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नर्मदापुरम। पुलिस ने पिपरिया के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी सचिन जायसवाल से 5 लाख की फिरौती मांगने और उनकी दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले अंतर जिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक अंग्रेजी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
यह पूरी वारदात बड़वानी जेल में बंद कुख्यात बदमाश रज्जू पूर्विया के इशारे पर रची गई थी। रज्जू ने जेल से ही जीतू ठाकुर नाम के बदमाश को पिपरिया के व्यापारियों को डरा-धमकाकर वसूली करने का जिम्मा सौंपा था। जीतू ठाकुर और आमिर खान, जो पहले अशोकनगर जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे, ने मिलकर इस रंगदारी गिरोह को तैयार किया। वारदात के लिए 40,000 में पिस्टल नर्मदापुरम के शाहिद खान उर्फ भूरा कबाड़ी से खरीदी गई थी।
बीते 15 मई 2026 को आरोपी आमिर खान ने व्यापारी सचिन जायसवाल की दुकान में घुसकर रज्जू पूर्विया के नाम की गुलाबी रंग की पर्ची थमाई और 5 लाख की मांग की। विरोध करने पर बदमाशों ने दुकान पर कई राउंड फायर किए। पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस थोटा के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने रायसेन, भोपाल और नर्मदापुरम समेत कई ठिकानों पर दबिश देकर जीतू उर्फ जितेंद्र राजपूत, आमिर खान और शाहिद उर्फ भूरा कबाड़ी को गिरफ्तार कर लिया।
इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस के हाथ एक और बड़ी सफलता लगी। दबिश के दौरान मुख्य आरोपी जीतू ठाकुर का सगा भाई बीरू उर्फ वीरेंद्र राजपूत भी पकड़ा गया, जो वर्ष 2005 से 4 स्थाई वारंटों में फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार मामले में शामिल शेष 4 आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापे मार रही हैं।
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गुंडागर्दी का Live Video: बदमाशों ने होटल संचालक और स्टाफ पर की फायरिंग
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला हजीरा थाना इलाके से सामने आया है, जहां देर रात कुछ बेखौफ बदमाशों ने एक नामी होटल पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पूरी वारदात होटल में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। बदमाशों ने होटल संचालक और कर्मचारियों को जान से मारने की नीयत से निशाना बनाया था।
जानकारी के अनुसार हजीरा स्थित करिश्मा होटल में देर रात कुछ बदमाश जबरदस्ती खाना खाने पहुंचे थे। होटल बंद होने का समय हो चुका था इसलिए वहां मौजूद कर्मचारियों ने दोबारा खाना बनाने से साफ इनकार कर दिया। कर्मचारियों की यह बात सुनकर बदमाश भड़क गए और गाली-गलौच करने लगे।
विवाद इतना बढ़ा कि बदमाशों ने अपने पास रखे अवैध हथियार निकाल लिए और होटल संचालक सोनू तोमर व अन्य कर्मचारियों पर सीधे फायरिंग कर दी। गोलीबारी होते ही होटल में अफरा-तफरी मच गई और कर्मचारियों ने छुपकर अपनी जान बचाई। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। लाइव फुटेज में बदमाशों की यह करतूत साफ नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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ट्विशा के पति के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, विदेश भागने की आशंका, सुसाइड में इस्तेमाल बेल्ट की रिपोर्ट आई
भोपाल। ट्विशा शर्मा की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हाई प्रोफाइल केस में अब केंद्रीय गृह मंत्रालय भी शामिल हो गया है। दरअसल, ट्विशा के पति समर्थ सिंह जमानत याचिका खारिज होने के बाद से पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जिसके बाद पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भाग गया है। वहीं सुसाइड केस में इस्तेमाल की गई बेल्ट की रिपोर्ट भी सामने आई है।
ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सुसाइड केस में आरोपी बनाया गया है। उसने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। डीसीपी जोन 2 ने पिछले दिनों उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित करते हुए लुक आउट नोटिस जारी किया था। पुलिस को उसके देश से बाहर भागने की आशंका है जिसके चलते लुक आउट नोटिस जारी हुआ है।
भोपाल पुलिस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय की मिनिस्ट्री आफ इमीग्रेशन को पत्र लिखा है। भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह का पासपोर्ट रद्द करवाने के लिए पासपोर्ट कार्यालय के साथ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की 6 टीमें समर्थ की तलाशी में जुटी हुई हैं।
ट्विशा सुसाइड केस में इस्तेमाल की गई बेल्ट की रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उसी बेल्ट से ट्विशा की मौत हुई है। लिगेचर रिपोर्ट में भी ट्विशा की मौत को आत्महत्या बताया गया। बता दें कि इससे पहले लिगेचर (फंदे का बेल्ट) के साथ पोस्टमार्टम नहीं हुआ था। दो दिन पहले पुलिस ने आत्महत्या में इस्तेमाल हुआ बेल्ट दिया था।
भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बॉडी पर मल्टीपल चोटों के निशानों का जिक्र है। ट्विशा के परिजन शुरुआत से हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं, ट्विशा की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि रिपोर्ट केवल सेंसेशन फैलाने के इरादे से तैयार की गई है। रिपोर्ट में चोटों का जिक्र है, लेकिन कहां और कितनी चोट हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सेकेंड पोस्टमॉर्टम या किसी भी एजेंसी से जांच कराने पर हमें कोई ऐतराज नहीं है। हम जांच में सहयोग करेंगे।
इस मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई थी, उसे जांच अधिकारी पोस्टमॉर्टम के समय एम्स भोपाल नहीं ले गए थे। बाद में बेल्ट जांच के लिए सौंपी गई, लेकिन डॉक्टर कथित फांसी के साधन और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके।
पोस्टमॉर्टम में हुई चूक के बाद ट्विशा के परिजन ने मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की है। इसी वजह से मौत के आठ दिन बाद भी परिजन बॉडी लेने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं।
परिजन का कहना है कि बेल्ट उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टर यह तय नहीं कर सके कि फांसी किस चीज से लगाई गई थी। गर्दन के मार्क्स का सही मिलान और माप भी नहीं हो पाया। इस बीच, पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी गई थी।
ट्विशा की सास और पूर्व जज ग‍िर‍िबाला ने उसे लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जब हम उसे देखने गए थे तब वह कहती थी कि मुझे पौधे बहुत पसंद थे। मुझे बच्चे बहुत पसंद हैं, मैं कम से कम 4 बच्चे करूंगी। लेकिन जब मैं वॉक कर सुबह आती थी तो वह कभी पौधों में पानी नहीं डालती थी। जब पुलिस ने हमें बंद किया था तब भी मुझे पौधे में पानी डालना होता था वरना वे मर जाते। एक तरफ पौधे अच्‍छे लगते हैं, लेक‍िन पौधों की देखरेख नहीं करनी। दूसरी तरफ बच्‍चे अच्‍छे लगते हैं, लेक‍िन बच्‍चे पैदा नहीं करना। खाना बनाना अच्‍छा लगता है, लेक‍िन वो भी नहीं।

इंदौर में शराब कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर एक करोड़ रुपये की उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए एक महिला शराब तस्कर, उसके बेटे, एक प्रॉपर्टी कारोबारी और इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हिरासत में लिया है। आरोप है कि गैंग कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की डिमांड कर रहा था। पूरे ऑपरेशन को पुलिस ने बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। देर रात तक पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और एडिशनल पुलिस कमिश्नर आरके सिंह मॉनिटरिंग करते रहे। मामले में अपराध शाखा और एमजी रोड थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
डीसीपी (क्राइम) राजेश त्रिपाठी के मुताबिक बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाले 45 वर्षीय शराब कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। कारोबारी शराब के साथ प्रॉपर्टी कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। उसकी कुछ वर्ष पहले द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से पहचान हुई थी। अलका अवैध शराब तस्करी से जुड़ी रही है और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि अलका ने कारोबारी की मुलाकात खंडवा-पीथमपुर निवासी लाखन चौधरी से करवाई थी। लाखन ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए देवास, धार, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी बिजनेस में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। कारोबारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया तो आरोपितों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।
फरियादी के मुताबिक कुछ समय पहले लाखन दोबारा मिला और धमकी भरे अंदाज में कहा कि अलका के साथ 50 प्रतिशत की साझेदारी करनी होगी, वरना परिणाम गंभीर होंगे। कारोबारी ने फिर भी उनकी बात नहीं मानी। करीब 20 दिन पहले कारोबारी किसी काम से सुपर कॉरिडोर क्षेत्र गया था। इसी दौरान अलका दीक्षित अपने बेटे जयदीप और लाखन के साथ वहां पहुंची। आरोप है कि तीनों ने कारोबारी के साथ मारपीट की और गोली मारने की धमकी दी।
आरोपितों ने कारोबारी को धमकाया कि यदि उसने साझेदारी और रकम नहीं दी तो उसके निजी फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए जाएंगे। गैंग ने एक करोड़ रुपये की मांग करते हुए कहा कि “ऐसा हाल करेंगे कि समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचोगे। इसके बाद कारोबारी ने सीधे पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। शिकायत मिलते ही अपराध शाखा ने गुपचुप तरीके से जाल बिछाया और सोमवार तड़के कार्रवाई कर अलका, उसके बेटे जयदीप और लाखन चौधरी को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ और मोबाइल जांच के दौरान मामले में बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा लगातार अलका के संपर्क में था। दोनों के बीच चैटिंग भी सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया कि कारोबारी के निजी वीडियो और फोटो अलका ने विनोद शर्मा को भेजे थे। आरोप है कि विनोद ने ही अलका को कारोबारी पर दबाव बनाने और धमकाने की सलाह दी थी।
एमजी रोड थाना प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया की टीम ने प्रधान आरक्षक विनोद शर्मा को राजेंद्र नगर स्थित सरकारी आवास से हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान उसके बेटे ने पुलिस से विवाद भी किया। पुलिस ने विनोद का मोबाइल और लैपटॉप जब्त कर लिया है। विनोद शर्मा पहले क्राइम ब्रांच, चंदन नगर और अन्नपूर्णा थाने में पदस्थ रह चुका है। फिलहाल वह इंटेलिजेंस शाखा में कार्यरत था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अलका दीक्षित पर 17 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पहले शराब तस्करी से जुड़ी थी, लेकिन बाद में ड्रग कारोबार में भी सक्रिय हो गई। पुलिस को आशंका है कि अलका और उसके साथी लंबे समय से लोगों को हनीट्रैप में फंसाकर उगाही कर रहे थे।फिलहाल पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर रही है
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में VIP दर्शन के नाम पर ठगी: कलेक्टर की अपील- सिर्फ shriomkareshwar.org वैधानिक वेबसाइट से ही लें पास
खंडवा। जिले के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं से VIP दर्शन के नाम पर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीते 8 दिनों में ऐसे दो मामलों का खुलासा हुआ है, जिससे मंदिर व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने कहा है कि ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है। लोगों से भी अपील है कि अनाधिकृत लोगों के झांसे में न आएं।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ठगी के मामलों की बात करें तो पहले मामले में मंदिर के कर्मचारियों द्वारा VIP दर्शन के बैंड दोबारा प्रिंट कर बेचने का मामला सामने आया। सीसीटीवी फुटेज और लिखित शिकायत के आधार पर गणेश वास्कले, नरेंद्र भास्कले, शुभम दुबे और चमन सिंह चौहान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि सूरत से आए श्रद्धालुओं के लिए जारी किए गए बैंड अनधिकृत रूप से नोएडा के यात्रियों को पहना दिए गए। वहीं, दूसरे मामले में ओडिशा से आए श्रद्धालुओं के साथ ऑनलाइन ठगी हुई।
आरोपी घनश्याम शर्मा ने VIP दर्शन कराने के नाम पर 17 श्रद्धालुओं से 6800 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। जब श्रद्धालु प्रोटोकॉल ऑफिस पहुंचे तब उन्हें ठगी का पता चला। श्रद्धालुओं का कहना है कि VIP दर्शन के नाम पर खुलेआम लूटपाट हो रही है और कुछ लोग भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की छवि भी खराब कर रहे हैं। इससे पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ठगी का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा।
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा कि ठगी के मामलों में कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि शीघ्र दर्शन पास केवल shriomkareshwar.org वेबसाइट से ही 300 रुपए में जारी किए जाते हैं। अनाधिकृत लोगों से संपर्क करने से बचें।
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20 मई को देशभर के मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद: ऑनलाइन दवा बिक्री-भारी डिस्काउंट पर रोक की मांग
भोपाल। ऑल इंडिया केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर 20 मई बुधवार को देशभर में केमिस्ट बंद रहेगा। मध्यप्रदेश के 41 हजार केमिस्ट भी इस बंद में शामिल होंगे। ऑनलाइन दवा बिक्री और भारी डिस्काउंट को लेकर केंद्र सरकार से रोक की मांग की गई है।
दरअसल, केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ई-फार्मेसी कंपनियां भारी डिस्काउंट देकर ऑफलाइन मेडिकल स्टोर का कारोबार खत्म कर रही हैं। साथ ही प्रतिबंधित दवाओं की भी ऑनलाइन बिक्री हो रही है, जो मरीजों के लिए खतरनाक है। इन मांगों को लेकर देशभर के 12 लाख से ज्यादा केमिस्ट 20 मई को बंद रखेंगे।
मध्यप्रदेश केमिस्ट एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल का कहना है कि हमारी साफ मांग है कि ऑनलाइन दवा बिक्री पर तुरंत रोक लगे, भारी डिस्काउंट बंद हो और प्रतिबंधित दवाओं की ऑनलाइन बिक्री पर सख्त कार्रवाई हो। सरकार सुन नहीं रही, इसलिए 20 मई को हम मजबूरन बंद कर रहे हैं। केमिस्ट संगठनों ने मरीजों से अपील की है कि वे जरूरी और नियमित दवाएं पहले से ले लें। आपातकालीन दवाओं के लिए अस्पतालों के अंदर स्थित मेडिकल स्टोर और पीएम जनऔषधि केंद्र खुले रहेंगे।

आवारा कुत्तों पर देश के शीर्ष न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने सुप्रीम फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर डॉग लवर्स और एनजीओ की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों के परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश नहीं बदलेगा। आवारा कुत्तों पर पुराना आदेश (2025 का) ही लागू रहेगा। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर भी विचार करने को कहा है। शीर्ष न्य़ायालय ने कहा कि खतरनाक और बीमार कुत्तों को इंजेक्शन लगाकर मारा जा सकता है। लोगों की जान की सुरक्षा बेहद जरूरी है। जो अफसर निर्देश न माने, उस पर अवमानना का केस चलाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद आवारा कुत्तों पर फिलहाल सुनवाई बंद कर दी गई है। कोर्ट ने कहा है कि वह 17 नवंबर को हर राज्य की कंप्लायंस रिपोर्ट देखेगा। सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के मामले में नाराजगी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से कहा कि उसके फैसले का सही से पालन नहीं किया गया। इसे वह कोर्ट की अवमानना के तौर पर देखता है।
जस्टिस विक्रमनाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि बच्चों, बुजुर्गों को कुत्ते काट रहे हैं। हम ऐसी स्थिति से आंखें नहीं मूंद सकते। उन्होंने कहा कि एनिमल वेलफेयर बोर्ड के SOP के खिलाफ सभी आवेदन हम खारिज कर रहे हैं। अदालत ने आवारा कुत्तों के पुनर्वास और नसबंदी को लेकर पहले दिए गए निर्देशों को वापस लेने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। बेंच ने कहा कि राज्यों को एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स का पालन करना चाहिए था। तब ऐसी स्थिति नहीं बनती। सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और इकोलॉजिकल बैलेंस का मामला है। देश के शीर्ष न्यायालय ने कहा कि हमारे 7 नवंबर, 2025 के आदेश का राज्यों ने सही से पालन नहीं किया। इसे अवमानना की तरह देखा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कुछ अहम निर्देशः-
राज्य और केंद्र शासित क्षेत्र ABC फ्रेमवर्क का पालन करें।
हर शहर में इसके लिए सेंटर हो।
कर्मचारियों को उचित ट्रेनिंग दी जाए।
एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाए।
NHAI हाई वे से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए कदम उठाए।
गौशाला बनाई जाए. इन्हें वहां भेजा जाए।
गंभीर रूप से बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर विचार हो।
हमारे आदेशों के पालन में कदम उठा रहे अधिकारियों को उनका काम करने दिया जाए. उनके खिलाफ कोई अदालत अपरिहार्य स्थिति में ही सुनवाई करे।
नवंबर 2025 में SC ने दिया था ये आदेश
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और नेशनल हाईवे अथॉरिटी को निर्देश दिया था कि वे सार्वजनिक जगहों जैसे अस्पताल, पार्क, रेलवे स्टेशन जैसी सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाकर उन्हें शेल्टर होम भेजें। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इन कुत्तों को एक बार नसबंदी हो जाने के बाद वापस उन्हीं इलाकों में नहीं छोड़ा जा सकता, जहां वो मिले थे। जस्टिस जेबी परदीवाला और आर महादेवन की बेंच ने दिल्ली-एनसीआर के अधिकारियों को आदेश दिया कि वे सड़कों से आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजें। इस काम में रुकावट डालने वालों पर अदालती कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई थी।
मामला 28 जुलाई 2025 को शुरू हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने देश में आवारा कुत्तों के हमलों और उनसे होने वाली मौतों पर स्वतः संज्ञान लिया था। 11 अगस्त 2025 को कोर्ट ने दिल्ली-NCR से 8 हफ्ते के भीतर सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में भेजने का आदेश दिया था।इसके खिलाफ विरोध होने पर 22 अगस्त 2025 को कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने कहा कि जिन कुत्तों में रेबीज नहीं है और जो आक्रामक नहीं हैं, उन्हें नसबंदी और टीकाकरण के बाद उसी इलाके में छोड़ा जा सकता है, जहां से पकड़ा गया था। बाद में मामले का दायरा पूरे देश तक बढ़ा दिया था।
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बाड़मेर कलेक्ट्रेट पर हंगामा, विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर पेट्रोल डालकर की आत्मदाह की कोशिश
बाड़मेर। गिरल लिग्नाइट माइंस के मजदूर 39 दिनों से धरने पर हैं। रोजगार और काम की शर्तों को लेकर आंदोलन जारी है। विधायक भाटी ने मजदूरों को समर्थन देते हुए चेतावनी दी थी। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने खुद को आग लगाने की कोशिश की।
मंगलवार को मजदूरों का बड़ा जत्था कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकला, जिसमें स्थानीय लोग और यूनियन के सदस्य शामिल थे। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए शहर में सुरक्षा बढ़ा दी थी। बीएसएफ गेट के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन मजदूर पैदल आगे बढ़ गए। माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया और नारेबाजी होने लगी। कलेक्ट्रेट के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे प्रशासन के सामने स्थिति संभालना मुश्किल बन गया। इसी बीच विधायक भाटी भी मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन में शामिल हुए।
कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद अचानक विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने माचिस जलाकर आत्मदाह की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद भाटी को तुरंत कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर ले जाया गया। घटना के बाद प्रशासन ने कलेक्ट्रेट के सभी गेट बंद कर दिए।
गिरल लिग्नाइट माइंस के बाहर पिछले 39 दिनों से मजदूर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बाद उन्हें रोजगार नहीं मिला। राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड पर वादाखिलाफी के आरोप लगाए जा रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि वर्षों से वे रोजगार के लिए भटक रहे हैं। आंदोलन धीरे-धीरे बड़ा रूप लेता जा रहा है और अब इसमें जनप्रतिनिधियों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है।
धरने पर बैठे मजदूरों की प्रमुख मांगों में 8 घंटे की ड्यूटी और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देना शामिल है। उनका कहना है कि कंपनी ने रोजगार देने का वादा किया था, जिसे अब पूरा नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर भी आवाज दबाने के आरोप लगाए हैं। विधायक भाटी ने कहा कि मजदूर अपने हक के लिए लड़ रहे हैं और पीछे नहीं हटेंगे।
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पंजाबी सिंगर इंदर कौर की हत्या... अपहरण के 6 दिन बाद नहर में मिला शव
पंजाब के लुधियाना में मशहूर पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर कौर की हत्या कर दी गई है। छह दिन पहले उनका गन प्वाइंट पर अपहरण किया गया था, जिसके बाद से परिवार और पुलिस उनकी तलाश में जुटे थे। अब उनका शव नीलो नहर से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने म्यूजिक इंडस्ट्री और स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है
पुलिस ने नीलो नहर से एक महिला का शव बरामद किया, जिसकी पहचान बाद में इंदर कौर के रूप में हुई। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए समराला सिविल अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग भी इस जघन्य हत्या को लेकर हैरानी जता रहे हैं।
मृतका के भाई जोतइंदर सिंह के अनुसार, 13 मई की रात करीब साढ़े आठ बजे इंदर कौर अपनी फोर्ड फिगो कार से बाजार राशन लेने के लिए निकली थीं। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटीं तो परिवार को चिंता हुई। परिजनों ने अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू की, लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और अपहरण की आशंका जताई गई।
परिवार ने मोगा जिले के गांव भलूर निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी लंबे समय से इंदर कौर पर शादी का दबाव बना रहा था। इंदर कौर ने शादी से साफ इनकार कर दिया था, जिससे आरोपी नाराज था। परिजनों के मुताबिक, इसी रंजिश के चलते आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपी सुखविंदर सिंह खास तौर पर कनाडा से पंजाब आया था। उसने अपने साथियों के साथ रास्ते में इंदर कौर को रोका और पिस्तौल की नोक पर अगवा कर लिया। इसके बाद हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दोबारा कनाडा फरार हो गया। इस खुलासे के बाद पुलिस पर भी दबाव बढ़ गया है।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 15 मई को ही सुखविंदर सिंह और उसके साथी करमजीत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई थी, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई। वहीं थाना जमालपुर के एसएचओ बलबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इंदर की मौत से परिवार और फैन्स सदमे में हैं। सोशल मीडिया पर इंदर की आखिरी पोस्ट की चर्चा हो रही है। 13 मई को सिंगर ने इंस्टाग्राम पर अपनी फोटो पोस्ट की थी। ब्राउन शर्ट, ग्लोइंग मेकअप में वो टशन दिखा रही हैं। तस्वीर शेयर कर उन्होंने हार्ट इमोजी बनाई थी। फैंस ने इंदर की इस पोस्ट पर कमेंट लिखकर उनकी आत्मा को शांति मिलने की दुआ की है। कई प्रशंसकों को इंदर कौर की मौत पर यकीन भी नहीं हो रहा है। इंदर की आखिरी पोस्ट देखकर लोगों की आंखें नम हो रही हैं।

खरगोन। खरगोन जिले के बड़वाह नगर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। जयंती माता रोड स्थित CISF की सुरक्षा बाउंड्री वॉल में लगा नुकीला सरिया एक किशोर के गले को चीरते हुए मुंह से बाहर निकल गया। गंभीर रूप से घायल लड़के को प्राथमिक इलाज के बाद इंदौर रेफर किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, वार्ड क्रमांक 2 निवासी किशोर टैटू (16) पिता बलराम अन्य बच्चों के साथ सड़क पर खेल रहा था। इसी दौरान खेलते समय एक बच्चे की चप्पल सड़क किनारे बनी CISF की ऊंची सुरक्षा दीवार के उस पार जा गिरी। बच्चों की जिद पर टैटू चप्पल लेने के लिए दीवार के दूसरी ओर उतरा और चप्पल वापस फेंक दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वापस लौटते समय वह दीवार पर चढ़ रहा था, तभी पैर फिसलने से उसका संतुलन बिगड़ गया और दीवार में लगा नुकीला सरिया उसके गले और जबड़े को चीरता हुआ मुंह से बाहर निकल आया। घटना देखते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय रहवासियों महेश बृजवासी और नन्नी बाई ने बताया कि हादसे के बाद लोगों ने करीब एक घंटे तक मशक्कत कर कटर मशीन की मदद से सरिए को काटा। इसके बाद मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस की सहायता से घायल बालक को बड़वाह सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद लोग सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

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बड़ी कार्रवाईः अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन का एक्शन, लगाया 6 करोड़ का जुर्माना
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले में अवैध उत्खनन (Illegal Mining) और खनिजों के अवैध परिवहन पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों पर भारी-भरकम जुर्माना ठोका है।
माइनिंग विभाग (Mining Department) द्वारा कलेक्टर न्यायालय में दर्ज कराए गए कुल 96 प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया गया है। इन सभी मामलों को मिलाकर कुल 6 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। एक अकेले मामले में ₹40 लाख से ज्यादा की पेनाल्टी लगाई गई है। कार्रवाई की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ एक विशिष्ट प्रकरण में ही दोषियों पर 40 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। यह बड़ी कार्रवाई अभिलाष तिवारी एवं अन्य के खिलाफ दर्ज मामलों में की गई है।
बता दें कि खनिज विभाग द्वारा अवैध उत्खनन और परिवहन का यह मुख्य मुकदमा साल 2022 में दर्ज करवाया गया था, जिस पर लंबे समय से कलेक्टर कोर्ट में सुनवाई चल रही थी।
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डीएवीवी आईईटी में फाइनल ईयर के छात्रों ने मचाया हंगामा, हॉस्टल में की तोड़फोड़
इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय का इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी आईईटी फिर सुर्खियों में है। आईईटी के बीटेक फाइनल ईयर के हॉस्टलर छात्रों ने पार्टी के बाद जमकर उत्पात मचाया। इन भावी इंजीनियरों ने अर्द्धनग्न होकर हॉस्टल के फर्नीचर, खिड़कियों के कांच, पानी के स्टोरेज टैंक तोड़ दिए। घटना से नाराज डीएवीवी प्रशासन ने इन सभी हॉस्टलर छात्रों के रिजल्ट रोकने और प्लेसमेंट को होल्ड करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा इन छात्रों पर भारी जुर्माना लगाने की भी बात कही है।
दरअसल रामानुजन हॉस्टल में बीटेक फाइनल ईयर के छात्रों ने कॉलेज का कोर्स पूरा होने के उपलक्ष्य में पार्टी रखी थी। पार्टी में जमकर नाच गाना हुआ। जानकारी के मुताबिक इस दौरान यहां जमकर नशाखोरी भी हुई। नशे के बाद इन छात्रों ने यहां जमकर उत्पात मचाया। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्टूडेंट देर रात तक जश्न मनाते, नाचते झूमते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही एक वीडियो में ये छात्र फर्नीचर, पानी के स्टोरेज टैंक, टेबल कुर्सी को तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं। यह उत्पात तड़के 4 बजे तक चला।
मामले का खुलासा होने के बाद डीएवीवी प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। जिस तरह से नशे में चूर ये छात्र तोड़फोड़ कर रहे हैं वैसा इससे पहले कभी नहीं हुआ। डीएवीवी ने आईईटी निदेशक डॉ प्रतोष बंसल को मामले की रिपोर्ट देने को कहा है। डॉ बंसल ने घटना के बाद हॉस्टल का जायजा भी लिया। सभी कमरों की खिड़कियों के कांच टूटे मिले। पार्टी के लिए लाये गए डीजे प्लेयर, डेकोरेशन और अन्य सामग्री मिली। तोड़े गए फर्नीचर, सामान के अवशेष यहां से गायब कर दिए गए।
निदेशक डॉ बंसल ने कहा कि इस घटना से सभी हैरान हैं। इसकी जानकारी कुलगुरु प्रो राकेश सिंघई, रजिस्ट्रार प्रज्वल खरे को दे दी गई है। प्रथम दृष्टया इस घटना के चलते हॉस्टलर छात्रों का रिजल्ट रोका जाएगा, जिन छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है उनकी कंपनियों को इस घटना की जानकारी दी जाएगी। फिलहाल इनका प्लेसमेंट होल्ड किया गया है। शासकीय संपत्ति को नुकसान करने के कारण छात्रों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। माता पिता को बुलाकर घटना की जानकारी दी जाएगी।
बता दें कि हॉस्टल के छात्रों की ये पार्टी शनिवार शाम से शुरू होकर रविवार तड़के 4 बजे तक चली। इस दौरान कई छात्र कथित रूप से नशे का सेवन करते हुए भी नजर आए जबकि हर हर तरह का मादक पदार्थों, नशे के प्रति डीएवीवी की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। ऐसे में जांच का विषय है कि छात्रों तक नशा कैसे पहुंचा या छात्र हॉस्टल में नशा, शराब लेकर आए। निदेशक डॉ प्रतोष बंसल ने घटना की जानकारी के साथ ही नशाखोरी की आशंका से इंकार नहीं किया।

धार. मध्य प्रदेश के धार जिले के शिक्षा विभाग में उस समय हड़कंप मच गया, जब समग्र शिक्षा केन्द्र के जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने 1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप कर लिया. आरोपी पर निर्माणाधीन शौचालयों के कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के एवज में करीब 17 लाख रिश्वत मांगने का आरोप है.
लोकायुक्त इंदौर से मिली जानकारी के अनुसार आवेदक दिलीप साधव, प्रभारी सहायक यंत्री, जिला शिक्षा केन्द्र धार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत जिले के विभिन्न शासकीय विद्यालय परिसरों में 122 शौचालयों के निर्माण के लिए लगभग 3.42 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है. इन निर्माण कार्यों की निगरानी आवेदक द्वारा की जा रही थी.
शिकायत में बताया गया कि जिला परियोजना समन्वयक प्रदीप कुमार खरे द्वारा कार्य पूर्ण होने से पहले ही पूर्णता प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन के रूप में 17 लाख रिश्वत की मांग की जा रही थी. मामले की शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की गई. सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने के बाद रविवार 18 मई 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया.
लोकायुक्त टीम ने आरोपी प्रदीप कुमार खरे को रिश्वत की पहली किश्त 1 लाख लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत कार्रवाई जारी है. कार्रवाई में कार्यवाहक निरीक्षक सचिन पटेरिया, कार्यवाहक प्रआर आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, कमलेश परिहार, मनीष माथुर, श्रीकृष्ण अहिरवार एवं प्रभात मोरे शामिल रहे.
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150 पुलिसकर्मी, 200 CCTV फुटेज और 10 हजार का इनाम… MP से अगवा हुई बच्ची झारखंड से दस्तयाब
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली से दो साल की मासूम के अपहरण की घटना ने सनसनी फैला दी थी। फरियादी की सूचना पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई। करीब 10 टीमें, 150 से ज्यादा पुलिसकर्मी और साइबर सेल को बालिका की तलाश में लगाया गया। 10 हजार का इनाम भी घोषित किया गया। वहीं 36 घंटे बाद पुलिस ने बच्ची को झारखंड से सकुशल दस्तयाब कर लिया है। साथ ही आरोपी को भी गिरफ्तार किया है।
दरअसल, सिंगरौली के बैढ़न क्षेत्र स्थित बस स्टैंड से दो साल की मनीषा सिंह गोंड का अपहरण हो गया था। फरियादी अर्जुन सिंह की सूचना पर पुलिस ने तत्काल धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में करीब 10 टीमें, 150 से अधिक पुलिसकर्मी और साइबर सेल को बालिका की खोज में लगाया गया। वहीं 10,000 का इनाम भी घोषित किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्ध की गतिविधियों को ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि आरोपी बालिका को लेकर माजन मोड़, नौगढ़ होते हुए झारखंड की ओर फरार हुआ है। स्थानीय ऑटो चालकों, बस कंडक्टरों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान विनोद महतो, निवासी झारखंड के रूप में हुई।
इसके बाद सिंगरौली पुलिस की विशेष टीम ने झारखंड में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और मासूम बालिका को सकुशल बरामद कर लिया। मात्र 36 घंटे के भीतर इस पूरे ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है। यह कार्रवाई “मुस्कान अभियान” के तहत सिंगरौली पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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जमीनी विवाद : गांव में घुसकर एक दर्जन से अधिक लोगों ने की फायरिंग, मची सनसनी
डबरा(ग्वालियर) पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम सहोना में जमीनी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि एक दर्जन से अधिक लोगों ने गांव में पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार विवाद जमीन को लेकर था, जिसके चलते एक पक्ष ने कई राउंड गोलियां चलाईं।
फायरिंग के दौरान कुछ लोगों को गोलियों के छर्रे भी लगे हैं। इस घटना में भाजपा नेता पूर्व मंडल अध्यक्ष अमरेश शर्मा के भी हाथ में गोली लगी है। साथ ही उनके भाई श्रीनिवास शर्मा को भी लगी है। वहीं गांव के करीब 10 से 15 मकानों पर गोलियों के निशान देखे गए हैं।
घटना के बाद गांव में भय का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा हे कि जमीनी विवाद को लेकर मंजीत पूरी,अरुण जाट,दिलीप जाट,अनिकेत जाट इन लोगों पर फायरिंग का आरोप लगा है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है और एक आरोपी को हिरासत में भी लिया है।

प्रमुख समाचार

आवारा कुत्तों पर देश के शीर्ष न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने सुप्रीम फैसला सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर डॉग लवर्स और एनजीओ की सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक संस्थानों के परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश नहीं बदलेगा। आवारा कुत्तों पर पुराना आदेश (2025 का) ही लागू रहेगा। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर भी विचार करने को कहा है। शीर्ष न्य़ायालय ने कहा कि खतरनाक...

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नर्मदापुरम। पुलिस ने पिपरिया के इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी सचिन जायसवाल से 5 लाख की फिरौती मांगने और उनकी दुकान पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले अंतर जिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक अंग्रेजी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। यह पूरी वारदात बड़वानी जेल में बंद कुख्यात बदमाश रज्जू पूर्विया के इशारे पर रची गई थी। रज्जू ने जेल से ही जीतू ठाकुर...

अपराध

इंदौर में शराब कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर एक करोड़ रुपये की उगाही करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए एक महिला शराब तस्कर, उसके बेटे, एक प्रॉपर्टी कारोबारी और इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हिरासत में लिया है। आरोप है कि गैंग कारोबारी के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करोड़ों रुपये की डिमांड कर रहा था। पूरे ऑपरेशन को पुलिस ने बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। देर रात तक पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह और...
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गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़)  गुना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और उनकी टीम द्वारा अवैध घातक हथियार तस्‍करी के विरुद्ध बडी कार्यवाही करते हुए उत्तरप्रदेश का तस्कर गिरफ्तार कर जिससे 03 अवैध देशी कट्टे एवं जिंदा राउण्ड बरामद करने में कामयाबी हासिल की गई है । 19 मई 2026 की रात गुना कोतवाली थाना पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि जज्जी बसस्टेंड स्थित रेन बसेरा के पास एक युवक अपने थैले में अवैध हथियार लेकर उन्हें बेचने की फिराक में बैठा...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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