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राजगढ़ के कुरावर क्षेत्र में अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। 100 से ज्यादा लोग जान बचाने के लिए भागे, कई घायल हुए और करीब दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
अंतिम संस्कार में अचानक टूटा कहर: मधुमक्खियों के हमले से मची भगदड़, अर्थी छोड़ भागे लोग
राजगढ़ जिले के कुरावर क्षेत्र के ग्राम गिलाखेड़ी में एक अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को दहला दिया। जहां एक तरफ लोग अपने परिजन को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, वहीं अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया और माहौल चीख-पुकार से भर गया।
कुछ ही सेकंड में स्थिति इतनी भयावह हो गई कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालत यह हो गई कि मृतका की अर्थी तक को छोड़ना पड़ा और लोग खुद को बचाने में जुट गए।
जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय भंवर कुंवर के अंतिम संस्कार के लिए गांव के लोग श्मशान पहुंचे थे। गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर एक पीपल के पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता लगा हुआ था।
बताया जा रहा है कि अर्थी के आगे चल रहे बैंड-बाजे के तेज शोर और कंडों के धुएं से मधुमक्खियां परेशान हो गईं। इसी वजह से छत्ता टूट गया और अचानक मधुमक्खियों का झुंड लोगों पर टूट पड़ा। कुछ ही पलों में यह हमला इतना तेज हो गया कि श्मशान स्थल पर मौजूद हर व्यक्ति खुद को बचाने के लिए भागने लगा।
इस अंतिम संस्कार में करीब 100 से अधिक लोग शामिल थे, लेकिन जैसे ही मधुमक्खियों ने हमला किया, सभी लोग जान बचाकर भागने लगे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अर्थी को कंधा देने वाले सिर्फ चार लोग ही मौके पर रह गए। इन चारों पर मधुमक्खियों ने सबसे ज्यादा हमला किया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। इस दौरान कई अन्य लोग भी मधुमक्खियों के डंक से घायल हुए, जिनमें शिवराज राजपूत, रघुवीर सिंह, मोहन सिंह, जसवंत सिंह और कमला प्रसाद शर्मा जैसे नाम शामिल हैं।
हमले के दौरान लोगों ने अपने बचाव के लिए जो भी संभव था, वह किया। कई लोगों ने तौलिए और कपड़ों से खुद को ढक लिया, ताकि मधुमक्खियों के डंक से बच सकें। कुछ लोग जमीन पर लेट गए तो कुछ भागते हुए दूर निकल गए। हालांकि इस अफरा-तफरी में कई लोग घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों को कुरावर और पीलूखेड़ी के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
मधुमक्खियों के हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। करीब दो घंटे तक कोई भी श्मशान के पास जाने की हिम्मत नहीं कर सका। जब स्थिति थोड़ी सामान्य हुई, तब जाकर दोबारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान पूरे गांव में डर और चिंता का माहौल बना रहा।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर बैठ गया है। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों को हटाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस दिशा में जल्द कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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MPEB टीम पर हमला: कार से कुचलने का प्रयास, कर्मचारियों को घेरकर लाठी-डंडों से दी धमकी
शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल में बिजली बिल बकाया वसूली करने गई MPEB की टीम पर हमला होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि रास्ता रोककर लाठी-डंडों से लैस युवकों ने न सिर्फ कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं, विभाग की सड़क किनारे खड़ी गाड़ी को तेज रफ्तार कार से कुचलने की कोशिश भी की गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सामने आया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जिले के अमलाई थाना क्षेत्र के गिरवा गांव में जूनियर इंजीनियर विकास गोंडुड़े अपनी टीम के साथ बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए पहुंचे थे, इसी दौरान ग्राम गिरवा के पास कार सवार पवन यादव और नितिन रजक ने कथित तौर पर रास्ता रोक लिया और लाठी-डंडे लेकर कर्मचारियों को धमकाने लगे। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली और खड़ी विभागीय गाड़ी को टक्कर मारकर कुचलने का प्रयास किया।
घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरा वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामले में अमलाई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, वहीं दूसरी ओर कार चालक की शिकायत पर विभागीय कर्मचारियों पर भी मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
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अवैध वसूली का वीडियो वायरल, एसपी ने आरक्षक को किया लाइन हाजिर, चालक पर भी गिरी गाज
रीवा। जिले से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। चाकघाट थाना क्षेत्र में डायल 112 के वाहन चालक द्वारा अवैध वसूली किए जाने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस मामले में संज्ञान लेते हुए रीवा पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह चौहान ने सख्त कार्रवाई की है। डायल 112 के चालक को जहां सेवा से बाहर कर दिया गया है, वहीं वहां में तैनात पुलिस कर्मी को निलंबित कर उसके विरुद्ध विवाह की जांच शुरू की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, चाकघाट थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर डायल 112 के चालक द्वारा भूसा लदे एक पिकअप वाहन को रोककर अवैध वसूली की जा रही थी। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में चालक वाहन मालिक और ड्राइवर पर धौंस जमाते हुए पैसों की मांग कर रहा है। वीडियो में चालक यह स्वीकार करता हुआ भी सुनाई दे रहा है कि वह हर गाड़ी से 300 रूपए प्रति चक्कर के हिसाब से वसूली करता है। वीडियो के वायरल होते ही जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया।
एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने तत्काल प्रभाव से आरक्षक सुरेंद्र मिश्रा को लाइन अटैच (लाइन हाजिर) कर दिया है। इसके साथ ही, डायल 112 के निजी चालक को हटाने का फैसला लिया गया है। चूंकि डायल 112 का संचालन राज्य स्तर से होता है, इसलिए चालक को हटाने की प्रक्रिया मुख्यालय भोपाल से संपन्न की गई है। वीडियो में चालक की बातचीत से यह संकेत मिल रहे हैं कि इस अवैध वसूली के खेल में केवल चालक ही नहीं, बल्कि थाने के अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं।
चालक वीडियो में यह दावा करता दिख रहा है कि वह चेकिंग के दौरान गाड़ियों को निकलवाने में मदद करता है। इसी संलिप्तता की आशंका को देखते हुए थाना प्रभारी सहित कुछ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों का मानना है कि यदि जांच में अन्य पुलिसकर्मियों या थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है, तो उन पर भी गाज गिरना तय है। फिलहाल, इस कार्रवाई से अवैध वसूली में लिप्त अन्य तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है।
वीडियो इंटरनेट मीडिया में सामने आया था। जिसके बाद आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया गया है जबकि चालक को हटाने का निर्णय लिया गया है- शैलेंद्र सिंह पुलिस अधीक्षक रीवा।

पंजाब के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को एमपी से गिरफ्तार किया गया है। वे करीब 7 माह से फरार चल रहे थे। एक रेप केस में पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। एक महिला ने उन पर यौन शोषण, धमकाने और अश्लील सामग्री भेजने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद से ही आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गायब हो गए। बुधवार को उन्हें एमपी के शिवपुरी से पकड़ा गया है। जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस ने विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को एक कार में पकड़ा। उन्हें गिरफ्तार कर पंजाब ले जाया गया है।
हरमीतसिंह पठानमाजरा सनौर के विधायक हैं। वे आम आदमी पार्टी से पहली बार विधायक बने हैं। पठानमाजरा के खिलाफ पिछले साल 1 सितंबर को पटियाला के सिविल लाइंस पुलिस थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया गया था। ज़ीरकपुर की एक महिला ने यह शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस में केस दर्ज होने की भनक लगते ही विधायक हरमीतसिंह पठानमाजरा फरार हो गए। पंजाब पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए हरियाणा के करनाल पहुंची थी तो पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया और गोलियां भी चलाई गईं।
पटियाला पुलिस को सूचना मिली कि विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा एमपी में हैं। वे अपने कुछ साथियों के साथ कार से कहीं जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पटियाला पुलिस सक्रिय हुई और शिवपुरी के पास से विधायक हरमीतसिंह पठानमाजरा को गिरफ्तार कर लिया। 6 महीने से फरार चल रहे विधायक को दो साल पुराने रेप केस में पटियाला पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। विधायक हरमीत पठानमाजरा को ग्वालियर-शिवपुरी बायपास से गिरफ्तार किया गया है। वे अपने समर्थकों के साथ सफेद रंग की स्कॉर्पियो से कहीं जा रहे थे। पुलिस उन्हें लेकर पटियाला चली गई है।
विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को जब गिरफ्तार किया गया तब स्कॉर्पियो में उनके साथ तीन अन्य लोग भी सवार थे । उनकी गिरफ्तारी के लिए पटियाला पुलिस की 5 टीमें शिवपुरी आई थीं। बताया जा रहा है कि आरोपी से पूछताछ भी की। पुलिस अब आरोपी विधायक को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ करने की तैयारी में है।
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कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर से खाते से पार की 2.26 करोड़ की रकम, क्राइम ब्रांच ने 5 फर्मों पर दर्ज की FIR
भोपाल। राजधानी भोपाल में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आई है। जहां कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करके जिला शहरी विकास अभिकरण (DUDA) के खाते से 2 करोड़ 26 लाख रुपये से ज्यादा की राशि गायब कर दी गई। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने पांच निजी फर्मों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के नकली साइन बनाकर यह रकम निकाली गई। 17 मार्च को डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे ने खुद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि कुछ शातिर आरोपियों ने कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर करके DUDA के बैंक खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। यह राशि पांच निजी फर्मों के खातों में गई, जिनके खिलाफ अब मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि फर्जी दस्तावेज और साइन का इस्तेमाल करके यह साइबर फ्रॉड अंजाम दिया गया। क्राइम ब्रांच अब फर्मों के मालिकों और अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है। यह मामला सरकारी खातों की सुरक्षा और डिजिटल साइन सिस्टम की कमजोरियों पर भी सवाल उठाता है। भोपाल क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच कर रही है।
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पूर्व ACS मोहम्मद सुलेमान, IAS राठी समेत 4 वरिष्ठ अधिकारियों को 2-2 महीने की सजा
भोपाल। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक बड़ा और सख्त फैसला सुनाते हुए चार वरिष्ठ अधिकारियों को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया है। कोर्ट ने पूर्व एसीएस मोहम्मद सुलेमान, IAS अधिकारी तारो राठी, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. डी.के. तिवारी और मंदसौर के सीएमएचओ डॉ. गोविंद चौहान को दो-दो महीने की कैद की सजा सुनाई है।
यह पूरा मामला मंदसौर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2023 को स्पष्ट आदेश दिया था कि 2004 से 7 अप्रैल 2016 तक के कर्मचारियों को नियमित किया जाए। विभाग को इस आदेश को लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। लेकिन आदेश का पालन नहीं हुआ। इसके बाद कर्मचारियों ने हाईकोर्ट में 9 अवमानना याचिकाएं दायर कीं।न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद सभी चार अधिकारियों को अवमानना का दोषी ठहराया। हालांकि, कोर्ट ने आदेश के पालन का अंतिम अवसर देते हुए सजा को तीन हफ्ते के लिए स्थगित रखा है।
कांग्रेस के पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “जब न्यायालय के आदेश का पालन वरिष्ठतम अधिकारी नहीं करते, तो विधानसभा के निर्देशों और आदेशों का क्या हाल होगा? यह बहुत गंभीर मामला है। सरकार को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और अपने स्तर पर भी ऐसे अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर PNG में शिफ्ट होना होगा। यदि उपभोक्ता ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी एलपीजी (LPG) गैस सप्लाई बंद की जा सकती है। सरकार का मानना है कि पाइपलाइन के जरिए गैस की आपूर्ति अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और निरंतर होती है, जिससे बार-बार सिलेंडर बुक करने की जरूरत समाप्त हो जाती है। यह कदम देश में गैस नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और ईंधन के बेहतर उपयोग की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए नया आदेश जारी किया है, जिसका उद्देश्य पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करना और LPG पर निर्भरता कम करना है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जहां तकनीकी रूप से PNG कनेक्शन उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को इसे लेना होगा। यदि किसी क्षेत्र में तकनीकी कारणों से PNG कनेक्शन देना संभव नहीं है, तो संबंधित एजेंसी द्वारा नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया जाएगा और ऐसे उपभोक्ताओं को LPG सप्लाई जारी रहेगी। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता और स्पष्टता बनाए रखने का प्रयास किया गया है।
सरकार का यह कदम वैश्विक आपूर्ति संकट को देखते हुए उठाया गया है। वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस आपूर्ति प्रभावित होने से LPG की उपलब्धता पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में सरकार चाहती है कि जहां पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है, वहां PNG को प्राथमिकता दी जाए, ताकि सिलेंडर गैस की आपूर्ति उन इलाकों तक सुनिश्चित की जा सके जहां पाइपलाइन कनेक्टिविटी अभी उपलब्ध नहीं है। यह फैसला ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और संसाधनों के संतुलित उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आदेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि पाइपलाइन बिछाने और कनेक्टिविटी देने की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाएगा। संबंधित प्राधिकरणों को तय समय सीमा के भीतर अनुमति देनी होगी, अन्यथा अनुमति स्वतः स्वीकृत मानी जाएगी। आवासीय क्षेत्रों में PNG कनेक्टिविटी के लिए अनुमति तीन कार्यदिवसों में दी जाएगी और अंतिम चरण का कनेक्शन 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उपभोक्ताओं को जल्द और आसान तरीके से PNG सुविधा मिल सकेगी।
आदेश के अनुसार पाइपलाइन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के चार महीने के भीतर काम पूरा करना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा का पालन नहीं करने पर दंड का प्रावधान भी किया गया है और कंपनियां अपने विशेष अधिकार खो सकती हैं। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) करेगा, जिसे नोडल एजेंसी बनाया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से गैस वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
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सुप्रीम कोर्ट का फैसला: सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य नहीं, राष्ट्रीय गीत न गाने पर किसी भी तरह की सजा का प्रावधान नहीं
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से यह साफ हो गया है कि वंदे मातरम को लेकर जारी निर्देश केवल मार्गदर्शन के लिए हैं, न कि अनिवार्य नियम। अगर भविष्य में किसी पर इसे लेकर दबाव या कार्रवाई होती है, तभी कोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप करेगा।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट में उस समय आया जब एक याचिका के जरिए गृह मंत्रालय के 28 जनवरी के सर्कुलर को चुनौती दी गई। इस सर्कुलर में सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और अन्य आयोजनों में वंदे मातरम गाने का प्रोटोकॉल तय किया गया था। सुनवाई के दौरान मुख्य जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि इस सर्कुलर में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि इसे न मानने पर सजा दी जाएगी। इसलिए इसे बाध्यकारी नहीं माना जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह केवल दिशा-निर्देश हैं और इनका पालन करना जरूरी नहीं है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि अभी यह मामला सिर्फ आशंका पर आधारित है, क्योंकि याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील संजय हेगडे ने तर्क दिया कि ऐसे सर्कुलर लोगों पर अप्रत्यक्ष दबाव बना सकते हैं। वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सवाल उठाया कि क्या राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के सम्मान के लिए अलग से सलाह की जरूरत है।
गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, अगर 'वंदे मातरम' और 'जन गण मन' दोनों गाए जाएं तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। इसके साथ ही नए प्रोटोकॉल में यह भी कहा गया है कि अब वंदे मातरम के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे, जबकि पहले आमतौर पर केवल दो अंतरे ही गाए जाते थे।
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मनसे का रेलवे को 15 दिनों का अल्टीमेटम, कहा, ‘यूपी-बिहार की ट्रेनें कर देंगे बंद, जाने पूरी बात
अक्सर उत्तर भारतीयों और हिंदी भाषा के विरोध के लिए खबरों में रहने वाली राज ठाकरे की पार्टी MNS ने अब रेलवे को सीधे चेतावनी दी है। इस बार विवाद एक ट्रेन को लेकर है, जो कि बंद कर दी गई है। दरअसल, यह पूरा मामला मुंबई से कोंकण जाने वाली दादर-रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन से जुड़ा हुआ है, मनसे ने पहले की तरह इस ट्रेन को दादर तक चलाने की मांग की है। मनसे की ओर से कहा गया है कि अगर 15 से 20 दिनों के भीतर मांग पूरी नहीं हुई तो उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोक दिया जाएगा।
राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने रेलवे को सीधे चेतावनी दी है. यह पूरा मामला मुंबई से कोंकण जाने वाली रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन से जुड़ा हुआ है. मनसे ने पहले की तरह इस ट्रेन को दादर तक चलाने की मांग की है.
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने रत्नागिरी पैसेंजर ट्रेन को फिर से दादर तक चलाने की मांग को लेकर रेलवे को 15-20 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर यूपी और बिहार जाने वाली ट्रेनों को रोका जा सकता है. दरअसल, यह ट्रेन पहले दादर से सीधे रत्नागिरी तक चलती थी, जिससे कोंकण क्षेत्र में जाने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलती थी. खासतौर पर मुंबई में काम करने वाले कोंकणी लोगों के लिए यह ट्रेन बेहद महत्वपूर्ण थी. लेकिन बीते कुछ वर्षों में रेलवे प्रशासन ने इस ट्रेन को दादर से हटाकर ठाणे जिले के दिवा स्टेशन तक सीमित कर दिया. इस बदलाव के पीछे रेलवे ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया.
मनसे का आरोप है कि इस फैसले से हजारों यात्रियों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ रही है. पहले जहां यात्री सीधे दादर से ट्रेन पकड़ लेते थे, वहीं अब उन्हें अतिरिक्त समय और खर्च लगाकर दिवा स्टेशन तक जाना पड़ता है. इससे रोज यात्रा करने वाले यात्रियों, कामकाजी लोगों और बुजुर्गों को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
अब पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है. मनसे नेताओं ने साफ कहा है कि यदि 15 से 20 दिनों के भीतर ट्रेन को फिर से दादर तक नहीं चलाया गया, तो वे उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों को रोकने जैसे कड़े कदम उठाएंगे. इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. फिलहाल, इस पूरे मामले पर रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
मनसे का कहना है कि यह फैसला कोंकण के लोगों के साथ अन्याय है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी नेताओं के अनुसार, कोरोना काल में बंद हुई इस ट्रेन को बाद में फिर शुरू किया गया लेकिन तब से इसे दादर तक बहाल नहीं किया गया। बार-बार मांग करने के बावजूद रेलवे प्रशासन ने इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, जिससे अब आंदोलन की स्थिति बन गई है।

महू (इंदौर)। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां स्थानीय डॉक्टर सईद खान पर एक हिंदू युवती के साथ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और नशीला इंजेक्शन देकर शोषण करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता ने हिंदू संगठन से मदद मांगी, जिसके बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टर के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। बडगोंडा थाना पुलिस ने दुष्कर्म सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पीड़ित युवती करीब 4 महीने पहले डॉ सईद खान के क्लीनिक में इलाज कराने आई थी। डॉक्टर ने दोस्ती के बहाने युवती को प्रेम जाल में फंसाया। बाद में उसने युवती को बेल्मोर रिसोर्ट पर बुलाकर ब्लैकमेल किया। आरोपी ने युवती को नशीला इंजेक्शन देकर बेहोश किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान अश्लील फोटो और वीडियो भी खींचे, जिनके जरिए वह लगातार ब्लैकमेल कर रहा था और युवती से जबरन संबंध बनाता रहा।
युवती ने इस उत्पीड़न से तंग आकर हिंदू संगठन के लोगों से संपर्क किया और मदद मांगी। रविवार को संगठन के कार्यकर्ताओं को जानकारी मिली कि आरोपी ने फिर से युवती को पातालपानी क्षेत्र के बेलमोर रिसोर्ट बुलाया है। कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर डॉ सईद की पिटाई की और उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
इस घटना से गुस्साए पीड़ित युवती के परिजनों और स्थानीय लोगों ने डॉक्टर सईद खान के घर पर पहुंचकर तोड़फोड़ की। उन्होंने घर में आग लगा दी, जिससे घर काफी हद तक जलकर खाक हो गया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और जांच शुरू की।
बडगोंडा थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर IPC की धारा 376 (दुष्कर्म), ब्लैकमेलिंग, आपराधिक धमकी और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी डॉ सईद खान को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और पीड़िता के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

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बिल नहीं भरा तो बाइक उठाकर ले गई कंपनी, विभाग ने अपनाया सख्त रुख
इछावर (सीहोर)। विद्युत वितरण कंपनी, बिजली उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूल करने के लिए अब सख्त हो गई है। किसानों का सामान कुर्क किया जा रहा है और जहां ज्यादा बकाया है, वहां पूरे गांव की बिजली काटी जा रही है। डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की गाड़ियां जब्त की जा रही है। वहीं इसे लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इधर, कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा हैं।
वितरण केंद्र थूना के अंतर्गत ग्राम दुपाड़ा भील और डोडी में उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार बकाया राशि के विरुद्ध सख्त और आक्रामक कार्रवाई की गई। इस अभियान का नेतृत्व सहायक यंत्री शरद पाठक बिजौरी, कनिष्ठ यंत्री कुमारी पूजा मुजाल्दा ने किया। पुलिस की भी मदद ली गई। वहीं कार्रवाई के दौरान 8 डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की बाइक और अन्य वाहन जब्त किए गए।
विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर अपने बकाया बिलों का भुगतान करें, नहीं तो इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसी प्रकार वितरण केंद्र अहमदपुर के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में भी कार्रवाई की गई। सहायक यंत्री लखन दुबे के मार्गदर्शन में कनिष्ठ यंत्री दोराहा के सहयोग से डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की 13 बाइक और 3 मोटर जब्त की गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा है कि क्या अब गरीब, आम आदमी और किसान के बिजली के बकाया बिल के लिए उनकी बाइकें उठाई जाएंगी ? सीहोर के ग्रामीण इलाकों से लगातार शिकायतें आ रही है कि किसी का बिल, और किसी और की गाड़ी जब्त की जा रही है। एक अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होने वाली है, किसान अभी पैसे लाए कहां से ? क्या यही किसान हित की बात है ? या फिर गरीब और किसान पर दबाव बनाने की नीति ? कांग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ विरोध करेगी। अगर यह कार्रवाई तुरंत नहीं रोकी गई, तो पुरजोर आंदोलन किया जाएगा।
राजीव गुजराती ने आगे कहा कि सरकार और प्रशासन जवाब दें वसूली के नाम पर अत्याचार क्यों ? निर्दोष लोगों को क्यों परेशान किया जा रहा है। वहीं इस मामले में विद्युत वितरण कंपनी का कहना है कि सीहोर और आष्टा में ही लगभग 20 गांव में बकाया राशि होने के कारण बिजली बंद है। जहां सीहोर पर 95 लाख और आष्टा में 80 लाख रुपए बकाया है। इसमें बुधनी और इछावर की बकाया राशि शामिल नहीं है।
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दूध माफियाओं पर सख्ती: खाद्य विभाग ने मारा छापा, 12 सैंपल जब्त, जांच के लिए भेजा भोपाल
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में मिलावटी दूध के खिलाफ प्रशासन ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को कनाडिया क्षेत्र में छापा मार कार्रवाई करते हुए कई डेयरियों से दूध के नमूने जब्त किए। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने कनाडिया रोड और आसपास के इलाके में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान जोशी दूध दही भंडार, ओसवाल डेरी, गणेश दूध दही भंडार और पूजा डेरी सहित कई डेयरी प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण किया गया।
कार्रवाई के दौरान जोशी दूध दही भंडार से 4, ओसवाल डेरी से 3, गणेश दूध दही भंडार से 3 और पूजा डेयरी से दूध व मावा के 2 नमूने लिए गए। इस तरह कुल 12 सैंपल जांच के लिए जब्त किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को साफ-सफाई रखने, मिलावट नहीं करने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी भी दी। टीम ने साफ कहा कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
खाद्य विभाग ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि मिलावटी दूध और नकली दुग्ध उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया जिले के भांडेर विकासखंड अंतर्गत उनाव ग्राम पंचायत में एक प्रेम प्रसंग से जुड़ी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्रामीण समाज में दबंगई और जातिगत हिंसा की गंभीर समस्या को भी उजागर किया है।
जानकारी के मुताबिक 19 मार्च को उनाव ग्राम पंचायत की महिला सरपंच किरण वर्मा के भतीजे विशाल के साथ एक विवाहिता अपनी मर्जी से घर से भाग गई। उनाव पुलिस ने अगले दिन महिला को बरामद कर लिया। महिला ने पुलिस को अपना बयान दिया कि वह अपनी मर्जी से गई थी। इस आधार पर पुलिस ने सरपंच पक्ष के किसी भी परिजन पर कोई मामला दर्ज नहीं किया।इससे नाराज महिला के परिजनों (दबंगों) ने कानून अपने हाथ में ले लिया।
उन्होंने सरपंच के जेठ लक्ष्मण प्रसाद वर्मा पर हमला किया। पहले उन्हें जमकर लात-घूसे मारे, फिर मुंह पर कालिख पोती और गले में जूतों-चप्पलों की माला पहनाकर पूरे गांव के बाजार में जुलूस निकाला। इस दौरान मारपीट और अपमान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे (22 मार्च) का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद उनाव पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। थाने में 5 लोगों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों पर मारपीट, अपमानजनक व्यवहार और जातिगत हिंसा के प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपी पक्ष को पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
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मधुमक्खियों ने मचाया तांडव: शाजापुर में 24 भेड़ की मौत, बैतूल में युवक 1KM तक दौड़कर काटा
मध्य प्रदेश में रविवार को मधुमक्खियों ने जमकर तांडव मचाया। शाजापुर में जहां मधुमक्खियों के हमले में 24 भेड़ों की मौत हो गई। वहीं बैतूल में एक युवक पर जानलेवा अटैक कर पूरे झुंड ने उसे 1 किलोमीटर तक दौड़ाया। इतना ही नहीं, पानी की टंकी में छिपने पर भी डंक मारते रहे। इसी तरह खंडवा में 5 से ज्यादा लोगों को काटकर घायल कर दिया।
शाजापुर में मधुमक्खियों के हमले में 24 भेड़ की मौत
शाजापुर। तिलावद पुलिस चौकी क्षेत्र में मधुमक्खियों के हमले में 24 भेड़ों की मौत का मामला सामने आया है। घटना में चरवाहा घायल हुआ है, जिसे सीहोर में इलाज के लिए भेजा गया है।
भेड़ों के पानी पीने के दौरान किया हमला
शुजालपुर के पास तिलावद पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम सलकनखेड़ी में मधुमक्खियों ने उस वक्त हमला किया जब भेड़ का समूह नदी के पास पानी पीने रहा थ, यहां मधुमक्खी के हमले से 24 भेड़ों की मौके पर मौत हो गई। घटना में राजस्थान का एक चरवाहा घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए सीहोर रेफर किया गया है। पशुपालक को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
इसी चरवाहा समूह के साथ 25 फरवरी को भी बड़ा हादसा हो चुका है। उस समय मैना गांव के साप्ताहिक बाजार से खरीदी गई हल्दी भेड़ों को खिलाई गई थी, जिसके बाद 220 भेड़ों की मौत हो गई थी। उस घटना में मिलावटी हल्दी की आशंका जताई गई थी। चरवाहा ने इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता और मदद की गुहार लगाई है।
बैतूल में मधुमक्खियों का जानलेवा अटैक
बैतूल। एमपी के बैतूल में एक युवक पर मधुमक्खियों ने जानलेवा अटैक किया। हमले से बचने के लिए वह एक किलोमीटर तक भागता रहा। लेकिन मधुमक्खियों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। घटना खेड़ी सांवलीगढ़ गांव की है।
युवक भागते हुए बस्ती के अंदर पहुंच गया। उसे बचाने के लिए लोगों ने आग भी जलाई लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इसके बाद वह भागकर पानी से भरे एक टंकी में डूब गया लेकिन तब भी मधुमक्खियां उसे डंक मारते रही। कुछ देर बाद मधुमक्खियां खुद ही चली गईं। स्थानीय लोगों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उसके पूरे शरीर पर डंक लगने से उसकी हालत खराब हो गई।
खेत में काम कर रहे गांव के 5 लोगों को काटा
खंडवा। मधुमक्खियों ने खेत में काम कर रहे 5 से ज्यादा लोगों को काट दिया। मामला जावर के कुलवाड़ा गांव का है। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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मंदिर के बाहर बोरी में मिला गाय का बछड़ा, मचा हड़कंप, किया चक्का जाम
भोपाल। राजधानी भोपाल के काली मंदिर के पास उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक बोरी में गाय का बछड़ा मिलने की घटना सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। इस घटना के विरोध में जय भवानी संगठन के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है और लोगों में काफी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई भी व्यक्ति भ्रामक या गलत जानकारी फैलाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

प्रमुख समाचार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने घरेलू रसोई गैस व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। नए आदेश के अनुसार जिन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को तीन महीने के भीतर PNG में शिफ्ट होना होगा। यदि उपभोक्ता ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी एलपीजी (LPG) गैस सप्लाई बंद की जा सकती है। सरकार का मानना है कि पाइपलाइन के जरिए गैस की आपूर्ति अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और निरंतर होती है, जिससे बार-बार सिलेंडर बुक करने की...

मध्य प्रदेश

राजगढ़ के कुरावर क्षेत्र में अंतिम संस्कार के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। 100 से ज्यादा लोग जान बचाने के लिए भागे, कई घायल हुए और करीब दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।अंतिम संस्कार में अचानक टूटा कहर: मधुमक्खियों के हमले से मची भगदड़, अर्थी छोड़ भागे लोगराजगढ़ जिले के कुरावर क्षेत्र के ग्राम गिलाखेड़ी में एक अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को दहला दिया। जहां एक तरफ लोग अपने परिजन को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, वहीं अचानक...

अपराध

पंजाब के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को एमपी से गिरफ्तार किया गया है। वे करीब 7 माह से फरार चल रहे थे। एक रेप केस में पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। एक महिला ने उन पर यौन शोषण, धमकाने और अश्लील सामग्री भेजने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की थी। इसके बाद से ही आम आदमी पार्टी (AAP) विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा गायब हो गए। बुधवार को उन्हें एमपी के शिवपुरी से पकड़ा गया है। जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस ने विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को एक कार में...
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गुना सिटी

‎गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना मुख्‍य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत राघौगढ द्वारा शासन की महत्वपूर्ण योजना सीएम हेल्पलाइन 181 के अंतर्गत शिकायतों के निराकरण मेंलापरवाही बरतने पर प्रशासन ने दो कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) के ब्लॉक समन्वयक जनपदपंचायत राघौगढ़ नेमीचंद धाकड़ एवं सीएम हेल्पलाइन प्रभारी क्षेमेन्द्र मोगिया कम्‍प्‍यूटर ऑपरेटर जनपद पंचायत राघौगढ़ द्वारा शिकायतों के समाधान में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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