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भोपाल। मध्य प्रदेश में निजी स्कूलों पर फीस और किताबों की मनमानी रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। सभी प्राइवेट स्कूलों को 15 फरवरी तक अपनी फीस संरचना, किताबों की सूची और अन्य संबंधित जानकारी ऑफिशियल पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य है।
मुख्य बिंदु कुछ इस प्रकार है
शुल्क अधिनियम 2020 के तहत यह नियम लागू।
तीन साल तक यूनिफॉर्म में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता।
जानकारी सार्वजनिक न करने पर सख्त कार्रवाई।
भोपाल जिले के करीब 150 स्कूलों ने अभी तक जानकारी नहीं दी है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि डेडलाइन मिस करने वाले स्कूलों के खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा। यह कदम अभिभावकों को पारदर्शिता देने और अनावश्यक खर्च से बचाने के लिए उठाया गया है। ऐसे में अगर आपका बच्चा भी किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ता है, तो स्कूल से इस बारे में जरूर पूछताछ करें और विभाग की वेबसाइट पर अपडेट चेक करें।
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बिजली विभाग की सख्ती: बकायादारों के घर के बाहर तैनात किए बंदूकधारी गार्ड, 24 घंटे पहरा
भोपाल। राजधानी भोपाल से बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां बिजली बिल के बकायेदारों पर ऊर्जा विभाग ने अब अनोखा और सख्त रुख अपनाया है। बड़े बकायादारों के बिजली कनेक्शन काटने के बाद अब उनके घरों के बाहर बंदूकधारी गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। ये गार्ड 24 घंटे पहरा दे रहे हैं ताकि कोई अवैध तरीके से कनेक्शन दोबारा न जोड़ सके।
दरअसल लंबे समय से बिजली बिल नहीं भरने वाले कई बड़े उपभोक्ताओं के खिलाफ मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अभियान तेज कर दिया है। पहले चरण में बकाया बिलों पर नोटिस, फिर कनेक्शन काटे गए। लेकिन समस्या ये थी कि कई लोग कटे हुए कनेक्शन को चुपके से दोबारा जोड़ लेते थे, यानी ‘कटिया’ लगाकर बिजली चोरी करते थे। इसी को रोकने के लिए विभाग ने दूसरा कदम उठाया – घर के ठीक बाहर हथियारबंद सुरक्षा गार्ड तैनात करना। ये गार्ड बिजली कंपनी के निर्देश पर काम कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, गार्डों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि घर में कोई लाइट या बिजली का उपकरण नहीं जलना चाहिए। अगर कोई कोशिश करता है तो तुरंत कार्रवाई। एक शिकायतकर्ता ने बताया कि मेरा 1 लाख 76 हजार रुपये का बकाया बिल था, चार साल से नहीं भरा। अब कनेक्शन कट गया और घर के बाहर बंदूकधारी गार्ड खड़ा है। ये तरीका कितना सही है, ये तो समय बताएगा। शहर के अलग-अलग इलाकों में ये गार्ड तैनात किए गए हैं। विभाग का कहना है कि ये कदम सिर्फ बड़े बकायादारों पर है, जहां बकाया राशि लाखों में है। इसका मकसद बिजली चोरी रोकना और वसूली सुनिश्चित करना है।
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लोन लेकर दूसरी जगह पैसा लगाया, यशास एफआरपी के कर्ताधर्ताओं पर साढ़े तीन करोड़ की हेराफेरी का केस दर्ज
इंदौर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ(ईओडब्ल्यू) ने यशास एफआरपी मैन्युफैक्चरिंग के कर्ताधर्ताओं के खिलाफ 3 करोड़ 57 लाख की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। आरोपितों पर बैंक से ऋण लेकर धनराशि का अन्य कार्यों में इस्तेमाल करने का आरोप है। प्रकोष्ठ ने मामले में दंपति को नामजद आरोपित बनाया है।
एसपी(ईओडब्ल्यू) रामेश्वर यादव के अनुसार मेसर्स यशास एफआरपी मैन्युफैक्चरिंग एलएलपी और उसके संचालक संजय रामप्रकाश गुप्ता और शालिनी संजय गुप्ता के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया है। कंपनी पर बैंक आफ बड़ौदा और ओद्योगिक विकास निगम के साथ हेराफेरी करने का आरोप है।
एसपी के अनुसार कंपनी का मुख्य कार्यालय आरएनटी मार्ग स्थित मिलिंदा मैनोर स्थित दूसरी मंजिल पर इस कंपनी का मुख्य काम फाइबर ग्लास का निर्माण और आपूर्ति करना था। कंपनी रैलिंग,सीढ़ियां,ट्रे,पंखे सहित अन्य सामान का उत्पादन करना रहा है। कंपनी साल 2013 में बंद हो चुकी है।
इसके पूर्व इस कंपनी ने सियागंज स्थित बैंक आफ बड़ौदा की शाखा में खाता खुलवाया और टर्म लोन,वर्किंग कैपिटल,कैश क्रेडिट,एक्सपोर्ट पैकेजिंग क्रेडिट के रुप में साल 2013 से 2015 तक 11 करोड़ का ऋण लिया गया था।
16 दिसंबर 2013 से 31 मार्च 2016 तक की अवधि में कंपनी द्वारा कैश क्रेडिट के खाते से बड़ी मात्रा में कैश निकाला गया।जबकि ऋण की शर्तों के अनुसार उक्त राशि का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में ही होना था। निर्यात के लिए स्वीकृत 2.95 करोड़ रुपये का भी दुरुपयोग हुआ। इस राशि के कोई निर्यात नहीं किया गया।
यहां तक कि टर्म लोन से खरीदी गई सीएनसी स्ट्रक्चरल एफआरपी एक्सट्रूडर मशीन को बेच कर राशि बैंक में जमा नहीं की। मामले की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा जांच कर सोमवार को आरोपित संजय गुप्ता और शालिनी गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।

भोपाल देश के कई राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल महंगा बिकता है। इसकी वजह है- राज्य सरकार द्वारा ज्यादा टैक्स वसूलना। प्रदेश में पेट्रोल पर 29 प्रतिशत वैट और डीजल पर 19 प्रतिशत वैट लिया जाता है। इनके अलावा उपकर भी लिए जाते हैं जिससे अन्य राज्यों की तुलना में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ जाते हैं। जल्द ही यह स्थिति बदल जाएगी। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के रेट कम हो जाएंगे। सीएम मोहन यादव ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने प्रदेश में पेट्रोल-डीटल पर वैट कम करने का भरोसा दिलाया। सीएम मोहन यादव ने यह भी कहा कि करारोपण धीरे धीरे कम किया जाएगा। इतना ही नहीं, उन्होंने इशारा किया कि प्रदेश के आनेवाले बजट में ही पेट्रोल-डीटल पर वैट कम किया जा सकता है।
मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में पत्रकार वार्ता ली। केंद्रीय बजट को लेकर उन्होंने कहा कि इसे इस तरह तैयार किया गया है कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की भी चिंता करते हुए वैश्विक स्तर पर भारत की छवि चमकाने का रोडमैप भी बनाया है।
सीएम मोहन यादव ने रेल बजट में प्रदेश को 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान पर कहा कि एमपी के लिए क्रांति हुई है। प्रदेश में रेल पटरियों में 8 गुना बढोत्तरी हुई जबकि इलेक्ट्रीफिकशन 5 गुना बढ़ा है। सीएम मोहन यादव ने प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग को फिर जीवित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने पत्रकार वार्ता में प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम कम करने के संकेत दिए। प्रदेश में डीजल पेट्रोल पर सबसे ज्यादा वैट से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि हम इसका निराकरण कर रहे हैं। सीएम मोहन यादव ने इशारा किया कि 18 फरवरी को पेश होनेवाले राज्य के बजट में ही इस मामले में काफी हद तक निराकरण कर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि वित्तीय तरलता के लिए करों में धीरे-धीरे कटौती की जाएगी।
मध्यप्रदेश में पेट्रोल डीजल पर वैट कम करने संबंधी प्रश्न के उत्तर में सीएम मोहन यादव ने कहा " डीजल पेट्रोल पर वैट कम करने की चुनौती है। हम इसका निराकरण करेंगे। जो जितनी जीडीपी देगा… वित्तीय तरलता बनी रहेगी… लेकिन हम कोशिश करेंगे कि धीरे-धीरे कट लगता जाए।
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श्मशान की जमीन को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष... घरों की छतों से बरसे पत्थर, पुलिस जवान समेत 8 घायल
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के मंडलेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सुलगांव में एक वृद्धा के अंतिम संस्कार स्थल को लेकर दो समुदायों के बीच उपजा विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया। स्थिति इस कदर बिगड़ी कि शव यात्रा पर पथराव शुरू हो गया, जिसमें एक पुलिस जवान और ग्राम चौकीदार समेत कुल 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव में तनाव को देखते हुए तीन थानों का पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटना उस समय शुरू हुई जब गांव की 90 वर्षीय वृद्धा गंगाबाई पाटीदार के निधन के बाद परिजन उनका अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे। मुख्य श्मशान का रास्ता खराब होने के कारण ग्रामीण नर्मदा तट से करीब 200 मीटर दूर वासुदेव पाटीदार की निजी जमीन (खले) पर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। पाटीदार समाज का दावा है कि यह जमीन वासुदेव पाटीदार ने श्मशान के लिए दान की है। हालांकि, जैसे ही मुखाग्नि की तैयारी शुरू हुई, पास ही रहने वाले विशेष समुदाय और कुछ अन्य ग्रामीणों ने रिहायशी इलाके के पास शव जलाने का कड़ा विरोध शुरू कर दिया।
बातचीत से शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और फिर उग्र पथराव में तब्दील हो गया। सरपंच फुलकी बाई वर्मा और विरोध कर रहे ग्रामीणों का तर्क था कि घरों के पास अंतिम संस्कार होने से धुएं के कारण रहवासियों को परेशानी होगी और बच्चों में भय पैदा होगा। इसी बीच उपद्रवियों ने घरों की छतों और गलियों से पत्थर बरसाना शुरू कर दिए। उपद्रवियों ने वहां मौजूद पुलिस बल को भी नहीं बख्शा। इस पथराव में पुलिस का एक जवान और ग्राम चौकीदार श्रवण पिता रणछोड़ लहूलुहान हो गए। हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के कुल 8 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें मंडलेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए महेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। मंडलेश्वर, महेश्वर और कसरावद थानों के पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस के कड़े पहरे के बीच ही विवादित स्थल पर वृद्धा का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित किया गया, हालांकि गांव में अब भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की है।
पहले पक्ष के आलोक पाटीदार की रिपोर्ट पर पुलिस ने पीरू पठान, अमजद पठान, अकलीम खान सहित 13 लोगों को नामजद आरोपी बनाया है।
दूसरे पक्ष के राजू वर्मा की शिकायत पर वासुदेव पाटीदार, दीपक पाटीदार सहित 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
घायलों में एक पक्ष से आलोक और वासुदेव पाटीदार शामिल हैं, जबकि दूसरे पक्ष से आमिर खान, शाहीन और कई महिलाएं मामूली रूप से घायल हुई हैं। एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य अज्ञात पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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MP बजट सत्र में सरकारी छुट्टियों पर ब्रेक: बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे अधिकारी-कर्मचारी, निर्देश जारी
भोपाल। मध्य प्रदेश में बजट सत्र को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकारी छुट्टियों पर ब्रेक लग गया है। जल संसाधन विभाग ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी 2026 से शुरू हो रहा है, जो मार्च महीने तक जारी रहेगा। इस सत्र के दौरान सरकार वित्तीय वर्ष का बजट पेश करेगी।
ऐसे में जल संसाधन विभाग ने अपने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बजट सत्र की अवधि में कोई भी अधिकारी या कर्मचारी बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता। सरकारी छुट्टियां या लीव पर जाने की अनुमति सिर्फ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ही दे सकेंगे, वो भी बहुत विशेष परिस्थितियों में। विभाग ने कहा है कि मुख्यालय में मौजूदगी अनिवार्य है, ताकि कोई भी कार्य प्रभावित न हो और बजट से जुड़े काम सुचारु रूप से चलते रहें।

तेलंगाना सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम नरेंद्र मोदी के एजुकेशनल सर्टिफिकेट पर सवाल उठाते हए तंज कसा है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का एजुकेशनल सर्टिफिकेट सामने नहीं आया है। उनका एजुकेशनल सर्टिफिकेट आजतक रहस्य है। जबकि वोटर लिस्ट के SIR के दौरान अनपढ़ और गरीबों से कई डॉक्यूमेंट्स मांगे जा रहे हैं। रेड्डी ने इसे बीजेपी के संविधान बदलने की नाकाम कोशिश के बाद गरीबों के मताधिकार छीनने की साजिश बताया।
रेवंत रेड्डी ने एक कार्यक्रम में ये बातें कही। यहां उन्होंने दिवंगत CPI नेता रवि नारायण रेड्डी की याद में स्थापित पुरस्कार पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी को दिया।
सीएम ने फोन-टैपिंग मामले में अपने अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव की जांच का विरोध करने के लिए BRS पर भी निशाना साधा। ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव का जिक्र करते हुए, उन्होंने आरोप लगाया कि यह देश में ‘एक व्यक्ति – एक पार्टी’ लाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि BJP ने 2024 के लोकसभा चुनावों में संविधान को हटाने के लिए 400 सीटें मांगी थीं। उन्होंने कहा कि जनहित में संवैधानिक संशोधन करने के लिए साधारण बहुमत पर्याप्त होगा।
सीएम ने दावा किया कि BJP के साधारण बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद, पार्टी अब SIR के माध्यम से अनपढ़ और गरीबों के वोट देने के अधिकार को छीनने की साजिश रच रही है। रेवंत रेड्डी ने कहा कि (SIR के हिस्से के रूप में) पिता और दादा के जन्म का डीटेल्स मांगा जा रहा है। हालांकि, राहुल गांधी ने मोदी के एजुकेशनल सर्टिफिकेट के लिए पूछा था, लेकिन इसे सामने नहीं लाया गया और यह भी कहा गया कि यह मामला RTI के दायरे से बाहर है।
पढ़ाई पूरी करने के बाद सर्टिफिकेट दिखाने में क्या दिक्कत?
सीएम ने पूछा कि शिक्षा पूरी करने के बाद सर्टिफिकेट दिखाने में क्या दिक्कत है। हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में उनकी तरफ से पूरे किए गए छह दिन के लीडरशिप प्रोग्राम का जिक्र करते हुए, रेड्डी ने कहा कि अगर उनका सर्टिफिकेट मांगा जाएगा तो वह उसे पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि जब आपका एजुकेशनल सर्टिफिकेट एक रहस्य है. अगर अशिक्षित और गरीब लोगों का वोट देने का अधिकार, जिन्हें शिक्षा का अवसर नहीं मिला है। बहुत सारी शर्तें लगाकर छीन लिया जाता है, तो उनके पास राशन कार्ड, आधार कार्ड, जमीन और सरकारी योजनाएं नहीं होंगी। इसके पीछे एक साजिश है और गरीबों को दबाने की सोच है।
रेड्डी ने BRS नेताओं की इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई कि फोन-टैपिंग मामले में KCR की जांच तेलंगाना समाज का अपमान है, क्योंकि पूर्व सीएम तेलंगाना के पिता और ‘तेलंगाना राज्य आंदोलनकारी’ हैं। उन्होंने याद दिलाया कि तेलंगाना जन समिति (TJS) के नेता एम. कोडंडाराम, जिन्होंने राज्य आंदोलन के दौरान राजनीतिक पार्टियों की जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) का नेतृत्व किया था। इसको पिछली BRS सरकार के दौरान पुलिस ने उनके घर के दरवाजे तोड़कर गिरफ्तार किया था। उन्होंने कहा कि क्या कोडंडाराम आंदोलनकारी नहीं हैं? कोडंडाराम ने ऐसा कौन सा बड़ा अपराध किया था कि उनके घर के दरवाजे तोड़कर पुलिस उन्हें घसीटकर ले गई? क्या आप (BRS) तेलंगाना के आंदोलनकारियों के अपमान को भूल गए हैं।
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दिल्ली से लेकर पं. बंगाल तक सुबह से छापेमारी जारी, कार्रवाई कर रही जांच एजेंसी
पश्चिम बंगाल और दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय ने आज सुबह एक साथ कई ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई रेत और कोयला तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है। जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6:30 बजे ईडी की टीमें दिल्ली, कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और पश्चिम बर्धमान जिले के अलग-अलग इलाकों में पहुंचीं और एक साथ छापेमारी शुरू की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र बलों के जवान भी मौके पर तैनात रहे।
ED की इस कार्रवाई के तहत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। छापेमारी में बुदबुद थाना के नवनियुक्त प्रभारी (ओसी) मनोरंजन मंडल का आवास भी शामिल रहा। उल्लेखनीय है कि वह अभी औपचारिक रूप से अपना पदभार संभाल नहीं पाए थे। इससे पहले बराबनी थाना में तैनाती के दौरान उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके चलते उन्हें निलंबित किया गया था। बाद में वह आसनसोल पुलिस की स्पेशल ब्रांच से जुड़े और हाल ही में उनकी बहाली हुई थी, लेकिन ईडी की छापेमारी के बाद उनकी नियुक्ति एक बार फिर विवादों में घिर गई है।
इसके अलावा, ईडी ने रेत और कोयले के कारोबार से जुड़े कई व्यापारियों के घरों और कार्यालयों पर भी तलाशी ली। दुर्गापुर के सेपको इलाके में रेत कारोबारी प्रबीर दत्ता, जो केके मिनरल्स के मालिक हैं, और उनके भाई अमित दत्ता के आवासों पर छापेमारी की गई। केके मिनरल्स कंपनी बांकुड़ा के साथ-साथ पश्चिम और पूर्व बर्धमान जिलों में रेत खदानों का संचालन करती है, जबकि इसके कार्यालय पानागढ़ में स्थित हैं।
ईडी की कार्रवाई सिर्फ पश्चिम बर्धमान तक सीमित नहीं रही। पानागढ़ में रेत कारोबारी शेख हाशिम मिर्जा बेग, अंडुल के भक्तारनगर इलाके में शेख किरण मंडल और पांडाबेश्वर में कोयला कारोबारी शेख मइजुल के ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। इन सभी जगहों पर टीमों ने दस्तावेज और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले।
इसके अलावा कोलकाता और दिल्ली में भी कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान जारी रहा। ईडी अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अलग है और इसका पिछले महीने कोलकाता में आई-पैक के दफ्तर पर हुई छापेमारी वाले कोयला घोटाले से कोई सीधा संबंध नहीं है।
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लोकसभा में विपक्षी सांसदों का हंगामा, 8 सांसद पूरे सत्र के लिए सस्पेंड
नई दिल्ली। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को एक बार फिर तीखा हंगामा देखने को मिला। प्रश्नकाल और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब कुछ सांसदों ने लोकसभा स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज उछाल दिए। इस घटनाक्रम के बाद सदन की गरिमा भंग होने का हवाला देते हुए स्पीकर ने कड़ा रुख अपनाया और विपक्ष के आठ सांसदों को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में चीन से जुड़े मुद्दे को उठाया, जिस पर सत्ता पक्ष ने तीखी आपत्ति दर्ज कराई। स्पीकर ने राहुल गांधी से राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सीमित चर्चा करने का अनुरोध किया, लेकिन राहुल गांधी अपने मुद्दे पर अड़े रहे। इसके चलते सदन में नारेबाजी तेज हो गई और कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।
स्थगन के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो विपक्षी सांसदों का विरोध जारी रहा। लगातार शोर-शराबे और व्यवधान के बीच सदन का संचालन मुश्किल हो गया। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए स्पीकर ने नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए विपक्ष के आठ सांसदों को सस्पेंड करने का फैसला लिया।
निलंबित किए गए सांसदों में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हैं। इनमें गुरजीत सिंह औजला, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, मणिक्कम टैगोर, हिबी ईडन, प्रशांत पोडोले, एस. वेंकटेश्वरन, किरण रेड्डी और जिन कुरियोकोज के नाम प्रमुख हैं।
सत्ता पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को संसदीय मर्यादा के खिलाफ बताते हुए विपक्ष के रवैये की कड़ी आलोचना की। वहीं विपक्ष ने निलंबन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक आवाज दबाने का प्रयास करार दिया। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा से बच रही है। भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

सतना। मध्य प्रदेश के सतना में धार्मिक स्थल अश्लीलता का गढ़ बनते जा रहे हैं। हवसी लोग भगवान की जगहों में भी गंदे काम करने से नहीं चूक रहे हैं। इसी से जुड़ा मामला सामने आया है जहां रामपुर के बाघेलान के रामवन मंदिर परिसर में एक कपल ने खुलेआम संबंध बनाए। हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने यह गंदी हरकत शिव-पार्वती की मूर्ति के पीछे की। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया।
दरअसल, एक पुरुष और महिला राम वन परिसर पहुंचे थे। जहां वह भगवान की बड़ी से मूर्ति के पीछे खड़े हुए और आपत्तिजनक हरकत करने लगे। इस दौरान एक शख्स ने ऊपर से इनका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला सामने आते ही लोग भड़क उठे और मर्यादा को ठेस पहुंचाने की शिकायत पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
लोगों का कहना है कि ऐसे कृत्य न केवल सार्वजनिक स्थल की मर्यादा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि आस्था का भी अपमान हैं। घटना को लेकर रामवन मंदिर के पुजारी अंश शर्मा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। जिस पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 137/26 के तहत धारा 298 BNS में अज्ञात जोड़े के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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अंतिम संस्कार के दौरान पथराव, पुलिस समेत चौकीदार घायल, जांच में जुटी पुलिस
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन में नर्मदा तट के पास अंतिम संस्कार के दौरान दो पक्षों में विवाद हो गया। इस घटना को लेकर इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मामला मंडलेश्वर थाना क्षेत्र का है।
दरअसल, सुलगांव में नर्मदा तट के पास कुछ लोग अंतिम संस्कार कर रहे थे। जिसका कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। इसे लेकर विवाद इतना बढ़ा कि अंतिम संस्कार के दौरान ही पथराव शुरू हो गया। जब सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची तो वह भी लोगों के गुस्से का शिकार बन गई।
पथराव में पुलिस जवान और ग्राम चौकीदार सहित कई लोग घायल हो गए। काफी मशक्कत के बाद भारी पुलिस सुरक्षा में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। स्थिति बिगड़ने पर तीन थानों की पुलिस बल गांव में तैनात है। वहीं मण्डलेश्वर एसडीओपी श्वेता शुक्ला भी मौके पर पहुंची। पथराव करने वालों की पहचान में पुलिस जुट गई है।
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सबसे बड़े गांजा तस्करी मामले में फैसला, दो आरोपियों को 12 साल की सजा
जबलपुर. एमपी के जबलपुर स्थित तिलवारा क्षेत्र में 27 अगस्त 2023 में ओडिशा से महाराष्ट्र की ओर आ रही करोड़ों रुपए का गांजे की खेप को पुलिस ने पकड़ा था. पुलिस ने ट्रक से 1200 किलो गांजा बरामद किया है. दो साल तक चले इस मामले में एनडीपीएस विशेष कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 12-12 साल की सजा और डेढ़-डेढ़ लाख रुपए जुर्माने से दंडित किया.
बताया जा रहा है कि अवैध गांजा परिवहन को लेकर यह मध्यप्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है. मामले में अभी भी कुछ आरोपी फरार हैंए जिनकी तलाश जारी है. गौरतलब है कि 2023 में विधानसभा चुनाव होने थे, लिहाजा तत्कालीन जबलपुर आईजी उमेश जोगा के निर्देश पर पुलिस सघन चेकिंग अभियान में जुटी हुई थी. तिलवारा थाना प्रभारी सरिता बर्मन भी थाना स्टाफ के साथ वाहन चेकिंग में जुटी हुई थी.
मुखबिर के बताए ट्रक को रोकने के बाद जब उसकी तलाशी ली गई तो पीछे बड़ी.बड़ी लकडिय़ां भरी हुईं थी. एक बार तो पुलिस को लगा कि सूचना गलत है. ड्राइवर महेश कुमार और हेल्पर मोहम्मद शकील मंसूरी से भी पूछताछ की गई लेकिन वो कुछ बताने को तैयार नहीं थे. ट्रक केबिन में जब पुलिस की नजर पड़ी तो एक खुफिया रास्ता मिला, जिसमें कि गांजा के बड़े.बड़े पैकेट छिपाए गए थे.
ट्रक के पीछे बड़ी.बड़ी लकडिय़ां भरी थी और उसके अंदर केबिन था, जिसमें कि सैकड़ों किलो गांजा छिपा था. पुलिस ने 40 मजदूरों की मदद से जब ट्रक को खाली किया तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई. तस्करों ने गांजा छिपाने के लिए खास तरह से ट्रक को मॉडिफाई किया था.
तिलवारा थाना प्रभारी सरिता बर्मन ने टीम के साथ मिलकर ट्रक के खुफिया रास्ते में घुसकर उसमें रखा करीब 1200 किलो गांजा बाहर निकला. गांजे के पैकेट 5 किलो से लेकर 10 किलोए 20 किलो, 25 किलो और 30 किलो के पैकेट बना रखे थे. पुलिस गिरफ्त में आए ड्राइवर महेश और हेल्पर मोहम्मद खलील से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि उड़ीसा से गांजा लाकर कई प्रदेश में देना है. इसके लिए पैकेट में गांजा रखे हुए थे. आरोपियों ने बताया कि गांजा को ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र होते हुए हरियाणा में खपाना था. इसके अलावा राजस्थान में भी गांजा की डिलीवरी होना था.
1200 किलो गांजे की कीमत करीब 2 करोड़ और 20 लाख के ट्रक को जब्त करने के बाद केस एनडीपीएस विशेष कोर्ट में चला. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महेश कुमार और मोहम्मद शकील को 12-12 साल की सजा और डेढ़.डेढ़ लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया है. इस केस में छह अन्य भी आरोपी बनाए गए थे, जिसमें कि चार आज भी फरार है. ऐसे में इस केस की फाइल अभी भी खुली रहेगी.

बैतूल। बैतूल के दामजीपुरा गांव में हुए बवाल को लेकर बड़ी अपडेट सामने आ रही है। आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद भड़की हिंसा के मामले में अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। हालांकि एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दामजीपुरा में तीन जिलों का पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें करीब 120 जवान मौके पर मौजूद हैं।
बैतूल के दामजीपुरा गांव में हालात सामान्य होने लगे हैं और बाजार में धीरे-धीरे दुकानें खुलने लगी हैं। पूरे क्षेत्र पर पुलिस की पैनी नजर बनी हुई है। वहीं आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी लगातार पुलिस गश्त की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक अब्बू खान को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि सम्प्रदाय विशेष के आदतन अपराधी ने गाय के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया था। आपत्तिजनक वीडियो के वायरल होने के बाद दामजीपुरा समेत आसपास के 8 से 10 गांवों से बड़ी संख्या में लोग रविवार सुबह गांव में दाखिल हुए थे। इस दौरान कई दुकानों और मकानों में आगजनी, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं सामने आईं। कुछ घरों पर पथराव भी हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालने में जुट गया।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद हालात पर धीरे-धीरे काबू पा लिया गया। फिलहाल पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। पुलिस का साफ कहना है कि अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्त नजर रखी जा रही है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है।
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जीआरपी के हत्थे चढ़ा हाई प्रोफाइल चोरः फॉरेन रिटर्न बीटेक पास आरोपी ट्रेनों में करता था चोरी
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हाई प्रोफाइल चोर जीआरपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। फॉरेन रिटर्न बीटेक पास आरोपी ट्रेनों में चोरी की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपी युवक के पास 7 लाख से ज्यादा के सोने और चांदी के आभूषण बरामद किया है।
दरअसल जीआरपी पुलिस भोपाल ने यह कार्रवाई की है। आरोपी प्रांजल दीक्षित को ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग की लत थी। ऑनलाइन गेमिंग में पैसे हार जाने के चलते ट्रेनों में चोरी करने लगा था। राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी ट्रेनों में चलने वाले यात्रियों को निशाना बनाता था।
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पशु क्रूरता की हदें पार: दूध के लिए मृत बछड़े का सिर काटकर दीवार पर टांगा, आरोपी के खिलाफ FIR
टीकमगढ़। मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में क्रूरता की सारी हदें पार करने का अमानवीय मामला सामने आया है। गाय से दूध मिलता रहे इसके लिये दुधारू गाय के मृत बछड़े का सिर काटकर गौशाला की दीवार पर टांग दिया। मामला सामने आने के बाद बजरंग दल ने बवाल काटा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पशु क्रूरता का मामला दर्ज किया है।
दरअसल घटना टीकमगढ़ शहर के बैकुंठी मोहल्ले की है, जहां सतेन्द्र यादव गाय और भैंस पाले हुए है। दूध बेचने का व्यवसाय करता है। कुछ दिन पहले दूध देने वाली गाय का बछड़ा मर गया। गाय ने बिना बछड़े के दूध देना बंद कर दिया, जिसके बाद गाय मालिक सतेंद्र यादव ने यह अमानवीय कृत्य करते हुए मृत बछड़े का सिर काटकर गौशाला में टांग दिया, जिसे देख गाय दूध देने लगी।
जब इस बात की भनक पड़ोस के कुछ लोगों को लगी तो उन्होंने इसकी बजरंग दल के लोगों को दे दी। जिसके बाद बजरंगियों ने सतेन्द्र यादव के घर पहुंचकर ना केवल हंगामा खड़ा कर दिया, बल्कि बछड़े का सिर रोड पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोषी पर कड़ी कार्यवाही के आश्वासन के बाद बजरंगियो का गुस्सा शांत हुआ और जाम खोला। कोतवाली पुलिस ने सतेन्द्र यादव पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार करने की बात कही है। गाय को गौशाला भिजवा दिया गया है।

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