टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में क्रूरता की सारी हदें पार करने की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को शर्मसार करती दिखाई दे रही है, जिसमें दो लोग, एक मृत गाय के शव को लोडर वाहन से बांधकर सड़क पर घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें मृत गाय को गाड़ी से बांधकर घसीटते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो टीकमगढ़ शहर के सागर हाईवे मार्ग के नए बस स्टैंड बायपास रोड का बताया जा रहा है। जिसमें लोडर वाहन सवार लोग मृत गाय के शव को बांधकर तेज रफ्तार से जाते हुए दिखाई दे रहे है।
मृत जीवों के प्रति इस तरह का क्रूर व्यवहार किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। अब सवाल यह है कि आखिर मृत गाय के शव के साथ इस तरह का अमानवीय व्यवहार क्यों किया गया, क्या वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा? क्या इन आरोपियों की पहचान कर उन पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी? यह देखने वाली बात होगी।
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अमर हो गईं शिवानी: सड़क हादसे में ब्रेन डेड होने के बाद बचाई 3 लोगों की जिंदगी; पुलिस ने ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर किया सम्मानित
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के बनखेड़ी अंतर्गत ग्राम खापा खुर्द की रहने वाली बिलाश टांटी शर्मा (शिवानी) सड़क दुर्घटना के बाद भले ही इस दुनिया से विदा हो गईं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए ‘महादान’ ने तीन अन्य लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा दी है। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद उनके परिजनों ने अंगदान का बेहद साहसी और संवेदनशील फैसला लिया, जिसके तहत एम्स भोपाल में उनके अंगों का सफल प्रत्यारोपण किया गया।
इस प्रेरणादायक घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी संवेदनाएं और श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री ने लिखा, “तीन लोगों को जीवन का अनमोल उपहार मिला है। असहनीय दुःख की घड़ी में उनके परिजनों ने अंगदान का निर्णय लेकर मानवता, संवेदनशीलता और परोपकार की ऐसी मिसाल पेश की, जो सभी को प्रेरित करेगी।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह पहल इस बात का प्रमाण है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी अंगदान के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और समाज में जीवन बचाने के इस पुनीत कार्य के प्रति लोगों की सोच सकारात्मक हो रही है।
राज्य शासन के विशेष निर्णय और निर्देशों के अनुसार, दिवंगत शिवानी जी के उनके पैतृक गांव खापा खुर्द पहुंचने पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
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MP में 9 करोड़ 42 लाख का गांजा जब्त, पहाड़ों पर फैला था नशे का साम्राज्य!
भोपाल। मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल झाबुआ जिले में एनडीपीएस से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस को तीन अलग अलग स्थानों से 9 करोड़ 42 लाख की कीमत से अधिक का गांजा मिला है। जिसका वजन 99 क्विंटल से ज्यादा है। मामला कोतवाली थाना अंतर्गत पारा चौकी क्षेत्र ग्राम कलमोड़ा का है। बताया जा रहा है कि पहाड़ी क्षेत्र में गैरकानूनी ढंग से उगाई जा रही थी।
पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने प्रेस वार्ता में बताया कि मुखबिर की सूचना के बाद भारी बल के साथ ग्राम कलमोड़ा में दबिश दी। लगातार तीन दिनों तक चली इस कार्रवाई में पट्टाधारी आरोपियों ने अपने पट्टे के साथ साथ वनक्षेत्र में आने वाली जमीन पर बाबू पिता मोहरिया डामोर, बैलेंसिंग मौहरिया, बापू मोहरिया को मुख्य आरोपी बतौर पाया गया। आपको बताते चले कि आरोपी इतनी बड़ी मात्रा में गांजा उत्पादन ऐसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र की तलहटी में कर रहा था, जो आमजनों से दूर है। तीन दिनों तक चली इस कार्यवाही में 15 हजार 609 पौधे पाए गए, जिसका वजन 99 क्विंटल और कीमत 9 करोड़ 42 लाख के करीब आंकी गई है।
वहीं इस मामले में दो बाते निकलकर सामने आती है। ये अवैध गांजा उत्पादन झाबुआ और धार दोनों के जिले की सीमा से सटा है, जिसका कुछ क्षेत्र झाबुआ जिले के ग्राम कलमोड़ा में स्थित है। दूसरा क्षेत्र धार जिले में आता है। बताते चले कि केवल झाबुआ पुलिस की कार्रवाई में ही मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी जप्ती की कार्रवाई हुई है। जिसमें झाबुआ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि तीनों आरोपियों वेलसिंग डामोर, भरत डामोर और बापू पिता मौहरिया डामोर जो कि फरार है।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत साथ ही एनडीपीएस की धारा 8/20 के तहत कठोर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। वहीं प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने जानकारी दी कि इन तीनों आरोपी आपस में भाई है। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के लिए विशेष दल गठित किया गया था, जिसे विशेष रूप से एसडीओपी मोनिका सिंग, कोतवाली थाना प्रभारी रमेशचंद्र भास्करे, चौकी प्रभारी निरीक्षक पल्लवी भाभर, राणपुर थाना प्रभारी निरीक्षक कैलाशचंद्र सीर्वी, निरीक्षक राजेंद्र सिंह भदोरिया, एस ए एफ बटालियन निरीक्षक राम मंडलोई, चौकी प्रभारी पेट्रोल उप निरीक्षक अशोक बघेल आदि पुलिस अधिकारी कर्मचारियों की इसमें सराहनीय भूमिका रही। जिसमें नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गांजा उत्पादन के साथ पूरे सिंडिकेट को झाबुआ पुलिस जल्द से जल्द सलाखों के पीछे ला खड़ा करने का दावा कर रही है।
शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज कराने पहुंचे अनूपपुर जिले के एक मरीज को कथित तौर पर अस्पताल की ओपीडी में बंद कर दिया गया। मरीज घंटों तक कमरे में कैद रहा और बाहर निकलने के लिए मदद की गुहार लगाता रहा। काफी देर बाद जब सुरक्षा गार्ड की नजर उस पर पड़ी, तब कहीं जाकर कमरा खुला और मरीज को बाहर निकाला गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अनूपपुर जिले के बिजुरी निवासी मोहम्मद अमजद इलाज कराने के लिए शहडोल जिला अस्पताल पहुंचे थे। वह अस्पताल की ओपीडी के कमरा नंबर 14 में डॉक्टर को दिखाने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर ओपीडी में ताला लगा दिया गया और मरीज अंदर ही बंद रह गया, देखते ही देखते इलाज कराने आया मरीज खुद को एक बंद कमरे में कैद पाया।
बताया जा रहा है कि मरीज ने बाहर निकलने के लिए काफी देर तक आवाज लगाई और मदद की गुहार करता रहा,बंद कमरे में फंसे रहने के दौरान उसकी परेशानी और बढ़ गई। घंटों इंतजार के बाद जब सुरक्षा गार्ड की नजर कमरे में बंद मरीज पर पड़ी, तब ताला खोलकर उसे बाहर निकाला गया। बाहर आने के बाद मरीज ने राहत की सांस ली।
इस घटना को अस्पताल में मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, मरीज को किस परिस्थिति में और किसकी ओर से कमरे में बंद किया गया। इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
शहडोल संभाग के इस प्रमुख शासकीय अस्पताल में मध्यप्रदेश के अनूपपुर, उमरिया सहित आसपास के जिलों और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। अब सवाल यह है कि आखिर ओपीडी बंद करते समय अंदर मौजूद मरीज पर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी। क्या अस्पताल में कमरों को बंद करने से पहले जांच की कोई व्यवस्था नहीं है।
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बिजली संकट पर जीतू पटवारी का सिंधिया पर तंज- ‘महल का बिल झोपड़ी से भी कम आया, गांवों में छाया है अंधेरा’
भोपाल। मध्य प्रदेश में गहराते बिजली संकट और बिजली के बढ़े हुए बिलों को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रदेश की लचर बिजली व्यवस्था और ग्रामीण इलाकों में छाए अंधेरे को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है।
जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए दावा किया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल का बिजली बिल, आम गरीबों की झोपड़ियों के बिल से भी कम आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता और गरीबों को हजारों-लाखों रुपये के भारी-भरकम बिजली बिल थमाए जा रहे हैं, जबकि इसके बावजूद उनके घरों में अंधेरा रहता है।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बिजली मंत्री महीनों से नदारद और गायब हैं, जनता उनकी फोटो लेकर उन्हें ढूंढ रही है। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि जब मंत्री, विधायक और बीजेपी के कार्यकर्ता खुद गांवों में अंधेरा देखते हैं, तो उन्हें भी शर्मिंदगी महसूस होती है।
जीतू पटवारी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मध्यप्रदेश में अंधकार छाया हुआ है। कई-कई दिनों तक गांवों में बिजली का एक बल्ब तक नहीं जल रहा है और राज्य में बिजली व्यवस्था को देखने वाला कोई नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मध्यप्रदेश सरकार बाहर यानी दिल्ली मेट्रो को बिजली बेच रही है, तो फिर राज्य के ग्रामीण इलाकों और किसानों को अंधेरे में क्यों रहना पड़ रहा है?
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शिवपुरी में भाजपा विधायक को मुंह पर युवक ने कहा गधा, बज उठीं तालियां
शिवपुरी शिवपुरी में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर गुरुवार को ओबीसी महासभा ने बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन और एक प्रदर्शनकारी युवक के बीच तीखी बहस भी हुई और इस दौरान भाजपा विधायक के पूछने पर युवक ने उन्हें गधा तक कह दिया। इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद किया है जो तेजी से वायरल हो रहा है।
ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर चल रहे प्रदर्शन के दौरान विधायक देवेन्द्र जैन कलेक्टर कार्यालय पर लोगों से मिलकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान ओबीसी महासभा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भंवर सिंह धाकड़ की विधायक से उस वक्त तीखी बहस हो गई जब भंवर सिंह ने विधायक देवेन्द्र जैन से कहा कि मैं ग्रेजुएट हूं और पढ़ा लिखा हूं, इस पर विधायक ने धाकड़ से कहा कि तो क्या मैं गधा हूं। इस पर धाकड़ ने तुरंत जवाब देते हुए कहा- हां आप गधे हो, मैं ग्रेजुएट हूं। दोनों के बीच हुई इस जुबानी जंग को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद जिले की सियासत में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ओबीसी संगठनों ने विधायक के रवैये पर नाराजगी जताई है। वहीं प्रदर्शनकारी युवाओं का कहना है कि वे लंबे समय से आरक्षण की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर गुरुवार को शिवपुरी में बड़ा प्रदर्शन हुआ। ओबीसी महासभा के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ता रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। दोपहर में जब ज्ञापन लेने एडीएम पहुंचे तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन देने से साफ इनकार कर दिया। कार्यकर्ता कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़ गए। इसको लेकर करीब एक घंटे तक कलेक्ट्रेट परिसर में हंगामा व धरना चलता रहा। बाद में प्रशासन को झुकना पड़ा। प्रदर्शन में पोहरी से कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह भी शामिल हुए। उन्होंने मंच से भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा अच्छे कामों का श्रेय खुद ले लेती है और गलतियों का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ देती है। उन्होंने ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए न्यायपालिका को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि ओबीसी वर्ग को उसका हक मिलना चाहिए।
उत्तर प्रदेश के औरैया से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। यहां करीब 30 साल की ब्लॉगर रीना और 75 साल के राम सगर ने शादी करने का फैसला किया है। दोनों की सगाई भी हो चुकी है। लेकिन अब चर्चा उनकी उम्र के अंतर से ज्यादा शादी की तारीख को लेकर हो रही है। करीब 45 साल के उम्र के फासले वाली इस जोड़ी की सगाई की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। रीना का कहना है कि उन्हें उम्र के अंतर से कोई परेशानी नहीं है। वहीं, राम सगर भी शादी करने के फैसले पर कायम हैं। हालांकि, शादी कब होगी, इस सवाल पर दोनों के जवाब अलग-अलग हैं।
रीना के मुताबिक, उनकी मुलाकात राम सगर से करीब एक साल पहले हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ने लगीं। रीना सोशल मीडिया पर वीडियो बनाती हैं और इसी दौरान दोनों का परिचय हुआ था। रीना का कहना है कि वह इस रिश्ते से खुश हैं और अपनी मर्जी से शादी करने का फैसला लिया है। जब उनसे पूछा गया कि राम सगर की उम्र उनसे काफी ज्यादा है, तो क्या इससे उन्हें कोई परेशानी होती है, उन्होंने साफ कहा कि उन्हें उम्र के अंतर से कोई फर्क नहीं पड़ता।
रीना और राम सगर की सगाई करीब एक सप्ताह पहले होने की बात सामने आई है। सगाई के बाद से ही लोग दोनों से शादी की तारीख को लेकर सवाल पूछ रहे हैं। जब रीना से पूछा गया कि शादी कब होगी, तो उन्होंने बताया कि अभी तारीख तय नहीं हुई है। उनके मुताबिक, नवरात्र के बाद शादी की तारीख तय की जाएगी। यानी सगाई की रस्म पूरी हो चुकी है, लेकिन विवाह की तारीख का ऐलान अभी बाकी है।
राम सगर से भी उनकी शादी को लेकर सवाल किए गए। उनसे पूछा गया कि 75 साल की उम्र में वह शादी करने जा रहे हैं और उनकी होने वाली पत्नी उनसे काफी छोटी हैं, तो क्या उन्हें इस रिश्ते को लेकर कोई परेशानी है? राम सगर ने बताया कि रीना की उम्र करीब 30 साल है और वह इस शादी के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर रीना शादी के लिए तैयार नहीं होतीं, तो वह भी शादी नहीं करते।
शादी की तारीख को लेकर राम सगर का जवाब रीना से कुछ अलग रहा। उन्होंने बताया कि शादी होने में करीब दो से तीन महीने का समय लग सकता है। हालांकि, उन्होंने भी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई। यहीं से इस कहानी में दिलचस्प मोड़ आ गया है। एक तरफ रीना नवरात्र के बाद शादी की तारीख तय होने की बात कह रही हैं, तो दूसरी तरफ राम सगर ने शादी के लिए दो से तीन महीने का समय बताया है। फिलहाल, दोनों की शादी की निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। सगाई के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि यह जोड़ी कब विवाह के बंधन में बंधेगी।
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उत्तराखंड: नवरात्रि में मां भगवती के मंदिर में भीषण आग, लकड़ी का पूरा ढांचा जलकर खाक
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में नवरात्रि के दौरान मां भगवती के मंदिर में भीषण आग लग गई। इस घटना में मंदिर के लकड़ी से बने मुख्य ढांचे और उसकी खूबसूरत नक्काशी को भारी नुकसान पहुंचा है। आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग दुखी हैं। यह मंदिर बदियाकोट गांव में स्थित है। लकड़ी पर की गई पारंपरिक नक्काशी के कारण मंदिर की अलग पहचान थी। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या पूजा के दौरान जलाए गए दीपक से आग लगने की जताई जा रही है।
यह घटना नवरात्रि के छठे दिन सुबह की बताई जा रही है। मंदिर बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है। मंदिर लकड़ी से बना हुआ था, इसलिए आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते लपटों ने मंदिर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण आग बुझाने के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में भी परेशानी होने की बात सामने आई है। इससे मंदिर को काफी नुकसान पहुंचा।
आग में मंदिर परिसर में बनाया गया पूजा पंडाल भी जलकर खाक हो गया। मंदिर की लकड़ी पर की गई बारीक और पारंपरिक नक्काशी को भी भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय स्तर पर आशंका जताई जा रही है कि पूजा के लिए जलाए गए दीपक की लौ या लंबी बाती के संपर्क में आने से आग लगी होगी। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नवरात्रि के दौरान हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में दुख का माहौल है। मंदिर की पारंपरिक बनावट और धार्मिक महत्व के कारण यह अग्निकांड लोगों के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।
बदियाकोट का मां भगवती मंदिर दानपुर घाटी में स्थित है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, इसी स्थान पर मां भगवती ने दैत्य निशुम्भ का वध किया था। इसी वजह से इस जगह का नाम पहले वधकोट पड़ा, जो बाद में बदियाकोट कहलाने लगा। यह मंदिर कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर में सल्पाती मेले का आयोजन भी होता है, जिसमें स्थानीय लोगों के साथ दूसरे क्षेत्रों से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं।
मंदिर में आग लगने के कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शॉर्ट सर्किट और दीपक से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, इस घटना में मंदिर के मुख्य ढांचे, पारंपरिक काष्ठकला और पूजा पंडाल को हुए नुकसान की खबर है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मंदिर को दोबारा उसके पारंपरिक स्वरूप में तैयार करने के प्रयास किए जाएंगे।
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मालेगांव रेप-मर्डर केस: दरिंदे को फांसी की सजा; तीन साल की मासूम के साथ रेप करके हत्या कर दी थी
मालेगांव रेप-मर्डर केस में कोर्ट का फैसला आ गया है। महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ रेप और उसकी हत्या के मामले में अदालत ने दोषी विजय खैरनार को फांसी की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने अभियोजन पक्ष की ओर से दलीलें पेश कीं। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता को रेखांकित करते हुए दोषी के लिए मृत्युदंड की मांग की। अभियोजन पक्ष की दलीलों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने विजय खैरनार को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई।
कोर्ट ने दोषी को मृत्युदंड सुनाने के साथ ही अदालत ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। बच्ची की हत्या से परिवार को जो अपूरणीय क्षति हुई, उसकी भरपाई संभव नहीं है। ऐसे में मुआवजे का आदेश परिवार को आर्थिक सहायता देने की दिशा में अहम कदम है। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे इलाके में दोषी को सख्त सजा देने की मांग उठी थी। अब अदालत के फैसले को पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह मामला महाराष्ट्र के नासिक जिले में मालेगांव तालुका के डोंगराळे गांव का है। नवंबर 2025 में तीन साल की बच्ची के साथ रेप कर उसकी हत्या कर दी गई थी। फूल जैसी कोमल मासूम बच्ची के साथ हुई इस वारदात की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए लोगों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में कराने की मांग भी उठी थी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।
ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल में पुलिस के लिए चुनौती बने 30 हजार रुपए के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर की तलाश में पुलिस ने घाटीगांव और पनिहार के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि, मुरैना में मुखबिर पर हमला करने के बाद कल्ली गुर्जर अपने गिरोह के साथ ग्वालियर के जंगलों में डेरा डाले हुआ है। आशंका है कि वह पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए कुछ लोगों को निशाना बनाने की फिराक में है।
पुलिस के मुताबिक, कल्ली गुर्जर की गैंग के राई गांव के आसपास डेरा जमाने की सूचना मिली थी। इसके बाद रात करीब 2 बजे से पुलिस ने गांव और आसपास के जंगलों में घेराबंदी शुरू की। सुबह करीब पांच बजे हल्का उजाला होने पर उन संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, जहां पुलिस को गिरोह के छिपे होने की आशंका थी। इस सर्चिंग अभियान में क्राइम ब्रांच के साथ पनिहार, घाटीगांव और आरोन थाना पुलिस की टीमें मौजूद थीं।
मामले की जानकारी देते हुए एसआई अभिनव शर्मा ने बताया कि, पुलिस ने संभावित ठिकानों पर तलाशी ली, लेकिन डकैत और उसके साथी हाथ नहीं लग सके। आशंका है कि, पुलिस की गतिविधियों की भनक लगने के बाद गिरोह जंगल के रास्ते फरार हो गया है। फिलहाल, पुलिस राई गांव, डूंढापुरा, निरपतपुरा और आसपास के जंगलों में कल्ली समेत गैंग के सदस्यों को तलाश रही है।
बताया जा रहा है कि, राई गांव और घाटीगांव इलाके के निरपतपुरा में कुछ लोगों से कल्ली गुर्जर की पुरानी दुश्मनी बताई जा रही है। यही कारण है कि, पुलिस को आशंका है कि, गिरोह बदला लेने के इरादे से इन इलाकों में आया है।
कल्ली गुर्जर और उसके साथियों पर मोहना हाईवे पर चौथ वसूली के लिए ट्राला रोकने का भी आरोप है। बताया गया है कि, गिरोह ने ट्राले के टायरों पर गोलियां चलाकर उसे रोक दिया था। इसके बाद चालक को धमकी दी थी कि, हाईवे पर वाहन चलाना है तो टैक्स देना पड़ेगा। फिलहाल, पुलिस अब डकैत कल्ली गुर्जर और उसके साथियों को तलाश रही है। पुलिस द्वारा जल्द ही, गिरोह को दबोचने का दावा किया जा रहा है।
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धर्मांतरण पर बड़ी कार्रवाई: मां-बेटी को गिरफ्तार कर भेजा जेल
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी में कथित धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने मां-बेटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि धर्मांतरण कर दूसरा धर्म अपनाने पर नौकरी, एक लाख रुपये, मुफ्त शिक्षा और इलाज का लालच दिया गया। वहीं शिकायत कर्ता के वकील पुष्पराज सिंह ने न्यायालय पहुंचकर दोनों महिलाओं की जमानत पर आपत्ति पेश की तो वहीं न्यायालय ने दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया।
बता दें कि सीधी में धर्मांतरण का खेल बड़े जोरों पर जारी है। जहां एक ऐसा ही ताजा मामला जमोड़ी थाना क्षेत्र से निकल कर आया है, जहां पीड़ित शिकायतकर्ता ने 12 अक्टूबर को पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दो महिलाओं ने उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया और धार्मिक पुस्तकें और तीन हजार रुपये भी दिए।
इसकी शिकायत पर पुलिस ने मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3,5 की धाराओं में मामला दर्ज कर बुधवार शाम दोनों को अभिरक्षा में ले लिया। आज गुरुवार को उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
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1.62 करोड़ की शराब बरामद, कैमरों की नजर से बचकर निकला ट्रक
आलीराजपुर। आलीराजपुर जिले के चांदपुर में 11 अक्टूबर को पकड़ी गई 1 करोड़ 62 लाख रुपए की शराब के मामले में कांग्रेस ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। 138 सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद शराब से भरे ट्रक के नानपुर और आलीराजपुर थाना क्षेत्रों से गुजरने पर हैरानी जताई। वहीं पुलिस अधीक्षक ने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस की लगातार कार्रवाई का हवाला दिया है।
पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल ने प्रेस वार्ता में कहा कि जिले के 27 संवेदनशील स्थानों पर 138 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके बावजूद शराब से भरा ट्रक कई थाना क्षेत्रों से होकर चांदपुर तक कैसे पहुंच गया? उन्होंने पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अवैध शराब की आवाजाही रोकने में प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
पटेल ने नानपुर और आलीराजपुर थाना क्षेत्रों सहित जिले के कई इलाकों में पुलिसकर्मियों पर कथित अवैध वसूली के आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि अवैध शराब और नशीले पदार्थों से भरे वाहन गुजरात की ओर जा रहे हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही पुलिस महानिदेशक से शिकायत करने और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।
पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह भदौरिया ने महेश पटेल के आरोपों को सरासर गलत बताया। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पिछले एक सप्ताह में दो बड़ी कार्रवाइयों के दौरान एक करोड़ रुपए से अधिक की शराब और गांजा पकड़ा गया है। एसपी ने कहा कि पुलिस अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
भोपाल। पत्नी और साली की हत्या के मामले में विशेष अदालत ने पुलिस के पूर्व सहायक उपनिरीक्षक योगेश मरावी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (ओएडब्ल्यू) सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के दो मामलों में दोषी ठहराते हुए प्रत्येक मामले में एक-एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
प्रतिबंधित आकार-प्रकार का 10 इंच का चाकू रखने के मामले में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 के तहत तीन साल का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड भी सुनाया गया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि मेघा पर लगभग 56 और विनीता पर लगभग 12 वार किए गए थे।
अभियोजन के अनुसार, तीन दिसंबर 2024 को मृतक महिलाओं की भांजी आर्या मंडावी ने ऐशबाग थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि सुबह करीब साढ़े दस से 11 बजे के बीच घर में काम करने वाली सेवंती का फोन आया। सेवंती ने कहा कि वह मेघा उइके के घर पहुंची थी, तभी योगेश मरावी चाकू लेकर अंदर घुसा और उसे रोककर दरवाजा बंद कर लिया।
कुछ देर बाद घर से बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनाई दीं। आर्या स्वजन के साथ घर पहुंची तो दरवाजा बाहर से बंद था। अंदर मेघा और विनीता के शव कमरे के फर्श पर मिले। दोनों के पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू के गहरे घाव थे और वहां काफी खून फैला था।
पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच की। जांच में आरोपित गिरफ्तार हुआ। उसके पास से सुसाइड नोट मिला, जबकि घटनास्थल से चाकू और सीसीटीवी फुटेज जब्त किए गए। दस्तावेजी, फोरेंसिक और इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों तथा गवाहों के बयानों पर विचार के बाद अदालत ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
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खौफनाक वारदात: पति को ऑडियो-वीडियो भेजना एक्स बॉयफ्रेंड को पड़ा भारी, महिला ने धारदार हथियार से किए 8-9 वार
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ कंपू थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक महिला ने अपने एक्स बॉयफ्रेंड पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खौफनाक वारदात में युवक बुरी तरह जख्मी हो गया है, जिसे लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, घायल युवक की पहचान धर्मेंद्र प्रजापति के रूप में हुई है, जो कंपू थाना क्षेत्र के ललितपुर कॉलोनी में किराए के मकान में रहता है। बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र ने महिला के पति को कुछ ऑडियो और वीडियो भेज दिए थे, जो इस पूरे विवाद और हमले की मुख्य वजह बने। इसी बात से गुस्से में आकर महिला सीधे धर्मेंद्र के घर जा पहुंची और वहां उस पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमला इतना भयानक था कि धारदार हथियार के वार से धर्मेंद्र प्रजापति के शरीर पर 8 से 9 गंभीर और गहरे घाव आ गए। घटना के बाद आरोपी महिला मौके से फरार होने की फिराक में थी, जबकि लहूलुहान हालत में पड़े धर्मेंद्र को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
सूचना मिलते ही कंपू थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस महिला से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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टीटीई अब पहनेंगे बॉडी कैमरेः यात्रियों से विवाद और बहस की हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों और टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) के बीच होने वाले विवादों पर अंकुश लगाने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब भोपाल मंडल के टीटीई अपनी बॉडी पर कैमरे पहनकर टिकट चेकिंग करेंगे, जिससे दोनों पक्षों के बीच होने वाली हर बातचीत और गतिविधि पूरी तरह रिकॉर्ड हो सकेगी।प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोपाल मंडल प्रशासन ने टिकट चेकिंग स्टाफ के लिए 56 बॉडी वियरिंग कैमरों (Body Worn Cameras) का आधिकारिक ऑर्डर दे दिया है। इन कैमरों के आने के बाद रेलवे कर्मचारियों और यात्रियों के बीच होने वाली बहसों या विवादों की सच्चाई कैमरे में कैद हो जाएगी।अक्सर टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों और टीटीई के बीच अवैध वसूली, दुर्व्यवहार या अन्य बातों को लेकर विवाद और झूठी शिकायतें सामने आती हैं। इन कैमरों के लग जाने से किसी भी शिकायत की जांच के दौरान घटनाक्रम की वास्तविकता और दोनों पक्षों की बात की पुष्टि करना बेहद आसान हो जाएगा।रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस आधुनिक पहल से टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पूरी तरह पारदर्शिता आएगी। इससे न केवल कर्मचारियों के साथ होने वाले अभद्र व्यवहार पर रोक लगेगी, बल्कि यात्रियों को भी न्यायसंगत और पारदर्शी माहौल मिलेगा। जल्द ही ये बॉडी कैमरे भोपाल मंडल के टीटीई को उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिसके बाद चेकिंग स्टाफ पूरी तरह डिजिटल और हाई-टेक निगरानी के दायरे में काम करेगा।
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शहडोल। मध्यप्रदेश के शहडोल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां इलाज कराने पहुंचे अनूपपुर जिले के एक मरीज को कथित तौर पर अस्पताल की ओपीडी में बंद कर दिया गया। मरीज घंटों तक कमरे में कैद रहा और बाहर निकलने के लिए मदद की गुहार लगाता रहा। काफी देर बाद जब सुरक्षा गार्ड की नजर उस पर पड़ी, तब कहीं जाकर कमरा खुला और मरीज को बाहर निकाला गया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी... अपराध
टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में क्रूरता की सारी हदें पार करने की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं को शर्मसार करती दिखाई दे रही है, जिसमें दो लोग, एक मृत गाय के शव को लोडर वाहन से बांधकर सड़क पर घसीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद लोगों में काफी आक्रोश है।दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें मृत गाय को गाड़ी से बांधकर घसीटते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो टीकमगढ़ शहर के सागर हाईवे मार्ग के... गुना सिटी
17 October 2026
गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले के एक छात्र ने पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना को चूना लगा दिया। छात्र ने स्नातकोत्तर की शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) जाने के नाम पर 37 लाख रुपये की छात्रवृत्ति ली, लेकिन पढ़ाई करने गया ही नहीं। एक साल बाद विभाग ने छात्र के विरुद्ध एफआइआर कराई है।गुना कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव ने बताया कि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की ओर से की गई शिकायत के आधार पर एफआइआर की गई... फोटो गैलरी
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