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सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी से बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। ग्राम कर्थुआ बहेरा में रहने वाली भाजपा प्रजापति नाम की एक युवती ने गुरुवार को कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती की 19 जून को शादी थी, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं युवती के नाम को लेकर यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

परिजनों के मुताबिक भाजपा प्रजापति की शादी 19 जून को सरई थाना क्षेत्र के एक युवक के साथ होने वाली थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और परिजन खुशी के माहौल में विवाह की तैयारियों में जुटे थे। इसी बीच युवती द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही चितरंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

युवती का नाम भाजपा प्रजापति होने के कारण घटना की जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।

फिलहाल एक दिन बाद होने वाली शादी से पहले हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग इस दुखद घटना को लेकर स्तब्ध हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। 

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चोरी के क्रेडिट कार्ड से बदमाशों ने खरीदा 3 लाख का मोबाइल, मुसीबत में फंसा दुकानदार

ग्वालियर। आज के दौर में कैश की जगह क्रेडिट कार्ड से खरीदारी का चलन तेजी से बढ़ा है। लोग डिस्काउंट, कैशबैक और आसान ईएमआई के चलते महंगे से महंगा सामान भी क्रेडिट कार्ड से खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन ग्वालियर में सामने आए एक मामले ने दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है। 

यहां चोरी के क्रेडिट कार्ड से दो शातिर युवकों ने दो दिन में करीब तीन लाख रुपये के प्रीमियम मोबाइल खरीद लिए। कार्ड से पेमेंट भी सफल हो गया, लेकिन कुछ दिन बाद बैंक ने रकम होल्ड कर दी, तब पता चला कि जिस क्रेडिट कार्ड से भुगतान हुआ था वह चोरी का था। अब यह मामला दुकानदारों के लिए भी बड़ा सबक बन गया है। मामला पड़ाव थाना क्षेत्र का है।

दरअसल, विनय नगर सेक्टर-3 के रहने वाले आशीष कालानी मॉल में ‘वी कम्यूनिकेट’ नाम से सैमसंग मोबाइल स्टोर संचालित करते हैं। 9 मार्च को दो युवक ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे और करीब एक लाख 60 हजार रुपये का सैमसंग जेड फोल्ड-7 मोबाइल खरीदा। दोनों ने क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया और अपना नाम जितेंद्र सिंह राठौर बताकर बिल बनवाया,अगले ही दिन दोनों युवक फिर स्टोर पहुंचे और इस बार करीब एक लाख 40 हजार रुपये कीमत का सैमसंग एस-26 अल्ट्रा मोबाइल खरीद लिया। दूसरी बार भी उसी क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया गया।

कार्ड स्वाइप सफल होने के कारण स्टोर कर्मचारियों को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और दोनों आराम से मोबाइल लेकर चले गए। करीब 20 दिन बाद यस बैंक ने स्टोर संचालक के खाते से पहली खरीदारी की राशि होल्ड कर दी।

बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि जिस क्रेडिट कार्ड से भुगतान हुआ था, वह चोरी का था और असली कार्डधारक ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद स्टोर संचालक ने पड़ाव थाने पहुंचकर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। जांच में दुकान के सीसीटीवी कैमरों में दोनों आरोपी कैद मिले हैं। पुलिस को यह भी पता चला है कि आरोपी काले रंग की कार से आए थे। वाहन नंबर और बिल पर दर्ज मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

बहरहाल यह घटना सिर्फ एक दुकानदार के साथ हुई ठगी नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट सिस्टम से जुड़े नए खतरे की भी चेतावनी है। आज अधिकांश ग्राहक क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करते हैं और दुकानदार भी बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के कार्ड स्वीकार कर लेते हैं। लेकिन इस मामले के बाद अब व्यापारी हर क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन को लेकर अधिक सतर्क रहने पर मजबूर होंगे। संभव है कि महंगे सामान की बिक्री से पहले कार्डधारक की पहचान और अन्य दस्तावेजों का मिलान भी किया जाए, ताकि चोरी के कार्ड से होने वाली ऐसी धोखाधड़ी से बचा जा सके।

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जिला अस्पताल में हंगामा! नर्स पर बोतल फेंकने और अभद्रता का आरोप, VIDEO वायरल

ग्वालियर। एमपी के मुरैना जिला अस्पताल से एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक स्टाफ नर्स और मरीज के अटेंडर के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि नर्स पर बोतल फेंकने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

दरअसल, मामला मुरैना जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, वार्ड में भर्ती एक मरीज की ड्रिप की बोतल खत्म हो गई थी। परिजन नई बोतल लगाने के लिए नर्सिंग स्टाफ से बार-बार गुहार लगा रहे थे। आरोप है कि काफी देर तक कोई नर्स मरीज के पास नहीं पहुंची। इसी बात से नाराज होकर मरीज के परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था और नर्सिंग स्टाफ का वीडियो बनाना शुरू कर दिया।

वीडियो बनता देख एक स्टाफ नर्स भड़क गई। वायरल वीडियो में नर्स वीडियो बना रहे व्यक्ति के मोबाइल की ओर झपटती दिखाई दे रही है। आरोप है कि इसी दौरान नर्स ने मरीज के अटेंडर की तरफ बोतल फेंककर मार दी। वीडियो में नर्स और अटेंडर के बीच तीखी बहस भी साफ दिखाई दे रही है। परिजनों का आरोप है कि विवाद के दौरान नर्स ने मरीज के साथ भी अभद्र व्यवहार किया और थप्पड़ तक मार दिया।

वहीं वायरल वीडियो में नर्स यह कहते हुए सुनाई दे रही है कि अगर इलाज से परेशानी है तो सरकारी अस्पताल की जगह प्राइवेट अस्पताल में जाकर इलाज कराओ। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

 

सतना. एमपी के मैहर जिले में भाजपा के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब सांसद और पूर्व मंत्री के सामने ही मंच पर मारपीट हो गई. मंच संचालन कर रहे भाजपा के मंडल महामंत्री को पूर्व मंत्री के भाई ने मंच पर चढ़कर पीटना शुरू कर दिया. इसके बाद मंच पर दोनों के बीच मारपीट हुई, मामला थाने तक भी पहुंच गया है. महामंत्री ने पूर्व मंत्री के भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की है.

मैहर जिले के ताला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेमिसाल 12 साल पूरे होने को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. एक रिसोर्ट में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद गणेश सिंह, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता मौजूद थे. मंच का संचालन मंडल महामंत्री मनीष चतुर्वेदी कर रहे थे. इसी दौरान मंच पर पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल के भाई विजय पटेल आ गए और उन्होंने मंच संचालन कर रहे मंडल महामंत्री मनीष चतुर्वेदी के साथ मारपीट करना शुरू कर दी. इससे कुछ देर के लिए कार्यक्रम में सनाका खिंच गया. घटना की लिखित शिकायत महामंत्री मनीष ने ताला थाने में की है.

भाजपा के कार्यक्रम में मंच पर हुई मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कार्यक्रम का संचालन ताला मंडल के महामंत्री मनीष चतुर्वेदी कर रहे थे. तभी मंच के नीचे से विजय पटेल मंच पर आ गए. महामंत्री से माइक छुड़ाकर मारपीट करने लगे. इस दौरान दोनों के बीच जमकर मारपीट हुई. हालांकि बाद में मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच बचाव कराया और मामले को शांत कराया.

मारपीट की इस घटना की लिखित शिकायत मंडल महामंत्री मनीष चतुर्वेदी ने ताला थाने में की है. मनीष चतुर्वेदी ने बताया कि विजय पटेल के मारने से उनके कान में चोट आई है. उन्होंने विजय पटेल के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने शिकायती आवेदन थाने में दिया है. पुलिस ने शिकायत आवेदन को ले लिया है लेकिन मामला दर्ज किया है कि नहीं फिलहाल इसके बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है. वहीं भाजपा के कार्यक्रम में मंच पर हुई मारपीट की घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस को बैठे बिठाए मुद्दा मिल गया है और कांग्रेस भाजपा पर हमलावर है.

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रिश्वतखोरी पड़ी भारी: प्रभारी तहसीलदार और चौकीदार को 5-5 साल की सजा, ट्रैक्टर छोड़ने की एवज में मांगी थी किसान से घूस    

पन्ना। पन्ना जिले के गुनौर में तैनात रहे तत्कालीन तहसीलदार रविशंकर शुक्ला को भ्रष्टाचार के मामले में पहनना के अपर सत्र न्यायालय अदालत ने आज शुक्रवार 19 जून को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने रविशंकर और उनके मददगार चौकीदार देवीदयाल दहायत दोनों को 5-5 साल की सश्रम कारावास (कठोर जेल) और जुर्माने की सजा दी है।

सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी ​ बताया कि यह पूरा मामला साल 2020 का है। दरअसल, सिली गांव के रहने वाले ब्रजबिहारी प्रजापति अपने खेत से ईंट बनाने वाली मिट्टी ट्रैक्टर में भरकर ले जा रहे थे। तभी प्रभारी तहसीलदार रविशंकर शुक्ला ने उनका ट्रैक्टर पकड़ लिया और उसे थाने में खड़ा करवा दिया। इसके बाद ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले ₹35,000 की रिश्वत मांगी गई। ​उन्होंने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त पुलिस से कर दी। 

बातचीत के दौरान तय हुआ कि ₹35,000 दिए जाएंगे, जिसमें से ₹10,000 पीड़ित ने पहले ही दे दिए। बाकी बचे ₹25,000 जब पीड़ित सरकारी आवास पर देने पहुंचा, तो नायब तहसीलदार ने वो पैसे अपने पास खड़े चौकीदार देवीदयाल को पकड़ाने को कहा। जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, लोकायुक्त की टीम ने छापा मारकर दोनों को रंगे हाथों दबोच लिया और उनके पास से रिश्वत के नोट बरामद किए।

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खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी: पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर और आरक्षक पद पर सीधी भर्ती, सरकार ने नियमों में किया संशोधन

भोपाल। मध्यप्रदेश के प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को पुलिस विभाग में बिना किसी लंबी परीक्षा के सीधे सरकारी नौकरी (सीधी भर्ती) पाने का मौका मिलेगा। सरकार ने ‘पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के नियम 2021’ में महत्वपूर्ण संशोधन किया है, जिसके बाद अब इस भर्ती प्रक्रिया का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

संशोधित नियमों के तहत पुलिस विभाग में खिलाड़ियों के लिए कुल 60 पद आरक्षित किए गए हैं। उपनिरीक्षक (Sub-Inspector – SI): 10 पद। आरक्षक (Constable): 50 पद। इन पदों पर खिलाड़ियों की खेल उपलब्धियों और उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर शासकीय सेवा में सीधे नियुक्ति दी जाएगी।

बता दें कि साल 2021 में इस सीधी भर्ती को लेकर नियम तो बनाए गए थे, लेकिन किन्हीं कारणों से यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब पहली बार नियमों में जरूरी संशोधन कर इस अटकी हुई प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। खेल और खिलाड़ियों के हित में लिया गया यह फैसला युवाओं के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित होगा, जिससे वे बिना करियर की चिंता किए खेल के मैदान पर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।

 

 अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के विवाद के 17 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं और जांच पूरी होने के बाद पूरा सच सामने आ जाएगा।

सीएम योगी ने रामभक्तों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि केवल 15 दिन और इंतजार कर लें। एसआईटी जांच की रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सबके सामने होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले में जो भी दोषी होगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले अनावश्यक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। इससे जांच प्रभावित हो सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बिना सबूत किसी के चरित्र पर सवाल न उठाएं और अयोध्या की छवि को नुकसान न पहुंचाएं।

सीएम योगी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़े दस्तावेज या सबूत हैं तो उन्हें एसआईटी को सौंप देना चाहिए। जांच एजेंसी सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करेगी।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले रामभक्तों और कारसेवकों पर गोली चलाने और लाठियां बरसाने का काम करते थे, वे आज रामभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी ने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण का विरोध किया और अदालत में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वही आज रामभक्तों की चिंता करने का दावा कर रही है।

सीएम योगी ने कहा कि एसआईटी जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और जांच के बाद ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सच सामने आने में ज्यादा समय नहीं लगेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम ने मर्यादा और संयम का संदेश दिया है। राम मंदिर के लिए देशभर के लोगों ने करीब 500 वर्षों तक संघर्ष किया है। ऐसे में सभी को संयम बनाए रखना चाहिए और जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अफवाह या विवादित बयान से बचना चाहिए।

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ट्रेन में बैठने की जगह नहीं मिली तो दूल्हे ने निकाली तलवार! बारातियों और यात्रियों का आधी रात हंगामा

बांद्रा टर्मिनस से जोधपुर जा रही सूर्यनगरी एक्सप्रेस में गुरुवार देर रात सीट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि यात्रियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना ट्रेन के जनरल कोच की बताई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में यात्री सफर कर रहे थे। विवाद के दौरान दूल्हे के पास मौजूद तलवार को लेकर भी चर्चा फैल गई, जिससे अन्य यात्रियों में चिंता बढ़ गई।

जानकारी के अनुसार, एक दूल्हा अपने बारातियों के साथ जोधपुर शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। यात्रा के दौरान बारातियों और अन्य यात्रियों के बीच सीट पर बैठने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस तेज हो गई और कोच में हंगामे की स्थिति बन गई। इसी बीच किसी यात्री ने रेलवे अधिकारियों को सूचना दी कि कोच में तलवार दिखाई गई है, जिसके बाद रेलवे प्रशासन सतर्क हो गया।

फालना रेलवे स्टेशन से घटना की जानकारी मिलने के बाद मारवाड़ जंक्शन स्थित रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को अलर्ट कर दिया गया। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही आरपीएफ के जवान संबंधित कोच में पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। विवाद के कारण कुछ यात्रियों ने ट्रेन की चेन भी खींच दी थी, जिससे स्थिति और गंभीर नजर आने लगी।

आरपीएफ अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया और विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें अलग-अलग डिब्बों में भेज दिया। इसके बाद यात्रियों को समझाया गया कि छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने से न केवल यात्रा प्रभावित होती है, बल्कि अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद माहौल सामान्य हो गया और ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया।

घटना के बाद तलवार को लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगीं। हालांकि आरपीएफ अधिकारियों ने जांच के बाद स्पष्ट किया कि दूल्हे के पास जो तलवार थी, वह पारंपरिक और सजावटी थी, न कि धारदार हथियार। आरपीएफ के अनुसार, तलवार लहराकर किसी पर हमला करने जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और न ही किसी यात्री को हिरासत में लिया गया है।

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फुटपाथ पर चलना मौलिक अधिकार, वाहनों से पहले पैदल यात्रियों को मिलेगी प्राथमिकता: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि निर्धारित फुटपाथ पर चलना प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है और यह अधिकार मोटर वाहनों की आवाजाही पर प्राथमिकता रखता है. शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित और स्पष्ट रूप से चिह्नित फुटपाथ उपलब्ध कराना सरकार और स्थानीय निकायों की कानूनी जिम्मेदारी है. यदि इस अधिकार का उल्लंघन होता है तो नागरिक संवैधानिक और कानूनी उपायों के तहत राहत और मुआवजे की मांग कर सकते हैं.

न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदूरकर की पीठ ने यह महत्वपूर्ण फैसला एक मोटर दुर्घटना मुआवजा मामले की सुनवाई के दौरान दिया. यह मामला एक ऐसे पिता से जुड़ा था, जिसने अपने पांच वर्षीय बेटे को स्कूल ले जाते समय सड़क दुर्घटना में खो दिया था. इसी प्रकरण की सुनवाई करते हुए अदालत ने पैदल चलने के अधिकार पर व्यापक टिप्पणी की और इसे संविधान के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार घोषित किया.

पीठ ने कहा कि पैदल चलने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) के तहत प्रदत्त आवागमन की स्वतंत्रता का अभिन्न हिस्सा है. यह अधिकार अनुच्छेद 21 में निहित जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार से भी जुड़ा हुआ है. अदालत ने कहा कि फुटपाथ पर सुरक्षित रूप से चलने का अधिकार केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हिस्सा है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मानव सभ्यता में पैदल चलना पहियों और मोटर वाहनों के अस्तित्व से बहुत पहले से मौजूद है. इसलिए सड़कों पर सबसे पहला और मूल अधिकार पैदल चलने वालों का है. अदालत ने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार के साथ पैदल यात्रियों को धीरे-धीरे सड़कों के किनारे धकेल दिया गया और कई बार उन्हें वाहनों की आवाजाही में बाधा मान लिया गया, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है.

पीठ ने कहा कि यदि कोई सड़क मौजूद है तो उसके साथ सुरक्षित, स्पष्ट रूप से चिह्नित और अच्छी तरह से रखरखाव किए गए फुटपाथ भी होने चाहिए. यह केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि लागू किए जाने योग्य कानूनी जिम्मेदारी है. अदालत ने कहा कि शहरी विकास प्राधिकरण, नगर निगम, नगरपालिकाएं और ग्राम पंचायतें इस जिम्मेदारी को निभाने के लिए बाध्य हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पैदल चलने के अधिकार के साथ संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है. यदि किसी क्षेत्र में सड़क बनाई जाती है तो वहां पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करना आवश्यक है. फुटपाथों का निर्माण, रखरखाव और संरक्षण स्थानीय निकायों की अनिवार्य जिम्मेदारी है.

फैसले में अदालत ने कहा कि यदि किसी नागरिक के फुटपाथ पर सुरक्षित चलने के अधिकार का उल्लंघन होता है तो वह संवैधानिक उपचारों का सहारा ले सकता है. ऐसे मामलों में नागरिक मुआवजे और अन्य राहतों की मांग भी कर सकते हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अधिकार मोटर वाहन अधिनियम के तहत उपलब्ध उपायों से अलग और स्वतंत्र होगा.

पीठ ने मोटर वाहन अधिनियम की भी समीक्षा करते हुए कहा कि यह कानून मुख्य रूप से वाहनों को केंद्र में रखकर बनाया गया था, जबकि पैदल यात्रियों के अधिकार उसमें गौण रहे. अदालत ने टिप्पणी की कि वर्षों तक परिवहन व्यवस्था में मानव हितों की तुलना में वाहनों को अधिक महत्व दिया गया, जिसके कारण फुटपाथों की उपेक्षा हुई और पैदल यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हुई.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुरक्षित और आरामदायक फुटपाथों का अभाव एक सभ्यतागत समस्या बन गया है. कई स्थानों पर फुटपाथ या तो हैं ही नहीं, और जहां हैं भी, वहां अतिक्रमण या अन्य कारणों से उनका उपयोग मुश्किल हो जाता है. अदालत ने कहा कि पैदल चलने के अधिकार का वास्तविक अर्थ यह है कि नागरिक बिना भय और बाधा के सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य तक पहुंच सकें.

मामले में अदालत ने मृत बालक के पिता को मिलने वाले मुआवजे की राशि भी बढ़ा दी. सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसमें मुआवजा कम किया गया था. शीर्ष अदालत ने पिता को 11 लाख 44 हजार 628 रुपये का मुआवजा दो माह के भीतर देने का निर्देश दिया.

साथ ही अदालत ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इस मामले को “फुटपाथ और पैदल चलने के मौलिक अधिकार” शीर्षक से अलग पंजीकृत किया जाए. केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया गया है. अदालत ने भविष्य में इस विषय पर आवश्यक कानूनी ढांचा तैयार करने के लिए संबंधित मंत्रालयों और विधि आयोग को भी निर्णय की प्रति भेजने का निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को देश में पैदल यात्रियों के अधिकारों को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय माना जा रहा है. यह फैसला न केवल फुटपाथों के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि सड़कें केवल वाहनों के लिए नहीं, बल्कि सबसे पहले नागरिकों और पैदल चलने वालों के लिए हैं.

 

भोपाल ।मध्य प्रदेश के गुना से विधायक पन्नालाल शाक्य को अपने ही सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पर बयानबाजी करना महंगा पड़ा है। पार्टी संगठन ने उनकी बयानबाजी को गंभीरता से लेते हुए बुधवार को भोपाल तलब किया। जहां भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उन्हें फटकार लगाई है। और दोबारा पार्टी लाइन क्रॉस करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जिसके बाद विधायक पन्नालाल के सुर बदल गए और उन्होंने कहा कि हम सब एक परिवार है। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है, संगठन और कार्यकर्ता हमारे लिए सर्वोपरि है। बता दें, संगठन में कई नेताओं के बीच आपसी मतभेद के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।
विधायक पन्नालाल शाक्य ने अघोषित 30 मई को बिजली कटौती से त्रस्त होकर सिंधिया कैंप के मंत्री प्रद्युमन सिंह पर निशाना साधा था। शाक्य ने कहा था ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर का नाम लिए बगैर उनपर तंज कसा। शाक्य ने कहा कि ' वो इतने बड़े ज्ञानी है कि मंच पर ढोक देने लगते है। खंभे पर चढ़ जाता हो, नाले में उतर जाता हो, नालियां साफ करते हैं, ऐसा जनसेवक हमें नहीं चाहिए। हमें ऐसा मंत्री चाहिए जो जनता के साथ खड़ा हो। उन्होंने कहा कि भोपाल जाकर हम मुख्यमंत्री से कहेंगे कि ऐसे नाकारा मंत्री को हटाओ। जो अक्षम है उन्हें तुरंत कुर्सी खाली कर देनी चाहिए।
सिंधिया के कार्यक्रम में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिया धक्का- विधायक
इसके बाद विधायक ने जिले के प्रभारी मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत पर भी नाम लिए बगैर तंज कसा। विधायक ने कहा कि 'वे तो महाराजा से बड़े हो रहे है। विधायक ने बताया कि 'मुझे ही सिंधिया के कार्यक्रम में धक्का देकर पीछे कर दिया था। मुझे 'चलो हटो' कहकर किनारे कर दिया। मैंने भी कह दिया कि तू ही घुस जा। विधायक ने दो टूक कहा कि- मैं इनकी मेहरबानी से चुनाव नहीं जीता बल्कि मुझे यहां की जनता ने वोट देकर जिताया है। 'उन्होंने आगे कहा कि ऐसा प्रभारी मंत्री भी हमें नहीं चाहिए।

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अनाज व्यापारी की दुकान से 20 लाख की चोरी, CCTV में कैद हुई चोर की करतूत
आलीराजपुर। जिले के जोबट नगर में एक शातिर चोर ने अनाज व्यापारी की दुकान को अपना निशाना बनाते हुए करीब 20 लाख रुपये नकद पार कर दिए। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। दिनदहाड़े और सुनियोजित तरीके से हुई इस बड़ी चोरी के बाद से स्थानीय व्यापारियों और नगर में हड़कंप मच गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वारदात जोबट नगर के व्यस्त इलाके दाल मिल रोड स्थित प्रसिद्ध अनाज व्यापारी प्रदीप फौजमल जैन की दुकान में हुई। अज्ञात चोर बेहद चालाकी से दुकान के अंदर दाखिल हुआ और वहां रखे करीब 20 लाख रुपये कैश लेकर रफूचक्कर हो गया। जब व्यापारी को गल्ले से इतनी बड़ी रकम गायब होने का पता चला तो वह परेशान हो गया।
वारदात की सूचना मिलते ही जोबट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। फुटेज में चोर की तस्वीर साफ नजर आ रही हैं। जिसके आधार पर पुलिस उसकी शिनाख्त करने और हुलिए का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
जोबट नगर के बीचो-बीच स्थित अनाज दुकान में हुई इस बड़ी चोरी के बाद से स्थानीय व्यापारिक संगठनों और दुकानदारों में असुरक्षा और चिंता का माहौल है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करने की मांग की है।
मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और कुछ अन्य महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस की अलग-अलग टीम आरोपी की तलाश में जुट गई हैं और दावा किया जा रहा है कि जल्द ही चोर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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आरएसएस के पंजीयन पर छिड़ा सियासी घमासानः दक्षिण से मध्य भारत पहुंची आंच, दिग्विजय ने डॉ मोहन भागवत को लिखा पत्र
भोपाल। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पंजीयन को लेकर एकबार फिर सियासी घमासान मच गया है। आरएसएस (RSS) के पंजीयन की सियासी बयानबाजी दक्षिण भारत से मध्य भारत तक पहुंच गई है। मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरएसएस (RSS) को लेकर कर्नाटक के गृहमंत्री प्रियंक खड़गे के बयान का समर्थन किया है।
मामले को लेकर दिग्विजय सिंह ने सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में RSS के पंजीयन, वित्तीय स्रोतों और कर अनुपालन पर सवाल उठाए है। उन्होंने पत्र में लिखा- लोकतंत्र में कोई भी संस्था जवाबदेही से ऊपर नहीं है। 250 करोड़ की लागत से बन रहा आरएसएस कार्यालय के पैसे कहां से आए? कोविड काल में RSS द्वारा किए गए खर्च का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है।
RSS और सनातन धर्म की तुलना उचित नहीं, देश की सभी संस्थाओं की तरह RSS पर भी समान नियम लागू हों। डॉ मोहन भागवत को लिखे पत्र का अब तक जवाब नहीं मिलने का भी दावा किया है। संविधान, पारदर्शिता और कानून के शासन के तहत जवाबदेही जरूरी है। RSS से कानूनी स्थिति, संगठनात्मक ढांचा और वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करने की भी मांग की है। 2021 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र का भी हवाला दिया है।

धार। जिला युवा कांग्रेस के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने लालबाग से लेकर नगरपालिका तक एक अनोखी रैली निकाली और जोरदार हंगामा किया। इस दौरान कांग्रेसी अपने हाथों में मटके, चूड़ियां और मटमैले पानी से भरी बोतलें लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि नगर पालिका के बाहर पुलिस और फायर ब्रिगेड को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
शहर में पिछले कई दिनों से आ रहे गंदे पानी के विरोध में महिलाओं ने हाथों में मटके ले रखे थे तो वहीं युवा कांग्रेसी नलों से आने वाले पीले और कीचड़ युक्त पानी की बोतलों में भरकर प्रदर्शन कर रहे थे। कांग्रेसी नगर पालिका के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CMO) विश्व प्रताप सिंह को भेट करने के लिए चूड़ियां भी साथ लाए थे, जिन्हें बाद में आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने वहीं तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका परिसर के बाहर मटके फेंककर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
युवा कांग्रेस ने कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि धार शहर की जनता पानी की गंभीर किल्लत और खतरनाक जल सप्लाई से जूझ रही है। ज्ञापन में बताया गया कि शहर में 5 से 6 दिन के अंतराल में पानी की सप्लाई हो रही है वह भी मात्र 15 से 20 मिनट के लिए।
यही नहीं नलों से आने वाला पानी अत्यधिक बदबूदार, पीले रंग का और कीचड़ मिला हुआ रहता है जो सेहत के लिए हानिकारक है। ज्ञापन में यह भी जिक्र किया गया है कि नगर पालिका द्वारा न तो पुरानी पाइपलाइनों को सुधारा गया है और न ही फिल्टर प्लांट की स्थिति को ठीक किया जा रहा है।
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष रोहित कामदार ने नगर पालिका प्रशासन और सीएमओ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हमें सोशल मीडिया के जरिए पता चला कि कलेक्टर साहब ने खुद प्लांट का निरीक्षण कर नगर पालिका को 10 दिन का अल्टीमेटम दिया है। लेकिन सीएमओ साहब सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाने में व्यस्त रहते हैं। अगर वे रील बनाने के बजाय शहर के विकास और जनता की समस्याओं पर ध्यान दें तो यह नौबत नहीं आती। कामदार ने चेतावनी दी कि यदि 10 दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी तो कांग्रेस नगर पालिका में तालाबंदी आंदोलन करेगी।
इस पूरे हंगामे और आरोपों पर नगर पालिका सीएमओ विश्व प्रताप सिंह ने मीडिया के सामने अपनी सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि धार शहर में तालाब से पानी की सप्लाई होती है। चूंकि जल स्तर काफी कम हो चुका है इसलिए शुरुआत में मटमैला पानी आ रहा था।
सीएमओ ने कहा कि हमारे द्वारा पानी में ब्लीचिंग पाउडर मिलाकर उसे लगातार साफ किया जा रहा है। अधिकारियों ने खुद फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया है। कांग्रेसी जो पानी बोतलों में भरकर लाए हैं वह पुराना पानी है। अब शहर में साफ पानी की सप्लाई शुरू हो चुकी है बल्कि आज तो शहर में पानी की सप्लाई हुई ही नहीं है। वहीं सोशल मीडिया पर रील बनाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि नगर पालिका की हर छोटी-बड़ी एक्टिविटी को जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर डाला जाता है।
फिलहाल प्रशासन के 10 दिन के अल्टीमेटम और कांग्रेस की तालाबंदी की चेतावनी के बाद अब देखना होगा कि धार शहर की जनता को इस भीषण गर्मी में गंदे और बदबूदार पानी से कब तक निजात मिलती है।
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यूपी की ‘ठक-ठक गैंग’ इंदौर में पकड़ाई, कई राज्यों की पुलिस करेगी पूछताछ
इंदौर एक्सीडेंट होने की नोटंकी कर अकेले कार चालकों को लूटने वाली इंदौर में पकड़ाई यूपी की 'ठक-ठग गैंग' से अब दूसरे राज्यों की पुलिस भी पूछताछ करेगी। इस गैंग ने पूछताछ में इंदौर सहित महाराष्ट्र के पुणे, नासिक, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात के कई शहरों में वारदात को अंजाम देना स्वीकारा है। संबंधित राज्यों की पुलिस को भी सूचना दी गई है। इधर, रिमांड अवधि खत्म होने पर पांचों बदमाशों को जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि गत दिवस सुनसान इलाके में किसी व्यापारी या एजेंट को लूटने की साजिश रचते पांच बदमाशों को भंवरकुआं थाना पुलिस में गिरफ्तार किया था। इनके पास से टामी, लाल मिर्च पाउडर सहित लूट में प्रयुक्त होने वाली सामग्री बरामद की थी। बदमाशों के नाम कुलदीप, नाजिम कुरैशी, महकूज, शोएब कुरैशी और मो. शकील कुरैशी निवासी मेरठ (यूपी) हैं, जिन्हें 2 दिन की रिमांड पर पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है। पूछताछ पता चला था इसी गैंग ने तीन इमली ब्रिज पर कारोबारी मनोज जैन के साथ लूट की थी।
बदमाशों ने कार को ब्रिज पर रोका और एक्सीडेंट होने का बहाना बनाकर बातों में उलझा कर कारोबारी मनोज जैन से रुपए से भरा बैग लूट ले गए थे, जबकि राजेंद्र नगर क्षेत्र में भी चार्टर्ड अकाउंटेंट कुणाल सिंघवी को इसी तरह उलझाकर महंगा आइफोन लूटना कबूला।
गैंग मेरठ से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, एमपी, महाराष्ट्र और गुजरात होकर फिर इंदौर में वारदात के लिए सक्रिय थी। थाना प्रभारी संतोष दूधी ने बताया कि अन्य राज्यों के संबंधित पुलिस को भी इंदौर पुलिस ने इन आरोपियों को पकड़े जाने की सूचना दी है। वहां हुई वारदातों के सिलसिले में पुलिस टीम जल्दी इंदौर जाकर पूछताछ करेगी।
इंदौर में त्योहारी सतर्कता के साथ ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त आदतन और सूचीबद्ध 16 गुंंडों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर ने एक ही दिन में इन बदमाशों में 11 को जिलाबदर करते हुए 5 को थाना हाजिरी के आदेश जारी किए हैं। शहर में मोहर्रम पर्व और अन्य त्योहारों के मद्देनजर सभी थाना इलाकों में संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगाह रखने और लगातार भ्रमण किए जाने के दिशा-निर्देश पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने दिए हैं। इस बीच शहर में सक्रिय आदतन बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। कल जारी आदेश के तहत 11 गुंडों को तड़ीपार कर दिया गया, जबकि 5 बदमाशों को सशर्त थाने पर जाकर निर्धारित समय में अपनी हाजिरी देनी होगी। संबंधित थानों की पुलिस टीमों ने जिलाबदर किए गए बदमाशों के घरों पर जाकर आदेश सुनाया और मोहल्ले वालों को भी इसकी जानकारी दी।
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बैंक धोखाधड़ी: ट्रांसपोर्ट को-ऑपरेटिव बैंक के 2 कर्मियों पर केस दर्ज, व्यापारी के खाते से उड़ाए 22 लाख
इंदौर। निजी बैंक में लगातार धोखाधड़ी से जुड़ी हुई वारदातें सामने आ रही है। ताजा मामला ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेटिव बैंक से जुड़ा हुआ है जहां पर एक व्यापारी के ऑडी अकाउंट से लाखों रुपए विड्रोल किए गए मामले में शिकायत के बाद बैंक के ही दो कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
दरअसल भंवरकुआ पुलिस के मुताबिक नवीन सोनी ट्रांसपोर्ट कारोबारी के द्वारा एक शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया गया था जिसके आधार पर शिकायत की जांच करने के बाद ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेट बैंक के कर्मचारी आशीष अग्रवाल और दोषंत श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है बताया जा रहा है कि फरियादी के बैंक अकाउंट से 22 लख रुपए का ट्रांजैक्शन किया गया था जिसमें लोन का रुपया उनके बैंक अकाउंट में आया और उसके बाद उसे विड्रोल कर लिया गया, जबकि ट्रांसपोर्ट कारोबारी की यह एक निजी संस्था की बैंक है।
यहां पर तमाम रूपों के लेनदेन से जुड़े मामले का हिसाब किताब बारीकी से रखा जाता है लेकिन उसके बावजूद भी ट्रांसपोर्ट कारोबारी के बैंक अकाउंट का उपयोग राशि को निकालना और भुगतान से जुड़ा हुआ था इसकी गंभीरता को देखते हुए। प्रकरण दर्ज हुआ है अब मामले की आगे जांच पड़ताल की जा रही है कि इन कर्मचारियों के द्वारा कितने व्यापारियों के साथ इस तरह की वारदात की गई है।

प्रमुख समाचार

 अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित चोरी के विवाद के 17 दिन बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली बार इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं और जांच पूरी होने के बाद पूरा सच सामने आ जाएगा। सीएम योगी ने रामभक्तों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि केवल 15 दिन और इंतजार कर लें। एसआईटी जांच की रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सबके सामने होगी।...

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सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी से बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। ग्राम कर्थुआ बहेरा में रहने वाली भाजपा प्रजापति नाम की एक युवती ने गुरुवार को कथित रूप से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती की 19 जून को शादी थी, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है, वहीं युवती के नाम को लेकर यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। परिजनों के मुताबिक भाजपा प्रजापति की...

अपराध

सतना. एमपी के मैहर जिले में भाजपा के एक बड़े कार्यक्रम के दौरान उस वक्त हंगामा मच गया, जब सांसद और पूर्व मंत्री के सामने ही मंच पर मारपीट हो गई. मंच संचालन कर रहे भाजपा के मंडल महामंत्री को पूर्व मंत्री के भाई ने मंच पर चढ़कर पीटना शुरू कर दिया. इसके बाद मंच पर दोनों के बीच मारपीट हुई, मामला थाने तक भी पहुंच गया है. महामंत्री ने पूर्व मंत्री के भाई पर मारपीट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत की है. मैहर जिले के ताला में प्रधानमंत्री नरेंद्र...
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गुना।(गरिमा टीवी न्यूज़) गुना कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट द्वारा जिले के 01 आदतन अपराधी को मध्यप्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धाराओं के अंतर्गत 01 वर्ष के लिए जिलाबदर करने के आदेश जारी किए गये हैं। जारी आदेश अनुसार कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर आदतन अपराधी संतोष किरार पुत्र राधेश्‍याम किरार उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम गुढा थाना फतेहगढ़ जिला गुना को 01 वर्ष के लिये गुना जिला एवं इससे लगी सीमावर्ती जिले शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, भोपाल की सीमा से निष्‍कासन संबंधी...

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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बीमार होने के बाद भोपाल अस्पताल मे भर्ती गरिमा
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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