुस्तान को बेचा है, अपनी छवि को बचाने के लिए, अपने राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए, धमकी से बचने के लिए किया है, लेकिन नरेंद्र मोदी बच नहीं सकते, कोई शक्ति उन्हें नहीं बचा सकती।
यूथ कांग्रेस के बब्बर शेर हैं, आप किसी से नहीं डरोगे। आपमें कांग्रेस पार्टी का खून है, देशभक्ति का खून है। आप हरित क्रांति लाए, आपने देश को अनाज, भोजन दिया। वही काम नरेंद्र मोदी ने खत्म किया। आपने इंडस्ट्री बनाई, वो ही काम नरेंद्र मोदी ने खत्म किया। आप 21वीं सदी में संचार क्रांति लाए, वो ही काम डेटा देकर खत्म किया। आपको डरने की जरूरत नहीं है। युवाओं से कहना चाहता हूं, उनकी आंखों में देखिए उनकी सच्चाई पता लग जाएगी। नरेंद्र मोदी दबाव में आए हैं और इसलिए इन्होंने इंडिया यूएस डील की है। धन्यवाद, जय हिंद नमस्कार।
महाचौपाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि राहुलजी ने जो कुछ कहा वो सब कुछ सच है। मुझे ज्यादा बात करने की आवश्यकता नहीं है। मैं चाहता हूं कि संसद का बजट हमारा चल रहा है। फिर 9 तारीख को मिलने वाले हैं। उस वक्त भी हम लोकसभा में राज्यसभा में अपनी बात को रखेंगे। जो बात रखना है, कहनी थी, संक्षिप्त में राहुलजी ने कही है। मैं यहां पर जो आया हूं, आपको बताने के लिए कि किसान भाइयों, व्यापारी बंधुओं का, स्मॉल स्केल इंडस्ट्री वालों का, मजदूर भाइयों की आवाज बुलंद करने के लिए आया हूं। यहां से उठने वाली आवाज पूरे देश में घूमेगी और जैसा कि लाल बहादुर शास्त्रीजी ने कहा था, जय जवान-जय किसान। नरेंद्र मोदी को सरेंड्र मोदी बोलो। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील में अमेरिका भारत के बीच हुआ यह कठिन दौर से हम गुजर रहे हैं। लोकतंत्र और संविधान खतरे में हैं। मान मर्यादा मिट्टी में डालने वाले मोदी साहब आज देश को बेच रहे हैं। देश को गुलामी की तरफ ले जा रहे हैं। किसानों को मजदूर बना रहे हैं। किसनों को गुलामी में ढकेलने की कोशिश कर रहे हैं।
खड़गे ने कहा कि मोदीजी एक जमाने से और पहले भी शुरू में कहते थे अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप को दोस्त बताते थे, कहते थे हम चाय पर बात करते हैं, उठते ही एक दूसरे को नमस्ते करते हैं। ये ढोल पीटने वाले मोदी जी हैं। बीजेपी के लोगों को जानना चाहिए, जो रोज बात करते थे, क्या भारत को बेचने, किसानों को बेचने, क्या गुलामी में डालने की बात करते थे। इतना डरपोक पीएम मैंने जिंदगी में कभी नहीं देखा। मैं कम से कम 60 साल से सियासत में हूं, 64 साल से एमएलए, एमपी बनकर काम किया, जो अपने आप को संसद में आकर, हमसे मिलकर आंख में आंख भी नहीं मिलाता। प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करता। जो कुछ भी बोलना होता है, संडे को मन की बात में बोलते हैं, मंडे के दिन संसद में आने के लिए वो कभी तैयार नहीं है। मन की बात संसद में आकर बोलो। इतना डरा हुआ हमारा प्राइम मिनिस्टर है।
हमारे पीएम कांग्रेस को डराने का काम करते हैं। कांग्रेस को गालियां देने का काम करते हैं। दोस्तों याद रखिए, कांग्रेस डरने वाली नहीं है। हमारी पार्टी ने अंग्रेजों को भगाया। आप डरपोक सरेंडर हो गए थे। आरएसएस वाले सरेंडर हो गए थे, माफीनामा लिखा और देशभक्ति की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि असल देशभक्त तो कांग्रेस में हैं। यूथ कांग्रेस, किसानों में देशभक्ति है। मोदीजी खुद अपनी पीठ थपथपाते हैं। देशभक्त होते तो आप ट्रंप के सामने झुककर बात नहीं करते। आप उनके सामने नाक नहीं रगड़ते, ऐसे पीएम मिले हैं, लेकिन बार-बार सबको डराने की कोशिश कर रहे हैं। यूथ कांग्रेस के नेताओं को बधाई देता हूं, उन्होंने डटकर, उनके फंक्शन में जाकर बताया कि देश में युवाओं के पास नौकरी नहीं है, खाना नहीं है। किसानों के पास आज जो कपास, सोयाबीन, दालों पर मार गिर रही है, आप समझौता मत करो, इसलिए गए थे। देश का अपमान करने वाले तो आप हो हमारे स्वाभिमान को ट्रंप के सामने गिरवी रखे, उसी दिन हमारी मर्यादा चली गई। और आज यूथ कांग्रेस को मर्यादा की बात कहते हैं। कॉमनवेल्थ हुआ था तब भाजपा के लोग इन्होंने सत्याग्रह किया। काला झंडा बताया, गाड़ियां रोकी, देश का अपमान किया। देश बचाने वाले हम हैं, जान देने वाले हैं। हमारे पास गोडसे नहीं, गांधी है और आज लोगों की लड़ाई लड़ने के लिए राहुल गांधी है। और आज तक मोदीजी चुप बैठे हैं। ट्रंप बार-बार कहता है ऑपरेशन सिंदूर मैंने रोका और मोदी थरथराते हुए कहा मैं बंद करता हूं। ऑपरेशन सिंदूर रोककर गलती की। हमारी पार्टी मजबूत है। डरोगे तो मरोगे। आजादी, संविधान, देश, लोकतंत्र को जिंदा रखना है तो लड़ाई करना होगा, हम आपके साथ है।
ख्रड़गे ने कहा अमेरिका के पास बहुत बड़ी जमीन है। दो या तीन प्रतिशत लोग खेती करते हैं। हमारे यहां 65 प्रतिशत खेती पर निर्भर हैं।हमारे पास छोटे सीमांत किसान हैं। छोटा सा किसान जो उत्पन्न करता है, मोदी उसे खत्म कर रहे हैं। जो कीमत मिल रही है, वो भी घटाना चाहते हैं। हमारे किसान कहां जाएंगे। हमारे किसान को खत्म करने के लिए ट्रंप ने यह मंसूबा किया है, लेकिन मोदी उनके साथ हैं, किसानों के साथ नहीं हैं। यहां के एक नेता पूर्व सीएम हमेशा कहते मैं किसान हूं, लेकिन जब तक सीएम थे, कुछ लाएंगे होंगे, लेकिन दिल्ली में जाकर मोदी जो गलती कर रहे हैं तो बात क्यों नहीं निकलती। ये बात चौहान साहब आप क्यों नहीं बोल रहे। अगर आपको किसान मजदूरों का हित करना है तो मोदीजी से लड़ें।
खड़गे ने कहा कि डील से जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल के फल उत्पादकों भी उन्हें भी दाम नहीं मिलेंगे। वो भी एग्रीमेंट में है। उन्होंने यह भी कहा कि एडिशनल चीजें भी फाइनल के टाइम बताएंगे, वो मार्जिन भी रख लिया है। जो किसानों का हितैषी बताने वाले लोग हैं, वो आजकर ट्रंप का गुणगान कर रहे हैं। मनरेगा जैसी योजना हटा दी। उससे मजदूरों का पेट भरता था, राइट टू वर्क, राइट टू एजुकेशन था, फूड सिक्युरिटी लाए ये सब मोदी ने नहीं किया। मोदी सिर्फ नाम बदलते हैं। बिल्डिंग का नाम बदलो, रास्तों का नाम बदलो, वो खुद का नाम कहीं नहीं बदल लें। इनकी फॉरेन पॉलिसी बेकार है। ब्राजील का पीएम कहता है हिम्मत मत हारो, मैं भी किसानों की हिफाजत कर रहा हूं, हम सब एक होकर लड़ेंगे। लेकिन इस बारे में कुछ नहीं कह रहे। रूस हमारा पुराना दोस्त है,ईरान से भी तेल सस्ते में लेते थे, भूलकर भी रूस से ईरान से तेल खरीदेंगे तो धमकी दी। जो ट्रंप कहते हैं, यस सर कहते हैं। उनके ऑर्डर को स्वीकार करते हैं, ऐसा पीएम पहली बार देखा। ऐसे लोग बहुत समय हुकूमत में रहे तो देश को नुकसान होगा। पहले हम सालाना 86 बिलियन का निर्यात करते थे, 46 बिलियन का आयात करते थे। हम अमेरिका से कमाते थे, लेकिन अब किसानों को सरेंडर कर दिया है।
ट्रंप तुगलक जैसा और प्रधानमंत्री हिटलर के जैसा व्यवहार कर रहे हैं। देशहित को गिरवी रखकर कोई व्यापार समझौता मंजूर नहीं है। ऊर्जा सुरक्षा से खिलवाड़ मंजूर नहीं है। भारत की संप्रुभता और आत्मनिर्भरता से समझौता मंजूर नहीं है। भारत स्वाभिमान से जीना चाहता है। नरेगा का कानून भी इनको वापस लेना पड़ेगा। जैसे तीन कानून वापस लिया था, वैसे ही नरेगा का कानून वापस लेना होगा। हम नरेगा को रिस्टोर करेंगे, उसके लिए लड़ेंगे।

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण उस वक्त सामने आया जब आधा दर्जन चोरों ने आधी रात को एक सुनार की दुकान पर धावा बोल दिया। शटर तोड़कर अंदर घुसे बदमाशों ने लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने और कैश पर हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।
घटना सिंगरौली जिले के बरगवां थाना के पास की है जहाँ बरगवां बाजार में स्थित सेठ विनोद कुमार सर्राफ के दुकान में बीते दिन यानी 18 फरवरी की आधी रात को आधा दर्जन चोरों ने रात के अंधेरे में दुकान के अंदर घुसकर लाखों रुपये के जेवरात व कैश लेकर फरार हो गए, फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश में जुटी है।
बताया जा रहा है कि चोर अंधेरी रात सुनसान समय का फायदा उठाकर दुकान के सामने पहुंचे। पहले कुछ देर तक आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसके बाद औजारों की मदद से शटर का ताला तोड़ा गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि करीब पांच से छह बदमाश चेहरे ढंके हुए अंदर घुसते हैं और सीधे काउंटर व तिजोरी की ओर बढ़ जाते हैं। कुछ ही मिनटों में शोकेस में सजे सोने की चेन, अंगूठियां, कंगन और चांदी के आभूषण बैग में भर लिए गए। साथ ही गल्ले में रखा नकद कैश भी समेट लिया गया।
बताया जा रहा है कि पूरी वारदात महज 5 से 10 मिनट के भीतर अंजाम दे दी गई। बदमाशों की तेजी और आत्मविश्वास देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि उन्होंने पहले से दुकान की रेकी की थी। वारदात के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए।
सुबह जब दुकान मालिक मौके पर पहुंचे तो टूटा शटर और बिखरा सामान देखकर उनके होश उड़ गए। अंदर जाकर देखा तो शोकेस खाली पड़े थे और कैश काउंटर भी साफ था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये के गहने और नकदी चोरी हुई है।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। घटना के बाद बाजार के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा पुख्ता होती तो इतनी बड़ी चोरी नहीं होती। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

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भीषण सड़क हादसा, ओवरब्रिज से गिरा वाहन, 3 की मौत, 8 घायलों की हालत नाजुक
नरसिंहपुर. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में भीषण सड़क हादसा हुआ है. इस हादसे में 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि कई घायल हो गए. घायलों में से आधा दर्जन लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है. यहां मजदूरों से भरी एक पिकअप ब्रिज से नीचे जा गिरी. हादसा होते ही मौके पर चीख पुकार मच गई. लोगों ने तुरंत घायलों को निकालकर करेली अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में भर्ती कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. पिकअप में सवार सभी लोग छिंदवाड़ा जिले के निवासी थी जोकि मजदूरी करने नरसिंहपुर आ रहे थे.
पुलिस के अनुसार मजदूरों से भरा वाहन एकाएक बेकाबू हो गया और डिवाइडर से टकराकर ब्रिज से नीचे गिर गया. इस भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई. कई लोग घायल हो गए. घायल मजदूरों में 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है.
बरमान में एनएच 44 पर यह दुर्घटना हुई. अनियंत्रित पिकअप ओवर ब्रिज के डिवाइडर से टकराकर नीचे गिर गई. हादसे के बाद सड़क पर लाशें बिछ गईं. राहगीरों ने किसी तरह रेस्क्यू कर घायलों को निकालकर अस्पताल भेजा. पिकअप में सवार सभी मजदूर छिंदवाड़ा जिले के सुरला खापा से नरसिंहपुर आ रहे थे. ये मजदूर रबी की फसल की कटाई के लिए राजमार्ग पर जा रहे थे. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
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ब्यूटीशियन के साथ 3 लोगों ने रेप की वारदात को दिया अंजाम, 4 आरोपियों में 1 महिला
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ब्यूटीशियन से गैंगरेप और धर्म परिवर्तन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि 4 आरोपियों में एक महिला भी शामिल है।
दरअसल मामला बागसेवनिया थाने क्षेत्र का है। ब्यूटीशियन के साथ तीन लोगों ने पहले रेप किया फिर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। तीन लोगों के खिलाफ रेप और एक महिला पर धर्म परिवर्तन करने की FIR दर्ज हुई है। तीनों फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस जुट गई है।
आरोपियों में अमरीन, चंदन यादव, चानू, आफरीन शामिल है। अलग-अलग समय पर महिला के साथ रेप किया गया। चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर रेप किया गया। 31 दिसंबर 2024 को शाहपुरा स्थित एक होटल में दोस्त की बर्थडे पार्टी में आरोपियों की मुलाकात युवती से हुई थी। छोटे कपड़े पहनाकर पब और लाउंज में ले जाया जाता था। अंजान लोगों से मेलजोल का दबाव बनाया जाता था।

ग्वालियर। शहर के सिंधिया अम्मा महाराज की छतरी में स्थित विष्णु देव मंदिर में अज्ञात शातिर चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने मंदिर से चांदी, तांबा और पीतल के 18 सामानों की चोरी कर ली। घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र के कटोरा ताल रोड की है। जबकि छतरी में सिक्योरिटी गार्ड मौजूद थे। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल के बाद अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
दअरसल झांसी रोड थाना क्षेत्र के कटोरा ताल रोड स्थित सिंधिया घराने का सिंधिया अम्मा महाराज की छतरी बनी हुई है। जिसमें विष्णु देव मंदिर भी बना हुआ है। सिक्योरिटी गार्ड अमर सिंह परिहार की ड्यूटी 20 फरवरी 2026 को मैन गेट पर लगी हुई थी। रात 11 बजे से सुबह 07 बजे तक दूसरा गार्ड कप्तान सिंह की ड्यूटी 10 बजे सुबह 7 बजे की थी। कप्तान सिंह छतरी के अंदर घूमकर ड्यूटी करता है। दोनों के द्वारा नाइट ड्यूटी करने के बाद जब 21 फरवरी शनिवार की सुबह राजेन्द्र सेन सुबह 6 बजे डूयटी पर आया और कप्तान सिंह के द्वारा अन्दर छत्री व मन्दिर में लगे सामान की गिनती की।
पुजारी संजय हिरवे ने विष्णु भगवान के मन्दिर में बनी मूर्ति के बगल में रखी पेटी में से तांबा, पीतल और चांदी के सामान को चेक कर बताया कि मन्दिर में रखी पेटी में से सामान चोरी हो गया है। इस बात का पता चलने पर छतरी में हंगामा खड़ा हो गया और इस घटना की सूचना पुलिस को दी। छतरी में चोरी होने की सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल में पता चला की अज्ञात चोर दीवार से मंदिर परिसर में घुसा और चोरी कर फरार हो गया। पुलिस ने फरियादी अमर सिंह परिहार की शिकायत पर मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
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MP में लगेगा बिजली का करंट! एक अप्रैल से महंगी हो जाएगी बिजली!
भोपाल। मध्य प्रदेश में नए वित्तीय वर्ष में बिजली का करंट लगने वाला है। प्रदेश में एक अप्रैल से बिजली महंगी हो सकती है। दरअसल, बिजली कंपनियों ने 10 प्रतिशत टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, महीने में औसत 300 रुपये तक बिजली बिल बढ़ सकता है।
एमपी में बिजली महंगी हो सकती है। बिजली वितरण कंपनियों ने राज्य विद्युत नियामक आयोग को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्ताव भेजा है। जिसमें बिजली की दरों में 10.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की बात कही है। यह प्रस्ताव अगर मंजूर होता है तो औसत महीने में 300 रुपए तक बिजली बिल बढ़ सकता है। प्रपोजल के मंजूर होने पर नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी।
बिजली की दरें बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगेगा। आईए एक नजर डालते है वर्तमान और प्रस्तावित दरों पर…
50 यूनिट तक
वर्तमान दर – 4.45 रुपये प्रति यूनिट
प्रस्तावित दर – 4.78 रुपये प्रति यूनिट
51 से 150 यूनिट तक
वर्तमान दर – 5.41 रुपये प्रति यूनिट
प्रस्तावित दर – 5.82 रुपये प्रति यूनिट
151 से 300 यूनिट
वर्तमान दर – 6.79 रुपये प्रति यूनिट
प्रस्तावित दर – 7.3 रुपये प्रति यूनिट
300 यूनिट से ऊपर
वर्तमान दर – 8.98 रुपये प्रति यूनिट
प्रस्तावित दर – 7.3 रुपये प्रति यूनिट
प्रस्ताव में 151 से 300 यूनिट वाले स्लैब को समाप्त कर उसे 300 यूनिट से ऊपर वाले स्लैब में विलय करने की भी बात कही गई है। इससे 151-300 यूनिट वाले उपभोक्ताओं के लिए दरें बढ़ जाएंगी। बिजली कंपनियों ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि उन्हें लगातार बड़ा घाटा हो रहा है। परिचालन खर्च बढ़ गए हैं और अन्य वित्तीय चुनौतियां भी हैं। इस बार पावर मैनेजमेंट कंपनी ने कुल 6,044 करोड़ रुपये के घाटे को भरने के लिए यह मांग की है।
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लाड़ली बहना योजना के नए फॉर्म भरने पर मंत्री ने विधानसभा में दे दी जानकारी
भोपाल। लाड़ली बहना योजना ने मप्र में खासी लोकप्रिय है। इसके बाद कई अन्य प्रदेशों में इस योजना को अलग-अलग नाम से शुरू किया गया। विधानसभा चुनाव में भी इस योजना के कारण भाजपा को खासा समर्थन मिला। लेकिन अब बीते दो सालों से यह सवाल महिलाओं के बीच तैरता है कि आखिर लाड़ली बहना योजना में नए फॉर्म कब भरे जाएंगे। सोमवार को यही मुद्दा गूंज बनकर मध्य प्रदेश विधानसभा में सुनाई दिया, जहां विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए विरोध में वॉकआउट तक किया।
प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक महेश परमार ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि नए रजिस्ट्रेशन आखिर कब शुरू होंगे। उनका कहना था कि लंबे समय से आवेदन बंद होने के कारण 18 वर्ष की आयु पार कर चुकी अनेक महिलाएं योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने चुनाव पूर्व किए गए उस वादे की भी याद दिलाई, जिसमें योजना की राशि 3000 रुपये तक बढ़ाने की घोषणा की गई थी।
महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने सदन में स्पष्ट किया कि योजना की शुरुआत से अब तक 1,31,06,525 महिलाओं ने पंजीयन कराया था, जिनमें से फिलहाल 1,25,29,051 महिलाएं लाभ प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने बताया कि आवेदनों की विस्तृत जांच के बाद ही लाभ दिया जाता है और फिलहाल नए रजिस्ट्रेशन शुरू करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है।
मंत्री ने यह भी कहा कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को अन्य पेंशन योजनाओं के माध्यम से सहायता दी जा रही है। हालांकि, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पर असहमति जताते हुए नई पात्र महिलाओं के लिए जल्द पंजीयन खोलने की तारीख घोषित करने की मांग दोहराई। विपक्ष का कहना है कि जब तक नए आवेदन शुरू नहीं होते, तब तक योजना का दायरा अधूरा ही रहेगा।

प्रमुख समाचार

कर्नाटक के टुमकुरु जिले के तूरुवेकेरे तालुक के गोनी गांव स्थित अरसम्‍मा मंदिर में जातिगत भेदभाव का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दलित परिवार को मंदिर परिसर से अपमानित कर बाहर निकाल दिया गया। ये पूरा मामला पुलिस के पास भी पहुंच गया। पुलिस ने इस मामले में एक्शन लिया है।जानकारी के अनुसार, हाल ही में विवाह बंधन में बंधा एक दलित जोड़ा मंदिर दर्शन के लिए पहुंचा था। इसी दौरान ऊंची जाति से जुड़े नारायणप्पा नामक व्यक्ति ने स्वयं को...

मध्य प्रदेश

नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा में दो काले हिरण के हुए शिकार के मामले में चार वन कर्मचारी अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इस पूरे मामले में लापरवाही बरतने पर रेंजर, डिप्टी रेंजर के अलावा चार वनरक्षकों को सस्पेंड किया गया। सोमवार देर रात को सभी को निलंबन करने के आदेश दिए है। रेंजर समेत वन कर्मियों ने हिरण के शिकार से हुई मौत को प्राकृतिक दर्शाने की कोशिश की थी। सबूतों को भी सुरक्षित रखने के बजाय उन्हें नष्ट किया।...

अपराध

मध्य प्रदेश के सतना जिले के शिवराजपुर में रहने वाले प्रदेश के बड़े कारोबारी रुद्र त्रिपाठी को लॉरेंस विश्नोई गैंग से धमकी मिली है। धमकी देने वाले शख्स ने त्रिपाठी से 10 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी है। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस विश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए कहा- 10 करोड़ रुपए दो, वरना मरने के लिए तैयार रहना। साथ ही कहा- चाहे ये कॉल रिकॉर्ड करके पुलिस को दे सकते हैं। धमकी मिलने के बाद रुद्र ने मुंबई शहर के थाणे के नौपाड़ा पुलिस स्टेशन में...
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गुना सिटी

गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना 14 फरवरी 2025 की सुबह अलका ने अपने घर के बाथरूम में अपने इकलौते बेटे को फंदे से लटकता हुआ पाया। बदहवास मां उसे लेकर तुरंत जिला अस्पताल दौड़ी, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट (15 फरवरी 2025) में मौत की वजह 'गला घोंटना' बता दिया गया। इसी आधार पर गुना पुलिस ने 22 फरवरी 2025 को अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया। जांच में सीधे मां (अलका) को ही आरोपी मानते हुए...

फोटो गैलरी

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा