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जबलपुर. धनतेरस की रात गोहलपुर थाना क्षेत्र के गाजी नगर झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगने से करीब 50 झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं. रात करीब 2 बजे लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और एक के बाद एक झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया. सूचना पर पहुंचे 13 दमकल वाहनों ने रातभर आग बुझाने के प्रयास किए. सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका. हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई परिवारों का आशियाना और घर-गृहस्थी का सामान पूरी तरह तबाह हो गया.
लेमा गार्डन के पास गाजी नगर मैदान में करीब 350 झुग्गियां हैं. आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास की झोपड़ियां भी इसकी चपेट में आती चली गईं. सूचना मिलते ही पुलिस, नगर निगम, बिजली कंपनी (एमपीबी) और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं. दमकल वाहनों और टैंकरों का पानी खत्म होने पर उन्हें दोबारा भरकर घटनास्थल भेजा जाता रहा. एहतियात के तौर पर बिजली कंपनी ने इलाके की विद्युत आपूर्ति भी बंद कर दी थी. फायर ब्रिगेड कर्मचारी ओमप्रकाश श्रीवास्तव के मुताबिक, दमकल टीम ने काफी हद तक आग पर नियंत्रण पा लिया था. शेष हिस्से में भी आग बुझाने के प्रयास जारी रहे. सुबह तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.
आग में अपनी झोपड़ी गंवाने वाली शबनम ने बताया कि रात में लोगों ने आवाज लगाकर उन्हें आग लगने की सूचना दी. जब वह घर से बाहर निकलीं तो चारों तरफ आग फैली हुई थी. देखते ही देखते उनकी झोपड़ी भी जलकर राख हो गई. घर में रखा अनाज, नकदी, मोबाइल और रोजमर्रा का सामान कुछ भी नहीं बचा. उन्होंने बताया कि वह पिछले 50 साल से यहां रह रही थीं. इतने वर्षों की मेहनत और गृहस्थी एक ही रात में खत्म हो गई. अब कहां जाएं, कैसे रहें और परिवार के लिए खाने-पीने का इंतजाम कैसे करें, यही चिंता सता रही है.
पूर्व पार्षद ताहिर अली ने बताया कि उन्हें रात करीब 2:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंचकर उन्होंने नगर निगम और पुलिस को जानकारी दी. उन्होंने शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताते हुए बताया कि बस्ती में पहले भी कई बार आग लग चुकी है. सीएसपी अखिलेश गौर के अनुसार, पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली. नगर निगम की दमकल टीम आग बुझाने और राहत-बचाव कार्य में जुटी रही. शुरुआती जानकारी में 30 से 35 परिवारों के प्रभावित होने की बात सामने आई थी. आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का वास्तविक आकलन हो सकेगा.
आग में घर गंवाने वाले परिवार फिलहाल बस्ती में ही खुले आसमान के नीचे समय बिता रहे हैं. आसपास के लोगों, परिचितों और रिश्तेदारों के सहारे उनकी रात गुजर रही है. स्थानीय पार्षद और अन्य नेताओं ने पीड़ित परिवारों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने की बात कही है. हालांकि, उनके रहने और पुनर्वास के लिए फिलहाल कोई ठोस व्यवस्था सामने नहीं आई है. नगर निगम के मुताबिक, आग लगने की शुरुआती वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है. हालांकि, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग सबसे पहले किस स्थान और किस झोपड़ी में लगी थी. घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई परिवारों की पूरी गृहस्थी उजड़ गई.

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26 साल पुराने हत्याकांड में हाईकोर्ट का फैसला: भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष समेत 3 दोषियों की उम्रकैद बरकरार
शिवपुरी। शिवपुरी जिले के रन्नौद क्षेत्र में 26 साल पहले हुए बहुचर्चित दिनेश तिवारी हत्याकांड में ग्वालियर हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक और बड़ा फैसला सुनाया है। उच्च न्यायालय ने रन्नौद के पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित तीनों दोषियों की अपील को सिरे से खारिज करते हुए उनकी आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा को बरकरार रखा है। इसके साथ ही कोर्ट ने तीनों दोषियों की जमानत तत्काल प्रभाव से निरस्त कर उन्हें ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने के आदेश दिए हैं।
ग्वालियर हाईकोर्ट की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत द्वारा दी गई सजा को सही ठहराया है। हाईकोर्ट ने मुख्य आरोपी व पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष अवध बोहरे, ऋषि उपाध्याय और नरहरी बोहरे की उम्रकैद की सजा को कायम रखा है। कोर्ट ने तीनों दोषियों की जमानत याचिका निरस्त करते हुए उन्हें बिना किसी देरी के संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण (Surrender) करने और जेल जाकर अपनी शेष सजा काटने के निर्देश जारी किए हैं।
इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही 26 वर्षों से इंसाफ का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। रन्नौद में 18 मई 2000 को दिनेश तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड से पूरे जिले में भारी आक्रोश और सनसनी फैल गई थी।
मामले की सुनवाई करते हुए विचारण न्यायालय (ट्रायल कोर्ट) ने 22 जून 2005 को अवध बोहरे, ऋषि उपाध्याय और नरहरी बोहरे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दोषियों ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। लेकिन 26 साल लंबे कानूनी सफर के बाद भी हाईकोर्ट से दोषियों को कोई राहत नहीं मिली और उन्हें अब दोबारा सलाखों के पीछे जाना होगा।
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दिलजीत के इंदौर कॉन्सर्ट पर प्रशासन का शिकंजा ! गानों से लेकर बंदूक की गोलियों वाली बेल्ट तक पर आपत्ति
इंदौर। शहर में दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को लेकर विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। धमकी भरे ईमेल और सियासी बयानबाजी के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर भी कॉन्सर्ट की तैयारियों को लेकर सख्ती दिखाई दे रही है। जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला बाल संरक्षण अधिकारी की ओर से C21 मॉल प्रबंधन को पत्र जारी किया गया है। इसमें दिलजीत के लाइव शो के दौरान कुछ खास गाने नहीं गाने, बच्चों को स्टेज पर नहीं बुलाने और सीने पर नकली कारतूसों वाली बेल्ट पहनकर प्रस्तुति नहीं देने को सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
यह पत्र 6 नवंबर 2026 को जारी किया गया है। इसमें 15 नवंबर को ग्राउंड में होने वाले कॉन्सर्ट का हवाला देते हुए बच्चों की सुरक्षा और उन पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर आपत्ति जताई गई है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी के पत्र में दिलजीत दोसांझ के चार गानों का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इनमें ‘Patiala Pegg’, ‘5 Taara Theeke’, ‘Jeeb Vicho Labbya’ और ‘Jatt Uthe Fire Karda Jithe Pabandi Hathiyara Di’ शामिल हैं। पत्र में कहा गया है कि इन गानों में शराब, नशे और हथियारों को बढ़ावा देने वाले संदर्भ हैं। यहां तक कि गानों के बोल बदलकर या ट्विस्ट करके भी इन्हें गाने की अनुमति नहीं देने की मांग की गई है। इसके पीछे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का हवाला दिया गया है। पत्र के मुताबिक, हाईकोर्ट ने बच्चों पर शराब, नशे और हिंसा का महिमामंडन करने वाले गीतों के प्रभाव को लेकर निर्देश दिए थे।
पत्र में दिलजीत के कॉन्सर्ट की शर्तों का हवाला देते हुए बताया गया है कि पांच साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों को कार्यक्रम में प्रवेश की अनुमति है। इसी आधार पर बच्चों को स्टेज पर बुलाने को लेकर आपत्ति जताई गई है। पत्र में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के ध्वनि स्तर संबंधी दिशानिर्देशों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि तेज आवाज बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकती है। इसमें दावा किया गया है कि लाइव शो के दौरान आवाज 120 डेसीबल से अधिक हो सकती है। इसके अलावा स्टेज पर इस्तेमाल होने वाली फ्लैशिंग लाइट्स, बीम और स्पेशल इफेक्ट्स को लेकर भी चिंता जताई गई है। पत्र में कहा गया है कि तेजी से चमकने वाली लाइट्स बच्चों में दौरे पड़ने का कारण बन सकती हैं। इसी आधार पर बच्चों को स्टेज पर नहीं बुलाने की बात कही गई है।
इस पत्र का सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाला हिस्सा दिलजीत के स्टेज लुक को लेकर है। इसमें उनके सीने पर क्रॉस के आकार में पहनी जाने वाली दो सिल्वर बुलेट बेल्ट या नकली धातु के कारतूसों को लेकर आपत्ति जताई गई है। पत्र में इसे बंदूक के इशारे और हिंसक प्रतीक के रूप में बताया गया है। आशंका जताई गई है कि इस तरह का पहनावा दर्शकों के व्यवहार पर असर डाल सकता है और हिंसक प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकता है। इसी आधार पर C21 मॉल प्रबंधन से कहा गया है कि 15 नवंबर के लाइव शो के दौरान दिलजीत दोसांझ ऐसी बुलेट बेल्ट या नकली कारतूसों के साथ प्रस्तुति न दें।
दस्तावेजों के मुताबिक, चंडीगढ़ निवासी डॉ. पंडितराव धरेनवर ने 1 नवंबर 2026 को इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी को पत्र लिखा था। उन्होंने दिलजीत के कॉन्सर्ट में कुछ गानों, बच्चों को स्टेज पर बुलाने और बुलेट बेल्ट पहनने पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने 6 नवंबर को C21 मॉल के मैनेजर को पत्र जारी किया। इसकी प्रतिलिपि इंदौर कलेक्टर, संबंधित राजस्व अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक और थाना विजय नगर प्रभारी को भी भेजी गई है।
दिलजीत दोसांझ का इंदौर कॉन्सर्ट पहले ही धमकी भरे ईमेल और राजनीतिक बयानबाजी के कारण चर्चा में है। अब प्रशासनिक पत्र सामने आने के बाद कार्यक्रम को लेकर एक और बहस शुरू हो गई है। एक तरफ कलाकार के कार्यक्रम और दर्शकों की सुरक्षा का सवाल है, तो दूसरी तरफ बच्चों की मौजूदगी, गानों के बोल, तेज आवाज और स्टेज पर इस्तेमाल होने वाले प्रतीकों को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या C21 मॉल प्रबंधन इन निर्देशों के पालन के लिए आयोजकों को औपचारिक रूप से सूचित करेगा? क्या दिलजीत के शो की प्रस्तुति में गानों और पहनावे को लेकर बदलाव होंगे? और क्या पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को प्रवेश देने के बावजूद उन्हें स्टेज से दूर रखा जाएगा? 15 नवंबर को होने वाले इस कॉन्सर्ट से पहले इंदौर में दिलजीत के गानों से ज्यादा अब उन पर लगाई जा रही पाबंदियों की चर्चा हो रही है।

जबलपुर. त्योहार के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर सीट उपलब्ध कराने के बदले रुपए लेने के आरोप में पश्चिम मध्य रेलवे के तीन टीटीई को निलंबित किया गया है. शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने ओवरनाइट एक्सप्रेस और हावड़ा मेल में अचानक जांच की. इस दौरान तीनों टीटीई के पास निर्धारित हिसाब से 18 हजार रुपए अधिक मिले.
निलंबित टीटीई में राजेश कुमार, उदयराज कुशवाहा और सीटीआई वीके सिन्हा शामिल हैं. बताया जा रहा है कि दीपावली के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने और कंफर्म टिकट नहीं मिलने से सीटों की मांग बढ़ गई है. आरोप है कि कुछ टीटीई इसी स्थिति का फायदा उठाकर यात्रियों से सीट उपलब्ध कराने के बदले रकम ले रहे थे.
ट्रेनों में सीट दिलाने के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने निगरानी तेज कर दी थी. इसी क्रम में शुक्रवार को ओवरनाइट एक्सप्रेस और हावड़ा मेल में औचक जांच की गई. जांच के दौरान तीनों टीटीई के पास निर्धारित राशि से 18 हजार रुपए अधिक पाए गए.
विजिलेंस टीम ने तीनों के खिलाफ प्रकरण तैयार कर रेल मंडल को सौंपा. इसके बाद डीआरएम ने उन्हें निलंबित कर दिया. सीनियर डीसीएम शशांक गुप्ता ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि तीन टीटीई के पास निर्धारित हिसाब से अधिक रकम मिलने पर निलंबन किया गया है. मामले की आगे जांच की जा रही है.
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नकली करेंसी कारोबार का भंडाफोड़, 8.71 लाख की रकम के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार
शहडोल। जिले में नकली भारतीय करेंसी के कारोबार पर शहडोल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। खैरहा पुलिस ने 8 लाख 71 हजार 700 रुपये की नकली करेंसी के साथ 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1,803 नकली नोट, एक प्रिंटर और एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
6 नवंबर को थाना खैरहा पुलिस को नकली करेंसी के लेनदेन की सूचना मिली। सूचना पर ग्राम छिरहटी के पास घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया। तलाशी में उनके बैग से नकली नोट बरामद हुए। जब्त करेंसी में 500 रुपये के 1,702 नोट और 200 रुपये के 101 नोट शामिल हैं।
कुल 1,803 नोट कीमत 8,71,200 रुपये है। इसके अलावा नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर और होंडा एसपी साइन मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। इस तरह से कुल मशरूका 9 लाख 21 हजार 700 रुपये जब्त किया गया।
थाना खैरहा में बीएनएस की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। वहीं फरार आरोपितों की तलाश जारी है।
आरोपितों में शरद सिंह मरावी निवासी नौगुला राजेन्द्रग्राम जिला अनूपपुर,अरविन्द सिंह 28 वर्ष निवासी अर्झली थाना खैरहा जिला शहडोल, मनीष कुमार 33 वर्ष निवासी डिण्डौरी,अनिल कुमार उरैती 36 वर्ष निवासी लालपुर थाना गाड़ासरई डिण्डौरी एवं नन्हे सिंह मरकाम 54 वर्ष निवासी बोंदर थाना गाड़ासरई डिण्डौरी शामिल हें।
एसडीओपी धनपुरी विकास पाण्डेय के नेतृत्व में थाना प्रभारी खैरहा उप निरीक्षक उमाशंकर चतुर्वेदी एवं खैरहा पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की है।
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संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी पर दबिश, 8 लोगों पर FIR दर्ज, निवेशकों को किया अलर्ट
इंदौर। विजय नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सावित्री एम्पायर बिल्डिंग स्थित एक संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी के कार्यालय पर दबिश की। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आई। जिसके बाद संचालिका सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसकी जानकारी एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने कार्रवाई की जानकारी दी है।
दरअसल, विजय नगर पुलिस की टीम ने सावित्री एम्पायर बिल्डिंग स्थित कार्यालय नंबर 503 की जांच की थी। राजेश दंडोतिया ने बताया कि कार्यालय के बाहर डी. साहू कंपनी का बोर्ड लगा हुआ था, जबकि अंदर जेपी वेल्थ रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड का संचालन होना रहा था। स्टाफ मेमर्स लोगों को निवेश संबंधित एडवाइजरी देते हैं और फ्रॉड करते थे।
जांच के दौरान कंपनी की ओर से प्रस्तुत प्रमाणपत्रों में जयपुर का पता दर्ज मिला। पुलिस ने इंदौर स्थित कार्यालय के संचालन और कर्मचारियों के सत्यापन से जुड़े दस्तावेज मांगे। लेकिन कंपनी प्रबंधन उन्हें प्रस्तुत करने में विफल रही।
विजय नगर पुलिस ने अनियमितताओं के ध्यान में रखते हुए कंपनी की संचालिका सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही विभिन्न पहलुओं को लेकर जांच शुरू कर दी है।
एडिशनल डीसीपी ने कहा कि, “कुछ ऐसी निवेश कंपनियां है, जो इनवेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी को अंजाम दे सकती हैं। इसलिए सावधान रहना जरूरी है।” उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि निवेश से पहले किसी भी कंपनी के पंजीयन और अधिकृत दस्तावेजों की जांच करें। नागरिकों को शेयर ट्रेडिंग और अन्य गारंटीड मुनाफे के लालच में न आने की सलाह दी है।

FDA Big Action In Maharashtra: Zepto-Blinkit समेत 105 फूड आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। दिवाली से पहले महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर ये बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा को लेकर मुंबई में 28 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई, जबकि राज्य के सात आउटलेट्स को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो वाहनों को भी जब्त किया गया।
FDA ने 4 और 5 नवंबर को राज्यभर में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। कार्रवाई की जद में क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म झेपटो के वर्ली आउटलेट और ब्लिंकिट(Blink Commerce Pvt Ltd) भी आए हैं। इसके अलावा बिरयानी बाय किलो, टॉसिन पिझा के वर्ली आउटलेट और जंबो बर्गर जैसे फूड आउटलेट्स पर भी कार्रवाई की गई है।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए FDA ने महाराष्ट्र में सात प्रतिष्ठानों को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। इनमें पुणे के तीन, अमरावती के दो और मुंबई व कोंकण क्षेत्र के एक-एक प्रतिष्ठान शामिल हैं। मुंबई के बोरीवली स्थित राजधानि बिरयानी सेंटर को FSSAI नियमों के उल्लंघन के चलते बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, नागपुर के कामठी रोड स्थित D-Mart आउटलेट पर भी कार्रवाई हुई। यहां लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर रिफाइंड सोयाबीन तेल जब्त किया गया। दिवाली से पहले चलाए गए इस अभियान में FDA ने 69 से अधिक प्रतिष्ठानों से 1.35 करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य का खाद्य स्टॉक जब्त किया है। अधिकारियों को इस स्टॉक के असुरक्षित या मिलावटी होने का संदेह है। इसके अलावा प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान तीन FIR दर्ज की गईं है।
महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने साफ चेतावनी दी है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री से किसी व्यक्ति की मौत होने की स्थिति में कानून के तहत आजीवन कारावास और 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
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CM विजय का दिवाली पर तमिलनाडु के छात्रों को तोहफा; मुफ्त मिलेगा लैपटॉप, 2000 करोड़ जारी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने कॉलेज छात्रोंयों के लिए ‘वेत्री लैपटॉप योजना’ लागू करने का निर्देश दिया है. लैपटॉप की खरीद और आपूर्ति की जिम्मेदारी सरकारी कंपनी ELCOT को सौंपी गई है. TVK सरकार ने इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया है. यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित की गई थी. योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.
सरकार के मुताबिक, योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने और इसकी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई जाएगी.
तमिलनाडु के सीएम विजय ने छात्रों को मुफ्त लैपटॉप देने की योजना लागू करने के आदेश दिए हैं. इस योजना का नाम ‘वेट्री लैपटॉप योजना’ रखा गया है. CM विजय के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया जाएगा। इस योजना के लिए सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.
राज्य सरकार ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया कि सरकारी और राज्य सरकार से सहायता प्राप्त कॉलेजों में चिकित्सा, कृषि और कानून सहित विभिन्न विषयों की पढ़ाई कर रहे स्नातक पाठ्यक्रमों के प्रथम और द्वितीय वर्ष तथा डिप्लोमा के छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा.
वेट्री लैपटॉप योजना के दायरे में आर्ट, साइंस इंजीनियरिंग, चिकित्सा, पशु चिकित्सा विज्ञान, कृषि, मत्स्य पालन और कानून जैसे पाठ्यक्रमों के छात्र आएंगे. इसके अलावा पॉलिटेक्निक और आईटीआई में पढ़ने वाले छात्रों को भी इसका फायदा दिया जाएगा.
इसके अलावा, यह योजना उन छात्रों तक भी बढ़ाई जाएगी जो 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के दौरान इस मुफ्त लैपटॉप योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे, और जो अब सरकारी या राज्य-सहायता प्राप्त संस्थानों में अपने प्रोफेशनल कोर्स के तीसरे या चौथे वर्ष में हैं.
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‘बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थी’, सोनिया गांधी ने इमरजेंसी को लेकर भी खोले कई राज
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक ब्रिटिश अखबार को दिए एक इंटरव्यू में अपनी यादें और विचार साझा करते हुए कई खुलासे किये. ‘बाबरी ढांचा गिरते देख रो पड़ी थी’, सोनिया गांधी के इस बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है. एक इंटरव्यू में कांग्रेस नेता ने बताया कि उन्होंने टीवी पर बाबरी मस्जिद विध्वंस देखा था और वह रो पड़ी थीं. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इमरजेंसी को भी लेकर बड़ा बयान दिया है.
सोनिया ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बचाव करते हुए कहा कि उस वक्त देश में हिंसक प्रदर्शन, आगजनी और व्यापक अशांति के बीच वह हालात संभालने की कोशिश कर रही थीं.
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक इंटरव्यू में कहा है कि 1992 में विवादित बाबरी ढांचा गिराने की घटना को टेलीविजन पर गिरते देखकर वह रो पड़ी थी. उन्होंने टीवी पर 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस देखा था. उन्होंने इसे धर्मनिरपेक्ष भारत के लिए लंबी लड़ाई की शुरुआत बताया.
सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी अपनी पार्टी की नाकामियों ने भी BJP और उसकी कट्टर हिंदुत्व राजनीति के उदय में कुछ हद तक योगदान दिया. उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें तुरंत इस बात का अहसास हो गया था कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और उनके साथियों द्वारा बनाए गए धर्मनिरपेक्ष भारत के अस्तित्व को बचाने के लिए अब एक लंबी और कठिन लड़ाई लड़नी होगी.
वहीं, इंदिरा गांधी द्वारा इमरजेंसी लगाने पर सोनिया गांधी कहती हैं कि इस फैसले पर परिवार बंटा हुआ था. राजीव इस कदम के खिलाफ थे, उन्होंने अपनी मां से अगले चुनाव तक इंतजार करने को कहा. सोनिया गांधी ने कहा कि उस समय संजय का अपनी मां पर जबरदस्त असर लोगों के बीच बहस का एक बड़ा कारण था. सोनिया गांधी ने कहा कि इससे परिवार के अंदर भी तनाव बढ़ गया था.
उन्होंने माना कि इंदिरा का इमरजेंसी लगाना एक गलती थी, और उनका मानना ​​है कि उनकी सास को भी ऐसा ही लगा. वह कहती हैं, मुझे हमेशा लगता है कि इंदिरा गांधी दिल से डेमोक्रेट थीं. मुझे पता है कि कई लोग इस पर हंसेंगे.

सतना। एक सराफा व्यापारी के घर बड़ी चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक सभापुर थाना क्षेत्र के वीर सिंहपुर में रहने वाले व्यापारी दीपू सोनी चांदी के जेवरों की चोरी कर ली गई है। व्यापारी अपनी पत्नी के साथ जबलपुर गए हुए थे और जब वापस लौटे तो चोरी की जानकारी लगी।
जानकारी के मुताबिक घर लौटने पर जब मुख्य दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसी की छत से घर के पीछे की तरफ देखने पर आधा दरवाजा खुला हुआ दिखाई दिया। इसके बाद कर्मचारी छत के रास्ते घर में दाखिल हुए तो चोरी का खुलासा हुआ। पुलिस इस मामले में जांच पड़ताल कर रही है।
जब कर्मचारी पड़ोसी की छत से घर में दाखिल हुआ तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने के बाद जब व्यापारी और उनकी पत्नी अंदर पहुंचे तो दीवान और अलमारी में रखे हुए सोने चांदी के सारे जेवर गायब मिले। घर में कुछ भी तोड़फोड़ नहीं की गई थी और ना ही सामान बिखरा हुआ था। व्यापारी ने इन जेवरों की कीमत डेढ़ करोड़ रुपए बताई है।
व्यापारी ने बताया कि नीचे उनकी ज्वेलरी शॉप है और ऊपर मकान बना हुआ है। 5 तारीख को वह अपनी पत्नी के साथ लौटे तो बाहर के कमरे का दरवाजा नहीं खुल रहा था। उन्हें लगा कि दरवाजा फंस गया है और वह मिस्त्री को बुलवाने के बारे में सोच रहे थे। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ दुकान गए और सफाई करने के बाद बगल के कमरे में सो गए। शुक्रवार की सुबह जब कर्मचारी आए तो ऊपर वाले दरवाजे को खोलने की कोशिश की लेकिन वह नहीं खुल रहा था। ऐसे में पड़ोसी की छत से पीछे की तरफ देखने पर दरवाजा आधा खुला हुआ मिला।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे और थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने और सामान व्यवस्थित होने जैसे पहलुओं की जांच की जा रही। आरोपी घर में कैसे आए होंगे और बाहर कैसे गए होंगे इस बारे में जांच पड़ताल की जा रही है। आसपास और दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरा के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

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पुलिया से नीचे गिरी कार: GST अधिकारी समेत पत्नी-बच्चे घायल, गाड़ी से मिले 55 लाख नकद और गहने
रतलाम। रतलाम जिले के जावरा के पास दिल्ली-मुंबई-एक्सप्रेस-वे पर एक कार अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे जा गिरी। इससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार गुजरात के एक जीएसटी अधिकारी, उनकी पत्नी व दो बेटे घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं कार में लगभग 55 लाख रुपए से अधिक नकद व जेवर मिले है। पुलिस ने वीडियोग्राफी कराकर रुपए व जेवर अपने पास सुरक्षित रखे है। दुर्घटना के कारणों का पता नहीं चला है, पुलिस जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, गुजरात के वापी में पदस्थ जीएसटी विभाग के अधिकारी प्रवीण मीणा (40) मूल रूप से राजस्थान के गंगानगर के रहने वाले है। वे दीपावली पर्व मनाने के लिए गुरुवार को पत्नी संतोष (37) और पुत्र आदित्य (10) व अथर्व (8) के साथ गुजरात से कार में सवार होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से अपने घर गंगानगर जा रहे थे। वे शाम करीब साढ़े चार बजे रतलाम होकर गुजर रहे थे, तभी रतलाम जिले के जावरा के नागदी व सादाखेड़ी बायपास के ट्रेचिंग ग्राउंड के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर एक्सप्रेस-वे से नीचे जाकर पलट गई।
इससे प्रवीण मीणा, उनकी पत्नी व दोनों बेटे घायल हो गए और कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। सूचना मिलने पर डॉयल 112 की टीम, सरसी पुलिस चौकी के प्रभारी मोहम्मद अय्यूब खान दल के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास के कुछ लोग भी वहां पहुंच गए थे। पुलिस ने घायलों को कार से निकाला और इलाज के लिए जावरा के सरकारी अस्पताल भिजवाया। कुछ समय बाद जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सुमित मिश्रा भी जावरा के सरकारी अस्पताल पहुंचे व घायलों से मुलाकात की।
जावरा के सरकारी अस्पताल में घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद जीएसटी अधिकारी प्रवीण मीणा व उनकी पत्नी व बच्चों को मेडिकल कॉलेज रतलाम रेफर किया गया। उधर, पुलिस को जांच के दौरान कार में लाखों रुपए नकदी व सोने-चांदी के जेवर मिले। पुलिस ने वीडियोग्राफी कराकर रुपयों व जेवरों को अपनी अभिरक्षा में लेने की कार्रवाई की। पुलिस सूत्र के अनुसार बताया कि कार से करीब 55 लाख रुपए व जेवर मिले है। जावरा औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सुमित मिश्रा ने बताया कि घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
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अभिनेता राजपाल यादव के 25 लाख के चेक बाउंस मामले में महू कोर्ट ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
महू (इंदौर)। 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड के प्रसिद्ध हास्य अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। महू की अदालत ने लगातार पेशियों से नदारद रहने पर कड़ा रुख अपनाते हुए राजपाल यादव के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट (Arrest Warrant) जारी किया है। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि अभिनेता को गिरफ्तार कर अगली सुनवाई से पहले महू अदालत के समक्ष पेश किया जाए।
महू स्थित प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट फरहान एम. कुरैशी की अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए यह सख्त आदेश जारी किया है। कोर्ट ने मुंबई पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया है कि अगली निर्धारित पेशी से पहले हर हाल में इस वारंट की तामीली कराई जाए और राजपाल यादव को हिरासत में लेकर महू कोर्ट में उपस्थित किया जाए।
यह पूरा मामला महू के निवासी और मशहूर फिल्म फाइनेंसर प्रकाश जाजू द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा हुआ है। फाइनेंसर प्रकाश जाजू और राजपाल यादव के बीच 25 लाख रुपये का वित्तीय लेनदेन हुआ था। रकम की वापसी के लिए राजपाल यादव द्वारा पोस्ट डेटेड (Post-dated) चेक दिए गए थे। जब फरियादी प्रकाश जाजू ने उन चेकों को बैंक में भुगतान के लिए लगाया, तो वे अनादरित (बाउंस) हो गए। इसके बाद उन्होंने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
अदालत द्वारा पूर्व में दी गई रियायतों का पालन न करने पर कोर्ट ने यह कड़ा रुख अख्तियार किया है। इससे पहले कोर्ट ने राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट (Bailable Warrant) जारी किया था। उस दौरान अभिनेता ने मुंबई पुलिस के सामने उपस्थित होकर कोर्ट से अपनी जमानत कराने का भरोसा दिया था। हालांकि, तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी न तो उन्होंने अपनी जमानत कराई और न ही वे व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर हुए। अभिनेता की इस वादाखिलाफी और लगातार गैरहाजिरी से नाराज होकर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया, जिससे अब बॉलीवुड गलियारों और मध्य प्रदेश में हलचल तेज हो गई है।

रतलाम। दीपावली के पावन पर्व पर पूरे देश में मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां होती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के रतलाम शहर का प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर अपनी एक अनूठी और अद्भुत परंपरा के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। रतलाम के माणकचौक स्थित महालक्ष्मी जी के बड़े मंदिर में फूलों या बिजली की झालरों से नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की नकदी, नोटों की गड्डियों और सोने-चांदी के आभूषणों से माता का भव्य शृंगार किया गया है। यह मंदिर इन दिनों किसी कुबेर के खजाने की तरह जगमगा रहा है।
स्थानीय मान्यताओं और इतिहास के अनुसार, यह मंदिर करीब 300 वर्ष से अधिक पुराना और रियासतकालीन है। किंवदंती है कि रतलाम रियासत के संस्थापक महाराजा रतनसिंह राठौर दीपावली के अवसर पर शाही खजाने के आभूषण माता के शृंगार के लिए अर्पित करते थे। राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली की कामना से यह परंपरा शुरू हुई थी। माताजी की प्रतिमा की यह विशेषता है कि उनके हाथ में कुबेर की पोटली है। यही वजह है कि यहाँ की ‘कुबेर पोटली’ पाने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी श्रद्धालु लालायित रहते हैं।
इस भव्य सजावट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें लगी संपदा किसी एक व्यक्ति या संस्था की नहीं, बल्कि सैकड़ों-हजारों श्रद्धालुओं की है। 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का योगदान: इस बार देश-विदेश के 3 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा के अनुसार नकदी और आभूषण मंदिर में जमा कराए हैं। मंदिर प्रबंधन बकायदा इसका पूरा रिकॉर्ड (पंजीयन/टोकन) रखता है। कुबेर पोटली के साथ वापसी: धनतेरस से लेकर भाईदूज तक माता के दरबार में यह संपदा सजाई जाती है। इसके बाद दीपोत्सव संपन्न होने पर यही सामग्री संबंधित श्रद्धालुओं को ‘कुबेर पोटली’ के रूप में सुरक्षित वापस लौटा दी जाती है।
इस वर्ष मंदिर में सजावट के कुछ नए और अनूठे प्रयोग किए गए हैं। सिक्कों का कल्पवृक्ष (पेड़): मंदिर परिसर में सिक्कों से एक आकर्षक कल्पवृक्ष तैयार किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। नोटों की तितलियां व नारियल: 10, 20, 50, 100 और 200 रुपये के नोटों से सुंदर तितलियां बनाकर पेड़ पर सजाई गई हैं। इसके अलावा, कल्पवृक्ष पर 21 नारियल और 1,200 सिक्कों की आकर्षक लटकनें लगाई गई हैं।
करोड़ों रुपये के इस खजाने और शृंगार की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आज कलेक्टर अजय कटेसरिया और एसपी अमित कुमार की मौजूदगी में कुबेर का खजाना खुलेगा। पुलिस और सीसीटीवी पहरा: मंदिर परिसर और आसपास के बाजार क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बाजार में 30 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर में सशस्त्र बल (एक-चार का बल) तैनात है, साथ ही महिला एस्कॉर्ट, पैदल गश्त दल और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए अलग से पुलिस बल मुस्तैद किया गया है।
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दिनदहाड़े लूट की वारदातः कार से टक्कर मारकर सराफा व्यापारी से 20 लाख के जेवर लूटे
जबलपुर। मध्य प्रदेश की न्यायधानी जबलपुर जिले के सिहोरा थाना क्षेत्र से दिनदहाड़े लूट की एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। गौरहा गांव के पास बेखौफ बदमाशों ने सोने-चांदी के एक व्यापारी की गाड़ी को टक्कर मारकर गिराया और उनसे करीब 20 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात लूटकर रफूचक्कर हो गए। दिनदहाड़े हुई इस दुस्साहसिक वारदात से क्षेत्र के व्यापारियों और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिहोरा थाना अंतर्गत गौरहा गांव के पास यह वारदात तब हुई जब पीड़ित सर्राफा व्यापारी अपने साथ सोने-चांदी के जेवरात लेकर जा रहे थे। कार में सवार चार नकाबपोश बदमाशों ने घात लगाकर व्यापारी की गाड़ी का पीछा किया और पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
20 लाख के जेवर पार: टक्कर लगते ही जैसे ही व्यापारी सड़क पर गिर पड़े, बदमाशों ने मौका पाकर तुरंत जेवरातों से भरा बैग छीना और तेजी से अपनी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित व्यापारी के अनुसार, बैग में लगभग 20 लाख रुपये की कीमत के सोने-चांदी के आभूषण मौजूद थे।
दिनदहाड़े हुई इस बड़ी डकैती/लूट की सूचना मिलते ही सिहोरा थाना पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित व्यापारी के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और क्षेत्र के मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी करा दी है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध कार व चारों बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों का गठन कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

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जगतगुरु राघवदेवाचार्य को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी का मामलाः हाईकोर्ट सख्त, एसपी को केस निपटाने के निर्देश
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में जगतगुरु स्वामी राघवदेवाचार्य महाराज को दी गई ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकियों के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मामले में लंबे समय से पुलिसिया कार्रवाई न होने पर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एसपी जबलपुर को 45 दिनों के भीतर वैधानिक कार्रवाई पूरी कर केस का निपटारा करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद अप्रैल 2025 का है। देवी-देवताओं के अपमान की शिकायत: 11 अप्रैल 2025 को जगतगुरु स्वामी राघवदेवाचार्य ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ की जा रही अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद दूसरे समुदाय के असामाजिक तत्वों द्वारा जगतगुरु को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ‘सर तन से जुदा’ करने और जान से मारने की सीधी धमकियाँ दी जाने लगीं। जगतगुरु की शिकायत के बाद जबलपुर के मदन महल पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में कुल 20 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था।
हाईकोर्ट में दायर याचिका में पुलिस की जांच प्रक्रिया और ढिलाई पर कई गंभीर सवाल खड़े किए गए। शिकायत के बाद मदन महल पुलिस ने शुरुआती चरण में महज 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। हालाँकि, बाद में ये तीनों आरोपी न्यायालय से जमानत पर रिहा हो गए। याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि घटना के महीनों बीत जाने के बाद भी पुलिस ने न तो बाकी के नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया और न ही संबंधित अदालत में मामले का चालान (चार्जशीट) पेश किया, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने जबलपुर पुलिस अधीक्षक (SP) को निर्देशित किया है कि वह इस पूरे प्रकरण की व्यक्तिगत निगरानी करें और 45 दिन की तय समय-सीमा के भीतर सभी लंबित वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए केस का निपटारा सुनिश्चित करें। हाईकोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब जबलपुर पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है।

प्रमुख समाचार

FDA Big Action In Maharashtra: Zepto-Blinkit समेत 105 फूड आउटलेट्स के लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया है। दिवाली से पहले महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर ये बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा को लेकर मुंबई में 28 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई हुई, जबकि राज्य के सात आउटलेट्स को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो वाहनों को भी जब्त किया गया।FDA ने 4 और 5 नवंबर को राज्यभर में विशेष...

मध्य प्रदेश

जबलपुर. त्योहार के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर सीट उपलब्ध कराने के बदले रुपए लेने के आरोप में पश्चिम मध्य रेलवे के तीन टीटीई को निलंबित किया गया है. शुक्रवार को विजिलेंस टीम ने ओवरनाइट एक्सप्रेस और हावड़ा मेल में अचानक जांच की. इस दौरान तीनों टीटीई के पास निर्धारित हिसाब से 18 हजार रुपए अधिक मिले.निलंबित टीटीई में राजेश कुमार, उदयराज कुशवाहा और सीटीआई वीके सिन्हा शामिल हैं. बताया जा रहा है कि दीपावली के दौरान ट्रेनों में...

अपराध

जबलपुर. धनतेरस की रात गोहलपुर थाना क्षेत्र के गाजी नगर झुग्गी बस्ती में भीषण आग लगने से करीब 50 झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं. रात करीब 2 बजे लगी आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया और एक के बाद एक झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया. सूचना पर पहुंचे 13 दमकल वाहनों ने रातभर आग बुझाने के प्रयास किए. सुबह तक आग पर काबू पाया जा सका. हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई, लेकिन कई परिवारों का आशियाना और घर-गृहस्थी का सामान पूरी तरह तबाह हो गया.लेमा...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना ।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले के फतेहगढ़ थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले कुम्हारी गांव में रविवार करीब 9:30 बजे एक किसान के खलियान में अचानक आग लग गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और खलियान में रखी मक्का की फसल, भुट्टे, वाहनों सहित अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया।  इस दौरान खलियान में खड़े एक बोलेरो पिकअप वाहन समेत एक अन्य चार पहिया वाहन में भी आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि, उन्हें काफी दूर से...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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