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सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली से बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली बैढ़न पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने साथी के साथ मिलकर एक डॉक्टर का वीडियो कॉलिंग के दौरान अश्लील वीडियो बनाकर उनसे 5 लाख रुपये की मांग की थी।
शिकायत के अनुसार, बैढ़न निवासी पीड़ित डॉक्टर की पहचान इलाज के दौरान 24 वर्षीय साक्षी नामक युवती से हुई थी। धीरे-धीरे फोन पर बातचीत बढ़ी। आरोप है कि 8 मई 2026 को साक्षी ने डॉक्टर को वीडियो कॉल किया और चालाकी से उनका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
इसके बाद वह अपने एक साथी के साथ मिलकर डॉक्टर को धमकाने लगी कि अगर 5 लाख रुपये नहीं दिए, तो वीडियो उनकी पत्नी को भेज दिया जाएगा और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा। ​पुलिस की त्वरित कार्रवाई ​मामले की गंभीरता को देखते हुए जाल बिछाकर मुख्य आरोपी को धर दबोचा। वहीं एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। ​​पुलिस ने ब्लैकमेलिंग में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। ​

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बिना कॉपी जांचे छात्रा को थमाए 11 अंक, वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय में हड़कंप, कुलगुरु ने दिए जांच के आदेश
जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) में एक छात्रा के भविष्य से खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। मामला कुलगुरु के पास पहुंचने के बाद उन्होंने जांच के आदेश दिए है।
दरअसल बिना पेपर जांचे छात्रा को फेल करने का मामला सामने आया है। छात्रा को परीक्षा में सिर्फ 11 अंक दिए गए। पीड़ित छात्रा निकिता रजक ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (RDVV) प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए है। छात्रा की मानें तो कॉपी जांचे बिना ही नंबर दे दिए गए।
पेपर चेकिंग का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में कॉपी जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठे है। छात्रा ने कुलगुरु से न्याय की गुहार लगाई है। मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के कुलगुरु राजेश कुमार वर्मा ने जांच के निर्देश दिए। कुलगुरु बोले- कॉपी की दोबारा जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई भी होगी।
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लॉकअप में कैदी नहीं ‘मुर्गा’ बंद और पुलिस नदारद: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ चौकी का वीडियो
छतरपुर। मध्यप्रदेश में अजब पुलिस का गजब कारनामा एक बार फिर सामने आया है। वायरल वीडियो में पुलिस चौकी लॉकअप में कोई कैदी नहीं बल्कि एक मुर्गा नजर आ रहा है। मुर्गा को किस जुर्म में बंद किया गया इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है।
दरअसल मामला छतरपुर जिले के लवकुश नगर थाना अंतर्गत अक्टौहा चौकी का है, जहां से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में चौकी के बंदीगृह के अंदर एक मुर्गा बंद दिखाई दे रहा है, जिसे लेकर लोग पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि पुलिस चौकी के अंदर कोई व्यक्ति आसानी से प्रवेश कर वीडियो भी बना लेता है लेकिन वीडियो में एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आ रहा। इस घटना ने चौकी प्रभारी की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल लोग मजे लेकर वीडियो देख रहे हैं और पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं।

इंदौर। केनरा बैंक में करीब 1.70 करोड़ रुपये का लोन घोटाला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सहित पांच के विरुद्ध धोखाधड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और नियमों की अनदेखी कर विवादित भूखंड पर करोड़ों रुपये का लोन स्वीकृत कर बैंक को भारी नुकसान पहुंचाया गया। शिकायत के बाद जांच हुई तो लाभार्थी सहित मैनेजर,सेक्शन हेड,प्रोसेसिंग अधिकारी और मंडल प्रबंधक भी गड़बड़ी में लिप्त मिले।
एसपी(ईओडब्ल्यू) रामेश्वर यादव के अनुसार मामला कनाड़िया रोड़ स्थित केनरा बैंक की शाखा का है। मेसर्स एवी ग्राफिक्स एंड ट्रेडिंग के प्रोप्राइटर विमलेश चतुर्वेदी ने घोटाले का षड़यंत्र रचा था।
उसने मनीष बाग क्षेत्र स्थित एक विवादित भूखंड के जाली दस्तावेज तैयार कर उसकी कीमत कृत्रिम रूप से बढ़ाकर केनरा संपत्ति बैंक में गिरवी रख दी। इसके आधार पर करीब 1.95 करोड़ रुपये के लोन के लिए आवेदन किया गया।
एसपी के मुताबिक बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक तरुण सुभाषचंद्र भार्गव निवासी जय नारायण व्यास कालोनी बीकानेर(राजस्थान), मंडल प्रबंधक शर्मिष्ठासिंह निवासी उपरी नायली बंगाना हिमाचल प्रदेश,प्रोसेसिंग अधिकारी खुशबू सिलावट निवासी बालाजी नगर बड़ोदरा(गुजरात) सेक्शन हेड कौशिक कुमार घोटाले में मिले थे।
आरोपित विमलेश चतुर्वेदी निवासी स्कीम-78 ने उक्त भूखंड को 1 करोड़ 25 लाख रुपये में क्रय करना दर्शाया और फर्जी रजिस्ट्री बना ली। उसमें एचडीएफसी बैंक के फर्जी चेक का उल्लेख किया गया था। 21 दिसंबर 2023 को आरोपित ने कलर प्रिंटिंग मशीने खरीदने के लिए 175 करोड़ का टर्म लोन,20 लाख की सीसी लिमिट की मांग की।
आरोपित तरुण भार्गव ने लेप्स एप के माध्यम से लोन आवेदन स्वीकृत कर लिया और व्यक्तिगर आइडी से जानकारी अपलोड कर दी। जबकि 1 करोड़ से अधिक लोन के लिए संयुक्त निरीक्षण अनिवार्य है। 29 दिसंबर को प्रोसेसिंग अधिकारी खुशबू ने भी बगैर वास्तविक निरीक्षण के यूनिट निरीक्षण की फर्जी रिपोर्ट लगा दी।नियमों के विरुद्ध बगैर एमएसएमई सुलभ शाखा कार्यालय के सीधे स्वयं की शाखा से ही टर्म लोन का भुगतान कर दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि उस संपत्ति की बाजार कीमत मात्र 23 लाख रुपये थी। इंदौर विंग ने इस घोटाले की जांच की और जिम्मेदार अफसरों को भी मुलजिम बनाया है।
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तरबूज खाने से पिता-पुत्र की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाते समय एक की मौत; दूसरा वेंटिलेटर पर लड़ रहा जिंदगी की जंग
श्योपुर। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां तरबूज खाने के बाद पिता-पुत्र की तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद आनन-फानन में दोनों को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही पिता की मौत हो गई। जबकि पुत्र हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग से जूझ रहा है। तरबूज में केमिकल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा से इंदर सिंह परिहार और उसका बेटा विनोद परिहार श्योपुर में मजदूरी का काम करते थे। बताया जा रहा है कि दोनों ने घर पर तरबूज खाया था, जिसके बाद तबीयत बिगड़ने लगी। आनन फानन में दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। इंदर सिंह परिहार (पिता) की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें कोटा रेफर किया जा रहा था। लेकिन रास्ते में ही खतौली गांव के पास इंदर सिंह ने दम तोड़ दिया।
वहीं विनोद परिहार (मृतक का बेटा) जिला अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। मृतक के छोटे बेटे ने बताया कि पापा और बड़े भाई की रात में तबीयत खराब हो गई थी। अंदर से घुटन हो रही थी। घुटन दूर करने के लिए तरबूज खा लिया था। जिसके बाद अस्पताल ले जाया गया। तबीयत बिगड़ने पर बड़े भाई को ICU में भर्ती कराया गया और पिता को कोटा रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
प्रथम दृष्टया तरबूज में केमिकल मिला होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी पूरी तरह से यह साफ नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। पीएम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
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फिर हुआ पुलिस टीम पर हमला: केन बेतवा लिंक परियोजना का काम ठप, 150 लोगों पर केस दर्ज-21 गिरफ्तार
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक बार फिर पुलिस की टीम पर हमला हुआ है। ढोड़न गांव के ग्रामीणों ने जमकर पत्थर बरसाए। वहीं पुलिस ने बचाव में आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना के बाद केन बेतवा लिंक परियोजना बांध निर्माण कार्य ठप्प हो गया है। वहीं पथराव मामले में अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार समेत 150 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
छतरपुर जिले के ढोड़न गांव में बुधवार को प्रशासनिक टीम केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों ने पथराव कर दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी थी। जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे। हालात बिगड़ने पर पुलिस-प्रशासन को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद गुरुवार को फिर से प्रशासनिक अमला कार्रवाई करने पहुंचा था। ग्रामीणों ने फिर पथराव कर दिया।
वहीं किशनगढ़ थाना पुलिस ने बुधवार और गुरुवार को हुए पथराव मामले में अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार समेत 150 लोगों पर केस दर्ज किया है। साथ ही 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल ढोड़न बांध पर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। आंदोलन भड़काने वालों के अकाउंट की जांच हो रही है। इसके अलावा विदेशी फंडिंग की भी जांच की जा रही है।
एसपी रजत सखलेचा ने बताया कि बांध का प्रोजेक्ट है, इससे संबंधित जो लोग है उनका पुनर्वास पैकेज का अधिकतम काम पूरा हो गया है। जिन लोगों ने आपत्ति की थी, उनकी सुनवाई फाइनल फेस में चल रही है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब बारिश होगी और क्षेत्रों में पानी भराव होगा तो जनहित को देखते हुए शीघ्र ही प्रक्रिया शुरू करनी थी। इसलिए जब वहां पुलिस की टीम गई थी और अनाउंसमेंट करने के बाद कुछ लोगों ने भीड़ को भड़काया और पत्थरबाजी हुई थी। इसमें दो एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें 38 नामित और 150 अनामित और वीडियोग्रााफी के आधार पर लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। अभी तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात है।

बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। अपनी पहली बैठक में सीएम ने ममता सरकार के कई फैसलों को पलट दिया। सबसे पहले उन्होंने केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना को पूरे राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को बॉर्डर की बाड़बंदी के लिए जमीन देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए उम्र की सीमा भी 5 साल की बढ़ोतरी कर दी। इसी कड़ी में अब सीएम सुवेंदु ने राज्य के बहुचर्चित आरजी कर कांड में शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी कारवाई की है।
राज्य सचिवालय नवान्न में दोपहर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के तीन वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों विनीत गोयल (कोलकाता पुलिस के तत्कालीन पुलिस आयुक्त), इंदिरा मुखर्जी और अभिषेक गुप्ता के निलंबन की घोषणा की। सुवेंदु ने तीनों आइपीएस अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी निर्देश दिए हैं।
सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार आरजी कर मामले में कोलकाता के पूर्व सीपी विनीत गोयल और 2 अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करेगी। हालिया चुनाव में पीड़िता की मां ने चुनाव लड़कर जीत हासिल की और यह मुद्दा प्रमुख राजनीतिक विषय बन गया। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पहले ही इस कांड की जांच के लिए आयोग बनाने की बात कह चुके हैं अब घोषणा होना बाकी है। नए मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि महिला सुरक्षा के मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। आरजी कर पीड़िता की मां भी इस बार भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीती हैं।
वहीं आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप और हत्या मामले में पीड़िता के माता-पिता ने सियालदह कोर्ट में याचिका दायर कर तीन लोगों की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ की मांग की है। परिवार का आरोप है कि इन लोगों ने उनकी बेटी के शव का जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करवाने और अहम सबूत मिटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोर्ट में दाखिल याचिका में पूर्व पानीहाटी विधायक निर्मल घोष, सोमनाथ दास और स्थानीय तृणमूल कांग्रेस पदाधिकारी संजीव मुखोपाध्याय के नाम शामिल किए गए हैं। पीड़िता के माता-पिता का आरोप है कि घटना के बाद इन तीनों ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज से शव को लगभग हाईजैक कर लिया था। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को तेजी से पूरा करवाया गया।
परिवार ने किए ये दावे
पीड़िता के परिवार की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम होने से रोकने की कोशिशें भी की गईं।
साथ ही आरोप लगाया गया कि अंतिम संस्कार से पहले परिवार को जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
पीड़िता के परिवार के वकील ने अदालत में कहा कि घटना के तुरंत बाद आरोपियों का व्यवहार बेहद संदिग्ध था। इसलिए उनसे हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो के वकील ने कोर्ट को बताया कि एजेंसी को यह निर्देश नहीं दिया जा सकता कि वह किन लोगों को गिरफ्तार करें। हालांकि CBI ने मामले में औपचारिक जवाब दाखिल करने पर सहमति जताई और रिपोर्ट जमा करने के लिए 5 जून तक का समय मांगा। अब इस मामले की सुनाई 5 जून को होगी।
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भोजशाला को मंदिर मानते ही मुस्लिम पक्ष बोला- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, अभी कानूनी लड़ाई बाकी
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद मामले में इंदौर हाई कोर्ट ने शुक्रवार (15 मई) को बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने विवादित स्थल को मंदिर माना है और कहा है कि हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार है। इस मामले में 12 मई को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।
हाई कोर्ट के फैसले के बाद शहर काजी वकार सादिक ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष पहले कोर्ट के फैसले को पढ़ेगा और समझेगा। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा।
फैसला सुनाते समय हाई कोर्ट की बेंच ने सभी वकीलों का धन्यवाद किया। कोर्ट ने कहा कि सभी पक्षों के वकीलों ने मामले को समझाने में मदद की। अदालत ने कहा कि फैसले में तथ्यों, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) एक्ट और पुरातत्व से जुड़े वैज्ञानिक निष्कर्षों को ध्यान में रखा गया है। कोर्ट ने माना कि भोजशाला परमार वंश के राजा भोज के समय संस्कृत शिक्षा का प्रमुख केंद्र था और यहां देवी सरस्वती का मंदिर था।
कोर्ट ने कहा कि भोजशाला परिसर एक संरक्षित स्मारक है और इसका संरक्षण जारी रहेगा।
अदालत ने साफ कहा कि यह मंदिर है और हिंदू पक्ष को यहां पूजा करने का अधिकार मिलेगा।
कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा कि ASI के साथ मिलकर वहां संस्कृत शिक्षा की व्यवस्था बनाने पर विचार किया जाए।
हाई कोर्ट ने कहा कि वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने और भोजशाला में स्थापित करने के मुद्दे पर केंद्र सरकार विचार करे।
अदालत ने कहा कि मुस्लिम पक्ष सरकार से मस्जिद के लिए दूसरी जगह की मांग कर सकता है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि मस्जिद ऐसी जगह बनाई जाए जहां दोनों पक्षों के बीच विवाद न हो।
हाई कोर्ट ने साल 2003 के उस ASI आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें मुस्लिम पक्ष को वहां नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई थी। साथ ही अदालत ने कहा कि ASI भोजशाला परिसर का संरक्षण पहले की तरह जारी रखे।
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एमपी हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों को नमाज की इजाजत देने का आदेश खारिज
इंदौर. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है. शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है. एएसआई एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना.
हाईकोर्ट ने कहा- ऐतिहासिक और संरक्षित जगह देवी सरस्वती का मंदिर है. केंद्र सरकार और एएसआई यह फैसला लें कि भोजशाला मंदिर का मैनेजमेंट कैसा रहेगा. 1958 एक्ट के तहत इस प्रॉपर्टी का पूरा मैनेजमेंट एएसआई के हाथ में ही रहेगा. अदालत ने एएसआई का 2003 का वह आदेश भी रद्द कर दिया, जिसमें एएसआई ने भोजशाला में हिंदुओं को पूजा का अधिकार नहीं दिया था. उस आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें मुस्लिमों को नमाज पढऩे का अधिकार दिया गया था. भोजशाला को कमाल मौला मस्जिद बताते रहे मुस्लिम पक्ष को कोर्ट ने सरकार से मस्जिद के लिए अलग जमीन मांगने को कहा है.
हाईकोर्ट ने फैसले में ये कहा
हाईकोर्ट ने कहा कि भोजशाला में सरस्वती मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र के साक्ष्य पाए गए हैं.
कोर्ट ने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई सर्वे के साथ अयोध्या केस को भी आधार माना.
कोर्ट ने कहा- हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व वाले प्राचीन स्मारकों और मंदिरों की सुरक्षा निश्चित करे. साथ ही गर्भगृह और धार्मिक आस्था से जुड़ी देव प्रतिमाओं का भी संरक्षण करे.
धार शहर काजी वकार सादिक ने कहा है कि हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान है. सलमान खुर्शीद साहब और शोभा मेनन ने तथ्य रखे थे. हम फैसले की समीक्षा करेंगे. इसके बाद हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. फिलहाल, भोजशाला के मेन गेट पर बैरिकेड्स लगाकर इसे बंद कर दिया गया है. इसके बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

देवास। टोंककला स्थित फैक्ट्री में धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों की दीवारें में दरारें आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक और प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और जांच का आश्वासन दिया है।
देवास के एबी रोड स्थित टोंककला में संचालित पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के मकानों की दीवारें हिल गई। लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद धुएं का घना गुबार आसमान में फैल गया। फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस हादसे में मरने वालों की संख्या 15 तक पहुंच सकती है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट इतना भयानक था कि कई शवों के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। यह दृश्य बेहद भयावह था और लोगों के दिल दहला देने वाला था। कई मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। आनन फानन में गंभीर घायलों को अस्पताल भेजा गया है। इसी के साथ प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा यह हादसा बेहद दुखद है और पीड़ित परिवारों के साथ सरकार खड़ी है। मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घटना की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घायलों का इलाज भी मुफ्त कराया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फैक्ट्री में लंबे समय से सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जा रही थी। खुले में बारूद रखकर पटाखे बनाए जा रहे थे, जिससे खतरा हमेशा बना रहता था। लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में खुले में बारूद मिलने की बात भी सामने आई है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो यह हादसा टल सकता था।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हादसे को लेकर लोगों में भयंकर गुस्सा है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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भोपाल से बंगाल तक फैला नकली नोट का नेटवर्क: BSF जवान के भाई पर मास्टरमाइंड होने का आरोप
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पकड़े गए नकली नोट नेटवर्क मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। भोपाल पुलिस की जांच अब पश्चिम बंगाल तक पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार आरोपी सैफुल इस्लाम से पूछताछ के बाद पुलिस नेटवर्क के कथित मास्टरमाइंड शरीफ उल इस्लाम तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, सैफुल इस्लाम ने पूछताछ में शरीफ उल इस्लाम का नाम उजागर किया। जांच में सामने आया कि शरीफ उल इस्लाम अपने भाई समीर के साथ मिलकर कई राज्यों में नकली नोटों का नेटवर्क चला रहा था। समीर पहले BSF में पदस्थ था और बांग्लादेश सीमा पर तैनात रह चुका है। खुलासे के बाद उसे BSF से बर्खास्त कर दिया गया था।
पुलिस को आशंका है कि पाकिस्तान में छपी फर्जी भारतीय करेंसी पहले बांग्लादेश पहुंचाई गई और फिर वहां से भारत में तस्करी कर कई राज्यों में खपाई गई। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी खंगाल रही हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2018 में कर्नाटक में सामने आए नकली नोट मामले में भी शरीफ उल इस्लाम और उसके भाई समीर का नाम सामने आया था। अब भोपाल पुलिस पुराने रिकॉर्ड और अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी जानकारी जुटा रही है।
गौरतलब है कि भोपाल पुलिस ने सैफुल इस्लाम को करीब 1 लाख 40 हजार रुपए की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस पश्चिम बंगाल में दबिश देकर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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बीजेपी सांसद और फैक्ट्री मालिक की तस्वीर वायरल, कांग्रेस ने पूछा- किसके संरक्षण में चल रह था मौत का कारोबार ?
भोपाल। मध्य प्रदेश के देवास ब्लास्ट के बाद बीजेपी सांसद और फैक्ट्री मालिक की तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें भाजपा सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि तस्वीर में सांसद महेंद्र सोलंकी, अनिल मालवीय का मुंह मीठा कराते हुए दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बाद इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
देवास में हुए पटाखा फैक्ट्री विस्फोट के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में बीजेपी सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी और फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय एक साथ दिखाई दे रही है। वहीं इस पर सांसद की सफाई भी सामने आई है। महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि कोई व्यक्ति मेरे से मिलता है, मेरे से हाथ मिलाता है, मेरे से बात करता है या पुराना परिचित होता तो उसके गुनाह माफ नहीं होते। मेरा परिचित भी होगा, उसने गलती की होगी तो ये भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इधर, घटना के बाद प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता, डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन और संभाग आयुक्त आशीष सिंह अमलतास अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों की स्थिति की जानकारी ली। संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद संभाग आयुक्त आशीष सिंह जिला अस्पताल भी पहुंचे और वहां भर्ती घायलों की स्थिति का जायजा लिया।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर लिखा- ‘देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुआ भीषण विस्फोट सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट सिस्टम की भयावह सच्चाई है। 3 मजदूरों की दर्दनाक मौत, कई लोग गंभीर रूप से घायल, महिलाओं के लापता होने की खबरें और शवों के टुकड़े 20-25 फीट दूर तक बिखर जाना… यह दृश्य बेहद विचलित करने वाला है।’
उन्होंने आगे लिखा कि, ‘ग्रामीण लगातार आरोप लगा रहे हैं कि फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी और शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर किसके संरक्षण में मौत का यह कारोबार चल रहा था? गरीब मजदूर 250-400 रुपये की दिहाड़ी के लिए अपनी जान जोखिम में डालें और सत्ता-प्रशासन आंखें बंद करके बैठा रहे, यह बेहद शर्मनाक और अमानवीय है। मुख्यमंत्री, सिर्फ जांच और मुआवजे की घोषणा से जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। दोषी फैक्ट्री संचालकों, जिम्मेदार अधिकारियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इस दु:खद हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक भाइयों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करे।’
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि मामला दुखद है। मुख्यमंत्री में मामले पर तत्काल एक्शन लिया। मौके पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को भेजा गया है। जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए है। मृतकों के परिवारों के साथ सरकार खड़ी हुई है। कांग्रेस की राजनीति का स्तर नहीं बचा, ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
गौरतलब है कि देवास जिले के टोंककला बारूद फैक्ट्री में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। करीब 11:30 बजे अचानक जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे में 3 लोगों की मौत हुई है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे में घायल तीन मरीजों को इलाज के इंदौर भेजा गया। तीनों घायल 80-90 प्रतिशत तक जले है। जिन्हें एमवाय अस्पताल की बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है। फैक्ट्री धमाके के कारणों का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं हो पाया है। प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है। फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा के मद्देनजर घेर लिया गया है। वहीं फैक्ट्री मालिक अनिल मालवीय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय में गुरुवार को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की। EOW की टीम ने डीएसपी धामी के नेतृत्व में छापा मारकर रीडर बाबू सौरभ यादव को 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया।
जानकारी के मुताबिक, तेंदूखेड़ा के एक कॉलोनाइजर से काम के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद EOW ने योजना बनाकर कार्रवाई की और आरोपी को पैसे लेते समय पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने कार्यालय में जांच शुरू कर दी। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। घटना के बाद राजस्व कार्यालय में हड़कंप मच गया। EOW की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
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उज्जैन में चलती बस में सब इंस्पेक्टर की गंदी हरकत, लेडी डॉक्टर से छेड़छाड़ का आरोप
उज्जैन मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले में एक सब इंस्पेक्टर पर महिला डॉक्टर के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगे हैं। लेडी डॉक्टर ने सब इंस्पेक्टर के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है जिसके बाद एसपी ने सब इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि चलती बस में सब इंस्पेक्टर ने लेडी डॉक्टर से छेड़छाड़ की और जब लेडी डॉक्टर ने विरोध किया तो सब इंस्पेक्टर ने उसके साथ अभद्रता की और मोबाइल छीनकर फेंक दिया।
लेडी डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया है कि वो बुधवार को इंदौर से नागदा जा रही थीं। वह राताड़िया बस क्रमांक 0380 में सफर कर रही थीं। इसी दौरान एसआई मुन्नासिंह सोलंकी उसके पास आकर बैठ गया। लेडी डॉक्टर का आरोप है कि उज्जैन-भैरूगढ़ के बीच एसआई ने उनके साथ छेड़छाड़ की और जब उन्होंने विरोध किया तो गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की की। लेडी डॉक्टर ने बताया कि जब उसने मोबाइल से सब इंस्पेक्टर मुन्ना सिंह का वीडियो बनाना चाहा तो सब इंस्पेक्टर ने उनका मोबाइल छीनकर फेंक दिया। नागदा पहुंचने के बाद लेडी डॉक्टर सीधे मंडी थाने पहुंची और सब इंस्पेक्टर मुन्नासिंह सोलंकी के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से आरोपी एसआइ को निलंबित कर दिया।
सूत्रों के अनुसार मुन्नासिंह सोलंकी एक साल पहले बिरलाग्राम थाने में पदस्थ था। वहां भी स्टाफ के साथ व्यवहार और विवादों के चलते उसे लाइन भेज दिया गया था। इससे पहले वह मंडी थाना, उन्हेल थाना और बिरलाग्राम में पदस्थ रह चुका है, लेकिन विवादित कार्यशैली के कारण कहीं लंबे समय तक टिक नहीं पाया।
घटना ने बस संचालकों और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आरटीओ नियमों के अनुसार महिला यात्री के समीप महिला यात्री को ही बैठाया जाना चाहिए, लेकिन बस स्टाफ ने कोई आपत्ति नहीं ली। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बस में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। घटना के दौरान बस में कई यात्री मौजूद थे, लेकिन किसी ने महिला चिकित्सक की मदद के लिए आवाज नहीं उठाई।
एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि महिला चिकित्सक द्वारा मंडी थाने में आवेदन दिया था। प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित कार्यवाहक एसआई मुन्नासिंह सोलंकी को निलंबित कर दिया है। मामले की विस्तृत जांच थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी को सौंपी गई है।
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सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति निरस्त: PM मोदी के अपील के बाद भी भिंड में बीजेपी नेता के स्वागत में दौड़ा गाड़ियों का लंबा काफिला
भिंड/भोपाल। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील कर चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं के स्वागत में निकल रहे गाड़ियों के काफिले उस अपील को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। भिंड में भाजपा किसान मोर्चा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष सज्जन यादव के प्रथम भिंड आगमन पर शहर में 50 से अधिक गाड़ियों का लंबा काफिला देखने को मिला। ग्वालियर से भिंड काफिले के चलते कई जगह सड़कें जाम हो गईं और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। घंटों तक लोग ट्रैफिक में फंसे रहे, जबकि समर्थक गाड़ियों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए। सज्जन यादव समर्थकों के साथ स्वागत कराते दिखाई दिए। पूरे शहर में गाड़ियों का काफिला चर्चा का विषय बना रहा।
खास बात यह रही कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में सामने आया है जब देश में ईंधन बचत और संसाधनों के संयमित उपयोग को लेकर लगातार अपीलें की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सीमित वाहनों के साथ नजर आए। वह दो गाड़ियों के साथ दिखाई दिए थे, जिसे पेट्रोल-डीजल बचत की मिसाल के रूप में देखा गया। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी कैबिनेट बैठक में मंत्रियों और नेताओं को प्रधानमंत्री की अपील का पालन कराने के लिए प्रेरित कर चुके हैं। बावजूद इसके जमीनी स्तर पर नेताओं के काफिले और शक्ति प्रदर्शन कम होने का नाम नहीं ले रहे।
वहीं गाड़ियों के काफिले के स्वागत का वीडियो वायरल होने के बाद सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति ही निरस्त कर दी गई है। निरस्ती आदेश में लिखा गया कि ग्वालियर से सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ भिण्ड तक किसान मोर्चा की रैली का आयोजन किया गया। आपका यह कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ऊर्जा बचत के लिए की गई अपील की अवहेलना है। प्रदेश संगठन ने आपके इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है। सज्जन सिंह यादव जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा भिण्ड की नियुक्ति निरस्त की जाती है।

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बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के साथ ही मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। अपनी पहली बैठक में सीएम ने ममता सरकार के कई फैसलों को पलट दिया। सबसे पहले उन्होंने केंद्र सरकार के आयुष्मान भारत योजना को पूरे राज्य में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को बॉर्डर की बाड़बंदी के लिए जमीन देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए उम्र की सीमा भी 5 साल की बढ़ोतरी कर दी। इसी कड़ी में अब सीएम...

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सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली से बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कोतवाली बैढ़न पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने एक युवती को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने साथी के साथ मिलकर एक डॉक्टर का वीडियो कॉलिंग के दौरान अश्लील वीडियो बनाकर उनसे 5 लाख रुपये की मांग की थी।शिकायत के अनुसार, बैढ़न निवासी पीड़ित डॉक्टर की पहचान इलाज के दौरान 24 वर्षीय साक्षी नामक युवती से हुई थी। धीरे-धीरे फोन पर बातचीत बढ़ी।...

अपराध

इंदौर। केनरा बैंक में करीब 1.70 करोड़ रुपये का लोन घोटाला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन ब्रांच मैनेजर सहित पांच के विरुद्ध धोखाधड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और नियमों की अनदेखी कर विवादित भूखंड पर करोड़ों रुपये का लोन स्वीकृत कर बैंक को भारी नुकसान पहुंचाया गया। शिकायत के बाद जांच हुई तो लाभार्थी सहित मैनेजर,सेक्शन हेड,प्रोसेसिंग अधिकारी और मंडल प्रबंधक भी गड़बड़ी में लिप्त...
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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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