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उज्जैन। रतलाम में एक शादी समारोह उस वक्त हंगामे और सन्नाटे में बदल गया, जब बारात लेकर पहुंचे दूल्हे के खिलाफ पुलिस में दुष्कर्म का गंभीर मामला दर्ज होने की सूचना मिली। आरोपी पर उज्जैन की एक 15 वर्षीय नाबालिग ने डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। सबसे चौंकाने वाला खुलासा शादी वाले दिन ही हुआ, जब पता चला कि पीड़िता गर्भवती है।
पुलिस के अनुसार, घटना जनवरी 2026 की है, जब अभिषेक सेन ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ गलत काम किया था और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी। आरोपी की शादी तय होने के बाद, पीड़िता ने मानसिक तनाव में आकर 6 अप्रैल को एसिड पीकर आत्महत्या की कोशिश की। 8 अप्रैल को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसके गर्भवती होने की पुष्टि की, जिसके बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और दुल्हन पक्ष को वस्तुस्थिति से अवगत कराकर शादी रुकवाई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गिरफ्तारी के डर से आरोपी अभिषेक रतलाम पहुंचने से पहले ही फरार हो गया।
पुलिस की टीमें उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और जल्द ही उसे हिरासत में लेने का दावा किया है। आरोपी अभिषेक सेन बड़नगर थाना क्षेत्र की शिक्षक कॉलोनी का रहने वाला है। जिसकी शादी रतलाम की एक युवती से होने वाली थी, लेकिन उसके पहले ही रैप का कारनामा उजागर हो गया।


जबलपुर. एमपी के बहुचर्चित नर्सिंग घोटाले मामले में आज मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विशाल बघेल की मुख्य जनहित याचिका सहित सभी नर्सिंग मामलों की सुनवाई की.
सुनवाई के दौरान एमपी नर्सिंग काउंसिल ने आवेदन पेश कर सत्र 2022-23 के जीएनएम प्रथम वर्ष की परीक्षा के लगभग 30 हजार छात्रों के परीक्षा परिणाम जारी करने की अनुमति मांगी. जिसके जबाब में याचिकाकर्ता की ओर से नर्सिंग मामले की सिलसिलेवार तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत कर कोर्ट को बताया गया कि बगैर भवन, लैब, लायब्रेरी, फैकल्टी के सैंकड़ों कॉलेजों को मान्यता दी गई. जब जांच में कॉलेज अपात्र पाए गए तो हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी उनके छात्रों को पात्र संस्थाओं में ट्रांसफर नहीं किया गया है. कॉलेजों को मान्यता देने वालों पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है.
युगलपीठ ने काउंसिल के रवैये पर मौखिक रूप से नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछा कि जिन छात्रों का परीक्षा परिणाम जारी किया जा रहा है वे आखिर किन कॉलेजों में पढ़े हैं. क्या उन कॉलेजों के पास सभी संसाधन भवन, लैब, लाइब्रेरी, अस्पताल, फैकल्टी आदि मौजूद थे, क्या जांच में अपात्र पाए गए कॉलेजों के छात्रों को ट्रांसफर करने की बजाय उनके परीक्षा परिणाम जारी किए जा रहे हैं.
काउंसिल के आवेदन पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है कि जब तक काउंसिल के द्वारा ये सभी जानकारी विस्तार से हाईकोर्ट में पेश नहीं की जाएगी तब तक किसी भी प्रकार की परीक्षा परिणाम जारी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि मापदण्डों की पूर्ति नहीं करने वाले संस्थाओं के छात्रों को सर्वप्रथम पात्र कॉलेजों में स्थानांतरित करने की कार्यवाही की जानी चाहिए . कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को नियत की है.


नासिक शहर पुलिस ने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कंपनी के टीम लीडर और इंजीनियर स्तर के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने इस मामले में नौ एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। अब इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है.
महाराष्ट्र के नासिक में एक मल्टीनेशनल कंपनी से महिला कर्मचारियों के यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के गंभीर आरोप सामने आए हैं. कई पीड़िताओं की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में अलग-अलग थानों में कुल नौ केस दर्ज किए गए हैं. मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में आठ और देवलाली पुलिस स्टेशन में एक मामला दर्ज किया गया है. इन मामलों में रेप, छेड़छाड़, धार्मिक भावनाएं आहत करने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.
शिकायत करने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया है कि कंपनी के भीतर पिछले दो से तीन वर्षों से यह सब चल रहा था. उन्होंने बताया कि आरोपी उन्हें शारीरिक रूप से परेशान करने की कोशिश करते थे, उनके कपड़ों और शरीर पर आपत्तिजनक कमेंट किए जाते थे. मानसिक दबाव बनाया जाता था. कुछ मामलों में धार्मिक कमेंट और जबरन धार्मिक गतिविधियों में शामिल करने के भी आरोप लगाए गए हैं.
एक पुरुष कर्मचारी ने भी आरोप लगाया है कि उसका ब्रेनवॉश किया गया और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया. शिकायत के अनुसार, उसे विशेष धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने और खान-पान से जुड़ी आदतें बदलने के लिए मजबूर किया गया.
शिकायत करने वाली महिलाओं की उम्र आमतौर पर 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है. पुलिस को शक है कि यह घटनाएं साल 2022 से लगातार हो रही थीं. पीड़िताओं में से कई आर्थिक रूप से कमजोर हैं. नौकरी की जरूरत के कारण कंपनी में काम कर रही थीं.
नासिक पुलिस ने असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर (ACP) के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. इस टीम में करीब 12 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं, जो तकनीकी और सबूतों के आधार पर जांच कर रहे हैं.
पुलिस ने बताया कि आरोपियों में कुछ के नाम आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तर शामिल हैं. इनमें से एक आरोपी पर रेप का आरोप है, जिसने कथित तौर पर पीड़िता को प्रेम जाल में फंसाकर उसका शोषण किया. पुलिस का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़ितों की पहचान गोपनीय रखी जा रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस केस के तार केवल स्थानीय स्तर तक सीमित हैं या इसका दायरा और बड़ा हो सकता है.

ग्वालियर। मध्य प्रदेश ग्वालियर में रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से एक लाख रुपए चोरी का मामला सामने आया हैं। जहां रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर बैंक से पांच लाख रुपए निकालने गए थे पासबुक पर प्रिंटिंग मशीन के पास उनके रुपए निकल गए बैंक के सीसीटीवी में दो संदिग्ध महिला नजर आई हैं। जिसकी शिकायत उन्होंने थाने मे की हैं वहीं पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामले की जांच कर संदिग्ध महिलाओं की तलाश शुरू कर दी हैं।
दरअसल ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र संकट मोचन नगर निवासी केएस श्रीवास्तव ने पुलिस से शिकायत कर बताया कि वह रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर हैं। उनका मुरार बारादरी चौराहा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में अकाउंट है। उनको किसी को पैसा देना था इसलिए वह मंगलवार दोपहर में बैंग पहुंचे थे और बैंक से उन्होंने पांच लाख रुपए निकाले थे। बैंक से उन्हें पांच-पांच सौ रुपए की दस गड्डिया दी थी। बैंक से मिली गड्डियों को उन्होंने बैग में रख लिया था जिसके बाद वह पासबुक में प्रिंट करने के लिए प्रिंटिंग मशीन के पास खड़े हो गए। इसी समय दो संदिग्ध महिलाएं उनके पीछे से आकर लाइन में लग गई और भीड़ में हाथ की सफाई दिखाते हुए रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के बैग से दो गड्डिया निकाल कर 1 लाख रुपए चोरी कर फरार हो गई।
जब वह घर पहुंचे और बैंग से रुपए निकले तो चोरी का पता चला। चोरी का पता चलते ही रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर तत्काल बैंक पंहुचे और पूरी घटना बैंक प्रबंधक को बताई। जिसके बाद बैंक में लगे CCTV कैमरों को चेक किया तो पासबुक प्रिंटिंग मशीन की लाइन में दो महिलाएं रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के पीछे खड़ी हुई दिखाई दी। जिनको उन्होंने संदिग्ध मना हैं। सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद पीड़ित ने थाने पहुचकर शिकायत की हैं। वहीं पुलिस ने उनके आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों तक पहुंच कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

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TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का घेराव, DPI मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन
भोपाल में टीईटी अनिवार्यता के आदेश के विरोध में बुधवार को शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक सड़कों पर उतरे और नारेबाजी करते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग उठाई। साथ ही प्रदेशभर में जिला कलेक्ट्रेट कार्यालयों में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे जा रहे हैं।
अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के सदस्य उपेंद्र कौशल ने बताया कि राजधानी भोपाल में आसपास के जिलों से शिक्षक पहुंचकर DPI कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग टीईटी परीक्षा को रद्द करना है। साथ ही प्रदेशभर में भी संयुक्त मोर्चा के सदस्य जिला स्तर पर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप रहे हैं।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस आदेश से प्रदेश के करीब 1.5 लाख शिक्षक प्रभावित हो सकते हैं। इनमें लगभग 70 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति 2011 से पहले हुई थी। इन शिक्षकों का कहना है कि उनकी नियुक्ति के समय टीईटी अनिवार्य नहीं था, ऐसे में अब इसे लागू करना गलत है और उनकी नौकरी पर खतरा खड़ा कर रहा है।
हाल ही में DPI भोपाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन शिक्षकों की सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से अधिक समय बाकी है उन्हें अनिवार्य रूप से टीईटी परीक्षा पास करनी होगी। आदेश में साफ कहा गया है कि संबंधित शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर परीक्षा पास करनी होगी अन्यथा उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि आरटीई एक्ट 2009 में लागू हुआ और टीईटी 2011 से अनिवार्य किया गया। ऐसे में उससे पहले नियुक्त शिक्षकों पर यह नियम लागू करना “रेट्रोस्पेक्टिव” फैसला है जो न सिर्फ अन्यायपूर्ण है बल्कि कानूनी रूप से भी कमजोर है।
स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। हालांकि इस आदेश के बाद शिक्षकों में व्यापक असंतोष देखने को मिल रहा है।
शिक्षक संगठनों ने साफ किया है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन करते हुए स्थानीय विधायक, मंत्री और सांसदों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इस दौरान टीईटी आदेश को निरस्त करने और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की मांग प्रमुख रहेगी।
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मुस्लिम महिला कांग्रेस पार्षद का वंदे मातरम पर भड़काऊ बयान, बोली- ‘तुम्हारे बाप में दम हो तो कहलवा कर दिखाओ
इंदौर। इंदौर नगर निगम परिषद के बजट सम्मेलन में उस वक्त माहौल पूरी तरह बिगड़ गया जब “वंदे मातरम” के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने आ गए। कांग्रेस की मुस्लिम पार्षदों पर वंदे मातरम का अपमान करने का आरोप लगा, जिसके बाद बीजेपी पार्षदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। बीजेपी ने कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम पर सीधे-सीधे वंदे मातरम के अपमान का आरोप लगाया।
इसी दौरान सदन में तीखी बहस के बीच रुबीना इकबाल खान ने विवादित बयान दे दिया — “तुम्हारे बाप में दम हो तो कहलवा कर दिखाओ”। इस बयान के बाद बीजेपी पार्षद भड़क गए और पूरे सदन में “वंदे मातरम” के नारे गूंजने लगे। स्थिति इतनी बिगड़ी कि सभापति को दखल देना पड़ा और कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख को एक दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया गया। फोजिया शेख आलम ने कहा संविधान का एक्ट है जिसके अंदर लिखा है कि आप राष्ट्रगान गा सकते हैं लेकिन राष्ट्रगीत नहीं मैंने यह बात सभापति के सामने रखी लेकिन फिर भी सभापति ने सदन से बाहर कर दिया। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इसे वंदे मातरम् का अपमान बताया है।
फौजिया शेख अलीम का कहना है हमारे इस्लाम में वंदे मातरम नहीं बोल सकते है। संविधान में साफ लिखा है वंदे मातरम गाने पर कोई जबरदस्ती नहीं है, संविधान में हमें छूट है हम राष्ट्रगान गा सकते है राष्ट्रीय गीत के लिए कोई बाध्य नहीं कर सकता है , साथ ही फौजिया शेख अलीम ने कहा हम भारत माता की पूजा नहीं करते हैं।
वंदे मातरम विवाद के बाद सदन में एक और टकराव सामने आया। कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए पार्षदों को “गद्दार” कहे जाने पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी पार्षद सभापति के सामने धरने पर बैठ गए और कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग पर अड़ गए। उनका कहना था कि यह बयान राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत हमला है।
मामले को शांत कराने के लिए सभापति ने कांग्रेस पार्षद को खेद जताने के निर्देश दिए, लेकिन तब तक सदन का माहौल पूरी तरह से गरमा चुका था। इंदौर नगर निगम का बजट सम्मेलन विकास की बजाय विवादों का अखाड़ा बन गया। “वंदे मातरम” और “गद्दार” जैसे मुद्दों पर सियासी टकराव ने साफ कर दिया कि सदन में बहस कम और बवाल ज्यादा हो रहा है।

आलीराजपुर। मध्य प्रदेश के आलीराजपुर जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक शादी समारोह के दौरान पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान काका ने अपने भतीजे पर तीर चला दिया, जो उसके पेट के अंदर घुस गया। जिससे वह बुरी तरह से घायल हो गया है। फिलहाल उसे इलाज के लिए गुजरात रेफर किया गया है।
यह पूरा मामला ग्राम सूखी बावड़ी का है। बताया जा रहा है कि समारोह के दौरान परिवार के दो पक्षों में कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते बढ़ गई। इसी दौरान बीच-बचाव करने आए युवक रवि सस्तीया पर उसके ही काका कमल सस्तीया ने तीर चला दिया। तीर सीधे रवि के पेट में जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन घायल रवि को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां वह पेट में तीर लगे होने की स्थिति में ही भर्ती हुआ। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे गुजरात के दाहोद रेफर किया। जहां उसका इलाज जारी है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी काका को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

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बेखौफ रेत माफिया: मुरैना में ट्रैक्टर ट्रॉली से वनकर्मी का सिर कुचला, मौके पर मौत
मुरैना। मध्य प्रदेश के चंबल अंचल में रेत का अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है। इसी के चलते मुरैना में अवैध रेत परिवहन कर रहे ट्रैक्टर चालक विनोद कोरी ने वन रक्षक हरिकेश गुर्जर की कुचलकर हत्या कर दी। घटना बुधवार की अलसुबह हुई।
आरोपित विनोद कोरी इतना दुस्साहसी निकला कि उसने हत्या के बाद आधा किलोमीटर दूर पेट्रोल पंप पर ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी की। कपड़े बदले और वहां के कर्मचारी को औने-पौने दाम पर रेत बेचकर ट्रैक्टर-ट्राली भी ले गया। पुलिस ने विनोद कोरी के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है।
उसने पुलिस को बताया है कि ट्रैक्टर का संचालन कुथियाना गांव के पवन तोमर व सोनू चौहान कर रहे हैं। पवन तोमर दिमनी भाजपा मंडल का उपाध्यक्ष है। सोनू भी भाजपा से ही जुड़ा है। मृतक के स्वजन की मांग है कि अवैध कारोबार में शामिल ट्रैक्टर मालिक को भी आरोपित बनाया जाए। पुलिस असली मालिकों की पहचान सुनिश्चित कर रही है।
पुलिस के अनुसार अंबाह वन रेंज के डिप्टी रेंजर वीरकुमार तिर्की के नेतृत्व में हरिकेश गुर्जर सहित चार लोगों की टीम बुधवार को दिमनी थाना क्षेत्र के अंबाह-मुरैना रोड पर गश्त कर रहे थे। सुबह साढ़े पांच बजे रानपुर चौराहा पर टीम विनोद कोरी को रुकने का इशारा किया, लेकिन वह नहीं रुका।
तभी हरिकेश गुर्जर ट्रैक्टर पर चढ़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विनोद कोरी ने हरिकेश गुर्जर को लात मारकर धकेल दिया और उन्हें कुचलते हुए ट्रैक्टर-ट्राली ले भागा। हरिकेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। विनोद कोरी ट्रैक्टर-ट्राली के साथ आधा किमी दूर एक पेट्रोल पंप पर पहुंचा।
वहां के सीसीटीवी कैमरे में उसके फुटेज रिकार्ड हो गए। घटना के कुछ घंटे बाद ही पूर्व निर्धारित दौरे पर मुरैना पहुंचे भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रेत कारोबार की ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री से चर्चा का आश्वासन दिया है। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अब भाजपा का नहीं, माफिया का राज चल रहा है।
अंचल में रेत माफिया इतने बेखौफ हैं कि वे अधिकारियों पर हमला करने से बाज नहीं आते। प्रदेश में रेत माफिया के हाथों अब तक सात अधिकारी और कर्मचारी जान गंवा चुके हैं। आठ मार्च, 2012 को प्रशिक्षु आईपीएस नरेंद्र सिंह को भी कुचल दिया गया था।
चंबल नदी में केवल मुरैना में ही 25 से 30 छोटे-बड़े घाट हैं। बड़े घाटों से 1500 ट्राली और अन्य छोटे घाटों से प्रतिदिन 500 से 700 ट्राली रेत निकाली जाती है। मुरैना में एक ट्राली रेत ढाई से पौने तीन हजार रुपये में बिकती है। एक आकलन के अनुसार करीब 50 लाख रुपये की रेत प्रतिदिन चंबल नदी से निकाली जाती है।
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3 महीने बाद बंद हो सकती है LPG सप्लाई, 10 दिन में शुरू होगी पाइपलाइन से गैस
भोपाल। प्रदेश में सरकार का जोर अब पीएनजी के नेटवर्क को विस्तार देने पर है। इसके लिए भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित अन्य जिलों में पीएनजी लाइन के विस्तार के साथ कनेक्शन देने का काम किया जा रहा है। बुधवार को अपर मुख्य सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी और नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि जहां पीएनजी की लाइन जोड़ी जा चुकी है, वहां 10 दिन के भीतर आपूर्ति प्रारंभ करें।
बैठक में निर्देश दिए गए कि जिन एलपीजी के उपभोक्ताओं ने कनेक्शन नहीं लिए हैं, उन्हें बताया जाए कि तीन माह बाद उनकी एलपीजी की आपूर्ति बंद की जा सकती है। रश्मि अरुण शमी ने कहा कि गृह विभाग के अधीन आने वाली संस्थाएं, सुधार गृहों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्य प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्यालय, पुलिस कॉलोनी के आसपास पाइप लाइन बिछी हुई हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्शन दिए जाएं।
इस दौरान बताया गया कि ऐसे क्षेत्र, जहां पाइपलाइन बिछी है, वहां के रहवासियों एवं व्यवसायियों की सूची तैयार कर कॉलोनियों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में स्थानीय निकायों के अधिकारियों, वार्ड पार्षद के साथ अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। इसी तरह औद्योगिक क्षेत्रों में उन औद्योगिक इकाइयों की पहचान की जाए, जिन्हें पीएनजी पर शिफ्ट किया जा सकता है।
ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि जिले के दूसरे स्थान से काम करने आए मजदूर, कर्मचारी और विद्यार्थियों को खाना पकाने के लिए पांच किलोग्राम का सिलिंडर 1,529 रुपये प्रति कनेक्शन के मान से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता भी नहीं है। इन सिलिंडर को 585 रुपये में रिफिल किया जा सकता है।

प्रमुख समाचार

नासिक शहर पुलिस ने एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कंपनी के टीम लीडर और इंजीनियर स्तर के कर्मचारी शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने इस मामले में नौ एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। अब इस पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई है.महाराष्ट्र के नासिक में एक मल्टीनेशनल कंपनी से महिला...

मध्य प्रदेश

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अपराध

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गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल ने गुरुवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस फेरबदल के तहत जिले के 9 पुलिस अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जिसमें प्रमुख थानों के प्रभारी भी शामिल हैं।जारी आदेश के अनुसार, पुलिस लाइन में पदस्थ निरीक्षक राजकुमार शर्मा को शहर  कोतवाली थाने की कमान सौंपी गई है। वहीं, अब तक कोतवाली थाना प्रभारी रहे चन्द्रप्रकाश सिंह चौहान को जिला विशेष शाखा...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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