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एनडीपीएस एक्ट के दो प्रकरणों में लंबे समय से फरार वारंटी गिरफ्तार   |   दो अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पटाखे किए जप्त, दो आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज   |   04 नवम्‍बर को विद्युत प्रदाय रहेगा बाधित, ...05 नवंबर तक प्राप्त करें अक्टूबर राशन, नवंबर माह का वितरण भी प्रारंभ   |   नशे के इंजेक्शन का अवैध कारोबार बेनकाब, पुलिस ने 2856 इंजेक्शन के साथ 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया   |   हाईकोर्ट ने कहा, हिंसा की निष्पक्ष रिपोर्टिंग अपराध नहीं, सच्ची घटना दिखाना सांप्रदायिकता फैलाना नहीं, यूट्यूबर दर्ज प्रकरण रद्द   |   त्रिपुरा में तस्करों ने BSF जवानों पर किया जानलेवा हमला, हथियार छीनने की कोशिश; 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया


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मुरैना. मुरैना में नशे के लिए इस्तेमाल किए जा रहे प्रतिबंधित तरीके से बेचे जा रहे इंजेक्शनों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है. कोतवाली पुलिस ने ग्राहक बनकर एक किराए के मकान में दबिश दी और वहां से अलग-अलग कंपनियों के 2856 इंजेक्शन बरामद किए. पुलिस ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जब्त दवाओं की अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये बताई गई है.
पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना को सूचना मिली थी कि पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एक किराए के मकान से नशे के इंजेक्शन बेचे जा रहे हैं. सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पहले पूरे मामले की पुष्टि करने की योजना बनाई.
कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया के निर्देश पर एसआई अरुण कुशवाह और एसआई पवन भदौरिया सादे कपड़ों में ग्राहक बनकर मकान पहुंचे. मकान ईशान वर्मा ने किराए पर ले रखा था. पुलिस के मुताबिक, ईशान ने दोनों को इंजेक्शन दिए. इसके बाद पहले से तैयार पुलिस टीम ने मकान पर छापा मार दिया.
तलाशी के दौरान पुलिस को अंदर के कमरे में 106 पैकेट, तीन कार्टन और एक प्लास्टिक बोरे में बड़ी संख्या में इंजेक्शन रखे मिले. गिनती करने पर कुल 2856 इंजेक्शन बरामद हुए. इनमें टर्मिन और अन्य कंपनियों के इंजेक्शन शामिल हैं.
पुलिस ने जब्त दवाओं की कीमत लगभग 4.50 लाख रुपये आंकी है. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन इंजेक्शनों की बिक्री बिना आवश्यक लाइसेंस के की जा रही थी.
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनकी पहचान ईशान वर्मा (30), मयंक गुप्ता (35) और अनिल उर्फ बाबी गुप्ता (51) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, तीनों अलग-अलग स्तर पर इंजेक्शन की अवैध बिक्री से जुड़े थे.
जांच के दौरान आरोपियों के पास दवाओं के भंडारण और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस नहीं मिला. कोतवाली पुलिस ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी) और 27(बी)(ii) के तहत प्रकरण दर्ज किया है.
पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर आगरा से इंजेक्शनों की सप्लाई मिलने की जानकारी दी है. पुलिस के मुताबिक, आगरा के रामबाग इलाके में रहने वाला हामिद खान मांग के अनुसार इंजेक्शन भेजता था और इसके बदले पैसे लेता था.
पुलिस अब कथित सप्लायर की तलाश कर रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क किन-किन शहरों तक फैला हुआ है और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं.
पुलिस जांच में सामने आया है कि बरामद इंजेक्शनों में शामिल कुछ दवाओं का उपयोग विशेष चिकित्सकीय परिस्थितियों में किया जाता है. डॉक्टर इनका इस्तेमाल मरीजों के रक्तचाप में गंभीर गिरावट जैसी स्थितियों में कर सकते हैं. ऐसे इंजेक्शनों का बिना चिकित्सकीय निगरानी और वैध अनुमति के इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है.
स्थानीय स्तर पर मुरैना के अलावा अंबाह, पोरसा, कैलारस और जौरा क्षेत्रों में भी इन इंजेक्शनों के दुरुपयोग की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, ताकि अवैध सप्लाई और बिक्री से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके.

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नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार कंटेनर ने भेड़ों के झुंड को रौंदा, 100 भेड़ों की मौत
बुधनी। बुधनी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम मिडघाट नेशनल हाईवे पर मंगलवार को दोपहर लगभग ढाई से तीन बजे एक भीषण और दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहां तेज रफ्तार अनियंत्रित कंटेनर ने सड़क पार कर रहे भेड़ों के एक बड़े झुंड को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयंकर टक्कर में लगभग 100 बेजुबान भेड़ों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दर्जनों अन्य भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार भेड़ पालक भेड़ों के झुंड को लेकर हाईवे से गुजर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए भेड़ों के झुंड को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते बड़ी संख्या में भेड़ें कंटेनर के पहियों के नीचे आ गईं।
हादसे के बाद हाईवे पर मृत भेड़ों के शव बिखर गए और यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। ​दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही बुधनी थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दुर्घटना को अंजाम देने वाले कंटेनर और उसके चालक को अपनी हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
​इस हृदयविदारक घटना से स्थानीय भेड़ पालकों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। पीड़ित भेड़ पालक रूपेश ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दुर्घटना में उनकी और अन्य साथियों की लगभग 100 भेड़ों की जान चली गई है। रोजी-रोटी का मुख्य जरिया माने जाने वाले इन मवेशियों की अचानक हुई मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे और आर्थिक संकट में आ गया है। स्थानीय ग्रामीणों और पशुपालकों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है।
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फूड प्वाइजनिंग से हड़कंप: 38 बच्चे जिला अस्पताल में भर्ती; कलेक्टर और एसपी मौके पर पहुंचे
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर के सरकारी स्कूल के बच्चों में फूड प्वाइजनिंग होने से हड़कंप मच गया है। पूरा मामला नरसिंहपुर के समनापुर प्राथमिक शाला का हैं, जहां मिडिल स्कूल में पढ़ने वाले 38 बच्चों ने मध्यान्ह भोजन में बनने वाले भोजन को किया और इनमें से 10 से 12 बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए हैं और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
उन्हें उल्टी और पेट दर्द होने लगा जिसके बाद सभी 38 बच्चों को आनन-फानन में इलाज के लिए नरसिंहपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। घटना की गंभीरता को देखते हुए नरसिंहपुर कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित बच्चों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बच्चों के बेहतर और त्वरित इलाज के सख्त निर्देश दिए हैं।
बहरहाल कलेक्टर ने समनापुर के सरकारी स्कूल में भोजन बनाने वाले एकता स्वसहायता समूह को तत्काल हटाने के निर्देश दे दिए हैं और बच्चों का स्वास्थ्य फिलहाल खतरे से बाहर बताया जा रहा है।

जबलपुर. एमपी के रायसेन में यूट्यूबर उवेश खान के खिलाफ दर्ज एफआईआर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है. सिलवानी थाना पुलिस ने सितंबर 2025 में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हुई हिंसा की रिपोर्टिंग करने पर उनके खिलाफ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे के आरोप में केस दर्ज किया था.
जस्टिस हिमांशु जोशी की कोर्ट ने आज एफआईआर खारिज करते हुए कहा कि किसी वास्तविक घटना या हिंसा की निष्पक्ष और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग करना अपराध नहीं है. मामला 6 सितंबर 2025 का है. रायसेन जिले के सिलवानी में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसक घटना हुई थी, जिसमें कुछ लोग घायल हुए थे. उवेश खान यूट्यूब न्यूज चैनल चलाते हैं. उन्होंने इस घटना की रिपोर्टिंग कर वीडियो अपने चैनल पर प्रसारित किया था. रिपोर्ट प्रसारित होने के बाद शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उवेश खान की खबर भ्रामक थी. इससे हिंदू समुदाय के बीच डर और भ्रम का माहौल पैदा हुआ और सांप्रदायिक सौहार्द बिगडऩे की आशंका थी. शिकायत के आधार पर सिलवानी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) के तहत एफआईआर दर्ज की थी. यह धारा विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य बढ़ाने से संबंधित है. उवेश खान ने इस कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि वास्तविक घटना या हिंसा की निष्पक्ष रिपोर्टिंग को सांप्रदायिक दुश्मनी बढ़ाने वाला कृत्य नहीं माना जा सकता. पत्रकार ने ऐसी घटना की रिपोर्टिंग की थी, जिसके संबंध में पुलिस पहले ही अलग एफआईआर दर्ज कर चुकी थी. अदालत ने स्पष्ट किया कि पत्रकारिता की स्वतंत्रता के तहत वास्तविक घटनाओं की सटीक रिपोर्टिंग को अपराध नहीं ठहराया जा सकता. हालांकि, यह संरक्षण केवल तथ्यात्मक रिपोर्टिंग तक सीमित है और पत्रकारों को हर तरह की कानूनी कार्रवाई से पूर्ण छूट नहीं देता
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कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में मधुमक्खियों ने मचाया आतंक, सुरक्षित स्थानों की ओर भागे लोग
छिंदवाड़ा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अचानक हड़कंप मच गया, जब कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के पास लगे मधुमक्खियों के छत्ते से बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकल आईं और शिकायत लेकर पहुंचे लोगों पर हमला कर दिया।
मधुमक्खियों के अचानक हमले से कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अपनी जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ देर के लिए जनसुनवाई स्थल पर भी भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान लोग मधुमक्खियों से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्य द्वार के पास लगे मधुमक्खियों के छत्ते को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जनसुनवाई में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं, ऐसे में परिसर में मौजूद मधुमक्खियों के छत्ते को हटाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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भगवान श्री कृष्ण की टिप्पणी पर अखिलेश यादव की दो टूक- पूरे देश में रद्द हो धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम, FIR दर्ज कराने पहुंचे पप्पू यादव
भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवादित बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी क्षमा नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने पूरे देश में धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम रद्द करने और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। इधर, बिहार के सांसद पप्पू यादव ने भी इसका कड़ा विरोध जताया है।
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा- ‘मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, ‘ईशनिंदा’ के लिए कभी नहीं। ऐसे दुष्मुखी लोगों पर आजीवन प्रतिबंध लगाना ही समाज के लिए श्रेयस्कर है। पूरे देश में इनके सभी कार्यक्रम रद्द किये जाएं, नई अनुमति नहीं दी जाए और सार्वजनिक जीवन में हर सच्चा सनातनी इनका पूर्ण बहिष्कार करे, यही इनके अक्षम्य पाप का दंड होना चाहिए, नहीं तो वो भी ईशनिंदा के पाप का भागी बनकर अपना लोक-परलोक बिगाड़ लेगा। अगर दुर्भावना से भरा ऐसा व्यक्ति जीवन भर भी एकांतवास करके अपने किये का पश्चाताप और प्रायश्चित करेगा तो भी कोई भी धर्म प्रधान आस्थावान उसे माफ़ नहीं करेगा। मनुष्य का दंभ इतना भी नहीं होना चाहिए कि वो अपने को ईश्वर से ऊपर समझने लगे। वैधानिक कार्रवाई हो।’
इधर, बिहार से सांसद पप्पू यादव दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे। उन्होंने भगवान कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। साथ ही पप्पू यादव ने एक्स पर जानकारी भी दी थी कि वह शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने लिखा था- ‘भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे! सत्ता संरक्षित टुटपुंजिये फरेबी कथावाचक के ख़िलाफ़ आज मैं मुक़दमा दर्ज कराने जा रहा हूं! कृष्ण कन्हैया जी को अपमानित कर यह मूर्ख बेईमान अब माफ़ी मांगने की नौटंकी कर रहा है। इसे छोड़ेंगे नहीं,सजा दिलाकर ही मानेंगे!’
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते नजर आए। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वे कहते सुनाई दे रहे हैं कि उनके भगवान सीधे खड़े होते हैं, जबकि ठाकुर जी तीन जगह से टेढ़े होते हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की बांसुरी बजाने की मुद्रा और वृंदावन धाम का भी जिक्र किया।
इतना ही नहीं, उन्होंने बांसुरी बजाने और भगवान श्रीराम के धनुष चलाने की तुलना करते हुए कहते नजर आए कि बांसुरी बजाना तो खेल है, लेकिन धनुष चलाना कोई खेल नहीं। बागेश्वर बाबा के इस बयान के बाद बहस छिड़ गई। कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बयान बताया, तो कुछ लोग इसे कथा के दौरान किया गया हास्य-विनोद बता रहे है। वहीं इस पर जमकर सियासत भी हुई।

त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में तस्करी से जुड़े एक मामले को लेकर मुख्यमंत्री माणिक साहा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है. जिले के आशाबाड़ी में सोमवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमले की घटना सामने आई है. तस्करों के एक समूह ने सीमा सुरक्षा बल के तीन जवानों पर बेरहमी से हमला कर दिया. उनके हथियार लूटने की कोशिश की. इस मामले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की भी कोशिश की और सरकारी वाहन में जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है.
त्रिपुरा के अशाबारी में सोमवार को कुछ उपद्रवियों ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों पर हमला कर दिया. उपद्रवियों ने तीनों BSF जवानों को डंडे से वार किया और साथ ही एक गाड़ी भी तोड़ दी. बीएसएफ के जवानों को बेरहमी से पीटा और उनके हथियार लूटने की कोशिश की. घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया.
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में तस्करी से जुड़े एक मामले को लेकर मुख्यमंत्री माणिक साहा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है. जिले के आशाबाड़ी में सोमवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों पर हमले की घटना सामने आई है. तस्करों के एक समूह ने सीमा सुरक्षा बल… pic.twitter.com/94A0frMugC
जानकारी के मुताबिक, 2 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे भारत-बांग्लादेश सीमा पर गेट नंबर 174 और 175 के पास BSF की 49वीं बटालियन के जवान तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई कर रहे थे. इस दौरान जवानों ने एक संदिग्ध तस्कर हफजुर रहमान को पीछा कर पकड़ लिया.
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि मैं आशाबाड़ी में हमारे बहादुर BSF जवानों पर कुछ बदमाशों के ग्रुप के बेरहमी से हमले की कड़ी निंदा करता हूं. हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ इस तरह की हिंसा पूरी तरह से मंजूर नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए.
BSF जवानों पर हमले की घटना के बाद अशाबारी बॉर्डर आउटपोस्ट से अतिरिक्त BSF जवान मौके पर पहुंचे, जिसके बाद हमलावर भाग निकले. घटनास्थल के पास लगे CCTV कैमरे में हमले की तस्वीरें कैद हुई हैं. पुलिस और BSF ने फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है.
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प्रदर्शन के नाम पर अनिश्चितकाल तक किसी जगह पर कब्जा नहीं किया जा सकता: सीजेआई
नई दिल्ली. रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शनों के खिलाफ दिल्ली के व्यापारिक संगठनों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के नाम पर किसी सार्वजनिक स्थान पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं किया जा सकता. अदालत ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और आम नागरिकों की आजीविका के अधिकार के बीच संवैधानिक संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया.
यह याचिका किराना कमेटी, दिल्ली आयरन एंड हार्डवेयर मर्चेंट्स एसोसिएशन और अन्य व्यापारिक संगठनों ने दायर की है. इसमें रामलीला मैदान और जंतर-मंतर पर लंबे समय तक चलने वाले धरना-प्रदर्शनों से व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उठाया गया है. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इन स्थानों के आसपास घनी आबादी वाले व्यावसायिक क्षेत्र हैं, जहां लंबे समय तक प्रदर्शन होने से कारोबार और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित होती है. व्यापारिक संगठनों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी, एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड जय अनंत देहाद्राई और अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा.
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को विरोध-प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन इसका इस्तेमाल निर्धारित स्थान और उचित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए. प्रदर्शन इस तरह नहीं होने चाहिए कि किसानों, आम नागरिकों और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी उठानी पड़े. अदालत ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग दूसरे नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावित करने की कीमत पर नहीं किया जा सकता.
पीठ ने निर्धारित प्रदर्शन स्थलों के समान और निष्पक्ष उपयोग की जरूरत पर भी जोर दिया. अदालत ने कहा कि कोई एक संगठन या समूह किसी सार्वजनिक स्थान पर अनिश्चितकाल तक कब्जा नहीं रख सकता. सभी संगठनों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए उचित और समान अवसर मिलने चाहिए.
न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित प्रदर्शनकारी संगठनों और राजनीतिक पक्षकारों को भी कार्यवाही में शामिल करने का निर्देश दिया. इनमें सीजेपी, राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के प्रतिनिधि शामिल हैं. इसके अलावा, जंतर-मंतर पर हुई हिंसा और प्रदर्शनों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने हाई पावर्ड इंक्वायरी कमेटी का गठन किया है. मामले की अगली सुनवाई नवंबर के अंतिम सप्ताह में होगी.
याचिका में सवाल उठाया गया है कि क्या किसी वर्ग को विरोध-प्रदर्शन के अधिकार का इस्तेमाल अनिश्चितकाल तक इस तरह करने की अनुमति दी जा सकती है, जिससे हजारों अन्य नागरिकों की आजीविका और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हों. व्यापारिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि वे शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि व्यावसायिक क्षेत्रों के आसपास लंबे समय तक धरना जारी रहने से होने वाले नुकसान पर उनकी आपत्ति है.
याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, ऐसे प्रदर्शनों से व्यापारियों के साथ कर्मचारियों, रेहड़ी-पटरी वालों और दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका भी प्रभावित होती है. इन गतिविधियों पर निर्भर अन्य लोगों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. व्यापारिक संगठनों ने उम्मीद जताई है कि न्यायिक कार्यवाही से प्रदर्शन स्थलों के इस्तेमाल के लिए ऐसी व्यवस्था विकसित होगी, जिसमें लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ आम नागरिकों के कारोबार और आजीविका के अधिकारों की भी रक्षा हो सकेगी.
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इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी दरवाजे से छेड़छाड़: लीवर छूने पर अलार्म बजा; यात्री पर केस दर्ज, दिल्ली से पुणे जा रहा था विमान
दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो फ्लाइट की इमरजेंसी दरवाजे से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। इमरजेंसी दरवाजे के लीवर से छेड़छाड़ करने के कारण उड़ान के दौरान अलार्म बज गया और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। मामले में आरोपी यात्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी पैसेंजर को नोटिस दिया है।
यह घटना फ्लाइट 6E6884 में हुई। पुलिस के मुताबिक, यात्री गौरव सत्येंद्र रौतेला (33) पुणे का रहने वाला है और इमरजेंसी दरवाजे के पास बैठा था।
पुलिस के मुताबिक सोमवार रात करीब 12.45 बजे दिल्ली से उड़ान भरी थी। टेकऑफ के कुछ समय बाद पैसेंजर ने इमरजेंसी दरवाजे के लीवर पर लगे कवर से छेड़छाड़ की। इससे अलार्म बज गया। उड़ान के दौरान अलार्म बजने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। फ्लाइट करीब 2 बजे पुणे पहुंची। क्रू मेंबर की शिकायत पर पैसेंजर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने उसके खिलाफ एयरक्राफ्ट एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं।
पुलिस ने आरोपी पैसेंजर को नोटिस दिया है। मामले में आगे की जांच जारी है। उसके खिलाफ दर्ज केस में लगाई धारा लापरवाही या उतावलेपन से ऐसा काम करने पर लगती है, जिससे किसी की जान या निजी सुरक्षा खतरे में पड़े।

नर्मदापुरम। शहर के व्यस्ततम सराफा बाजार स्थित राज ज्वेलर्स में शातिर महिला की चालाकी और दुस्साहस का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। हरे रंग की साड़ी पहने और चेहरे पर कपड़ा बांधकर पहुंची करीब 25 वर्षीय युवती ने दुकानदार को बातों में उलझाया और चकमा देकर 28 लाख रुपए मूल्य का 200 ग्राम सोना समेटकर रफूचक्कर हो गई।
दरअसल घटना दोपहर करीब 1 बजे की है। दुकान मालिक आशीष जैन के अनुसार नकाबपोश महिला जेवर खरीदने के बहाने दुकान में दाखिल हुई। उसने कुछ डिजाइन देखने के बाद दुकानदार से और नए डिजाइन दिखाने की मांग की। जैसे ही आशीष जैन अंदर के कमरे से अन्य जेवर लेने गए, महिला ने बाहर से दरवाजा (कुंडी) बंद कर दिया। इसके बाद काउंटर पर रखा लगभग 200 ग्राम सोने का स्टॉक उठाकर मौके से भाग निकली। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना की खबर फैलते ही सराफा बाजार में हड़कंप मच गया।
चोरी की इस बड़ी वारदात से आक्रोशित सराफा व्यापारी एकजुट होकर पहले कोतवाली थाने पहुंचे और बाद में एसपी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। ​मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस एक्टिव मोड में आ गई है। कोतवाली टीआई गौरव सिंह बुंदेला ने बताया कि फुटेज में दिख रही संदिग्ध महिला की शिनाख्त के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया और आसपास के जिलों में भी साझा कर दिए हैं ताकि आरोपी महिला को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

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शराब तस्करों ने खातेगांव टीआई को कुचला, मौत, इंदौर-बैतूल हाईवे पर तस्करी रोकने पहुंचे थे
देवास. अवैध शराब भरे ट्रक ने देवास जिले के खातेगांव टीआई दिलीप पुरी को कुचल दिया. गंभीर रूप से घायल पुरी को अस्पताल ले जाया गया. यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
टीआई पुरी रविवार देर रात करीब डेढ़ बजे अवैध शराब की तस्करी की सूचना पर कार्रवाई करने टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पहुंचे थे. नेमावर पुलिस भी इसी ट्रक का पीछा कर रही थी.
पुलिस टीम को ट्रक हाईवे पर डिवाइडर के किनारे खड़ा मिला. थाना प्रभारी पुरी ने ड्राइवर से बाहर आने को कहा. इसी दौरान वह ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ाने लगा. इस दौरान पिछला पहिए उन पर चढ़ गया और पुरी गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटें आई थीं और काफी खून बह गया था.
ड्राइवर ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर दूसरी ओर ले गया और संदलपुर में छोड़कर फरार हो गया. पुलिस ने वाहन को संदलपुर थाने में खड़ा कर दिया है. ड्राइवर की तलाश की जा रही है. घटना की सूचना मिलने पर देवास एसपी आदित्य मिश्रा सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे खातेगांव पहुंचे. मृतक का परिवार भी खातेगांव पहुंच गया है. पुरी के परिवार में पत्नी कविता और बेटा-बेटी हैं.
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल ट्रक में मिली शराब को लेकर है. बताया जा रहा है कि शराब माफिया ने शराब से भरे ट्रक से टीआई दिलीप पुरी को कुचला था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल पर मिला ट्रक खाली बताया जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या टीआई को कुचलने के बाद ट्रक से शराब अनलोड कराई गई? अगर ऐसा हुआ है, तो शराब कहां गई और इसे किसने हटाया?
आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत ने बताया, ट्रक बेस से करीब दो फीट ऊंचा है. ट्रक के कंपार्टमेंट में शराब भरी हुई थी. शराब कितनी है, इसकी गिनती अभी नहीं की गई है. शराब कहां से आई थी, यह गिनती के बाद ही पता चलेगा.
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म्यांमार की 4 युवतियों को वापस भेजने की तैयारी: शादी का झांसा देकर नदी-पहाड़ों के रास्ते भारत लाई गईं थी
ग्वालियर। शादी का झांसा देकर म्यांमार मूल की युवतियों को अवैध तरीके से भारत लाने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ था। इसके बाद अब चारों युवतियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्वालियर से छह सदस्यीय विशेष टीम चारों युवतियों को लेकर बांग्लादेश के लिए रवाना हो चुकी है। युवतियों को BSF के हवाले किया जाएगा, जहां से उन्हें बांग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप भेजने की तैयारी है। इस पूरे मामले में दो ऐसे विदेशी तस्कर भी पकड़े गए थे, जो हैदराबाद में शरणार्थी बनकर रह रहे थे।
दरअसल, मामला तब सामने आया जब भोपाल स्थित GRP कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि स्वर्णजयंती एक्सप्रेस में कुछ संदिग्ध यात्रा कर रहे हैं। सूचना पर GRP ग्वालियर की टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रेन से मुबीन नाम के युवक को पकड़ा। आरोपी मूल रूप से म्यांमार का रहने वाला है और हैदराबाद में रह रहा था। पूछताछ में उसने अपने साथी मोहम्मद हसन के साथ मिलकर म्यांमार की चार युवतियों को अवैध तरीके से भारत लाने और उनकी शादी कराने की बात कबूल की।
इसके बाद पुलिस ने अलीगढ़ से मोहम्मद हसन और उसके साथ मौजूद चारों युवतियों को भी हिरासत में लिया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी युवतियों को शादी कराने के नाम पर भारत लेकर आए थे। युवतियां हिंदी नहीं बोल पाती थीं, इसलिए पूछताछ में गूगल ट्रांसलेटर की मदद लेनी पड़ी। युवतियों ने बताया था कि वे नदी और पहाड़ों के रास्ते सीमा पार कर भारत में दाखिल हुई थीं।
इस मामले में अब अगली कार्रवाई के तहत ग्वालियर GRP की छह सदस्यीय विशेष टीम चारों युवतियों को लेकर रवाना हुई है। टीम उन्हें बांग्लादेश सीमा तक ले जाएगी, जहां BSF के हवाले करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद उन्हें बांग्लादेश के रिफ्यूजी कैंप भेजा जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर मानव तस्करी और शादी के नाम पर विदेशी युवतियों को भारत लाने वाले नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच एजेंसियों की नजर इस बात पर भी होगी कि इस नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों और इसके पीछे सक्रिय गिरोह तक कैसे पहुंचा जाए।

भोपाल। भोपाल के मालीखेड़ी इलाके में सोमवार को एक ही परिवार के पांच लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिवार के किराए के मकान में मां, पत्नी और दो बच्चों के शव मिले, जबकि परिवार के मुखिया नरेंद्र साहू (35) का शव सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र के चोपड़ा कलां में रेलवे ट्रैक पर मिला। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि नरेंद्र ने पहले परिवार के चार सदस्यों की हत्या की और फिर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
छोला थाना पुलिस के मुताबिक, मालीखेड़ी स्थित पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी के मकान नंबर B4 में नरेंद्र साहू का परिवार किराए से रहता था। घर के अंदर नरेंद्र की मां सरस्वती साहू (50), पत्नी सोमलता साहू (29), बेटी कृति साहू (10) और बेटे खुश साहू (6) के शव मिले। पुलिस के मुताबिक, सभी के सिर और गले पर चोट के निशान थे। वहीं, नरेंद्र साहू का शव सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र के चोपड़ा कलां में रेलवे ट्रैक पर मिला था। पुलिस को शक है कि परिवार के चार सदस्यों की मौत के बाद नरेंद्र ने ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या की।
एसीपी निशातपुरा शशांक जैन के मुताबिक, पुलिस को घर से निकलते हुए नरेंद्र का सीसीटीवी फुटेज मिला है। इसमें वह सुबह करीब 7:30 से 8 बजे के बीच घर से बाहर जाता दिखाई दे रहा है। पुलिस इस फुटेज के आधार पर घटना के समय और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। शुरुआती आशंका है कि वारदात सुबह हुई होगी, हालांकि घटना का सही समय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
सोमवार सुबह नरेंद्र की मौत की सूचना एक रिश्तेदार को मिली। वह परिवार को जानकारी देने मालीखेड़ी स्थित घर पहुंचा, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। फोन पर भी किसी से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद रिश्तेदार ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया। घर के अंदर प्रवेश करने पर चार लोगों के शव मिले। इसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
परिवार पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी के एलआईजी B4 मकान में रह रहा था। मकान मालिक रामसिंह ने बताया कि उन्होंने पिछले साल सितंबर में यह मकान सोमलता साहू को 5 हजार रुपये महीने के किराए पर दिया था। उस समय सोमलता का आधार कार्ड भी लिया गया था। मकान मालिक के मुताबिक, सोमलता ने बताया था कि उनके पति बाहर प्राइवेट नौकरी करते हैं और वह अपनी सास व दो बच्चों के साथ रहती हैं। वह हर महीने ऑनलाइन किराया भेजती थीं। रामसिंह ने बताया कि वे कभी नियमित रूप से मकान देखने नहीं गए। पिछले महीने टीनशेड लगवाने के लिए वहां पहुंचे थे। सोमवार दोपहर सोसायटी के एक व्यक्ति के फोन से उन्हें घटना की जानकारी मिली।
पड़ोस में रहने वाली एक महिला के मुताबिक, परिवार सामान्य रूप से रहता था। घर में अक्सर बच्चों और परिवार के सदस्यों की हंसने-बोलने की आवाजें सुनाई देती थीं। बच्चे कॉलोनी के दूसरे बच्चों के साथ खेलते थे। महिला ने बताया कि अष्टमी के दौरान घर में हुए भजन के समय वह परिवार के घर गई थीं। घटना से एक दिन पहले सोमलता मंदिर भी आई थीं। पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार का किसी से विवाद होने की जानकारी उन्हें नहीं थी।
डीसीपी आदर्श कांत शुक्ला के मुताबिक, शुरुआती जांच में नरेंद्र पर कर्ज का दबाव होने और उसके मानसिक तनाव में रहने की बात सामने आई है। बताया गया है कि परिवार का एक छोटा रेस्टोरेंट था, जो कुछ समय पहले बंद हो गया था। नरेंद्र पिछले 15 से 20 दिनों से कोई काम भी नहीं कर रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आर्थिक परेशानी का घटना से कोई संबंध था या नहीं। घर में दो शव बेड पर मिले थे। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, घटना देर रात या आधी रात के आसपास हुई हो सकती है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
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टीआई की मौत के बाद शराब दुकानों पर कार्रवाई, तीन दुकानों के लाइसेंस निलंबित; आबकारी अधिकारी भी सस्पेंड
हरदा। देवास जिले की खातेगांव तहसील में शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से टीआई दिलीप पुरी की मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद हरदा जिले में पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शराब दुकानों की जांच की। टिमरनी और रहटगांव की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। वहीं, आबकारी विभाग के एक सहायक जिला आबकारी अधिकारी और दो आरक्षकों को भी निलंबित किया गया है। मामले की जांच के लिए राज्य शासन ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपेंद्र जैन को जिम्मेदारी सौंपी है।
टीआई की मौत के बाद शराब दुकानों पर कार्रवाई
खातेगांव में टीआई दिलीप पुरी की मौत के कुछ ही घंटों बाद हरदा जिले में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम सक्रिय हो गई। टिमरनी थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश गौड़ शराब दुकानों की जांच के लिए पहुंचे। कार्रवाई के दौरान टिमरनी क्षेत्र की शराब दुकानों के साथ रहटगांव स्थित दुकान को भी बंद कराया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, टीम ने सोडलपुर रोड और हरदा रोड स्थित शराब दुकानों के अलावा रहटगांव की दुकान की जांच की। राधा बाई पुलिया के पास स्थित दुकान को सील किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
देर शाम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुमार सत्यम ने शराब दुकान लाइसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल की टिमरनी क्षेत्र की तीन मदिरा दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए। इनमें टिमरनी की दो और रहटगांव की एक दुकान शामिल है। इस कार्रवाई के बाद संबंधित दुकानों का संचालन बंद हो गया है।
मामले में आबकारी विभाग ने भी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त ने टिमरनी के सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल और आबकारी आरक्षक अरुण कुमरे तथा कृष्णपाल सिंह डोडियार को निलंबित कर दिया है। हालांकि उनके निलंबन के विस्तृत कारणों और विभागीय जांच की स्थिति को लेकर अलग से जानकारी सामने नहीं आई है।
चर्चा है कि देवास जिले के खातेगांव में जिस ट्रक से हादसा हुआ, वह हरदा जिले की शराब दुकानों से निकला था। इसी कड़ी में पुलिस शराब दुकान के मैनेजर भूपेंद्र राणा से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ट्रक कहां से रवाना हुआ था और शराब के परिवहन से जुड़े दस्तावेजों में कोई अनियमितता तो नहीं थी।
मामले में कांग्रेस नेता और युवक कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल जायसवाल का नाम भी चर्चा में आया है। प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग ने कार्रवाई को लेकर कहा कि जहां-जहां अवैध शराब का मामला सामने आ रहा है, वहां कांग्रेस नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि टिमरनी में हुई कार्रवाई के तार कांग्रेस नेता से जुड़े होने की बात सामने आई है और इसकी जांच चल रही है।
कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों से उनका कोई लेना-देना नहीं है और दुकानों का लाइसेंस उनके नाम पर नहीं है। जायसवाल ने आरोप लगाया कि मामले में उनका नाम बेवजह घसीटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनका पेट्रोल पंप और बस ऑपरेटिंग का व्यवसाय है।
टीआई दिलीप पुरी की मौत के मामले में राज्य शासन ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपेंद्र जैन को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। सोमवार देर शाम उपेंद्र जैन पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ खातेगांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का भी निरीक्षण किया। हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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'तुम्हारे ठाकुर जी तीन जगह से टेढ़े...', भगवान कृष्ण पर टिप्पणी कर फंसे धीरेंद्र शास्त्री; कथाओं के बहिष्कार की मांग
भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिया गया एक बयान विवादों में आ गया है। करेरा में कथा के दौरान उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए कुछ ऐसी टिप्पणियां कीं, जिन पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। वायरल वीडियो में वह भगवान कृष्ण की खड़े होने की मुद्रा, बांसुरी बजाने के अंदाज और वृंदावन धाम का जिक्र करते सुनाई दे रहे हैं। इस बयान पर दामोदर यादव ने विरोध जताते हुए सनातनियों और यादव समाज के लोगों से धीरेंद्र शास्त्री की कथाओं का बहिष्कार करने की अपील की है। वहीं, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को संदर्भ से काटकर पेश करने का आरोप लगाते हुए उनका बचाव भी कर रहे हैं।
करेरा में कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए कहा कि भगवान कृष्ण तीन जगह से टेढ़े हैं। उन्होंने कृष्ण की मुद्रा का जिक्र करते हुए कहा, 'तुम्हारे ठाकुर जी हर फोटो में इधर-उधर देखते नजर आते हैं। खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव, कमर कहीं लचकाएं। फिर टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं।' इसके उलट उन्होंने अपने आराध्य भगवान राम के बारे में कहा कि वे सीधे खड़े होते हैं, उनका नाम भी सीधा है और उनका चलना भी सीधा है। उन्होंने श्रीकृष्ण के नाम और उनकी मुद्रा को भी टेढ़ा बताया। इसी तुलना में इस्तेमाल किए गए शब्दों और अंदाज को लेकर विवाद शुरू हो गया।
धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि उनके भगवान का धाम भी सीधा यानी अयोध्या है, जबकि श्रीकृष्ण का धाम वृंदावन है। उन्होंने वृंदावन शब्द पर जोर देते हुए अपने दोनों हाथ फैलाए। इसके बाद उन्होंने बांसुरी और धनुष का जिक्र करते हुए गाना गाया। उन्होंने कहा, 'बंसी का बजाना तो खेल भी है, लेकिन धनुष चलाना कोई खेल नहीं।' आगे मंच पर बांसुरी बजा रहे एक कलाकार की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि बांसुरी तो यहां मौजूद व्यक्ति भी बजा रहा है। उन्होंने कथा में मौजूद लोगों से कहा कि आज ठाकुर जी की भी जय-जयकार हो रही है और राम जी के साधक भी इससे खुश होंगे। उनके इस पूरे संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर दामोदर यादव ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सनातन धर्म को मानने वाले लोगों और यादव समाज से उनकी कथाओं का बहिष्कार करने की अपील की। यादव ने पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करने और पुतले जलाने की भी अपील की। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जरूरत पड़ने पर धीरेंद्र शास्त्री को खुद भी सुधारने की कोशिश की जाए। इस बयान के बाद विवाद और बढ़ गया है।
दामोदर यादव ने धीरेंद्र शास्त्री की सनातन एकता यात्रा और उनकी कथाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कथाएं और यात्रा फ्लॉप हो रही हैं, जिसके चलते वे फ्रस्ट्रेशन में इस तरह के बयान दे रहे हैं। यादव ने कहा कि अगर धीरेंद्र शास्त्री को मीडिया में चर्चा में रहने का शौक है तो उन्हें कुछ बेहतर काम करने चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि ऐसा नहीं करने पर उन्हें सुधार दिया जाएगा।
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स धीरेंद्र शास्त्री की भाषा और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी की आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि ऐसे लोगों को सम्मान दिया जाता है। वहीं, कुछ यूजर्स ने उनका बचाव भी किया है। एक यूजर ने वीडियो को ट्रिम करके विवाद बढ़ाने का आरोप लगाते हुए लिखा कि इसमें भगवान राम और श्रीकृष्ण की प्रशंसा ही की जा रही है। फिलहाल इस बयान पर विवाद जारी है। वायरल वीडियो को लेकर धीरेंद्र शास्त्री की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

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गरिमा के जन्म के 15 मिनिट बाद का फोटो
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हाई कोर्ट के आदेश के बाद गरिमा के शव को जमीन से निकालते हुऐ
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निकालने के बाद गरिमा के शव को पैक कर जॉच के लिऐ भेजा गया
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दोषी डॉक्टर के खिलाफ मामला कायम कराने के लिऐ पुलिस अधिक्षक से मिले पत्रकार
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गरिमा के शव की जॉच होने के बाद पुनः उसी स्थान पर चबूतरा का निर्माण किया गया
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पूजा स्थल मे गरिमा
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