सतना। मध्य प्रदेश के सतना से छात्राओं के बीच मारपीट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि चार छात्राओं ने मिलकर कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा को सुनसान जगह ले जाकर बुरी तरह पीटा। इतना ही नहीं, पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पीड़िता ने अब पुलिस से शिकायत की है।
मामला कोलगवां थाना क्षेत्र का है। पीड़िता के मुताबिक, एक छात्र उसे वॉट्सऐप पर परेशान करता था। छात्रा ने जब उसे फटकार लगाई तो उसके साथ कॉलेज में पढ़ने वाली और पड़ोस में रहने वाली एक छात्रा ने उस पर अपने दोस्त के साथ रिलेशनशिप में आने का दबाव बनाया। पीड़िता ने इससे इनकार कर दिया। आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर आरोपी छात्रा ने 6 अगस्त को उसे बहाने से अपने स्कूटर पर बैठाया। पहले उसे इधर-उधर घुमाया गया और फिर रिश्तेदार के यहां जाने की बात कहकर नगर वन के सामने सुनसान जगह ले जाया गया।
आरोप है कि सुनसान जगह पर आरोपी छात्रा की तीन सहेलियां पहले से मौजूद थीं। चारों ने कथित तौर पर अपने चेहरे ढंक रखे थे। इसके बाद उन्होंने पीड़िता को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। सामने आए वीडियो में चार लड़कियां छात्रा को घेरकर मारती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में गाली-गलौज और धमकाने की बात भी सामने आई है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान एक लड़की ने डंडे से उसके कान और आंख के आसपास वार किया, जबकि बाकी लड़कियों ने लात-घूंसों से उसकी पिटाई की। इसी दौरान एक आरोपी छात्रा ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
आरोप है कि मारपीट के दौरान पीड़िता पर दबाव बनाया गया कि वह आरोपी छात्र की बात माने। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उससे उस छात्र से माफी भी मंगवाई गई। पीड़िता के मुताबिक, जब उसने छात्र के साथ रिलेशनशिप में आने के लिए हामी भर दी, तब आरोपी छात्राओं ने उसे सेमरिया चौराहे पर छोड़ दिया।
घटना के बाद पीड़िता डर की वजह से काफी समय तक चुप रही। उसने अपने परिवार को भी इस बारे में नहीं बताया। बताया गया कि उसकी मां गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, जबकि पिता इलाज के सिलसिले में बाहर थे। छात्रा फिलहाल एक रिश्तेदार के यहां रहकर पढ़ाई कर रही है। इसी बीच मारपीट का वीडियो पीड़िता के एक रिश्तेदार के पास पहुंच गया। उन्होंने छात्रा से पूछताछ की, जिसके बाद पूरी घटना सामने आई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद 11 सितंबर को मामला कोलगवां थाने पहुंचा। थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने बताया कि पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया है। पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। पुलिस अब वायरल वीडियो, पीड़िता के बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।
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50 हजार की सुपारी देकर हमला मामले में पंचायत सचिव और बिल्डर समेत 5 गिरफ्तार
भोपाल। नजीराबाद थाना क्षेत्र में प्लॉट के विवाद को लेकर एक किसान पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। इस साजिश का खुलासा करते हुए पुलिस ने पंचायत सचिव और एक बिल्डर समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने किसान पर हमले के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी।
दरअसल फरियादी किसान इंदर सिंह गुर्जर का आरोपियों के साथ प्लॉट को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, जिसके चलते इस खूनी साजिश को अंजाम दिया गया। पंचायत सचिव और बिल्डर जितेंद्र श्रीवास्तव ने किसान को रास्ते से हटाने के लिए बदमाशों को 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। बदमाशों ने वारदात को अंजाम देने के लिए किराए पर एक रेंटर कार ली थी और अपनी पहचान छुपाने के लिए गाड़ी की नंबर प्लेट पर मिट्टी पोत दी थी ताकि कोई वाहन का नंबर न देख सके।
नजीराबाद के बागसी रोड पर आरोपियों ने कार सवार बदमाशों के जरिए किसान से पता पूछने के बहाने रोका और फिर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। नजीराबाद थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पंचायत सचिव और बिल्डर सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि 2 अन्य फरार आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।
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स्पा की आड़ में देह व्यापार! तीन लड़कियां समेत छह लोग पकड़ाए, आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार के खेल का बड़ा खुलासा हुआ है। शनिवार देर रात पुलिस ने दबिश देकर स्पा से तीन लड़कियों और तीन लड़कों को पकड़ा है। बताया जा रहा है कि बीते दो हफ्ते से यहां अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। जिसके बाद पुलिस ने छापेमार कार्रवाई की है। यह पूरा मामला मोघट थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात मोघट पुलिस ने आनंद नगर रोड पर स्थित एक स्पा सेंटर पहुंची। बताया गया कि बीते 15 दिनों से यहां अनैतिक गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। जहां से तीन लड़कियों और तीन लड़कों को हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि यह स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार चल रहा था।
सीएसपी अभिनव बारंगे ने जानकारी देते हुए बताया कि, पिछले 15 दिनों से स्पा की आड़ में अनैतिक गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसके बाद टीम बनाकर दबिश दी गई तो मौके से तीन लड़के और तीन लड़कियां आपत्तिजनक हालात में पकड़े गए। वहां अनैतिक चीजें भी मिली, जिन्हें जब्त किया गया हैं। फिलहाल जांच चल रही है। लड़कियों को वन स्टॉप सेंटर भेजा जाएगा। जबकि लड़कों को आरोपी बनाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इंदौर। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के तहत नई तकनीक से लैस बसों का मॉडल सामने आया है। इंदौर में आयोजित मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा परिवहन समिट-2026 के एक्सपो में टाटा, स्विच, ईका, आयशर-वैरो ईगल सहित प्रमुख कंपनियों ने आधुनिक बसों के मॉडल प्रदर्शित किए।
एक्सपो में प्रदर्शित आधुनिक बसों में सुरक्षा तकनीक खास आकर्षण रही। इनमें एआई आधारित ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम जैसी तकनीक शामिल है। पुणे की बस निर्माता के कम्पनी वैरो ईगल की प्रोजेक्ट मैनेजर फोरम ब्रम्भट्ट ने बताया कि हमारी बसों में यात्रियो की सुरक्षा और रोड सेफ्टी को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्राथमिकता दी जाती है। जिसके तहत बस को स्टार्ट करने से पहले बस में लगे ब्रेथ एनालाइज़र सिस्टम से ड्राइवर की अल्कोहल जांच होगी यदि ड्राइवर ने शराब पी रखी है तो बस स्टार्ट नहीं होगी। इसका उद्देश्य नशे में ड्राइविंग को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ईका के प्राजेक्ट मैनेजर रियाज ने बताया कि हमारी बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक अलार्म, सीट बेल्ट, बेहतर साउंड सिस्टम और फायर सेफ्टी सिस्टम जैसे फीचर भी शामिल किए जा रहे हैं। 45 डिग्री से अधिक तापमान की स्थिति में फायर सिक्योरिटी एक्शन जैसी तकनीक भी बसों को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
एक्सपो में इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष फोकस रहा। प्रदर्शित ई-बसों के अलग-अलग मॉडल सिंगल चार्ज में करीब 200 से 500 किलोमीटर तक की दूरी तय करने की क्षमता वाले बताए गए। इससे प्रदेश के शहरों के बीच पर्यावरण-अनुकूल और कम लागत वाले सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
एमपीवायपीआईएल के डिप्टी सेक्रेट्री कमल नागर ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के तहत सरकार सिर्फ बस संचालन तक सीमित नहीं रहना चाहती। बस निर्माण, संचालन, टिकटिंग, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं को जोड़कर पूरा ट्रांसपोर्ट इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। यह व्यवस्था पीपीपी मॉडल पर आगे बढ़ाई जाएगी। इंदौर और भोपाल को छोड़कर प्रदेश के अन्य शहरों में पीपीपी मॉडल पर आईएसबीटी बस टर्मिनल विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। साथ ही टिकटिंग, सुरक्षा, कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं से जुड़े स्टार्टअप्स को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के माध्यम से भविष्य में यात्रियों को घर से लेकर बस तक कनेक्टनीविटी देने की तैयारी है, इसके लिए एमपीवायपीआईएल रैपिडो से एमओयू करने जा रहा है। जिसके तहत एमपीवायपीआईएल की टिकट बुकिंग के साथ यात्रियों को यह विकल्प दिया जाएगा कि वो बस तक पहुंचने के लिए ओटो और कैब भी बुक कर सकेंगे। तय समय अनुसार आटो और कैब यात्रियों को घर पर रसीव करने पहुंच जाएंगे। इससे लोगों को अंतिम स्थान तक कनेक्टीविटी मिल जाएगी।
परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना के तहत दो दिवसीय समिट के दौरान हम एक ईको सिस्टम तैयार कर रहे है, जिससे लोक परिवहन सुगम बनाना है समिट के माध्यम से हमारी अपेक्षाएं उद्योग जगत, निवेशकों, बस निर्माता टेक कंपनियां बैंक और वित्तीय संस्थाओं, परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटीएमएस और डिजिटल सॉल्यूशन उपलब्ध करने वाली कम्पनियों से जो हमारी से जुड़कर काम करें और देश में एक बेहतर पीपीपी मॉडल पर आधारित बस सेवा मध्यप्रदेश में स्थापित हो।
सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश में पुराने रोडवेज सिस्टम को आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बेहतर यात्री सुविधाओं से जोड़कर सुरक्षित, किफायती और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन का नया मॉडल तैयार करना है।
- मनीष सिंह, परिवहन सचिव
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प्रशासन को कहा ‘सिर्फ सगाई होगी’, टीम के जाते ही कर दिया विवाह! बाल विवाह पर 9 पर FIR
इंदौर। बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन की समझाइश और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद परिवार ने नियमों को धता बता दिया। गांधी नगर क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के परिजनों ने प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम के सामने शपथ पत्र देकर 18 साल की उम्र पूरी होने तक विवाह नहीं कराने का भरोसा दिया, लेकिन टीम के लौटते ही उसी शाम नाबालिग की शादी करा दी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नाबालिग से विवाह कराने वाले बालिग युवक, दोनों पक्षों के माता-पिता और रिश्तेदारों सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह कार्रवाई जिले में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर की गई है।
मामले की शुरुआत चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिली शिकायत से हुई थी। शिकायत के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग और चाइल्ड लाइन की टीम ने मामले की जानकारी जुटाई और परिवार को समझाइश दी। टीम ने परिजनों को स्पष्ट रूप से बताया कि नाबालिग की शादी 18 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद ही की जा सकती है।निर्धारित विवाह के दिन दोनों परिवार ड्रीम वर्ल्ड रिसोर्ट, गोम्मटगिरि पहुंच गए। इसी दौरान दोबारा शिकायत मिलने पर विभाग और चाइल्ड लाइन की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों पक्षों को समझाया और विवाह रोकने के लिए कहा।इस पर परिजनों ने शपथ पत्र देकर भरोसा दिलाया कि विवाह नहीं किया जाएगा और केवल सगाई की रस्म होगी। 24 जून को प्रस्तावित विवाह को निरस्त करने की बात भी कही गई। प्रशासनिक टीम परिवार को समझाकर वहां से लौट गई।लेकिन आरोप है कि टीम के जाते ही परिवार ने अपना वादा तोड़ दिया। उसी शाम नाबालिग का विवाह करा दिया गया।
परिजनों ने प्रशासन से विवाह निरस्त करने की बात कही थी, इसलिए मामला शांत मान लिया गया। बाद में रक्षाबंधन के दौरान जब बालिका अपने ससुराल से मायके पहुंची, तब ग्रामीणों को जानकारी मिली कि विवाह टला नहीं था, बल्कि नाबालिग की शादी पहले ही कराई जा चुकी थी।इसके बाद मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंची।
मामले की जानकारी 1 सितंबर को कलेक्टर की जनसुनवाई में सामने आई। एक आवेदक ने विवाह से जुड़े प्रमाणों के साथ शिकायत की और बताया कि नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा चुका है।शिकायत मिलने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने कार्रवाई के लिए बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक को जांच के निर्देश दिए।
जांच के दौरान टीम ने विवाह से जुड़े साक्ष्य जुटाए। उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक के अनुसार फोटोग्राफर और परिवार के सदस्यों द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए फोटो और वीडियो से विवाह होने की पुष्टि हुई।इसके साथ ही बालिका की उम्र से संबंधित दस्तावेज भी जुटाए गए। स्कूल रिकॉर्ड के आधार पर उसकी आयु का प्रमाण तहसीलदार सांवेर के माध्यम से प्राप्त किया गया। सभी दस्तावेज और अन्य प्रमाण एकत्र करने के बाद कार्रवाई की गई।
सभी साक्ष्य जुटाने के बाद बाल विवाह विरोधी उड़नदस्ता प्रभारी महेंद्र पाठक ने उड़नदस्ता सदस्य संगीता सिंह के साथ थाना गांधी नगर पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई।पुलिस ने मामले में विवाह करने वाले बालिग युवक अभिषेक और रितिक सोनी, वर-वधू के माता-पिता तथा विवाह में शामिल रिश्तेदारों सहित कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
इस मामले में खास बात यह है कि परिवार को प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम पहले ही समझा चुकी थी। इतना ही नहीं, परिजनों ने लिखित शपथ पत्र देकर नाबालिग की शादी 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद करने का भरोसा भी दिया था। इसके बावजूद विवाह करा दिया गया।
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हैवानियत की हद पार चोरी के शक में नाबालिग को पिलर से बांधकर पीटा
सीधी. चोरी का शक किसी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं देता, लेकिन सीधी में सामने आए एक मामले ने इस बुनियादी बात को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है. शहर के विजय फिलिंग पेट्रोल पंप परिसर में एक नाबालिग को चोरी के संदेह में पकड़कर पिलर से बांधने और बेरहमी से पीटने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है. वीडियो में बच्चा खुद को छोड़ने के लिए लोगों के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाता दिखाई दे रहा है, लेकिन उसकी गुहार के बावजूद मारपीट जारी रहने का आरोप है.
घटना रविवार सुबह करीब 10 बजे की बताई जा रही है. पेट्रोल पंप शहर के मनीष अग्रवाल का बताया गया है. आरोप है कि नाबालिग पंप के पीछे बने घर में चोरी की नीयत से घुसा था. इसी दौरान वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया. इसके बाद पुलिस को सूचना देने या कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय उसे परिसर में ही बांधकर पूछताछ और मारपीट की गई.
मामले का वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह था तो उसे पुलिस के हवाले करने के बजाय सजा देने का अधिकार कर्मचारियों को किसने दिया. पुलिस के अनुसार फिलहाल घटना की कोई शिकायत नहीं मिली है.
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में नाबालिग पेट्रोल पंप परिसर में एक पिलर से बंधा दिखाई दे रहा है. आसपास कुछ लोग खड़े हैं और बच्चा उन्हें छोड़ने की गुहार लगाता नजर आ रहा है. वह लोगों के पैर पकड़ता है और खुद को छोड़ने के लिए कहता दिखाई देता है.
वीडियो में बच्चे से उसके घर का मोबाइल नंबर भी पूछा जाता दिखाई दे रहा है. आरोप है कि जब बताया गया नंबर बंद मिला तो कर्मचारियों ने यह मान लिया कि बच्चा गलत या पुराना नंबर बता रहा है. इसके बाद उसके साथ फिर मारपीट की गई.
वीडियो में दिखाई देने वाला घटनाक्रम इस मामले को महज चोरी के संदेह से आगे ले जाता है. किसी अपराध का संदेह होने पर भी किसी नाबालिग को बांधना और उसके साथ मारपीट करना गंभीर सवाल खड़े करता है. घटना में बच्चे की उम्र को देखते हुए मामला और संवेदनशील हो जाता है.
कानून व्यवस्था का सबसे सामान्य सिद्धांत यही है कि अपराध का संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी जाए और जांच कानून के अनुसार हो. किसी व्यक्ति को पकड़कर उससे जबरन पूछताछ करना या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना कानून व्यवस्था का विकल्प नहीं हो सकता.
इस मामले में भी यदि पेट्रोल पंप कर्मचारियों को नाबालिग के चोरी की नीयत से परिसर में आने का संदेह था तो वे तत्काल पुलिस को सूचना दे सकते थे. पुलिस मौके पर पहुंचकर बच्चे से पूछताछ करती, उसके स्वजन को सूचना दी जाती और यदि कोई अपराध सामने आता तो नियमानुसार कार्रवाई होती.
इसके बजाय बच्चे को पिलर से बांधकर मारपीट किए जाने का आरोप सामने आया है. यही वजह है कि वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश है.
इस पूरे घटनाक्रम का किसी व्यक्ति ने वीडियो भी बनाया. यही वीडियो अब इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है. वीडियो में घटना के दौरान मौजूद लोगों और नाबालिग के बीच का घटनाक्रम दिखाई देता है.
यह सवाल भी उठ रहा है कि जब घटना के समय कई लोग मौके पर मौजूद थे और उसका वीडियो बनाया जा रहा था, तब किसी ने पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी. यदि किसी बच्चे पर चोरी का गंभीर संदेह था तो उसे पुलिस के हवाले करने के बजाय परिसर में बांधकर रखने की स्थिति कैसे बनी.
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि अब मामला केवल किसी शिकायत पर निर्भर नहीं रह जाता. वीडियो में दिखाई देने वाली घटना की स्वतंत्र रूप से जांच की जा सकती है. हालांकि फिलहाल पुलिस का कहना है कि उसे किसी पक्ष से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है.
मामले में कोतवाली थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल पुलिस को घटना की जानकारी नहीं है और किसी भी पक्ष की ओर से शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को चोरी या किसी अन्य अपराध की जानकारी मिलती है तो उसे कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देनी चाहिए. किसी को भी कानून हाथ में लेकर मारपीट करने का अधिकार नहीं है.
पुलिस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है. ऐसे में अब निगाह इस बात पर है कि वीडियो के आधार पर पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर घटना की जांच करती है या फिर औपचारिक शिकायत का इंतजार करती है.
घटना में जिस बच्चे के साथ मारपीट का आरोप है, वह नाबालिग बताया जा रहा है. बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और कानूनी प्रक्रिया का पालन और भी जरूरी हो जाता है. किसी बच्चे पर आरोप लगने मात्र से उसे अपराधी मान लेना और उसके साथ दंडात्मक व्यवहार करना उचित नहीं हो सकता.
यदि बच्चे ने वास्तव में चोरी का प्रयास किया था, तब भी उसके विरुद्ध कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होनी चाहिए. और यदि वह चोरी के आरोप से निर्दोष है तो उसके साथ हुई मारपीट और भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है.
यही कारण है कि मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है. वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम, घटना के समय मौजूद लोगों, नाबालिग की स्थिति और चोरी के आरोप की वास्तविकता—इन सभी पहलुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी.
सीधी की यह घटना केवल एक पेट्रोल पंप तक सीमित मामला नहीं है. वीडियो ने समाज में बढ़ती उस प्रवृत्ति पर सवाल खड़ा किया है, जिसमें अपराध के संदेह मात्र पर लोग खुद ही फैसला करने लगते हैं.
किसी व्यक्ति को चोर समझकर पकड़ लेना और उसके साथ मारपीट करना न्याय की प्रक्रिया नहीं है. इससे कई बार वास्तविक अपराध की जांच भी प्रभावित हो सकती है. गलत व्यक्ति को निशाना बनाए जाने की स्थिति में नुकसान की भरपाई भी संभव नहीं होती.
विशेष रूप से नाबालिगों के मामले में ऐसी घटनाएं उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती हैं. इसलिए किसी भी आरोप की जांच पुलिस और कानून के माध्यम से ही होनी चाहिए.
वायरल वीडियो का सबसे विचलित करने वाला हिस्सा वह है, जब बच्चा खुद को छोड़ने के लिए सामने मौजूद लोगों के पैर पकड़ता दिखाई देता है. वह मदद की गुहार लगाता है, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की जाती रही.
यह दृश्य इस पूरे मामले को सामान्य चोरी के आरोप से अलग बना देता है. एक ओर चोरी की आशंका की जांच का सवाल है, दूसरी ओर एक नाबालिग के साथ कथित हिंसा का सवाल. दोनों को अलग-अलग जांचना जरूरी है.
यदि चोरी का आरोप सही था तो उसकी पुष्टि सबूतों से होनी चाहिए. यदि आरोप गलत था तो बच्चे को किस आधार पर बांधकर पीटा गया, इसका जवाब भी सामने आना चाहिए. और यदि चोरी का प्रयास हुआ भी था तो कानून के तहत कार्रवाई का रास्ता खुला था.
वीडियो वायरल होने के बाद घटना सार्वजनिक हो चुकी है. ऐसे में केवल यह कहना कि अभी शिकायत नहीं मिली है, पूरे मामले का अंत नहीं हो सकता. पुलिस के सामने अब वीडियो की सत्यता, घटनास्थल, उसमें दिखाई दे रहे लोगों और नाबालिग की पहचान तथा घटना की परिस्थितियों की जांच का रास्ता खुला है.
सबसे जरूरी यह है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से हो और किसी भी पक्ष को केवल आरोप के आधार पर दोषी या निर्दोष न माना जाए. पेट्रोल पंप कर्मचारियों का पक्ष, नाबालिग के स्वजन का बयान और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य भी सामने आने चाहिए.
सीधी की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि अपराध रोकने की जिम्मेदारी पुलिस की है या भीड़ की? कानून का शासन तभी प्रभावी माना जाएगा, जब चोरी के संदेह में पकड़े गए व्यक्ति को भी न्याय पाने का अधिकार मिले और किसी को भी अपने हाथ से सजा देने की छूट न हो.
फिलहाल वीडियो सामने है, घटना के आरोप गंभीर हैं और पुलिस के अनुसार शिकायत अभी नहीं मिली है. अब देखना यह है कि वायरल वीडियो के बाद पुलिस मामले की तह तक कब पहुंचती है और नाबालिग के साथ हुई कथित मारपीट की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं.
भारत में जारी ब्रिक्स समिट के बीच अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए ने ओसामा बिन लादेन पर बड़ा खुलासा किया है। CIA की रिपोर्ट में कहा गया है कि 9/11 अमेरिकी हमले से पहले ओसामा बिन लादेन की हिट लिस्ट में भारत था। 1998 की CIA की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अल-कायदा का संस्थापक ओसामा बिन लादेन 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमलों से कई साल पहले भारत में हमले करने पर विचार कर रहा था। यह खुलासा 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों की 25वीं बरसी के मौके पर अनक्लासिफाइड CIA राष्ट्रपति ब्रीफिंग सामग्री के बड़े पैमाने पर जारी किए जाने का हिस्सा है।
हालांकि रिपोर्ट में भारत के किसी खास लक्ष्य या हमले की तारीख का जिक्र नहीं था। दस्तावेज में उसके अमेरिका और ब्रिटेन को निशाना बनाने के विकल्प तलाशने और 60 से अधिक देशों में नेटवर्क होने की जानकारी भी दी गई थी।
दरअसल CIA ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन और जॉर्ज डब्ल्यू बुश के लिए तैयार की गई दर्जनों खुफिया ब्रीफिंग से संबंधित 100 से अधिक पन्नों की सामग्री जारी की है। 28 अगस्त 1998 की एक प्रेसिडेंशियल डेली ब्रीफ का शीर्षक ‘Bin Laden terrorist network still a threat’ था। इसमें भारत को उन कई देशों में शामिल किया गया था, जहां ओसामा बिन लादेन हमले करने का इरादा रखता था। बिन लादेन मिस्र, अरब प्रायद्वीप, खास तौर पर कुवैत, सऊदी अरब और यमन, भारत, पाकिस्तान, युगांडा और संभवतः नाइजीरिया में हमले करने का इरादा रखता है। दस्तावेज में भारत में किसी खास लक्ष्य, हमले की संभावित तारीख या किसी ऑ परेशनल प्लान का विवरण नहीं दिया गया है।
बता दें कि CIA के दस्तावेज सामने आने के तीन साल बाद 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के 19 आतंकियों ने अमेरिका में चार यात्री विमानों का अपहरण कर लिया था। दो विमान न्यूयॉर्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की ट्विन टावर्स से टकराए, जिससे दोनों गगनचुंबी इमारतें ढह गईं थी। तीसरा विमान वर्जीनिया के अर्लिंग्टन में पेंटागन से टकराया था।
जबकि चौथा विमान, यूनाइटेड एयरलाइंस फ्लाइट 93, यात्रियों द्वारा अपहरणकर्ताओं का मुकाबला किए जाने के बाद पेंसिल्वेनिया के एक मैदान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इन हमलों में 19 अपहरणकर्ताओं समेत करीब 3,000 लोग मारे गए थे। 9/11 के हमलों के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला किया था। ओसामा बिन लादेन की 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में एक परिसर पर अमेरिकी हेलीकॉप्टर हमले में मारा गया था।
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अमित शाह का बड़ा बयान: आतंकियों को जवाब देने के लिए पाकिस्तान में घुसने को तैयार भारत
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी रक्षा नीति को इस तरह मजबूत किया है कि अब दुश्मन देश भारत पर हमला करने से पहले कई बार सोचते हैं। उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को भारत की नई सुरक्षा नीति का संदेश दिया है।
52वें इंडिया जेम एंड ज्वेलरी अवॉर्ड्स समारोह में अमित शाह ने कहा कि पहले यह कल्पना करना मुश्किल था कि आतंकी हमले की स्थिति में भारत का प्रधानमंत्री पाकिस्तान की सीमा में घुसकर जवाब देने के लिए तैयार होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा और रक्षा नीति में बड़ा बदलाव किया है।
अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं। उनके मुताबिक, 2014 में ‘फ्रैजाइल फाइव’ में शामिल भारत अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि भारत ने 7.8% GDP ग्रोथ दर्ज की है और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ रहा है। शाह ने दावा किया कि 15 अगस्त 2047 तक भारत हर क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल होगा।
अमित शाह ने कहा कि तीन तलाक खत्म कर मुस्लिम महिलाओं को समान अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी-एनडीए शासित 21 राज्यों में 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी। शाह ने कहा कि सरकार देश में मौजूद हर अवैध घुसपैठिए की पहचान करेगी और उन्हें भारत से बाहर भेजा जाएगा।
अमित शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। यह अभियान देशभर के जिलों, लोकसभा-विधानसभा क्षेत्रों और मतदान केंद्रों तक पहुंचेगा। वाराणसी में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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मनोज जरांगे का बड़ा ऐलान, 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे ने एक बार फिर मुंबई में बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। जरांगे ने शनिवार को कहा कि वह अपने समर्थकों के साथ 19 सितंबर से मुंबई के आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यह आंदोलन ऐसे समय में होने जा रहा है, जब महाराष्ट्र में 14 से 25 सितंबर तक गणपति उत्सव मनाया जाएगा।
मनोज जरांगे ने अंतरवाली सराटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आंदोलन का पूरा कार्यक्रम बताया। उन्होंने कहा कि समर्थक 15 सितंबर को मुंबई के लिए मार्च शुरू करेंगे।
15 सितंबर: बीड के पाटोदा में पड़ाव
16 सितंबर: अहिल्यानगर के श्रीगोंदा में रुकेंगे
17 सितंबर: पुणे के हडपसर में पड़ाव
18 सितंबर: रायगढ़ के खोपोली में ठहराव
जरांगे के मुताबिक, आंदोलनकारी प्रतिदिन करीब 100 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। 19 सितंबर को सुबह 10 बजे आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
जरांगे ने समर्थकों से आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आरक्षण की मांग के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाए और पत्थरबाजी या आगजनी से बचा जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी प्रदर्शनकारियों के रास्ते में बाधा नहीं डालने की अपील की। जरांगे ने कहा कि पुलिस बैरिकेड लगाए तो आंदोलनकारी वहीं बैठ जाएं, लेकिन बैरिकेड को नुकसान न पहुंचाएं और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक रास्ते से आगे बढ़ें।
जरांगे ने सरकार पर गजट संबंधी मांगों को लागू नहीं करने और 58 लाख कुनबी रिकॉर्ड के आधार पर जाति प्रमाणपत्र जारी करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उनकी प्रमुख मांग है कि पुराने रिकॉर्ड और गजट दस्तावेजों के आधार पर मराठों को OBC वर्ग के तहत कुनबी आरक्षण का लाभ देने के लिए सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया जाए।
हालांकि, OBC संगठनों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि मराठों को कुनबी कोटे में शामिल करने से OBC आरक्षण और उससे मिलने वाले लाभ प्रभावित हो सकते हैं। जरांगे ने इस आंदोलन को मराठा आरक्षण की “अंतिम लड़ाई” बताते हुए बड़ी संख्या में लोगों से मुंबई पहुंचने की अपील की।
ग्वालियर. मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के पिछोर थाना क्षेत्र में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब स्कूली बच्चों से भरी बस को भी नहीं बख्शा. शनिवार 12 सितम्बर की तड़के टेकनपुर के ग्लोरीयस कॉन्वेंट स्कूल की बस पर कार सवार दो युवकों ने कट्टे से 4 राउंड फायरिंग कर दी. घटना के समय बस में करीब 50 बच्चे सवार थे. फायरिंग में बस चालक खेम सिंह घायल हो गया, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर किया गया है.
जानकारी के अनुसार बस सुबह बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी. बड़ी अकबई गांव के पास सड़क पर एक स्विफ्ट कार बीच में खड़ी थी. कार पर गुर्जर लिखा था और काले शीशे लगे थे. ड्राइवर ने हॉर्न बजाकर कार हटाने को कहा तो युवकों ने पेट्रोल खत्म होने का बहाना बनाया. ड्राइवर ने धक्का देकर कार हटाने की बात कही तो दोनों आरोपी भड़क गए और ड्राइवर से उलझ पड़े. बहस के दौरान ही एक आरोपी ने अवैध कट्टा निकालकर बस पर ताबड़तोड़ 4 फायर झोंक दिए. बताया जा रहा है कि गोली ड्राइवर को लगी और बस के शीशे पर भी निशान हैं. गनीमत रही कि कोई गोली किसी बच्चे को नहीं लगी, नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता.
घटना की सूचना पर एसडीओपी सौरभ कुमार और पिछोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने बस को थाने परिसर में सुरक्षित खड़ा कराया और बच्चों को सुरक्षित परिजनों के हवाले किया. पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है.
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सुहागरात की रात जेवर लेकर दुल्हन हुई फरार, शादी के नाम पर युवक से ठगी
निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी में शादी के नाम पर कथित ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने पुलिस को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उससे शादी कराने के नाम पर पहले रकम ली गई, फिर जमीन की रजिस्ट्री में भी धोखाधड़ी की गई। शादी के महज दो दिन बाद नवविवाहिता घर से कथित तौर पर जेवर और मोबाइल लेकर चली गई। अब पीड़ित ने पुलिस से पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
निवाड़ी जिले के असाटी गांव से शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता अनूप कुमार मिश्रा ने थाना निवाड़ी में आवेदन देकर बाबूलाल कुशवाहा, भगवत कुशवाहा और रामसेवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के मुताबिक, पिछले करीब 10 से 15 दिनों से आरोपी युवक से शादी कराने की बात कह रहे थे। इसके बाद 8 सितंबर 2026 को गांव के रामराजा मंदिर में एक अज्ञात युवती से उसकी शादी कराई गई। पीड़ित का आरोप है कि शादी के नाम पर उससे करीब डेढ़ लाख रुपये लिए गए। इनमें कुछ रकम खाते में जमा कराने और बाकी रकम नकद लेने की बात शिकायत में कही गई है। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। अनूप कुमार का आरोप है कि उसे 16 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री कराने की बात कही गई थी, लेकिन कथित तौर पर 33 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई। पीड़ित ने अपने आवेदन में जमीन की रजिस्ट्री में भी धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। हालांकि, जमीन की रजिस्ट्री और उससे जुड़े दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
शिकायत के मुताबिक, 10 सितंबर की देर रात करीब 12 बजे घर में मौजूद नवविवाहिता कथित तौर पर सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल लेकर चली गई। पीड़ित ने आवेदन में सोने का मंगलसूत्र, बीजारोन, सोने की अंगूठी, चांदी की पायल और बिछिया समेत अन्य सामान ले जाने का आरोप लगाया है। सुबह जब अनूप की नींद खुली तो युवती घर पर नहीं थी। इसके बाद वह मामले में बताए गए लोगों के पास जानकारी लेने पहुंचा। आरोप है कि वहां उसके साथ अभद्रता की गई और उसे घर से बाहर जाने को कहा गया। पीड़ित ने पुलिस को दिए आवेदन में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि संबंधित लोग लड़कियों की शादी कराने के नाम पर कथित रूप से लोगों से रकम लेते हैं। शिकायत में यह भी बताया गया है कि भगवत कुशवाहा और अन्य लोग शादी कराने का प्रस्ताव लेकर उसके घर पहुंचे थे और करीब एक लाख 30 हजार रुपये की मांग की थी।
मामले में पीड़ित अनूप कुमार मिश्रा ने थाना निवाड़ी में आवेदन देकर पूरे घटनाक्रम की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल शादी के नाम पर कथित ठगी और जमीन की रजिस्ट्री से जुड़े इस मामले में पीड़ित ने पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगाई है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गणेश प्रतिमा की आंखों से आंसू आने का दावा: दर्शन के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से 18 किलोमीटर दूर ताजपुर तहसील के माताजी का चोपड़ा स्थित गणेश मंदिर की प्रतिमा में आंखों से आंसू आने का दावा सोशल मीडिया पर किया जा रहा है । यह बात फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग गणेश जी के दर्शन के लिए पहुंचने लगे है।
लोगों का दावा है कि गणेश प्रतिमा की आंखों से आंसू जैसी बूंदें निकलती दिखाई दे रही हैं और यह स्थिति कई घंटों से बनी हुई है । गांव के ओम पाटीदार के मुताबिक, यह घटना सुबह पूजा के दौरान की बताई जा रही है । इसके बाद प्रतिमा की आंखों से बूंदें आने की बात सामने आई।
जानकारी फैलने के बाद गांव में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई । लोग गणेश प्रतिमा के दर्शन कर रहे हैं और मौके पर महाआरती भी की गई। हालांकि, गणेश प्रतिमा की आंखों से बूंदें आने के कारणों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है । फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो और ग्रामीणों के दावे के आधार पर लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं ।
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ शहर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कोतवाली थाना क्षेत्र के मामौन दरवाजा मोहल्ले में वार्ड नंबर 27 से दो बार निर्दलीय पार्षद रह चुके घनश्याम कुशवाहाकी मोहल्ले की महिलाओं ने सरेराह जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान महिलाओं द्वारा पूर्व पार्षद पर थप्पड़ और चप्पलों की बरसात करने का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, मामौन दरवाजा क्षेत्र में रहने वाली महिलाओं ने पूर्व पार्षद घनश्याम कुशवाहा पर गंभीर छेड़खानी और गलत नीयत से परेशान करने का आरोप लगाया है। घटना के समय गुस्साई महिलाओं ने पूर्व पार्षद को घेर लिया और मौके पर ही उसकी जमकर क्लास लगा दी। बीच सड़क पर हुई इस मारपीट को देखकर आसपास के लोगों का मजमा लग गया।
घटना के दौरान किसी प्रत्यक्षदर्शी ने पूरी वारदात का वीडियो अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर जमकर वायरल हो गया। वीडियो में महिलाएं पूर्व पार्षद पर आरोप लगाते हुए उसकी पिटाई करती साफ नजर आ रही हैं।
मामले का वीडियो सामने आने और स्थिति को देखते हुए स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष और संबंधित महिलाओं के बयान दर्ज कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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प्रेमिका के बुलावे पर गए युवक की पत्थरों से कुचलकर खौफनाक हत्या, जंगल से मिली सड़ी गली लाश
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ इश्क का खेल एक खौफनाक साजिश में बदल गया। बृजपुर थाना क्षेत्र के पहाड़ी खेरा अंतर्गत लोहरहाई के घने जंगलों में 22 वर्षीय संदीप गोंड की बेरहमी से हत्या कर दी गई। 8 सितंबर की रात संदीप अपनी प्रेमिका के बुलावे पर उससे मिलने गया था, लेकिन उसके बाद वह कभी वापस नहीं लौटा।
आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छिपाने की नियत से शव को भारी-भरकम चट्टानों के नीचे दबा दिया। इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतक के परिजनों का आरोप है कि लगातार मोबाइल लोकेशन देने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। आखिरकार परिजनों ने खुद जंगल में जाकर संदीप का क्षत-विक्षत शव बरामद किया।
घटना के बाद से इलाके में भारी जनाक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी राजीव सिंह भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए पन्ना जिला अस्पताल भेजा गया है।
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सरकारी स्कूल के मासूमों को शौचालय में बिठाकर पढ़ाया, तस्वीर वायरल होते ही मचा हड़कंप
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले से शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह शर्मसार कर देने वाली एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जिले के कुक्षी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम टाणा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए शौचालय (टॉयलेट) के अंदर बिठाया जा रहा था। जैसे ही इस अमानवीय कृत्य की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, पूरे प्रशासनिक और शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाणा गांव के प्राथमिक स्कूल में दर्ज 22 नौनिहालों को स्कूल परिसर में ही बने नए बालिका शौचालय के अंदर बिठाकर पढ़ाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि स्कूल का पुराना भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, जिसकी छत जर्जर होकर कभी भी गिर सकती है। जर्जर भवन के डर से शिक्षकों और प्रशासन ने बच्चों के लिए सुरक्षित भवन का इंतजाम करने के बजाय कभी उन्हें भिलट देव मंदिर तो कभी टॉयलेट के अंदर शिफ्ट कर दिया।
जैसे ही शौचालय में पढ़ाई की शर्मनाक तस्वीरें वायरल हुईं, आनन-फानन में प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) हीरालाल निगवाल और बीआरसी (BRC) विजय कुमार शुक्ला ने स्कूल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजने की बात कही। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री के संभावित दौरे की सुगबुगाहट को देखते हुए अधिकारियों ने आनन-फानन में बच्चों को गांव के ही एक निजी मकान में किराए पर शिफ्ट कर दिया है।
इस शर्मनाक और अमानवीय घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नौनिहालों को शौचालय में बिठाकर पढ़ाना पूरी तरह से अमानवीय है और यह मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था
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