


उज्जैन। चिमनगंज थाना क्षेत्र की राजरायल कॉलोनी में रविवार रात को जमकर बवाल हो गया। भारतीय क्रिकेट टीम के टी-20 वर्ल्डकप जीतने से उत्साहित कुछ लोग पटाखे फोड़ रहे थे। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उन्हें पटाखे फोड़ने से मना कर दिया। इसे लेकर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हो गई। 10 लोग घायल हो गए। मारपीट का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर बहुप्रसारित हुआ है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि भारतीय क्रिकेट टीम के रविवार रात को टी-20 वर्ल्डकप जीतने पर राजरायल कॉलोनी में कुछ लोग जीत का जश्न मनाने के लिए पटाखे फोड़ रहे थे, जिसको लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताते हुए पटाखे दूसरी जगह फोड़ने को कहा था। दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई।
बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने लाठी, पाइप से हमला कर दिया, जिसमें रविंद्र हाड़ा, दृष्टि हाड़ा, मनीष मेहरले, अनिता मेहरले, विमला मालवीय, लैलासिंह, मानवेंद्र हाड़ा, विशला मालवीय घायल हो गए। दूसरे पक्ष से शादाब खान, वाहिद खान व एक महिला को भी चोट लगी है। सूचना मिलने पर चिमनगंज पुलिस मौके पर पहुंची थी।
राजरायल कालोनी में विवाद की जानकारी लगने पर हिंदूवादी संगठन के रितेश माहेश्वरी व अन्य लोग भी मौके पर पहुंचे थे। लोगों ने बताया कि कालोनी में असामाजिक तत्वों ने माता प्रतिमा बैठाने को लेकर भी कुछ माह पूर्व आपत्ति जताई थी।
पुलिस ने संजय नामदेव की शिकायत पर वाहिद खान, जाकिर, सुल्तान, शादाब व अन्य साथियों के खिलाफ धारा 331, 296, 115, 351 व 3 बीएनएस के तहत केस दर्ज किया है। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से वाहिद खान की शिकायत पर रविंद्र, पंकज व अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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होली के दिन युवती की कार पर एसिड अटैक: कलर के साथ वाहन का रंग तक उड़ा
भोपाल। राजधानी भोपाल के ऐशबाग थाना क्षेत्र में होली के त्योहार के दिन एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक युवती ने घर के सामने अपनी कार पार्क की थी, लेकिन वापस लौटकर देखा तो कार पर किसी ने रंग मिलाकर एसिड फेंक दिया था। एसिड इतना तेज था कि कार का ओरिजिनल कलर तक निकल गया और पेंट पूरी तरह उड़ गया।
युवती, जो एक प्रतिष्ठित संस्थान में एचआर के पद पर कार्यरत हैं, घटना से डरी सहमी युवती ने आशंका जताई कि आज कार पर डाला गया एसिड कल मुझ पर डाला जा सकता है। यह किसी की सोची-समझी साजिश लगती है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पुष्टि की कि यह हरकत जानबूझकर की गई है। ऐशबाग थाने की पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन जांच तेजी से चल रही है।
यह घटना महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रही है, खासकर त्योहारों के मौके पर जब लोग घर से बाहर होते हैं। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और आसपास के गवाहों के बयानों के आधार पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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नाली में बम फेंकने से मस्जिद की दीवार पर फैला कीचड़, ...CSP समेत दो पुलिस जवान घायल
शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में जीत के जश्न के दौरान विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, टी 20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद जश्न मना रहे युवक बाइक पर सवार होकर निकल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार युवकों में से किसी ने मस्जिद के पास सुतली बम फेंक दिया। बम फूटने से मस्जिद की दीवार पर नाली का कीचड़ फैल गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, शाजापुर में रविवार रात को भारत के टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद जश्न मना रहे युवक बाइक पर सवार होकर निकल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार युवकों में से किसी ने किला रोड पर स्थित पीपलपत्ता मस्जिद के पास सुतली बम फेंक दिया। सुतली बम के फूटने से मस्जिद की दीवार पर नाली का कीचड़ फैल गया। इस घटना की जानकारी लगते ही वहां बड़ी संख्या में समाजजन इकट्ठा हो गए और तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
वहीं मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी पहुंचा। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें बड़ी संख्या में बाइक पर सवार युवक जीत का जश्न मनाते हुए निकल रहे हैं और इसी दौरान बाइक पर सवार युवक बम फेंकते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं पीपलपत्ता मस्जिद कमेटी ने कोतवाली थाने में आवेदन दिया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
चेतन योगी, देवास। देवास के सयाजी द्वार में भारतीय टीम के जीतने पर जश्न का माहौल था। हुड़दंगियों ने इस जश्न में बाधा डालते हुए पटाखे एक दूसरे के ऊपर फेंकते नजर आए। इस घटना में सीएसपी सुमित अग्रवाल समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। जिन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान छुट्टी कर दी गई है। बताया जा रहा है कि जलते हुए बम पुलिसकर्मियों के पास जाकर फूटे थे। वहीं घटना के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई।
सतना। जिले के जैतवारा थाना क्षेत्र में सामने आए अंधे हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। इस मामले में जो सच्चाई सामने आई, उसने सभी को चौंका दिया। युवक की हत्या किसी बाहरी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसकी ही पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कराई थी। दोनों के बीच चल रहे अवैध प्रेम संबंध में पति सबसे बड़ी बाधा बन गया था, इसलिए उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच दी गई।
गौरतलब है कि 5 मार्च को जैतवारा थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई थी जब नदी के पुल के नीचे एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली। मृतक की पहचान कौशलेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ डबलू के रूप में हुई। उसके सिर पर किसी कठोर वस्तु से वार के निशान थे, जिससे साफ था कि उसकी बेरहमी से हत्या की गई है। मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जैतवारा थाना प्रभारी अभिषेक कुमार पाण्डेय और उनकी टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय पूछताछ के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि इस हत्या के पीछे पारिवारिक रिश्तों का विवाद हो सकता है। जांच की दिशा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे एक चौंकाने वाली प्रेम कहानी सामने आने लगी।
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी कुसुम सिंह उर्फ रीना सिंह और संदीप पटेल के बीच लंबे समय से बातचीत और मुलाकातें हो रही थीं। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए थे और वे अक्सर एक-दूसरे से संपर्क में रहते थे। कुछ समय बाद इस संबंध की भनक पति कौशलेन्द्र सिंह को लग गई। इसके बाद पति और पत्नी के बीच विवाद बढऩे लगा। बताया जा रहा है कि जब पति को पत्नी और संदीप के रिश्ते की जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। इससे दोनों प्रेमियों को लगने लगा कि कौशलेन्द्र उनके रिश्ते के बीच सबसे बड़ी बाधा बन गया है। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।पुलिस के मुताबिक साजिश के तहत आरोपी संदीप पटेल ने कौशलेन्द्र सिंह को सुनसान जगह पर पत्थर से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। सिर पर लगातार वार किए गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को घसीटते हुए नदी के पुल के नीचे फेंक दिया ताकि मामला दुर्घटना या अज्ञात हत्या जैसा लगे और पुलिस को गुमराह किया जा सके।
हत्या करने के बाद संदीप पटेल ने मृतक की पत्नी कुसुम सिंह को बताया कि उसने कौशलेन्द्र को मारकर शव पुल के नीचे फेंक दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पत्नी इस साजिश से पहले से ही वाकिफ थी और दोनों ने मिलकर योजना बनाई थी। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल यूपी 90 एई 2297 भी बरामद कर ली है।
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वन विभाग का एक्शन: करथुआ में मोर का अवैध शिकार, तीन आरोपी गिरफ्तार
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। फॉरेस्ट विभाग ने राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करने वाले तीन आरोपियों को धर दबोचा है। इसके साथ ही तीनों को जेल भेज दिया गया है। यह पूरा मामला जिले के करथुआ वन परिक्षेत्र का है।
वन परिक्षेत्र करथुआ में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/12, 7 मार्च 2026 को मादा मोर के अवैध शिकार का मामला सामने आया था। मुखबिर से मिली सूचना के बाद वन विभाग की टीम एक्टि हुई। त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के एक ही दिन के भीतर शिकार में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में हिन्छलाल केवट (68), रज्जू केवट (51) और सुरेंद्र उर्फ लाला केवट (27) शामिल है। तीनों आरोपी ग्राम धानी के निवासी बताए जा रहे हैं।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2, 9, 39, 51 और 52 के तहत मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को देवसर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेश पर सभी को जिला जेल पचौर भेज दिया गया है। वहीं फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने अवैध शिकार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है और वन्यजीव संरक्षण के लिए आमजन से सहयोग की अपील की है।
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कुत्ते नोच रहे थे नवजात का शव, पैर पर लिखा था माता-पिता का नाम
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा से सनसनीखेज घटना सामने आई है। जहां खाली प्लॉट में नवजात का शव मिला है। कुत्ते उसे खा रहे थे, जिसके बाद लोगों ने उन्हें भगाकर शव को सुरक्षित निकालने की कोशिश की।
5 दिन पहले सांची रोड पर शंकर हॉस्पिटल के सामने खाली प्लॉट में कुत्ते एक नवजात के शव को खा रहे थे। सूचना मिलते ही लोग वहां इकट्ठा हो गए। साथ ही समाजसेवी आदर्श तिवारी को भी इस बात की जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि लोगों ने कुत्ते को यहां से भगाया और शव को सुरक्षित करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि कैलाश अस्पताल और मेडिकल कॉलेज नजदीक में ही है। आशंका है कि नवजात की मौत होने के बाद उसे फेंक दिया गया हो। उसके पैर पर उसके माता-पिता का नाम भी लिखा हुआ था।
प्याज और लहसुन में तामसिक या नेगेटिव एनर्जी होती है या नहीं इसके लिए रिसर्च की मांग को लेकर एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है. मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(CJI) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के वकील सचिन गुप्ता को कड़ी फटकार लगाई. CJI ने पूछा- आधी रात को ये सब पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या? CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने वकील की पांचों PIL अस्पष्ट, फालतू और बेबुनियाद बताकर खारिज कर दीं. सुप्रीम कोर्ट के वकील सचिन गुप्ता 5 पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन(PIL)/जनहित याचिका फाइल की थीं.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 मार्च, 2026) को एक वकील को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि वह जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं. कोर्ट ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी याचिकाएं अदालतों का बोझ बढ़ाती हैं. लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने जब यह याचिका लगी तो वकील की अपील सुनकर सीजेआई बेहद नाराज हुए.
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि यह एक आम समस्या है और गुजरात में प्याज-लहसुन के इस्तेमाल की वजह से एक कपल का तलाक हो गया. वकील सचिन गुप्ता खुद पक्षकार के तौर पर पेश हुए थे. सीजेआई सूर्यकांत ने उनसे कहा कि वह जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं. सीजेआई के सवाल पर वकील ने कहा, ‘क्योंकि यह एक बहुत आम समस्या है. गुजरात में एक कपल का तलाक सिर्फ भोजन में प्याज का इस्तेमाल किए जाने की वजह से हुआ है.’ हालांकि, बेंच वकील की दलीलों और जनहित याचिका पर बेहद नाराज हुई. कोर्ट ने वकील को चेतावनी दी कि अगली बार ऐसी याचिका दाखिल की तो उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकता है.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘अगली बार आप ऐसी याचिका लेकर आए तो आप देखेंगे कि हम क्या कर सकते हैं.’ यह याचिका संविधान के आर्टिकल 32 के तहत दाखिल की गई थी, इसमें मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट कमेटी बनाकर, जांच करवाए कि क्या प्याज तामसिक भोजन में आती है या उसमें कौन से नकारात्मक तत्व हैं. याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि जैन समुदाय के लोग प्याज, लहसुन और जड़ वाली सब्जियां नहीं खाते हैं, वे उन्हें तामसिक भोजन मानते हैं.
कोर्ट ने ये याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि ऐसी याचिकाएं अदालतों का बोझ बढ़ाती हैं. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अगर वकील न होते तो उन पर अनुकरणीय जुर्माना लगाया जाता. एडवोकेट सचिन गुप्ता ने इसके अलावा तीन और जनहित याचिकाएं भी दाखिल की थीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें भी खारिज कर दिया.
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मुख्य चुनाव आयुक्त पहुंचे बंगाल : मंदिर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने गो बैक और काले झंडे दिखाए
कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका दौरा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही ज्ञानेश कुमार चुनाव का रिव्यू करने बंगाल पहुंचे हैं। इस दौरे के लिए एक मीटिंग भी आयोजित करवाई गई है। जो तीन दिन तक चलेगी।
वहीं अपनी मीटिंग के बीच CEC ज्ञानेश कुमार कालीघाट मंदिर पहुंचे हैं। जैसे ही प्रदर्शनकारियों को उनके आने की खबर लगी तो बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मंदिर पर एकजुट हो गए। CEC को मंदिर से बाहर प्रदर्शनकारियों ने गो बैक और काले झंडे दिखाए। इतना ही नहीं जब वे रविवार को कोलकाता पहुंचे थे जब भी उनके काफिले के सामने प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते दिखे साथ ही उन्हें काले झंडे भी दिखाए गए।
वहीं बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा के एक डेलीगेशन ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से फुल बैंच मीटिंग की, इसमें डेलीगेशन द्वारा मांग की गई कि इलेक्शन 3 फेज में आयोजित कराए जाए। बता दें पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। जिसमें सीटों की संख्या 294 है, इसके लिए चुनाव अप्रैल में होने की संभावना जताई जा रही है।
जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में सीएम ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर बंगाल में सरकार बनाई थी। जिसके लिए पार्टी ने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद घोषित किया था।
रविवार को पश्चिम बंगाल के न्यू टाउन इलाके में एक निजी होटल के बाहर स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक ज्ञानेश कुमार, डेमोक्रेसी के हत्यारे’ लिखी टी-शर्ट पहन रखी थी। जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू, विवेक जोशी और वरिष्ठ डिप्टी चुनाव आयुक्त मनीष गार्ड व पवन कुमार के साथ कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे, तब भी प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए और विरोध जताया।
सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी राज्य में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर रहे हैं। इस बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों को लेकर पार्टियों की चिंताओं और सुझावों को सुनना है।
बैठक के दौरान भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं।भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं को सुरक्षित माहौल में वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए।
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महाराष्ट्र में नए ऑटो रिक्शा परमिट पर लगी रोक, परिवहन मंत्री ने ट्रैफिक, प्रदूषण का बढ़ना कारण बताया
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में पहले से ही बहुत बड़ी संख्या में ऑटो परमिट जारी हो चुके हैं, जिससे शहरों में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या गंभीर रूप से बढ़ गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में अब तक करीब 14 लाख ऑटो रिक्शा परमिट जारी किए जा चुके हैं. इनकी अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है.
मौजूदा ऑटो परमिट धारकों ने भी सरकार से शिकायत की थी कि नए परमिट जारी होने से रिक्शा चालकों में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है और उन्हें पर्याप्त सवारी नहीं मिल पा रही हैं. जिससे आय पर भी बुरा असर पड़ रहा है. सरकार ने इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में नए ऑटो रिक्शा परमिट जारी करने पर फिलहाल पूरी तरह रोक लगा दी है. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा के बाहर ये घोषणा करते हुए बताया कि ट्रैफिक जाम, बढ़ता प्रदूषण और अवैध परमिट धारकों की शिकायतों के बाद ये कड़ा कदम उठाया गया है.
इसके अलावा जांच में ये भी सामने आया है कि कुछ मामलों में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को भी ऑटो परमिट मिल गए थे. इस मामले की भी जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ऑटो रिक्शा की अधिकता के कारण मुंबई, पुणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में यातायात का बोझ बढ़ गया है. सड़कों पर भीड़-भाड़ से वाहनों की गति कम हो रही है, ईंधन की खपत बढ़ रही है और प्रदूषण की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. सरकार ने बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद राज्य में नए ऑटो परमिट जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया गया है.
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा में एक ऐसी दुनिया भी है, जहां आज भी लोग भूत प्रेत और अंधविश्वास में भरोसा रखते हैं। बात खंडवा के उस सैलानी दरगाह की जहां पर बुरी आत्माओं से लोगों को निजात मिलती है। ऐसा माना जाता है कि यहां पर बुरी आत्माओं की बाबा सैलानी के इस मेले में आते है।
अपने-अपने जीवन में तरह-तरह के मेले देखे होंगे। झूला के माध्यम से गोलगप्पे खाते हुए अपने इन मेलों का आनंद भी लिया होगा, लेकिन कभी अपने भूतों के मेले के बारे में सुना है। आप कहेंगे नहीं तो चलिए आज हम आपको एक ऐसे मेले में ले चलते हैं जहां एक नहीं दो नहीं बल्कि हजारों की संख्या में भूतों का मेला लगता है। आज हम जिस मेले की बात करने जा रहे हैं, वहां पर ना तो कोई मस्ती होती है ना कोई झूला लगते हैं, बल्कि यहां लगता है भूतों का मेला।
हम बात कर रहे है खंडवा के एक ऐसे मेले की जहां पर बुरी आत्माओं की पेशी लगवाई जाती है और यहां पर सजा के तौर पर बुरी आत्माओं को शरीर छोड़कर जाने का फैसला सुनाया जाता है। खंडवा से 25 किलोमीटर दूर जावर गांव के पास सैलानी गांव में सैलानी बाबा की एक अद्भुत मजार है। इस मजार पर यूं तो सालभर लोगों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन होली के बाद से लेकर रंग पंचमी तक यहां देश के अलग-अलग हिस्से से भूत, प्रेत, बुरी आत्माओं से पीड़ित बाधित लोग पहुंचते हैं। ऐसे ऐसे परेशान लोग यहां पहुंचते हैं जिसे देखकर यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि लोग यहां आते तो दुख में हैं, लेकिन यहां से वापस लौटने वाले खुशी-खुशी वापस लौटते हैं।
सैलानी बाबा की इस दरगाह पर कोई जंजीर में बांधकर लाया गया है तो कोई महीनों से प्रेत बाधा से पीड़ित। ऐसे लोगों को परिजन देश के कोने कोने से यहां लेकर पहुंचे हैं। ऐसा माना जाता है कि दरगाह की लोहे की इस चारदीवारी में इतनी शक्ति है कि इसे छूते हीं बाहरी शक्तियां तांडव करने लगती है और गुनाहों को कुबूल कर सैलानी से पनाह मांगती है। बाबा की चौखट पढ़ते ही बड़े से बड़ा भूत तांडव करने लगता है। बाबा सैलानी की दरगाह पर पहुंचने के बाद न्याय मांगने के लिए बुरी आत्माएं यहां अपना गुनाह कुबूल कर बाबा सैलानी से पनाह मांगती है। शरीर से अलग होने के लिए आत्माओं को बाबा सजा देते हैं। सजा भी ऐसी जो खुली आंखों से नहीं दिखती है। सिर्फ शैतानी आत्माएं ही इस सजा को महसूस करती है। ऐसी में इन बुरी आत्माओं को शरीर छोड़कर जाने के लिए मजबूर होना पड़ता हैं।
वर्ष 1939 में स्थापित बाबा की इस दरगाह में होली से लेकर रंग पंचमी तक देशभर से हजारों लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो जाता है। गांव का नाम भी बाबा के नाम पर ही सैलानी रखा गया है। देशभर से आए लोग यहां तंबू बना कर कई दिनों तक रहते हैं। मान्यता है कि 5 गुरुवार को नियमित यहां आने से पीड़ितों को फायदा होता है। यहां मुर्गे और बकरे की बलि दी जाती है। लोग मुर्गे और बकरे को लाते हैं और बाबा के नाम पर यहीं छोड़ जाते हैं।
सैलानी बाबा की दरगाह करीब 87 साल पुरानी है, जो महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के फकीर मकदूम शाह सैलानी की है। हालांकि इस दरगाह की एक खास बात ये भी है कि यहां सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल भी देखने को मिलती है। यहां हिंदू कैलेंडर की तारीख के अनुसार होली से रंग पंचमी तक मेला लगता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग आते हैं। बहरहाल आस्था और अंधविश्वास के इस खेल में कोई भी तर्क काम नहीं करता। लोग सिर्फ अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं और खुशी–खुशी लौट जाते हैं।
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किले से तोप चलाते हुए वीडियो वायरल करने वाले चारों बदमाश गिरफ्तार
रायसेन। मध्यप्रदेश के रायसेन में इंस्टाग्राम पोस्ट से धार्मिक भावनाएं आहत करने और तो चलाने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस खबर को प्रमुख्ता के साथ प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशन के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया और कार्रवाई की।
फरियादी द्वारा बताया गया कि इंस्टाग्राम पर एक रील में शादाब कुरैशी एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा रायसेन किले से तोप चलाते हुए धर्म विरोधी नारे लगाते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। वीडियो में ऐसे आपत्तिजनक नारे लगाए गए, जिससे हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। नगर में सामाजिक सौहार्द्र बिगड़ने एवं तनावपूर्ण स्थिति निर्मित होने की आशंका उत्पन्न हो गई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली में प्रकरण पंजीबद्ध कर मुख्य आरोपी शादाब कुरैशी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भी तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में शादाब कुरैशी पिता शाहीर कुरैशी निवासी कसाई मोहल्ला रायसेन, युसूफ शेख पिता महफूज शेख निवासी चटाईपुरा, भोपाल, वसीम मोहम्मद पिता इब्राहिम खान निवासी ऐशबाग, भोपाल, पप्पू उर्फ सलमान कुरैशी पिता सलीम कुरैशी निवासी तलैया, भोपाल शामिल है।
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कोर्ट के आदेश पर कब्जा हटाने गई टीम पर हमला: ग्रामीणों ने किया पथराव
धार। मध्य प्रदेश के धार के सिरसोदा गांव में कब्जा हटाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर हमला हो गया। कोर्ट के आदेश पर पहुंची टीम पर कब्जाधारियों ने पथराव कर भगाने की कोशिश की। इस दौरान एक महिला ने खुद पर घासलेट डालकर आत्महत्या करने की कोशिश भी की।
एसपी विजय डाबर ने बताया कि टीम कब्जा हटाने के लिए पहुंची थी। तभी वहां मौजूद महिलाओं ने पुलिस के साथ जबरदस्ती की और खुद पर घासलेट डालकर आत्महत्या की कोशिश की। इस पर महिला को पुलिस अभिरक्षा में लेकर धामनोद के सिविल अस्पताल में पहुंचाया गया। वर्तमान में शांति कायम है और जिन्होंने पथराव किया है उनकी पहचान कर मामला दर्ज किया जाएगा। जिस व्यक्ति का मकान पर कब्जा है, उसने दो दिन का समय मांगा है। मांग पर दो दिन का समय दिया है। अगर दिए गए समय पर घर खाली नहीं किया जाता है तो प्रशासन कार्रवाई करेगी।
इस घटना के दौरान थाना प्रभारी का पांव मुड़ गया और फैक्चर हो गया। संतोष नामक व्यक्ति ने कहा कि वे पिछले 80 सालों से यहां पर रह रहे हैं। जब से कालू सिंह ठाकुर विधायक ने जमीन खरीदी है, तब से रोज विवाद हो रहे हैं।
ASP विजय डाबर ने बताया कि एक मकान बना हुआ था। निजी शिकायत पर न्यायालय के फैसला पर कब्जा दिलाने के लिए राजस्व विभाग के साथ में एसडीएम, एसडीओपी, पुलिस का अमला यहां पर मौजूद था। बातचीत चल ही रही थी कि इस दौरान घर की महिलाओं ने पुलिस और प्रशासन के साथ जबरदस्ती की और घासलेट डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस अभिरक्षा में लेकर में सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में वर्षों से पढ़ा रहे हजारों शिक्षकों के सामने अब बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी करते हुए साफ कर दिया है कि पुराने शिक्षकों को भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करनी होगी। यदि वे निर्धारित समय सीमा में यह परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं, तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है।
यह फैसला शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों का पात्रता परीक्षा पास होना जरूरी है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति RTE लागू होने से पहले हुई थी और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज्यादा समय बाकी है, उन्हें अनिवार्य रूप से TET परीक्षा देनी होगी।
सरकार ने इन शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के लिए दो साल का समय दिया है। विभाग की योजना के अनुसार, इन शिक्षकों के लिए जुलाई-अगस्त 2026 में विशेष TET परीक्षा आयोजित की जा सकती है। यदि कोई शिक्षक तय समय सीमा के भीतर यह परीक्षा पास नहीं कर पाता है, तो उसे या तो इस्तीफा देना होगा या फिर विभाग उसे सेवा से मुक्त कर सकता है।
नए नियम के अनुसार अब सिर्फ नई भर्ती ही नहीं, बल्कि पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए भी TET पास होना अनिवार्य होगा। बिना पात्रता परीक्षा के न तो नई नियुक्ति मिलेगी और न ही किसी शिक्षक को पदोन्नति दी जाएगी।
शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करें जिन्होंने अभी तक TET पास नहीं किया है। इन शिक्षकों को समय रहते परीक्षा के बारे में सूचना देने को कहा गया है।
सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश के कई शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठनों का कहना है कि जो शिक्षक 20–25 साल से स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, उन्हें अब इस उम्र में परीक्षा के नाम पर नौकरी से निकालना अन्यायपूर्ण है। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि राज्य में CM Rise School योजना के तहत छोटे सरकारी स्कूलों के विलय के कारण पहले ही बड़ी संख्या में शिक्षक अतिरिक्त हो रहे हैं। ऐसे में TET को अनिवार्य बनाकर कई शिक्षकों को नौकरी से बाहर करने की आशंका जताई जा रही है।
सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों के बीच विरोध तेज होने की संभावना है। यदि इस आदेश में बदलाव नहीं किया गया, तो आने वाले समय में इसे लेकर आंदोलन भी हो सकता है। फिलहाल शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए इस फैसले को लागू करने की तैयारी में है।
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जिला अस्पताल में लापरवाही की हद पार, डिलीवरी के दौरान टेबल टूटने से गिरी गर्भवती, नवजात की हुई मौत
शहडोल. एमपी के शहडोल जिला अस्पताल के लेबर रूम से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षित प्रसव के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है. जयसिंहनगर के ग्राम सेमरा निवासी उमा साकेत के साथ हुई इस घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियां छीन ली, बल्कि अस्पताल के भीतर मरीजों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है.
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ का तर्क सवालों के घेरे में है. उन्होंने टेबल टूटने की बात को सिरे से नकारते हुए कहा कि महिला का वजन अधिक होने के कारण संतुलन बिगड़ा और बच्चा आड़ा होने के कारण उसकी मौत हुई.
प्रबंधन की इस दलील पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि महिला का वजन अधिक था, तो मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत अतिरिक्त सुरक्षा क्यों नहीं बरती गई. क्या टेबल इतनी कमजोर थी कि मरीज का भार भी नहीं सह सकी.
पीड़ित उमा साकेत को प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पति मुकेश साकेत का आरोप है कि जब उमा को लेबर रूम में टेबल पर लिटाया गया, तो वह जर्जर टेबल अचानक टूट गई. इस झटके से उमा और गर्भस्थ शिशु सीधे जमीन पर जा गिरे. परिजनों का कहना है कि इसी हादसे के कारण नवजात की मौत हुई है. पीएनसी वार्ड में उपचाररत उमा साकेत ने स्वयं इस भयावह अनुभव की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि वह टेबल टूटने की वजह से नीचे गिरी थीं. गंभीर बात यह है कि घटना के बाद स्टाफ ने संवेदनहीनता दिखाते हुए परिजनों को मिलने तक नहीं दिया और सीधे मृत बच्चा पैदा हुआ है कहकर मामला दबाने की कोशिश की.
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महिला कर्मचारी ने किया ₹60 लाख का गबन, ग्राहकों को दिखाने के बहाने आभूषण लेकर हुई फरार, FIR दर्ज
इंदौर। इंदौर के एक ज्वैलरी शोरूम में लाखों रुपये कीमती आभूषणों की हेराफेरी का मामला सामने आया है। तुकोगंज पुलिस ने कंपनी के डायरेक्टर की शिकायत पर महिला कर्मचारी के खिलाफ गबन की एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला ग्राहकों को आभूषण दिखाने और बेचने के बहाने आभूषण लेकर गायब हो गई है। हेराफेरी में महिला के साथ अन्य लोगों के शामिल होने का अंदेशा है।
टीआइ जितेंद्र यादव के अनुसार रजत जेम्स एंड ज्वेलरीज प्रा.लि. का तुकोगंज थाना के समीप स्थित सिटी सेंटर में ज्वैलरी शोरूम है। डायरेक्टर रजत पुत्र कल्याण माहेश्वरी निवासी स्कीम-74 ने सेल्स एग्जीक्यूटिव मेघा आशीष राठौर निवासी भक्त प्रहलाद नगर के खिलाफ शिकायत की है। रजत के अनुसार मेघा सात साल से शोरूम में काम कर रही थी। ग्राहकों की मांग पर शोरूम से आभूषण ले जाकर घर दिखाने जाती थी।
रजत की कंपनी ग्राहकों की सुविधा के लिए स्वर्ण आभूषण योजना भी संचालित करती है। इसके तहत ग्राहक किस्तों में रुपये जमाकर आभूषण खरीदते हैं। मेघा ने 21 जनवरी से 9 फरवरी के मध्य सात अलग-अलग पार्टियों के नाम से गोल्ड अप्रूवल वाउचर से कुल 357.66 ग्राम वजनी 60 लाख 97 हजार के आभूषण लिए और वापस नहीं किए। मेघा ने आभूषणों के रुपये भी कंपनी में जमा नहीं किए।
12 फरवरी से मेघा ने नौकरी पर आना बंद कर दिया। फोन पर जवाब न देने पर रजत ने थाने में शिकायत कर शनिवार को एफआईआर दर्ज करवा दी। टीआइ के अनुसार मेघा के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 के तहत एफआईआर दर्ज की है। जमानती धारा होने के कारण मेघा को नोटिस भेजा जाएगा।
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