This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

ADD-n.jpg

 

 

 

भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र में सगाई से इंकार करने के बाद एक दंपती के साथ तालिबानी अंदाज में मारपीट और अपमान का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, एक दंपती गमी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी चौबारा जागीर रोड पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और कथित तौर पर जबरन वाहन में बैठाकर सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के टीबूपुरा गांव ले गए। वहां उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट की गई और जूते-चप्पलों की माला पहनाकर अपमानित करने का आरोप है।
इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे मामला और चर्चा में आ गया। सूचना मिलने पर 112 पुलिस मौके पर पहुंची और दंपती को सुरक्षित निकालकर थाने लाई, जहां उन्होंने पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपहरण सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पीड़ित का कहना है कि नाबालिग लड़की की सगाई पहले तय हुई थी, लेकिन उम्र कम होने के कारण उन्होंने रिश्ता रोक दिया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।

------------------------------------
कांग्रेस नेता अस्पताल से गिरफ्तारः वनकर्मियों पर हमले और लूट मामले में पुलिस ने जबलपुर से पकड़ा
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में वन विभाग की टीम पर हमले और लूट के मामले ने अब राजनीतिक गलियारा गर्मा दिया है। धरमपुर रेंज में अवैध उत्खनन रोकने गए वनकर्मियों के साथ हाथापाई और ट्रैक्टर लूटने के आरोपों में घिरे विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और कांग्रेस नेता भरत मिलन पाण्डेय को पुलिस ने जबलपुर से हिरासत में लिया है। हालांकि वे इसे राजनीतिक षड्यंत्र बता रहे है।
दरअसल घटना 23 अप्रैल 2026 की है, जब पिस्टा बीट में अवैध पत्थर उत्खनन की सूचना पर वनपाल महीप कुमार रावत की टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। आरोप है कि पत्थर माफिया लखन लाल पाण्डेय और उसके साथियों ने टीम पर हमला कर दिया। शिकायत के अनुसार, मौके पर पहुंचे भरत पाण्डेय ने न केवल वनकर्मियों को धमकाया, बल्कि आरोपियों को भगाने में मदद की और टीम से मोबाइल व चाबियां छीन लीं।
​गिरफ्तारी के बाद भरत पाण्डेय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि- ​FIR में शुरुआत में उनका नाम शामिल नहीं था, जिसे बाद में राजनीतिक दबाव में जोड़ा गया। ​वे जबलपुर इलाज के लिए गए थे, न कि पुलिस से बचने के लिए। ​फिलहाल, एडिशनल एसपी का कहना है कि पन्ना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

-----------------------------------
हलवाई बना हत्यारा: शादी समारोह में मामूली विवाद के बाद युवक पर चाकू से हमला, वकील की जान गई
सतना। जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत रनेहीं गांव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और एक युवक की जान चली गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है, वहीं पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
दरअसल मृतक रोहित डोहर (24 वर्ष) पिता रामलाल निवासी गौरा मेदनीपुर शादी समारोह में शामिल होने रनेही गांव गया हुआ था। वहां खाने पीने को लेकर हलवाई सतीश डोहर से विवाद शुरू हो गया। जब युवक अपने गांव लौट रहा था तभी आरोपी सतीश ने अपने साथियों के साथ मिलकर सब्जी काटने वाले चाकू से हमला कर दिया। लहूलुहान हालत में छोड़ आरोपी मौके से फरार हो गए। हमले में गंभीर रूप से घायल रोहित को कोठी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही कोहराम मच गया और शादी का माहौल शोक में बदल गया।
सूचना मिलते ही कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी में रखवा दिया। शुक्रवार की सुबह फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी संतोष तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहे और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी और मृतक एक ही गांव के रहने वाले हैं। मृतक वकालत की प्रैक्टिस कर रहा था जबकि आरोपी हलवाई का काम करता है। फिलहाल आरोपियों की तलाश जारी है।

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जहां प्रेमिका ने अवैध संबंध के चलते अपने प्रेमी की हत्या कर दी। फिर उसे सुसाइड दिखाने के लिए खौफनाक खेल रचा। घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने आरोपी प्रेमिका और उसके साथ इस क्राइम में शामिल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
दरअसल, भैंसवाही ग्राम में एक शख्स का शव पेड़ से लटका मिला था। गले पर बिजली का तार का फंदा बंधा हुआ था। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन जांच में पूरा मामला पलट गया और यह एक सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतक की प्रेमिका, उसके भाई और दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
का की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी रितेश शर्मा ने बताया कि बीते 27 अप्रैल 2026 को प्रार्थी हरीश साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता संतराम साहू ने अपने खेत की मेड़ पर लगे आम के पेड़ पर बिजली के तार से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
​डॉक्टरों की पीएम रिपोर्ट ने मामले की दिशा ही बदल दी। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतक की नाक पर गंभीर चोट के निशान थे और बिजली के तार को गले में फंसाकर इतनी जोर से खींचा गया था कि उनकी श्वासनली का छल्ला टूट गया था। गला घोंटने की पुष्टि होते ही पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 61(2), 3(5) बीएनएस के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने विश्वसनीय मुखबिरों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर गांव की ही पिंकी कोल को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में पिंकी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पिंकी कोल और मृतक संतराम साहू के बीच अवैध प्रेम संबंध थे, जो बाद में विवाद का कारण बन गए। इसी रंजिश के चलते पिंकी ने अपने भाई और उसके साथियों के साथ मिलकर हत्या का षड्यंत्र रचा।
पुलिस के अनुसार, योजना के तहत आरोपियों ने संतराम साहू को पहले अपने घर बुलाया और वहा ​पिंकी कोल ने ईंट से प्रहार कर संतराम की नाक और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। ​इसके बाद पिंकी के भाई रवि कोल और उसके साथियों इत्तू भतरा व मोनू भतरा ने बिजली के लंबे तार को संतराम के गले में फंसाकर दोनों तरफ से जोर से खींचा।​ दम घुटने से मौके पर ही संतराम की मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने इसे आत्महत्या दिखाने के लिए शव को पेड़ से लटकाने का प्रयास किया।
​चारों आरोपी सलाखों के पीछे
​पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों मुख्य आरोपी ​पिंकी कोल (प्रेमिका)
​रवि कोल (भाई) ​इत्तू भतरा
​मोनू भतरा ​को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल वारंट पर जिला जेल कटनी भेज दिया गया है।
-----------------------------------------
उज्जैन के कथावाचक को ‘सर तन से जुदा’ की धमकी: हैदराबाद में राम नवमी पर भाषण के बाद सोशल मीडिया पर इनाम की बात, FIR दर्ज
उज्जैन। महाकाल थाना क्षेत्र में कथावाचक को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। चारधाम मंदिर, जयसिंहपुरा निवासी रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने शिकायत में बताया कि 27 मार्च 2026 को राम नवमी के अवसर पर हैदराबाद में निकली शोभायात्रा और धार्मिक कार्यक्रम में उन्होंने उद्बोधन दिया था। इस दौरान उन्होंने लव जिहाद, धर्मांतरण और गौ हत्या जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे थे और इनके खिलाफ आवाज उठाने की बात कही थी। बताया गया कि इस कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और गंगोत्री धाम के संत अद्वैतानंद गिरी जी महाराज सहित कई गणमान्य लोग भी मौजूद थे।
उद्बोधन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कथावाचक को निशाना बनाया जाने लगा। शिकायत के अनुसार, इंस्टाग्राम आईडी @dr_taha_cheemaa सहित अन्य प्लेटफॉर्म्स पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरे पोस्ट सामने आए।
आवेदन में बताया गया है कि उक्त आईडी से उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। साथ ही “सर तन से जुदा” करने जैसी बातें लिखी गईं और ऐसा करने वाले को लाखों रुपये का इनाम देने की बात भी कही गई है। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है। फिलहाल पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स, वायरल वीडियो और संबंधित पोस्ट्स की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आलोक शर्मा, एडिशनल एसपी
----------------------------------------
धार्मिक नगरी में चमत्कार: महाकाल मंदिर के पास खुदाई में निकला 2 हजार साल पुराना शिवलिंग, आस्था का उमड़ा सैलाब
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर के पास शुक्रवार सुबह चार बजे टनल खुदाई के दौरान एक शिवलिंग मिलने से क्षेत्र में आस्था का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही मंदिर के पुजारियों और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से शिवलिंग का पूजन किया। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे। पुरातत्व विभाग इसे 1000 से 2000 वर्ष पुराना मान रहा है।
विभाग के अनुसार सिक्स सेंचुरी के उत्खनन में भी इस तरह के शिवलिंग और अवशेष मिले हैं। केमिकल ट्रीटमेंट के बाद ही इस शिवलिंग की सदी का पता चल सकेगा। हालांकि अभी जो दिखाई दे रहा है यह राजाभोज के परमार काल का शिवलिंग है और जो लिपि अभी दिखाई दे रही हे वो ईसा पूर्व की है।
दरअसल, महाकाल मंदिर के सामने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गेट नंबर-4 के पास टनल और वेटिंग हॉल का निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे खुदाई के दौरान पोकलेन मशीन ऑपरेटर को मिट्टी के बीच एक शिवलिंग दिखाई दिया। इसके बाद तुरंत साइड इंजीनियर और मंदिर प्रशासन को सूचना दी गई। घटना के बाद एहतियातन खुदाई का काम रोक दिया गया।
मंदिर के पुजारियों ओर क्षेत्रवासियों ने मौके पर पहुंचकर शिवलिंग का पूजन-अर्चन किया और फिलहाल उसे उसी स्थान पर सुरक्षित रखवाया गया है। खबर फैलते ही श्रद्धालुओं की भीड़ मौके पर जुटने लगी और दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। संभवत इसे परमार कालीन शिवलिंग बताया जा रहा है। साइट इंजीनियर दीपक पटेल के मुताबिक, खुदाई के दौरान शिवलिंग के साथ अन्य प्राचीन अवशेष मिलने के संकेत भी हैं।
उन्होंने बताया कि नंदी की प्रतिमा जैसे अवशेष भी हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि मई 2020 में भी महाकाल मंदिर विस्तार कार्य के दौरान खुदाई में एक प्राचीन मंदिर के अवशेष मिले थे। उस समय 25-30 फीट नीचे खुदाई में शिवलिंग, नंदी, गणेश, मां चामुंडा और अन्य मूर्तियां मिली थीं। पुरातत्व विशेषज्ञों ने इन्हें करीब एक हजार वर्ष पुराना, परमारकालीन बताया था।
7 मीटर गहराई से निकले शिवलिंग की जांच अब पुरातत्व विभाग करेगा। पुरातत्व विभाग के डॉ. रमन सोलंकी ने प्रथम दृष्टया इस शिवलिंग को राजा भोज के काल का परमारकालीन बताया है। शिवलिंग की धुलाई के बाद ही इसके काल और ईसा का पता चल सकेगा। यह एक महत्वपूर्ण और दुनिया का विरले शिवलिंग है।

कर्नाटक के कोप्पल जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां गंगावती की अदालत ने भाजपा नेता वेंकटेश कुरुबारा की पिछले साल हुई हत्या मामले में छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। पुलिस ने बताया कि जज सदानंद नागप्पा नायक ने रवि, विजय उर्फ मैलारी, धनराज, भीमा उर्फ भरत, सलीम और गंगाधर गवली को गुरुवार को सजा सुनाई। अदालत ने इस हत्याकांड को गंभीर अपराध मानते हुए सख्त रुख अपनाया है. फैसला कोप्पल जिले के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सुनाया है। मरत्युदंड के अलावा कोर्ट ने सभी दोषियों पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. इस फैसले की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है.
यह मामला लंबे समय से न्यायालय में चल रहा था, जिस पर अब जाकर अंतिम निर्णय आया है. इस केस में अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपियों को दोषी माना. वहीं, पहले ही छह अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था. कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि अभियोजन पक्ष ने मजबूत साक्ष्य पेश किए, जिससे आरोपियों की संलिप्तता साबित हुई. इस फैसले से यह भी साफ हो गया कि न्यायालय ने हर पहलू को बारीकी से जांचने के बाद ही सजा सुनाई है.
क्या है पूरा मामला ?-दरअसल, यह हत्याकांड साल 2025 में हुआ था और इसके पीछे पुरानी दुश्मनी और गैंग वॉर को मुख्य कारण माना गया. वेंकटेश कुरुबा की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी. अभियोजन पक्ष के मुताबिक, आरोपियों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो समय के साथ और भी हिंसक होता चला गया. इस दुश्मनी ने अंततः एक बड़ी आपराधिक घटना का रूप ले लिया.
मामले की सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर लोगों को डराने और अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश की थी. कोर्ट ने इस पहलू को बेहद गंभीरता से लिया और इसे समाज में भय का माहौल बनाने की कोशिश बताया. न्यायालय ने कहा कि इस तरह की हरकतें कानून-व्यवस्था के लिए खतरा हैं और इन्हें सख्ती से रोका जाना जरूरी है.
इस पूरे मामले की जड़ें एक पुराने हमले से जुड़ी थीं, जिसमें वेंकटेश के एक सहयोगी को निशाना बनाया गया था. उसी घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया था. धीरे-धीरे यह विवाद गैंगवार में बदल गया और आखिरकार वेंकटेश कुरुबा की हत्या कर दी गई. कोर्ट के इस फैसले को कानून का कड़ा संदेश माना जा रहा है, जो यह बताता है कि संगठित अपराध और गैंग रंजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
--------------------------------------
क्रूज में सुरक्षा नहीं, मौत का था इंतजाम...! 5 मिनट की लापरवाही पड़ गई कई जिंदगियों पर भारी
जबलपुर। बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई सवाल छोड़ गया है। नर्मदा की तेज लहरें, अचानक बदला मौसम और सुरक्षा में चूक इन सबने मिलकर कई जिंदगियां छीन लीं। गुरुवार (30 अप्रैल) शाम पर्यटकों से भरा क्रूज नर्मदा के बैकवाटर में सैर कर रहा था। तभी अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाएं चलने लगीं, लहरें ऊंची हो गईं और देखते ही देखते क्रूज डगमगाने लगा। कुछ ही मिनटों में खुशियों का सफर चीख-पुकार में बदल गया।
दिल्ली के प्रदीप कुमार इस हादसे में बच गए, लेकिन उनकी पत्नी और 4 साल का बेटा लापता हैं। उनकी आंखों में दर्द साफ दिखता है। प्रदीप का आरोप है कि क्रूज में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं था। न तो यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाई गई, न ही कोई सुरक्षा निर्देश दिए गए। हालात बिगड़ने पर क्रू मेंबर भी मदद करने के बजाय पीछे हट गए।
आमतौर पर बोट या क्रूज में बैठने से पहले लाइफ जैकेट पहनना जरूरी होता है। लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। प्रदीप के मुताबिक, जब पानी अंदर आने लगा तो लोगों ने खुद लाइफ जैकेट ढूंढी और एक-दूसरे को पहनाई। सोचिए, उस वक्त क्या हाल होगा जब पहली बार ही किसी को समझ आए कि लाइफ जैकेट कहां है और कैसे पहननी है।
हादसे से पहले ही खतरे के संकेत मिल रहे थे। तेज हवाएं और ऊंची लहरें साफ बता रही थीं कि हालात खराब हैं। किनारे पर मौजूद लोगों ने भी चालक को वापस लौटने को कहा, लेकिन आरोप है कि उसने बात नहीं मानी और क्रूज को आगे बढ़ाता रहा। यही फैसला भारी पड़ गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पानी में हादसे के पहले 5 मिनट बेहद अहम होते हैं। लाइफ जैकेट शरीर को पानी के ऊपर बनाए रखती है और घबराहट में भी व्यक्ति को डूबने से बचाती है। इस क्रूज में कई बच्चे और बुजुर्ग सवार थे। अगर सभी ने लाइफ जैकेट पहनी होती, तो शायद कई जिंदगियां बच सकती थीं।
उठ रहे हैं ये बड़े सवाल
क्या सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई थी?
क्या उन्हें पहनना अनिवार्य किया गया था?
क्या खराब मौसम में क्रूज चलाना सही था?
चेतावनी के बावजूद क्रूज को किनारे क्यों नहीं लाया गया?
ये सवाल सिर्फ जांच के नहीं, बल्कि उन परिवारों की पीड़ा हैं, जिन्होंने अपने अपनों को खोया है।
हादसे के बाद पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों ने राहत-बचाव शुरू किया। अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और 23 लोगों को बचाया गया है। कई लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने आदेश दिया है कि अगले आदेश तक प्रदेश के सभी क्रूज बंद रहेंगे। साथ ही सभी क्रूज की सुरक्षा जांच और स्टाफ को आपातकालीन ट्रेनिंग देने के निर्देश दिए गए हैं।
हर जल यात्रा रोमांचक होती है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा जरूरी है। बरगी डैम हादसे ने यह साफ कर दिया कि लाइफ जैकेट कोई औपचारिकता नहीं, बल्कि जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा सहारा है। यह हादसा एक चेतावनी है- अगर नियमों का पालन नहीं होगा, तो ऐसी त्रासदियां दोहराई जा सकती हैं। अब जिम्मेदारी व्यवस्था की है कि अगली बार कोई भी यात्री अपनी जान को लेकर असुरक्षित महसूस न करे।
---------------------------------
यूपी: स्मार्ट मीटर पर बवाल, सैकड़ों महिलाएं सिर पर मीटर लेकर बिजली ऑफिस पहुंचीं, फेंकी, बोलीं- ये बर्दाश्त नहीं
आगरा. उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, इसी क्रम में आगरा में बिजली विभाग के स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया गया. शुक्रवार को शहर से 20 किमी दूर अकोला कस्बे में सैकड़ों महिलाओं ने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़ लिए. सिर पर मीटर लेकर गांव के बिजली ऑफिस पहुंच गईं और वहां मीटर फेंक दिए.
स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला. कई लोग बोरे में भरकर स्मार्ट मीटर लेकर पहुंचे और उन्हें फेंककर विरोध जताया. इसके बाद महिलाएं और ग्रामीण धरने पर बैठ गए. बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया.
ग्रामीणों का कहना है कि स्मार्ट मीटर बहुत तेज चलता है. इससे कम इस्तेमाल करने पर भी ज्यादा बिल आ रहा है. यहां तक की कई बार बिना इस्तेमाल के भी बैलेंस कम हो जाता है. लोगों का कहना है कि बैलेंस माइनस में जाते ही बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है. रिचार्ज के बाद भी कई बार सप्लाई तुरंत बहाल नहीं होती. स्मार्ट मीटर को कई महीनों से हो रहे विरोध के बाद प्रदेश सरकार ने सरकार को नया आदेश जारी किया था. इसके मुताबिक, 1 किलोवाट तक के कनेक्शन पर 30 दिन तक और 2 किलोवाट पर 200 रुपए माइनस होने पर भी बिजली नहीं काटने की बात कही गई थी.

धार। मध्यप्रदेश के धार जिले से बड़ी खबर सामने आई है यहां धार और तिरला के बीच इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई है जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। हादसा चिकलिया ब्रिज के पास एक पेट्रोल पंप के सामने उस वक्त हुआ जब लोडिंग वाहन पिकअप (13 जेडटी-6776) और स्कॉर्पियो (एमपी 09 बीई-9997) स्कार्पियो की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहन सड़क से नीचे उतर गए और कोहराम मच गया।
जानकारी के मुताबिक पिकअप में करीब 50 मजदूर सवार थे जो लेबड़ क्षेत्र से मजदूरी कर खुशी-खुशी अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रात करीब 8 से 8:30 बजे के बीच सामने से तेज रफ्तार में आ रही स्कार्पियो ने पिकअप को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन सड़क से नीचे उतर गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई। हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है जिनमें 9 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक बच्ची भी है, सभी मजदूर समेलिया, नयापुरा, जलोखिया और सुल्तानपुर गांव के निवासी थे।
भीषण हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण व पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को चार अलग-अलग वाहनों से अस्पताल पहुंचा। एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। ओपीडी से लेकर वार्ड तक हर जगह खून और चीख-पुकार का दर्दनाक दृश्य नजर आया। परिजन अपनों को ढूंढते हुए बदहवास नजर आए। अस्पताल का आईसीयू वार्ड पूरी तरह घायलों से भर गया। डॉक्टरों के मुताबिक कई घायलों की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। घटनास्थल से कई शव लाए गए, जिनमें एक बच्ची का शव देख परिजन फूट-फूटकर रो पड़े।
घायल निलेश डावर ने बताया कि सभी मजदूर सुबह लेबड़ के खेतों में काम करने गए थे, जहां 400 रुपए मजदूरी तय हुई थी। शाम को घर लौटते वक्त अचानक यह हादसा हो गया। पिकअप चालक राधेश्याम भी गंभीर रूप से घायल है और बेहोश है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कार्पियो तेज रफ्तार में थी और नियंत्रण नहीं रख पाई। टक्कर के बाद वाहन के एयरबैग तक खुल गए, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हादसे में जान गंवाने वालों में कई एक ही परिवार के सदस्य है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि सुल्तानपुर के पूर्व सरपंच मुन्नालाल डावर का पोता, पत्नी सावित्री और 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई।

--------------------------------
बदकिस्मत चोर: कुंडी खोलने के लिए जाली में डाला हाथ, फिर जो हुआ…देखें
ग्वालियर। चोरी की नीयत से घर में घुसे एक शातिर चोर तब बेहाल हो गया जब उसका हाथ खिड़की की जाली में फंस गया और रात भर मजबूरन उसके सहारे खड़े रहना पड़ा। सुबह जब मकान मालिक ने यह वाक्या देखा तो वह भी हैरान रह गया। जिसके बाद मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी और मौके पर पहुंची टीम ने उसे हिरासत में लिया।
घटना ग्वालियर शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के दीनदयाल नगर की है। जहां बीती रात शातिर चोर मनोज कुशवाहा एक निर्माणाधीन मकान में सरिया चोरी करने के नीयत से घुसा था। चोर ने जैसे ही खिड़की की जाली से हाथ डालकर दरवाजा खोलने की कोशिश की उसका हाथ जाली में फस गया। जब चोर को इस बात का अहसास हुआ तो उसने हाथ निकालने की काफी मशकक्त की लेकिन कामयाब नहीं हो सका। हाथ नहीं निकलने की स्थिति में चोर को मजबूरन रात भर वहीं खड़े रहना पड़ा।
सुबह जब मकान मालिक निर्माणाधीन मकान पर पहुंचा तो वह यह वाक्या देखकर हक्का-बक्का रह गया। मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद मनोज का हाथ जाली से निकालने में कामयाब हो सकी।
पुलिस के मुताबिक मनोज इलाके में सरिया चोरी की कई वारदात कर चुका है। आरोपी निर्माणाधीन मकानों को निशाना बनाता था। पूछताछ में उसने कई चोरियों कबूल की है। पुलिस उससे चोरी का माल बरामद करने की कोशिश कर रही है।
वहीं घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। लोग कह रहे हैं- चोरी करने गया था, खुद ही जाल में फंस गया। फिलहाल पुलिस ने चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
----------------------------------
बच्चे की कलाई में बंधा स्मार्ट वॉच फटा: कलाई की चमड़ियां उधड़ी, शादी समारोह में मची अफरा-तफरी
नर्मदापुरम। अगर आप भी स्मार्ट वॉच पहनने के शौकीन हैं तो जरा संभलकर, क्योंकि यह कभी-कभी बम बनकर फट भी सकता है। जी हां, मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक बच्चे की कलाई में बंधा स्मार्ट वॉच अचानक फट गया। इस हादसे में बच्चे की कलाई की चमड़ी उधड़ गई।
दरअसल, नर्मदापुरम निवासी वेदांत चौधरी अपने जुड़वां भाई सूर्यांश के साथ इटारसी रोड स्थित एक गार्डन में शादी समारोह में शामिल होने आया था। रात के समय जब दोनों भाई साथ बैठे थे, तभी वेदांत के हाथ में बंधी स्मार्ट वॉच में जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि वेदांत के हाथ की चमड़ी छिल गई और पास बैठे सूर्यांश को भी चोटें आईं।
परिजनों ने आनन-फानन में रात करीब 1:30 बजे दोनों बच्चों को निजी अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टर रवि चढ़ार के अनुसार गनीमत रही कि चोटें अधिक गहरी नहीं थीं। प्राथमिक उपचार और मरहम-पट्टी के बाद बच्चों को घर भेज दिया गया है। ​उन्होंने कहा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और खिलौनों में इस्तेमाल होने वाली सस्ती लिथियम बैटरी अक्सर ओवरहीटिंग या शॉर्ट सर्किट के कारण खतरनाक साबित हो सकती हैं। बच्चों को ऐसी डिवाइस देते समय गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें।

सागर। मध्य प्रदेश के सागर से चौंका देने वाला मामला सामने आया है। यहां दलित समाज की बारात पर दबंगों ने देर रात सिर्फ इसलिए हमला कर दिया क्योंकि वह दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने देना चाहते थे। इन जातिवादी मानसिकता वाले लोगों लाठी-डंडों से बारात पर हमला कर लोगों को घायल कर दिया। मामले की खबर भीम आर्मी (सांसद चंद्रशेखर रावण की पार्टी) को लगी। उनके पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और उनकी देखरेख में शादी कराई गई।
मामला मंगलवार-बुधवार दरमियानी रात करीब एक बजे की है। सागर के नरयावली विधानसभा क्षेत्र के खैजरा माफी गांव से अहिरवार समाज की एक बारात निकल रही थी। तभी अचानक जातिवादी मानसिकता के दबंगों ने बारात को बीच में ही रोक दिया। दबंगों ने दूल्हे को घोड़ी पर नहीं बैठने दिया। दबंगों ने बारातियों से जमकर विवाद किया फिर मारपीट शुरू कर दी। मिली जानकारी के अनुसार, दबंगों ने दुल्हन के परिजनों को भी निशाना बनाया और उनके साथ भी मारपीट की। इस जातिवादी हमले में करीब 10 लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल अस्पताल में चल रहा है।
इस घटना की जानकारी भीम आर्मी को मिली। सूचना मिलते ही भीम आर्मी के पदाधिकारी प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र अहिरवार, सागर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर अहिरवार और जिला प्रभारी कमलेश अहिरवार प्रमुख रात 2 बजे के आसपास खैजरा माफी गांव पहुंचे। भीम आर्मी ने पुलिस के सामने इसका विरोध किया और दबंगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उनके हस्तक्षेप के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया। भीम आर्मी के सदस्यों की मौजूदगी में दूल्हा-दुल्हन की शादी संपन्न कराई गई और जयमाला की रस्म भी पूरी हुई।
बता दें कि, दमोह के हटा थाना क्षेत्र के बिजोरी पाठक गांव में भी 1 हफ्ते पहले ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां एक दिव्यांग दलित दूल्हे और पूरी बारात पर दबंगों ने लाठी-डंडे लेकर हमला कर दिया था। इस मामले में भी जातिवादी मानसिकता वाले लोगों को एक दलित दूल्हे का घोड़ी पर चढ़ना नागवार गुजरा। दबंगों ने बारात को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान दूल्हे के परिवार के कई लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, बारात लोधी समाज की थी। दबंगों ने घोड़ी पर बैठे दिव्यांग दूल्हे को नीचे पटक दिया था। यहीं नहीं, दूल्हे भाई को बचाने के लिए दौड़ी बहन को भी दबंगों ने नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि दबंगों ने बारातियों के गहने भी लूट लिए।
----------------------------------
भोपाल में शर्मनाक वारदात! युवक को नग्न कर पीटा,मुंह पर की पेशाब, हैवान बने साथी
भोपाल। राजधानी से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने इंसानियत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मामूली आपसी झगड़ा इतना बढ़ गया कि कुछ युवकों ने मिलकर एक युवक के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार किया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग इस घटना को लेकर गुस्से में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है।
यह घटना भोपाल के हनुमानगंज थाना क्षेत्र की है। यहां शबरी नगर में रहने वाला 25 वर्षीय युवक यशवंत सोमवार शाम अपने घर के पास ही टहल रहा था। सब कुछ सामान्य था लेकिन कुछ ही देर में हालात पूरी तरह बदल गए। इलाके के ही चार युवक अचानक उसके पास पहुंचे और उसे घेर लिया। शुरुआत में बात सिर्फ बहस तक सीमित थी लेकिन जल्द ही मामला हिंसा में बदल गया।
आरोपियों को शक था कि यशवंत उनके विरोधी व्यक्ति के संपर्क में है। इसी बात को लेकर वे पहले से नाराज थे। जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने युवक को घेर लिया और सवाल जवाब शुरू कर दिए। युवक ने अपनी सफाई देने की कोशिश की लेकिन आरोपियों ने उसकी बात नहीं सुनी। धीरे धीरे माहौल गरम होता गया और बात हाथापाई तक पहुंच गई।
कुछ ही मिनटों में आरोपियों ने युवक पर हमला कर दिया। उसे पकड़कर जमीन पर गिराया गया और डंडों, बेल्ट और हाथों से पीटना शुरू कर दिया गया। युवक लगातार उनसे छोड़ देने की गुहार लगाता रहा लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी। आसपास के लोग यह सब देखकर सहम गए लेकिन डर की वजह से कोई तुरंत आगे नहीं आ सका।
मारपीट के दौरान दो आरोपियों ने चाकू निकाल लिया और युवक पर वार करना शुरू कर दिया। इससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर से खून बहने लगा। हालत बिगड़ती देख भी हमलावर नहीं रुके और लगातार हमला करते रहे। यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही समय में बेहद खतरनाक रूप ले चुका था।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि हमलावरों ने युवक के साथ बेहद अपमानजनक व्यवहार भी किया। इस दौरान उन्होंने उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हरकतें कीं, जिससे घटना और भी गंभीर हो गई। इस तरह की हरकत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया और लोगों में आक्रोश बढ़ गया।
जब आसपास लोगों की भीड़ बढ़ने लगी, तब आरोपी मौके से फरार हो गए। इसके बाद स्थानीय लोगों ने घायल युवक की मदद की और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, युवक को गंभीर चोटें आई थीं लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी हालत अब स्थिर है।
घटना के बाद पीड़ित युवक ने बताया कि वह लगातार हमलावरों से छोड़ देने की विनती करता रहा लेकिन उन्होंने कोई रहम नहीं दिखाया। उसने बताया कि उसे बेल्ट, चप्पल और हाथों से मारा गया, और यहां तक कि धारदार हथियार से भी हमला किया गया। पीड़ित ने यह भी कहा कि उसे अब भी अपनी सुरक्षा को लेकर डर महसूस हो रहा है।
हनुमानगंज थाना प्रभारी अवधेश सिंह भदोरिया ने बताया कि दोनों पक्ष कमला नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अभद्र व्यवहार, जानलेवा हमला सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों का सुराग मिल चुका है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे मामला कितना भी गंभीर क्यों न हो। वहीं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं। हनुमानगंज थाने में FIR दर्ज हो चुकी है और अगर जांच में अपहरण जैसे नए तथ्य सामने आते हैं तो धाराएं और बढ़ाई जाएंगी। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं और उन पर इनाम भी घोषित कर दिया गया है।
-------------------------------
खंडवा में रेलवे कोर्ट का बड़ा फैसला: ट्रैकमैन को 6 साल की सुनाई सजा
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में सेना की विशेष ट्रेन को डेटोनेटर लगाकर रोकने के सनसनीखेज मामले में रेलवे कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी रेलवे कर्मचारी (ट्रैकमेन) साबिर उर्फ शब्बीर को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने साबिर को 6 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
रेलवे पुलिस के मुताबिक, यह पूरी घटना 18 सितंबर 2024 की है। जम्मू-कश्मीर से कर्नाटक जा रही सेना की विशेष ट्रेन को डोंगरगांव और सागफाटा स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर लगे डेटोनेटर फटने के कारण रोकना पड़ा था। घटना के बाद रेलवे टीआई संजीव कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर को जांच शुरू की थी। जांच के दौरान घटनास्थल से डेटोनेटर के अवशेष बरामद किए गए।
आरपीएफ की टीम औरं श्वान दस्ते के कुत्ते ”जेम्स’ की मदद से करीब 8 किलोमीटर तक सर्चिग की गई थी। जिससे रेलवे कर्मचारी साबिर की पहचान हुई। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईबी, एनआईए व एटीएस जैसी एजेंसियां भी जांच में शामिल रही थी। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर मामला रेलवे कोर्ट में पेश किया गया। जहां सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई।
----------------------------------------
‘एंजियोप्लास्टी’ के बाद महिला की मौत, हार्ट ब्लाकेज में 1 की बजाय डॉक्टर ने डाले 3 स्टंट
भोपाल भोपाल में एंजियोप्लास्टी के बाद सागर की महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन ने कलेक्टर से शिकायत की। इतवारी वार्ड निवासी जतिन जैन ने अपनी माता ज्योति जैन की मृत्यु के लिए भोपाल के गायत्री सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉ. मोहित जैन को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
जतिन जैन ने बताया कि 20 अप्रेल को ज्योति जैन सामान्य जांच व एंजियोग्राफी के लिए अस्पताल गई थीं, जहां स्थिति स्थिर थी। एंजियोग्राफी के बाद डॉ. मोहित जैन ने हृदय की नस में गंभीर ब्लॉकेज बताकर तत्काल एंजियोप्लास्टी की सलाह दी।
परिवार का आरोप है कि उन्हें हैदराबाद जैसे अन्य शहर में इलाज का विकल्प नहीं दिया गया और प्रक्रिया के लिए तुरंत दबाव बनाया गया। शिकायत में कहा गया है कि एंजियोप्लास्टी के दौरान ज्योति जैन की स्थिति अचानक बिगड़ गई। ऑपरेशन थिएटर के बाहर परिजनों ने अंदर से चीखने की आवाज सुनी, जिसके बाद अस्पताल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। करीब दो घंटे तक परिवार को मरीज की स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी गई। बाद में डॉक्टरों ने बताया कि प्रक्रिया के दौरान नस में गंभीर क्षति हुई, जिसके कारण एक के बजाय तीन स्टंट लगाने पड़े। परिजनों का यह भी आरोप है कि मरीज को सीपीआर दिया गया, लेकिन इसकी सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई।
ऑपरेशन के बाद भी ज्योति जैन लगातार दर्द, उल्टी और बेचैनी से जूझती रहीं। परिजनों के बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया और डॉ. मोहित जैन स्थिति को सामान्य बताते रहे। परिवार ने निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड गठित करने, सभी चिकित्सा दस्तावेजों की जांच कराने और दोषी पाए जाने पर डॉ. मोहित जैन का लाइसेंस निरस्त करने व सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में जब पत्रिका ने गायत्री सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे बात नहीं हो पाई।
एंजियोप्लास्टी (Angioplasty) एक न्यूनतम चीर-फाड़ वाली चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसका उपयोग हृदय की धमनियों में ब्लॉकेज या संकुचन को ठीक करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में एक पतली नली (कैथेटर) और गुब्बारे का उपयोग करके अवरुद्ध धमनी को चौड़ा किया जाता है, जिससे हृदय तक रक्त का प्रवाह सामान्य हो सके।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य कोरोनरी आर्टरी डिजीज के कारण हृदय की नसों में जमा प्लाक (कोलेस्ट्रॉल और वसा) को साफ कर रक्त संचार को सुगम बनाना होता है।यह मुख्य रूप से हार्ट अटैक के दौरान या गंभीर सीने के दर्द (angina) के इलाज के लिए किया जाता है।

प्रमुख समाचार

कर्नाटक के कोप्पल जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां गंगावती की अदालत ने भाजपा नेता वेंकटेश कुरुबारा की पिछले साल हुई हत्या मामले में छह दोषियों को मौत की सजा सुनाई है। पुलिस ने बताया कि जज सदानंद नागप्पा नायक ने रवि, विजय उर्फ मैलारी, धनराज, भीमा उर्फ भरत, सलीम और गंगाधर गवली को गुरुवार को सजा सुनाई। अदालत ने इस हत्याकांड को गंभीर अपराध मानते हुए सख्त रुख अपनाया है. फैसला कोप्पल जिले के प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने सुनाया है। मरत्युदंड...

मध्य प्रदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोनकच्छ थाना क्षेत्र में सगाई से इंकार करने के बाद एक दंपती के साथ तालिबानी अंदाज में मारपीट और अपमान का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, एक दंपती गमी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी चौबारा जागीर रोड पर कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और कथित तौर पर जबरन वाहन में बैठाकर सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के टीबूपुरा गांव ले गए। वहां उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट की गई और...

अपराध

कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी में अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। जहां प्रेमिका ने अवैध संबंध के चलते अपने प्रेमी की हत्या कर दी। फिर उसे सुसाइड दिखाने के लिए खौफनाक खेल रचा। घटना का खुलासा होते ही पुलिस ने आरोपी प्रेमिका और उसके साथ इस क्राइम में शामिल अपराधियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।दरअसल, भैंसवाही ग्राम में एक शख्स का शव पेड़ से लटका मिला था। गले पर बिजली का तार का फंदा बंधा हुआ था। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का लग रहा था,...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना ।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा और उनकी टीम द्वारा विगत दिनों बूढ़े बालाजी क्षेत्र में एक सूने मकान से लाखों के जेवर व नगदी चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए प्रकरण में दो शातिर चोर गिरफ्तार कर करीबन 07 लाख मूल्य के जेबर एवं नगदी बरामद करने में महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की गई है । दिनांक 20 अप्रैल 2026 को फरियादी हेमंत भार्गव निवासी सुदामा कॉलोनी, बूढ़े बालाजी गुना द्वारा गुना कोतवाली में रिपोर्ट...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा