ग्वालियर। मध्य प्रदेश के डबरा शहर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। डबरा शहर के ग्वालियर रोड पर संचालित हो रहे एक स्पा सेंटर में अनैतिक कार्य (सेक्स रैकेट) चलाए जाने की पुख्ता सूचना पर रविवार देर रात पुलिस ने अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान स्पा सेंटर से दो लड़के और एक नाबालिग लड़की बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया है, जबकि उत्तर प्रदेश की रहने वाली नाबालिग लड़की को महिला पुलिस सुरक्षा के साथ उसके घर के लिए रवाना कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, डबरा के ग्वालियर रोड पर ‘कियोरा स्पा’ के नाम से स्पा सेंटर संचालित हो रहा था। सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इस स्पा सेंटर की आड़ में अवैध और अनैतिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। थाना प्रभारी ने तत्काल इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद निर्देश मिलते ही एसडीओपी सौरभ कुमार और थाना प्रभारी संजय शर्मा भारी पुलिस बल के साथ देर रात मौके पर पहुंच गए।
पुलिस टीम ने जब स्पा सेंटर के अंदर जाकर जांच की, तो वहां हड़कंप मच गया। मौके पर दो युवक और एक किशोरी मौजूद मिले। पूछताछ में पता चला कि मौके पर मिली लड़की नाबालिग है और उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। मानव तस्करी और सुरक्षा के गंभीर पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने फौरन मुस्तैदी दिखाई और नाबालिग को महिला पुलिस बल की सुरक्षा में उसके घर भिजवाया।
वहीं, मौके से पकड़े गए दोनों युवकों में से एक कानपुर(यूपी) का रहने वाला बताया जा रहा है, जबकि दूसरा स्थानीय डबरा का निवासी है। पुलिस दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले आई है और उनसे अनैतिक गतिविधियों के संबंध में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
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खेत से युवक का फिल्मी अंदाज में अपहरणः कट्टे के बट और डंडों से पीटा, 1 लाख की फिरौती मांगी
डबरा। ग्वालियर जिले के डबरा अनुभाग अंतर्गत पिछोर थाना क्षेत्र से दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। गढ़ी गांव में खेत पर काम कर रहे एक युवक का आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने हथियारों के बल पर अपहरण कर लिया। बदमाशों ने गाड़ी में डालकर युवक के साथ कट्टे के बट और डंडों से बर्बरतापूर्वक मारपीट की तथा परिजनों से एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों द्वारा तुरंत पुलिस को सूचना दिए जाने पर पुलिस की बढ़ती दबिश देख आरोपी युवक को बदहवास हालत में छोड़कर फरार हो गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना पिछोर थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ी की है। पीड़ित युवक रंजीत जाट अपने खेत पर काम कर रहा था। तभी अचानक पहुँचे आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने उसे जबरन गाड़ी में ठूंस लिया और अपने साथ ले गए। रास्ते में आरोपियों ने अवैध देशी अधिया कट्टे के बट और डंडों से रंजीत की बेरहमी से पिटाई कर दी। इस खूनी हमले में युवक का सिर फट गया तथा आँखों और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। बदमाशों ने युवक को बंधक बनाकर उसके परिजनों से एक लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
घटना के तुरंत बाद परिजनों ने पिछोर थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर घेराबंदी और दबिश शुरू कर दी। पुलिस की गाड़ियों की आहट और घेराबंदी की सूचना मिलते ही बदमाश घबरा गए और घायल युवक को रास्ते में छोड़कर मौके से फरार हो गए। परिजन आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल रंजीत को सिविल अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।
एसडीओपी डबरा सौरभ कुमार के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों का पूर्व में पीड़ित युवक के चाचा से विवाद और झगड़ा हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने रंजीत का अपहरण कर मारपीट की वारदात को अंजाम दिया। पिछोर थाना पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर आधा दर्जन से अधिक आरोपियों के खिलाफ अपहरण, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी और फिरौती मांगने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
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थाने का घेराव और पुलिस से बदतमीजीः जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा समेत 25 लोगों पर FIR दर्ज
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से एक बड़ी प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आई है। रावटी पुलिस थाने का घेराव कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से अभद्रता, अपशब्द और धमकाने के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी अमित कुमार के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा, दो स्थानीय सरपंचों तथा 20 से 25 अन्य समर्थकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल हुआ था जिसमें रावटी क्षेत्र के कुछ लोगों को कथित तौर पर नक्सली विचारधारा से प्रेरित बताते हुए चुनाव में उपद्रव मचाने की साजिश की बात कही गई थी और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई थी।इसी वायरल मैसेज से आक्रोशित होकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा अपने सहयोगियों और दो सरपंचों के साथ रावटी थाने पहुँच गए। उन्होंने समर्थकों के साथ थाने का घेराव कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मामले में जानकारी देते हुए रावटी थाना प्रभारी मनीष डाबर ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट से पुलिस का कोई सीधा संबंध नहीं था और न ही पुलिस द्वारा किसी विशेष समुदाय को टारगेट किया गया था।थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशु निनामा ने राजनीतिक लाभ और खुद को प्रमोट करने के उद्देश्य से इस मामले को बेवजह तूल दिया। प्रदर्शन के दौरान थाने के स्टाफ के साथ अभद्रता की गई और अमर्यादित व अशोभनीय शब्दों का प्रयोग करते हुए पुलिसकर्मियों को धमकाया गया।
थाने का घेराव करने और शासकीय कार्य में बाधा डालने पर पुलिस ने कठोर कानूनी कदम उठाया है। पुलिस ने केशु निनामा और उनके सहयोगियों के खिलाफ BNS की धारा 126(2) और 121(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। भविष्य में इस प्रकार की कानून-विरोधी हरकतों की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए आरोपियों को कानूनी रूप से बाउंड ओवर (पाबंद) भी कराया जाएगा। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से जिले में अराजकता फैलाने वालों को कड़ा संदेश गया है।
मध्य प्रदेश में अक्टूबर के आखिरी दिनों में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम के असर से प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इसका असर 29 अक्टूबर को करवा चौथ के दिन भी देखने को मिल सकता है। ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाओं को चांद के दीदार के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
29 अक्टूबर को इन जिलों में बारिश की चेतावनी
मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। वहीं, छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में 24 घंटे के दौरान ढाई से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है। अन्य जिलों में भी बादल छाने, गरज-चमक और आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
मौसम में इस बदलाव की वजह बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम को बताया जा रहा है। पूर्व-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र विकसित होकर डिप्रेशन में बदल गया है। इसके और मजबूत होने की संभावना है। इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में एक अन्य चक्रवाती परिसंचरण के भी मजबूत होने का अनुमान है। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने से मध्य भारत के मौसम पर असर पड़ सकता है। इसी सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के पूर्वी जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मध्य प्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। पिछले दिनों पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में आंधी और बारिश देखने को मिली। हालांकि शनिवार को कई इलाकों में बारिश थम गई थी। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, अक्टूबर में पिछले 10 साल के मौसम के आंकड़ों में बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की स्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी दिन में धूप और रात में ठंडक के साथ बारिश का दौर बना हुआ है।
इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश हुई।
वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा औसत से कम रहा। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश के 25 जिलों में मानसून के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इसके अलावा 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में इस साल कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही है। प्रदेश की सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।
मौसम विभाग के मुताबिक, जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से आंकड़े में सुधार आया, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक की स्थिति बनी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। इसी वजह से पूरे सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। अब अक्टूबर के आखिरी दिनों में सक्रिय हो रहे नए मौसमी सिस्टम से एक बार फिर बारिश की संभावना बन रही है।
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टायर फटने से पुलिया के नीचे गिरी कार, मंदिर से लौट रहे 4 दोस्तों की जिंदा जलकर मौत, 1 की हालत गंभीर
धार। धार जिले में सोमवार रात हुए एक भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया। सादलपुर थाना क्षेत्र के संगेशरा गांव में लोटस स्कूल के सामने एक मारुति स्विफ्ट कार अचानक पुलिया से नीचे जा गिरी। हादसे के बाद कार में आग लग गई और देखते ही देखते लपटों ने पूरे वाहन को घेर लिया। कार में पांच युवक सवार थे, जिनमें से चार की मौके पर ही मौत हो गई। पांचवां युवक गंभीर रूप से झुलस गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकलकर्मी और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया।
पांचों युवक सांवरिया सेठ मंदिर में दर्शन करने के बाद सागौर कुटी लौट रहे थे। रात करीब साढ़े 11 बजे उनकी कार संगेशरा गांव के पास पहुंची। इसी दौरान कार का टायर फट गया, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। कार पुलिया से नीचे गिर गई और कुछ ही देर में उसमें आग लग गई। आग तेजी से फैलने के कारण कार में बैठे युवकों को बाहर निकलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
इस हादसे में भीम पिता विक्रम, चेतन पिता जीवन धाकड़, आदित्य पिता संतोष तिवारी और अभिषेक पिता लक्ष्मण सोलंकी की मौत हो गई। बताया गया है कि सभी युवक धार जिले के सागौर और आसपास के इलाकों के रहने वाले थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बचाव कार्य में मुश्किल आई। चार युवकों की मौत की खबर से उनके परिवारों और परिचितों में शोक छा गया।
कार में सवार तुषार मंडलोई इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए। उनकी उम्र करीब 20 साल बताई गई है। हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह करीब 35 से 40 प्रतिशत तक झुलसे हैं। उनकी हालत को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया। परिवार के लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।
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आदिवासी छात्रों ने खोला मोर्चाः मूलभूत सुविधाओं के लिए 20 किमी पैदल चलकर पहुंचे जिला मुख्यालय, पीछे दौड़ती रहीं अफसरों की गाड़ियां
रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित सैलाना के आदर्श एकलव्य (मॉडल) स्कूल के छात्रों ने एक बार फिर बदहाल व्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर शासन-प्रशासन के खिलाफ हुंकार भरी है। सोमवार (26 अक्टूबर) की सुबह स्कूल के सैकड़ों आदिवासी छात्र हॉस्टल और स्कूल में व्याप्त समस्याओं से परेशान होकर पैदल ही सैलाना से रतलाम जिला मुख्यालय के लिए निकल पड़े। अधिकारी रास्ते में गाड़ियां दौड़ाकर बच्चों को मनाते रहे, लेकिन आक्रोशित छात्र नहीं माने और करीब 20 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर रतलाम पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सैलाना मॉडल स्कूल और हॉस्टल में काफी समय से पानी, भोजन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की किल्लत चल रही थी। बच्चों के अचानक सड़क पर उतरने की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। एसडीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारी अपनी गाड़ियों से बच्चों के पीछे दौड़ते रहे और उन्हें रास्ते में ही समझाकर वापस लौटाने का प्रयास करते रहे। हालांकि, जिद पर अड़े छात्र नहीं माने और सीधे रतलाम पहुँच गए।
सोमवार को शासकीय अवकाश होने के कारण बच्चे जिला मुख्यालय पर अधिकारियों से सीधे मुलाकात न हो पाने पर वापस सैलाना लौट गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत सहायक आयुक्त (आदिवासी विकास विभाग) को मौके पर जाकर समस्याओं का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
सैलाना का यह मॉडल स्कूल पहली बार विवादों में नहीं आया है। इससे पूर्व भी यहाँ की अव्यवस्थाओं को लेकर छात्र पैदल मार्च निकाल चुके हैं, तब अधिकारियों ने रास्ते में आश्वासन देकर उन्हें वापस भेजा था। छात्रा की आत्महत्या का मामला: कुछ समय पूर्व इसी स्कूल के हॉस्टल में एक छात्रा द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने की दुखद घटना घटी थी, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया था। बार-बार सामने आ रही इन घटनाओं से स्कूल प्रबंधन और हॉस्टल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिससे अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भारी असमंजस में हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं और इसके पीछे की मंशा पर दो बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय सुनवाई का दावा हवा-हवाई: जब जिला कलेक्टर अजय कटेसरिया द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी जनसुनवाई और समस्याओं का निराकरण स्थानीय उपखंड (सैलाना) स्तर पर ही हो, तो फिर सैलाना में इन मासूम बच्चों की बात क्यों नहीं सुनी गई?
रतलाम और आसपास के आदिवासी अंचलों में मासूम स्कूली बच्चों को ढाल बनाकर पैदल मार्च कराने का एक नया ट्रेंड देखा जा रहा है। हाल ही में पड़ोसी झाबुआ जिले के पेटलावद में एकलव्य विद्यालय के बच्चों को भड़काकर आंदोलन कराने के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सैलाना में भी इन अबोध आदिवासी छात्रों की पढ़ाई बाधित कर कुछ स्वार्थी तत्व इन्हें पैदल मार्च के लिए प्रेरित कर रहे हैं, या फिर वाकई प्रशासनिक अनदेखी के कारण छात्र सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं? फिलहाल पुलिस और प्रशासन दोनों ही पहलुओं की गहराई से जाँच कर रहे हैं।
जबलपुर. रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना (OTIS) का विस्तार किया है. अब आरक्षण काउंटरों से टिकट बुक कराने वाले पात्र यात्रियों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा. यह व्यवस्था 27 अक्टूबर 2026 से सभी यात्री आरक्षण प्रणाली (PRS) काउंटरों पर शुरू होगी. अब तक यह सुविधा मुख्य रूप से IRCTC के माध्यम से ई-टिकट बुक करने वाले पात्र यात्रियों के लिए उपलब्ध थी.
योजना के तहत यात्री मात्र 45 पैसे प्रति व्यक्ति (सभी करों सहित) का प्रीमियम देकर ₹10 लाख तक का बीमा कवर प्राप्त कर सकेंगे. निर्धारित शर्तों के अनुसार रेल दुर्घटना या पॉलिसी में शामिल अन्य अप्रिय घटनाओं में मृत्यु अथवा स्थायी पूर्ण दिव्यांगता पर ₹10 लाख, स्थायी आंशिक दिव्यांगता पर ₹7.50 लाख तक और अस्पताल में उपचार के लिए ₹2 लाख तक का बीमा लाभ मिलेगा. इसके अलावा पार्थिव शरीर के परिवहन के लिए ₹10,000 तक की राशि निर्धारित है. सभी लाभ पॉलिसी की शर्तों और पात्रता के अधीन होंगे.
यह बीमा योजना कन्फर्म, आरएसी और आंशिक रूप से कन्फर्म आरक्षित टिकटों पर लागू होगी. सामान्य एवं अनारक्षित टिकटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा. वहीं, बिना अलग सीट या बर्थ के यात्रा करने वाले पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे भी इस योजना के दायरे में नहीं आएंगे.
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रा बीमा लेना अनिवार्य नहीं है. इच्छुक यात्रियों को वैध मोबाइल नंबर देना होगा और टिकट किराए के साथ बीमा प्रीमियम का भुगतान डिजिटल माध्यम से करना होगा. बीमा पॉलिसी का विवरण पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा. यात्री संबंधित बीमा कंपनी के पोर्टल पर अपने नॉमिनी का विवरण भी दर्ज कर सकेंगे.
पश्चिम मध्य रेल ने यात्रियों से अपील की है कि आरक्षण काउंटर से टिकट बनवाते समय वैकल्पिक यात्रा बीमा योजना की जानकारी लें और अपनी जरूरत के अनुसार इसका लाभ उठाएं.
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: हर अदालत में महिला वकीलों को मिलेगा अलग बार रूम और टॉयलेट, CJI सूर्यकांत की पीठ का फैसला
सुप्रीम कोर्ट का साफ आदेश है कि हर अदालत में महिला वकीलों के लिए अलग बार रूम (वकीलों का कक्ष) बनेगा। CJI SuryaKant की अगुवाई वाली पीठ ने यह फैसला सुनाया। इसमें जिला, अनुमंडल (जिले का उप-खंड) और तहसील स्तर की हर अदालत शामिल है। अदालतों में शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी देनी होंगी। क्या छोटी अदालतों में भी यह मुमकिन होगा? यह Supreme Court women lawyers मामला सारिका त्यागी बनाम भारत सरकार से जुड़ा है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या कहता है?
पीठ ने जिला, अनुमंडल और तहसील स्तर की हर अदालत का जिक्र किया। वहां महिला वकीलों के लिए अलग बार रूम और शौचालय जरूरी बताए गए। साथ ही दूसरी जरूरी सुविधाएं भी देनी होंगी। कोर्ट ने सुझाया कि देशभर में एक समान व्यवस्था अपनाई जाए। इससे राज्यों और अदालतों के बीच सुविधाओं का अंतर घट सकता है।
Supreme Court order on court facilities सभी राज्यों पर लागू होगा। हाई कोर्ट भी इसके दायरे में हैं। इसका मतलब है कि कोई राज्य या हाई कोर्ट इससे बाहर नहीं है। हाई कोर्ट की इंफ्रास्ट्रक्चर समितियों (बुनियादी ढांचा देखने वाली समितियों) को जिम्मेदारी मिली है। ये समितियां सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर तैयार कराएंगी।
कौन सी अदालतें दायरे में आएंगी?
आदेश में तीन स्तर की अदालतों का नाम है-
पहला जिला स्तर।
दूसरा अनुमंडल स्तर।
तीसरा तहसील स्तर।
यानी तहसील स्तर की अदालतें भी इसके दायरे में आती हैं।
महिला वकीलों के लिए अलग बार रूम क्यों?
Women lawyers bar room यानी महिला वकीलों का अलग कक्ष। कोर्ट ने इसे बुनियादी सुविधा माना है। शौचालय भी इसी सूची में है। आदेश में कम से कम दो चीजों के नाम हैं। पहली चीज है अलग बार रूम। दूसरी चीज है शौचालय। इनके अलावा दूसरी जरूरी सुविधाओं का भी जिक्र है।
सुप्रीम कोर्ट महिला वकीलों की बुनियादी सुविधाओं पर समझौता नहीं चाहता। यह जिम्मेदारी इस आधार पर नहीं टल सकती कि महिला वकील कम हैं। कोर्ट के मुताबिक संख्या चाहे जितनी हो, सुविधाएं देनी ही होंगी। सोचिए एक बार। जिस दफ्तर में रोज काम हो, वहां बुनियादी सुविधाएं न हों तो?
सीजेआई सूर्यकांत: पीछे हटने का सवाल नहीं
“यही निर्देश है। हम इससे हटना नहीं चाहते।”
- सूर्यकांत, मुख्य न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट
सीजेआई (CJI – Chief Justice of India) सूर्यकांत की पीठ ने फैसला सुनाया। उन्होंने सुनवाई के दौरान यह बात कही। यानी अदालत के निर्देशों से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है।
अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी अब नोडल अधिकारी (तालमेल देखने वाले अफसर) हैं। वे राज्यों और संबंधित पक्षों से मिलने वाली प्रगति रिपोर्ट एक जगह जुटाएंगे। निर्देशों के पालन में तालमेल बनाना भी उनका काम होगा। जिम्मेदारी की कड़ी देखें तो तीन स्तर बनते हैं। राज्य जमीन और बजट देंगे। हाई कोर्ट की समितियां सुविधाएं तैयार कराएंगी। अटॉर्नी जनरल प्रगति रिपोर्ट एक जगह जुटाएंगे।
अब Separate bar room for women advocates हर राज्य की जिम्मेदारी बन गया है। यह आदेश अदालत परिसर की बुनियादी व्यवस्था से जुड़ा है। लेकिन असली परीक्षा अमल की है। क्या हर तहसील में यह व्यवस्था समय पर बन पाएगी?
अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिसंबर की तारीख तय की है। उस दिन सभी राज्य और संबंधित हाई कोर्ट अपनी प्रगति बताएंगे। यह प्रगति महिला वकीलों के लिए जरूरी सुविधाओं से जुड़ी होगी। इस तारीख पर राज्यों और हाई कोर्ट की रिपोर्ट सामने आएगी। उसी से पता चलेगा कि काम कितना पूरा हुआ। अब सबकी नजर 2 दिसंबर पर है। आदेश साफ है और तारीख तय है। अब जमीन पर काम की बारी है।
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100% एथेनॉल वाले ईंधन E100 को सरकार की हरी झंडी : सरकार बोली- कच्चे तेल का आयात और प्रदूषण घटेगा
केंद्र सरकार ने देश में 100% एथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल के इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। इस फ्यूल का इस्तेमाल उन स्पेशल व्हीकल्स में ही किया जा सकता है, जो इसके लिए खासतौर पर डिजाइन और सर्टिफाइड किए गए हों। यह फैसला कुछ कार कंपनियों के E100 कारों को बाजार में लॉन्च करने से ठीक पहले आया है। सरकार ने इसके लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करके सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स में बदलाव किया है।
बता दें कि, E100 का मतलब 100% शुद्ध एथेनॉल फ्यूल है। एथेनॉल मुख्य रूप से पौधों और बायोलॉजिकल सोर्स जैसे गन्ना और मक्का से तैयार किया जाने वाला एक बायोफ्यूल है। इसमें पेट्रोल की मिलावट नहीं होती।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल या सामान्य पेट्रोल पर चलने वाली गाड़ियां E85 या E100 फ्यूल पर नहीं चल सकती हैं। E85 और E100 फ्यूल का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं गाड़ियों में हो सकता है जो इसके लिए खास तौर पर डिजाइन और सर्टिफाइड की गई हों।
सरकार का कहना है कि, यह वर्तमान और भविष्य दोनों समय के लिए पूरी तरह से अल्टरनेटिव अरेंजमेंट (वैकल्पिक व्यवस्था) है। पेट्रोल गाड़ियों के साथ-साथ यह एक नया विकल्प रहेगा। गौरतलब है कि, E85 और E100 फ्यूल वाली गाड़ियां केवल वही लोग चला सकेंगे जो ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) यानी कार कंपनियों द्वारा खास तौर पर इस फ्यूल के लिए डिजाइन और सर्टिफाइड की गई नई गाड़ियां खरीदेंगे।
प्रदूषण में कमी: ट्रेडिशनल पेट्रोल की तुलना में एथेनॉल का फॉसिल कार्बन फुटप्रिंट काफी कम होता है। इसके इस्तेमाल से गाड़ियों के एग्जॉस्ट से निकलने वाले कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोकार्बन एमिशन में भारी कमी आएगी।
आयात पर निर्भरता कम: एथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ने से भारत की कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के इंपोर्ट पर निर्भरता काफी हद तक कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के महेश्वर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम भकलाय से प्रशासनिक अमले पर हमले की एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। शासकीय भूमि के सीमांकन के लिए पहुँची राजस्व टीम पर असामाजिक तत्वों और ग्रामीणों ने लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी हमले में राजस्व निरीक्षक का पैर फ्रैक्चर हो गया, जबकि पटवारी के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को नाजुक हालत में इंदौर रेफर किया गया है।
दरअसल यह घटना शनिवार दोपहर लगभग 2 से 3 बजे के बीच की है। आवेदक जितेंद्र परमार के आवेदन पर राजस्व विभाग की टीम ग्राम भकलाय में जमीन का सीमांकन करने पहुंची थी। घात लगाकर किया हमला: जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की, पहले से घात लगाकर बैठे नादानसिंह मालिवाड़, पन्नालाल भूरिया, बलवंत परमार, नारायण परमार और उनके साथ मौजूद 20 से अधिक लोगों ने अचानक लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से हमला बोल दिया।
अचानक हुए इस हमले में आरआई (RI) अभिषेक जमरा का पैर फ्रैक्चर हो गया और पटवारी राजा कुमार का सिर फटने से वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तत्काल इलाज के लिए मंडलेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम पूर्वा मंडलोई, एसडीओपी श्वेता शुक्ला, तहसीलदार कैलाश सस्तिया और थाना प्रभारी पंकज तिवारी अस्पताल पहुँचे और घायलों का हाल-चाल जाना।
ड्यूटी के दौरान अधिकारियों पर हुए इस बर्बर हमले से पटवारी संघ में भारी आक्रोश व्याप्त है। पटवारी संघ ने घटना का कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे काम बंद हड़ताल करेंगे। संघ ने पुलिस प्रशासन पर भी आरोप लगाया है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस बल समय पर मौके पर नहीं पहुँचा, जिससे यह हादसा हुआ।
इस मामले में पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और बलवा समेत विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की है। पुलिस ने 4 नामजद आरोपियों सहित 20 से अधिक अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है।
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खाकी की ‘खातिरदारी’: हथकड़ी लगे आरोपी को परोसा गया ‘VIP ट्रीटमेंट’, सिगरेट के कश लगाते बतियाते नजर आए साहब!
भोपाल। वाह रे मध्य प्रदेश की पुलिस और उनकी मेहमान-नवाजी! जब बात अपराधियों की सुरक्षा और आवभगत की हो तो भोपाल पुलिस किसी भी बड़े होटल के कर्मचारियों को भी पीछे छोड़ सकती है! दरअसल मामला राजधानी की जिला अदालत के बाहर का है, जहां एक आरोपी को हथकड़ी में भी ऐसा शाही सुख मिल रहा था जिसे देखकर आम आदमी भी सोच में पड़ जाए कि कैदी होकर भी इतनी आवभगत।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने पुलिस के तमाम सुरक्षा दावों और मैनुअल की हवा निकाल दी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में एक आरोपी बड़े आराम से हाथ में हथकड़ी लगाए खुलेआम सिगरेट के कश उड़ा रहा है और साथ ही मोबाइल पर लंबी-चौड़ी गप्पे भी लड़ा रहा है। इसे देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लग रहा था कि वह न्यायिक अभिरक्षा में कोई मुजरिम है बल्कि ऐसा प्रतीत हो रहा था कि साहब किसी VIP दौरे पर निकले हों।
सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी ऐसे मुस्तैद नजर आए जैसे वे आरोपी की नहीं बल्कि उसकी प्राइवेसी की रक्षा कर रहे हों। चर्चा है कि ये सुरक्षाकर्मी कमला नगर थाने से जुड़े हैं। अब कस्टडी में खुलेआम मोबाइल मिलने और बाहरी संपर्क साधने की इस छूट ने पुलिस कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खैर वीडियो वायरल होने के बाद अब महकमे में जांच के नाम पर खानापूर्ति की रस्म अदा होने की पूरी उम्मीद है, तब तक आरोपी शायद अपनी इस खातिरदारी का पूरा आनंद लेते रहेंगे!
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बिजली बिल बकायादारों पर बड़ी कार्रवाईः 5 बड़े उपभोक्ताओं के खिलाफ कुर्की, सामान नीलामी की चेतावनी
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में लंबे समय से बिजली बिल जमा न करने वाले बड़े बकायादारों के खिलाफ विद्युत विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। शहर में बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद बिल का भुगतान न करने वाले 5 बड़े बकायादारों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की गई है। इन उपभोक्ताओं पर विभाग का करीब 3 लाख 94 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया है। इस कड़ी कार्रवाई से शहर के अन्य बकायेदारों में भी हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विद्युत विभाग द्वारा संबंधित उपभोक्ताओं को बकाया राशि जमा करने के लिए कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनके द्वारा राशि जमा नहीं कराई गई। इसके बाद मामले को तहसीलदार न्यायालय में ले जाया गया। न्यायालय से कुर्की का आदेश प्राप्त होते ही विभागीय टीम ने संबंधित 5 बकायादारों के आवासों और प्रतिष्ठानों पर पहुँचकर कुर्की की सूचना (नोटिस) चस्पा कर दी।
विद्युत विभाग ने संबंधित बकायेदारों को अंतिम चेतावनी दी है कि यदि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी बकाया राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनकी चल-अचल संपत्ति और सामान को जब्त कर नीलामी की कार्रवाई की जाएगी, जिससे बकाया राशि की भरपाई की जा सके।
मामले में जानकारी देते हुए सिंगरौली के शहर अभियंता दिनकर दुबे ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिल की शत-प्रतिशत वसूली के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो उपभोक्ता बार-बार ताकीद करने के बाद भी बिल जमा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से समय पर बिजली बिल का भुगतान करने की अपील की है।
भोपाल. नगरीय निकायों से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में एमपी की मोहन सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. अब तक करीब 392 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इनमें लगभग 135 मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) भी शामिल हैं. इसके अलावा 7 अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है. नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने यह जानकारी दी है.
विभाग की कार्रवाई केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं है. वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में 80 से अधिक ठेकेदारों और सप्लायर्स के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. वहीं, अब तक करीब 3 से 4 करोड़ रुपये की वसूली की गई है.
सरकार वित्तीय गड़बडिय़ों पर नजर रखने के लिए तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का भी इस्तेमाल कर रही है. इसके जरिए निगरानी जारी है, ताकि सरकारी धन के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनी रहे.
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनता के पैसे का सही और पारदर्शी तरीके से उपयोग हो और उसका पूरा लाभ नागरिकों तक पहुंचे. इसी दिशा में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में अधिकारियों के साथ ठेकेदारों और सप्लायर्स की जवाबदेही भी तय की जा रही है.
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मैहर के पंचमुखी हनुमान मंदिर से चांदी के पांच मुकुट चोरी, गेट का कुंदा तोड़कर मंदिर में घुसे चोर
मैहर। नादन थाना क्षेत्र के बरहिया गांव स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर मंदिर के चैनल गेट का कुंदा तोड़कर अंदर घुसे और हनुमान जी के पांच छोटे-बड़े चांदी के मुकुट, चांदी की एक आंख और दान पेटी चोरी कर ले गए।
रविवार सुबह दान पेटी तालाब के पास टूटी हुई मिली। पुजारी की शिकायत पर नादन पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत के अनुसार, बरहिया निवासी पुनेशानंद महाराज (45), पिता चंडिका प्रसाद तिवारी, पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी हैं। उन्होंने बताया कि 24 अक्टूबर की रात करीब 12 बजे रामायण पाठ संपन्न होने के बाद मंदिर में ताला लगाकर पास स्थित अपनी कुटिया में सोने चले गए थे।
25 अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे धीरज विश्वकर्मा के बेटे ने पुजारी को सूचना दी कि मंदिर की दान पेटी तालाब के पास पड़ी है। पुजारी मंदिर पहुंचे तो चैनल गेट का कुंदा टूटा मिला। अंदर जाकर देखा तो हनुमान जी के पांच चांदी के मुकुट और चांदी की एक आंख गायब थी। मंदिर से दान पेटी भी गायब मिली।
इसके बाद पुजारी तालाब के पास पहुंचे, जहां दान पेटी का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखी दान राशि गायब थी। उन्होंने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी देने के बाद नादन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। चोरी गए चांदी के मुकुट, आंख और दान पेटी से गायब रकम की कुल कीमत का आकलन अभी नहीं हो सका है। पुलिस घटनास्थल की जांच कर चोरों का पता लगाने में जुटी है।
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नर्मदा किनारे लावारिस मिले सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड: कांग्रेस ने जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
इंदौर। मध्य प्रदेश के खरगोन में नर्मदा नदी किनारे सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड लावारिस हालत में पड़े मिले। यह सभी वोटर आईडी कार्ड इंदौर जिले के राऊ विधानसभा क्षेत्र का बताया जा रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने वोटर आईडी कार्ड एकत्रित किए और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया। कांग्रेस ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई है। साथ ही जांच कर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह पूरा मामला मंडलेश्वर थाना क्षेत्र का है।
खरगोन जिले के मंडलेश्वर स्थित नर्मदा नदी किनारे सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड लावारिस हालत में पड़े मिले। यह सभी इंदौर जिले के राऊ विधानसभा क्षेत्र के बताए जा रहे है। लोगों ने इसका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर कर प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाया। वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाइक कार्यकर्ताओं के साथ मंडलेश्वर थाने पहुंचे और शिकायत की। वहीं पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेत्री डॉ विजयलक्ष्मी साधौ ने भी वीडियो पोस्ट कर उचित जांच कर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आरिफ मसूद बोले- सबसे पहले ज्ञानेश कुमार के जेल भेजा जाए
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि ये पहली बार नहीं हुआ, हम लगातार वोटर लिस्ट में हुए फर्जीवाड़े का मामला उठा रहे हैं। वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। 1 नवंबर को इंडिया गठबंधन का बड़ा प्रदर्शन होना है, जो बात इंडिया गठबंधन कर रहा है, वह देश की सच्चाई है। SIR के खिलाफ हम लगातार बोल रहे हैं। भोपाल में भी नगर निगम चुनाव के दौरान ऐसा हुआ था। सबसे पहले ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए, उन्हें जेल भेजा जाए।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष रवि नाइक
पूर्व कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इंदौर में मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि मंडलेश्वर में नर्मदा नदी के किनारे राऊ विधानसभा के वोटर आईडी कार्ड मिले हैं। सफाई के दौरान यह मामला सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग, प्रदेश और जिला प्रशासन को इसका संज्ञान लेना चाहिए और जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि ये कार्ड असली हैं या नकली और यहां कैसे पहुंचे।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा
निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और इसकी जांच की मांग करेगी। उन्होंने कहा कि जनता और न्यायपालिका को भी इसका संज्ञान लेना चाहिए ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में अखबारों में कई बड़े घोटालों की खबरें सामने आई हैं, जिन पर अधिकारी जांच की बात कहते हैं, लेकिन परिणाम नहीं आता। फिलहाल वोटर कार्ड मिलने के मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।
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