


खंडवा। शहर के इमलीपुरा में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली घी बनाने वाले कारखाने पर छापामार कार्रवाई की। यह कारखाना बेगम पार्क के सामने एक गली में अनवर कुरैशी के घर में संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान कारखाने से बड़ी मात्रा में घी और पशुओं का अवशेष, नकली घी बरामद किया गया है।
दरअसल प्रशासन को सूचना मिली थी कि यहां पशुओं की चर्बी से घी तैयार किया जा रहा है। जिसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए कारखाने से भारी मात्रा में घी और पशु अवशेष बरामद किया है। टीम ने सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन को आशंका है कि यह घी लंबे समय से बाजार में खपत किया जा रहा था।
यह कार्रवाई सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग सिंह बहादुर की मौजूदगी में की गई। इस दौरान पशु विभाग के अधिकारी, निगम उपायुक्त और मोघट थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई स्थानीय लोगों की शिकायत पर की गई है। सूचनाकर्ता ने बताया था कि यह कारखाना अनवर कुरैशी के मकान पर चल रहा है और यहां पर पशुओं के मांस, खाल और हड्डियों से घी बनाया जा रहा है। मौंके से 79 डिब्बे बरामद किये गये हैं। सभी डिब्बों में 20 किलो घी है। इसके अलावा 200 किलों के 9 ड्रम भी मौके पर जब्त किए गए हैं। कारखाने से मिले सभी सामान के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए गए हैं।
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भोपाल पुलिस कमिश्नर का नया प्रयोग, स्मार्ट पुलिसिंग के तहत एक थाने में दो टीआई मॉडल लागू
भोपाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान इस निर्णय पर मुहर लगाई गई, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिस बल पर बढ़ते काम के बोझ को कम करना और जनता को त्वरित न्याय दिलाना है. इस मॉडल के प्रथम चरण में निशातपुरा और हबीबगंज जैसे संवेदनशील और व्यस्त थानों को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे चरण में कोहेफिजा और पिपलानी थानों में यह व्यवस्था प्रभावी होगी. आने वाले समय में इसका विस्तार राजधानी के अन्य सभी थानों में करने की योजना है. इस नई व्यवस्था की कार्यप्रणाली को समझाते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि थाने में तैनात दो निरीक्षकों में से एक 'थाना प्रभारी' (SHO) की मुख्य भूमिका में होगा.
जबकि दूसरा निरीक्षक उनके सहायक के रूप में काम करेगा. अक्सर देखा जाता है कि एक ही थाना प्रभारी पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, वीआईपी मूवमेंट संभालने और अपराधों की जांच करने का चौतरफा दबाव होता है, जिससे अनुसंधान की गुणवत्ता प्रभावित होती है. टू आईसी मॉडल इस समस्या का सटीक समाधान पेश करता है क्योंकि इसमें कार्यों का स्पष्ट विभाजन होगा. एक निरीक्षक पूरी तरह से कानून-व्यवस्था और फील्ड मॉनिटरिंग पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जबकि दूसरे निरीक्षक का पूरा फोकस पेंडिंग मामलों के निपटारे, केस डायरी तैयार करने और अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने पर होगा.
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का मानना है कि इस व्यवस्था से गंभीर अपराधों की जांच में तेजी आएगी और थानों में वर्षों से लंबित पड़े मामलों की फाइलों पर जमी धूल साफ हो सकेगी. राजधानी भोपाल की तेजी से बढ़ती आबादी और अपराधों के बदलते आधुनिक स्वरूप को देखते हुए स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में यह एक अनिवार्य कदम माना जा रहा है. दो अनुभवी निरीक्षकों की मौजूदगी से न केवल रात्रि गश्त और माइक्रो बीट सिस्टम को मजबूती मिलेगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद भी बेहतर हो सकेगा. अक्सर नागरिक थानों में अपनी शिकायतों के समाधान के लिए घंटों इंतजार करते हैं क्योंकि थाना प्रभारी अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त होते हैं, लेकिन अब दूसरे निरीक्षक की उपलब्धता से शिकायतों की सीधी मॉनिटरिंग हो सकेगी और फरियादियों को तुरंत राहत मिल पाएगी.
यह मॉडल पुलिसिंग में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्टाफ की कार्यक्षमता को भी कई गुना बढ़ा देगा. कमिश्नर प्रणाली के तहत लिए गए इस फैसले का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि पुलिस अब अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों पर अधिक पैनी नजर रख पाएगी. कानून विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी पुलिसिंग में कार्य विभाजन (Division of Labor) एक सफल मॉडल साबित होता रहा है और भोपाल में इसकी शुरुआत पुलिस प्रशासन को आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. यदि इन चुनिंदा थानों में यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे पूरे भोपाल जिले में अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा. फिलहाल इस स्मार्ट पुलिसिंग मॉडल ने राजधानी में अपराधियों के बीच खौफ और आम जनता के बीच सुरक्षा का नया भरोसा जगा दिया है. पुलिस मुख्यालय अब इस मॉडल के परिणामों पर बारीकी से नजर रख रहा है ताकि इसके आधार पर भविष्य की सुरक्षा रणनीतियां तैयार की जा सकें.
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'घर वापसी': 7 किन्नरों ने इस्लाम छोड़ अपनाया सनातन धर्म, मिली महामण्डलेश्वर की उपाधि
इटारसी। इटारसी में शुक्रवार को पुरानी इटारसी स्थित एक गार्डन में अखिल भारतीय किन्नर सनातन सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सात किन्नरों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण अभिषेक किया गया। इन सभी ने इस्लाम धर्म छोड़कर सनातन धर्म में ‘घर वापसी’ की है।
सम्मेलन किन्नर संत समाज की जगत गुरु काजल ठाकुर (काजल मां) के सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से करीब 500 किन्नर शामिल हुए। सम्मेलन में सातों किन्नरों को महामंडलेश्वर की उपाधि भी प्रदान की गई। नर्मदापुरम जिले से पांचाली गुरु को महामंडलेश्वर बनाया गया, जबकि शांति (पिपरिया), डाली नायक (मुंगावली), बेला नायक और तम्मना नायक (इटावा) तथा अंजली नायक (परेला) को भी यह उपाधि दी गई।
काजल ठाकुर ने बताया कि ‘भटके’ किन्नरों को पुनः सनातन धर्म से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों को पहले दबाव में धर्म परिवर्तन कराया गया था। वहीं, पांचाली गुरु ने कहा कि अपने मूल धर्म में लौटकर उन्हें खुशी महसूस हो रही है। इस आयोजन ने क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी है।
राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में दर्दनाक हादसा हो गया। गैस सिलेंडर फटने से जहां पति की मौत हो गई वहीं पत्नी गंभीर रूप से घायल है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुबह करीब 5 बजे राजगढ़ बायपास स्थित शिवधाम कॉलोनी में सुरेंद्र सिंह भल्ला के घर के रसोईघर में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया। हादसे में सुरेंद्र सिंह भल्ला (60 वर्ष) और उनकी पत्नी पद्मा भल्ला बुरी तरह झुलस गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में नरसिंहगढ़ पहुंचते ही सुरेंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया।
घटना के समय दंपती घर पर अकेले थे। घर में पीएनजी गैस कनेक्शन के साथ एलपीजी सिलेंडर भी मौजूद था। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और जांच का विषय बना हुआ है। आग लगने के बाद विस्फोट हुआ या विस्फोट के बाद आग लगी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल ब्यावरा लाकर पोस्टमार्टम कराया और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शनः ग्वालियर के 16 नर्सिंग होम के लाइसेंस निरस्त, ये रही वजह
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। ग्वालियर CMHO डॉ सचिन श्रीवास्तव ने नर्सिंग होम्स के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। तय समय सीमा में रजिस्ट्रेशन रिन्युअल न कराने पर 16 नर्सिंग होम के लाइसेंस निरस्त किय है। विभाग द्वारा 12 दिसम्बर 2025, 25 दिसम्बर 2025 और 2026 में नोटिस जारी किए थे।
इन 16 नर्सिंग होम के पंजीयन निरस्त
1- कल्याण जी मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल ग्राम बझेरा टेकनपुर , झांसी रोड, ग्वालियर
क्रेज़ एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित ।
2- वाईएसएम अस्पताल गुप्तेश्वर के पास मंदिर, तिघरा रोड, ग्वालियर।
3 – आशा देवी मेमोरियल अस्पताल स्टोन पार्क, मोतीझील, ग्वालियर
न्यू कमला शिक्षा प्रसार एवं समाज कल्याण समिति द्वारा संचालित ।
4 – राम कृष्णा अस्पताल साडा,ग्वालियर,ग्वालियर
खालसा माइनॉरिटी सोसाइटी द्वारा संचालित ।
5- केयर एंड क्योर हॉस्पिटल ब्लॉक नंबर 28, काउंटर मेगनेट, ग्वालियर।
6 – लीला मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल , राजे पैलेस के पास, गोले का मंदिर ,ग्वालियर ।
7 -प्राइम केयर एंड क्योर हॉस्पिटल रनवाय स्वर्गीय श्रीकप्तान सिंह सोलंकी एवं रामदुलारी लोक सेवा समिति एबी रोड, ग्वालियर, ग्वालियर
स्वर्गीय श्रीमती बैकुंठी देवी शिक्षा प्रसार समिति द्वारा संचालित
8 – पीतांबरा माता नर्सिंग होम मदनपुरा, ग्वालियर, ग्वालियर
9- मयूर नर्सिंग होम सिंहपुर रोड, छावनी मुरार, ग्वालियर
10 -श्री कृष्णा अस्पताल पवनसुत कॉलोनी, सचिन तेंदुलकर चौराहा के पास , हुरावली रोड, मुरार ग्वालियर ।
11 – गौतम स्पेशलिटी अस्पताल , भितरवार रोड डबरा ।
12 – चोपड़ा चेस्ट अस्पताल 162 एच विजय नगर पार्क के सामने ,चेतकपुरी,ग्वालियर।
13 -के.के. अस्पताल रामजी का पुरा, कटी घाटी एबी रोड गिर्राज जी मंदिर के पास ,ग्वालियर
14 – वसुन्धरा राजे अस्पताल महादजी नगर, चिवाई नाका लश्कर, ग्वालियर ।
15- शिवानी आई अस्पताल, बंशी मार्केट, खुरेरी चौराहा बड़ागांव मुरार, ग्वालियर
16 – महादेव अस्पताल गिरगांव गेट के पास, भिंड रोड, ग्वालियर ।
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सिंगर अदनान सामी पर धोखाधड़ी का केस: ग्वालियर जिला कोर्ट ने जारी किया नोटिस, 20 मई तक मांगा जवाब
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला कोर्ट ने मशहूर सिंगर अदनान सामी को नोटिस जारी किया है। मामला साल 2022 के एक कन्सर्ट से जुड़ा है। अदनान सामी से कोर्ट ने 20 मई तक अपना जबाब मांगा है। कोर्ट में दायर परिवाद में अदनान के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए है। आरोप है कि उन्होंने 17.62 लाख रुपए की एडवांस पेमेंट लेने के बाद भी ग्वालियर में शो नहीं किया था।
दरअसल, नवंबर 2022 को अदनान सामी का ग्वालियर में शो का आयोजन होना था। इस शो की आयोजक लावन्या सक्सेना थी। लावन्या ने अदनान सामी के खिलाफ आरोप लगाया कि उन्होंने 17.62 लाख रुपए की एडवांस पेमेंट लेने के बाद भी ग्वालियर में शो नहीं किया। लावन्या ने एडीजे कोर्ट में इसकी शिकायत की। शिकायत में लावन्या ने बताया कि लाइव शो के लिए 33 लाख में डील फाइनल हुई थी। अदनान सामी ने अपने मैनेजर के जरिए एडवांस के तौर पर 17.62 लाख लिए, लेकिन बाद में शो कैंसिल कर दिया। लावन्या ने जब एडवांस पेमेंट की रकम वापस मांगी तो वह उन्हें नहीं मिली। इसके बाद लावन्या ने धोखाधड़ी का केस दर्ज करने के लिए पुलिस से बात की लेकिन उन्होंने एफआईआर दर्ज नहीं की। पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं करने पर ये केस एडीजे कोर्ट में गया।
बीती सुनवाई के दौरान अदनान सामी ने भी अपना जबाब लिखित में कोर्ट में पेश किया था। जिसमे बताया गया था कि आयोजकों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों गलत है। जबाब में बताया गया था कि शो कैंसिल होने की वजह आयोजक खुद थे। अदनान ने कहा कि आयोजक लगातर शो की तारीख बदल रहे थे और शो के दिन भी बेसिक तैयारियां पूरी नहीं थी। कोर्ट में रिकॉर्ड से पता चला कि शो की डेट पहले 27 सितंबर 2022 को प्लान की गई थी। लेकिन आयोजकों ने शो की तारीख बदल कर 13 नवंबर 2022 कर दिया। इस मामले में आयोजकों और सिंगर के बीच एक एग्रीमेंट भी किया गया। इस एग्रीमेंट के मुताबिक, सभी पेमेंट और लॉजिस्टिक अरेंजमेंट समय पर पूरे करने थे। सिंगर ने आगे दावा किया कि 12 नवंबर 2022 को, तय शो से ठीक एक दिन पहले आयोजकों ने उनकी टीम को बताया कि इवेंट कैंसिल किया जा रहा है। इसका कारण उन्हें ये बताया गया कि चीफ गेस्ट का कोविड हो गया है।
अदनान के मुताबिक, यह तब किया गया जब टिकट की बिक्री अभी भी जारी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आयोजकों की रेप्युटेशन को खराब करने का काम कर रहे है। सिंगर ने कहा कि एग्रीमेंट के अनुसार एडवांस अमाउंट नॉन-रिफंडेबल था। बहरहाल मामले में सुनवाई लगातार जारी है, यही वजह है कि ADJ कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है, जिसमे उन पर लगे आरोपों का उन्हें जवाब देना है।
छत्रपति शिवाजी महाराज पर लिखी किताब को लेकर महाराष्ट्र में कोहराम मच गया है। शिवसेना MLA संजय गायकवाड़ ने किताब को लेकर प्रकाशक को धमकी दी है। शिवसेना विधायक संजय गायकवाड़ ने ‘शिवाजी कोन होता’ (शिवाजी कौन था?) नाम की किताब के पब्लिशर प्रशांत अंबी को धमकी दी। शिवसेना विधायक ने न सिर्फ धमकी दी ब्लकि पब्लिशर को गाली भी दी है। कांग्रेस ने इसे गुंडागर्दी बताते हुए महाराष्ट्र सीएण देवेंद्र फडणवीस से जांच की मांग की है।
शिवसेना MLA संजय गायकवाड़ का ऑडियो क्लिप भी वायरल हुआ है, जिसमें वो एक किताब के पब्लिशर को गाली देते हुए धमकी दे रहे हैं। उनका कहना है कि ये किताब छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान करती है।
दरअसल संजय गायकवाड़ की पत्नी को मंगलवार को ये किताब मिलीं।जब गायकवाड़ ने इसे पढ़ा तो उन्हें लगा कि इसमें शिवाजी महाराज का अपमान किया गया है और उनके इतिहास को गलत तरीके से दिखाया गया है। इसके बाद उन्होंने किताब के पब्लिशर प्रशांत अंबी को फोन किया। उस बातचीत का एक ऑडियो क्लिप वायरल हो गया। उसमें गायकवाड़ अंबी को गालियां देते और धमकियां देते सुनाई दे रहे हैं। वायरल ऑडियो में गायकवाड़ कहते सुनाई देते हैं कि अंबी की जुबान खींच लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का अपमान करने वाली इस किताब को नष्ट कर देना चाहिए और ऐसी किताबें पढ़ना भी नहीं चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि अंबी घमंडी है और उसने उनसे बदतमीजी की।
महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि गायकवाड़ बार-बार इस तरह की हरकतें करते हैं। उन्होंने पुराने मामले भी गिनाए: पहला, पिछले साल MLA हॉस्टल की कैंटीन में एक स्टाफ को थप्पड़ मारा था। दूसरा, पुलिस कर्मियों से अपनी गाड़ी धुलवाने का आरोप है। तीसरा, 2024 में उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने 1987 में एक बाघ का शिकार किया था और उसके दांत की माला गले में पहनकर दिखाई थी। सपकाल ने कहा कि जो नेता खुद को शिवाजी महाराज का वंशज बताता है, उसने जो भाषा इस्तेमाल की वो किसी जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। उन्होंने कहा कि ऐसे इंसान को शिवाजी महाराज का नाम लेने का भी हक नहीं है।
गायकवाड़ ने ऑडियो पर क्या कहा? जब ऑडियो वायरल हुआ तो गायकवाड़ ने माना कि ये उनकी ही आवाज है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि ऑडियो में कुछ शब्दों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
किताब कौन सी है और किसने लिखी? ‘शिवाजी कोन होता’ यानी ‘शिवाजी कौन था’ एक छोटी सी जीवनी है जो छत्रपति शिवाजी महाराज पर लिखी गई है। इसे लिखा था कम्युनिस्ट नेता गोविंद पानसरे ने। ये किताब पहली बार 1988 में छपी थी। इसे प्रशांत अंबी के प्रकाशन ‘लोकवाङ्मय गृह’ ने छापा था। तब से ये किताब कई बार दोबारा छप चुकी है। गोविंद पानसरे की 2015 में हत्या कर दी गई थी। उन पर कथित तौर पर दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं ने हमला किया था।
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Paytm के खिलाफ RBI की बड़ी कार्रवाई, लाइसेंस किया रद्द ; नियमों के उल्लंघन करने का आरोप
भारत के सेंट्रल बैंक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कड़ा कदम उठाते हुए Paytm Payments Bank का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी है। RBI के इस फैसले के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब बैंकिंग सेवाएं प्रदान नहीं कर सकेगा। यह कार्रवाई नियमों के उल्लंघन के चलते की गई है। बता दें कि, One 97 Communications के समर्थन वाली Paytm जिसके निवेशकों में कभी चीन की Ant Group और जापान की SoftBank भी शामिल थीं ने अगस्त 2015 में एक लिमिटेड बैंकिंग लाइसेंस हासिल किया था। इस लाइसेंस के तहत उसे छोटी जमा रकम स्वीकार करने की अनुमति थी, लेकिन वह लोन नहीं दे सकती थी।
RBI के अनुसार, बैंक का कामकाज ऐसे तरीके से चलाया जा रहा था जो न केवल बैंक बल्कि उसके ग्राहकों के हितों के लिए भी हानिकारक था। यह स्थिति बैंकिंग विनियमन अधिनियम (BR Act) की धारा 22 (3)(b) के प्रावधानों के विपरीत पाई गई।
इसके अलावा, बैंक का प्रबंधन ढांचा भी जमाकर्ताओं और सार्वजनिक हित के अनुरूप नहीं माना गया, जिससे BR Act की धारा 22 (3)(c) का उल्लंघन हुआ।
केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बैंक को उसी रूप में जारी रखने की अनुमति देना किसी भी प्रकार के उपयोगी उद्देश्य या जनहित को पूरा नहीं करेगा, जो धारा 22 (3)(e) के खिलाफ है।
साथ ही, बैंक अपने पेमेंट्स बैंक लाइसेंस से जुड़ी शर्तों का पालन करने में विफल रहा, जिससे उसने BR Act की धारा 22 (3)(g) का उल्लंघन किया।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने 24 अप्रैल, 2026 के आदेश के ज़रिए, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 (BR Act) की धारा 22(4) के तहत पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को जारी किया गया बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह आदेश 24 अप्रैल, 2026 को कारोबार बंद होने के समय से प्रभावी होगा। इसके परिणामस्वरूप, पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को तत्काल प्रभाव से, बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 5(b) में परिभाषित ‘बैंकिंग’ का कारोबार करने या धारा 6 के तहत निर्दिष्ट कोई भी अतिरिक्त कारोबार करने से प्रतिबंधित किया जाता है। RBI बैंक को बंद करने के लिए उच्च न्यायालय में एक आवेदन करेगा।
जनवरी 2024 में, भारतीय रिजर्व बैंक ने विजय शेखर के Paytm Payments Bank को नए डिपॉजिट लेना बंद करने का आदेश दिया था। उस समय RBI ने कहा था कि यह आदेश नियमों का पालन न करने की वजह से दिया गया है, जिसमें कस्टमर ड्यू डिलिजेंस, फंड्स का इस्तेमाल और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े नियम शामिल हैं।
आरबीआई ने कहा कि बिजनेस इस तरह से किया गया है जो जमाकर्ताओं के हितों के लिए नुकसानदायक है। आरबीआई ने यह भी कहा कि Paytm Payments Bank, उसे जारी किए गए पेमेंट्स बैंक लाइसेंस में तय किए गए नियमों का पालन करने में नाकाम रहा। RBI ने यह भी कहा कि वह बैंक को बंद करने के लिए हाई कोर्ट में अर्ज़ी देगा।
24 अप्रैल को पेटीएम का शेयर 0.56 फीसदी गिरकर 1,153 रुपये पर बंद हुआ। 27 अप्रैल को शेयर बाजार खुलने पर पेटीएम के शेयरों में बड़ी बिकवाली दिख सकती है। बीते एक महीने में पेटीएम का शेयर 11 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। हालांकि, अभी भी यह आईपीओ के अपने इश्यू प्राइस से काफी नीचे है।
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AAP में बड़ी भगदड़ : राघव चड्ढा के साथ 8 सांसदों ने भी छोड़ा केजरीवाल का साथ
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है राघव चड्ढा के साथ वे अन्य नाम पार्टी से अलग हो गए, जो कभी आप के लिए महत्वपूर्ण माने जाते थे। इनमें चड्ढा के अलावा छह अन्य सांसद भी हैं। इन सात नेताओं के इर्द-गिर्द बनी यह स्थिति आम आदमी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। जहां एक ओर ये चेहरे पार्टी की पहचान और विस्तार में अहम रहे, वहीं अब उनके अलग होने या बदलते रुख ने सियासी समीकरण बदल दिए हैं।
राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के सबसे चर्चित युवा नेताओं में गिने जाते हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट से राजनीति में आए चड्ढा ने दिल्ली विधानसभा से लेकर राज्यसभा तक का सफर तय किया है। पार्टी के वित्तीय प्रबंधन और नीतिगत रणनीति में उनकी अहम भूमिका रही है। अपने प्रभावशाली भाषण और साफ छवि के कारण वे पार्टी का शहरी और शिक्षित वर्ग में मजबूत चेहरा माने जाते हैं।
संदीप पाठक को आम आदमी पार्टी का संगठनात्मक दिमाग कहा जाता है। आईआईटी से शिक्षित पाठक ने पार्टी के विस्तार और चुनावी रणनीतियों को जमीनी स्तर तक लागू किया। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री के तौर पर उन्होंने कई राज्यों में पार्टी को मजबूत किया। हालांकि उनके भाजपा में शामिल होने से AAP को बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है। पाठक मूलत: छत्तीसगढ़ के मुंगेली के रहने वाले हैं।
स्वाति मालीवाल ने राजनीति में आने से पहले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान बनाई। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने महिला सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया। हाल के दिनों में उनका पार्टी नेतृत्व, खासकर अरविंद केजरीवाल के साथ विवाद भी चर्चा में रहा, जिसने उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े किए।
हरभजन सिंह भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज ऑफ-स्पिनर रहे हैं, जिन्होंने कई ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई। क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और राज्यसभा पहुंचे। उनकी पहचान एक आक्रामक और जोशीले खिलाड़ी के रूप में रही, जो अब सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अशोक मित्तल एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद और उद्योगपति हैं, जिन्होंने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की स्थापना की। शिक्षा सुधार और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा जाता है। AAP से राज्यसभा सांसद रहने के बाद उनका इस्तीफा पार्टी के लिए बौद्धिक और शैक्षणिक क्षेत्र में एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। हाल ही में इनके यहां छापे मारे गए थे।
राजेंद्र गुप्ता ट्राइडेंट ग्रुप के संस्थापक हैं, जो टेक्सटाइल, पेपर और केमिकल क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है। उन्हें 2007 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 2025 में AAP के टिकट पर राज्यसभा पहुंचे गुप्ता का इस्तीफा पार्टी के लिए औद्योगिक और आर्थिक दृष्टिकोण से एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
विक्रमजीत सिंह साहनी एक जाने-माने उद्योगपति और समाजसेवी हैं। सन फाउंडेशन के जरिए उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में काम किया है। AAP से राज्यसभा सांसद रहे साहनी का पार्टी छोड़ना इस बात का संकेत है कि पार्टी के भीतर बड़े बदलाव की प्रक्रिया चल रही है।
रायसेन। मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है जहां रायसेन के ग्राम अगरिया मारखो के 70 वर्षीय बुजुर्ग बिहारी बंजारे को अपने बेटे के प्रेम विवाह की गलती की सजा देने लड़की के परिजनों और रिश्तेदारों ने लात-घूंसों और चप्पल से पिटाई कर पेशाब पिला दिया। घटना का वीडियो आरोपितों ने खुद बनाकर वायरल किया। वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई।
पुलिस के अनुसार, 5 मार्च को रायसेन के नयापुरा अगरिया (मालखो टोला) निवासी एक युवक विदिशा जिले के शमशाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम तलैया की नाबालिग लड़की को भगाकर ले गया था। इस मामले में 6 मार्च को शमशाबाद थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके अगले दिन 7 मार्च की सुबह लड़की पक्ष के परिजन और उनके रिश्तेदार दो चारपहिया वाहनों में सवार होकर रायसेन पहुंचे। उन्होंने पहले बुजुर्ग बिहारी बंजारा से लड़की के बारे में पूछा फिर बुजुर्ग दंपत्ति से मारपीट भी की। इसके बाद लड़की की तलाश के बहाने अपने साथ चलने के लिए कहने लगे और जबरदस्ती अपने साथ वाहन में बैठाकर ले गए। उक्त सभी 10-12 आरोपित बुजुर्ग को राजगढ़ जिले के मोतीपुरा गांव ले गए, जहां लड़की और लड़का के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।
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CM हाउस के सामने धरना- प्रदर्शन पर रोक, पुलिस कमिश्नर का आदेश, 2 महीने तक रहेगा लागू
भोपाल में अब प्रमुख और व्यस्त चौराहों पर धरना-प्रदर्शन, हड़ताल और पुतला दहन जैसे कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। पुलिस आयुक्त द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी कर पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा और किलोल पार्क चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों को प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले दो महीनों तक प्रभावी रहेगा।
जारी आदेश में साफ किया गया है कि ये सभी चौराहे शहर के मुख्य मार्गों पर स्थित हैं और यहां से एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण स्थानों के लिए आवागमन होता है। इन स्थानों पर धरना-प्रदर्शन होने से यातायात बाधित हो जाता है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होती है, जो गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।
पुलिस के अनुसार, इन चौराहों पर अक्सर विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाती रही है। लेकिन इन स्थानों पर कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रदर्शन के दौरान पूरा ट्रैफिक प्रभावित हो जाता है। खासतौर पर पॉलिटेक्निक चौराहा ऐसा प्रमुख बिंदु है, जहां से एयरपोर्ट और बड़े अस्पतालों तक पहुंचने का मुख्य रास्ता गुजरता है। ऐसे में यहां जाम लगने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन चौराहों पर होने वाले आंदोलनों के कारण वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट भी प्रभावित होता है। इसके अलावा शहर की सामान्य जनसुविधाएं भी बाधित होती हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
पुलिस आयुक्त ने साफ किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी संगठन या समूह को इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में धरना, प्रदर्शन या पुतला दहन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दरअसल पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में सुचारू यातायात और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। आम जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए इन प्रमुख चौराहों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करना आवश्यक हो गया था।
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एंबुलेंस में इश्कबाजी! सड़कों पर सायरन बजाती दौड़ती रही थी 108 एंबुलेंस , मरीज की जगह मिली लड़की
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर में आपातकालीन सेवा मानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। मामला तब सामने आया जब सायरन बजाते हुए दौड़ रही एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं, बल्कि एक कॉलेज छात्रा बैठी हुई मिली। बताया जा रहा है कि एंबुलेंस चालक ने निजी काम के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया और छात्रा को बैठाकर ले जा रहा था, जिससे पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, एक व्यक्ति की नजर एंबुलेंस के अंदर बैठी लड़की पर पड़ी, जिससे उन्हें शक हुआ। इसके बाद उस व्यक्ति ने तुरंत बाइक से एंबुलेंस का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रुकवा लिया। जब चालक से पूछताछ की गई तो वह घबरा गया और सफाई देते हुए छात्रा को अपनी बहन बताया, लेकिन वह उसका नाम तक नहीं बता सका। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो मौके पर ही रिकॉर्ड कर लिया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। आम जनता का कहना है कि जब गंभीर मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पाती, तब इस तरह का दुरुपयोग बेहद चिंताजनक है। यह न सिर्फ सेवा की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है, बल्कि आपातकालीन व्यवस्था की निगरानी पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। वहीं इस मामले मे सीएमएचओ राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर बरगी थाना क्षेत्र के ग्राम सालीवाड़ा में एक दर्दनाक हादसे में नहर में नहाने के दौरान तीन लड़कियों की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बरगी थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू कर शवों को बाहर निकाला तथा परिजनों को सौंप दिया।
जानकारी के मुताबिक़ सालीवाड़ा में शादी समारोह था जिसमें शामिल होने के लिए एक लड़की जबलपुर से गई थी। जबकि अन्य लड़कियां पड़ोस की ही गांव की रहने वाली है। शादी के बाद कुछ लड़कियां नहर में नहाने गई थीं और इसी दौरान ये हादसा हो गया। इस घटना के बाद खुशी का माहौल मातम में बदल गया।
मृतक लड़कियों की पहचान शीतल पटेल, तनु पटेल और सानिया पटेल के रूप में हुई है। सालीवाड़ा में एक शादी समारोह चल रहा था, जिसमें शामिल होने के लिए एक लड़की जबलपुर से आई थी जबकि अन्य लड़कियां आसपास के गांव की रहने वाली थीं। आज सुबह करीब 11 बजे शादी समारोह में शामिल कुछ लड़कियां नहर में नहाने गई थीं। इस दौरान कुल पांच लड़कियां नहर के किनारे पहुंचीं और पानी में उतर गईं। करीब आधे घंटे तक वे नहाती रहीं। इसी बीच अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आने से हादसा हो गया।
बताया जा रहा है कि कुछ लड़कियां किनारे बैठकर मोबाइल से वीडियो बना रही थीं तभी अचानक तीन लड़कियां नहर के तेज बहाव की चपेट में आकर गहरे पानी में बह गईं। डूबने वाली लड़कियां शीतल पटेल, तनु पटेल और सानिया पटेल को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने कोशिश की, लेकिन गहरे पानी और तेज बहाव के कारण वे सफल नहीं हो सके। बताया गया कि एक लड़की को तैरना आता था जिसने अपनी सहेलियों को बचाने का प्रयास भी किया। वहीं किनारे मौजूद एक युवती ने साड़ी फेंककर बचाने की कोशिश की लेकिन तीनों लड़कियों को बचाया नहीं जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही बरगी नगर पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ को सूचना दी गई। इसके बाद गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब ढाई घंटे तक चले अभियान के बाद तीनों लड़कियों के शव नहर से बरामद किए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि सालीवाड़ा में पटेल परिवार की शादी थी और कार्यक्रम के बाद सभी लोग अपने घर जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान सुबह नहाने के लिए गई पांच लड़कियों में से तीन तेज बहाव की चपेट में आकर डूब गईं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है।
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दरिंदगी की हद पार... पति ने पत्नी का मुंडन कराया, निर्वस्त्र वीडियो बनाकर किया वायरल
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। मानपुर थाना क्षेत्र के नाहरखोदरा गांव में एक पति ने अपनी ही पत्नी के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उसका मुंडन कराया और फिर उसका निर्वस्त्र वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी राजेश कटारे ने पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद पहली पत्नी के लिए घर ही प्रताड़ना का केंद्र बन गया। आरोप है कि पति उसकी दूसरी पत्नी और मां मिलकर पीड़िता को लगातार गालियां देते, मारपीट करते और जान से मारने की धमकी देते थे।
पीड़िता ने बताया कि आरोपियों ने जबरन उसका मुंडन कराया और उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया। 21 अप्रैल को आरोपी पति ने उसे निर्वस्त्र कर वीडियो बनाया और यह वीडियो उसके भाई को भेज दिया। इस वीडियो में महिला का मुंडा हुआ सिर साफ दिखाई दे रहा है और आरोपियों की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।
26 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपी पति लगातार उसके चरित्र पर शक करता था। इसी शक के चलते उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आरोपियों ने उसे समाज में अपमानित करने के लिए वीडियो वायरल करने जैसी साजिश रच डाली।
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और पीड़िता की शिकायत पर केस दर्ज किया गया।
मानपुर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में आरोपी की दूसरी पत्नी की भूमिका भी संदिग्ध है जिसे सह-आरोपी बनाया गया है। मामले की आगे जांच जारी है।
इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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MP में संविदा-आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत: नियमितीकरण का रास्ता साफ, सरकार को हाईकोर्ट से नहीं मिला स्टे
भोपाल। मध्य प्रदेश में 25-30 वर्षों से नियमित और स्थाई किये जाने का राह देख रहे विभिन्न विभागों और निगम मंडलों, विश्वविद्यालयों में कार्य करने वाले 2 लाख संविदा कर्मचारियों और 3 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है। आज मप्र उच्च न्यायालय जबलपुर के द्वारा सरकार को सिंगल बेंच के उस निर्णय पर स्टे देने से मना कर दिया, जिसमें 9 अप्रैल को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने निर्णय दिया था कि जिन संविदा कर्मचारियों को 10 वर्ष हो गये हैं उन्हें जिस प्रकार दैनिक वेतन भोगियों को विनियमित करने के लिए म.प्र. सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 7 अक्टूबर 2016 को वर्गीकृत कर स्थाई कर्मी बनाया था और वेतनमान भत्ते दिये थे।
साथ में मंहगाई भत्ता तथा प्रतिवर्ष इन्क्रक्रमेंट दिये जाने का प्रावधान किया था..उसी प्रकार संविदा कर्मचारियों 7 अक्टुबर 2016 की नीति का लाभ दिया जाए। सिंगल बैंच के इस निर्णय के विरोध में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने आज बुधवार को डबल बैच में स्थगन के लिए याचिका लगाई थी। माननीय उच्च न्यायालय की डबल बेंच ने स्थगन देने से इंकार करते हुए कहा कि यह एक बहुत बड़े वर्ग का सवाल है, इसलिए हम इस पर स्थगन नहीं देंगें आप सिंगल बेंच में अपना पक्ष रखिए और निर्णय का पालन कीजिए।
मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने म.प्र. जबलपुर हाईकोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हुये कहा कि हम आभारी माननीय न्यायलय के जिन्होंने 5 लाख शोषित पीड़ित संविदा कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के दर्द को समझा हैं। हम पिछले 25 से 30 वर्षों से संविदा पर कार्य कर रहे थे, और शोषित हो रहे था. हर बार संविदा कर्मचारियों को संविदा नवीनीकरण के नाम पर हर वर्ष शोषण सहना पड़ता था और बार बार नौकरी से हटाने की धमकी भी देते थे कि तुम संविदा कर्मचारी हो हटा देंगें। वेतनमान और भत्ते नहीं मिलते थे महंगाई भत्ता और प्रतिवर्ष इंक्रीमेंट नहीं मिलता था, सरकारी मकान आवंटन नहीं होता था संविदा कर्मचारियों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार किया जाता था। विभिन्न विभागों में कार्य करने वाले लाखों संविदा कर्मचारियों में इस निर्णय से खुशी की लहर है।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अब संविदा कर्मचारियों के साथ न्याय करते हुए माननीय उच्च न्यायालय निर्णय का पालन करते हुए जिन संविदा कर्मचारियों को दस वर्ष हो गये हैं उन्हें स्थाई कर्मचारी बनाते हुये नियमित वेतनमान, मंहगाई भत्ता, इन्क्रीमेंट प्रदान किया जाए।
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25 April 2026
राजगढ़। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में दर्दनाक हादसा हो गया। गैस सिलेंडर फटने से जहां पति की मौत हो गई वहीं पत्नी गंभीर रूप से घायल है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।सुबह करीब 5 बजे राजगढ़ बायपास स्थित शिवधाम कॉलोनी में सुरेंद्र सिंह भल्ला के घर के रसोईघर में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने के बाद जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि पूरी कॉलोनी में हड़कंप मच गया। हादसे में सुरेंद्र सिंह भल्ला (60 वर्ष) और उनकी पत्नी... अपराध
25 April 2026
खंडवा। शहर के इमलीपुरा में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली घी बनाने वाले कारखाने पर छापामार कार्रवाई की। यह कारखाना बेगम पार्क के सामने एक गली में अनवर कुरैशी के घर में संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान कारखाने से बड़ी मात्रा में घी और पशुओं का अवशेष, नकली घी बरामद किया गया है।दरअसल प्रशासन को सूचना मिली थी कि यहां पशुओं की चर्बी से घी तैयार किया जा रहा है। जिसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए कारखाने से भारी मात्रा में घी और पशु... गुना सिटी
गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र अंतर्गत सगोरिया गांव में मोटरसाइकिल को लेकर हुये विवाद में बेटे ने अपने पिता के सिर पर गैंती मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि दोनों बाप बेटों में अक्सर किसी ने किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ करता था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार म्याना थाना क्षेत्र के ग्राम सगौरिया में बड़े बेटे का अपने पिता रमेश जाटव से मोटरसाइकिल को लेकर विवाद हुआ और विवाद इतना बड़ा की बेटे विकास जाटव ने अपने पिता रमेश जाटव के सर में गैती मार दी... फोटो गैलरी
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