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बुरहानपुर। जिले के प्रतापपुरा क्षेत्र में पुलिस ने सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। जिला पुलिस प्रशासन की ओर से अवैध गतिविधियों और देह व्यापार में संलिप्त लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना शिकारपुरा पुलिस ने बोरवाड़ी (प्रतापपुरा) स्थित एक आवासीय परिसर में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मां-बेटे समेत एक ग्राहक के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार रविवार को थाना शिकारपुरा को सूचना मिली थी कि बोरवाड़ी प्रतापपुरा में 'चस्का चाय' के पास स्थित एक मकान में कथित तौर पर देह व्यापार संचालित किया जा रहा है। एसपी आशुतोष बागरी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप सेंडे तथा नगर पुलिस अधीक्षक गौरव पाटिल के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चौरसिया के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। कार्रवाई के लिए एक प्रधान आरक्षक को छद्म ग्राहक बनाकर मकान में भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक छद्म ग्राहक द्वारा संकेत दिए जाने के बाद टीम ने संबंधित मकान पर दबिश दी। तलाशी और प्रारंभिक पूछताछ में 55 वर्षीय महिला के अपने मकान का उपयोग कथित तौर पर देह व्यापार के लिए कमरों की व्यवस्था और मध्यस्थता करने में किए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने महिला के पास से छद्म ग्राहक द्वारा दिए गए 500-500 रुपये के दो हस्ताक्षरित नोट भी बरामद किए।
जांच के दौरान महिला के 34 वर्षीय पुत्र शेख शाहरुख की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार वह कथित अवैध गतिविधि में अपनी मां का सहयोग करता पाया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से चार पैकेट कंडोम बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से एक पुरुष और एक महिला को आपत्तिजनक स्थिति में पाया, जबकि परिसर में तीन अन्य महिलाएं भी मौजूद थीं।
पुलिस ने मामले में महिला, उसके पुत्र शेख शाहरुख और ग्राहक शेख फिरोज, पिता शेख इमाम, उम्र 40 वर्ष, निवासी राजीव नगर को आरोपी बनाया है। थाना शिकारपुरा में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले से जुड़ी महिलाओं की पहचान गोपनीय रखते हुए उनके बयान दर्ज किए हैं और नियमानुसार आगे की कानूनी एवं सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप चौरसिया, उप निरीक्षक राधिका सोलंकी, उप निरीक्षक दिलीप सिंह, प्रधान आरक्षक अमर पवार, प्रधान आरक्षक विजय बडकारे, महिला आरक्षक रिया पटवा, आरक्षक विनोद परिहार और आरक्षक महेंद्र प्रताप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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पिता 4 महीने से ऑक्सीजन पर, FIR के लिए दर-दर भटक रहा बेटा; सिलेंडर कंधे पर लेकर SP ऑफिस पहुंचकर जताया विरोध
ग्वालियर। ग्वालियर में न्याय के लिए एक बेटे का अनोखा विरोध देखने को मिला। पिता चार महीने से जिंदगी के लिए जूझ रहे हैं,लेकिन आरोप है कि हादसे के चार महीने बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई। ऐसे में नाराज बेटा कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर SP ऑफिस पहुंच गया। बेटे ने पुलिस से कहा की मेरे पिता आज भी ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं, जिस तरह मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही,उससे लगता है कि इस ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत अब पुलिस और बिजली विभाग के जिम्मेदारों को है।
ये तस्वीर ग्वालियर के SP ऑफिस की है,कंधे पर ऑक्सीजन सिलेंडर और हाथ में शिकायत। ये हैं हिमांशु शर्मा,जो अपने पिता को न्याय दिलाने के लिए कुछ इस अंदाज में SP ऑफिस पहुंचे,हिमांशु का कहना है कि उनके पिता हरिओम शर्मा 28 अप्रैल 2026 को हजीरा थाना क्षेत्र के बिरला नगर में खाटू श्याम जी मंदिर के पास लाइन नंबर-1 पर ड्यूटी के दौरान गंभीर विद्युत हादसे का शिकार हुए थे।हादसे के बाद से पिता की हालत ऐसी है कि उन्हें आज भी ऑक्सीजन के सहारे रहना पड़ रहा है,हिमांशु का आरोप है कि हादसा विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण हुआ,लेकिन हादसे को करीब चार महीने बीत गए,पिता अस्पताल और ऑक्सीजन के सहारे हैं और बेटा FIR के लिए थाने से लेकर बिजली विभाग और SP कार्यालय तक चक्कर लगा रहा है,हिमांशु का कहना है कि उसने कई बार अधिकारियों को आवेदन दिए,लेकिन अब तक FIR दर्ज नहीं हुई।
हिमांशु ने अधिकारियों के सामने ऑक्सीजन सिलेंडर रखकर अपना दर्द बयां किया। उसका कहना था कि “मेरे पिताजी अभी भी ऑक्सीजन पर हैं, अगर मेरी शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही, तो लगता है इस ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत मुझे नहीं, कार्रवाई न करने वाले जिम्मेदार लोगों को है।”,हिमांशु ने अपने आवेदन में विद्युत हादसे के लिए पांच अधिकारियों कर्मचारियों को जिम्मेदार बताते हुए उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है।आवेदन में जिनके नाम दिए गए हैं, उनमें….
– प्रीति बरैया, उपमहाप्रबंधक STM…
– रोहित सिंह, प्रबंधक बिरला नगर जोन
– अजय नामदेव, सहायक प्रबंधक STM
– शशांक कुलश्रेष्ठ सहायक प्रबंधक STC
– मोहसिन बेग, सब-स्टेशन ऑपरेटर
हिमांशु ने SP से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने,तत्काल FIR दर्ज करने और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं SP कार्यालय पहुंचे हिमांशु को पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना होगा कि हिमांशु के इस अनोखे विरोध के बाद पुलिस मामले में FIR दर्ज करती है या फिर परिवार को न्याय के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।
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मध्य प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे छात्रसंघ चुनाव! सितंबर में प्रस्तावित इलेक्शन पर पहला बड़ा संकेत
भोपाल। मध्य प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ के चुनाव होंगे! बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने बड़ा संकेत दिया हैं। उन्होंने कहा कि सितंबर में छात्रसंघ चुनाव होना है। चुनाव की प्रणाली तय होना शेष है। सरकार इस संबंध में जल्द छात्र संगठनों से चर्चा करेगी। छात्र संगठनों से चर्चा कर चुनाव की प्रणाणी पर फैसला लिया जाएगा। दरअसल, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड में स्टूडेंट्स ने मर्यादित और शालीनता से विरोध किया, लेकिन उनके साथ बर्बरतापूर्ण व्यवस्था किया गया। बेटियों से अनैतिक व्यवहार किया गया। छात्रों के हित में बात करने वाले राहुल गांधी रांची में कहां हैं ? राहुल को झारखंड के स्टूडेंट्स का साथ देना चाहिए। छात्र हित की उनकी राजनीति झूठी है। राहुल गांधी झूठ आधारित राजनीति करते हैं। नीट मामले में उन्होंने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा, सदन में गृहमंत्री उनके हर सवाल का जवाब देना चाहते हैं, लेकिन राहुल गांधी भाग रहे हैं।
एमपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राहुल गांधी को चुनोती है, अमित शाह हर सवाल का जवाब देंगे, सदन में सामना कीजिए। सदन की कार्यवाही बाधित न करें, गृहमंत्री जवाब के लिए तैयार हैं। जंतर-मंतर के मुद्दे को मोदी जी ने स्वीकारा और धर्मेंद्र प्रधान जी ने इस्तीफा दिया। झारखंड मामले में वहां की सरकार को फैसला लेना चाहिए। विपक्ष स्प्ष्ट करे छात्रों के मामले में दो तरह की राजनीति क्यों कर रहा है ? रांची के छात्र राहुल गांधी, केजरीवाल को प्रिय क्यों नहीं है ?
हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश में सितंबर में छात्रसंघ चुनाव होना है, चुनाव की प्रणाली तय होना शेष है। सरकार इस संबंध में जल्द छात्र संगठनों से चर्चा करेगी। छात्र संगठनों से चर्चा कर चुनाव की प्रणाणी पर फैसला लिया जाएगा। आपको बता दें कि प्रदेश में आखिरी बार चुनाव 2017 में हुए थे। हाईकोर्ट ने सितंबर में चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रमुख छात्र संगठन एबीवीपी और एनएसयूआई ने चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की मांग की है। शहरऔर स्थानीय मार्गदर्शिका

ग्वालियर, ग्वालियर शहर में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सिटी सेंटर स्थित स्पा सेंटर में लंबे समय से चल रहे देह व्यापार के मामले में तत्कालीन बीट प्रभारी एसआइ विनोद कुमार प्रजापति को हाइकोर्ट से राहत नहीं मिली। जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की एकलपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि विभागीय जांच शुरू करना या आरोप-पत्र जारी करना कर्मचारी को दोषी ठहराना नहीं है। यह जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।
बता दें कि विनोद कुमार प्रजापति अगस्त 2023 से विश्वविद्यालय थाने में पदस्थ थे और सिटी सेंटर बीट का प्रभार संभाल रहे थे। जनवरी 2025 में पुलिस ने सिटी सेंटर स्थित द हीलिंग हैंड स्पा सेंटर पर छापा मारकर देह व्यापार का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि स्पा सेंटर में जुलाई 2024 से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। इसके बाद लापरवाही के आरोप में एसपी ने संयुक्त विभागीय जांच के निर्देश दिए। एसआइ ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
याचिकाकर्ता ने कहा कि वह 10 से 14 जनवरी 2025 तक मेडिकल लीव पर था और 13 जनवरी को छापे के समय ड्यूटी पर नहीं था। मामला आइजी के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने एसपी की राय स्वीकार नहीं की। आइजी ने माना कि स्पा सेंटर में जुलाई 2024 से अवैध गतिविधियां चल रही थीं और एसआइ वर्ष 2024 से उसी बीट के प्रभारी थे। ऐसे में छापे वाले दिन छुट्टी पर होना उन्हें लंबे समय से चल रही गतिविधियों की निगरानी की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं करता। जिसके बाद आगे का फैसला लिया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि विभागीय जांच में कर्मचारी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर मिलता है और आने वाले समय में वह गवाहों से जिरह भी कर सकता है। कोर्ट इस स्तर पर आरोपों की सत्यता पर फैसला नहीं करेगी, बल्कि यह देखेगी कि कार्रवाई कानून के अनुरूप है या नहीं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विभागीय जांच का आदेश अंतिम सजा या दोषसिद्धि नहीं है। इसलिए इसमें हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है। इसी के साथ एसआइ की याचिका खारिज कर दी गई।
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13 देशी पिस्टल और 45 जिंदा कारतूस के साथ तस्कर गिरफ्तार
बुरहानपुर। अवैध हथियारों के निर्माण, खरीद-बिक्री और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खकनार थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक शातिर अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 13 देशी हस्तनिर्मित पिस्टल, 1 खाली मैगजीन, 45 जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त किए गए अवैध सामान की कुल कीमत करीब 4,72,000 रुपये आंकी गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप शिंदे ने बताया कि पकड़ा गया तस्कर बड़वानी जिले के नागलवाड़ी का निवासी बादल सिंग पटवा है। वह मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सीमा पर स्थित अवैध हथियार बनाने वाले सिगलीगरों से पिस्टल खरीदकर बाहर सप्लाई करता था। आरोपी से फिलहाल कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। भौगोलिकसंदर्भ
गौरतलब है कि खकनार थाना पुलिस ने बीते एक साल में अवैध हथियारों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 12 मामलों में कुल 47 देशी पिस्टल, 6 मैगजीन और 45 कारतूस जब्त कर तस्करों के नेटवर्क की कमर तोड़ी है।
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चेकिंग के दौरान आरक्षक का अपहरण! हाथ-पैर बांध रातभर कार में घुमाते रहे बदमाश
भोपाल। राजधानी भोपाल में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शाहपुरा थाने में पदस्थ पुलिस आरक्षक सुन्दर पटेल को बदमाशों ने चेकिंग के दौरान अगवा कर लिया। हाथ-पैर और मुंह बांधकर आरक्षक को रातभर कार में बंधक बनाकर घुमाते रहे और बाद में सरकारी प्रेस के पास फेंककर फरार हो गए।
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए NHAI लिखी कार के नंबर के आधार पर मुख्य आरोपी भूपेंद्र शर्मा और उसके साथी ऋषि नामदेव को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों पर अपहरण और लूट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पकड़ा गया आरोपी भूपेंद्र शर्मा शातिर किस्म का अपराधी है, जिस पर पहले से विदिशा में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है।

सुप्रीम कोर्ट ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े विवाद और अदालत में जजों व वकीलों की मौखिक टिप्पणियों के कथित व्यावसायिक एवं सोशल मीडिया इस्तेमाल की जांच की मांग वाली जनहित याचिका (PIL) पर नोटिस जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अदालत की कार्यवाही के दौरान कही गई बातों को संदर्भ से काटकर मीम्स, वायरल वीडियो और राजनीतिक कंटेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
याचिकाकर्ता वकील राजा चौधरी ने 15 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई का हवाला दिया है। इस दौरान तत्कालीन मौखिक टिप्पणी में ‘कॉकरोच’ शब्द का इस्तेमाल किया गया था। याचिका के मुताबिक, इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर इसे अलग-अलग संदर्भों में पेश किया गया और कथित तौर पर राजनीतिक प्रतीक, मीम तथा वायरल कंटेंट के रूप में इस्तेमाल किया गया।
PIL में अदालत की मौखिक टिप्पणियों के नाम, पहचान या संदर्भ का गलत इस्तेमाल करने और सोशल मीडिया के जरिए उनसे आर्थिक लाभ कमाने की गतिविधियों की जांच की मांग की गई है।
याचिका में बड़ी संख्या में कथित फर्जी वकीलों और फर्जी कानून की डिग्रियों से जुड़े मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता ने इस पूरे मामले में डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कंटेंट की भूमिका की जांच की आवश्यकता जताई है।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और सीबीआई को नोटिस जारी किया है। यह विवाद मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद सोशल मीडिया पर उभरे एक व्यंग्यात्मक और युवा-केंद्रित डिजिटल आंदोलन से जुड़ा बताया जा रहा है। याचिका में आरोप है कि अदालत की मौखिक टिप्पणियों को मीम्स, ट्रोलिंग और वायरल कंटेंट के जरिए सनसनीखेज बनाकर उनका व्यावसायिक फायदा उठाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट इस PIL पर अगली सुनवाई 10 सितंबर 2026 को करेगा।
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देश में हर 3 में से 1 वकील फर्जी, सिर्फ इलाहाबाद में हजार से ज्यादा मामले, अब बड़े एक्शन की तैयारी
नई दिल्ली. देश में फर्जी वकीलों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मंगलवार को एक याचिका पर जवाब मांगा है. इसमें कहा गया है कि फर्जी वकीलों के खिलाफ एक्शन का जिम्मा केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई को दी जाए. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने इसे गंभीर मुद्दा बताया. याचिका में कहा गया है कि वकालत एक अहम पेशा है. यहां अगर फर्जी लोग रहते हैं, तो इससे न्यायिक संस्था की प्रतिष्ठा का हनन होगा.
याचिका में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रमुख मनन मिश्रा के एक बयान का हवाला दिया गया है. इसमें उन्होंने कहा था कि बार में 30 से 40 प्रतिशत वकील फर्जी हैं. यानी हर 3 में से एक वकील देश में फर्जी हैं. इनके खिलाफ सख्त एक्शन की जरूरत है. जून 2026 में बार काउंसिल के वकील प्रशांत कुमार और विपिन नायर ने सुप्रीम कोर्ट में इस डेटा को रखा था. इन दोनों का कहना था कि इस पर जल्दी ध्यान देने की जरूरत है. क्योंकि, यह बड़ा मुद्दा है.
राजा चौधरी नामक एक वकील ने यह याचिका दाखिल है. कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजा चौधरी ने कहा कि वकालत के पेशे का दुरुपयोग किया जा रहा है. जो लोग सही में वकील नहीं हैं, वो इसके नाम पर वसूली कर रहे हैं. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करवाई है. इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हां 105 वकीलों का मामला सामने आया है. याचिकाकर्ता ने इस दौरान कहा कि 1000 से ज्यादा फर्जी वकील इलाहाबाद बार में हैं. याचिकाकर्ता का कहना है कि इस तरह अन्य राज्यों का मामला भी है.
दरअसल, कुछ दिन पहले कफील खान बनाम उत्तर प्रदेश के एक मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि वकालत के पेशे में माफिया लोग बैठे हैं. इन पर कार्रवाई की जरूरत है. इसके बाद यूपी में फर्जी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इलाहाबाद में बार काउंसिल की सिफारिश पर 68 वकीलों के खिलाफ एफआईआर की गई है. यूपी पुलिस का कहना है कि करीब 100 एफआईआर दर्ज होने हैं. इसे धीरे-धीरे अमल में लाया जाएगा, ताकी कोई व्यवधान न हो.
अगस्त 2023 में कानून मंत्रालय ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत में इस वक्त 20 लाख रजिस्टर्ड एडवोकेट हैं. बार काउंसिल के मुताबिक हर साल करीब 80 हजार के आसपास वकील इनरोल हो रहे हैं. वकालत पेशे में आने के लिए लॉ की डिग्री अनिवार्य है. इसके अलावा बार काउंसिल ऑफ इंडिया एक टेस्ट लेता है, जिसे पास करने के बाद ही प्रैक्टिस की परमिशन मिलती है. वहीं वकीलों की प्रैक्टिस की असलियत जांचने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस वेरिफिकेशन रूल्स-2015 का इस्तेमाल करता है. इसके तहत हर 5 साल में वकीलों की प्रैक्टिस के बारे में जानकारी जुटाई जाती है. वकीलों को बार काउंसिल से यह बताना होता है कि वे फिलहाल कहां प्रैक्टिस कर रहे हैं और कब से प्रैक्टिस कर रहे हैं. सही जानकारी न देने पर बार काउंसिल के पास वकीलों के खिलाफ एक्शन लेने का अधिकार है.
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बंगाल SIR पर SC ने ECI को किया नोटिस जारी, सख्त टिप्पणी कर कहा- ‘इस रफ्तार से अगला चुनाव आ जाएगा’
पश्चिम बंगाल में SIR ट्रिब्यूनल की धीमी सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए चुनाव आयोग को तलब किया है. याचिका में बंगाल में अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा करने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस रफ्तार से अगर सुनवाई चली तो काम पूरा होने से पहले ही अगला चुनाव आ जायेगा. जस्टिस बागची ने कहा कि सिर्फ अपील दाखिल होना काफी नहीं, निपटारे की संख्या भी मायने रखती है.
ट्रिब्यूनल पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान लिस्ट से हटाए गए लोगों की शिकायतों की सुनवाई के लिए बनाए गए थे.
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को उन लोगों की अपीलों के निपटारे की जानकारी देने का निर्देश दिया है, जिनके नाम पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे. सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
पश्चिम बंगाल राज्य में अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मामलों का जल्द निपटारा करने की कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी मांग की गई थी.
चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने राज्य के अपीलीय ट्रिब्यूनल के सामने तय किए गए और लंबित मामलों की जानकारी मांगी. बेंच ने चुनाव आयोग से निपटारे की संख्या बताने को कहा और कहा कि सिर्फ अपील दायर करना काफी नहीं है. बेंच ने कहा कि अपील का क्या हो रहा है, यह भी देखना जरूरी है. अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.
याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि ट्रिब्यूनल वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों की अपीलों पर तेजी से फ़ैसला नहीं कर रहे हैं. लोगों को राशन जैसी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है.
शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि काफी समय बीत चुका है. इस पर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उस हिसाब से सारी अपीलों की सुनवाई पूरी होते होते अगला चुनाव आ जाएगा. बेंच ने यह भी साफ किया कि वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों को पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) का लाभ न मिलने की शिकायत कलकत्ता हाई कोर्ट के सामने एक अलग मामले में उठानी होगी.

भोपाल। राजधानी भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में एक युवक की सिर कटी लाश मिलने से सनसनी फैल गई। BHEL गेट नंबर-8 के पास झाड़ियों में अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, शव की हालत बेहद खराब थी। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। वहीं, बताया जा रहा है कि मृतक के गुप्तांग पर भी चोट/कटे होने की बात सामने आई है। हालांकि, इन परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके का मुआयना किया और आसपास के क्षेत्र में जांच शुरू कर दी।
मृतक की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक कौन था और वह यहां तक कैसे पहुंचा। हत्या की आशंका को देखते हुए पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद संभावित साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतक की पहचान होने के बाद ही मौत के राज से पर्दा उठ सकेगा।

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सरकारी बाबू के घर छापा, 8 करोड़ की कमाई का खुलासा; सोना-चांदी और लग्जरी सामान बरामद
जबलपुर। मध्य प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक का बाबू (क्लर्क) सुभाष शर्मा करोड़ों की काली कमाई का आसामी निकला। घर से आधा किलो सोना और सवा किलो चांदीबरामद हुई है। 1 करोड़ की ज्वेलरी के साथ घर पर लग्जरी आइटम भी मिले है। बैंकों से ट्रांजैक्शन डिटेल मांगी जा रही है। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। जांच पड़ताल के बाद बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
दरअसल, दो दिन पहले लोकायुक्त पुलिस ने मध्य प्रदेश ग्रामीण विकास बैंक के बाबू (क्लर्क) सुभाष शर्मा के ठिकानों पर तड़के छापा मारा था। त्रिमूर्ति नगर स्थित मुख्य मकान और उनके फार्म हाउस पर एक साथ दबिश दी थी। अचानक हुई इस कार्रवाई से बैंक कर्मचारी के घर में हड़कंप मच गया था।
लोकायुक्त की कार्रवाई में अब तक 8 करोड़ से अधिक की संपत्ति का खुलासा हुआ है। फार्म हाउस सहित अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है। बताया जा रहा है कि क्लर्क सुभाष ने पत्नी शीला शर्मा के नाम पर भी जमीन और मकान खरीदी है। आपको बता दें कि आरोपी सुभाष शर्मा सिवनी ग्रामीण विकास बैंक में पदस्थ है। अधिकारियों का अनुमान है कि कार्रवाई पूरी होने तक कई और अघोषित संपत्तियों तथा बड़े बैंक खातों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल लोकायुक्त की जांच पड़ताल जारी है।
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राजधानी में बीजेपी विधायक के बंगले में सेंध: ‎स्पेशल डीजी के घर के सामने चोरी
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के वीआईपी इलाके की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक अजय विश्नोई के बंगले में चोरी की वारदात हुई। बताया जा रहा है कि स्पेशल डीजी अजय शर्मा के घर के सामने बेखौफ चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। तीन-चार दिन पहले भी इसी इलाके में एक अधिकारी के सूने मकान में चोरी हुई थी।
मिली जानकारी के अनुसार, राजधानी भोपाल में स्थित पूर्व मंत्री व बीजेपी विधायक अजय विश्नोई के बंगले में चोरों ने सेंधमारी की। जहां चोरी हुई उसके सामने स्पेशल डीजी अजय शर्मा का घर स्थित है। बेखौफ चोरों ने दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद वीआईपी इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे है।
आपको बता दें कि राजधानी भोपाल का चार इमली क्षेत्र वीआईपी इलाका है। जहां वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, नेताओं और अन्य वीआईपी लोगों के घर हैं। इसके बावजूद इलाके में चोरी की वारदात होना सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद चिंता का विषय है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले भी चार इमली इलाके में चोरी की घटना हुई थी। इतना ही नहीं इससे पहले भी में आईजी इंटेलिजेंस के आवास के आसपास भी लूट की घटना सामने आ चुकी है।

राजगढ़। जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पड़ाना कस्बे के पास झिरी नाले में 11 लोगों से भरी ईको वैन पानी के तेज बहाव में बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। वैन में सवार दो युवकों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई।
बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण झिरी नाला उफान पर था। पानी अधूरे पुल के ऊपर से बह रहा था। इसी दौरान ईको वैन वहां से गुजर रही थी। पानी का बहाव इतना तेज था कि वाहन अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरा और देखते ही देखते बह गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सारंगपुर टीआई राहुल रघुवंशी के मुताबिक, ईको में सवार सभी लोग देवास के सतवास ब्लॉक के धांसड़ गांव के रहने वाले थे और कड़लावद गांव जा रहे थे। कार मुकेश सिंह (40) चला रहा था। टीआई ने बताया कि पढ़ाना के पास झिरी नाले पर 30 फीट का पुल निर्माणाधीन है। तेज बारिश की वजह से पानी पुल के ऊपर बह रहा है। ड्राइवर को अधूरा पुल नहीं दिखा। उसने कार आगे बढ़ा दी, जो नाले में बह गई। हादसे में बच निकले मुकेश और हुकुम सिंह (30) को सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुकेश ने बताया कि उसकी काकी को लकवा लगा है, जिन्हें इलाज के लिए हम लोग कड़लावाद धाम ले जा रहे थे।
हादसे में इनकी गई जान
शंकर सिंह (50)
सागरबाई पति शंकर सिंह
रीनू (28) पति हुकुम सिंह
राजवीर (3) पिता हुकुम सिंह
जसप्रीत पिता हुकुम सिंह
विशाल चौहान
पूजा (27) पति विशाल चौहान
रिशिका
आनंद सिंह
घटना की सूचना मिलते ही कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल ग्राम पढ़ाना पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदना जताई और सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर पीड़ित परिवारों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
इधर, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर पीके शर्मा ने कहा कि सड़क पर निर्माण कार्य जारी है। वहां डायवर्जन के बोर्ड लगाए गए हैं। रास्ता पानी में डूबा था। ग्रामीणों ने कार ड्राइवर को रोका भी था। इसके बावजूद उसने गाड़ी आगे बढ़ा दी, जिसकी वजह से हादसा हुआ।
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ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार
छिंदवाड़ा। देहात थाना पुलिस ने हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाकर कथित रूप से ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह पहले लोगों को अपने जाल में फंसाता था और बाद में दुष्कर्म के मामले में फंसाने की धमकी देकर उनसे मोटी रकम की मांग करता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपित कथित तौर पर पीड़ितों को झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठने का प्रयास करते थे। एक मामले में आरोपियों ने करीब 5 लाख रुपए की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए कार्रवाई की।
जांच के दौरान पुलिस को गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और इसी तरह की अन्य वारदातों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है और उनसे कितनी रकम वसूली गई।
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चोरी की गाड़ियों की कटिंग पर बड़ा खुलासा: पूर्व पार्षद के भाई-बेटे गिरफ्तार
इंदौर। शहर में चोरी के वाहनों को काटकर उनके पार्ट्स ठिकाने लगाने के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। दौलतगंज-रानीपुरा क्षेत्र की एक कबाड़ दुकान पर दबिश देकर पुलिस ने चोरी की 12 गाड़ियों के इंजन बरामद किए हैं। मामले में पूर्व पार्षद अंसाफ अंसारी के भाई अल्ताफ अंसारी और बेटे अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को शुरुआती जांच में बरामद इंजनों का कनेक्शन चोरी के वाहनों से मिला है। खास बात यह है कि जांच के दौरान पुलिस को सभी 12 इंजनों से जुड़ी चोरी की एफआईआर भी मिली हैं। इसके बाद मामला महज कबाड़ के कारोबार तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि पुलिस को चोरी के वाहनों को काटने और उनके पार्ट्स को खपाने वाले संगठित रैकेट की आशंका है।
क्राइम ब्रांच ने दौलतगंज-रानीपुरा इलाके में स्थित कबाड़ की दुकान पर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में वाहन पार्ट्स मिले। जांच आगे बढ़ने पर 12 इंजन पुलिस के हाथ लगे। पुलिस के मुताबिक, इनमें से तीन इंजन घिसे हुए हालत में मिले हैं, जबकि बाकी इंजनों की भी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये इंजन किन वाहनों के हैं और इन्हें दुकान तक किस माध्यम से लाया गया।
मामले में सबसे अहम कड़ी यह सामने आई है कि बरामद किए गए 12 इंजनों से जुड़ी चोरी की गाड़ियों की एफआईआर पुलिस को मिल गई है। यानी जिन वाहनों के इंजन दुकान से बरामद हुए हैं, उनके चोरी होने की शिकायतें पहले से पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि चोरी के वाहन कब और कहां से उठाए गए, उन्हें किसके जरिए कबाड़ दुकान तक पहुंचाया गया और वाहन काटने के बाद उनके इंजन व अन्य पार्ट्स कहां खपाए जाते थे।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चोरी के वाहनों को काटने में इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रिक कटर भी बरामद किया है। इस बरामदगी ने पुलिस की उस आशंका को और मजबूत किया है कि दुकान पर सिर्फ सामान्य कबाड़ का काम नहीं हो रहा था, बल्कि वाहनों को काटकर उनके अलग-अलग पार्ट्स निकालने का काम भी किया जा रहा था। अब पुलिस इलेक्ट्रिक कटर समेत अन्य सामान की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने वाहनों को पहले इस तरह काटा गया है।
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने अल्ताफ अंसारी और अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस चोरी के वाहनों की सप्लाई से लेकर उनकी कटिंग और पार्ट्स को बेचने तक की पूरी कड़ी खंगालने की तैयारी में है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच ने अब कबाड़ दुकान की जमीन और उसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। सामने आया है कि जिस जमीन पर यह दुकान संचालित हो रही है, वह पूर्व पार्षद अंसाफ अंसारी के नाम है। इसी वजह से जांच का दायरा अब गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़ गया है। पुलिस यह पता कर रही है कि दुकान का संचालन किसके की ओर से किया जा रहा था, जमीन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा था और वहां होने वाली गतिविधियों की जानकारी जमीन मालिक या अन्य संबंधित लोगों को थी या नहीं।
दुकान की जमीन पूर्व पार्षद के नाम होने के कारण अंसाफ अंसारी भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, फिलहाल पुलिस की कार्रवाई गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ है। पूर्व पार्षद की भूमिका को लेकर जांच जारी है। पुलिस दस्तावेजों, दुकान के संचालन और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद 12 इंजन ही इस पूरे नेटवर्क की पूरी कहानी हैं या फिर चोरी के और भी वाहन काटे गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की गाड़ियों को इंदौर में ही काटा जाता था या उन्हें दूसरे इलाकों से यहां लाकर उनके पार्ट्स अलग किए जाते थे। इसके अलावा पुलिस बरामद इंजन के पार्ट्स, चेसिस और अन्य पहचान योग्य नंबरों की जांच कर रही है। इनकी मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी की गाड़ियों को किस तरह कबाड़ में बदलकर बाजार में खपाया जाता था।

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