


भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी के आखिर में मौसम ने अचानक करवट ली है। ठंड और कोहरे का असर राज्य के कई हिस्सों में तेज हो गया है। शुक्रवार सुबह राजधानी भोपाल सहित 24 जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छाया रहा। खासकर सतना, रीवा, ग्वालियर और गुना में घना कोहरा देखा गया। जिससे विजिबिलिटी घटकर कई जगहों पर महज 50 मीटर तक रह गई।
मौसम विभाग के अनुसार, यह अचानक बदलाव स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस की वजह से आया है। इसके प्रभाव से राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया और अगले तीन दिन तक बारिश की संभावना है।
प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। राजगढ़ सबसे ठंडा शहर बना, जहां पारा 3°C तक गिरा। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 9.8°C दर्ज किया गया। वहीं ग्वालियर में 9.4°C, पचमढ़ी 7.2°C, खजुराहो 7.4°C और दमोह 7.6°C रहा।
कोहरा और विजिबिलिटी की स्थिति
शहरों में कोहरे का असर वाहन चालकों के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहा। विजिबिलिटी कई जगह बेहद कम रही-
50 मीटर से कम: सतना
50-200 मीटर: रीवा
200-500 मीटर: ग्वालियर, गुना
500-1000 मीटर: रायसेन, दमोह, नौगांव, सीधी
1 किलोमीटर से अधिक: भोपाल, दतिया, खजुराहो, टीकमगढ़
2-4 किलोमीटर: नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया, बालाघाट
मौसम विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि, कोहरे और ठंड के कारण वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
अगले तीन दिन बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले तीन दिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल और ग्वालियर-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
31 जनवरी: ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर
1 फरवरी: नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा
2 फरवरी: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली
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स्कूल में छात्र-छात्राओं के उतरवाए कपडे़, मचा बवाल, परिजनों ने किया हंगामा
सिवनी। केंद्रीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की टी शर्ट उतरवाने पर बवाल मच गया। प्रिंसिपल के इस फैसले का परिजनों ने विरोध किया। उन्होंने बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं 29 जनवरी को प्रैक्टिकल के बाद टी शर्ट पहनकर आए थे। जिसमें लड़का-लड़कियों, नेताओं के नाम, आई लव और दिल का मोनो सहित कई चीजें लिखी हुई थी। जिसे देखकर प्रिंसिपल दीपक ने यूनिफार्म की गरिमा और स्कूल की धूमिल होती छवि का तर्क का हवाला देते हुए बच्चों से पालकों को बुलाने के लिए कहते हुए उनकी टी शर्ट को उतरवा दी।
इसकी खबर मिलते ही परिजन स्कूल पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि बच्चों ने टी शर्ट में जो लिखा है, उसमें कोई अपराध नहीं बनता है। उनका कहना है कि बच्चों के कपड़े उतरवाकर उन्हें मानसिक रूप प्रताड़ित किया गया है। उन्होंने प्रिंसिपल पर कार्रवाई की मांग की है।
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छात्र का बनाया न्यूड वीडियो: वायरल की धमकी देकर किया ब्लैकमेल, 5 नाबालिगों पर केस दर्ज
इंदौर। शहर के जूनी इंदौर थाना क्षेत्र में एक छात्र के साथ मारपीट, अपहरण और ब्लैकमेलिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाले कुछ लड़कों ने मिलकर पीड़ित को पहले पीटा, फिर जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए और कमरे में बंद कर उसके कपड़े उतरवाकर मारपीट की। पुलिस के अनुसार, विवाद की वजह आपसी बातचीत बताई जा रही है।
आरोपी करण की बहन और पीड़ित एक ही स्कूल में पढ़ते हैं। इसी बात को लेकर रंजिश बढ़ी और पांच लड़कों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि आरोपियों ने खजराना क्षेत्र में एक कमरे में उसे बंद कर बेरहमी से पीटा और उसका निर्वस्त्र (न्यूड) वीडियो बना लिया। इसके बाद धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया या पुलिस में शिकायत की तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे। घटना के समय पीड़ित के पिता की तबीयत भी खराब थी, इसलिए वह डर के कारण चुप रहा। कुछ समय बाद आरोपियों ने वीडियो पीड़ित के पिता के मोबाइल पर भेज दिया।
इसके बाद परिजनों को पूरी घटना का पता चला और उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई। जूनी इंदौर थाना पुलिस ने मामले में अपहरण, मारपीट, ब्लैकमेलिंग, आईटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। सभी पांचों आरोपी विधि-विवादित बालक बताए जा रहे हैं, जिन्हें पुलिस ने पकड़ लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है, मोबाइल और वीडियो की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
इस वक्त की बड़ी खबर आई है। कुवैत से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट को हाईजैक कर बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद फ्लाइट को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है। फ्लाइट में 180 यात्री सवार थे। जांच एजेंसियां यात्रियों को उतारकर विमान की जांच कर रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला है।
जानकारी के मुताबिक कुवैत से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट में टिश्यू पेपर पर हाइजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश मिलने के बाद हड़कंप मच गया। धमकी मिलने की जानकारी लगते ही फ्लाइट को अहमदाबाद डायवर्ट किया गया। विमान की अहमदाबाद एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक यात्री और उनके सामान की पूरी तरह जांच की गई।अब तक किसी भी यात्री के पास से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। इसके बाद फ्लाइट के टेक-ऑफ होने में अभी लगभग 2 घंटे का समय लग सकता है।
देशभर में आए दिन इस तरह के मामले सामने आते ही रहते हैं, जब विमान या फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी जाती है। इसी कड़ी में शुक्रवार को इंडिगो की फ्लाइट को भी हाईजैक कर उड़ाने की धमकी मिली। फ्लाइट में एक टिश्यू पेपर पर बम की धमकी और विमान हाईजैक की जानकारी लिखी थी। टिशू पेपर मिलने के बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS) मौके पर पहुंची और अपनी जांच शुरू की।
एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के पीआई एन. डी. नकुमे ने बताया कि धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई थीं और BDDS (बम डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वॉड) द्वारा विमान की गहन जांच की गई। हालांकि जांच में कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली. फिलहाल विमान की जांच की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और प्रोटोकॉल के अनुसार आगे की जांच जारी है।
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सुप्रीम कोर्ट निर्देश : स्कूल में छात्राओं को फ्री सैनेटरी पैड नहीं दिए तो रद्द हो जाएगी मान्यता
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक अहम निर्देश जारी करते हुए कहा है कि स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी स्कूलों में लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय हों। कोर्ट ने साफ कहा कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी छात्राओं की सेहत और गरिमा दोनों को प्रभावित करती है, जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी जोड़ा कि सभी स्कूलों में दिव्यांगों के अनुकूल टॉयलेट उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। चाहे स्कूल सरकारी हों या सरकार के नियंत्रण में चल रहे हों, सभी को इस निर्देश का पालन करना होगा। अदालत ने माना कि समावेशी शिक्षा तभी संभव है, जब स्कूलों की बुनियादी संरचना हर छात्र की जरूरतों के अनुसार हो। दिव्यांग छात्रों के लिए सुविधाओं की अनदेखी को कोर्ट ने गंभीर लापरवाही करार दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का हिस्सा है। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने चेतावनी दी कि अगर निजी स्कूल छात्राओं को सैनिटरी पैड देने और लड़कों-लड़कियों के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। अदालत ने यह भी कहा कि सरकारें भी अगर इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने में नाकाम रहती हैं, तो उन्हें जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिसंबर 2024 को जया ठाकुर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इस याचिका में कक्षा 6 से 12 तक की किशोरियों के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में केंद्र सरकार की ‘स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता नीति’को पूरे देश में लागू करने की मांग की गई थी। अब कोर्ट का यह निर्देश छात्राओं के स्वास्थ्य, सम्मान और शिक्षा को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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कौन हैं ये IAS और IPS कपल जिनकी सादगी ने जीता दिल,...न डीजे, न मंडप, रजिस्ट्रार ऑफिस में पहना दिए फूलों के हार
IAS अधिकारी श्रीकांत रेड्डी (2024) और IPS अधिकारी शेषाद्रिणी रेड्डी (2021) इन दिनों चर्चा में हैं, लेकिन वजह कोई प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि उनकी शादी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी वेडिंग फोटोज ने लोगों को चौंकाया भी और प्रभावित भी किया। जहां आजकल शादियां करोड़ों के बजट और भव्य आयोजनों की पहचान बन चुकी हैं, वहीं इस अफसर जोड़े ने सादगी को अपना सबसे बड़ा गहना बना लिया। तस्वीरों में न कोई चमक-दमक है, न दिखावटी ठाठ—बस आत्मविश्वास, गरिमा और संस्कार साफ झलकते हैं।
तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरी जिले के चौटुप्पल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में जब IAS श्रीकांत रेड्डी और IPS शेषाद्रिणी रेड्डी ने एक-दूसरे का हाथ थामा, तो यह पल किसी भव्य वेडिंग शो से कम नहीं था—बस फर्क इतना था कि यहां चमक नहीं, सुकून था। न फूलों से सजा मंडप, न डीजे की गूंज और न ही सैकड़ों मेहमानों की भीड़। चंद अपने लोग, कुछ वरिष्ठ अधिकारी और सब-रजिस्ट्रार की मौजूदगी में यह रिश्ता कानूनी और भावनात्मक दोनों रूपों में बंध गया। यह शादी साबित करती है कि रिश्तों की नींव शोर-शराबे में नहीं, शांत विश्वास में मजबूत होती है।
दुल्हन शेषाद्रिणी रेड्डी की कांजीवरम साड़ी में पारंपरिक गरिमा साफ झलक रही थी, तो वहीं श्रीकांत रेड्डी का धोती-कुर्ता उनकी सादगी और सहजता को बयां कर रहा था। न कोई भारी गहने, न डिजाइनर लेबल का दिखावा—फिर भी तस्वीरों में जो आत्मविश्वास और संतुलन नजर आता है, वही इस शादी की असली खूबसूरती बन गया। उनका पहनावा सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक था, जिसमें सरलता को सबसे ऊंचा स्थान दिया गया।
आज के दौर में, जब भारत की वेडिंग इंडस्ट्री का आकार लगभ 10 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है, यह शादी समाज के लिए एक आईना है। क़ुतुबुल्लापुर की DCP शेषाद्रिणी रेड्डी और प्रशासनिक प्रशिक्षणरत IAS श्रीकांत रेड्डी ने दिखा दिया कि शादी खर्च का प्रदर्शन नहीं, बल्कि दो लोगों की साझा जिम्मेदारी और समझदारी है। उनकी सादगी यह याद दिलाती है कि रिश्तों की मजबूती पैसों से नहीं, मूल्यों से तय होती है—और शायद यही इस शादी को सबसे खास बनाती है।
मप्र के IAS आशीष वशिष्ठ और IAS सलोनी सिडाना (दोनों 2014 बैच) ने नवंबर 2016 में मध्य प्रदेश के भिंड में सिर्फ 500 रुपए के कोर्ट फीस में शादी की थी, जो एक बेहद सादे और अनुकरणीय विवाह का उदाहरण है। उन्होंने भव्य समारोहों की बजाय सादगी को प्राथमिकता दी और शादी के बाद 48 घंटे में काम पर लौट आए थे। सलोनी सिडाना NHM में मिशन संचालक हैं। आशीष वशिष्ठ मप्र राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स विकास निगम में एमडी हैं।
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां एक बच्ची का 24 उंगलियों के साथ जन्म हुआ है। प्रकृति का यह अजूबा देखकर खुद डॉक्टर भी हैरान रह गए।
दरअसल, बैतूल में एक परिवार के घर हाल ही में एक बच्ची ने जन्म लिया। लेकिन उसके हाथ-पैर में 6-6 उंगलियां देखकर उनकी तले जमीन खिसक गई। हालांकि नवजात बिल्कुल सेहतमंद है। बताया जा रहा है कि ये एक बेहद दुर्लभ मामला है।
डॉक्टरों के मुताबिक, ये उनके अब तक के करियर का सबसे दुर्लभ केस है। मेडिकल साइंस में भी इस तरह के मामले दुर्लभ माने गए हैं। बैतूल के कावला गांव में इसी तरह का एक मामला 17 साल पहले सामने आया था। जहां एक ही परिवार के 10 सदस्यों की 24 -24 उंगलियां थीं।
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प्रेम विवाह विवाद: विधायक के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे, प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर जताया विरोध
खातेगांव। देवास जिले के बागली में अंतर्जातीय प्रेम विवाह को लेकर उपजे विवाद ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। मामले में आदिवासी समाज का गुस्सा अब सीधे क्षेत्रीय भाजपा विधायक मुरली भंवरा के खिलाफ फूट पड़ा। कोरकू समाज के लोगों ने विधायक पर पक्षपात और समाज की भावनाओं की अनदेखी के आरोप लगाते हुए उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर विरोध दर्ज कराया।
आदिवासी समाज के लोगों ने बागली थाना चौराहे से अस्थि मटकी आगे रखकर प्रतीकात्मक अंतिम यात्रा निकाली। यह यात्रा मुख्य मार्गों से होती हुई पुनः थाना चौराहे पहुंची, जहां अस्थि मटकी फोड़ी गई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “बागली विधायक मुर्दाबाद” के नारे लगाए और विधायक के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अंतर्जातीय प्रेम विवाह के मामले में विधायक मुरली भंवरा ने आदिवासी समाज की भावनाओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई स्पष्ट भूमिका निभाई। समाज के लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद विधायक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने या समाज से संवाद करने की कोशिश नहीं की, जिससे आक्रोश और बढ़ गया।
गौरतलब है कि इससे पहले इसी मामले को लेकर आदिवासी समाज ने बस स्टैंड मार्ग पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस जांच में युवक-युवती दोनों बालिग पाए गए और उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही। प्रशासन की समझाइश के बाद युवती ने स्वयं नारी निकेतन में रहने का निर्णय लिया, जिसके बाद हालात कुछ हद तक नियंत्रण में आए।
तहसीलदार नीरज प्रजापति के अनुसार, एसडीएम के निर्देश पर युवती को नारी निकेतन भेजा गया है और फिलहाल वहां रहने की कोई समय सीमा तय नहीं की गई है। वहीं पुलिस-प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त बल तैनात है।
हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मामला शांत करने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन विधायक मुरली भंवरा के खिलाफ आदिवासी समाज का यह विरोध प्रदर्शन साफ तौर पर राजनीतिक असंतोष और जनप्रतिनिधि की भूमिका पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।
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खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था खिलाड़ी, 10 लाख की चोरी के आरोप में गिरफ्तार
भोपाल। बगैर ताला तोड़े अलमारी में रखे लाखों के जेवर और नकदी चुराने की घटना का निशातपुरा पुलिस ने खुलासा कर लिया है। जिस महिला के घर से करीब दस लाख रुपये की चोरी हुई थी, चोर उसी का नाती निकला। आरोपित इंदौर से भोपाल खेल प्रतियोगिता में भाग लेने आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उसके पास से चोरी के जेवर और नकदी भी जब्त की है।
पुलिस के अनुसार करोंद स्थित राजनगर निवासी 50 वर्षीय संगीता मालवीय ने घर में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को उन्होंने अलमारी में सोने के जेवर और नकदी रखी थी। 25 जनवरी को रुपये निकालने के लिए अलमारी खोली तो उसमें रखे 20 हजार रुपये नकद और सोने-चांदी के जेवर गायब मिले।
मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की और संदेह के तौर पर महिला के नाती पुष्कर बाथरे को पूछताछ के लिए बुलाया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि घर में ठहरने के दौरान अलमारी में लगी चाबी देखकर उसकी नीयत डोल गई थी।
पुलिस ने आरोपित से चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया है। आरोपित पुष्कर बाथरे इंदौर के एयरपोर्ट रोड क्षेत्र में रहता है। वह निजी कॉलेज से बीबीए की पढ़ाई कर रहा है। वह जंपिंग का खिलाड़ी है और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अक्सर भोपाल आता रहता है। भोपाल में वह अपनी नानी के घर पर ठहरता था।
इंदौर। अपने अनोखे डांसिंग स्टाइल से ट्रैफिक कंट्रोल करने वाले इंदौर के चर्चित पुलिसकर्मी रंजीत सिंह पर विभागीय गाज गिरी है। एक अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उन्हें प्रधान आरक्षक (हेड कांस्टेबल) के पद से पदावनत कर आरक्षक (कांस्टेबल) बना दिया गया है। यह फैसला DCP हेडक्वार्टर द्वारा एक विभागीय जांच पूरी होने के बाद लिया गया है।
रंजीत सिंह सोशल मीडिया पर अपने डांस वीडियो को लेकर काफी लोकप्रिय हुए थे, जिसके बाद उन्हें ‘डांसिंग सुपरकॉप’ के नाम से पहचाना जाने लगा। कुछ साल पहले ही उन्हें उनके काम को देखते हुए प्रधान आरक्षक का पद दिया गया था।
पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार, रंजीत सिंह के खिलाफ सोशल मीडिया पर हुई कुछ चैटिंग को लेकर शिकायत मिली थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने एक जांच कमेटी का गठन किया। जांच रिपोर्ट के आधार पर रंजीत सिंह को अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
एडिशनल DCP राजेश दंडोतिया ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि रंजीत सिंह के खिलाफ विभागीय जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन पर यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है और उन्हें प्रधान आरक्षक से आरक्षक के पद पर पदावनत किया गया है।
गौरतलब है कि रंजीत सिंह अपने डांस मूव्स के कारण न केवल इंदौर में बल्कि देश भर में मशहूर हो गए थे। हालांकि, इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस विभाग में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, चाहे संबंधित कर्मी कितना भी लोकप्रिय क्यों न हो।
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मंदिर पर चला बुलडोजर: ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर के हिस्सों को ढहाया, हाईकोर्ट के ‘स्टे’ के बाद कार्रवाई रुकी
चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट में सड़क चौड़ीकरण को लेकर चल रहा अभियान उस समय चर्चा का विषय बन गया। जब प्रशासन ने ऐतिहासिक और प्राचीन गौरीहार मंदिर के हिस्सों को ढहाना शुरू किया। हालांकि, ऐन वक्त पर हाईकोर्ट से स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) मिलने के बाद इस कार्रवाई को रोक दिया गया। चित्रकूट का माहौल गहमागहमी भरा रहा।
सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे प्राचीन गौरीहार मंदिर की बारादरी को हटाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की थी। मौके पर सतना जिले की पांच तहसीलों के एसडीएम (ADM), एडिशनल एसपी सतना और कई थानों का भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कार्रवाई शुरू करने से पहले प्रशासन ने पूरे मंदिर परिसर की ड्रोन कैमरे से वीडियोग्राफी कराई।
इसके बाद बारादरी के कमरों में रखे सामान को सुरक्षित बाहर निकाला गया। जैसे ही तैयारी पूरी हुई, एक पोकलैंड मशीन और चार जेसीबी (JCB) मशीनों ने मंदिर की बारादरी को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक ध्वस्तीकरण का कार्य चलता रहा। मंदिर को गिराने की कार्रवाई जारी थी कि इसी बीच हाईकोर्ट से स्टे ऑर्डर जारी होने की सूचना प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंची।
आदेश की जानकारी मिलते ही अधिकारियों ने तुरंत गौरीहार मंदिर पर चल रही कार्रवाई को रोकने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन का पूरा काफिला गायत्री मंदिर की ओर मुड़ गया, जहां गायत्री मंदिर की बाउंड्री वाल को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। प्राचीन मंदिर पर हुई इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी चर्चा रही। फिलहाल, हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मंदिर के शेष हिस्से को सुरक्षित रखा गया है, लेकिन सड़क चौड़ीकरण का कार्य अन्य क्षेत्रों में जारी है।
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जूते पहनकर मंदिर में घुसा चोर, माता को प्रणाम किया और चुरा ले गया 4 किलो गहने
उज्जैन मध्य प्रदेश में बेखौफ चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि, वो धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाने से गुरेज नहीं करते। इसकी ताजा बानगी देखने को मिली उज्जैन जिले के घट्टिया थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले नजरपुर में स्थित माता मंदिर में। यहां बीती रात दो से तीन चोरों ने मंदिर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरी की वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई, जिसमें एक चोर जूते पहनकर मंदिर में घुसता नजर आया। पहले उसने माता को प्रणाम किया, फिर चांदी के छत्र व अन्य आभूषण चुराकर फरार हो गया। चोरी गए माता के चांदी के आभूषणों का कुल वजन चार किलों बताया जा रहा है।
इधर, घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरु कर दी है। पुलिस के अनुसार, नजरपुर में मां आशापुर का मंदिर है, जहां रात करीब सवा तीन बजे चोरी की घटना घटी है। जूते पहने एक चोर खिड़की के रास्ते मंदिर के अंदर घुसा। यहां उसने सबसे पहले माता को प्रणाम किया और चांदी के छत्र समेत अन्य आभूषण निकाले और एक बाल्टी में रखकर बाहर खड़े दूसरे चोर को दे दिए। मामले का खुलासा अगली सुबह उस समय हुआ, जब मंदिर के पुजारी अंदर पहुंचे। उन्होंने ही ग्रामीणों को सूचना दी थी।
साथ ही, ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बताया जा रहा है कि, चोरी गए आभूषण और छत्र करीब चार किलो वजनी चांदी के थे। मौजूदा समय में उनकी कीमत लाखों में है। वैसे तो सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ दो चोर ही नजर आए हैं, लेकिन पुलिस का मानना है कि, वो इससे अधिक भी हो सकते हैं। फिलहाल, पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है।
दिल्ली पुलिस की महिला स्वाट कमांडो काजल (27) की इलाज के दौरान मौत हो गई है। 22 जनवरी को महिला स्वाट कमांडो के पति अंकुर ने डंबल से सिर पर वार कर लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है और अब मामले में हत्या की धारा जोड़ी जाएगी। वहीं मृतिका कमांडो के भाई ने कई सनसनीखेज खुलासा किया है। काजल के भाई निखिल ने उस दिन की पूरी कहानी बताई है, जो आपके भी रोंगटे कर देगी।
जानाकारी के मुताबिककमांडो काजल अपनी बहादुरी के दम पर दिल्ली पुलिस की प्रतिष्ठित SWAT यूनिट का हिस्सा बनी थीं। पुलिस के अनुसार, 22 जनवरी को मोहन गार्डन स्थित उनके फ्लैट पर पति अंकुर के साथ उनका विवाद हुआ था। अंकुर रक्षा मंत्रालय (MoD) में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। आरोप है कि उसने गुस्से में आकर काजल के सिर पर डंबल से ताबड़तोड़ वार कर दिए। फिर हमले के बाद अंकुर खुद काजल को अस्पताल ले गया। उसके बाद परिजनों को फोन कर हत्या करने की बात कही। उसे 22 जनवरी को ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
काजल के बड़े भाई निखिल, जो खुद दिल्ली पुलिस के संसद मार्ग थाने में कांस्टेबल है, उसने घटना की रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई बताई। निखिल के अनुसार, 22 जनवरी को अंकुर ने उन्हें फोन किया। उस वक्त दोनों के बीच झगड़ा हो रहा था। अंकुर ने निखिल से कहा कि वह कॉल रिकॉर्ड करे। निखिल ने बताया- कॉल के दौरान मुझे काजल की चीखें सुनाई देने लगीं। फोन कट गया और 5 मिनट बाद अंकुर का दोबारा फोन आया, जिसमें उसने कहा कि उसने काजल को मार डाला है।
काजल को पहले मोहन गार्डन के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि हालत बिगड़ने पर 24 जनवरी को उन्हें गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल (नेहरू नगर) शिफ्ट किया गया। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। गाजियाबाद की सिहानी गेट पुलिस ने दिल्ली पुलिस को काजल की मृत्यु की सूचना दी।
काजल और अंकुर ने साल 2023 में प्रेम विवाह किया था। दोनों का डेढ़ साल का एक बेटा भी है। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही अंकुर के परिवार ने दहेज के लिए काजल को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। विवाद बढ़ने पर दोनों सोनीपत के गनौर से दिल्ली के मोहन गार्डन शिफ्ट हो गए थे। हालांकि, अंकुर के दबाव के कारण वे फिर वापस चले गए। 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) की ड्यूटी के कारण काजल 20 जनवरी को दिल्ली आई थीं, जहां ये खौफनाक वारदात हुई।
शुरुआत में मोहन गार्डन पुलिस ने अंकुर के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। अब काजल की मृत्यु के बाद पुलिस इस मामले में धारा 302 (हत्या) की धारा जोड़ेगी। हालांकि, परिजनों द्वारा दहेज प्रताड़ना के आरोपों के बावजूद, अभी तक एफआईआर में दहेज से जुड़ी धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं।
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कौन हैं कांतारा की चावुंडी दैव? एक मजाक बन गया रणवीर सिंह का सबसे बड़ा विवाद, एक्टर पर FIR
सुर्खियों की दुनिया में कभी-कभी एक बयान, एक मंच या एक परफॉर्मेंस पूरी कहानी का रुख बदल देती है। इस बार चर्चा के केंद्र में हैं अभिनेता रणवीर सिंह, जिनके खिलाफ कांतारा फिल्म से जुड़ी दैव परंपरा के कथित अपमान को लेकर FIR दर्ज की गई है। मामला सिर्फ एक कलाकार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बन गया है।
तटीय कर्नाटक की दैव परंपराएं केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि वहां के सामाजिक जीवन, प्रकृति और सामुदायिक विश्वास से गहराई से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में किसी सार्वजनिक मंच पर इन परंपराओं से जुड़ा मजाक स्थानीय समाज में सिर्फ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि श्रद्धा का अपमान माना जाता है। यही वजह है कि यह विवाद तेजी से कानूनी और सामाजिक बहस में बदल गया है।
रणवीर सिंह पर आरोप है कि, उन्होंने एक सार्वजनिक मंच पर मजाकिया अंदाज में अजीब हाव-भाव और एक्सप्रेशन बनाए और उनकी तुलना फिल्म कांतारा में दिखाई गई दैव परंपरा से की। शिकायत में कहा गया है कि, उन्होंने चेहरे के भद्दे हाव-भाव बनाते हुए उसे चावुंडी दैव से जोड़कर प्रस्तुत किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
बेंगलुरु के वकील प्रशांत मेथल की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि इस प्रस्तुति से तटीय कर्नाटक की पवित्र दैव परंपरा का अपमान हुआ है और हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
कांतारा फिल्म से जुड़ा भावनात्मक संबंध
कांतारा सिर्फ एक फिल्म नहीं रही, बल्कि उसने 21वीं सदी के दर्शकों को लोक आस्था और दैवीय परंपराओं से दोबारा जोड़ा। यह परंपराएं किसी धार्मिक ग्रंथ से नहीं निकलीं, बल्कि खेतों की मिट्टी, जंगलों, नदियों और समुदायों की स्मृतियों से बनी हैं।
इन लोक मान्यताओं को पीढ़ियों की कहानियों, जीवन संघर्षों और विश्वासों ने गढ़ा है। यही कारण है कि, कांतारा में दिखाई गई दैव परंपराओं को लोगों ने सिर्फ फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान के रूप में देखा।
कांतारा में दिखाए गए गुलिगा दैव और पंजुरली दैव को कई लोगों ने उत्तर भारत के रक्षक देवताओं (डीह बाबा, तेजाजी, गोगाजी, पाबूजी) से जोड़कर देखा। इसी परंपरा में चावुंडी दैव को एक स्त्री दैव के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
फिल्म के अनुसार चावुंडी, भैरव की बहन हैं और एक उग्र स्त्री शक्ति का प्रतीक हैं। यहीं से यह विवाद और गहराता है, क्योंकि चावुंडी दैव को सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि जीवित न्यायकारी शक्ति के रूप में माना जाता है।
चावुंडी दैव कर्नाटक के तुलु नाडु क्षेत्र की प्राचीन भूत कोला परंपरा से जुड़ी रक्षक दैव आत्मा मानी जाती हैं। वे लोककथाओं, आस्था और पर्यावरणीय संतुलन से जुड़ी मान्यताओं का प्रतीक हैं।
स्थानीय मान्यता के अनुसार चावुंडी दैव-
अन्याय के खिलाफ हस्तक्षेप करती हैं।
पर्यावरण संतुलन की रक्षा करती हैं।
समाज में नैतिक व्यवस्था स्थापित करती हैं।
वचनभंग और विश्वासघात करने वालों को दंड देती हैं।
क्यों गंभीर बना मामला?
स्थानीय समाज में दैव परंपरा को परफॉर्मेंस या रोल नहीं, बल्कि जीवित आस्था माना जाता है। यही कारण है कि जब इसे मंचीय मजाक या अभिनय के रूप में पेश किया जाता है, तो यह सिर्फ अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि श्रद्धा का अपमान माना जाता है। इस विवाद ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्या आधुनिक मंचीय अभिव्यक्ति और पारंपरिक आस्था की सीमाएं तय होनी चाहिए?
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सुप्रीम कोर्ट ने UGC नए नियमों पर लगाई रोक, 2012 वाले नियम अब भी लागू
29 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट में UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई शुरू हो गई। याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि नया नियम सामाजिक भेदभाव पैदा करता है और संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि नियम केवल OBC, SC और ST छात्रों तक सीमित है और बाकी तबकों की अनदेखी करता है।
याचिकाकर्ताओं के वकील का कहना था कि नियम 3(e) पहले से भेदभाव को परिभाषित करता है, इसलिए 3(c) की आवश्यकता नहीं थी। उनका तर्क था कि कुछ जातियों के लिए अलग धारा बनाना अनुचित है। इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि अदालत केवल यह देख रही है कि नया नियम समानता के अधिकार के अनुरूप है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने UGC के नए नियमों पर रोक लगा दी और आदेश दिया कि अभी 2012 वाले नियम ही लागू रहेंगे। अदालत ने केंद्र सरकार और UGC को नोटिस जारी कर 19 मार्च 2026 तक जवाब देने को कहा। CJI सूर्यकांत ने इस दौरान कहा कि नए नियम जाति विहीन समाज के बजाय विभाजन पैदा कर सकते हैं, जैसे अलग हॉस्टल बनना। जस्टिस बागची ने भी कहा कि समाज और देश में एकता बनाए रखना जरूरी है।
UGC के नए नियम क्या हैं?
UGC के प्रस्तावित नए नियमों के मुख्य बिंदु-
हर कॉलेज में ईक्वल अपॉर्च्यूनिटी सेंटर (EOC) बनेगा।
EOC पिछड़े और वंचित छात्रों को पढ़ाई, फीस और भेदभाव से जुड़ी मदद देगा।
हर कॉलेज में समता समिति होगी, जिसके अध्यक्ष कॉलेज प्रमुख होंगे।
समिति में SC, ST, OBC, महिलाएं और दिव्यांग शामिल होंगे, कार्यकाल 2 साल।
कॉलेज में इक्वलिटी स्क्वाड भेदभाव पर नजर रखेगा।
शिकायत पर 24 घंटे में मीटिंग, 15 दिन में रिपोर्ट कॉलेज प्रमुख को।
कॉलेज प्रमुख को 7 दिन में कार्रवाई शुरू करनी होगी।
EOC हर 6 महीने में रिपोर्ट देगा।
कॉलेज को जातीय भेदभाव पर हर साल UGC को रिपोर्ट भेजनी होगी।
नियम तोड़ने पर कॉलेज की ग्रांट रोकी जा सकती है, डिग्री, ऑनलाइन/डिस्टेंस कोर्स पर रोक और गंभीर मामलों में मान्यता रद्द हो सकती है।
- कुवैत से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट को हाईजैक कर बम से उड़ाने की धमकी
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प्रमुख समाचार
इस वक्त की बड़ी खबर आई है। कुवैत से दिल्ली आ रही इंडिगो फ्लाइट को हाईजैक कर बम से उड़ाने की धमकी दी गई। इसके बाद फ्लाइट को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई है। फ्लाइट में 180 यात्री सवार थे। जांच एजेंसियां यात्रियों को उतारकर विमान की जांच कर रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला है।जानकारी के मुताबिक कुवैत से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ्लाइट में टिश्यू पेपर पर हाइजैक करने और बम से उड़ाने की धमकी भरा संदेश... मध्य प्रदेश
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गुना (गरिमा टीवी न्यूज़) गुना जिले के ग्राम म मोहम्मदपुर गांव की एक लोधा समाज की युवती के भगाकर ले जाने के मामले में हुये घटनाक्रम में समाज के लोगों ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस चाचौड़ा को ज्ञापन सौंप कर सात परिवारों के घरों में लूट तोड़फोड़ करने वाले लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। दिये गए ज्ञापन मे -निवेदन है कि मोहम्मदपुर गांव की एक लोधा समाज की एक युवती को ढैचियाखेड़ी का प्रदुम्न मीना नाम का एक लड़का बहला फुसलाकर भगा ले गया था । जब युवती का... फोटो गैलरी
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