


सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय कठवरिया में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल के नोटिस बोर्ड पर बम से उड़ाने की धमकी भरा पोस्टर चिपका हुआ मिला। इस घटना से स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। बोर्ड पर लिखा है अतीक मारा गया है, उसके गैंग नहीं।
जानकारी के अनुसार आज जब शिक्षक विद्यालय पहुंचे तो उनकी नजर नोटिस बोर्ड पर लगे एक संदिग्ध पोस्टर पर पड़ी। पोस्टर में स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी और शिक्षकों से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पोस्टर में धमकी देने वाले ने खुद को मृतक गैंगस्टर अतीक अहमद का गुर्गा बताया है और लिखा है कि “अतीक मारा गया है, उसके गुर्गे नहीं।” यह लाइन पढ़कर शिक्षकों के होश उड़ गए। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद कोठी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पोस्टर को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में इसे किसी शरारती तत्व की हरकत माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भी सतना में जिला न्यायालय और पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी भरे ईमेल मिल चुके हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। लगातार मिल रही धमकियों से पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेमलाल कुर्वे ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्कूल परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और छात्रों व अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की गई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। हेडमास्टर ने कहा कि इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस प्रकरण की जांच करेगी। इस घटना के बाद सब दहशत में हैं।
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मंत्री विश्वास सारंग के बंगले में चोरी, भोपाल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी की वारदात हुई है।
जानकारी के मुताबिक, अज्ञात चोरों ने 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात को बंगले के स्टोर रूम का ताला तोड़ दिया। इसके बाद वहां रखी ट्रॉफियां, मेडल, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र चोरी कर लिए। इस घटना का खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ, जब सिक्योरिटी गार्ड ने स्टोर का टूटा ताला देखा।
मामले की जांच टीटी नगर थाना पुलिस कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, चोरी हुआ सामान मंत्री को अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मान के तौर पर मिला था। फिलहाल इनकी कीमत का आकलन किया जा रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्टोर रूम में चोरी हुई, वहां CCTV कैमरे ही नहीं लगे थे। यही वजह है कि पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मुश्किल हो रही है।
पुलिस अब आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है जब मंत्री का बंगला ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? भोपाल के VIP इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है।
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अंडरगारमेंट चोर का आतंक: सोना-चांदी छोड़ घर से चुराए चड्डी
इटारसी। जिले से एक बेहद हैरान कर देने वाली और अजीबोगरीब चोरी की घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। आमतौर पर आपने सोना-चांदी,नकदी या कीमती सामान की चोरी के मामले सुने होंगे, लेकिन इस बार चोर ने जो किया, वह सबको चौंका रहा है। इटारसी के राज टॉकीज के पास स्थित एक घर के बाहर सूख रहे कपड़ों में से अज्ञात चोर ने सिर्फ अंडरगारमेंट चोरी कर लिए।
घटना सुबह करीब 4 बजे की बताई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक तेजी से घर के पास आता है, पहले आसपास नजर दौड़ाता है, फिर मौका पाकर घर के बाहर बाउंड्री वॉल पर चढ़ जाता है। इसके बाद वह बेहद सावधानी से रस्सी पर सूख रहे कपड़ों में से केवल अंडरगारमेंट चुनकर चोरी करता है और मौके से फरार हो जाता है। जब तक घर के लोग बाहर निकलते,चोर भाग चुका था। यह पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसे देखकर परिवार और आसपास के लोग भी हैरान रह गए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चोर ने बाकी कपड़ों या किसी अन्य सामान को हाथ तक नहीं लगाया और सिर्फ अंडरगारमेंट ही क्यों चुराए। पीड़ित परिवार ने इस मामले की शिकायत थाना प्रभारी को मोबाइल के जरिए दी है और लिखित आवेदन देने की तैयारी कर रहा है। इस अनोखी चोरी की घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है, वहीं पुलिस भी अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है।
इंदौर में एक आईटी कंपनी के भीतर ऐसी घिनौनी हरकत सामने आई है, जिसने सुरक्षा और निजता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी में काम करने वाले सफाईकर्मी ने वॉशरूम में गुप्त कैमरा लगाकर कर्मचारियों के निजी पलों को रिकॉर्ड कर लिया। यह सनसनीखेज मामला सामने आते ही पूरे ऑफिस में हड़कंप मच गया।
घटना तुकोगंज थाना क्षेत्र स्थित ग्रेविटी टावर (जंजीरावाला चौराहा) की है। आईटी कंपनी में कार्यरत शैलेंद्र बोरसे की शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ। बताया जा रहा है कि आरोपी शुभम वानखेड़े, जो कंपनी में सफाईकर्मी के रूप में काम करता था, ने सफाई के बहाने वॉशरूम में खुफिया कैमरा फिट कर दिया था। शनिवार को अचानक आरोपी की जेब से एक संदिग्ध डिवाइस नीचे गिर गया। कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया। जब डिवाइस की जांच की गई, तो मामला गंभीर नजर आया।
कंपनी प्रबंधन ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की। आरोपी का मोबाइल खंगाला गया तो उसमें कई लोगों के रिकॉर्ड किए गए वीडियो मिले। यह देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए और गुस्सा फूट पड़ा।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने एक मोबाइल एप के जरिए करीब 700 रुपये में यह खुफिया कैमरा खरीदा था। वह दो दिन पहले ही कैमरा लगाकर रिकॉर्डिंग कर रहा था और कुछ समय बाद उसे निकाल भी लेता था, ताकि किसी को शक न हो।
जिस वॉशरूम में यह कैमरा लगाया गया था, उसका उपयोग कंपनी के महिला और पुरुष दोनों कर्मचारी करते थे। ऐसे में इस घटना ने सुरक्षा और निजता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
रविवार को कंपनी प्रबंधन ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। तुकोगंज थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसका मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है। टीआई जितेंद्र सिंह यादव के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने इन वीडियो का कहीं और इस्तेमाल तो नहीं किया। इस सनसनीखेज घटना के बाद कंपनी के कर्मचारियों में डर और आक्रोश का माहौल है, वहीं पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है।
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भीषण सड़क हादसा: खुशियों से लौटती बारात बनी मातम, 4 युवकों की मौत
इंदौर में रविवार देर रात एक खुशहाल बारात अचानक मातम में बदल गई। दुल्हन को लेकर लौट रहे बारातियों से भरे टेम्पो (तूफान) को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह भीषण हादसा देवगुराड़िया स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड के पास हुआ, जहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी का मंजर खड़ा हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेम्पो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार युवक गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पने लगे। इस दर्दनाक हादसे में 4 युवकों की जान चली गई, जबकि 5 से अधिक लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि ट्रक भूसे से भरा हुआ था और चालक बेपरवाह अंदाज में तेज रफ्तार से वाहन दौड़ा रहा था। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक ने ओवरटेक करते वक्त अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे पीछे चल रहा टेम्पो संभल नहीं पाया और सीधा ट्रक में जा घुसा। पुलिस के अनुसार टेम्पो में कुल 11 लोग सवार थे, जो शादी समारोह से लौट रहे थे। अचानक ब्रेक लगने और पीछे से आ रही तेज रफ्तार के कारण यह भयावह टक्कर हुई।
हादसे के तुरंत बाद तीन युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। मृतकों की उम्र महज 17 से 20 वर्ष के बीच बताई जा रही है — यानी जिंदगी की शुरुआत में ही मौत ने उन्हें निगल लिया। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। जाम
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सड़क पर चक्काजाम कर दिया और जिम्मेदार वाहन को आग के हवाले करने की कोशिश की। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और माहौल पूरी तरह से बेकाबू होने लगा।
सूचना मिलते ही खुड़ैल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। समझाइश और कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को शांत कराया गया और यातायात बहाल किया गया। एएसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया कि परिजनों के आरोपों के आधार पर ट्रक चालक से पूछताछ की जाएगी और पूरे मामले की जांच की जा रही है। सभी घायलों को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जहां परिजन चार लोगों की मौत का दावा कर रहे हैं, वहीं पुलिस ने फिलहाल तीन मौतों की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान फरहान, आरिश, अरबाज और इरफान के रूप में बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि सभी युवक एक ही परिवार और आसपास के रहने वाले थे और आष्टा से बारात में शामिल होकर लौट रहे थे। लेकिन किसे पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा।
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मंत्री विश्वास सारंग के बंगले में चोरी, भोपाल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
राजधानी भोपाल से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के सरकारी बंगले में चोरी की वारदात हुई है।
जानकारी के मुताबिक, अज्ञात चोरों ने 2 और 3 अप्रैल की दरमियानी रात को बंगले के स्टोर रूम का ताला तोड़ दिया। इसके बाद वहां रखी ट्रॉफियां, मेडल, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र चोरी कर लिए। इस घटना का खुलासा 6 अप्रैल की सुबह हुआ, जब सिक्योरिटी गार्ड ने स्टोर का टूटा ताला देखा।
मामले की जांच टीटी नगर थाना पुलिस कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार, चोरी हुआ सामान मंत्री को अलग-अलग कार्यक्रमों में सम्मान के तौर पर मिला था। फिलहाल इनकी कीमत का आकलन किया जा रहा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस स्टोर रूम में चोरी हुई, वहां CCTV कैमरे ही नहीं लगे थे। यही वजह है कि पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मुश्किल हो रही है।
पुलिस अब आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है जब मंत्री का बंगला ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा? भोपाल के VIP इलाकों में भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है।
नई दिल्ली. राजधानी स्थित दिल्ली विधानसभा में सोमवार को सुरक्षा में एक बहुत बड़ी और हैरान करने वाली सेंधमारी का मामला सामने आया है. भारी सुरक्षा के बीच एक अज्ञात कार विधानसभा के गेट नंबर दो को टक्कर मारकर जबरन परिसर के अंदर दाखिल हो गई. इस भयानक सुरक्षा चूक से वहां मौजूद स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों में भारी अफरा-तफरी मच गई. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में संपन्न हुए बजट सत्र के दौरान विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिसके बाद से इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे एक नकाबपोश शख्स उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर (यूपी-26 एजेड 8090) वाली कार लेकर तेजी से आया और उसने गेट नंबर 2 के लोहे के दरवाजे को जोरदार टक्कर मारकर तोड़ दिया. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वीआईपी गेट पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान सुरक्षा में तैनात थे, लेकिन इसके बावजूद वह नकाबपोश विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय की ओर बेखौफ बढ़ता चला गया. वह स्पीकर के दफ्तर के बरामदे के पास पहुंचा और वहां फूलों का एक गुलदस्ता रखकर अपनी कार से तेजी से फरार हो गया.
इस बड़ी घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए. दिल्ली सचिवालय के एक अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने उस गुलदस्ते की गहनता से जांच की है, जिसमें राहत की बात यह रही कि कोई भी संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु बरामद नहीं हुई. पुलिस ने इस पूरी घटना को सुरक्षा में एक बेहद गंभीर चूक मानते हुए अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है. विधानसभा परिसर और उसके बाहर के रास्तों पर लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि उस नकाबपोश ड्राइवर की जल्द से जल्द पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके और यह पता लगाया जा सके कि इस पूरी वारदात के पीछे उसका असली मकसद क्या था.
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अडानी के खिलाफ वेदांता सुप्रीम कोर्ट पहुंची, JP प्रॉपर्टी विवाद में फैसला सुनाने की अपील की
जेपी इंफ्राटेक के अधिग्रहण को लेकर छिड़ी कॉर्पोरेट जंग देश की सबसे बड़ी अदालत तक पहुंच गई है। जेपी प्रॉपर्टी विवाद में अडानी के खिलाफ वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता (Vedanta) ने अडानी समूह (Adani Group) द्वारा जेपी की संपत्तियों के अधिग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। वेदांता ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें अडानी ग्रुप को रेजोल्यूशन प्लान के तहत जेपी की संपत्तियों को संभालने की मंजूरी दी गई थी।
मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप करने से इनकार कर किया है। सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि यदि मॉनिटरिंग कमेटी इस दौरान कोई भी बड़ा ‘नीतिगत फैसला’ लेना चाहती है, तो उसे पहले NCLAT से अनुमति लेनी होगी।
देश के शीर्ष न्यायालय ने कहा कि क्योंकि यह मामला पहले से ही 10 अप्रैल को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के पास सुनवाई के लिए लगा हुआ है। लिहाजा देश के शीर्ष न्य़ायालय ने NCLAT से अनुरोध किया कि वह तय तारीख (10 अप्रैल) पर ही इस मामले की सुनवाई करे। चूंकि अपील पर जल्द फैसला होने की उम्मीद है, इसलिए कोर्ट ने कोई नया स्टे ऑर्डर जारी नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वेदांता की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी कि उनकी कंपनी ने बड़ी बोली लगाई थी। सिब्बल ने कहा किहमारी बोली अडानी की तुलना में 3000 करोड़ रुपये अधिक थी। हमें बकायदा पत्र देकर बताया गया था कि हम सबसे ऊंचे बोलीदाता हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रक्रिया में विसंगतियां बरती गईं। वेदांता ने कोर्ट से गुहार लगाई कि जब तक इस मामले की पूरी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक संपत्तियों का ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से फॉर्मूला 1 (F1) ट्रैक और कई अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स के अधिग्रहण पर चिंता जताई।
सुनवाई के दौरान जेपी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ए.एम. सिंघवी ने कहा कि रेजोल्यूशन प्रोफेशनल ने इस पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया कि किसकी योजना बेहतर है। वहीं, अडानी समूह का पक्ष रखते हुए मुकुल रोहतगी ने तर्क दिया कि वेदांता ने शुरुआती स्तर पर योजना का विरोध नहीं किया था। जस्टिस बागची ने इस दौरान टिप्पणी की कि क्रेडिटर्स की समिति (COC) के किसी भी बड़े फैसले या कदम के लिए संबंधित अधिकारियों और ट्रिब्यूनल का अनुमोदन अनिवार्य है।
जून, 2024 में जयप्रकाश एसोसिएट्स को दिवालिया प्रक्रिया में शामिल किया गया था क्योंकि कंपनी पर करीब 57185 करोड़ रुपये का लोन था। JAL के अधिग्रहण के लिए कई बड़ी कंपनियां दौड़ में थीं। वेदांता के चैयरमेन ने हाल ही में ट्वीट करके बताया कि उन्हें वेदांता को सितंबर में ही जेपी ग्रुप की संपत्ति के लिए बोली जीतने की लिखित पुष्टि मिली थी। हालांकि बाद में इस फैसले को पलट दिया गया। इसको लेकर वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। वेदांता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दिवालिया हो चुके जेपी ग्रुप की संपत्तियों के लिए अडानी ग्रुप द्वारा प्रस्तुत समाधान योजना पर रोक लगाने की मांग की थी। जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया है।
जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) भारत के सबसे बड़े दिवालिया मामलों में से एक है। कंपनी पर कुल 57,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। इसी कारण जून 2024 में कंपनी दिवालिया प्रक्रिया में चली गई। कंपनी के पास कई तरह की बड़ी संपत्तियां हैं। इनमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा के जेपी ग्रीन्स जैसे रियल एस्टेट प्रोजेक्ट, आने वाले जेवर एयरपोर्ट के पास जयपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स सिटी, इसके अलावा होटल और कई इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस शामिल हैं।
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रांची से गयाजी तक रिश्तों का कत्ल : गोद ली गई नाबालिग की भाई ने की हत्या, 130KM दूर जलाया शव
झारखंड में नाबालिग बच्ची की नरबलि कांड का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि राजधानी रांची से हैवानियत की एक और सनसनीखेज घटना सामने आ गई. दरअसल, रांची के रातू थाना इलाके में आने वाले झखराटांड़ में गोद ली हुई 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची की बर्बर हत्या कर दी गई. ये हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके ही मुंह बोले भाई राहुल उर्फ अक्षय पाठक ने परिवार के साथ मिलकर की. इसके बाद सुनियोजित तरीके से शव को एंबुलेंस के जरिए गया ले जाकर जला दिया गया.
बिहार के औरंगाबाद से गोद ली गई 13 वर्षीय बच्ची की रांची में हत्या कर शव को गयाजी में जलाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है.पुलिस ने पिता,बेटे और एंबुलेंस चालक को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है.
झारखंड की राजधानी रांची के रातू थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ झखराटांड़ में एक 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची, जिसे 2018 में औरंगाबाद के एक गरीब परिवार से गोद लिया गया था, की उसके ही मुंहबोले भाई राहुल उर्फ अक्षय पाठक ने परिवार के साथ मिलकर हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को छिपाने के लिए आरोपियों ने न केवल बच्ची के लापता होने की झूठी कहानी रची, बल्कि साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को रांची से 130 किलोमीटर दूर बिहार के गया ले जाकर जला दिया।
हत्या के बाद आरोपी पिता सुबोध पाठक और उसका बेटा राहुल उर्फ अक्षय पाठक ने बच्ची के लापता होने की झूठी कहानी फैलानी शुरू कर दी. घर में गृहशांति के नाम पर पूजा-पाठ और हवन भी कराया गया, जिससे लोगों का शक और गहरा गया.
संदेह बढ़ने पर मामला पुलिस तक पहुंचा. जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुबोध पाठक और उसके बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की. सख्ती से पूछताछ में दोनों ने अपराध कबूल कर लिया.
मामला सामने आने पर रातू थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुबोध पाठक, उसके बेटे राहुल उर्फ अक्षय पाठक और एंबुलेंस चालक को हिरासत में ले लिया है. वहीं, एक निजी अस्पताल के डॉक्टर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
जांच में यह भी सामने आया है कि पूरी घटना में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर की भूमिका संदिग्ध है. वह फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है.
प्रारंभिक पूछताछ में यह बात निकलकर आई है कि घर में बच्ची को लेकर अक्सर विवाद होता था। साथ ही किसी रिश्तेदार से बच्ची के संपर्क को लेकर भी परिवार नाराज था, जिसे हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है। रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे सनसनीखेज मामले का आधिकारिक खुलासा करेंगे। फिलहाल पुलिस फरार डॉक्टर की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
सिवनी। सिवनी जिले से एक चौंकाने वाली चोरी की वारदात सामने आई है, जिसने स्थानीय व्यापारियों और पुलिस प्रशासन दोनों को हिला कर रख दिया है। बरघाट नगर में एक सराफा व्यापारी की कार से करीब 80 लाख रुपए कीमत के सोना-चांदी के गहने और नकदी महज 10 सेकेंड में चोरी हो गए।
यह घटना उस समय हुई जब व्यापारी अपनी दुकान बंद कर रहे थे। बदमाशों ने मौके का फायदा उठाकर कार से दो बैग उठाए और फरार हो गए। पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें चोर बेहद फुर्ती से कार का दरवाजा खोलकर बैग लेकर भागते नजर आ रहा है। घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक यह घटना सिवनी जिला मुख्यालय से करीब 25 किलोमीटर दूर बरघाट नगर के व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में शनिवार रात करीब 8:30 बजे हुई। पीड़ित सराफा व्यापारी दिलीप महाजन अपनी दुकान बंद करने की तैयारी कर रहे थे। रोज की तरह उन्होंने दुकान में रखे गहनों और नकदी से भरे दो बैग अपनी कार में रख दिए। इसके बाद वे दुकान का शटर बंद करने लगे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बदमाश ने मौका देखकर कार का दरवाजा खोला और दोनों बैग उठाकर तेजी से निकल गया।
पूरी चोरी इतनी तेजी से हुई कि व्यापारी को इसका पता भी नहीं चल पाया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देता है कि एक युवक सामान्य तरीके से कार के पास आता है, दरवाजा खोलता है और बैग उठाकर तेजी से वहां से निकल जाता है। बताया जा रहा है कि पूरी वारदात करीब 10 सेकेंड के अंदर अंजाम दे दी गई। जब व्यापारी शटर बंद करके वापस कार के पास पहुंचे तो कार का दरवाजा खुला देखकर उनके होश उड़ गए।
करीब 25 किलो चांदी
लगभग 30 तोला सोने के आभूषण
2 से 3 लाख रुपए नकद
प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, चोरी गए सामान की कीमत करीब 80 लाख रुपए बताई जा रही है।
बस स्टैंड इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई है। फुटेज में देखा जा सकता है कि एक युवक सफेद रंग की शर्ट पहने कार के पास आता है। वह बिना घबराए कार का दरवाजा खोलता है और दोनों बैग उठाकर आराम से वहां से निकल जाता है। कुछ दूरी तक पैदल चलने के बाद वह अपने एक साथी के पास पहुंचता है, जो पहले से बाइक लेकर खड़ा था। इसके बाद दोनों बाइक पर बैठकर बालाघाट की दिशा में फरार हो जाते हैं।
पुलिस का मानना है कि यह चोरी अचानक नहीं हुई, बल्कि बदमाशों ने पहले से पूरी योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि, आरोपियों को पहले से पता था कि व्यापारी रोज किस समय दुकान बंद करते हैं और गहनों के बैग कार में रखते हैं। बरघाट थाना प्रभारी मोहनीश सिंह बैस के अनुसार चोरों ने कई दिनों तक व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखी होगी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार मिश्रा देर रात बरघाट पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही आसपास के जिलों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।
पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपी का चेहरा फुटेज में दिखाई दे रहा है, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही उसकी पहचान कर ली जाएगी। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की भी जांच शुरू कर दी है ताकि बदमाशों के भागने का रूट पता लगाया जा सके।
बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इतनी बड़ी चोरी होने से स्थानीय व्यापारियों में डर का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि, अगर व्यस्त इलाके में भी इस तरह की वारदात हो सकती है तो बाजार में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गया सामान बरामद करने की मांग की है।
बताया जा रहा है कि पीड़ित व्यापारी दिलीप महाजन ने करीब 7-8 महीने पहले ही सराफा दुकान शुरू की थी। इससे पहले वे किसान थे और चाय-नाश्ते की होटल भी चलाते थे। बाद में उन्होंने सराफा व्यापार शुरू किया था। दिलीप महाजन नगर निकाय में पूर्व पार्षद भी रह चुके हैं और इलाके में एक प्रतिष्ठित व्यापारी के रूप में जाने जाते हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। बरघाट और अरी थाना पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चोरी गया सामान बरामद किया जाएगा।
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दो गुटों के बीच हिंसक झड़प, दोनों तरफ से पथराव, डंडे-हथियार भी चले, 8 गंभीर
झाबुआ । मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के राणापुर में जमीन विवाद के चलते दो गुटो मे हिंसक झड़प हो गईं। बताया जा रहा है कि, एक ही कॉलोनी में रहने वाले दो परिवारों के बीच बीते कई दिनों से जमीनी विवाद के चलते कहासुनी हो रही थी। ये भी सामने आया कि, बीते दो दिनों से दोनों गुटों के बीच तनातनी का मामला तूल पकड़ रहा था, आज अचानक से हिंसक हो गई। देखते ही देखते विवाद इस कदर बढ़ा कि, दोनों तरफ से पथराव शुरु हो गया। यही नहीं, दोनों गुटों ने एक दूसरे पर जमकर डंडे और हथियार भी बरसाए। घटना के चलते इलाके में दहशत फैल गई।
इस हिंसक झड़प के कुछ वीडियोज रविवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते नजर आए। सामने आई तस्वीरों में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर, डंडे और हथियारों से हमला करते नजर आए। वीडियो झड़क के बीच फंसे स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए हैं। इधर, घटना की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बल पूर्वक कार्रवाई करते हुए हिंसक भीड़ को तितर - बितर कर हालात को काबू में लिया।
बताया जा रहा है कि, इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के करीब 12 से अधिक लोग घायल हुए हैं, इनमें से 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, घटना के बाद दोनों पक्ष थाने पहुंच गए। पुलिस ने हालात को समझते हुए दोनों गुटों की ओर से काउंटर केस डलवाकर दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
फिलहाल, मौजूदा समय में हालात सामान्य है, फिर भी ऐतियातन कॉलोनी के आस - पास एवं घटना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं, दूसरी तरफ पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि, माहौल खराब करने वाले किसी को व्यक्ति को बक्शा नहीं जाएगा।
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पलभर में 4 बकरा-बकरी, 10 मुर्गियां आग में जिंदा जले, मेहनत की कमाई और आशियाना सब कुछ जलकर राख
धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में एक परिवार उजड़ गया। दरअसल, एक चारा घर समेत तीन मकान जल गए। आग लगने से 4 बकरा-बकरी, 10 मुर्गियां और घर में मौजूद अनाज, बर्तन कपड़े जलकर राख हो गए। ग्रामीण की मेहनत की कमाई और आशियाना सब कुछ आग की चपेट में आने से खाक हो गया।
यह मामला जनपद पंचायत नालछा अंतर्गत ग्राम तितीपुरा का है। जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 8 बजे रूपसिंग पिता बल्लू और पास ही में रह रहे उनकी माता रिचा बाई के अलग-अलग दो मकानों में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने तक का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते दोनों मकान आग की चपेट में आ गए। यही नहीं, आग की लपटे इतनी तेज थी कि, चारा घर को भी चपेट में ले लिया जो जलकर खाक हो गया।
इस भीषण आग में घर में रखा लगभग 12 क्विंटल गेहूं और 8 क्विंटल मक्का पूरी तरह जलकर खाक हो गया। साथ ही घर में पल रहे 4 बकरा-बकरी और करीब 10 मुर्गा-मुर्गियां भी जिंदा जल गईं। एक बैल भी आग में बुरी तरह झुलसकर घायल हो गया। घर का सारा सामान, बर्तन, कपड़े, अनाज, दैनिक उपयोग की वस्तुएं पूरी तरह नष्ट हो गईं। इतना ही नहीं परिवार की जमा पूंजी के रूप में रखे करीब 50 हजार नगद और सोना-चांदी के जेवर, जिनमें कड़ी, पायल और मंगलसूत्र शामिल थे, वह भी जलकर खाक हो गए।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। सूचना मिलने पर मांडव से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन देरी के चलते तब तक काफी नुकसान हो चुका था और मकान जलकर राख हो गया था। इस घटना से पीड़ित परिवार पूरी तरह से बेघर और आर्थिक रूप से टूट चुका है।
जबलपुर। एमपी के जबलपुर के समीपस्थ ग्राम सहरी तेंदूखेड़ा में सनसनीखेज घटनाक्रम सामने आया है. यहां पर महिला हल्लीबाई के क्लच वायर से हाथ व मुंह बांधकर जिंदा जला दिया गया. महिला के शरीर पर लगी आग से पूरा घर भी चपेट में आकर खाक हो गया. आगजनी की खबर किसी और नहीं बल्कि बेटे संतोष ने ही लोगों को दी, ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश की, इसके बाद मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड ने आग पर काबू पाया. इस घटनाक्रम में पुलिस को बेटे संतोष पर ही संदेह है, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ग्राम सहरी तेंदूखेड़ा में हल्लीबाई उम्र 60 वर्ष अपने बेटे संतोष के साथ घर में अकेले रहती है. बीती रात 12 बजे के लगभग घर में अचानक आग लग गई, जिसकी लपटें देख आसपास के लोग घरों से बाहर आ गए, जिन्हे बेटे संतोष ने बताया कि घर में अचानक आग लग गई है, मां अंदर ही है. गांव के लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की लेकिन कच्चे मकान में लगी आग विकराल रुप धारण कर चुकी थी. आग की खबर मिलते फायर बिग्रेड की गाडिय़ां मौके पर पहुंच गई और आग पर काबू पा लिया.
आज सुबह मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों मदद से मलबा हटवाया तो महिला जली हुई मृत हालत में मिली, जिनका मुंह व हाथ क्लच वायर से बंधे थे. पुलिस का कहना है कि महिला को बांधकर जिंदा आग के हवाले किया गया है. घटना के वक्त उनका बेटा संतोष भी घर में था जो सकुशल बाहर आ गया. पुलिस को घटनाक्रम में बेटे पर ही संदेह है जिसे हिरासत में लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरु कर दी है. वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए शासकीय अस्पताल पहुंचा दिया गया है. पुलिस को पूछताछ में यह भी पता चला है कि हल्लीबाई की गांव में खेती है जिससे परिवार का भरण पोषण होता रहा.
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एमपी में गेहूं खरीदी 10 अप्रैल से शुरूः सीएम डॉ मोहन ने बैठक में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर दिया जोर
भोपाल। मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अधिकारियों की बैठक बुलाई और गेहूं उपार्जन को लेकर खाद्य विभाग के साथ बैठक में समीक्षा की। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि एमपी में गेहूं उपार्जन 10 अप्रैल और 15 अप्रैल से शुरू हो रही है। इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम संभाग में 10 अप्रैल से गेंहू उपार्जन और बाकी बचे हुए जिलों में 15 अप्रैल से गेहूं खरीदी होगी। गेहूं उपार्जन की तारीख दो बार बढ़ चुकी है। बैठक में बारदाना की पर्याप्त उपलब्धता और भंडारण को लेकर चर्चा हुई है।
खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त इंतजाम रखने भी निर्देश दिए। इस बार 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य है। सरकार ने व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने पर जोर दिया। किसानों को ना हो परेशानी इस बात का भी अधिकारी ध्यान रखें। खरीदी व्यवस्था, भंडारण और वितरण पर अधिकारियों को निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में की समीक्षा बैठक।
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मास्टरमाइंड दिलावर खान समेत 4 की 16 करोड़ की संपत्ति फ्रीज, नशे के कारोबार से की थी कमाई
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम में बीते दिनों हुए चिकलाना ड्रग्स फैक्ट्री कांड के बाद इससे जुड़े कई सनसनीखेज खुलासे हुए। इस बीच मास्टरमाइंड दिलावर खान समेत 4 आरोपियों की 16 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज कर दी गई है। यह सारी कमाई उन्होंने नशे के अवैध कारोबार से की थी।
16 जनवरी को MDMA की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने के बाद रतलाम SP अमित कुमार ने फैक्ट्री के मास्टरमाइंड दिलावर खान पठान, उनकी पत्नी और भांजे इरफान समेत अन्य लोगों पर कार्रवाई की।
उनकी संपत्ति को SAFSMA के अंतर्गत 55 करोड़ की अचल संपत्ति फ्रीज करने के लिए सफेमा न्यायालय में भेजा था। जिसमें न्यायालय ने 16 करोड़ 16 लाख रुपए की संपत्ति फ्रीज करने के आदेश दिए हैं।
इन आरोपियों ने जो अचल संपत्ति बनाई थी, उसे बनाने के लिए उनके पास वैद्य आय का कोई साधन नहीं था। यह सब अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से कमाए गए थे। 16 गिरफ्तार आरोपियों में से पुलिस ने दिलावर खान पठान, अजहर खान, मुमताज बी और इमरान खान की 16 करोड़ 16 लाख रुपए की संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश दिए। अवैध मादक पदार्थों में लिप्त लोगों की पुलिस के द्वारा अब तक 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज करवाई गई है।
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