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दमोह। मध्यप्रदेश के दमोह जिले के आनु गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए रखी गई जहरीली दवा की दुर्गंध से चार बच्चे बीमार हो गए। इनमें से 5 वर्षीय धर्मेंद्र प्रजापति की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है। सभी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

हिंडोरिया थाना पुलिस के मुताबिक, परिवार ने तीन दिन पहले घर के एक कमरे में 10 बोरी गेहूं रखी थी। अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए उसमें जहरीली दवा डाली गई थी।

बताया जा रहा है कि गेहूं वाले कमरे से लगातार तेज दुर्गंध उठ रही थी। परिवार के सदस्य उसी घर में रह रहे थे, जिससे जहरीली गैस और दुर्गंध का असर बच्चों पर पड़ने लगा।

शुक्रवार रात अचानक बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं। शुरुआत में परिजनों को लगा कि यह सामान्य स्वास्थ्य समस्या होगी, लेकिन कुछ ही घंटों में उनकी हालत लगातार बिगड़ने लगी। बीमार बच्चों में धर्मेंद्र प्रजापति (5), रीना (3), दिनेश (7) और दीपक (9) शामिल हैं। बच्चों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन घबरा गए और उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाने का फैसला किया।

शनिवार सुबह चारों बच्चों को बांदकपुर स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने 5 वर्षीय धर्मेंद्र को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य तीन बच्चों को पीआईसीयू वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। डॉक्टर लगातार उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।

परिजनों के अनुसार जहरीली दवा की दुर्गंध का असर बच्चों की मां पर भी पड़ा है। उन्हें भी उल्टियां और तबीयत खराब होने की शिकायत के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि परिवार के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और आवश्यक इलाज दिया जा रहा है।

जिला अस्पताल के डॉक्टर मधुर चौधरी ने बताया कि परिजनों ने गेहूं में जहरीली दवा डाले जाने की जानकारी दी है। शुरुआती जांच में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का कारण उसी दवा की दुर्गंध और उसके प्रभाव को माना जा रहा है।

फिलहाल अस्पताल में भर्ती बच्चों का उपचार जारी है, जबकि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिवार सदमे में है।

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लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर व्यापारी से मांगी 2 करोड़ की फिरौती, जांच के लिए सिवनी पहुंची दिल्ली पुलिस 

सिवनी। राजधानी दिल्ली के एक व्यापारी से कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस की टीम सिवनी पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फिरौती मांगने के लिए जिस मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया था, वह सिवनी निवासी एक युवक के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि पुलिस जांच में अब तक युवक की प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने नहीं आई है।

जानकारी के अनुसार दिल्ली के एक व्यापारी को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से धमकी देकर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। कॉल करने वाले आरोपियों ने स्वयं को कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें उपयोग किए गए मोबाइल नंबर की लोकेशन और पंजीयन संबंधी जानकारी सिवनी जिले से जुड़ी मिली।

जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की टीम सिवनी पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से संबंधित युवक से पूछताछ की। पुलिस ने सुनील सतनामी नामक युवक के नाम पर दर्ज पाया गया, लेकिन अब तक की जांच में युवक की किसी भी आपराधिक गतिविधि या फिरौती मांगने की घटना में संलिप्तता के प्रमाण नहीं मिले हैं।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तकनीकी जांच को आगे बढ़ाने के लिए युवक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है। प्रारंभिक तौर पर यह संभावना जताई जा रही है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग या उससे जुड़े अपराधियों द्वारा किसी अनाधिकृत माध्यम से युवक के मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया हो। मामले की विस्तृत जांच जारी है और साइबर विशेषज्ञ भी कॉल डिटेल्स तथा डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर रहे हैं।

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डिजिटल इंडिया की खुली पोल! BSNL ने दिव्यांग को दिया धोखा, सालों से जमीन का किराया और मानदेय दबाए बैठे अधिकारी

इछावर। सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम बृजेश नगर में सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL का एक बेहद असंवेदनशील और हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। यहां सरकारी तंत्र की कंगाली और अधिकारियों की लापरवाही का शिकार एक दिव्यांग परिवार पाई-पाई को मोहताज हो गया है। सालों से बंद पड़े BSNL के कबाड़ टावर का न तो किराया दिया जा रहा है और न ही उसकी रखवाली करने वाले दिव्यांग के परिवार को मानदेय मिला है। अब स्थिति यह है कि जंग खा चुका यह भारी भरकम टावर कभी भी गिरकर किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम दे सकता है।

दोनों पैरों से दिव्यांग भरत वर्मा आज अपनी ही जमीन पर लगे BSNL के टावर को देखकर खून के आंसू रोने को मजबूर हैं। पीड़ित के अनुसार, जब विभाग को यहाँ टावर लगाना था, तब अधिकारियों ने बड़े-बड़े वादे किए थे। भरोसा दिलाया गया था कि जमीन का मोटा किराया मिलेगा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार (मानदेय) दिया जाएगा। शुरुआत में कुछ समय सब ठीक रहा, लेकिन जैसे ही टावर खड़ा हुआ, विभाग कुंभकर्णी नींद सो गया।

सालों से यह टावर बंद पड़ा है और कबाड़ में तब्दील हो चुका है। BSNL ने न तो जमीन का लंबित किराया चुकाया है और न ही रखवाली करने वाले दिव्यांग के परिवार का मानदेय दिया है। अपनी ही जमीन होने के बावजूद पीड़ित परिवार वहाँ न तो खेती कर पा रहा है और न ही रहने के लिए मकान बना पा रहा है। आर्थिक तंगी के चलते पूरा परिवार दाने-दाने को मोहताज हो चुका है।

सालों से इस भारी-भरकम लोहे के ढांचे का कोई मेंटेनेंस (रखरखाव) नहीं किया गया है। पूरे टावर में जंग लग चुकी है और यह बेहद जर्जर स्थिति में है। ग्रामीणों का कहना है कि यह टावर कभी भी गिर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि यह ढांचा किसी के घर या राहगीर पर गिरा और कोई जनहानि हुई, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? क्या प्रशासन किसी की मौत का इंतजार कर रहा है?

पीड़ित दिव्यांग भरत वर्मा न्याय के लिए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं। दर्जनों आवेदन देने के बाद भी साहब लोगों की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ा है। एक तरफ सरकार दिव्यांगों के कल्याण और ‘डिजिटल इंडिया’ के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं जमीनी हकीकत में एक दिव्यांग के अधिकारों का सरेआम हनन किया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस खतरनाक ढांचे को हटाकर पीड़ित परिवार का बकाया भुगतान कब करता है, या फिर यह मामला फाइलों में ही दबा रहेगा।

 

खंडवा। इंटरनेट मीडिया पर बहु-प्रसारित होने और अधिक व्यूज पाने की होड़ में बनाई गई एक रील दो युवकों के लिए परेशानी का कारण बन गई। जिला अस्पताल परिसर में कथित तंत्र-मंत्र और काले जादू का दृश्य फिल्माकर इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाले दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वीडियो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड था और उसे केवल इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।

जानकारी के अनुसार बहूप्रसारित वीडियो में एक युवक तांत्रिक के वेश में नजर आता है। वह दूसरे युवक से भोजन के लिए पैसे मांगता है और मना करने पर उस पर भस्म फेंक देता है। इसके तुरंत बाद दूसरा युवक जमीन पर गिर जाता है। वीडियो को विशेष एडिटिंग और डरावने वॉयस ओवर के साथ प्रस्तुत किया गया था, जिससे यह किसी रहस्यमयी या अलौकिक घटना जैसा प्रतीत हो रहा था। रील इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और कुछ ही घंटों में हजारों लोगों तक पहुंच गई। वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने इसे वास्तविक घटना मान लिया, जबकि कुछ लोगों ने इसे अंधविश्वास को बढ़ावा देने वाला बताया। मामला चर्चा में आने के बाद इसकी जानकारी पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद संबंधित युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।

पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि वीडियो केवल मनोरंजन और इंटरनेट मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए बनाया गया था। उन्होंने बताया कि वीडियो में दिखाई गई घटना पूरी तरह काल्पनिक थी और उसे प्रभावशाली बनाने के लिए बाद में विशेष ऑडियो एवं एडिटिंग का सहारा लिया गया था। युवकों ने भविष्य में इस प्रकार की भ्रामक सामग्री साझा नहीं करने का आश्वासन भी दिया।

पुलिस के अनुसार दोनों युवक छात्र हैं। इनमें एक आइटीआई तथा दूसरा पालिटेक्निक कॉलेज में अध्ययनरत है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियमित रूप से रील बनाते हैं और अधिक फॉलोअर्स व पहचान हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने ऐसा विषय चुना, जो लोगों का ध्यान तेजी से आकर्षित कर सके।

सूत्रों के मुताबिक संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 35 हजार फॉलोअर्स हैं। मामले की जानकारी मिलने पर युवकों के कुछ मित्र भी थाने पहुंचे और पुलिस से उन्हें छोड़ने का अनुरोध किया। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर अंधविश्वास या भ्रम फैलाने वाली सामग्री बनाना उचित नहीं है। ऐसे वीडियो लोगों को गुमराह कर सकते हैं और अनावश्यक अफवाहों को जन्म दे सकते हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है तथा आगे की कार्रवाई तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

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बिन मां बाप की बेटी नहीं जुटा पाई दहेज, वरमाला के बाद बारात लेकर लौट गया दूल्हा

खुरई। खुरई में बेगमगंज से आई बारात दहेज की मांग पूरी नहीं होने के कारण वापस लौट गई। वरमाला के बाद तीन बहनों में सबसे बड़ी निशा रात भर फेरों का इंतजार करती रही, लेकिन वर पक्ष मारपीट कर भाग गया था। अब निशा बंसल इंसाफ चाहती है, उसे उस लड़के से शादी नहीं करनी है।

पूरा मामला सागर जिले की खुरई तहसील का है। जहां लंबी तैयारियों के बाद शहरी थाना क्षेत्र के पॉलिटेक्निक कॉलेज रोड स्थित भगवान दास चंदेल वार्ड में एक परिवार में शादी की शहनाई सुनाई दे रही थी। वरमाला की रस्म पूरी होने के बाद शादी की अन्य तैयारियां चल रही थीं। डीजे पर लोग नाच रहे थे और विवाह की मुख्य रस्म शुरू होने वाली थी। इसी दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, विवाद में दूल्हा तक पगड़ी उतारकर झगड़े में शामिल हो गया।

आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ था। वर पक्ष ने वधू पक्ष के साथ मारपीट भी की। इसके बाद वर पक्ष बिना शादी पूरी किए ही बारात लेकर वापस लौट गया।

हातों में मेहंदी लगाए दुल्हन पूरी रात इंतजार करती रही कि उसके फेरे होंगे, शादी होगी और विदाई के बाद वह ससुराल जाएगी। सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं और दहेज के लोभियों ने धन को प्राथमिकता दी और बारात लेकर लौट गए।

दुल्हन के स्वजनों ने पूरी रात फोन के जरिए दूल्हे और उसके परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने भी फोन नहीं उठाया। परिजनों का आरोप है कि दहेज के कारण ही बारात लौटकर चली गई। इस मामले में लड़की पक्ष ने शनिवार को खुरई शहरी थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है।

रायसेन जिले के बेगमगंज ग्राम गोपालपुरा से दूल्हा बना सुरेंद्र बंसल दहेज के चक्कर में विवाद करने लगा और मारपीट करना शुरू कर दी। दुल्हन निशा बंसल का कहना है कि उसके माता-पिता नहीं हैं। वह तीन बहनों में सबसे बड़ी है। दादी और चाचा हम तीनों बहनों का पालन-पोषण कर रहे हैं।

शादी पक्की होने के बाद अभी तक मेरी लड़के से बात नहीं हुई है। लड़के पक्ष वालों ने दहेज की मांग को लेकर जमकर विवाद किया। यहां तक कि मारपीट भी की। अब वह उस लड़के से शादी नहीं करना चाहती है, अब केवल इंसाफ चाहिए।

लड़की के चाचा नारायण बंसल ने कहा कि लड़के पक्ष के लोग दो लाख रुपये नकद और एक बाइक की मांग कर रहे थे। हम लोगों ने कहा कि लड़की के माता-पिता नहीं हैं, फिर भी हम लोगों ने उचित दहेज दिया है। इसके बाद भी वे मानने को तैयार नहीं हुए और विवाद करना शुरू कर दिया।

खुरई शहरी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि लड़की पक्ष की रिपोर्ट पर दूल्हा, दूल्हे के पिता और दूल्हे के भाई पर दहेज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

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मां पहले ही छोड़ गई, अब चोरी के शक में 8 साल की मासूम की पीट-पीटकर हत्या

ग्वालियर। शहर से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने हर किसी के दिल को झकझोर कर रख दिया है। यहां पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव में महज 8 साल की एक बेकसूर मासूम बच्ची को चोरी के शक में तालिबानी सजा दे दी गई। बच्ची को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इस क्रूरता की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने पड़ोसी दंपत्ति के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, जबकि आरोपी की पत्नी अभी भी फरार है।

ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बरा गांव की यह दर्दनाक घटना हर किसी की आंखें नम कर रही है। 8 साल की मासूम अलीना खान के सिर पर मां का साया नही था। उसके पिता सलमान खान दिनभर मजदूरी कर किसी तरह अपनी लाड़ली का पालन पोषण कर रहे थे। बीते गुरुवार को अलीना खेलते-खेलते पड़ोसी अमीन खान के घर पहुंच गई।

आरोप है कि अमीन को शक था कि बच्ची ने उसके घर से रुपए और जेवर चुराए हैं। इसी शक में अमीन खान और उसकी पत्नी रेशमा खान ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। दोनों ने मासूम बच्ची को बांधकर डंडों से बेरहमी से पीटा। पिटाई इतनी निर्मम थी कि बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और दिमागी सदमे में चली गई।

शाम को जब मजदूरी से लौटे पिता सलमान खान बेटी को लेने पहुंचे तो अलीना डरी-सहमी हालत में मिली। आरोपी ने चोरी का आरोप लगाते हुए बच्ची और उसके पिता को ऑटो से घर छोड़ दिया।

घर पहुंचते ही सहमी हुई अलीना पलंग पर लेट गई। पिता ने सोचा कि बच्ची थकी हुई है और सुबह डॉक्टर के पास ले जाएंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, शुक्रवार सुबह जब पिता ने बेटी को जगाने की कोशिश की तो वह हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मासूम की मौत के बाद जब पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया तो डॉक्टर ने मौत की वजह शरीर पर आई गंभीर चोटें और गहरा दिमागी सदमा बताया। रिपोर्ट आते ही पुरानी छावनी थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और पिता की शिकायत पर आरोपी अमीन खान और उसकी पत्नी रेशमा खान के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अमीन को सलाकों के पीछे भेज दिया है, जबकि उसकी फरार पत्नी की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय वहां और कौन-कौन मौजूद था और इस घटना में किसकी क्या भूमिका रही।

 

महाराष्ट्र के परभणी स्थित यशवाड़ी हनुमान मंदिर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया. प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के गर्भगृह के सामने निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में मलबे में में दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि मरनेवालों की संख्या में इजाफा हो सकता है. मंदिर परिसर में शनिवार को भीड़ अधिक थी.

यहां निर्माणाधीन हनुमान मंदिर का स्लैब अचानक ढह गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.

महाराष्ट्र के परभणी जिले के मानवत तालुका स्थित यशवाड़ी देवस्थान में बड़ा हादसा हो गया. मंदिर के गर्भगृह के सामने बन रहे सभामंडप का छत अचानक भरभराकर गिर गया. हादसे में मलबे में दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.

जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक दुर्घटना में अब तक पांच से छह श्रद्धालुओं के शव मलबे के नीचे से बरामद किए जाने की सूचना मिल रही है. मंदिर परिसर में निर्माण कार्य चल रहा था, हालांकि शनिवार को ज्यादा भीड़ होने के कारण काम बंद रखा गया था. इसके बावजूद श्रद्धालु उसी क्षेत्र में मौजूद थे, तभी करीब 15 फीट लंबा और 15 फीट चौड़ा स्लैब अचानक गिर पड़ा.

युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है. मलबे में फंसे श्रद्धालुओं को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है.  शनिवार का दिन होने के कारण मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई थी. घटना में घायल हुए श्रद्धालुओं को उपचार के लिए परभणी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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NEET विवाद पर आज जंतर-मंतर में CJP का शक्ति प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और छात्रों के लिए मुआवजे की मांग

NEET परीक्षा विवाद और छात्रों की आत्महत्या के मामलों को लेकर देशभर में चल रहा आक्रोश अब राजधानी दिल्ली तक पहुंच गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आज जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। इस प्रदर्शन को लेकर पार्टी ने पहले से तैयारी कर रखी है और मंच पर उन छात्रों के पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिन्होंने कथित तौर पर NEET विवाद और उससे जुड़े दबाव के बीच अपनी जान गंवाई। दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद आयोजित होने वाले इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य NEET परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में लाना है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके समर्थक शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

CJP का कहना है कि NEET पेपर लीक विवाद के बाद भी छात्रों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। पार्टी का दावा है कि पिछले कुछ हफ्तों में कई छात्रों ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी मुद्दे को प्रमुखता देने के लिए प्रदर्शन स्थल पर उन छात्रों की तस्वीरें और पोस्टर लगाए गए हैं, जिनकी मौत ने देशभर में बहस छेड़ दी थी। पार्टी का कहना है कि इन परिवारों की आवाज सरकार तक पहुंचाना जरूरी है।

प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा है कि NEET विवाद से प्रभावित होकर जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। पत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी की गई है। अभिजीत दीपके का कहना है कि जब लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला विवादों में है, तब जवाबदेही तय होना जरूरी है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि देश का मौजूदा माहौल युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। उनके अनुसार केवल पुनर्परीक्षा करवा देना समाधान नहीं है, बल्कि उन कारणों को भी समझना होगा जिनकी वजह से छात्र मानसिक दबाव में आ रहे हैं।

अभिजीत दीपके ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित सभी राजनीतिक दलों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की है। उनका कहना है कि जो भी नेता युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर हैं, उन्हें इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी राहुल गांधी से इस विषय पर कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। उनका कहना है कि यह राजनीतिक नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा सामाजिक मुद्दा है। दीपके ने कहा कि नेताओं के पास राजनीतिक समर्थन जुटाने के लिए संसाधन होते हैं, लेकिन जब छात्रों और उनके परिवारों को मदद की जरूरत होती है तो उन्हें अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता है।

दिल्ली का प्रदर्शन CJP का पहला आंदोलन नहीं है। इससे पहले पार्टी पुणे, लखनऊ, अमृतसर, हैदराबाद, बेंगलुरु, जयपुर और नागपुर जैसे शहरों में भी प्रदर्शन कर चुकी है। कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर भी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक शामिल हुए थे। पार्टी लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए NEET विवाद को उठाती रही है।

कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत एक विवादित टिप्पणी के बाद हुई थी। मई महीने में एक सुनवाई के दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में आई थी, जिसमें कुछ बेरोजगार युवाओं को लेकर टिप्पणी की गई थी। इसी के बाद अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अभिजीत दीपके ने 16 मई को सोशल मीडिया के जरिए CJP की शुरुआत की। धीरे-धीरे यह अभियान सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा और बड़ी संख्या में युवा इससे जुड़ते गए।

अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के रहने वाले हैं और पेशे से डिजिटल मीडिया रणनीतिकार रहे हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। वर्तमान में वे अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस विषय में मास्टर्स कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और NEET विवाद को लेकर चलाए गए अभियानों ने उन्हें अचानक चर्चा में ला दिया। पार्टी का दावा है कि उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों लोग जुड़े हुए हैं।

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रेलवे स्टेशन पर जनरल सीट के लिए मर्डर: यात्री को पीट-पीटकर मार डाला, तमाशा देखते रहे RPF कर्मी

इस वक्त की बड़ी और सनसनी मचाने वाली खबर देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से आई है। दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जनरल बोगी की सीट के लिए मर्डर की वारदात हुई है। हत्याकांड को दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन पर अंजाम दिया गया है। दिल्ली के शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर योगा एक्सप्रेस में जनरल बोगी की सीट के लिए युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। वहीं इस दौरान RPF कर्मी और लोग तमाशा देखते रहे। इतना ही नहीं प्लेटफॉर्म पर पड़ी लाश को भी काफी देर तक उठाने के लिए कोई नहीं आया। दिन-दहाड़े सैंकड़ों लोगों के सामने हत्या से सनसनी फैल गई।

घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें RPF कर्मी की लापरवाही दिख रही है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग मिलकर यात्री की बेदम पिटाई कर रहे हैं। जबकि उसे बचाने के लिए कोई नहीं आया। यहां तक की वहीं खड़ी RPF कर्मी भी काफी देर बाद एक्शन में आई। तबतक शख्स की हत्या कर दी गई थी। वहीं प्लेटफॉर्म पर पड़ी लाश को भी उठाने काफी देर तक कोई नहीं पहुंचा।

यह पूरी घटना शाहदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर सुबह करीब 6:00 बजे हुई। हरिद्वार जाने वाली योगा एक्सप्रेस जैसे ही आकर रुकी, जनरल डिब्बे में चढ़ने के लिए यात्रियों के बीच भारी धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी पंकज धामा भी योगा एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान पंकज धामा (मृतक) की सहयात्रियों के साथ विवाद हो गया। देखते ही देखते बोगी के गेट पर शुरू हुआ यह मामूली झगड़ा हिंसक झड़प में बदल गया। गुस्साए कुछ लोगों ने मिलकर पंकज धामा पर हमला कर दिया। इससे पंकज धामा प्लेटफॉर्म पर गिर गए। इसके बाद भी हमलावर नहीं रूके और लात-घूसों से पिटते रहे। इस दौरान वहीं खड़ी RPF कर्मी भी बीच-बचाव करने नहीं पहुंचे। काफी देर बाद RPF कर्मी ने आकर मामले को शांत करने की कोशिश की। हालांकि तबतक पंकज धामा की मौत हो चुकी थी।

हमलावरों को वहां से भगाकर RPF कर्मी भी आगे बढ़ गे। हालांकि उन्होंने भी ये देखने की जहमचत नहीं उठाई कि यात्री कि स्थिति क्या है। पंकड धामा का शव काफी देर तक प्लेटफॉर्म पर यू ही पड़ा रहा। घटना की सूचना मिलते ही ओल्ड दिल्ली रेलवे पुलिस स्टेशन (PS ODRS) की टीम मौके पर पहुंची। नई दिल्ली रेलवे के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि गंभीर हालत में पीड़ित पंकज धामा को तुरंत जीटीबी (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया (MLC No. 1645/12/26)। मारपीट के दौरान पंकज के शरीर के अंदरूनी अंगों में गंभीर चोटें आने के कारण पंकज की मौत हुई है।

 

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी से बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। ग्राम कर्थुआ बहेरा में रहने वाली भाजपा प्रजापति नाम की एक युवती ने गुरुवार को कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती की 19 जून को शादी थी, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं युवती के नाम को लेकर यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

परिजनों के मुताबिक भाजपा प्रजापति की शादी 19 जून को सरई थाना क्षेत्र के एक युवक के साथ होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिजन खुशी के माहौल में विवाह की तैयारियों में जुटे थे। इसी बीच युवती द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही चितरंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

युवती का नाम भाजपा प्रजापति होने के कारण घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

फिलहाल एक दिन बाद होने वाली शादी से पहले हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग इस दुखद घटना को लेकर स्तब्ध हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। 

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चोरी के क्रेडिट कार्ड से बदमाशों ने खरीदा 3 लाख का मोबाइल, मुसीबत में फंसा दुकानदार

ग्वालियर। आज के दौर में कैश की जगह क्रेडिट कार्ड से खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग डिस्काउंट, कैशबैक और आसान ईएमआई के चलते महंगे से महंगा सामान भी क्रेडिट कार्ड से खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन ग्वालियर में सामने आए एक मामले ने दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है। 

यहां चोरी के क्रेडिट कार्ड से दो शातिर युवकों ने दो दिन में करीब तीन लाख रुपये के प्रीमियम मोबाइल खरीद लिए। कार्ड से पेमेंट भी सफल हो गया, लेकिन कुछ दिन बाद बैंक ने रकम होल्ड कर दी, तब पता चला कि जिस क्रेडिट कार्ड से भुगतान हुआ था वह चोरी का था। अब यह मामला दुकानदारों के लिए भी बड़ा सबक बन गया है। मामला पड़ाव थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, विनय नगर सेक्टर-3 के रहने वाले आशीष कालानी मॉल में ‘वी कम्यूनिकेट’ नाम से सैमसंग मोबाइल स्टोर संचालित करते हैं। 9 मार्च को दो युवक ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे और करीब एक लाख 60 हजार रुपये का सैमसंग जेड फोल्ड-7 मोबाइल खरीदा। दोनों ने क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया और अपना नाम जितेंद्र सिंह राठौर बताकर बिल बनवाया,अगले ही दिन दोनों युवक फिर स्टोर पहुंचे और इस बार करीब एक लाख 40 हजार रुपये कीमत का सैमसंग एस-26 अल्ट्रा मोबाइल खरीद लिया। दूसरी बार भी उसी क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया गया।

कार्ड स्वाइप सफल होने के कारण स्टोर कर्मचारियों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और दोनों आराम से मोबाइल लेकर चले गए। करीब 20 दिन बाद यस बैंक ने स्टोर संचालक के खाते से पहली खरीदारी की राशि होल्ड कर दी।

बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि जिस क्रेडिट कार्ड से भुगतान हुआ था, वह चोरी का था और असली कार्डधारक ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद स्टोर संचालक ने पड़ाव थाने पहुंचकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। जांच में दुकान के सीसीटीवी कैमरों में दोनों आरोपी कैद मिले हैं। पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी काले रंग की कार से आए थे। वाहन नंबर और बिल पर दर्ज मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

बहरहाल यह घटना सिर्फ एक दुकानदार के साथ हुई ठगी नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जुड़े नए खतरे की भी चेतावनी है। आज अधिकांश ग्राहक क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करते हैं और दुकानदार भी बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के कार्ड स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन इस मामले के बाद अब व्यापारी हर क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन को लेकर अधिक सतर्क रहने पर मजबूर होंगे। संभव है कि महंगे सामान की बिक्री से पहले कार्डधारक की पहचान और अन्य दस्तावेजों का मिलान भी किया जाए, ताकि चोरी के कार्ड से होने वाली ऐसी धोखाधड़ी से बचा जा सके।

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जिला अस्पताल में हंगामा! नर्स पर बोतल फेंकने और अभद्रता का आरोप, VIDEO वायरल

ग्वालियर। एमपी के मुरैना जिला अस्पताल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक स्टाफ नर्स और मरीज के अटेंडर के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि नर्स पर बोतल फेंकने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, मामला मुरैना जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, वार्ड में भर्ती एक मरीज की ड्रिप की बोतल खत्म हो गई थी। परिजन नई बोतल लगाने के लिए नर्सिंग स्टाफ से बार-बार गुहार लगा रहे थे। आरोप है कि काफी देर तक कोई नर्स मरीज के पास नहीं पहुंची। इसी बात से नाराज होकर मरीज के परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और नर्सिंग स्टाफ का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

वीडियो बनता देख एक स्टाफ नर्स भड़क गई। वायरल वीडियो में नर्स वीडियो बना रहे व्यक्ति के मोबाइल की ओर झपटती दिखाई दे रही है। आरोप है कि इसी दौरान नर्स ने मरीज के अटेंडर की तरफ बोतल फेंककर मार दी। वीडियो में नर्स और अटेंडर के बीच तीखी बहस भी साफ दिखाई दे रही है। परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान नर्स ने मरीज के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ तक मार दिया।

वहीं वायरल वीडियो में नर्स यह कहते हुए सुनाई दे रही है कि अगर इलाज से परेशानी है तो सरकारी अस्पताल की जगह प्राइवेट अस्पताल में जाकर इलाज कराओ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 

सतना. एमपी के मैहर जिले में भाजपा के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब सांसद और पूर्व मंत्री के सामने ही मंच पर मारपीट हो गई. मंच संचालन कर रहे भाजपा के मंडल महामंत्री को पूर्व मंत्री के भाई ने मंच पर चढ़कर पीटना शुरू कर दिया. इसके बाद मंच पर दोनों के बीच मारपीट हुई, मामला थाने तक भी पहुंच गया है. महामंत्री ने पूर्व मंत्री के भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की है.

मैहर जिले के ताला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेमिसाल 12 साल पूरे होने को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. एक रिसोर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता मौजूद थे. मंच का संचालन मंडल महामंत्री मनीष चतुर्वेदी कर रहे थे. इसी दौरान मंच पर पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल के भाई विजय पटेल आ गए और उन्होंने मंच संचालन कर रहे मंडल महामंत्री मनीष चतुर्वेदी के साथ मारपीट करना शुरू कर दी. इससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम में सनाका खिंच गया. घटना की लिखित शिकायत महामंत्री मनीष ने ताला थाने में की है.

भाजपा के कार्यक्रम में मंच पर हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कार्यक्रम का संचालन ताला मंडल के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी कर रहे थे. तभी मंच के नीचे से विजय पटेल मंच पर आ गए. महामंत्री से माइक छुड़ाकर मारपीट करने लगे. इस दौरान दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई. हालांकि बाद में मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच बचाव कराया और मामले को शांत कराया.

मारपीट की इस घटना की लिखित शिकायत मंडल महामंत्री मनीष चतुर्वेदी ने ताला थाने में की है. मनीष चतुर्वेदी ने बताया कि विजय पटेल के मारने से उनके कान में चोट आई है. उन्होंने विजय पटेल के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने शिकायती आवेदन थाने में दिया है. पुलिस ने शिकायत आवेदन को ले लिया है लेकिन मामला दर्ज किया है कि नहीं फिलहाल इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है. वहीं भाजपा के कार्यक्रम में मंच पर हुई मारपीट की घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है और कांग्रेस भाजपा पर हमलावर है.

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रिश्वतखोरी पड़ी भारी: प्रभारी तहसीलदार और चौकीदार को 5-5 साल की सजा, ट्रैक्टर छोड़ने की एवज में मांगी थी किसान से घूस    

पन्ना। पन्ना जिले के गुनौर में तैनात रहे तत्कालीन तहसीलदार रविशंकर शुक्ला को भ्रष्टाचार के मामले में पहनना के अपर सत्र न्यायालय अदालत ने आज शुक्रवार 19 जून को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने रविशंकर और उनके मददगार चौकीदार देवीदयाल दहायत दोनों को 5-5 साल की सश्रम कारावास (कठोर जेल) और जुर्माने की सजा दी है।

सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ​ बताया कि यह पूरा मामला साल 2020 का है। दरअसल, सिली गांव के रहने वाले ब्रजबिहारी प्रजापति अपने खेत से ईंट बनाने वाली मिट्टी ट्रैक्टर में भरकर ले जा रहे थे। तभी प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने उनका ट्रैक्टर पकड़ लिया और उसे थाने में खड़ा करवा दिया। इसके बाद ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले ₹35,000 की रिश्वत मांगी गई। ​उन्होंने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त पुलिस से कर दी। 

बातचीत के दौरान तय हुआ कि ₹35,000 दिए जाएंगे, जिसमें से ₹10,000 पीड़ित ने पहले ही दे दिए। बाकी बचे ₹25,000 जब पीड़ित सरकारी आवास पर देने पहुंचा, तो नायब तहसीलदार ने वो पैसे अपने पास खड़े चौकीदार देवीदयाल को पकड़ाने को कहा। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, लोकायुक्त की टीम ने छापा मारकर दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया और उनके पास से रिश्वत के नोट बरामद किए।

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खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी: पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर और आरक्षक पद पर सीधी भर्ती, सरकार ने नियमों में किया संशोधन

भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पुलिस विभाग में बिना किसी लंबी परीक्षा के सीधे सरकारी नौकरी (सीधी भर्ती) पाने का मौका मिलेगा। सरकार ने ‘पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के नियम 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसके बाद अब इस भर्ती प्रक्रिया का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

संशोधित नियमों के तहत पुलिस विभाग में खिलाड़ियों के लिए कुल 60 पद आरक्षित किए गए हैं। उपनिरीक्षक (Sub-Inspector – SI): 10 पद। आरक्षक (Constable): 50 पद। इन पदों पर खिलाड़ियों की खेल उपलब्धियों और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर शासकीय सेवा में सीधे नियुक्ति दी जाएगी।

बता दें कि साल 2021 में इस सीधी भर्ती को लेकर नियम तो बनाए गए थे, लेकिन किन्हीं कारणों से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब पहली बार नियमों में जरूरी संशोधन कर इस अटकी हुई प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। खेल और खिलाड़ियों के हित में लिया गया यह फैसला युवाओं के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा, जिससे वे बिना करियर की चिंता किए खेल के मैदान पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।

 

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महाराष्ट्र के परभणी स्थित यशवाड़ी हनुमान मंदिर में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया. प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के गर्भगृह के सामने निर्माणाधीन सभा मंडप की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में मलबे में में दबने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. आशंका जताई जा रही है कि मरनेवालों की संख्या में इजाफा हो सकता है. मंदिर परिसर में शनिवार को भीड़ अधिक थी. यहां निर्माणाधीन हनुमान मंदिर का स्लैब...

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खंडवा। इंटरनेट मीडिया पर बहु-प्रसारित होने और अधिक व्यूज पाने की होड़ में बनाई गई एक रील दो युवकों के लिए परेशानी का कारण बन गई। जिला अस्पताल परिसर में कथित तंत्र-मंत्र और काले जादू का दृश्य फिल्माकर इंस्टाग्राम पर अपलोड करने वाले दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वीडियो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड था और उसे केवल इंटरनेट मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। जानकारी के...

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गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना शहर के वार्ड क्रमांक 11 के पठार मोहल्ला में लोग पी रहे हैं धीमा जहर, जी हां, यह कहना इसलिए उचित है क्योंकि गुना की सरकारी लैब ने एक रिपोर्ट में माना है कि यहां का पानी पीने लायक नहीं है। 'हर घर नल से जल' का दावा करने वाली मध्यप्रदेश सरकार की पोल खुद उसकी ही गुना लैब ने खोल दी है। गुना के पठार मोहल्ला से 16 जून 2026 को लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट सामने आई है, जिसने जिला प्रशासन और नगरपालिका, जल प्रकोष्ठ विभाग (PHE) की लापरवाही को...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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