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ग्वालियर। ग्वालियर में ट्रेनों के एसी कोच में सफर कर यात्रियों का सामान चोरी करने वाले शातिर आरोपी को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। आरोपी यात्री बनकर ट्रेन में चढ़ता और मौका मिलते ही बैग चोरी कर अगले स्टेशन पर उतर जाता था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 34 बैग बरामद किए हैं, जिनमें रखे सामान की कीमत करीब 8 लाख 26 हजार रुपये है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी महंगे कपड़े पहनकर एसी कोच में सफर करता था, ताकि यात्रियों को उस पर शक न हो। सफर के दौरान वह यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखता और मौका मिलते ही उनका बैग लेकर अगले स्टेशन पर उतर जाता था। इसी तरीके से वह ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक पहले एक फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। आर्थिक नुकसान के बाद वह तंगी में आ गया। इसी दौरान ट्रेन में एक यात्री का बैग चोरी किया। बैग में कीमती सामान और नकदी मिलने के बाद उसने इस वारदात को ही अपना जरिया बना लिया और लगातार चोरी करने लगा।
जीआरपी डीएसपी कीर्ति नरवरिया के मुताबिक, आरोपी ने हाल ही में ग्वालियर के गोले का मंदिर क्षेत्र स्थित प्रगति विहार निवासी दीपक शर्मा का सामान जीटी एक्सप्रेस से चोरी किया था। इसके अलावा मई में नागपुर निवासी विशाखा शशिकांत के सामान की चोरी के मामले में भी आरोपी की भूमिका सामने आई है। जीआरपी ने आरोपी की निशानदेही पर 34 बैग बरामद किए हैं। इनमें मौजूद सामान की कुल कीमत करीब 8 लाख 26 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में ट्रेनों में चोरी की अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।

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खाकी फिर दागदार! जुए के मामले में कटारा हिल्स TI सुनील दुबे सस्पेंड, संदिग्ध आचरण के चलते गिरी गाज
भोपाल। राजधानी भोपाल से पुलिस महकमे से जुड़ी एक बड़ी और सख्त खबर सामने आ रही है। भोपाल में एक बार फिर लापरवाही और संदिग्ध आचरण के चलते एक थाना प्रभारी पर गाज गिरी है। कटारा हिल्स थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील दुबे को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में देर रात पकड़े गए जुए के एक मामले में उनके संदिग्ध आचरण को लेकर की गई है।
जानकारी के अनुसार, कटारा हिल्स थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने देर रात जुए के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील दुबे की भूमिका और आचरण संदिग्ध पाया गया, जिसके बाद उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उनके निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
राजधानी में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद से लापरवाह और संदिग्ध कार्यशैली वाले पुलिसकर्मियों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। कटारा हिल्स TI से पहले भोपाल के कोतवाली और बजरिया थाना प्रभारियों पर भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों और प्रशासनिक लापरवाही के चलते कार्रवाई की जा चुकी है। एक के बाद एक थाना प्रभारियों के सस्पेंड होने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
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बीजेपी विधायक का विवादित वीडियो वायरलः जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए ‘सदस्य खरीदने’ की बात कबूली, कांग्रेस ने की केस दर्ज करने की मांग
भोपाल। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की आष्टा विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस वीडियो में विधायक मंच से हंसते हुए यह स्वीकार करते नजर आ रहे हैं कि जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के लिए उन्होंने सदस्यों की खरीद-फरोख्त की थी। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद विपक्ष को भाजपा सरकार और उसकी कार्यप्रणाली पर हमला करने का बड़ा हथियार मिल गया है।
वायरल वीडियो में आष्टा विधायक गोपाल सिंह अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मंच से सार्वजनिक रूप से कह रहे हैं कि जब वे जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मैदान में थे, तब उन्होंने जिला पंचायत के कुल सदस्यों में से बहुमत जुटाने के लिए सदस्यों को खरीदा था। गौरतलब है कि गोपाल सिंह पूर्व में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं और बाद में विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने वह पद छोड़ दिया था। अब उनके ही मुंह से हॉर्स ट्रेडिंग (खरीद-फरोख्त) की बात स्वीकार करने वाला यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सत्ताधारी दल के विधायक के इस बयान से पार्टी की खासी किरकिरी हो रही है।
भाजपा विधायक के इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पूरी तरह आक्रामक हो गई है। कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो बात कांग्रेस पार्टी लंबे समय से कहती आ रही थी, आज वह बीजेपी विधायक के खुद के मुंह से सार्वजनिक रूप से सच साबित हो गई है। मुकेश नायक ने सरकार और प्रशासन पर हमला बोलते हुए मांग की है कि- सरकार इस मामले का तत्काल संज्ञान ले। मामले की उच्चस्तरीय या सरकारी जांच एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
विधायक के खिलाफ लोकतंत्र की हत्या और भ्रष्टाचार के आरोप में आपराधिक प्रकरण (FIR) दर्ज किया जाना चाहिए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चाहे नगरीय निकाय चुनाव हों, पंचायत चुनाव हों या चुनी हुई सरकारें गिराने का मामला हो, बीजेपी हर जगह पैसों के दम पर खरीद-फरोख्त कर लोकतंत्र का गला घोंट रही है। इस विवादित बयान के बाद अब देखना यह होगा कि डैमेज कंट्रोल के लिए बीजेपी संगठन और प्रदेश नेतृत्व इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के वीआईपी इलाके की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार चोरों ने आईएएस (IAS) अधिकारी के घर पर धावा बोला है। बताया जा रहा है कि अफसर के घर से चंदन के पेड़ की चोरी कर फरार हो गए। अधिकारी का घर, प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना के बगल में ही है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।
मिली जानकारी के मुताबिक, चोरों ने आईएएस अधिकारी विवेक पोरवाल के चार इमली स्थित घर पर धावा बोला। चोरों ने विवेक पोरवाल के घर में लगे चंदन का पेड़ चोरी कर ले गए। मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना, विवेक पोरवाल के पड़ोसी है। वहीं चोरी की घटना के बाद डीजीपी ने चोरों को पकड़ने के निर्देश दिए है। फिलहाल हबीबगंज पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले की जांच में जुटी हुई है।
आपको बता दें कि चार इमली इलाका, शहर का सबसे वीआईपी क्षेत्र है। जहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, नेताओं और अन्य वीआईपी लोगों के घर हैं। इसके बावजूद इलाके में चोरी की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद चिंता का विषय है। यह कोई पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी आईजी इंटेलिजेंस के आवास के आसपास और भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री अजय विश्नोई के सरकारी बंगले पर चोरी हुई थी।
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भाजपा कोर ग्रुप से नरोत्तम मिश्रा बाहर... समर्थकों के उत्पात के बाद कटा पत्ता, नई टीम में नहीं मिली जगह
भोपाल। दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव में पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा की गई पार्टी विरोधी गतिविधियों का नुकसान आखिरकार उन्हें भुगतना पड़ गया। भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब के दूसरे प्रवास के बाद प्रदेश भाजपा के कोर ग्रुप का पुनर्गठन किया गया। इसमें नरोत्तम मिश्रा का नाम कट गया। पहले कोर ग्रुप में 20 सदस्य होते थे, वहीं अब 19 रह गए हैं।
इसी साल जुलाई में दतिया विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिला था। इसके बाद उनके समर्थकों ने जमकर बवाल काटा था। भाजपा ने यहां से आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। पार्टी को पराजय का मुंह देखना पड़ा था। बाद में पार्टी ने नरोत्तम समर्थक जिलाध्यक्ष और पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया था।
शिवराज सिंह सरकार में कभी नंबर दो की हैसियत रखने वाले नरोत्तम मिश्रा को मुख्यमंत्री पद का दावेदार तक माना गया था। भाजपा के केंद्रीय संगठन ने प्रदेश की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव के जो संकेत दिए हैं, उसकी गाज नरोत्तम मिश्रा पर ही गिरी है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया सीट से हारने के बाद नरोत्तम मिश्रा को उम्मीद थी कि उपचुनाव में पार्टी उन्हें मौका देगी। दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को आपराधिक मामले में सजा होने से खाली हुई थी। नरोत्तम मिश्रा ने उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र तक खरीद लिया था, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।
समर्थकों द्वारा किए गए उत्पात के बाद से ही उनकी उपेक्षा शुरू हुई। अक्टूबर में प्रदेश भाजपा कोर ग्रुप की महत्वपूर्ण बैठकों में नरोत्तम मिश्रा को नहीं बुलाया गया। राज्य में पार्टी के प्रदेश प्रभारी और प्रदेश संगठन महामंत्री को बदले जाने के बाद कोर ग्रुप की सूची को अपडेट किया गया। इसमें नरोत्तम मिश्रा का नाम नहीं है। बता दें, मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन में समन्वय के लिहाज से भाजपा में कोर ग्रुप व्यवस्था वर्ष 2020 में शुरू हुई थी।
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ग्वालियर में 20 दिन बाद मिला रहस्य का जवाब: चिड़ियाघर के बाहर से गायब हुई महिला बरामद
ग्वालियर। ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान के बाहर से लापता हुई शिवपुरी की महिला 20 दिन बाद मिल गई है। 6 अक्टूबर को पति के साथ चिड़ियाघर घूमने पहुंची महिला अचानक गायब हो गई थी। CCTV फुटेज में वह एक बाइक सवार के साथ जाती दिखाई दी थी। अब महिला ने पुलिस को बताया है कि उसने बाइक सवार से लिफ्ट ली थी, जिसके बाद वह बहोड़ापुर के मोतीझील इलाके में रास्ता भटक गई और एक झोंपड़ी में रहने लगी।फिलहाल महिला न पति के साथ जाने को तैयार है और न ही किसी दूसरे के साथ जाने की बात स्वीकार कर रही है। पुलिस उसके बयान कोर्ट में दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई की बात रही है।
दरअसल शिवपुरी निवासी करण रजक अपनी पत्नी सुहाना रजक के साथ 6 अक्टूबर को बाइक से ग्वालियर आया था। सुहाना ने चिड़ियाघर घूमने की इच्छा जताई,जिसके बाद दोनों गांधी प्राणी उद्यान पहुंचे।CCTV फुटेज के मुताबिक दोपहर 3 बजकर 9 मिनट 29 सेकंड पर सुहाना ने पति से बाइक पार्किंग में खड़ी करने के लिए कहा। करण बाइक पार्क करने गया और महज 26 सेकंड बाद लौटा, तो सुहाना वहां से गायब थी।करण ने आसपास तलाश की, कई बार फोन लगाया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। इसके बाद उसने अपने और पत्नी के परिजनों रिश्तेदारों से संपर्क किया। कोई जानकारी नहीं मिलने पर पड़ाव थाना पुलिस को सूचना दी गई,पुलिस ने चिड़ियाघर के आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में करण के बाइक लेकर जाने के बाद एक दूसरी बाइक तेज रफ्तार से आती दिखाई दी। इसी दौरान सुहाना दौड़कर उस बाइक पर बैठती नजर आई। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
करीब 20 दिन बाद सुहाना के मिलने पर पुलिस ने उससे पूछताछ की। महिला ने बताया कि वह बाइक सवार के साथ भागी नहीं थी, बल्कि उसने उससे लिफ्ट ली थी। उसके मुताबिक,बाइक सवार उसे बहोड़ापुर के मोतीझील इलाके में छोड़कर चला गया। इसके बाद वह रास्ता भटक गई और एक झोंपड़ी में रहने लगी।महिला के बयान के बाद अब पुलिस पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। सुहाना फिलहाल अपने पति के साथ जाने को तैयार नहीं है और न ही किसी कतिथ बॉयफ्रेंड के साथ जाने की बात स्वीकार कर रही है। पुलिस उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी में है, जहां उसके बयान और सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

कोलकाता से एक बड़ा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां 13 साल की नाबालिग लड़की को किस करते पकड़े जाने के बाद 18 साल के युवक, उसके पिता और दोस्त के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई. वहीं,आरोप है कि लड़के, उसके पिता और दोस्त को निर्वस्त्र करके सड़क पर घुमाया गया. पुलिस ने लड़की के माता-पिता और मामा को गिरफ्तार किया है.
लड़के के पिता ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गयी तथा लड़की के मामा ने उसे हथियार थमाकर धमकी दी कि या तो वह अपने बेटे को मार दे या फिर निर्वस्त्र होकर उसके साथ सड़क पर घूमे.
कोलकाता में गर्लफ्रेंड को किस करने पर एक युवक, उसके पिता और दोस्त को सार्वजनिक रूप से नग्न कर परेड कराया गया. लड़की के परिजनों ने तमंचे की नोक पर यह शर्मनाक हरकत की और वीडियो भी बनाया. कोलकाता में हुई इस घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है.
यह घटना रविवार को कोलकाता के सरसुना थाना क्षेत्र में हुई. पुलिस के मुताबिक, लड़की के परिजनों ने लड़के और लड़की को किस करते हुए देख लिया था. इसके बाद लड़के और उसके दोस्त को एक घर में बंधक बना लिया गया. 18 वर्षीय युवक अपने एक दोस्त के साथ 13 साल की लड़की से मिलने पहुंचा था. इसी दौरान लड़की के मामा ने कथित तौर पर युवक को लड़की को किस करते देख लिया.
यह घटना रविवार शाम दक्षिण कोलकाता के सरसुना थाना क्षेत्र के खुदीराम पल्ली इलाके में हुई. कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है, और घटना में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है.”
युवक के पिता की शिकायत के बाद सरसुना पुलिस ने मामला दर्ज किया. इस मामले में लड़की के पिता, मां और मामा को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है. तीनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बंदूक दिखाकर धमकाया गया था.
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बाल अश्लील सामग्री पर लगाम लगाने की तैयारी, केंद्र बना सकता है नया कानून
नई दिल्ली। केंद्र सरकार बाल अश्लील सामग्री और वयस्कों की अंतरंग तस्वीरों व वीडियो को बिना सहमति साझा करने के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए नीतिगत ढांचा तैयार करने पर विचार कर रही है। मंगलवार, 27 अक्टूबर को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इसके लिए वैधानिक व्यवस्था और नए कानून की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य इंटरनेट मध्यस्थों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को बताया कि प्रस्तावित विधायी ढांचे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सर्च इंजन और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं जैसे मध्यस्थों की जिम्मेदारी बढ़ाई जा सकती है। इसके तहत संबंधित प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के साथ ही अधिकारियों को यह जानकारी भी देनी पड़ सकती है कि किसी व्यक्ति ने ऐसी सामग्री अपलोड की है। केंद्र सरकार इस संबंध में सभी हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने पर भी विचार कर रही है। मेहता ने कहा कि इस विषय पर एक वैधानिक विधायी व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्रस्ताव संसद के सामने नहीं आता, तब तक इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं दी जा सकती।
सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि प्रस्तावित नीतिगत ढांचे में प्रभावित व्यक्ति के अलावा तीसरे पक्ष की ओर से की गई प्रामाणिक शिकायतों को भी शामिल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य बाल अश्लील सामग्री और बिना सहमति साझा की जाने वाली अंतरंग तस्वीरों व वीडियो के प्रसार से जुड़ी समस्या से निपटना है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा कि वह इस समस्या पर अंकुश लगाने के लिए एक नीतिगत व्यवस्था चाहता है।
सुनवाई के दौरान गैर-सरकारी संगठन 'प्रज्वला' की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अपर्णा भट ने वयस्कों की सुरक्षा से जुड़े उपायों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वयस्कों से जुड़े अश्लील वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं और पहले अदालत के आदेश के बाद बनाई गई व्यवस्था अब काम नहीं कर रही है। भट ने कहा कि अश्लील सामग्री और बिना सहमति साझा की जाने वाली अंतरंग तस्वीरों व वीडियो को अलग-अलग श्रेणियों में देखा जाना चाहिए। इनमें यौन हमलों के वीडियो का प्रसार भी शामिल है।
सुप्रीम कोर्ट प्रज्वला की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें बिना सहमति अंतरंग तस्वीरों और वीडियो के प्रसार का मुद्दा उठाया गया है। इसके अलावा, ओटीटी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यौन सामग्री के प्रसार पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई चार सप्ताह के लिए टाल दी गई। पांच याचिकाकर्ताओं ने इस याचिका में ऑनलाइन अश्लील सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने के लिए एक प्राधिकरण गठित करने संबंधी दिशानिर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
याचिका में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया पर ऐसे पेज और प्रोफाइल मौजूद हैं, जहां बिना किसी फिल्टर के अश्लील सामग्री साझा की जा रही है। इसमें विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री के प्रसारण का भी दावा किया गया है, जिसमें बाल अश्लील सामग्री के तत्व होने की आशंका जताई गई है। फिलहाल केंद्र सरकार इस मुद्दे पर नीतिगत और विधायी व्यवस्था तैयार करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था का अंतिम स्वरूप और इससे जुड़े प्रावधान संसद के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
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सुप्रीम कोर्ट का गर्भवती पत्रकार को धक्का देने के आरोप पर राहुल गांधी को नोटिस
नई दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राहुल गांधी और अन्य से उस याचिका पर जवाब मांगा जिसमें दावा किया गया है कि कांग्रेस नेता ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च के दौरान एक गर्भवती पत्रकार को धक्का दिया था.
इस याचिका का जिक्र चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच के सामने किया गया, जिसने राहुल गांधी और दूसरों को नोटिस जारी किया. इस मामले का जिक्र करने वाले सीनियर वकील गौरव भाटिया ने कहा कि एक पेंडिंग पिटीशन में एक एप्लीकेशन फाइल की गई है. भाटिया ने कहा कि कोर्ट परिसर में एक महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी की गई.
याचिका में कहा गया कि रेस्पोंडेंट नंबर 4 (राहुल गांधी) ने अचानक उन्हें इतनी जोर से गेट की तरफ धक्का दिया कि उनका बैलेंस बिगड़ गया और वे गिर गईं, और उन्हें अपने हाथों से गिरना रोकना पड़ा. याचिका में कहा गया कि धक्का खुलेआम, भीड़ वाली जगह पर, सुरक्षाकर्मियों, पत्रकारों और दूसरे लोगों की मौजूदगी में दिया गया, जबकि उसने साफ तौर पर कहा था और यह सिर्फ भीड़ का धक्का-मुक्की नहीं थी.
एक पेंडिंग याचिका में दायर याचिका में राहुल गांधी और एसॉल्ट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश देने के साथ ही मुआवजा देने की मांग की गई है. भाटिया ने 16 अक्टूबर को भी बेंच से इस मामले पर विचार करने की अपील की थी. भाटिया ने दलील दी थी कि सुप्रीम कोर्ट परिसर में राहुल गांधी ने एक महिला पत्रकार को धक्का दिया, वह तीन महीने की प्रेग्नेंट थी और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. भाटिया ने सुप्रीम कोर्ट से मामले का संज्ञान लेने की अपील की थी.
12 अक्टूबर को गांधी और विपक्ष के कई बड़े नेता अपने समर्थकों के साथ, वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने और गड़बडिय़ों के खिलाफ अर्जी देने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे.

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के डबरा शहर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। डबरा शहर के ग्वालियर रोड पर संचालित हो रहे एक स्पा सेंटर में अनैतिक कार्य (सेक्स रैकेट) चलाए जाने की पुख्ता सूचना पर रविवार देर रात पुलिस ने अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर से दो लड़के और एक नाबालिग लड़की बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है, जबकि उत्तर प्रदेश की रहने वाली नाबालिग लड़की को महिला पुलिस सुरक्षा के साथ उसके घर के लिए रवाना कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, डबरा के ग्वालियर रोड पर ‘कियोरा स्पा’ के नाम से स्पा सेंटर संचालित हो रहा था। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस स्पा सेंटर की आड़ में अवैध और अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। थाना प्रभारी ने तत्काल इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद निर्देश मिलते ही एसडीओपी सौरभ कुमार और थाना प्रभारी संजय शर्मा भारी पुलिस बल के साथ देर रात मौके पर पहुंच गए।
पुलिस टीम ने जब स्पा सेंटर के अंदर जाकर जांच की, तो वहां हड़कंप मच गया। मौके पर दो युवक और एक किशोरी मौजूद मिले। पूछताछ में पता चला कि मौके पर मिली लड़की नाबालिग है और उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। मानव तस्करी और सुरक्षा के गंभीर पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने फौरन मुस्तैदी दिखाई और नाबालिग को महिला पुलिस बल की सुरक्षा में उसके घर भिजवाया।
वहीं, मौके से पकड़े गए दोनों युवकों में से एक कानपुर(यूपी) का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि दूसरा स्थानीय डबरा का निवासी है। पुलिस दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले आई है और उनसे अनैतिक गतिविधियों के संबंध में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

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खेत से युवक का फिल्मी अंदाज में अपहरणः कट्टे के बट और डंडों से पीटा, 1 लाख की फिरौती मांगी
डबरा। ग्वालियर जिले के डबरा अनुभाग अंतर्गत पिछोर थाना क्षेत्र से दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। गढ़ी गांव में खेत पर काम कर रहे एक युवक का आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने हथियारों के बल पर अपहरण कर लिया। बदमाशों ने गाड़ी में डालकर युवक के साथ कट्टे के बट और डंडों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की तथा परिजनों से एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों द्वारा तुरंत पुलिस को सूचना दिए जाने पर पुलिस की बढ़ती दबिश देख आरोपी युवक को बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ी की है। पीड़ित युवक रंजीत जाट अपने खेत पर काम कर रहा था। तभी अचानक पहुँचे आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में ठूंस लिया और अपने साथ ले गए। रास्ते में आरोपियों ने अवैध देशी अधिया कट्टे के बट और डंडों से रंजीत की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस खूनी हमले में युवक का सिर फट गया तथा आँखों और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। बदमाशों ने युवक को बंधक बनाकर उसके परिजनों से एक लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने पिछोर थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर घेराबंदी और दबिश शुरू कर दी। पुलिस की गाड़ियों की आहट और घेराबंदी की सूचना मिलते ही बदमाश घबरा गए और घायल युवक को रास्ते में छोड़कर मौके से फरार हो गए। परिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल रंजीत को सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।
एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का पूर्व में पीड़ित युवक के चाचा से विवाद और झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने रंजीत का अपहरण कर मारपीट की वारदात को अंजाम दिया। पिछोर थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर आधा दर्जन से अधिक आरोपियों के खिलाफ अपहरण, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी और फिरौती मांगने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
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थाने का घेराव और पुलिस से बदतमीजीः जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा समेत 25 लोगों पर FIR दर्ज
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आई है। रावटी पुलिस थाने का घेराव कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से अभद्रता, अपशब्द और धमकाने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी अमित कुमार के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, दो स्थानीय सरपंचों तथा 20 से 25 अन्य समर्थकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हुआ था जिसमें रावटी क्षेत्र के कुछ लोगों को कथित तौर पर नक्सली विचारधारा से प्रेरित बताते हुए चुनाव में उपद्रव मचाने की साजिश की बात कही गई थी और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई थी।इसी वायरल मैसेज से आक्रोशित होकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा अपने सहयोगियों और दो सरपंचों के साथ रावटी थाने पहुँच गए। उन्होंने समर्थकों के साथ थाने का घेराव कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मामले में जानकारी देते हुए रावटी थाना प्रभारी मनीष डाबर ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से पुलिस का कोई सीधा संबंध नहीं था और न ही पुलिस द्वारा किसी विशेष समुदाय को टारगेट किया गया था।थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा ने राजनीतिक लाभ और खुद को प्रमोट करने के उद्देश्य से इस मामले को बेवजह तूल दिया। प्रदर्शन के दौरान थाने के स्टाफ के साथ अभद्रता की गई और अमर्यादित व अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करते हुए पुलिसकर्मियों को धमकाया गया।
थाने का घेराव करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने पर पुलिस ने कठोर कानूनी कदम उठाया है। पुलिस ने केशु निनामा और उनके सहयोगियों के खिलाफ BNS की धारा 126(2) और 121(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। भविष्य में इस प्रकार की कानून-विरोधी हरकतों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आरोपियों को कानूनी रूप से बाउंड ओवर (पाबंद) भी कराया जाएगा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जिले में अराजकता फैलाने वालों को कड़ा संदेश गया है।

मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इसका असर 29 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद के दीदार के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
29 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश की चेतावनी
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। अन्य जिलों में भी बादल छाने, गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम में इस बदलाव की वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम को बताया जा रहा है। पूर्व-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र विकसित होकर डिप्रेशन में बदल गया है। इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण के भी मजबूत होने का अनुमान है। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने से मध्य भारत के मौसम पर असर पड़ सकता है। इसी सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। पिछले दिनों पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में आंधी और बारिश देखने को मिली। हालांकि शनिवार को कई इलाकों में बारिश थम गई थी। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, अक्टूबर में पिछले 10 साल के मौसम के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की स्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी दिन में धूप और रात में ठंडक के साथ बारिश का दौर बना हुआ है।
इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।
वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से कम रहा। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके अलावा 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में इस साल कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही है। प्रदेश की सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।
मौसम विभाग के मुताबिक, जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से आंकड़े में सुधार आया, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक की स्थिति बनी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। अब अक्टूबर के आखिरी दिनों में सक्रिय हो रहे नए मौसमी सिस्टम से एक बार फिर बारिश की संभावना बन रही है।
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टायर फटने से पुलिया के नीचे गिरी कार, मंदिर से लौट रहे 4 दोस्तों की जिंदा जलकर मौत, 1 की हालत गंभीर
धार। धार जिले में सोमवार रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। सादलपुर थाना क्षेत्र के संगेशरा गांव में लोटस स्कूल के सामने एक मारुति स्विफ्ट कार अचानक पुलिया से नीचे जा गिरी। हादसे के बाद कार में आग लग गई और देखते ही देखते लपटों ने पूरे वाहन को घेर लिया। कार में पांच युवक सवार थे, जिनमें से चार की मौके पर ही मौत हो गई। पांचवां युवक गंभीर रूप से झुलस गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकलकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
पांचों युवक सांवरिया सेठ मंदिर में दर्शन करने के बाद सागौर कुटी लौट रहे थे। रात करीब साढ़े 11 बजे उनकी कार संगेशरा गांव के पास पहुंची। इसी दौरान कार का टायर फट गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। कार पुलिया से नीचे गिर गई और कुछ ही देर में उसमें आग लग गई। आग तेजी से फैलने के कारण कार में बैठे युवकों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
इस हादसे में भीम पिता विक्रम, चेतन पिता जीवन धाकड़, आदित्य पिता संतोष तिवारी और अभिषेक पिता लक्ष्मण सोलंकी की मौत हो गई। बताया गया है कि सभी युवक धार जिले के सागौर और आसपास के इलाकों के रहने वाले थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बचाव कार्य में मुश्किल आई। चार युवकों की मौत की खबर से उनके परिवारों और परिचितों में शोक छा गया।
कार में सवार तुषार मंडलोई इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए। उनकी उम्र करीब 20 साल बताई गई है। हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह करीब 35 से 40 प्रतिशत तक झुलसे हैं। उनकी हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया। परिवार के लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।
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आदिवासी छात्रों ने खोला मोर्चाः मूलभूत सुविधाओं के लिए 20 किमी पैदल चलकर पहुंचे जिला मुख्यालय, पीछे दौड़ती रहीं अफसरों की गाड़ियां
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित सैलाना के आदर्श एकलव्य (मॉडल) स्कूल के छात्रों ने एक बार फिर बदहाल व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी है। सोमवार (26 अक्टूबर) की सुबह स्कूल के सैकड़ों आदिवासी छात्र हॉस्टल और स्कूल में व्याप्त समस्याओं से परेशान होकर पैदल ही सैलाना से रतलाम जिला मुख्यालय के लिए निकल पड़े। अधिकारी रास्ते में गाड़ियां दौड़ाकर बच्चों को मनाते रहे, लेकिन आक्रोशित छात्र नहीं माने और करीब 20 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर रतलाम पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सैलाना मॉडल स्कूल और हॉस्टल में काफी समय से पानी, भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की किल्लत चल रही थी। बच्चों के अचानक सड़क पर उतरने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी गाड़ियों से बच्चों के पीछे दौड़ते रहे और उन्हें रास्ते में ही समझाकर वापस लौटाने का प्रयास करते रहे। हालांकि, जिद पर अड़े छात्र नहीं माने और सीधे रतलाम पहुँच गए।
सोमवार को शासकीय अवकाश होने के कारण बच्चे जिला मुख्यालय पर अधिकारियों से सीधे मुलाकात न हो पाने पर वापस सैलाना लौट गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास विभाग) को मौके पर जाकर समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
सैलाना का यह मॉडल स्कूल पहली बार विवादों में नहीं आया है। इससे पूर्व भी यहाँ की अव्यवस्थाओं को लेकर छात्र पैदल मार्च निकाल चुके हैं, तब अधिकारियों ने रास्ते में आश्वासन देकर उन्हें वापस भेजा था। छात्रा की आत्महत्या का मामला: कुछ समय पूर्व इसी स्कूल के हॉस्टल में एक छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की दुखद घटना घटी थी, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। बार-बार सामने आ रही इन घटनाओं से स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी असमंजस में हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और इसके पीछे की मंशा पर दो बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सुनवाई का दावा हवा-हवाई: जब जिला कलेक्टर अजय कटेसरिया द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी जनसुनवाई और समस्याओं का निराकरण स्थानीय उपखंड (सैलाना) स्तर पर ही हो, तो फिर सैलाना में इन मासूम बच्चों की बात क्यों नहीं सुनी गई?
रतलाम और आसपास के आदिवासी अंचलों में मासूम स्कूली बच्चों को ढाल बनाकर पैदल मार्च कराने का एक नया ट्रेंड देखा जा रहा है। हाल ही में पड़ोसी झाबुआ जिले के पेटलावद में एकलव्य विद्यालय के बच्चों को भड़काकर आंदोलन कराने के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सैलाना में भी इन अबोध आदिवासी छात्रों की पढ़ाई बाधित कर कुछ स्वार्थी तत्व इन्हें पैदल मार्च के लिए प्रेरित कर रहे हैं, या फिर वाकई प्रशासनिक अनदेखी के कारण छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं? फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों ही पहलुओं की गहराई से जाँच कर रहे हैं।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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पूजा स्थल मे गरिमा
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