This website uses cookies to ensure you get the best experience on our website.

ADD-n.jpg

 

 

 

अमरवाड़ा। करोड़पति बनने और तंत्र-मंत्र के चक्कर में वन्यजीव तस्करों द्वारा राष्ट्रीय पशु बाघ के शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हर्रई में करीब एक महीने पहले तस्करों ने बाघ का शिकार कर उसके अंगों की तस्करी की पूरी बिसात बिछा ली थी।
पूर्व वन मंडल अधिकारी (DFO) स्वरूप दीक्षित ने बताया कि जैसे ही विभाग को बाघ के शिकार और उसके अवशेष बेचने की भनक लगी, वन विभाग ने एक अनोखी रणनीति अपनाई। विभाग के कुछ कर्मचारियों को नकली ‘सौदागर’ बनाकर आरोपियों के पास भेजा गया। तस्करों ने शुरुआत में बाघ की खाल और अन्य अंगों के बदले 1 करोड़ रुपये की मोटी रकम मांगी थी लेकिन बातचीत के बाद सौदा 30 लाख रुपये में तय हुआ। जैसे ही डील पक्की होने का इशारा मिला, वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर चारों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद जब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उनकी निशानदेही पर वन अमले ने नरसिंहपुर जिले के करेली रेंज के जंगलों में जाकर गड्ढा खुदवाया। आरोपी शिकार के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बाघ के बचे हुए अवशेषों को वहां जमीन में दफन कर चुके थे, जिन्हें वन विभाग ने बरामद कर लिया है।
इस पूरी बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने में एसडीओ (SDO) अनादि बुधोलिया और रेंजर कीर्ति बाला गुप्ता ने अपनी टीम के साथ मुख्य भूमिका निभाई। डीएफओ स्वरूप दीक्षित ने इस बड़ी सफलता पर खुशी जताते हुए ऐलान किया है कि वन्यजीव तस्करों के इस खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश करने वाली पूरी टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। फिलहाल पुलिस और वन विभाग इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि इस शिकार के पीछे कहीं “धन वर्षा” और “तंत्र-मंत्र” का कोई बड़ा रैकेट तो काम नहीं कर रहा था।

---------------------------------
प्रतिबंध के बावजूद दौड़ते रहे कोयला लदे वाहन, कलेक्टर ने अडानी समेत 6 कंपनियों पर FIR के आदेश दिए
सिंगरौली। जिले में कोयला परिवहन पर लगाए गए प्रशासनिक प्रतिबंध की खुलेआम अवहेलना करने के मामले में कलेक्टर गौरव बैनल ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रतिबंधित अवधि के दौरान कोयला परिवहन किए जाने पर एपीएमडीसी, टीएचडीसी, अडानी लॉजिस्टिक्स, अडानी एंटरप्राइजेज, एसीसी लिमिटेड तथा सृष्टि लॉजिस्टिक्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में संबंधित वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट भी निरस्त किए जाएंगे।
जानकारी के अनुसार, जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर द्वारा 22 मई 2026 को आदेश जारी कर 23 मई सुबह 6 बजे से 24 मई दोपहर 12 बजे तक सड़क मार्ग से कोयला एवं फ्लाई ऐश के परिवहन पर रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद प्रतिबंधित अवधि में कई कोयला लदे वाहन सरई और बरगवां क्षेत्र में संचालित होते पाए गए।
तहसीलदार बरगवां की जांच रिपोर्ट के मुताबिक 23 मई को सुबह लगभग 9 बजे चार कोयला लदे वाहनों को सरई, झुरही और उज्जैनी मार्ग से ग्राम मझौली स्थित रेलवे साइडिंग की ओर जाते समय पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि ये वाहन प्रतिबंध के बावजूद करीब 60 किलोमीटर का सफर तय कर चुके थे और लगभग दो घंटे तक परिवहन कार्य में लगे रहे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने संबंधित परियोजनाओं और परिवहनकर्ताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने आदेश उल्लंघन को कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में नियमों के उल्लंघन पर बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
-----------------------------------
मंदसौर SP की कार्रवाई: जनप्रतिनिधियों से विवाद के बाद दो आरक्षक लाइन अटैच, दो पुलिसकर्मी निलंबित
मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस महकमे से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जिले में कानून व्यवस्था और अनुशासन को लेकर एसपी ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने अलग-अलग मामलों में लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर दो पुलिस आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है जबकि अन्य दो आरक्षकों को लाइन अटैच करने के आदेश जारी किए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार गरोठ थाना क्षेत्र में पदस्थ दो पुलिस आरक्षकों का स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जनप्रतिनिधियों के साथ अभद्र व्यवहार और विवाद की शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदसौर एसपी ने त्वरित एक्शन लिया और गरोठ थाने के दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया।
दूसरी बड़ी कार्रवाई भावगढ़ थाने में देखने को मिली है। यहां कर्तव्य के प्रति लापरवाही और अन्य गंभीर शिकायतों के चलते भावगढ़ थाने पर पदस्थ दो पुलिस आरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। मंदसौर एसपी ने इन दोनों ही मामलों से जुड़े आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस कप्तान की इस कड़े रुख ने साफ संदेश दे दिया है कि ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही या दुर्व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सतना। सतना में एक बुजुर्ग को कागजों में मृत दिखाकर उसके स्वामित्व की जमीन बेचने के मामले में कोठी पुलिस ने सगे भाइयों समेत निलंबित पटवारी के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि मूलत: कोठी निवासी ईश्वरदीन सोनी पिता चंदूलाल 85 वर्ष, मौजूदा समय में कामता टोला सतना में रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी, तीन पुत्र एवं एक पुत्री है। ईश्वरदीन के स्वामित्व में कोठी में कुल तीन किता 0.1680 हेक्टेयर पुश्तैनी भूमि है।
आरोप है कि उनकी जमीनों को हड़पने के लिए उनके भतीजे रामकरण सोनी और कताहुर सोनी पिता रामसुजान ने पार्षद से फर्जी पंचमाना रिपोर्ट बनवाते हुए तत्कालीन कोठी हल्का पटवारी प्रवीण सिंह से सांठगांठ कर उक्त आराजियातों का वारसाना-नामांतरण 12 जून 2025 को अपने नाम प्रमाणित करा लिया। इसके बाद छल पूर्वक हासिल की गईं सभी जमीन 9 लाख रुपए मूल्य में बेच दीं गईं।
उधर जब यह बात बुजुर्ग को पता चली तो उनके होश उड़ गए। हैरान-परेशान पीडि़त ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के समक्ष गुहार लगाई, तो उन्होंने फौरन जांच के निर्देश दे दिए। इस मामले पर प्रशासनिक पड़ताल में फर्जीवाड़ा सामने आने पर कोठी तहसीलदार सौरभ द्विवेदी ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मंगलवार को जांच प्रतिवेदन कोठी थाने में पेश किया, जिसके आधार पर आरोपी रामकरण सोनी, कताहुर सोनी और तत्कालीन हल्का पटवारी प्रवीण सिंह के खिलाफ (अपराध क्रमांक 159/26) बीएनएस की धारा 318(4) और 61 के तहत पंजीबद्ध कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
--------------------------------
इंदौर के व्यापारी से हुई 2 लाख की लूट का खुलासा, दोस्त ही निकला मास्टरमाइंड; 5 आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात को प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने पहले व्यापारियों की गतिविधियों पर नजर रखी और फिर मिर्च पाउडर फेंककर लूट की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने जल्द कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी फरार है।
इंदौर निवासी अभय कुमार सिंह ने माढ़ोताल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने दोस्त लखन चौरसिया के साथ व्यापार की उधारी लेने के लिए 6 जून को जबलपुर आया था। इंदौर में रहने वाला उसका दोस्त पीयूष पटेल, जो मूल रूप से जबलपुर का निवासी है, उसने अपने जीजा के घर रुकने की व्यवस्था करवाई थी। दोनों व्यापारी पाटन बायपास स्थित घर में रुके और अगले दिन उधारी की रकम लेने के लिए रवाना हुए।
दोनों व्यापारी बाइक से मझौली गांव पहुंचे, जहां से उधारी के 2 लाख रुपए प्राप्त किए। इसके बाद वे वापस जबलपुर लौट आए। इसी दौरान पीयूष पटेल ने फोन कर बताया कि उसका एक सामान किसी लड़के के जरिए भेजा जा रहा है, जिसे साथ ले आना है। एक युवक बाइक से पहुंचा और एक पैकेट देकर चला गया, जिसे अभय कुमार ने अपने पास रख लिया।
व्यापारी इंदौर लौटने की तैयारी कर रहे थे। तभी पैकेट लेकर आए युवक ने दोनों को बस स्टैंड छोड़ने की बात कही। दोनों व्यापारी उसकी बाइक पर बैठ गए। युवक उन्हें हाईवे की सर्विस रोड से ले जा रहा था। इसी दौरान पूरी योजना के तहत अन्य आरोपी भी आसपास मौजूद थे।
7 जून की शाम करीब 7:30 बजे स्कूटी पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे और व्यापारियों की आंखों में मिर्च पाउडर फेंक दिया। बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। व्यापारी कुछ समझ पाते उससे पहले बदमाशों ने चाकू की नोक पर बैग में रखे 2 लाख रुपए लूट लिए और फरार हो गए। हालांकि उनके साथ मौजूद राजेंद्र पटेल भी भागने लगा, लेकिन अभय और लखन ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के दौरान राजेंद्र पटेल भी संदिग्ध रूप से मौजूद था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि इंदौर में रहने वाले पीयूष पटेल के कहने पर ही पूरी वारदात को अंजाम दिया गया। उसने बताया कि इस साजिश में आलोक पांडे, रोहित उर्फ रोहन ठाकुर, शरद बेन और बृजेश उर्फ बिज्जू अन्ना भी शामिल थे। पुलिस ने कुछ ही घंटों में सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वारदात का मास्टरमाइंड पीयूष पटेल अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
----------------------------------
दो बच्चों वाले नियम पर सीएम मोहन यादव ने लगाई रोक, उठाया बड़ा कदम, दिये ये निर्देश
भोपाल. एमपी में सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दो बच्चों वाला नियम पूरी तरह समाप्त करने का आदेश दिया है. यह नियम वर्ष 2001 से लागू था और इसके तहत दो से अधिक संतान वाले लोग सरकारी भर्ती के लिए अयोग्य माने जाते थे. अब मोहन यादव सरकार ने इस पुराने प्रावधान को वापस ले लिया है.
सामान्य प्रशासन विभाग ने वर्ष 2001 में यह प्रावधान लागू किया था. इसके अनुसार, 26 जनवरी 2001 के बाद जिन उम्मीदवारों के दो से अधिक जीवित बच्चे हों, वे सीधी भर्ती के योग्य नहीं माने जाते थे. इतना ही नहीं, राज्य की सिविल सेवा आचार संहिता नियम 1965 के अंतर्गत दो से अधिक बच्चे होना सरकारी कर्मचारी के लिए कदाचार की श्रेणी में आता था. यानी नौकरी करने वाले कर्मचारी पर भी यह नियम लागू होता था.
हाल ही में मध्य प्रदेश में सेवा की सामान्य शर्तें नियम 2026 का मसौदा तैयार किया गया था. इसे आधिकारिक पोर्टल पर डाला गया और आम नागरिकों से 15 जून तक सुझाव मांगे गए थे. इस मसौदे में कई नए प्रावधानों के साथ-साथ पुराने दो बच्चों वाले नियम को भी शामिल कर लिया गया था, जिससे जनता में नाराजग़ी फैल गई.
मुख्यमंत्री का सख्त आदेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस विवाद पर तत्काल संज्ञान लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आधिकारिक पोर्टल से पुराना मसौदा तुरंत हटाया जाए.
2001 से चले आ रहे सभी संबंधित नियमों को रद्द किया जाए.
- नया और आधुनिक मसौदा तैयार किया जाए
-इस विषय पर कोई भी पुराना प्रावधान लागू नहीं रहेगा
इस फैसले से राज्य की सरकारी भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आएगा. अब तक बहुत से योग्य उम्मीदवार केवल इस नियम के कारण आवेदन नहीं कर पाते थे. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम संविधान की भावना के अनुरूप भी है, क्योंकि परिवार नियोजन एक निजी निर्णय है.
मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले का राज्यभर में स्वागत हो रहा है. रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे युवा वर्ग को अब बच्चों की संख्या की बाधा पार किए बिना सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा.

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप-1 (VDPV Type-1) मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। वायरस की पुष्टि होने के बाद जिले में विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि डूंडाहेड़ा स्थित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से लिए गए नमूनों की जांच में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप-1 पाया गया है। रिपोर्ट सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शहरी क्षेत्र के 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के अंतर्गत 160 टीमों को तैनात किया है। ये टीमें घर-घर जाकर पांच साल तक की उम्र के बच्चों की जांच कर रही हैं और उन्हें पोलियो की खुराक भी पिला रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, अभियान के तहत करीब सवा लाख बच्चों को चिन्हित किया गया है। इन बच्चों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी और यह देखा जाएगा कि कहीं उनमें पोलियो वायरस से जुड़े कोई लक्षण तो नहीं हैं। फिलहाल जिले में किसी भी बच्चे में इस वायरस से जुड़े लक्षण नहीं मिले हैं।
सीएमओ ने बताया कि पोलियो वैक्सीन में मौजूद कमजोर जीवित वायरस कुछ विशेष परिस्थितियों में बदलकर वैक्सीन-डिराइव्ड वायरस का रूप ले सकता है। इस बार वायरस की पुष्टि सीवेज सैंपल में हुई है, किसी व्यक्ति में नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सामान्य निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इससे पहले उत्तर प्रदेश के वाराणसी और मेघालय में भी वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियो वायरस की मौजूदगी दर्ज की जा चुकी है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग अतिरिक्त निगरानी और टीकाकरण अभियान चलाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक जरूर दिलाएं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और एहतियात के तौर पर व्यापक सर्वे और जांच अभियान चलाया जा रहा है।
----------------------------------
TMC का कांग्रेस में विलय? सोनिया गांधी का ममता को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का ऑफर, अभिषेक बनर्जी को पार्टी महासचिव
ममता बनर्जी अपने TMC को बचाने की जुगत में लगी हुई है और इसी कड़ी में 8 जून को इंडिया ब्लॉक की दिल्ली में मीटिंग के बाद सोनिया गांधी से भी अलग से मुलाकात की. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उदित राज ने तो यहां तक कह डाला कि राहुल गांधी को आप अपना नेता मान लें. अब खबर है कि TMC के कांग्रेस में विलय का ऑफर सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी को दे दिया है. इस सबके बदले उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष से नवाजा जाएगा.
ममता बनर्जी अपने TMC के अस्तित्व को बचाते बचते लगता है कि तृणमूल कांग्रेस को खत्म करने की कगार पर पहुंचा दिया है. इस बीच सोनिया गांधी ने टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी को बड़ा ऑफर दिया है.
TMC को बचाने की जुगत बंगाल से लेकर दिल्ली तक चल रही है. TMC में जारी उठापटक के बीच अब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी मैदान में उतर आए हैं. ममता बनर्जी के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने अपना अलग गुट तैयार कर लिया. बुधवार सुबह डेरेक ओ ब्रायन और अभिषेक बनर्जी राहुल गांधी से मिलने पहुंचे. यह मुलाकात ममता बनर्जी और कांग्रेस की सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी की मुलाकात के अगले ही दिन हुआ है.
TMC से विधायकों के अलग गुट तैयार कर लेने के बाद दिल्ली में भी करीब 20 सांसद टीएमसी से अलग हो गए. इस बीच कांग्रेस की सुप्रीम लीडर सोनिया गांधी ने टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी को बड़ा ऑफर दिया है.
कांग्रेस की सुप्रीम लीडर ने ममता बनर्जी को TMC के कांग्रेस में विलय का ऑफर दिया है. उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी का विलय कर दें, इसके बदले में उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाएगा. सोनिया गांधी ने ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी को भी पार्टी महासचिव का पद दिए जाने का ऑफर दिया है.
इधर टीएमसी में जारी भगदड़ के बीच अटकलें लगाई जा रही हैं कि टीएमसी का कांग्रेस में विलय हो सकता है. अभी वर्तमान में दिल्ली में टीएमसी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद हैं.
-------------------------------------
एल्विश यादव ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के जवाब में बनाई ‘खरगोश जनता पार्टी’, बोले- बहस नहीं, पेस्ट कंट्रोल जरूरी
यूट्यूबर एल्विश यादव (Elvish Yadav) एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। हाल ही में उन्होंने कथित तौर पर “कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party)” का मजाक उड़ाते हुए पोस्ट किए थे, जिसके बाद उनका नया वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। इसी क्रम में एल्विश ने अब मजाकिया अंदाज़ में एक नई तथाकथित “पार्टी” की घोषणा कर दी है, जिसका नाम उन्होंने “खरगोश जनता पार्टी” (Khargosh Janata Party) बताया है। इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक डिजिटल पोस्टर भी साझा किया, जो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा- “सारे भाई जंतर-मंतर पहुंच जाओ, सबको फ्री गाजर मिलेगी!”
मामला तब शुरू हुआ जब उन्होंने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा कि वे “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” के सदस्यों से बहस नहीं करते और “डिबेट से बेहतर पेस्ट कंट्रोल काम करता है।”उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई यूजर्स ने इस बयान को आपत्तिजनक बताते हुए इसे सीधे तौर पर धमकी भरे और असंवेदनशील भाषा के रूप में लिया।पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों ने एल्विश यादव को लेकर अलग-अलग राय रखी कुछ यूजर्स ने इसे व्यंग्य और मजाक बताया, जबकि कई ने इस तरह की भाषा के इस्तेमाल पर सवाल उठाए और आलोचना की।
विवाद तब और गहरा गया जब एल्विश यादव ने एक और पोस्ट साझा करते हुए “कॉकरोच जनता पार्टी” के जवाब में अपनी एक काल्पनिक “खरगोश जनता पार्टी” का डिजिटल पोस्टर और मैनिफेस्टो जारी किया। इस मैनिफेस्टो में उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा गाजर हमारा हक, स्पीड हमारी पहचान है… खरगोश एकता जिंदाबाद! तेज दिमाग, लंबे कान, सबका विकास गाजर के साथ।” इसके साथ ही उन्होंने कैप्शन में लिखा “सारे भाई जंतर-मंतर पहुंच जाओ, सभी को मुफ्त गाजर मिलेगी। उनके इस पोस्ट को कई लोग व्यंग्य और मनोरंजन के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे लेकर आपत्ति भी जता रहे हैं। मामला अब लगातार ऑनलाइन बहस का विषय बना हुआ है, जहां समर्थक और आलोचक दोनों ही अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
विवाद बढ़ने पर एल्विश यादव ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर इस पूरे मामले पर सफाई भी दी। हालांकि, इससे पहले ही उनका पोस्ट X (पूर्व ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो चुका था और कुछ ही घंटों में इसे 20 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचने की बात सामने आई। इस बीच सोशल मीडिया यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने इसे केवल व्यंग्य और मजाक बताया, जबकि कई यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए उनकी सार्वजनिक चुप्पी और अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
स्थिति बिगड़ने पर एल्विश यादव ने एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की। इस वीडियो में उन्होंने ट्रोलर्स को जवाब देते हुए अपने बयान और पोस्ट को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में बताया। उन्होंने कहा, “देश में हर नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मिली हुई है। मुझे भी बोलने की पूरी आजादी है और मैं बस अपनी बात रख रहा हूं।”
उनकी इस सफाई के बाद भी सोशल मीडिया पर बहस थमी नहीं है। एक वर्ग इसे अभिव्यक्ति का अधिकार बता रहा है, जबकि दूसरा वर्ग उनके कंटेंट और भाषा पर सवाल उठाता नजर आ रहा है। फिलहाल यह मामला लगातार ऑनलाइन चर्चा में बना हुआ है।“खरगोश जनता पार्टी” से जुड़े पोस्ट और टिप्पणियों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दो धड़ों में बंट गया है। एक तरफ उनके समर्थक और फैंस उनके पक्ष में उतर आए हैं और इसे केवल सोशल मीडिया सटायर और मनोरंजक कंटेंट बता रहे हैं। उनका कहना है कि इसे गंभीर राजनीतिक या विवादित मुद्दे की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ आलोचक इस पूरे घटनाक्रम को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए उनकी भाषा और सोशल मीडिया व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं।

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के मंदिर में नियमों और सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखाने का एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। यहां एक युवक सुपरहिट फिल्म 'पुष्पा-2' में अभिनेता अल्लू अर्जुन द्वारा रचित साड़ी और मेकअप वाले गेटअप में बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचा। इस अनोखे पहनावे वाले युवक को देखकर जहां आम श्रद्धालु हैरान थे, वहीं मंदिर की सुरक्षा में तैनात गार्ड और कर्मचारी नियमों को भूलकर उसके साथ सेल्फी और वीडियो बनवाने में मशगूल हो गए। हालांकि, मामला तूल पकड़ने और वीडियो वायरल होने के बाद पुष्पा प्रबंधन ने सख्त कार्रवाई करते हुए सुपरवाइजर को हटा दिया है।
वायरल वीडियो और जानकारी के मुताबिक, युवक हूबहू फिल्म 'पुष्पा' के गेटअप में था। उसने साड़ी-ब्लाउज पहन रखा था, पैरों में पायल, गले में नींबू की माला और हार, कानों में टॉप्स, नाक में नथनी और हाथों में चूड़ियां पहन रखी थीं। इस अजीबोगरीब वेशभूषा के बावजूद उसे रोकने के बजाय मंदिर के कर्मचारियों ने उसे विशेष प्रोटोकॉल दिया।
हैरानी की बात यह रही कि जहां आम श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन के लिए घंटों कतार में लगना पड़ता है, वहीं इस युवक को सामान्य लाइन से हटाकर विशेष सुविधा के साथ प्रवेश दिया गया। मंदिर का ही एक कर्मचारी उसे वीआईपी श्रद्धालु की तरह गाइड करते हुए सीधे गणेश मंडपम तक दर्शन कराने ले गया। इस दौरान युवक ने मंदिर परिसर के भीतर अलग-अलग हिस्सों में घूम-घूमकर कई वीडियो और रील्स भी बनाईं।
पुष्पा के गेटअप में आए युवक अंकित अस्टोलिया ने सोशल मीडिया पर महाकाल मंदिर में बनाया गया उक्त वीडियो पोस्ट कर दिया। देखते ही देखते 56 हजार व्यूज आ गए।
आपको बता दें, कि महाकाल मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल ले जाने, फोटोग्राफी करने और वीडियो बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इस नियम का पालन कराने की जिम्मेदारी जिन सुरक्षाकर्मियों और समिति के कर्मचारियों पर है, वे खुद ही युवक के साथ फोटो खिंचवाते और वीडियो बनाते नजर आए।
सुरक्षा व्यवस्था में लगी इस बड़ी चूक और वीआइपी ट्रीटमेंट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मंदिर प्रशासन में हड़कंप मच गया। मंदिर में वीआइपी दर्शन और नियमों के उल्लंघन को लेकर खड़े हुए विवाद के बाद, महाकाल मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित क्षेत्र के सुपरवाइजर को पद से हटा दिया है। इसके साथ ही मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

--------------------------------------
उप जेल से कैदी फरार: निर्माण कार्य में लगी सीढ़ी से दीवार फांदकर भागा, रेप केस में था बंद
भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले की गोहद उपजेल से एक कैदी फरार हो गया। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य में लगी सीढ़ी से 16 फीट ऊंची दीवार फांदकर भाग निकला। आरोपी पॉक्सो एक्ट में जेल में बंद था। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। फिलहाल पुलिस फरार कैदी की तलाश में जुटी हुई है।
भिंड की गोहद उपजेल में उस समय हड़कंप मच गया, जब कैदियों की गिनती की जा रही थी। इस दौरान एक कैदी के भागने का खुलासा हुआ। बताया जा रहा है कि अनिल जाटव नामक कैदी जेल में निर्माण कार्य में लगी सीढ़ी से कूदकर भाग निकला। वह पॉक्सो एक्ट में 8 महीने से जेल में बंद था। कैदी के फरार होने की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
इस घटना की जानकारी संबंधित थानों को सूचना दे दी गई है। फिलहाल गोहद थाना पुलिस घटना की जांच और सुरक्षा चूक के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। इसके साथ ही फरार कैदी को पकड़ने के लिए जगह-जगह दबिश दी जा रही है। पुलिस अफसरों ने जल्द ही कैदी को गिरफ्तार करने का दावा किया है, लेकिन इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
----------------------------------
कुबेरेश्वरधाम में बवाल: पंडित प्रदीप मिश्रा के इस फैसले के खिलाफ भड़के व्यापारी, अनिश्चितकालीन धरना शुरू
इछावर। आस्था के बड़े केंद्र कुबेरेश्वरधाम से एक बेहद चौंकाने वाली और आक्रोशित करने वाली खबर सामने आ रही है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र में अब दुकानदारों के पेट पर लात मारने का खेल शुरू हो गया है। पंडित प्रदीप मिश्रा के एकतरफा और कथित तानाशाही फैसले के विरोध में आज धाम के बाहर सैकड़ों छोटे-बड़े व्यापारी सड़क पर उतर आए हैं और उग्र धरने पर बैठ गए हैं।
​मामला कुबेरेश्वरधाम के गेट नंबर 1 और गेट नंबर 2 को अचानक बंद किए जाने का है। इन दोनों मुख्य द्वारों को बंद करने से इसके आसपास दुकान लगाने वाले स्थानीय दुकानदारों की रोजी-रोटी पूरी तरह ठप हो गई है। ग्राहकी शून्य होने से भड़के व्यापारियों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
लोगों का आरोप है कि उन्होंने कुबेरेश्वरधाम के भरोसे, कर्ज लेकर और अपनी जमा-पूंजी लगाकर यहाँ दुकानें खोली थीं। लेकिन प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना या ठोस वजह के गेट नंबर 1 और 2 पर ताला जड़ दिया। लोग कह रहे है कि प्रदीप मिश्रा व्यासपीठ से तो बड़े-बड़े प्रवचन देते हैं, लेकिन जमीन पर गरीब दुकानदारों के पेट पर लात मार रहे हैं। गेट बंद होने से हमारी दुकानें कबाड़ बन गई हैं। हमारे बच्चे भूखे मरने की कगार पर हैं।
व्यापारियों का कहना है कि सीहोर के स्थानीय लोगों ने कुबेरेश्वरधाम को खड़ा करने और यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। लेकिन आज जब धाम का नाम बड़ा हो गया, तो स्थानीय छोटे व्यापारियों को ही दरकिनार किया जा रहा है। गेट नंबर 1 और 2 बंद होने से श्रद्धालुओं का आवागमन दूसरे रास्तों से कर दिया गया है, जिससे इन गेटों के सामने सन्नाटा पसरा है। कई दुकानदारों ने सीजन को देखते हुए लाखों रुपये का सामान भरा था, जो अब सड़ने की कगार पर है। व्यापारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक दोनों गेटों को दोबारा नहीं खोला जाता, तब तक उनका यह उग्र धरना प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
इस पूरे बवाल पर पंडित प्रदीप मिश्रा और कुबेरेश्वरधाम समिति की चुप्पी स्थानीय जनता और व्यापारियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। आखिर किसके इशारे पर और किस फायदे के लिए इन दो गेटों को बंद किया गया? क्या धाम प्रशासन सिर्फ बड़े चढ़ावे और रसूखदारों की परवाह करता है?
इस संबंध में वितलेश सेवा समिति के समीर शुक्ला का कहना है कि आगामी कावड़ यात्रा की तैयारी को लेकर कारीडोर बनाने का काम चल रहा हैं इसलिए गेट बंद किया है।

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां स्वास्थ्य विभाग के दो शीर्ष अधिकारियों पर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) के खिलाफ औपचारिक रूप से जांच प्रकरण दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के इन दोनों बड़े अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से गंभीर शिकायतें लोकायुक्त को मिल रही थीं। शुरुआती गोपनीय तफ्तीश और साक्ष्यों के आधार पर लोकायुक्त संगठन ने मामले को बेहद गंभीर माना है। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने दोनों ही जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद से समूचे स्वास्थ्य महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त के सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग और वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। मामले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लोकायुक्त की विशेष टीम अब विभाग से जुड़े अहम दस्तावेजों, फाइलों और टेंडर्स की बारीकी से स्क्रूटनी (जांच) कर रही है। पुलिस और लोकायुक्त की टीमें जल्द ही इस मामले में संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर सकती हैं। आने वाले दिनों में कुछ और चौकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
---------------------------------
जनसुनवाई में तराजू लेकर पहुंचीं पार्षद: आवेदन का वजन पहुंचा 700 ग्राम, सड़क के लिए लंबे समय से कर रहीं संघर्ष
सतना। मध्य प्रदेश के सतना नगर निगम के वार्ड क्रमांक 17 की महिला पार्षद ऊषा गंगा कुशवाहा ने अनोखे अंदाज में अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि मुक्तिधाम जाने वाले आम रास्ते से अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा। इसके लिए कई बार आवेदन दिया, जिसकी सांख्य नहीं बता सकती, इसलिए आवेदनों का वजन कर बता रही हूं।
उन्होंने बताया कि आवेदनों का वजन करीब 700 ग्राम तक पहुंच चुका है। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस बात पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर को पत्र सौंपकर धरने पर बैठ गईं। पार्षद पति गंगा का कहना है कि पिछले चार वर्षों से वह लगातार आवेदन और निवेदन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
कलेक्टर को संबोधित पत्र में पार्षद ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के समीप स्थित मुक्तिधाम तक पहुंचने वाले मार्ग पर दो लोगों द्वारा कथित रूप से अतिक्रमण कर लिया गया है। इसके कारण आम लोगों को मुक्तिधाम तक पहुंचने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि 15 नवंबर 2025 को एक आदिवासी परिवार की महिला की मृत्यु होने पर मुक्तिधाम तक रास्ता नहीं होने के कारण बीच मोहल्ले में ही अंतिम संस्कार करना पड़ा था। इस घटना के बाद मामला सार्वजनिक रूप से उठाया गया और प्रशासन ने स्थल निरीक्षण भी कराया, लेकिन आगे कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
पार्षद का आरोप है कि अधिकारियों ने निरीक्षण तो किया, लेकिन अतिक्रमण हटाने की दिशा में कदम नहीं उठाए गए और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा दिए गए आवेदनों और प्रशासन के निर्देशों की केवल औपचारिकता निभाई गई है। पत्र में पार्षद ने स्पष्ट किया है कि उनका पत्र किसी प्रकार की धमकी नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि के रूप में जनता की समस्या को लेकर व्यक्त की गई पीड़ा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जब जनता की जायज मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब धरना-प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है। उनका कहना है कि वह अपने निजी हित के लिए नहीं, बल्कि वार्डवासियों और मुक्तिधाम तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। पार्षद ने कलेक्टर से मांग की है कि मुक्तिधाम के आम रास्ते से शीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए, अन्यथा उन्हें कलेक्ट्रेट के सामने धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
--------------------------------------
बिजली चोरी का प्रकरण बनाना JE को पड़ा महंगा, महिला और उसके साथियों ने घूंसों से पीटा
सागर। खुरई में बिजली चोरी के मामले में की गई विभागीय कार्रवाई विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर को भारी पड़ गई। बिजली चोरी का प्रकरण दर्ज किया जाना एक महिला को इतना नागवार गुजरा की वो अपने परिचित अधिवक्ता और दो अन्य लोगों के साथ विद्युत विभाग पहुंच गई। सभी ने जूनियर इंजीनियर के कक्ष में घूसकर अधिकारी को पहले कुर्सी से उठाया और फिर उनपर हमला बोलते हुए पिटाई शुरू कर दी। मामले में शहरी थाना पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर कैलाश बेलदार ने आवास कॉलोनी निवासी मेवा लोधी के खिलाफ बिजली चोरी का प्रकरण बनाया था। आरोप लगाए गए थे कि महिला मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रही थी। बिजली विभाग की यह कार्रवाई महिला को नागवार गुजरी और अपने साथियों अधिवक्ता संतोष सिंह, नरेंद्र कुर्मी और एक अन्य युवक के साथ बिजली ऑफिस जा पहुंची।
आरोप है कि कार्यालय पहुंचते ही अधिवक्ता संतोष सिंह ने जूनियर इंजीनियर कैलाश बेलदार को पकड़कर कुर्सी से उठाया। फिर साथ आए सभी लोगों ने मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। अचानक हुई इस घटना से कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
महिला व उनके परिचितों द्वारा पिटाई किए जाने के दौरान हुए शोर शराबे को सुनकर साथी कर्मचारी जूनियर इंजीनियर के कक्ष में पहुंचे और बीचबचाव किया। अन्य कर्मचारियों की समझाइश और हस्तक्षेप के बाद हमलावर शांत हुए और कक्ष से बाहर निकले।
घटना के बाद पीड़ित जूनियर इंजीनियर कैलाश बेलदार ने शहरी थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने तथा एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रमुख समाचार

दिल्ली से सटे गाजियाबाद में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस टाइप-1 (VDPV Type-1) मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। वायरस की पुष्टि होने के बाद जिले में विशेष निगरानी अभियान शुरू कर दिया गया है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सचिन कुमार ने बताया कि डूंडाहेड़ा स्थित एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) से लिए गए नमूनों की जांच में वैक्सीन-डिराइव्ड पोलियोवायरस...

मध्य प्रदेश

अमरवाड़ा। करोड़पति बनने और तंत्र-मंत्र के चक्कर में वन्यजीव तस्करों द्वारा राष्ट्रीय पशु बाघ के शिकार का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हर्रई में करीब एक महीने पहले तस्करों ने बाघ का शिकार कर उसके अंगों की तस्करी की पूरी बिसात बिछा ली थी।पूर्व वन मंडल अधिकारी (DFO) स्वरूप दीक्षित ने बताया कि जैसे ही विभाग को बाघ के शिकार और उसके अवशेष बेचने की भनक लगी, वन विभाग ने एक अनोखी रणनीति अपनाई। विभाग के कुछ कर्मचारियों को...

अपराध

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां स्वास्थ्य विभाग के दो शीर्ष अधिकारियों पर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) और जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) के खिलाफ औपचारिक रूप से जांच प्रकरण दर्ज कर लिया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग के इन दोनों बड़े अधिकारियों के खिलाफ लंबे समय से गंभीर शिकायतें...
More inअपराध  

गुना सिटी

गुना। (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने दोनों मामलों में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुना जिले के धरनावदा थाना क्षेत्र अंतर्गत एक व्यक्ति के द्वारा विद्युत पोल काटने पर मामला पंजीवद्ध किया गया है। वहीं विजयपुर थाना अंतर्गत दौराना में एक व्यक्ति के घर में ताला तोड़कर सोने चांदी के जेवर, मोबाइल सहित नगदी व कीमती सामान चोरी होने पर भी मामला पंजीबद्ध कर जांच...

फोटो गैलरी

35,10,0,50,1
25,600,60,1,300,200,25,800
90,150,1,50,12,30,50,1,70,12,1,50,1,1,1,5000
0,2,1,0,2,40,15,5,2,1,0,20,0,1
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
पूजा स्थल मे गरिमा
पूजा स्थल मे गरिमा