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भोपाल। राजधानी के श्यामला हिल्स थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 17 वर्षीय नाबालिग किशोर की हत्या के मामले में पुलिस की जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब 2 करोड़ रुपये के लालच में किशोर की नृशंस हत्या की गई और उसके अंगों (प्राइवेट पार्ट) को काटकर विदेश में बेचने की अंतरराष्ट्रीय साजिश रची गई थी।
मृतक किशोर अपने परिवार का इकलौता बेटा था और मोती मस्जिद, इकबाल मैदान व आसपास के इलाकों में घूम-घूमकर पेन-कॉपी बेचता था। उसकी इस छोटी सी कमाई से ही पूरे परिवार का गुजर-बसर होता था। 6 अगस्त को वह संदिग्ध परिस्थितियों में अचानक लापता हो गया था, जिसके बाद परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की थी।
लापता होने के 5 दिन बाद, यानी 11 अगस्त को छोटे तालाब के पास किशोर का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर परिजनों ने चप्पल और कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। शव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत हत्या (मर्डर) का मामला दर्ज किया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए श्यामला हिल्स थाना पुलिस ने करीब 13 संदिग्धों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस अंतरराष्ट्रीय सौदेबाजी के पीछे कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। फिलहाल, मृतक का गायब अंग अभी तक बरामद नहीं हो सका है, जिसके लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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ग्वालियर एसपी ऑफिस में बवाल, कांग्रेस जिला महामंत्री ने किया सुसाइड, अस्पताल में डॉक्टर ने मृत घोषित किया
ग्वालियर. ग्वालियर पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां पहुंचे कांग्रेस के जिला महामंत्री ने अचानक आत्महत्या कर ली. आनन-फानन में पुलिसकर्मी उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने जिला महामंत्री को मृत घोषित कर दिया.
ग्वालियर एसपी ऑफिस में सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे अचानक हंगामा हो गया. कांग्रेस नेता राजेश किरार किसी काम से कार्यालय पहुंचे थे. कुछ देर परिसर में बैठे रहे, वे एसपी के पास अपनी एक परेशानी लेकर पहुंचे थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पायी. इसी दौरान उन्होंने एसपी ऑफिस परिसर में आत्मघाती कदम उठा लिया. ऐसा करने के चंद मिनटों में उनकी तबीयत बिगड़ गई और एसपी कार्यालय के बाहर ही बेहोश होकर गिर पड़े.
अचानक शख्स को गिरते देख आसपास मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन उनके मुंह से झाग निकल रहा था. वहीं ग्वालियर एसपी को भी इस घटना की जानकारी बाहर खड़े पुलिसकर्मियों ने दी. ऐसे में तुरंत एसपी ने शासकीय वाहन से राजेश किरार को जयारोग्य अस्पताल के हजार बिस्तर बिल्डिंग पहुंचाया. जहां डॉक्टर ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया. जिसके बाद उनका शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे कांग्रेस नेता रवीन्द्र सिंह ने बताया कि, राजेश किरार बीते 25 सालों से कांग्रेस से जुड़े हुए थे और वर्तमान में जिला महामंत्री थे. सुनने में आया है और उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला है. जिससे पता चला है, कुछ लोग उन्हें लेन देन को लेकर प्रताडि़त कर रहे थे. वे कौन लोग थे, इसका जिक्र सुसाइड नोट में है. उन्होंने मुख्यमंत्री से भी अपील की है कि, ग्वालियर में ऐसा कोई महीना नहीं जाता, जब सूदखोरों की वजह से किसी की जान नहीं जाती, ऐसे में इस मामले में जो भी दोषी हैं, उन पर सख्त कार्रवाई कराई जाए.
सीएसपी रोबिन जैन ने बताया, राजेश किरार कोई जहरीला पदार्थ खा कर आए थे और एसपी ऑफिस में उनकी तबीयत बिगड़ गई. इसलिए तुरंत अस्पताल भिजवाया गया था. उनकी मौत की सूचना परिजन को भी दे दी गई. जिनसे पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि, उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया. हालांकि यह बात सामने आ रही है कि वह किसी जमीन के कब्जे को लेकर परेशान थे. पूरे मामले में पुलिस जांच कर रही है, साथ ही यह भी पता लगा रही है कि, उन्होंने जहरीला पदार्थ कहां और क्यों खाया था. हालांकि सीएसपी का कहना था की, मौत से पहले राजेश की किसी पुलिस कर्मी से कोई चर्चा नहीं हुई है. इसलिए मामला अभी जांच का विषय है.
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घर से एक साथ उठीं 2 अर्थियां , अंतिम सांस तक नहीं छूटा गोपाल-रेखा का साथ
उज्जैन। छुट्टी के दिन बेटे से मिलने जा रहे दंपति के साथ बड़ी अनहोनी हो गई। गोपाल और रेखा के घर उस समय कोहराम मच गया जब एक साथ दोनो की अर्थियां निकली। इस दौरान पूरे इलाके में गम का माहौल छा गया। जिसने भी ये नाजार देखा वो अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया। सोमवार को भी मिलने वाले लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि इतना बड़ा हादसा हो गया।
बता दें कि एमपी में उज्जैन-इंदौर रोड पर टोल के आगे सुबह भीषण सड़क हादसे में आगर के सराफा कारोबारी दंपती की मौत हो गई। उज्जैन से इंदौर बेटे से मिलने जा रहे गोपाल सोनी (60) और उनकी पत्नी रेखा सोनी (53) की कार एमपी 42 सी-2786 आगे चल रहे ट्रक एमपी 15 एचए-0683 में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार का अगला हिस्सा और बोनट ट्रक के पिछले हिस्से में काफी अंदर तक धंस गया। हादसे में कार में सवार एक बालिका भी घायल हुई है। बीते दिन घटना के बाद पत्नी-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी।
परिजनों के मुताबिक गोपाल सोनी और रेखा सोनी रविवार को छुट्टी के दिन इंदौर में अपने बेटे से मिलने जा रहे थे। उनका एक बेटा इंदौर में फिजिक्स वाला में शिक्षक है, जबकि दूसरा बेटा आगर में परिवार का चांदी का कारोबार संभालता है। गोपाल सोनी मूल रूप से आगर के सराफा कारोबारी परिवार से थे और परिवार का चांदी का कारोबार है। स्थानीय सराफा व्यापारी संगठन से भी उनके जुड़ाव की जानकारी सामने आई है।
हादसा सुबह 11.30 से 12.30 बजे के बीच हुआ। तस्वीरों में कार का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंसा दिखाई दे रहा है। कार के चारों तरफ के कांच भी टूट गए। टक्कर कितनी तेज थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में दंपती के साथ पड़ोसी व किराना व्यावसायी मुकेश गर्ग की बेटी ईशिका गर्ग थी। हादसे में उसे भी चोट आई है और उसका भी इलाज इंदौर में चल रहा है।
परिजनों के अनुसार हादसे के बाद संभवतः गोपाल सोनी की कुछ देर तक सांस चल रही थी। बेहतर उपचार की उम्मीद में उन्हें इंदौर के अरविंदो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। रेखा सोनी का पोस्टमार्टम उज्जैन में कराया गया, जबकि गोपाल का पोस्टमार्टम अरविंदो अस्पताल में हुआ।
गोपाल सोनी के बड़े भाई का करीब 20 वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद परिवार की कई जिम्मेदारियां गोपाल ही संभाल रहे थे। उनकी 85 वर्ष से अधिक उम्र की मां अभी जीवित है। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। हादसे की सूचना पर परिजन मौके और अस्पताल पहुंच गए थे। पीएम के बाद शव उन्हें सौंप दिए गए।
हादसे में दंपती की मौत के बावजूद फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि उज्जैन-इंदौर रोड पर चल रहे ट्रक में कार इतनी तेज या किस परिस्थिति में जा घुसी। नानाखेड़ा पुलिस का कहना है कि घटनास्थल की तस्वीरें टक्कर की भयावहता बताती है, लेकिन दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और दोनों वाहनों की स्थिति के आधार पर जांच कर रही है।

शाजापुर। जब कानून के रखवाले ही भक्षक बन जाएं, तो आम जनता इंसाफ की गुहार किससे लगाए? मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ग्राम इकलेरा से खाकी को दागदार करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ पट्टे की जमीन पर प्लॉट के विवाद को लेकर शाजापुर जिला मुख्यालय में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) दिलीप कुंभकार ने सरेआम अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीकांड में गोली लगने से एक बेकसूर युवक की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद राजगढ़ जिले के इकलेरा गाँव में पट्टे की जमीन पर प्लॉट को लेकर हुआ था। गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल इकलेरा निवासी दीपक मोहबे को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि मृतक दीपक का इस जमीन विवाद से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं था। वारदात में घायल संतोष और अन्य लोगों को शाजापुर जिले के शुजालपुर सिविल अस्पताल लाया गया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए एक घायल को ICU में रखा गया है।
घायल संतोष का कहना है कि उन्होंने पट्टे के प्लॉट विवाद को लेकर पहले ही पुलिस चौकी में आवेदन दिया था, लेकिन समय रहते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। रविवार को जब वे प्लॉट पर पहुंचे, तो विवाद और झूमाझटकी के बीच आरोपी ASI दिलीप कुंभकार ने अपनी पिस्टल निकालकर गोलियां चला दीं।
घटना की सूचना मिलते ही राजगढ़ जिले की पुलिस टीम शुजालपुर पहुँची और आरोपी ASI दिलीप कुंभकार को हिरासत में ले लिया है। मृतक दीपक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शुजालपुर मंडी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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नागपंचमी पर मुंह सिले 20 से ज्यादा कोबरा रेस्क्यू, 12 कथित बाबा और सपेरे गिरफ्तार
जबलपुर। नागपंचमी के पावन पर्व पर आस्था के नाम पर बेजुबान सांपों के साथ होने वाली क्रूरता के खिलाफ वन विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर वन विभाग की टीम ने ‘ऑपरेशन स्नेक’ चलाकर घर-घर जाकर नुमाइश करने वाले 12 से अधिक सपेरों और कथित बाबाओं को गिरफ्तार किया है।
खुद के चंद रुपयों के फायदे के लिए ये आरोपी कोबरा जैसे विषैले सांपों का मुंह धागे से सिल देते थे और घर-घर जाकर दूध पिलाने के नाम पर अंधविश्वास फैलाते थे। वन विभाग ने मौके से 20 से अधिक कोबरा सांपों को मुक्त कराया है। मुंह सिले होने और चोटिल होने के कारण सभी रेस्क्यू किए गए सांपों को तुरंत इलाज के लिए वेटनरी अस्पताल भेजा गया है।
वन विभाग की टीमों की शहर भर में ताबड़तोड़ छापेमारी और धरपकड़ जारी है। गौरतलब है कि पिछले साल भी वन विभाग ने नागपंचमी के मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए 50 से ज्यादा सांपों को ढोंगी बाबाओं के चंगुल से छुड़ाया था। विभाग ने साफ किया है कि वन्यजीवों के साथ क्रूरता करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
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छात्रावास की बदहाली से तंग आकर रात में खिड़की से कूदीं 40 छात्राएं, थाने पहुंचकर बयां किया दर्द
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित निसरपुर के माता शबरी आवासीय कन्या शिक्षा परिसर में छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर हड़कंप मच गया। बीती रात करीब 10 बजे छात्रावास की 91 में से लगभग 40 छात्राएं अव्यवस्थाओं से तंग आकर कमरे की खिड़की से नीचे कूदीं और रात के अंधेरे में ही पैदल कुक्षी थाने की ओर निकल पड़ीं। छात्राओं को अचानक सड़क पर पैदल जाते देख स्थानीय लोगों में चिंता फैल गई और वे सुरक्षा के लिहाज से उनके साथ चलने लगे।
थाने पहुंचीं छात्राओं ने छात्रावास प्रशासन की पोल खोलकर रख दी। छात्राओं का आरोप है कि 50 बेड की क्षमता वाले इस छात्रावास में 140 छात्राओं को ठूंस-ठूंस कर रखा गया है। उन्हें मेन्यू के अनुसार खाना और नाश्ता नहीं दिया जाता। जब वे भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करती हैं, तो उन्हें यह कहकर चुप करा दिया जाता है कि “खाना पसंद नहीं है तो मत खाओ।” छात्राओं ने यह भी खुलासा किया कि अधिकारियों के निरीक्षण वाले दिन तो व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाती हैं, लेकिन उनके जाते ही स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है।
निसरपुर से खंडवा-बड़ौदा मार्ग पर पैदल चलने के दौरान एक छात्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसे तुरंत कुक्षी के कैलाश हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। निसरपुर पुलिस के काफी समझाने के बावजूद छात्राएं अपनी शिकायतों को लेकर थाने जाने पर अड़ी रहीं। इसके बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने वाहनों का प्रबंध कर सभी छात्राओं को सुरक्षित कुक्षी थाने पहुँचाया।
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार प्रवीण पाटीदार, एसडीओपी सुनील गुप्ता, टीआई दीपक चौहान और चौकी प्रभारी भुवानसिंह चौहान सहित भारी प्रशासनिक अमला थाने पहुंचा। वहीं जयस (JAYAS) के रविराज बघेल भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं का समर्थन किया। अधिकारियों ने छात्राओं को आश्वासन दिया है कि सुबह एसडीएम के साथ छात्रावास का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।
इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से छात्राओं को वापस छात्रावास छोड़ दिया गया। जयस नेता ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्थाओं में तुरंत सुधार नहीं हुआ और वार्डन ने छात्राओं पर किसी तरह का दबाव बनाने की कोशिश की, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा एजेंसियों ने कथित तौर पर ISI समर्थित शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ देशभर में बड़ा अभियान चलाया। गृह मंत्री अमित शाह के मुताबिक, 14 राज्यों में हुई कार्रवाई के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 80 केस दर्ज किए जा चुके हैं। शाह ने इसे सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया। गृह मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि सुरक्षा बलों ने नेटवर्क के आतंकी मंसूबों को नाकाम कर दिया है। कार्रवाई के दौरान IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और CCTV कैमरे समेत कई सामान बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
अमित शाह के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में अलग-अलग ठिकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान बड़ी संख्या में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। कार्रवाई का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51 और पंजाब में 44 जगहों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8 और उत्तराखंड में 5 जगहों पर अभियान चलाया गया। कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन स्थानों पर कार्रवाई हुई, जबकि तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो जगहों पर एक्शन लिया गया।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कथित नेटवर्क को ISI से फंडिंग मिल रही थी। उनके मुताबिक, अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को हथियार और विस्फोटक से जुड़े सामान मिले। बरामद सामान में IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल और जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा जासूसी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे भी मिलने की बात कही गई है। शाह के अनुसार, यह नेटवर्क कथित तौर पर कई आतंकी गतिविधियों में शामिल था और इसके जरिए हमलों की साजिश रचे जाने के आरोप हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी नेटवर्क को पाकिस्तान से संचालित और ISI समर्थित आतंकी सिंडिकेट के तौर पर देखा जा रहा है। एजेंसियों का आरोप है कि नेटवर्क भारत में ग्रेनेड, IED और पेट्रोल बम हमलों के साथ टारगेट किलिंग जैसी गतिविधियों में भी शामिल रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क स्थानीय लोगों को पैसे देकर पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कराने का काम भी करता था। हालांकि, इन आरोपों से जुड़े विस्तृत तथ्य जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
अमित शाह ने इस अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का उदाहरण बताया। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले कई राज्यों में एक साथ हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कथित आतंकी नेटवर्क के सदस्यों तक पहुंचने के साथ-साथ उसके वित्तीय और लॉजिस्टिक नेटवर्क को कमजोर करना भी बताया गया है।
जानकारी के मुताबिक, शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 80 केस दर्ज किए गए हैं। 14 राज्यों में हुई कार्रवाई के बाद जांच एजेंसियां हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही हैं। पूछताछ के जरिए कथित नेटवर्क की फंडिंग, संपर्कों और देश में मौजूद उसके सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और जांच के आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है।
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तारापीठ मंदिर के पास होटल में लगी आग, 7 लोगों की जलकर मौत, एक दर्जन गंभीर
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के बिरभूम जिले के तारापीठ मंदिर शहर में सोमवार को एक निजी होटल में भीषण आग लग गई. इस हादसे में करीब सात लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. बता दें कि आग सुबह करीब 4 बजे चार मंजिला होटल के ग्राउंड फ्लोर पर लगी. आग बुझाने के लिए दो दमकल गाडिय़ां मौके पर पहुंची. दमकलकर्मी तुरंत ही आग बुझाने में लग गए. स्थानीय लोगों ने भी इस काम में मदद की. फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन लोग डर रहे हैं कि मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आग होटल के एक एसी यूनिट से शुरू हुई और तेजी से फैल गई. शुरुआती जांच में पता चला है कि होटल में बुनियादी फायर सेफ्टी के इंतजाम नहीं थे. फायर अलार्म भी सही समय पर नहीं बजा. अधिकारियों द्वारा बाद में विस्तृत जांच की जाएगी.
बीरभूम के SSp नीलेश श्रीकांत गायकवाड़ कहते हैं, कोशिशें अभी भी जारी हैं. सभी को रामपुरहाट अस्पताल भेज दिया गया है. अब तक 11-12 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हम अभी और कोई जानकारी नहीं दे सकते.
इस हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं. उन्हें रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया. घटना उस समय हुई जब तारापीठ के प्रसिद्ध काली मंदिर में पूजा के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे. कोलकाता से आई एक महिला मेहमान ने बताया कि पूरा होटल धुएं से भर गया. कई लोग भाग नहीं सके. सांस लेने में भी दिक्कत हुई. उन्होंने कहा, अचानक पूरा होटल धुएं से घिर गया. हमें सांस नहीं आ रही थी और भागने का रास्ता ढूंढना मुश्किल हो गया.
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पाकिस्तान के 13 लाख फॉलोअर्स वाली टिकटॉकर शमसू बीबी की सरेआम हत्या, शूटर्स ने कार रोककर मारी गोली
पाकिस्तान की लोकप्रिय टिकटॉक स्टार शमसू बीबी की बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी गई. यह दर्दनाक घटना टैक्सिला के व्यस्त जीटी रोड पर अट्टॉक पेट्रोल पंप के पास शाम करीब 5 बजे घटी. 28 वर्षीय आयशा के टिकटॉक पर करीब 13 लाख फॉलोअर्स थे. बताया जा रहा है कि वह अपनी 15 वर्षीय छोटी बहन और भाई के साथ कार में जा रही थीं, उसी समय हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाते हुए गोली मारकर हत्या कर दी.
पाकिस्तान की 13 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाली टिकटॉक स्टार शमसू बीबी की टैक्सिला में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
टिकटॉक स्टार शमसू बीबी को आयशा गिलामाना के नाम से भी जाना जाता है. इस हमले में आयशा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गईं. परिवार के मुताबिक, पेट्रोल पंप के पास मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात युवकों ने उनकी कार को निशाना बनाकर गोलियां चला दी.
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार यह घटना 14 अगस्त 2026 को हुई. शमसू बीबी के पिता फजल साहिबजादा ने बताया कि कशिश उर्फ काशी नाम के एक व्यक्ति ने उनकी बेटी को फोन करके घर के बाहर बुलाया था. आयशा शमसू अपनी 15 साल की बहन असमिया और छोटे भाई नेमतुल्लाह के साथ अपनी काले रंग की होंडा कार में जा रही थीं.
शमसू बीबी के भाई नैमतुल्लाह के अनुसार दो अज्ञात युवकों युवकों (उम्र 30-35 वर्ष) ने उनकी कार को निशाना बनाकर गोलियां चला दी. एक गोली शमसू बीबी के गले में लगी. गंभीर चोट के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई. आयशा खुद गाड़ी चला रही थीं, तभी अचानक एक मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात बदमाश उनकी कार के दाहिनी तरफ आए.
शमसू बीबी के पिता फजल साहिबजादा के अनुसार, आयशा का कौसर और जावेद उर्फ शाहीन नाम के दो व्यक्तियों के साथ पैसों का बड़ा लेनदेन था. वे आयशा के पैसे वापस नहीं लौटा रहे थे और मांगने पर उसे लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे थे. पिता को पूरा यकीन है कि इन्हीं लोगों ने पैसों के विवाद में उनकी बेटी की जान ली है.

मैहर। मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शासकीय उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न वितरण में गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में करीब 27.81 लाख रुपए कीमत के खाद्यान्न की कमी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, बहुउद्देशीय सेवा सहकारी समिति रामगढ़ की ओर से संचालित बिधुई खुर्द की उचित मूल्य दुकान के विक्रेता अवधेश चतुर्वेदी और सहायक विक्रेता दीपक चतुर्वेदी पर मार्च से जून 2026 के बीच हितग्राहियों के फिंगरप्रिंट लेने के बावजूद खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराने का आरोप है। जांच में दुकान पर 12 लाख 92 हजार 987 रुपए कीमत का खाद्यान्न कम पाया गया।
इसी समिति की अमझर स्थित उचित मूल्य दुकान में भी इसी तरह की अनियमितता सामने आई। जहां जांच के दौरान 14 लाख 88 हजार 103 रुपए कीमत का खाद्यान्न कम मिला। दोनों मामलों में पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 316(5) और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत अपराध दर्ज किया है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दीपक चतुर्वेदी (37), निवासी बिछिया खुर्द, थाना ताला को शनिवार की शाम को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आरोपी अवधेश चतुर्वेदी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई ताला थाना प्रभारी महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में की गई। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

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नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल पर FIR, नाबालिग छात्रा संग छेड़छाड़ का आरोप
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बेहद शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. यहां स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के प्राचार्य (प्रिंसिपल) पर एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप लगा है. छात्रा की लिखित शिकायत के आधार पर महिला थाना पुलिस ने आरोपी प्राचार्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि, FIR दर्ज होने के बाद भी अब तक प्राचार्य की गिरफ्तारी न होने से स्थानीय लोगों और राजनीतिक संगठनों में गहरा आक्रोश है.
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्रा ने करीब एक माह पहले अपने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंचकर प्राचार्य के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद प्राचार्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था. मामला दर्ज होने के बावजूद लंबे समय तक आरोपी प्राचार्य की गिरफ्तारी न होने के कारण अब यह पूरा मामला तूल पकड़ता जा रहा है.
प्राचार्य की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर रविवार को स्कूल परिसर के बाहर माहौल गरमा गया. कांग्रेस की महिला जिलाध्यक्ष सुनीता पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नवोदय विद्यालय के सामने एकत्रित होकर उग्र प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि नाबालिग छात्रा से जुड़े इस गंभीर मामले में आरोपी प्राचार्य को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए.
स्थानीय निवासियों और अभिभावकों ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर अपना विरोध जताया. लोगों का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक स्कूल में बच्चों की सुरक्षा पर सवाल बने रहेंगे.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर सभी कानूनी प्रक्रियाओं और बयानों की जांच की जा रही है. पुलिस की टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हैं और जल्द ही मामले में वैधानिक कार्रवाई करते हुए अग्रिम कदम उठाए जाएंगे.
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‘हाथ में किताब की जगह सड़कों पर उतरे नौनिहाल!’ 40 KM पैदल कलेक्टर दफ्तर निकले बच्चे
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से प्रशासनिक संवेदनहीनता और जनसमस्याओं से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां एक तरफ पूरा देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा था, वहीं महाराजपुर तहसील के ग्राम टटम के स्कूली बच्चे अपनी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। टेंट लगाकर धरना दे रहे ग्रामीणों और बच्चों से जब कोई अधिकारी मिलने नहीं पहुंचा तो बच्चों ने खुद 40 किलोमीटर दूर छतरपुर कलेक्टर से मिलने के लिए पैदल ही मार्च शुरू कर दिया।शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका
लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलकर जब बच्चे महाराजपुर पहुंचे तो उनके समर्थन में गांव के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में जुड़ गए। बच्चों की मांग है कि महाराजपुर विधायक कामाख्या प्रताप सिंह ‘टीका राजा’ स्वयं धरना स्थल पर आकर उनकी समस्या सुनें।
वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विधायक धरना स्थल से महज 10-12 किमी दूर थे, फिर भी वे मिलने नहीं आए। बच्चों ने तहसीलदार और एसडीएम से हाथ जोड़कर विधायक से बात कराने की मिन्नतें कीं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
वहीं मामले में विधायक कामाख्या प्रताप सिंह का कहना है कि उनके प्रस्ताव पर टटम गाँव की सड़क को ‘प्रधानमंत्री सड़क योजना’ से जोड़ दिया गया है।
आक्रोशित बच्चों और ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगें पूरी न होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

मुरैना जिले में रविवार को चंबल नदी पार कर रहा एक स्टीमर बीच धार में अचानक खराब हो गया। स्टीमर के बंद होते ही वह नदी के तेज बहाव के साथ बहने लगा। उस समय स्टीमर में करीब 100 यात्री और 40 से 50 दोपहिया वाहन सवार बताए जा रहे थे। स्टीमर के बहने का वीडियो भी सामने आया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि काफी दूर बहने के बाद स्टीमर को कच्छ घाट के पास रोक लिया गया और उसमें सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
जानकारी के मुताबिक स्टीमर रविवार सुबह करीब 9:30 बजे नगरा थाना क्षेत्र के साहसपुरा स्थित चंबल नदी घाट से रवाना हुआ था। स्टीमर को चंबल नदी पार कर उत्तर प्रदेश के केला घाट की ओर जाना था। बताया जा रहा है कि नदी की बीच धार में पहुंचते ही स्टीमर अचानक बंद हो गया। उसे चला रहे लोगों ने इंजन को ठीक करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद स्टीमर नदी के बहाव के साथ बहने लगा।
स्टीमर के बंद होने के बाद वह पानी के तेज बहाव में बहता हुआ मुरैना जिले की सीमा से आगे निकल गया। बताया गया कि वह भिंड और उत्तर प्रदेश की सीमा की दिशा में बढ़ने लगा। स्टीमर पर बड़ी संख्या में लोग और दोपहिया वाहन मौजूद होने के कारण यात्रियों में डर का माहौल बन गया। कुछ यात्रियों ने अपने परिजनों को फोन कर स्टीमर के खराब होने और बहने की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर मौजूद लोगों और स्थानीय प्रशासन में भी चिंता बढ़ गई। करीब आधे घंटे के भीतर स्टीमर घाट से काफी दूर चला गया और यात्रियों की नजरों से ओझल हो गया।
बताया जा रहा है कि स्टीमर में सवार कई यात्री उत्तर प्रदेश के बटेश्वर में कांवड़ चढ़ाने के लिए जा रहे थे। स्टीमर पर यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन भी लदे हुए थे। स्टीमर के नदी के बीच फंसने और फिर बहने की खबर से यात्रियों के परिजन भी चिंतित हो गए थे। हालांकि कुछ देर बाद स्टीमर को घाट के किनारे रोक लिए जाने की सूचना मिली जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि स्टीमर को कच्छ घाट के पास किनारे पर रोक लिया गया। इसके बाद उसमें सवार यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घटना के बाद स्टीमर के अचानक बंद होने की वजह और उसमें क्षमता से अधिक यात्री या वाहन सवार थे या नहीं, इसे लेकर भी जांच की जा रही है। चंबल नदी में स्टीमर के बीच धार में खराब होने और बहाव के साथ दूर तक बहने की घटना ने नदी परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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एक ही रात में दो जगह अवैध रूप से लगाईं महापुरुषों की प्रतिमाएं, एक खंडित
शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर में रात के अंधेरे में बिना किसी अनुमति के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन और कलेक्टर के आदेशों के बावजूद अज्ञात लोगों ने एक ही रात में दो अलग-अलग स्थानों पर प्रतिमाएं लगा दीं। वहीं एक जगह पहले से स्थापित प्रतिमा को किन्हीं लोगों ने खंडित कर दिया।
पहली घटना मायापुर थाना क्षेत्र के राजापुर से कुछ दूरी पर स्थित पडरा चौराहे की है। यहां ईंट गारे से चबूतरा बनाकर रानी अवंती बाई की लोहे की फ्रेम वाली तस्वीर स्थापित कर दी गई। दूसरी घटना में पिछोर खोड मार्ग पर ग्राम पंचायत बूधोन के पास भी अज्ञात लोगों ने रात में रानी अवंती बाई की प्रतिमा स्थापित कर दी। दोनों ही जगह प्रतिमाएं बिना प्रशासनिक अनुमति के लगाई गई हैं। बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है कि रात के अंधेरे में प्रतिमाएं रखी गई हैं, बल्कि पिछले कुछ सालों में ऐसा कई बार हो चुका है।
दूसरी ओर विजयपुर तिराहे गणेशखेड़ा के पास शासकीय सांदीपनी विद्यालय के सामने पहले से स्थापित रानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को अज्ञात लोगों ने खंडित कर दिया। सुबह जब लोग वहां पहुंचे तो देखा कि प्रतिमा के हाथ की तलवार और पास में रखा शिवलिंग तोड़ दिया गया है। इस घटना से क्षेत्र में आक्रोश है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। मायापुर थाना पुलिस का कहना है कि पडोरा चौराहे और बूधोन के पास प्रतिमा लगाने वाले अज्ञात लोगों की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वहीं गणेशखेड़ा में प्रतिमा खंडित करने के मामले में भी अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दोषियों को पकड़ा जाएगा।
पिछोर विधायक प्रतीम लोधी ने कहा है कि- इस तरह से रात के अंधेरे में प्रतिमाएं रखने की घटनाएं पूरी तरह से गलत हैं। मैं पिछोर की जनता से अपील करता हूं, कि इस तरह से प्रतिमाएं न रखें। इस तरह प्रतिमा रखना शासकीय जमीन पर कब्जा करने के लिए किया जाता है। अगर किसी को कहीं पर प्रतिमा रखनी है तो उसके लिए वैध तरीके से अनुमति लेकर प्रतिमा रखें। हमने भी प्रतिमाएं रखी हैं, लेकिन वह सभी प्रतिमाएं वैध तरीके से होती हैं। महापुरूषों को चोरी से रखना, यह गलत है। कुछ छुटभैये नेता अपनी राजनीति चमकाने के लिए यह काम करते हैं। पूरे मामले में दोषियों पर प्रशासन को कार्रवाई करना चाहिए।
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नागपंचमी पर साल में सिर्फ एक बार खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर, कल सावन सोमवार पर शिव-पार्वती संग होंगे नागदेव के दर्शन
उज्जैन । उज्जैन में 17 अगस्त को नागपंचमी और सावन के तीसरे सोमवार का खास संयोग है। महाकाल मंदिर के तीसरे तल पर विराजमान भगवान नागचंद्रेश्वर के पट 16 अगस्त की रात 12 बजे खुलेंगे। श्रद्धालु लगातार 24 घंटे तक दर्शन कर सकेंगे।
उज्जैन में इस बार 17 अगस्त का दिन बेहद खास रहने वाला है। एक तरफ सावन का तीसरा सोमवार है, तो दूसरी ओर इसी दिन नागपंचमी भी मनाई जाएगी। दोनों पर्व एक साथ पड़ने से बाबा महाकाल की नगरी में आस्था का बड़ा संगम देखने को मिलेगा।
सबसे खास बात यह है कि महाकाल मंदिर के तीसरे तल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट साल में सिर्फ एक बार नागपंचमी पर खुलते हैं। इस बार श्रद्धालुओं को 16 अगस्त की आधी रात से 17 अगस्त की आधी रात तक यानी पूरे 24 घंटे भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन का मौका मिलेगा।
इस मंदिर के पट आम दिनों में बंद रहते हैं और साल में केवल नागपंचमी के दिन ही श्रद्धालुओं के लिए खोले जाते हैं। यही वजह है कि नागपंचमी के दिन उज्जैन में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इस बार 16 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे से भगवान नागचंद्रेश्वर के प्रथम पूजन की प्रक्रिया शुरू होगी। रात 12 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे। पट खुलने के बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महाराज भगवान नागचंद्रेश्वर का पूजन और अभिषेक करेंगे। इस दौरान मंदिर समिति और प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
नागपंचमी के दिन भगवान नागचंद्रेश्वर की विशेष पूजा की परंपरा है। इस बार भी तीन अलग-अलग समय पर पूजा-अर्चना की जाएगी। पहली पूजा 16 अगस्त की रात 12 बजे पट खुलने के बाद होगी। यह पूजा पट खुलने के साथ ही शुरू होगी। इसके बाद 17 अगस्त को दोपहर 12 बजे श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान नागचंद्रेश्वर की पूजा की जाएगी।
जो श्रद्धालु शीघ्र दर्शन व्यवस्था के तहत भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए अलग प्रवेश मार्ग निर्धारित किया गया है। शीघ्र दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को हरसिद्धि पाल की ओर से प्रवेश करना होगा। यहां से बड़ा गणेश मार्ग होते हुए श्रद्धालु प्रवेश द्वार नंबर 5 से मंदिर परिसर में पहुंचेंगे। इसके बाद विश्रामधाम के रास्ते भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन कराए जाएंगे।
17 अगस्त को केवल नागचंद्रेश्वर मंदिर में ही भीड़ नहीं होगी। सावन का तीसरा सोमवार होने के कारण भगवान महाकाल के दर्शन के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे।
महाकालेश्वर भगवान के सामान्य दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय स्थित त्रिवेणी प्रवेश द्वार से रहेगा। यहां से श्रद्धालु नंदी द्वार होते हुए मानसरोवर फैसिलिटी, गणेश मंडप और कार्तिक मंडप से आगे बढ़ेंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं की निकासी एम्बुलेंस गेट से होगी और वे पिनाकी द्वार से बाहर निकलेंगे।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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