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इंदौर -इंदौर में सोशल मीडिया से शुरू हुई प्रेम कहानी का अंत खौफनाक बदले में हुआ। फेसबुक पर हुई दोस्ती, फिर सगाई और उसके बाद मनमुटाव… लेकिन जब रिश्ता टूटा तो गुस्से में मां ने ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे मामले को क्राइम में बदल दिया। बेटी की शादी नहीं होने की खुन्नस में मां ने लड़के के घर के बाहर खड़ी कार को जलवाने के लिए 15 हजार रुपये की सुपारी दे डाली।
पूरा मामला स्कीम नंबर 54, विजयनगर थाना क्षेत्र का है, जहां 16 मार्च की रात बाइक सवार बदमाश ने कपिल चौहान की कार में आग लगा दी थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को पकड़ा, तो इस आगजनी के पीछे छिपी कहानी ने सभी को चौंका दिया।
जांच में सामने आया कि करीब दो साल पहले युवती और मयंक की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और परिवारों की सहमति से यह रिश्ता सगाई तक पहुंच गया। दोनों परिवारों ने तय किया था कि पढ़ाई और करियर सेट होने के बाद शादी कर दी जाएगी।
कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद और नोकझोंक बढ़ने लगी। मामला इतना बिगड़ा कि परिवारों ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग करने का फैसला लिया और बातचीत बंद करवा दी।
रिश्ता टूटने के बाद युवती ने मयंक से दिए गए महंगे गिफ्ट वापस मांगने शुरू कर दिए। मयंक आर्थिक रूप से इतना सक्षम नहीं था कि तुरंत रकम लौटा सके। बाद में परिवारों के बीच चर्चा के बाद करीब 85 हजार रुपये के गिफ्ट का हिसाब तय कर पैसे लौटाकर मामला खत्म किया गया।
लेकिन यह समझौता युवती की मां को मंजूर नहीं था। बदले की आग में जल रही मां ने अपने परिचित अजय चौहान को 15 हजार रुपये देकर कार में आग लगाने की साजिश रची। अजय ने बाइक से पहुंचकर कपिल चौहान की कार को आग के हवाले कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने अजय को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद पुलिस ने महिला को भी हिरासत में ले लिया।
माँ थी इससे नाराज सबक सीखना चाहती थी - थाने की टीम ने निरंजनपुर निवासी अजय चौहान को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अजय ने कबूल किया कि उसने यह आगजनी मनीषा अग्रवाल नाम की महिला के कहने पर की थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मनीषा को भी हिरासत में ले लिया।
जांच में सामने आया कि मनीषा ने अजय को 15 हजार रुपये देकर कार में आग लगाने की सुपारी दी थी। अजय उसका परिचित था और पैसों के लालच में उसने इस वारदात को अंजाम दे दिया।

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50 लाख की एमडी ड्रग्स जब्त: लग्ज़री कार से तस्करी, ट्रक चालकों को बेचा था आरोपी
मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर पुलिस ने एक बार फिर एमडी ड्रग्स तस्करी पर कार्रवाई की है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 50 लाख रुपयों की ड्रग्स के साथ एक आरोपी को धर दबोचा है। बताया जा रहा है कि आरोपी इससे पहले में भी डोडाचूरा के मामले गिरफ्तार हो चुका है।
मंदसौर की यशोधर्मन पुलिस ने एमडी ड्रग्स के साथ एक आरोपी रमेशचंद्र पाटीदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी लग्ज़री कार से 50 लाख रुपए कीमत की 530 ग्राम एमडी की तस्करी कर रहा था। मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए शहर के महू नीमच रोड़ स्थित स्टील नगर से कार सवार को रोका गया था। जिसकी तलाशी लेने पर पुलिस ने उसके पास से एमडी ड्रग्स के साथ 5 किलो डोडाचूरा पकड़ा।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया कि वो यह एमडी ड्रग्स रतलाम जिले के किसी ढाबे से लेकर आया था और ट्रक चालकों को बेचा करता था। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
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युवतियों का हाई वोल्टेज ड्रामा: ड्रैगन हॉर्स क्लब के बाहर जमकर हुई हाथापाई, देर रात तक चल रही थी दारू पार्टी
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ युवतियां आपस में हाथापाई करते हुए दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि क्लब में देर रात तक दारू पार्टी चल रही थी। यह युवतियां नशे में धुत थीं। क्लब के बाहर निकलते ही किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गई। वीडियो सामने आने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।
यह पूरा मामला एमपी नगर थाना क्षेत्र का है। जहां रविवार की रात युवतियों का हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। ड्रैगन हॉर्स क्लब के बाहर युवतियों के बीच जमकर हाथापाई हुई। बताया जा रहा है कि क्लब में देर रात तक दारू पार्टी चल रही थी। हाथापाई कर रही चारों युवतियां नशे में धुत थीं। रात करीब 2.30 बजे क्लब के बाहर बीच सड़क पर एक दूसरे के साथ मारपीट की।
इस दौरान वहां मौजूद किसी ने इस घटना को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मारपीट में एक युवती को चोटें आई है। जिसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। एमपी नगर जोन-2 में रातभर नियमों की धज्जियां उड़ती रहीं। इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है।

ग्वालियर के बसंत विहार क्षेत्र में खराब सड़कों को लेकर आखिरकार विरोध का अनोखा तरीका देखने को मिला। वार्ड क्रमांक 58 की भाजपा पार्षद अपर्णा पाटील सड़क के बीच बने गड्ढे में बैठ गईं और प्रशासन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पिछले तीन साल से लगातार शिकायत करने के बावजूद सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है।
बसंत विहार इलाके की सड़क लंबे समय से खराब पड़ी है। जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने कई बार शिकायत की लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पार्षद अपर्णा पाटील भी इस मुद्दे को लगातार उठाती रही हैं लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
पार्षद का कहना है कि सड़क निर्माण के लिए टेंडर भी जारी हो चुका है लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं किया गया। इसी बात से नाराज होकर उन्होंने विरोध का यह तरीका अपनाया। उनका कहना है कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
लाल बिल्डिंग के सामने सड़क के गड्ढे में बैठकर पार्षद ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। लोगों की समस्या का समाधान तुरंत होना चाहिए।
अपर्णा पाटील ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगी। उन्होंने कहा कि जो काम पहले कभी नहीं हुआ, अब वह भी करने को मजबूर होना पड़ेगा
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खाकी फिर दागदार, एएसआई पर नाबालिग से घर में घुसकर छेड़खानी का आरोप
रीवा। जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली और शुचिता पर सवाल उठाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ बिछिया थाने में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक पर 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने घर में घुसकर छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास का सनसनीखेज आरोप लगाया है। इस घटना ने एक बार फिर खाकी वर्दी को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पीड़िता के अनुसार, रविवार की शाम करीब 4:30 बजे जब वह घर पर अकेली थी, तब बिछिया थाने में पदस्थ एएसआई राकेश वर्मा उसके घर पहुंचे। नाबालिग का आरोप है कि एएसआई उसके चाचा के बारे में पूछताछ करने के बहाने अंदर दाखिल हुए। घर में घुसने के बाद उन्होंने कथित तौर पर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। पीड़िता ने बताया कि एएसआई ने न केवल उसका हाथ पकड़कर घसीटा, बल्कि उसे बिस्तर (पेटी) पर पटक दिया और उसके साथ दरिंदगी की कोशिश की।
नाबालिग ने अपनी शिकायत में बताया कि विरोध करने पर उसने एएसआई को धक्का दिया और भागकर छत पर चढ़ गई। इसके बाद आरोपी एएसआई ने कथित तौर पर घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा दिया और वहां से चले गए। बाद में देर रात दोबारा आकर उन्होंने चाबी दरवाजे पर ही टांग दी।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय एएसआई नशे की हालत में थे। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी आरती सिंह ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, एएसआई राकेश वर्मा उस समय 'कॉम्बिंग गश्त' पर थे और एक आदतन अपराधी 'चतुर उर्फ साकिब खान' की जांच के सिलसिले में उसके घर गए थे।
एएसपी ने बताया कि एएसआई का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है, जिसमें फिलहाल नशे की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी कोतवाली सीएसपी राजीव पाठक को सौंपी गई है।
एएसआई ने आरोपों को बताया षड्यंत्र
दूसरी ओर आरोपी एएसआई राकेश वर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताया है।
उनका कहना है कि वे केवल एक शिकायत की जांच के लिए अपराधी के घर गए थे और वहां अपराधी मौजूद नहीं था, इसलिए वे वापस लौट आए।
एएसआई का दावा है कि अपराधी परिवार पुलिस का मनोबल गिराने और जांच से बचने के लिए उन्हें रंजिशवश झूठे मामले में फंसा रहा है।
उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल, पुलिस विभाग मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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रेलवे ने जेसीबी से ढहाए 24 मकान, लोगों में कार्रवाई को लेकर आक्रोश
खंडवा। चर्च के पीछे राजधानी कॉलोनी से लगे एरिया में रेलवे की जमीन पर बने मकानों को तोड़ने की कार्रवाई शनिवार भी जारी रही। दोपहर में रेलवे के अधिकारी यहां जेसीबी से पहुंचे थे। दोपहर करीब चार बजे तक छोटे-बड़े करीब 24 मकानों को तोड़ा गया। यहां अभी इतनी ही ओर मकान भी बने हुए हैं। इसके साथ ही सड़क दूसरी तरफ दरगाह के पीछे बने मकानों को भी तोड़ा जाएगा। इसकी तैयारी भी की गई है। बता दें की इस क्षेत्र में चार अलग-अलग बस्ती हैं, जिन्हें रेलवे ने चिन्हित किया है। इन सभी को रेलवे की जमीन पर अवैध रूप से बसाया जाना दर्शाया है। अब तक 100 से अधिक मकानों को तोड़ा गया है।
चर्च के पीछे नाले किनारे अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ ऐसे भी मकान मिले जो किसी बंगले से कम नहीं थी। 12 कमरे, 60 फीट में बगीचा बनाकर कुछ लोगों ने यहां कब्जा कर रखा था। जेसीबी से इन सभी मकानों को तोड़ा गया। कार्रवाई दोपहर से शुरू होकर शाम तक चलती रही। इस दौरान लोग अपने टूटते मकानों का वीडियो बनाते रहे।
बुद्ध नगर में घर खाली करने में लगी महिलाओं का कहना है कि हमारे सुनने वाला कोई नहीं हैं। रेलवे व राजस्व के अमले ने राजधानी कॉलोनी की बाउंड्रीवाल तक ही नपती की। सूरजकुंड स्कूल के पीछे बुद्ध नगर में तो एक भी अधिकारी नपती नहीं करने आया, यह इसलिए की यह नजूल की जमीन है। न ही किसी को नोटिस दिए हैं। अधिकारियों ने आज आकर कहा कि रविवार तक मकान खाली कर दो। सोमवार से तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
लोगों ने कहा कि यहां बरसों से रह रहे हैं। रेलवे मनमानी कर उन्हें हटा रहा है। अब तो नेताओं ने भी उनसे मुंह फेर लिया। कोर्ट से उम्मीद थी लेकिन दो दिन का अवकाश है। इसी का फायदा उठाकर अधिकारी उनके मकान तोड़ रहे हैं। हमारी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। इसलिए अब खुद ही मकान खाली कर रहे हैं। जिससे की सामान का नुकसान न हो।

देश की राजधानी दिल्ली से सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कामयाबी की खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम देते हुए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी शब्बीर अहमद लोन को दिल्ली बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि देश के खिलाफ साजिशें लगातार रची जा रही हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी मुस्तैदी से उन्हें नाकाम करने में जुटी हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आतंकी शब्बीर अहमद लोन भारत में स्लीपर सेल के तौर पर सक्रिय था। वह लंबे समय से छिपकर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। उसका मुख्य काम लोगों के बीच डर और अस्थिरता फैलाना था। इसके लिए उसने कई जगह भड़काऊ और देश विरोधी पोस्टर भी लगाए थे, ताकि माहौल खराब किया जा सके।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शब्बीर अहमद लोन बांग्लादेश में बैठकर अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा था। वहीं से वह भारत में अपने संपर्कों को निर्देश देता था और नई योजनाएं बनाता था। यह भी सामने आया है कि वह लगातार नए लोगों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहा था, जिससे एक मजबूत आतंकी मॉड्यूल तैयार किया जा सके।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर चल रहा था। शब्बीर अहमद लोन सीधे तौर पर ISI से जुड़े लोगों के संपर्क में था और उनके निर्देशों का पालन कर रहा था। उसका मकसद भारत में अशांति फैलाना और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना था।
सूत्रों के अनुसार, शब्बीर एक नए आतंकी मॉड्यूल को तैयार करने में लगा हुआ था। इस मॉड्यूल के जरिए वह देश के अलग-अलग हिस्सों में गतिविधियों को अंजाम देना चाहता था। हालांकि, समय रहते उसकी गिरफ्तारी हो जाने से यह साजिश पूरी तरह सफल नहीं हो पाई।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की सतर्कता और लगातार निगरानी के चलते इस आतंकी को पकड़ने में सफलता मिली। लंबे समय से उस पर नजर रखी जा रही थी और सही समय का इंतजार किया जा रहा था। जैसे ही वह दिल्ली बॉर्डर पर सक्रिय हुआ, टीम ने उसे दबोच लिया।
फिलहाल शब्बीर अहमद लोन से गहन पूछताछ की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि उससे कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। उसके जरिए पूरे नेटवर्क, अन्य साथियों और भविष्य की योजनाओं का खुलासा हो सकता है।
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OBC आरक्षण, SC ने आदेश में किया संशोधन, 2 मामले किए रिकॉल, 87.13 के फार्मूले को दी गई है चुनौती
जबलपुर। मध्यप्रदेश में चल रहे ओबीसी आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा अपडेट सामने आया है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपने पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए आरक्षण से जुड़े दो मामलों को रिकॉल कर लिया है। अब 13 प्रतिशत आरक्षण को होल्ड रखने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट स्वयं सुनवाई करेगा।
जानकारी के अनुसार कोर्ट ने 87.13 के फार्मूले को चुनौती देने वाले मामले को रिकॉल किया गया है। जिसकी सुनवाई अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 54 और याचिकाएं जबलपुर हाईकोर्ट में ट्रांसफर की हैं। ओबीसी आरक्षण से जुड़ी 103 याचिकाओं पर हाईकोर्ट 2 से 15 अप्रैल तक नियमित सुनवाई करेगा। ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कोर्ट में दलील देने वाले सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के प्रकरणों में 19 फरवरी 26 को पारित आदेश में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए 52 प्रकरणों को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट वापस भेजा है। ट्रांसफर केसो में से दो प्रकरण में अब सुप्रीम कोर्ट ही सुनवाई करेगा। संशोधित आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण के बकाया 52 प्रकरणों को जबलपुर हाईकोर्ट में ट्रांसफर किया गया है। इन प्रकरणों में ओबीसी वर्ग का शासन की ओर से पक्ष रखने के लिए राज्यपाल द्वारा नियुक्त विशेष अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर एवं विनायक प्रसाद शाह ने बताया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट जबलपुर में ओबीसी आरक्षण के विचाराधीन सभी प्रकरणों को मध्य प्रदेश सरकार (महाधिवक्ता) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कराए गए थे( जो दो अलग-अलग बेंचों में अलग-अलग खंडपीठ के समक्ष पेंडिंग थे। जस्टिस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे के समक्ष एक दर्जन मामले नियत थे। जिनमें ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेसर ने नियमित सुनवाई के आवेदन दाखिल किए थे। इनमें सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को फाइनल आदेश पारित कर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस भेज दिए थे और सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति से उक्त समस्त प्रकरणों को विशेष बेंच गठित कर 3 महीने के अंदर निराकृत करने के आदेश पारित किए थे।
एसोसिएशन रिव्यू याचिका पर लिया निर्णय-
ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा दीपक कुमार पटेल के नाम से एक रिव्यू याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने खुले न्यायालय में 20 मार्च को विस्तृत सुनवाई करते हुए 19 फरवरी को पारित आदेश में संशोधन कर 52 प्रकरण जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ट्रांसफर कराए गए थे। उनको भी 20 मार्च के आदेश से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस भेज दिए हैं तथा दो विशेष अनुमत याचिकाएं जो पूर्व में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को वापस की गई थीं उन्हें सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने आदेश 20/3/26 जो वेवसाइड पर 30/03/26 को अपलोड हुआ हैं । उक्त आदेश मे सुप्रीम कोर्ट ने दो एसएलपी जिनमे दीपक कुमार पटेल विरूध मध्य प्रदेश शासन एवं हरिशंकर बरोदिया विरुद्ध मध्य प्रदेश शासन को अपने समक्ष सुनवाई के लिए वापस रिकॉल कर लिए गए हैंए शेष आदेश दिनांक 19 फरवरी यथावत रहेगा। ओबीसी एडवोकेट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से कोर्ट में दलील देने वाले सीनियर अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुरए विनायक प्रसाद शाहए वरुण ठाकुर ने पक्ष रखा उन समस्त मामलों को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में 2 अप्रैल 2026 को सुनवाई नियत हैं।
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लौटा केरोसिन का जमानाः सरकार ने केरोसिन बेचने की मंजूरी दी, हर जिले में 2 पंपों पर सुविधा होगी
90 के दशक में ईंधन का मुख्य स्रोत रहे केरोसिन एक बार फिर लौट आया है। ईरान युद्ध के कारण देश में एलपीजी कि किल्लत को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने पेट्रोल पंप पर केरोसिन (मिट्टी का तेल) बेचने की मंजूरी दी है। केरोसिन अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा। हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा।
सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके। सरकार ने ये फैसला अमेरिका-इजराइल के ईरान संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी है। केंद्र सरकार लगातार मौजूदा हालात पर चिंता जता रही है।
केंद्र सरकार के 29 मार्च को जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS/सरकारी राशन की दुकान) के जरिए 60 दिनों के लिए सुपीरियर केरोसिन ऑयल (SKO) की एड-हॉक आपूर्ति की अनुमति दी है ताकि आम लोगों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े। इनमें दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और गुजरात भी शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केरोसिन की आपूर्ति केवल घरेलू उपयोग- जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए ही की जाएगी, ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके। इन बदलावों के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा संचालित चुनिंदा पेट्रोल पंपों को केरोसिन स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन की अनुमति दी गई है। जिस पेट्रोल पंप को इसके लिए चुना जाएगा, वह अधिकतम 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर कर सकेगा।
हर जिले में अधिकतम दो पेट्रोल पंपों को इसके लिए नामित किया जाएगा, जहां केरोसिन बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि केरोसिन के स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े डीलरों और वाहनों को पेट्रोलियम रूल, 2002 के कुछ लाइसेंसिंग प्रावधानों से छूट दी गई है, ताकि सप्लाई चेन को तेज किया जा सके और अंतिम छोर तक डिस्ट्रीब्यूशन सुनिश्चित हो सके।
सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 48000 किलो लीटर (4 करोड़ 80 लाख लीटर) केरोसिन आवंटित किया है। एलपीजी की मांग कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने सिटी गैस कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और कॉमर्शियल संस्थानों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। औद्योगिक और कॉमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल औसत खपत की 80% गैस दी जा रही है।
नियमों में क्या छूट दी गई
केरोसिन बांटने वाले एजेंट और डीलरों को लाइसेंस लेने से छूट दी गई है
टैंकरों से केरोसिन उतारने (सप्लाई) के नियम भी आसान किए गए हैं
पेट्रोल पंपों पर केरोसिन स्टोर और वितरण की अस्थायी अनुमति दी गई है
भारत में केरोसिन बैन है?
बता दें कि भारत में केरोसिन की बिक्री पर पूरी तरह एक साथ देशभर में रोक नहीं लगाई गई थी, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से कम किया गया। केंद्र सरकार ने 2015 के बाद से उज्ज्वला योजना और सौभाग्य योजना के जरिए एलपीजी और बिजली कनेक्शन को बढ़ावा देना शुरू किया। साथ ही पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS/राशन दुकानों) के माध्यम से सब्सिडी वाले केरोसिन (मिट्टी का तेल) की बिक्री धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से बंद की गई। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ ने 2018-2020 के बीच सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत केरोसिन की बिक्री बंद कर दी और खुद को केरोसिन मुक्त घोषित किया।
सरकार के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है। घरेलू खपत को देखते हुए रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। कुछ राज्यों में अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ और ज्यादा बिक्री देखने को मिली। सरकार ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की कमी नहीं है और लोगों से अपील की गई है कि घबराकर खरीदारी न करें।

मैहर. एमपी के मैहर में ऑटो रिक्शा के जरिए यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है.अमरपाटन थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिवनी जिले की निवासी मां-बेटी और उनके साथ मिले एक ऑटो चालक को गिरफ्तार किया है.आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए करीब 4 लाख रुपये के सोने के जेवरात और वारदात में प्रयुक्त 2 लाख रुपये का ऑटो जब्त किया गया है. रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया.
घटना 11 मार्च की है, जब कठहा निवासी साधना तिवारी (42) अपनी बेटी के साथ रीवा से अमरपाटन पहुंची थीं. कठहा मोड़ पर उतरने के बाद वे घर जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुईं.उस ऑटो में पहले से दो महिलाएं (आरोपी मां-बेटी) बैठी थीं.रास्ते में धमना गांव के पास ऑटो चालक ने फोन आने का बहाना बनाया और साधना तिवारी को बीच रास्ते में ही उतार दिया. जब महिला घर पहुंची, तो उन्हें अपने बैग की चेन खुली मिली और अंदर रखा कीमती गहनों वाला पर्स गायब था. पर्स में सोने के कंगन, अंगूठी, दो चैन, मंगलसूत्र, दो जोड़ी झुमके, बाली और 5 हजार रुपये नकद शामिल थे.
थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सघन जांच शुरू की. जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज हाथ लगा, जिसमें ऑटो का ट्रैफिक नंबर 194 स्पष्ट दिखाई दिया.इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने 24 मार्च को घेराबंदी कर ऑटो को पकड़ा, जिसमें चालक सहित दोनों संदिग्ध महिलाएं मौजूद थीं.
सविता सेंडे (50): निवासी जिला सिवनी (मां), वंदना सेंडे (30): निवासी जिला सिवनी (बेटी) और प्रभाकर कुशवाहा (21): निवासी उदयपुर, मैहर (ऑटो चालक) पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 28 ग्राम सोने के आभूषण बरामद किए हैं.ऑटो चालक को पहले ही जेल भेजा जा चुका था, वहीं मां-बेटी को 5 दिन की पुलिस रिमांड के बाद शनिवार को न्यायालय में पेश कर सेंट्रल जेल भेज दिया गया.
इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते के नेतृत्व में एसआई सुशील तिवारी, प्रधान आरक्षक विजय शर्मा, रीता सिंह, लक्ष्मी पटेल, शिवेश कुमार, आरक्षक सुरजीत सिंह, रावेन्द्र मिश्रा, उत्कर्ष वर्मा, अनूप सिंह और सिंधुजा पयासी का विशेष योगदान रहा.

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एक ही परिवार के तीन लोग जिंदा जले: अनियंत्रित होकर नाले में गिरी कार, आग लगने से हुई मौत
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में बीती रात दर्दनाक हादसा हो गया। जहां कार में आग लगने से एक ही परिवार के तीन लोग जिंदा जल गए। जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुल गए। बताया जा रहा है कि कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद उसमें आग लग गई। यह पूरा मामला मलाजखंड मार्ग के केवलारी चौराहे का है।
जानकारी के मुताबिक, सीतम केलकर की मलाजखंड के पौनी में गैरेज की दुकान है। 2 दिन पहले वह पत्नी सविता (28) व बेटे अभि (3) के साथ अपने गृहग्राम पोंडी गए थे। जहां पर दो दिन रुकने के बात शनिवार की रात खाना खाकर अपने माता-पिता और पड़ोस की पूर्वी रहांगडाले (8) के साथ 6 लोग ऑल्टो कार में सवार होकर पौनी जा रहे थे। बताया जा रहा है कि बैहर मलाजखंड मार्ग में केवलारी चौराहा के पास कार अनियंत्रित होकर पलट गई और छोटे नाले में जा गिरी, जिसमें भीषण आग लग गई।
कार में आगजनी से नगारची केलकर (60), सविता केलकर और अभि केलकर की जिंदा जलने से मौत हो गई। वहीं गाड़ी चला रहे सीतम केलकर, मां नाना बाई केलकर गंभीर रूप से झुलस गए। 8 साल की पूर्वी रहांगडाले बाल-बाल बच गई। हादसे की सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के बाद पता चला कि गाड़ी के अंदर तीन जिंदा जल गए हैं और उनकी मौत हो गई है। वहीं घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद गोंदिया रेफर किया गया है, जिनमें दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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गैस सिलेंडरों की मारामारी के बीच दिनदहाड़े गैस सिलेंडर चोरी: घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद
उज्जैन। शहर में इन दिनों गैस सिलेंडरों को लेकर बढ़ती कीमतों और किल्लत की चर्चाओं के बीच अब सिलेंडर चोरी की घटनाएं भी सामने आने लगी है। नागदा के राजीव कॉलोनी क्षेत्र में दिनदहाड़े एक घर से गैस सिलेंडर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया।
पीड़ित के मुताबिक, दोपहर में सिलेंडर घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद अज्ञात युवक मौका पाकर कमरे से सिलेंडर उठाकर ले गया। उस समय परिवार के लोग मकान की पहली मंजिल पर मौजूद थे। बाद में CCTV फुटेज देखने पर सामने आया कि एक युवक सिलेंडर लेकर बाहर निकला और साथी की मदद से बाइक पर रखकर फरार हो गया।
करीब दो घंटे बाद परिजनों को घटना की जानकारी लगी, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।

शहडोल। जिले के अमलाई थाना क्षेत्र में शनिवार रात चार्जिंग में लगी एक ई-स्कूटी में अचानक ब्लास्ट हुआ और आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। परिवार में कुछ ही दिनों बाद बेटी की शादी होनी थी, लेकिन उससे पहले ही आग ने घर में रखे जेवर, नगदी और शादी का सामान राख कर दिया।
इस हादसे में घर में खड़ी दो बाइक, एक ई-स्कूटी, लाखों रुपये के जेवरात, करीब दो लाख रुपये नकद और बेटी की शादी का पूरा सामान जलकर नष्ट हो गया। अमलाई थाना क्षेत्र के धनपुरी नगर पालिका अंतर्गत वार्ड नंबर 12 में महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर सुनीता रजक के निवास पर यह घटना हुई। परिवार में 21 अप्रैल को बेटी की शादी तय है।
बताया गया है कि सुनीता रजक और उनका परिवार रात में गहरी नींद में था। घर के आंगन में खड़ी ई-स्कूटी चार्जिंग पर लगी थी, तभी अचानक बैटरी में जोरदार ब्लास्ट हुआ और आग तेजी से फैल गई। आग की लपटों ने घर के इलेक्ट्रिक मीटर और मुख्य द्वार को भी अपनी चपेट में ले लिया।
जब परिवार की नींद खुली तो बाहर निकलने का रास्ता बंद हो चुका था। जान बचाने के लिए सुनीता रजक, उनके पति प्रमोद रजक और बेटी साक्षी ने घर की पिछली दीवार लांघकर पड़ोसी के घर में शरण ली।
इस दौरान किचन में रखे दो गैस सिलेंडर भी आग की चपेट में आ गए थे, लेकिन समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
घर में खड़ी दो पल्सर बाइक और एक ई-स्कूटी पूरी तरह जल गई। शादी के लिए रखे गए जेवर, नकदी और गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। घर में रखा एक्वेरियम भी नहीं बच सका और उसमें मौजूद मछलियां तक जल गईं। घर के मंदिर में रखी प्रतिमाएं और इलेक्ट्रिक मीटर भी आग की चपेट में आ गए।
दमकल वाहन का पाइप छोटा पड़ने के कारण आग बुझाने में दिक्कत आई। अंततः पड़ोसियों ने करीब पांच घंटे तक पानी डालकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था।
अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय ने बताया कि थाना क्षेत्र के अमराडंडी में अज्ञात कारणों से आग लगी थी। आगजनी का मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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शौचालय में बन रहा था छात्रों का मिड डे मील, शिक्षक और जनशिक्षक निलंबित, तीन को नोटिस
डिंडौरी। जिले के विकासखंड शहपुरा अंतर्गत ग्राम डोमदादर में शौचालय में आंगनवाड़ी केंद्र और शासकीय प्राथमिक स्कूल के बच्चों के लिए एमडीएम बनाने के मामले में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग राजेन्द्र जाटव द्वारा दो को निलंबित कर दिया गया है और तीन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्राथमिक शिक्षक व जनशिक्षक को निलंबित करने के साथ बीईओ, बीआरसी और संकुल प्राचार्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए 28 मार्च को ग्राम डोमदादर जांच के लिए महिला बाल विकास अधिकारी शहपुरा व बीआरसी शहपुरा को भेजा गया। वस्तुस्थिति की पंचनामा रिपोर्ट के अनुसार माह नवम्बर 2025 से ग्रामवासियों व सरपंच की सहमति से सामुदायिक स्वच्छता परिसर में मध्यान्ह भोजन तैयार किया जा रहा है।
आदेश में उल्लेख किया गया कि भोजन पकाने की उचित व्यवस्था न होने की सूचना संस्था के शिक्षक, जनशिक्षक द्वारा उच्च कार्यालय को नहीं दी गई। साथ ही स्वच्छता परिसर में पिछले कई माह से मध्यान्ह भोजन पकाया जाना संस्था के शिक्षकों की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है।
मध्यान्ह भोजन योजना के लिए उत्तरदायी स्व सहायता समूह, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और संस्था के शिक्षकों की संयुक्त रूप से यह जिम्मेदारी थी कि नन्हें बच्चों के लिए पकाए जा रहे भोजन का उचित स्थान चयन करते, अस्वच्छ स्थान पर भोजन व्यवस्था किसी भी स्थिति में नहीं की जाना थी।
इस घटना से जहां एक ओर विभाग की छवि धूमिल हुई है वहीं दूसरी ओर छोटे बच्चों के स्वास्थ्यवर्धक भोजन की उपलब्धता पर प्रश्न चिन्ह लगा है।
इस लापरवाही के लिए प्राथमिक शिक्षक प्राथमिक स्कूल डोमदादर माधो सिंह परस्ते और जनशिक्षक जन शिक्षा केंद्र कछारी सुरेश परस्ते को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय शहपुरा निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एमके राय, विकासखंड स्त्रोत समन्वयक (बीआरसी) गुरु प्रसाद साहू और प्रभारी संकुल प्राचार्य कछारी श्याम जी गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सिम कार्ड एक्टिवेशन में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक चेहरे पर जारी कर दीं 246 सिम, दो गिरफ्तार
भोपाल। सिम कार्ड एक्टिवेशन के फर्जीवाड़ा के लिए प्रदेशभर में चलाए जा रहे “आपरेशन फेस” के तहत पुलिस ने भोपाल से दो पीओएस (प्वाइंट आफ सेल) एजेंट को पकड़ा है। इन दोनों ने अपने ही प्रतिष्ठान के एक कर्मचारी के चेहरे पर 246 सिम कार्ड जारी कर दिए थे।
पकड़े जाने पर इनका कहना है कि कंपनी का सेल टारगेट पूरा करने के लिए उन्होंने ऐसा किया। स्टेट साइबर मुख्यालय ने दूरसंचार विभाग से मिली सूचना के आधार पर "आपरेशन फेस" शुरू किया था। जांच में सामने आया कि शहर में कुछ एजेंट फर्जी तरीके से सिम कार्ड जारी कर रहे हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य अपराधों में हो सकता है।
जांच के दौरान जहांगीराबाद क्षेत्र के देवेंद्र यादव का नाम सामने आया, जिसकी पहले ओल्ड सुभाष नगर में दुकान थी। उसने वर्ष 2021-22 के दौरान एक ही युवक के चेहरे और बायोमेट्रिक का उपयोग कर 100 से ज्यादा सिम कार्ड एक्टिवेट कर दिए।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिन ग्राहकों के नाम पर सिम जारी की गईं, उनकी आइडी अलग-अलग थीं, लेकिन बायोमेट्रिक एक ही व्यक्ति का इस्तेमाल किया गया। यह व्यक्ति फैजान नामक युवक बताया जा रहा है, जो उसी दुकान पर काम करता था और वर्ष 2023 से लापता है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि उसकी जानकारी का दुरुपयोग कैसे किया गया और वह इस पूरे नेटवर्क में किस हद तक शामिल था।
जांच में दूसरे आरोपित के रूप में तलैया के कसाई मोहल्ला निवासी सैफ कुरैशी का नाम भी सामने आया, जो आधार सेंटर संचालित करता है। आरोप है कि उसने भी इसी युवक के चेहरे का इस्तेमाल कर कई सिम जारी कीं। फिलहाल फर्जीवाड़ा कर जारी की गईं 246 सिमों में से 55 सिम की पुष्टि हुई है, जिनमें से 52 देवेंद्र और 3 सैफ की आइडी द्वारा एक्टिवेट की गई बताई जा रही हैं। आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उस समय टेलीकाम कंपनियों के टारगेट पूरे करने के दबाव में इस तरह का फर्जीवाड़ा किया गया।
पुलिस का मानना है कि यह मामला केवल टारगेट पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ा नेटवर्क भी हो सकता है। फिलहाल मामले की तकनीकी जांच जारी है। मामला टेलिकाम कंपनियों तक जाएगा।
दो आरोपितों की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन सिम कार्ड का इस्तेमाल किन-किन अपराधों में हुआ। साथ ही, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।- शैलेंद्र सिंह चौहान, एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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गरिमा के 1 वर्ष बाद का फोटो
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गरिमा के 2 वर्ष बाद का फोटो
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